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कानून-व्यवस्था पर फोकस: CM योगी के मेरठ और मुजफ्फरनगर अधिकारियों को सख्त आदेश

 लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में मौजूद 40 भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने SIR के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने साफ कहा कि मेरठ और मुजफ्फरनगर में फर्जी वोट जोड़ने की सबसे अधिक शिकायतें आ रही हैं, इसलिए इन इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जाए. विपक्ष खामोशी से कर रहा काम मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में एक भी गलत नाम नहीं जुड़ने दिया जाएगा और किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटना भी नहीं चाहिए. उन्होंने संगठन पदाधिकारियों को दो-टूक निर्देश देते हुए कहा कि SIR केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मामला है. योगी ने पदाधिकारियों से कहा कि SIR के दौरान विपक्ष खामोशी से अपने 100 फीसदी समर्थकों के नाम जोड़ने में लगा है, इसलिए कार्यकर्ता लापरवाही न करें. उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में बाहरी व्यक्तियों और अवैध प्रवासियों के नाम जोड़ने की कोशिशों की शिकायतें मिली हैं. इस पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में बूथवार प्रगति, सत्यापन, दावों–आपत्तियों और संवेदनशील इलाकों पर अलग से रिपोर्ट ली गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी यूपी में यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से लागू की जाए. सार्वजनिक संदेश किया जारी वहीं दूसरी ओर सोमवार सुबह मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए एक सार्वजनिक संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्रवाई शुरू की गई है. जनता से अपील की गई है कि घरेलू या व्यावसायिक कामों में किसी भी व्यक्ति को रखने से पहले उसकी पहचान अवश्य सत्यापित करें. योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मतदाता सूची का शुद्धिकरण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.     मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,     उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।

वीर सैनिकों के सम्मान में सीएम योगी ने झंडा दिवस पर किया फ्लैग पिन और स्मारिका लॉन्च

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ उत्तर प्रदेश पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘फ्लैग पिन’ और ‘स्मारिका’ (स्मृति चिन्ह) का विमोचन किया। उन्होंने कहा, “यह दिवस देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवानों को नमन करने और उनके परिवारों के कल्याण तथा सम्मान के प्रति पूरे राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराने का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमें अपने सैनिकों और उनके आश्रितों के प्रति हमेशा आभारी रहना चाहिए और उनके सहयोग के लिए योगदान देना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "देश के सशस्त्र बलों के वीर जवानों एवं उनके परिजनों को ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की एकता, अखंडता और सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सशस्त्र बलों के सभी सैनिकों को नमन। जय हिंद!" उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मां भारती की रक्षा हेतु सतत समर्पित भारतीय सेना के वीर जवानों को सशस्त्र सेना झंडा दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! देश की रक्षा में सदैव तत्पर हमारे सशस्त्र बलों के वीर जवानों का साहस, अनुशासन और समर्पण वंदनीय है। मैं प्रत्येक सैनिक को उनके पराक्रम एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए हृदय से नमन करता हूं।" उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मातृभूमि की सुरक्षा में सतत समर्पित हमारे सशस्त्र बलों के जांबाज जवानों और उनके परिजनों को "सशस्त्र सेना झंडा दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं व उनके वीरता, साहस, शौर्य व बलिदान को कोटि कोटि नमन। जय हिंद!" भारत 1949 से 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मना रहा है ताकि उन शहीदों और सैनिकों को सम्मानित किया जा सके जिन्होंने देश के सम्मान की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी और लड़ रहे हैं। यह दिन राष्ट्रीय एकजुटता व्यक्त करने और दान के माध्यम से युद्ध में विकलांग सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए धन जुटाने के लिए मनाया जाता है।

प्रदेश में विजन 2047 को साकार करने के लिए 98 लाख सुझावों पर आधारित 12 सेक्टरों वाला विजन डॉक्यूमेंट हो रहा तैयारः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहाः 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा जब राज्य समान गति व संकल्प से बढ़ेगा आगे नई दिल्ली,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत के विजन 2047 को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे अहम है। शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक निजी समाचार पत्र के कॉन्क्लेव में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को वर्ष 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा हो सकता है जब देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य समान गति और संकल्प के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक विमर्श और जनभागीदारी के आधार पर राज्य का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है जिसमें जनप्रतिनिधियों तथा जनता दोनों के सुझाव शामिल किए गए हैं। जनता की भागीदारी का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश को अपनी भूमिका मजबूत करनी होगी। इसके लिए विधानसभा में 27 घंटे तक लगातार चर्चा कराई गई, जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जनता से भी व्यापक स्तर पर सुझाव मांगे गए और अब तक 98 लाख विचार प्राप्त हुए। इन सुझावों को आधार बनाकर राज्य के 12 प्रमुख सेक्टरों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है और राज्य की वर्तमान प्रगति इस दिशा में उत्साहजनक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश 'विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश' और 'आत्मनिर्भर भारत आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के संकल्प को पूरा करेगा। उत्तर प्रदेश ने नकारात्मक धारणा को पीछे छोड़ा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रारंभिक दौर में कई उद्यमी उत्तर प्रदेश लौटने से हिचकिचाते थे और राज्य के प्रति नकारात्मक धारणा रखते थे। योगी ने कहा कि उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि नया उत्तर प्रदेश उन्हें अवश्य दिखाई देगा। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप रोड शो में ढाई लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए और पहले इन्वेस्टर समिट में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग चार लाख पचहत्तर हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 के तीसरे इन्वेस्टर समिट में उत्तर प्रदेश को कुल 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस प्रकार राज्य को अब तक कुल 45 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं जिनमें से 15 लाख करोड़ की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और उनमें उत्पादन शुरू हो चुका है। अगली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का भी किया जिक्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के अगले संस्करण का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी ग्राउंड ब्रेकिंग के अगले संस्करण के आयोजन की तिथि तय की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेश के क्षेत्र में यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के लिए एक नया मील का पत्थर है और डबल इंजन सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है जो अब सभी को प्रत्यक्ष दिख रहा है।

आरएसएस के हिंदू सम्मेलन में योगी केंद्र में, क्या यूपी 2027 की राजनीतिक तैयारी शुरू?

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब आरएसएस की निगाहें उत्तर प्रदेश पर केंद्रित हो गई हैं. बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया है. 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में संघ और बीजेपी हिंदुत्व के एजेंडे को और धार देने की रणनीति पर अभी से काम शुरू कर दिया है ताकि पूरे सूबे में हिंदुत्व का सियासी रंग चढ़ सके. आरएसएस और बीजेपी ने संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व आधारित माहौल को मजबूती देने की रणनीति बनाई. संघ के साथ बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे को गांव-गांव पहुंचाने का प्लान बनाया है, तो साथ ही लखनऊ में 'विराट हिंदू सम्मेलन' कराने की तैयारी की है. इस सम्मेलन में सीएम योगी आदित्यनाथ भी शिरकत करेंगे, जिसके मायने साफ हैं कि पार्टी ने उन्हें हिंदुत्व का चेहरा बनाकर पेश करने की रणनीति अपनाई है. आरएसएस-बीजेपी की मंथन से निकलेगा अमृत उत्तर प्रदेश में सवा साल के बाद सोमवार को सरकार, संगठन और संघ की समन्वय बैठक हुई. पहली बैठक संघ की भारती भवन के बंद कमरे में हुई, जिसमें संघ के सरकार्यवाह अरुण कुमार, बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, अतुल लिमये, पश्चिम क्षेत्र प्रचारक महेंद्र शर्मा, पूर्वी क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह और यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद रहे. यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली. इसके बाद संघ की सरकार और बीजेपी संगठन के साथ मीटिंग हुई. संघ, सरकार और संगठन की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ, बीएल संतोष, अरुण कुमार, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी सहित संघ के क्षेत्रीय प्रचारकों के बीच बैठक हुई. इस बैठक में मिशन-2027 को लेकर रणनीति बनी और अब उसे अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया है. यूपी से फीडबैक लेकर वापस दिल्ली लौटे बीएल संतोष ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा के साथ बैठक की. योगी के बहाने हिंदुत्व को धार देने का प्लान संघ के 100 साल पूरे हो गए हैं. संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है. ऐसे में संघ और बीजेपी जनवरी 2026 में लखनऊ में 'विराट हिंदू सम्मेलन' करने जा रहे हैं. इस कार्यक्रम में सीएम योगी भी शिरकत करेंगे. माना जा रहा है कि इस रैली के जरिए योगी आदित्यनाथ की हिंदुत्ववादी छवि को और भी मजबूत कर पेश करने की रणनीति है. सीएम योगी को केंद्र में रखकर विशेष रूप से रणनीति तैयार की जा रही है. इसी बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इन तमाम कार्यक्रमों में मुख्य चेहरे के तौर पर आगे रखने का भी प्लान है और उन्हीं के बहाने हिंदुत्व को धार देने की कोशिश है. योगी आदित्यनाथ सिर्फ अपने काम से ही नहीं बल्कि अपने लिबास से भी हिंदुत्व के रंग में रचे-बसे नजर आते हैं. यूपी में 'विराट हिंदू सम्मेलन' 2027 से पहले संघ के शताब्दी वर्ष के मद्देनजर राज्यभर में बड़े पैमाने पर हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी. इसी क्रम में लखनऊ में होने वाले 'विराट हिंदू सम्मेलन' को शक्तिशाली राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. बीजेपी और संघ की साझा रणनीति से एक बात साफ है कि यूपी में विकास को आधार बनाकर हिंदुत्व के भावनात्मक मुद्दों को भुनाने की तैयारी है. लखनऊ में होने वाला विराट हिंदू सम्मेलन इस रोडमैप का केंद्रबिंदु माना जा रहा है. मिशन 2027 के हिंदुत्व को धार देने का प्लान जनवरी में राम मंदिर के कैलेंडर और तस्वीर के साथ संघ और बीजेपी के कार्यकर्ता लोगों से जनसंपर्क करते हुए घर-घर पहुंचने की कोशिश करेंगे. इसके बाद 20 फरवरी तक हिंदू सम्मेलन शुरू होंगे, जिसमें हिंदू समाज को एकजुट करने, खासकर दलित, अति पिछड़े और पिछड़े वर्गों तक पहुंच कर संघ और हिंदुत्व को लेकर सभी शहरों में कार्यक्रम करेंगे. एक कार्यक्रम लखनऊ में भी प्लान किया जा रहा है जो विराट हिंदू सम्मेलन के तौर पर होगा. इसमें भाजपा और संघ के कार्यकर्ता जुड़ेंगे और उनकी कोशिश पिछड़े और दलित परिवारों तक पहुंचने की होगी. इस समीक्षा में विराट हिंदू सम्मेलन की तैयारियां और विभिन्न समूहों से मिले फीडबैक शामिल रहे. यूपी में भाजपा–संघ ने राजनीतिक समीकरणों को साधने की कवायद शुरू कर दी है. सपा के पीडीए का क्या काउंटर प्लान संघ और बीजेपी के इन कार्यक्रमों को सपा के पीडीए की काट के तौर पर देखा जा रहा है. इस संबंध में बैठक में पीडीए के काउंटर प्लान पर चर्चा हुई. सपा ने 2024 में पीडीए फॉर्मूले के जरिए बीजेपी को झटका दिया था. 2024 में यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से सपा 37 और कांग्रेस 6 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. वहीं, बीजेपी सिर्फ 33 सीट पर सिमट गई थी. 2019 की तुलना में उसे 31 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था. बीजेपी का सियासी समीकरण बिगड़ गया था, जिसके बाद से योगी आदित्यनाथ लगातार 'बंटोगे तो कटोगे' के नारे के जरिए हिंदुओं को एकजुट करने में लगे हैं. बीजेपी और संघ का प्लान है कि दलित, अति पिछड़े और पिछड़े वर्गों तक अपनी पहुंच बनाई जाए. संघ और हिंदुत्व गांव-गांव ही नहीं बल्कि तमाम शहरों में कार्यक्रम करेंगे. इस तरह बीजेपी अलग-अलग जातियों में बिखरे हिंदू वोटों को फिर से एक छतरी के नीचे लाने के लिए विराट हिंदू सम्मेलन की रूप रेखा तैयार कर रही है. माना जा रहा है कि इस दांव से सपा के विनिंग फॉर्मूला पीडीए को काउंटर करने की रणनीति है.

CM योगी ने बाराबंकी में कसा तंज, कहा – हिंदुस्तान में रहेंगे, वंदे मातरम क्यों नहीं बोलते?

 बाराबंकी    यूपी के बाराबंकी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम का विरोध करने वालों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा- 'कुछ लोग आज भी रहेंगे यहां, खाएंगे यहां, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करेंगे.' सीएम ने आगे कहा- 'इन चेहरों को पहचानो, जो शासकीय योजना में हड़पने की होड़ में पहली लाइन में खड़े होते हैं, लेकिन जब 'वंदे मातरम' गान की बात होती है तो कहते हैं कि हम नहीं गाएंगे.' सीएम योगी ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों के साथ अपने भाषण की शुरुआत की. इसके साथ ही उन्होंने सरदार पटेल और डॉ. आंबेडकर के योगदान को भी याद किया. सीएम ने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों ने देश को बांटने का काम किया.   सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर की महमूदाबाद स्टेट को शत्रु संपत्ति बताते हुए कहा कि ये महमूदाबाद का नवाब (राजा) मुस्लिम लीग का कोषाध्यक्ष था. इसने पाकिस्तान बनवाने में बड़ा सहयोग दिया था. आज इसकी सारी संपत्ति शत्रु संपत्ति है.  सीएम यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरदार पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि हैदराबाद का निजाम और जूनागढ़ का नवाब अपनी स्टेट को पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे, लेकिन सरदार पटेल ने इनको समझाया तो ये लोग पाकिस्तान चले गए.  कांग्रेस पर किया वार  सीएम योगी ने आगे कहा कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल का सम्मान नहीं किया. देश के 14 राज्यों ने कहा था सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री बना दो. लेकिन इन लोगों ने नहीं बनने दिया. ये परिवार की राजनीति करने वाले लोग हैं. जातीय राजनीति, परिवार की राजनीति, मजहब की राजनीति और विभाजनकारी नीतियों जैसी बातों को कतई स्वीकार नहीं करना चाहिए.   सीएम बोले- बाराबंकी में विकास की बहाई गंगा सीएम योगी ने बाराबंकी जिले के विकास को लेकर कहा कि यहां किसान खूब तरक्की कर रहा है. हमने मेंथा की फसल में 18% जीएसटी घटाकर 5% कर दिया है. उन्होंने बाराबंकी की दरियाबाद विधानसभा के विधायक सतीश शर्मा के कहने पर रामसनेही घाट में 232 एकड़ का इंडस्ट्रियल एरिया का निर्माण कराए जाने की घोषणा की. इसके अलावा हैदरगढ़ विधानसभा के पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर विधायक दिनेश रावत के प्रस्ताव पर 100 एकड़ में इंडस्ट्रियल और स्किल डेवलपमेंट के विकास के निर्माण करवाया जाएगा. सीएम योगी का पोस्ट  अपने पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा- 'राष्ट्रीय एकता, केवल एक शब्द नहीं, हम सभी की आन, बान और शान है, हमारा अस्तित्व है, हमारा और आने वाली पीढ़ी का भविष्य है. लौह पुरुष, 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती समारोह अभियान के अंतर्गत आज जनपद बाराबंकी की विकास यात्रा को गति देते हुए ₹1,734 करोड़ लागत की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. इस अवसर पर विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए. बाबा लोधेश्वर महादेव जी की पावन धरा को कोटि-कोटि नमन एवं सभी लाभार्थियों को हार्दिक बधाई.'

योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर वार: ‘काले अतीत वालों पर विश्वास करना खतरे से खाली नहीं’

पटना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बिहार के अररिया जनपद पहुंचे. जहां उन्होंने सिकटी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि विकसित बिहार’ का निर्माण BJP-NDA की शीर्ष प्राथमिकता है. उन्होंने लोगों से भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में वोट करने की अपील की. सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार विधानसभा का चुनाव चल रहा है. पहले चरण का चुनाव सम्मपन्न हो गया है. दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को आपको मतदान करना है. पहले चरण के मतदान में जो उत्साह आपने दिखाया है, ये उमंग इस बात को बताता है कि 14 नवंबर को जब ईवीएम खुलेंगी तो बिहार की जनता फिर से निर्णय लेने वाली है कि फिर एक बार NDA सरकार. योगी ने कहा कि बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है. लेकिन आज बिहार के सामने पहचान का संकट खड़ने वाले लोग बिहार के असली अपराधी हैं. नौजवानों और बिहार का नागरिकों के सामने पहचान का ये संकट, बिहार में जंगलराज लाने का पाप करने वाल आज भी आपको लालच देने का प्रयास कर रहे हैं, नौकरी के नाम पर बहकाने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन जिन लोगों का अतीत काला है उन लोगों पर विश्वास करने की आवश्यकता नहीं. बिहार में फिर से जंगलराज नहीं आने देना है- योगी सीएम ने कहा कि ये वहीं लोग हैं जिन्होंने बिहार को पीछे के पायदान पर धकेला वही लोग बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं. कांग्रेस और आरजेडी की सरकार के समय जो बिहार कभी दुनिया को ज्ञान देता था, उस बिहार के सामने खुद की साक्षरता पर संकट ला दिया था. 2005 में नीतीश बाबू के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी. जिसके बाद बिहार का नौजवान आईएएस, आईपीएस, आईएफएस बनता है, बिहार का नौजवान हर क्षेत्र में कुछ नया करके देश और दुनिया के लिए नया मॉडल तैयार कर रहा है. बिहार की विकास की यात्रा थमनी नहीं चाहिए. याद रखिए लोग बड़ी-बड़ी बातें करेंगे लेकिन बिहार में फिर से जंगलराज नहीं आने देना है.

योगी आदित्यनाथ ने लखीसराय से एनडीए प्रत्याशी एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के समर्थन में जनसभा को किया संबोधित

एनडीए सुशासन और विकास की तो आरजेडी और कांग्रेस जंगलराज और गुंडाराज की पहचान: सीएम योगी योगी आदित्यनाथ ने लखीसराय से एनडीए प्रत्याशी एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के समर्थन में जनसभा को किया संबोधित योगी बोले — बिहार में फिर न लौटे जंगलराज, एनडीए ही सुशासन और विकास की गारंटी लखीसराय में मुख्यमंत्री ने कहा – मोदी-नीतीश के नेतृत्व में बिहार का हो रहा समग्र विकास जो खानदानी लुटेरे आज खानदानी माफिया को शागिर्द बनाकर फिर से बिहार में जंगल राज लाना चाहते हैं: योगी 1990 से 2005 तक का दौर बिहार के इतिहास का सबसे काला अध्याय, वंशवाद और परिवारवाद ने बिहार की पहचान को धूमिल किया: सीएम योगी  अब बिहार एलईडी की दूधिया रोशनी में जगमगा रहा है, लालटेन के अंधेरे का युग खत्म हो चुका है: मुख्यमंत्री लखीसराय बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के तहत लखीसराय में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिहार में जंगलराज और गुंडाराज की वापसी नहीं होने देंगे। एनडीए ही सुशासन और विकास की गारंटी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास और सुशासन की नई मिसाल कायम की है।  लखीसराय से एनडीए प्रत्याशी एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह चुनाव सुशासन बनाम जंगलराज का है। आज जहां एनडीए है वहां सुशासन और विकास है। वहीं, जंगल राज और गुंडाराज, यह RJD और कांग्रेस की खानदानी पहचान है। जिन लोगों ने बिहार को लूटा, जो खानदानी लुटेरे हैं, आज वह खानदानी माफिया को शागिर्द बनाकर फिर से बिहार में जंगल राज लाना चाहते हैं।  विकसित बिहार, विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में बिहार आज विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में बिहार ने सड़क, रेल, एयरपोर्ट और वॉटरवे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। योगी ने कहा कि अब बिहार में बनने वाले उत्पाद — चाहे मखाना हो या वेजिटेबल — वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। किसान और व्यापारी दोनों आत्मनिर्भर बन रहे हैं। जंगलराज की पहचान — लूट, अपहरण और भय का माहौल मुख्यमंत्री ने राजद और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 1990 से 2005 तक का दौर बिहार के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने कहा कि वंशवाद और परिवारवाद ने बिहार की पहचान को धूमिल किया। विकास का पैसा लूट लिया गया, गरीब और नौजवान ठगा गया। योगी ने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया, बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। राम मंदिर से जानकी मंदिर तक—आस्था और विकास का संगम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या और सीतामढ़ी के धार्मिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब अयोध्या में भगवान राम का मंदिर और सीतामढ़ी में माता जानकी का मंदिर दोनों बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि 6,155 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या से सीतामढ़ी तक फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है — यह काम राजद और कांग्रेस कभी नहीं कर सकती थी। मोदी सरकार ने गरीबों के घरों में जगमगाई खुशियां मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीबों के जीवन में नई रोशनी आई है। उन्होंने बताया कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, 12 करोड़ घरों में शौचालय, 4 करोड़ घरों में आवास, 3 करोड़ घरों में बिजली कनेक्शन और 12 करोड़ बहनों को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन देकर भारत में रामराज्य की झलक दिखाई गई है। बिहार में अब विकास रुकेगा नहीं, एनडीए लाएगा स्थायित्व योगी ने कहा कि जिन लोगों ने कभी चारा घोटाला किया, जातीय हिंसा कराई और गरीबों के हक पर डकैती डाली, उन्हें अब जनता पहचान चुकी है। उन्होंने कहा कि अब बिहार एलईडी की दूधिया रोशनी में जगमगा रहा है, लालटेन के अंधेरे का युग खत्म हो चुका है।

किसानों और राइस मिलर्स के लिए बड़ी खबर, योगी सरकार ने दी 1% रिकवरी छूट

लखनऊ  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चावल मिलों को नॉन-हाइब्रिड धान की कुटाई पर 1% रिकवरी छूट देने का ऐलान किया है. इस फैसले से प्रदेश के लाखों अन्नदाता किसानों और 2000 से अधिक राइस मिलर्स को सीधा फायदा होगा, जिससे निवेश और रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा. सरकार इस कदम के तहत ₹167 करोड़ की प्रतिपूर्ति देगी.  लाखों किसानों और मिलर्स को सीधी राहत इस महत्वपूर्ण फैसले से प्रदेश के लगभग 13 से 15 लाख किसानों और 2000 से अधिक राइस मिलर्स को सीधा लाभ मिलेगा. 1% रिकवरी छूट मिलने से राइस मिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया और भी ज्यादा तेज हो सकेगी.  सरकार का यह कदम प्रदेश में 2 लाख रोजगार के अवसरों को भी सुदृढ़ करेगा. यह निर्णय स्पष्ट रूप से रोजगार और निवेश को बढ़ावा देगा. साथ ही सरकारी खरीद प्रक्रिया को तेज करेगा और राष्ट्रीय स्तर पर चावल की बचत सुनिश्चित करेगा.   चावल की बचत और सरकारी प्रतिपूर्ति का लेखा-जोखा यह फैसला राष्ट्रीय स्तर पर चावल की बचत सुनिश्चित करेगा, क्योंकि अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए बाहर से चावल की रैक मंगाने की आवश्यकता नहीं होगी. योगी सरकार इस नई छूट के लिए राइस मिलर्स को ₹167 करोड़ की प्रतिपूर्ति देगी. बता दें कि सरकार हाइब्रिड धान की कुटाई पर पहले से ही 3% रिकवरी छूट देती है, जिसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹100 करोड़ की प्रतिपूर्ति की जाती है.

छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस पर CM योगी का संदेश – ‘प्रगति और शांति की दिशा में आगे बढ़े प्रदेश’

लखनऊ  आज छत्तीसगढ़ राज्य अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है। देशभर के तमाम बड़ नेता छत्तीसगढ़ वासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दे रहे है। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। प्रगति और शांति की दिशा में अग्रसर रहे सीएम योगी ने एक्स हैंडल पर लिखा कि संस्कृति, सौंदर्य और प्राकृतिक संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह राज्य निरंतर प्रगति और शांति की दिशा में अग्रसर रहे, मां दंतेश्वरी से यही कामना है। बता दें कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर आज पीएम नरेंद्र मोदी रायपुर आ रहे हैं। वे सुबह करीब 9:30 बजे प्रदेश की राजधानी पहुंचेंगे। इस दौरान वे 14,260 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

बिहार की धरती से मुगल बादशाह हुमायूं को भी जान बचाकर भागना पड़ा

बिहार के भोजपुर जिले की अगिआंव विधानसभा सीट के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी जनसभा को किया संबोधित  – जैसे गधे के सिर से सींग गायब हो गये वैसे ही भारत ही नहीं दुनिया से कम्युनिस्टों का पत्ता साफ हो गया – आरजेडी, माले, कांग्रेस ये सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे – आरजेडी का लालटेन यहां पर अंधियारा लेकर आया था, लालटेन बंद करके डकैती डाली जाती थी – पहले गरीबों को राशन तो मिलता नहीं था, उलटे पशुओं का चारा भी खा लिया जाता था – विपक्ष के लोग बात गरीबों की करेंगे और गरीबों की गटई को दबाने का काम भी करेंगे – जो राम का नहीं वो हमारे किसी काम का नहीं, जो राष्ट्र का विरोधी उसे राष्ट्र से बाहर का रास्ता दिखाना है भोजपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बिहार के अगिआंव विधान सभा क्षेत्र में एनडीए प्रत्याशी महेश पासवान के पक्ष में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए विरोधी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कम्युनिस्टों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत ही नहीं दुनिया से कम्युनिस्टों का पत्ता साफ हो गया है। जिस बिहार ने देश को 'स्वर्णयुग' दिया वहां अब लाल सलाम नहीं बल्कि जय श्रीराम का नारा गूंजेगा। योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों आरजेडी, कांग्रेस और भाकपा माले पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे सब गरीबों के राशन पर डकैती डालने का प्रयास कर रहे हैं।  ये वही बिहार है जिसने भारत को स्वर्णयुग दिया उन्होंने कहा कि जैसे गधे के सिर से सींग गायब हो गये वैसे ही भारत ही नहीं दुनिया से कम्युनिस्टों का पत्ता साफ हो गया। ये वही बिहार है जिसने भारत को स्वर्णयुग दिया। महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर का यहां जन्म हुआ, इस धरा ने वीर बाबू कुंवर सिंह को जन्म दिया, जिन्होंने 1857 में अंग्रेजों को नाको चने चबाने पर मजबूर किया। वीर कुंवर सिंह ने आरा से आजमगढ़ तक अंग्रेजों को पीछे ढकेलने का काम किया था। इस क्षेत्र को अंग्रेजों से स्वतंत्र घोषित कर दिया था। यही नहीं इस भूमि से मुगल बादशाह हुमायूं को भी जान बचाकर भागना पड़ा। इस धरती ने भारत के पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद को दिया। देश के दूसरे उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवनराम को दिया, देश की आजादी के बाद जब भारत के लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की गई तब बिहार के नौजवानों को एकजुट करने वाले जय प्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर को जन्म दिया था।  विकसित बिहार की आधारशिला तैयार, अब होगा मजबूत इमारत का निर्माण  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब बिहार विकसित होगा, तभी भारत विकसित होगा। विकसित बिहार के लिए 20 साल में नितीश बाबू के नेतृत्व में सुशासन की आधारशिला रखी गई है। अब इसमें मजबूत इमारत का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि अब ये जनता की अग्निपरीक्षा है, क्योंकि कमल कीचड़ में ही खिलता है। उन्होंने कहा कि आरजेडी का लालटेन यहां पर अंधियारा लेकर आया था। लालटेन बंद करके डकैती डाली जाती थी। गरीबों के हक पर डाका पड़ता था। सड़क नहीं थी, नौकरी नहीं थी, उद्योग-धंधे नहीं थे। मगर, आज अयोध्या की तर्ज पर सीतामढ़ी में सीता मइया का भव्य मंदिर बन रहा है। रेल, मेट्रो, सड़क कनेक्टिविटी, फोर लेन एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। तमाम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीब जनता उठा रही है। यह एनडीए की मोदी जी के नेतृत्व की सरकार और नितीश बाबू ने किया है।  नौकरी के नाम पर हड़पी जाती थी गरीबों की जमीन  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो इंडी गठबंधन यहां कांग्रेस, माले और आरजेडी के नाम पर आया है, ताकि गरीबों के राशन पर डकैती डाला जा सके। इसमें उनका पुराना अनुभव है। पहले गरीबों को राशन तो मिलता नहीं था, उलटे पशुओं का चारा भी खा लिया जाता था। ये लोग बात गरीबों की करेंगे और गरीबों की गटई को दबाने का काम करेंगे। नौकरी नहीं देंगे, नौकरी के नाम पर जमीनों को हड़पेंगे। किसानों को पलायन के लिए मजबूर करेंगे। बिहार में माफियाराज लाकर व्यापारियों, बहन बेटियों और नौजवानों के सामने पहचान, सुरक्षा और सम्मान का संकट खड़ा कर दिया गया था। आज बिहार में नौकरी है, निवेश है, विकास है, आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।  आरजेडी, माले, कांग्रेस ये सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे  योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरजेडी, माले, कांग्रेस ये सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं। ये सब भारत की विरासत का विरोध करते हैं। गुलामी की मानसिकता का समर्थन करते हैं। आक्रांताओं को आमंत्रित करते हैं। अयोध्या में राममंदिर का विरोध करते हैं। सीतामढ़ी में सीता मइया के मंदिर का विरोध करते हैं। भारत के नागरिकों को लड़ाने का काम करते हैं। पर्व त्योहार के पहले दंगा कराने की कोशिश करते हैं। मगर, यूपी में आप सबने देखा होगा, वहां अब दंगा नहीं, बल्कि सब चंगा है। माफिया गायब हो चुके हैं, उनका जहन्नुम का टिकट काट दिया गया है।  जो राम का विरोध कर रहा है वो राष्ट्र का विरोध कर रहा  मुख्यमंत्री ने काशी की चर्चा करते हुए कहा कि पहले काशी विश्वनाथ मंदिर बहुत संकरा था, मगर अब 50 हजार लोग एक साथ दर्शन कर सकते हैं। 10 लाख श्रद्धालु एक साथ काशी और अयोध्या में दर्शन करते हैं। कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं। आरजेडी राम मंदिर का रथ रोकते थे। सपा वाले रामभक्तों पर गोलियां चलाते थे और कम्युनिस्ट तो किसी दूसरे लोक के बारे में ही सोचते हैं। उन्होंने कहा कि जो राम का नहीं वो हमारे किसी काम का नहीं। जो राम का विरोध कर रहा है वो राष्ट्र का विरोध कर रहा है। जो राष्ट्र का विरोध कर रहा है वो हमारे किसी काम का नहीं, उसे राष्ट्र से बाहर का रास्ता दिखाना है।