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मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक: नवरात्रि में GST रिलीफ, दिवाली से पहले मिला फायदा

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने 22 सितंबर से लागू होने वाले GST दरों में बड़े कटौती के फैसले को अर्थशास्त्री और राजनीतिक पर्यवेक्षक दोनों ही अहम मान रहे हैं. इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की एक ऐसी पहल बताया जा रहा है जो न सिर्फ उपभोग और सार्वजनिक खर्च को बढ़ावा देगी, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी के लिए बड़ा तोहफा भी साबित होगी. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बार त्योहारों के मौसम में उपभोक्ता खर्च रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है. जीएसटी कटौती नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर से लागू होगी, जो दिवाली (20 अक्टूबर) से लगभग एक महीने पहले है. इससे उपभोक्ता खरीदारी को टालने की बजाय बढ़ाएंगे. बजट में नए टैक्स सिस्टम के तहत दी गई इनकम टैक्स राहत के बाद यह सरकार की तरफ से आम जनता के लिए इस साल का दूसरा बड़ा तोहफा है. चार राज्‍यों में विधानसभा चुनाव बीजेपी आगामी बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु चुनावों में इस कदम को अपने प्रचार अभियान का अहम हिस्सा बनाने जा रही है. पार्टी इस बात पर जोर देगी कि मोदी सरकार ने आम जनता की जेब में ज्यादा पैसा छोड़ा है और उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाया है. सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में जीएसटी दरों के सरलीकरण को दिवाली गिफ्ट बताया था, लेकिन सरकार जानती थी कि अगर ये कटौती दिवाली के ठीक पहले की जाती तो उपभोक्ता खरीदारी को टाल सकते थे. इसलिए इसे समय से पहले लागू करने का फैसला किया गया. आमलोगों को सीधा राहत नई दरों के तहत रोजमर्रा की जरूरत की ज्यादातर वस्तुओं पर जीएसटी को घटाकर या तो 5% कर दिया गया है या शून्य. मेडिकल और जीवन बीमा पॉलिसी पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा. साथ ही जीवन रक्षक दवाओं और अधिकांश दवाओं पर कर दरें कम कर दी गई हैं. इससे आम आदमी को सीधी राहत मिलेगी. UPA पर हमला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए सरकार जीएसटी लागू नहीं कर पाई थी क्योंकि राज्यों को केंद्र पर भरोसा नहीं था. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को तय करना होगा कि उसे इस कटौती का समर्थन करना है या विरोध. अगर वे विरोध करते हैं, तो जनता के सामने उनकी असलियत सामने आ जाएगी.’ बीजेपी को उम्मीद है कि कांग्रेस की आलोचना उसे जनता की नजर में ‘एंटी-पब्लिक’ साबित करेगी, जबकि मोदी सरकार का यह कदम चुनावी मैदान में पार्टी के लिए सकारात्मक माहौल बनाएगा.

क्रांतिकारी तकनीक! IIT इंदौर ने बनाया ऐसा उपकरण जो बिना सूरज और बैटरी के बनाएगा बिजली

 इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी (आईआईटी) अपनी तकनीकी क्षमता और नई खोजों के चलते देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में प्रसिद्ध और चर्चित रहता है। इंदौर आईआईटी की चर्चा एक बार फिर हुई है। इस बार जो खोज यहां की गई है, वो आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है। यहां के प्रोफेसरों की निगरानी में छात्रों ने ऐसा उपकरण तैयार किया है, जो सूरज की रोशनी के बिना, किसी भी प्रकार की बैटरी या किसी अन्य मशीन के बिना ही बिजली उत्पादन करने में सक्षम है। बिजली उत्पादन के लिए इस उपकरण को सिर्फ पानी और हवा की आवश्यक्ता होगी। यानी ये सिर्फ इन दो चीजों की सहायता से बिजली पैदा करता है। आईआईटी इंदौर की सस्टेनेबल एनर्जी एंड एन्वायरन्मेंटल मटेरियल्स लैब में तैयार इस उपकरण को खास तरह के मेम्ब्रेन से बनाया गया है। इसमें ग्रैफीन ऑक्साइड और ज़िंक-इमिडाज़ोल नामक पदार्थ का इस्तेमाल हुआ है। जब इस मेम्ब्रेन को पानी में आंशिक रूप से डुबो दिया जाता है तो पानी धीरे-धीरे ऊपर की ओर चढ़ने लगता है और वाष्पित होता है। इसी प्रक्रिया के दौरान मेम्ब्रेन के दोनों सिरों पर पॉजिटिव और नेगेटिव आयन अलग हो जाते हैं और वहां से स्थिर बिजली पैदा होने लगती है। खारे या गंदे पानी से भी बिजली बना देगा इतना ही नहीं, यह उपकरण साफ पानी के साथ-साथ खारे या गंदे पानी में भी लंबे समय तक काम करता रहता है। परीक्षण के दौरान पाया गया कि सिर्फ तीन गुणा दो सेंटीमीटर के एक छोटे से मेम्ब्रेन से 0.75 वोल्ट तक बिजली पैदा की जा सकती है। अगर ऐसे कई मेम्ब्रेन को जोड़ा जाए तो बिजली की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है। यही वजह है कि इसे उन जगहों पर बेहद उपयोगी माना जा रहा है, जहां बिजली आसानी से उपलब्ध नहीं होती। जंगलों और खेतों में लगे सेंसर हों, ब्लैकआउट के समय रोशनी की जरूरत हो या फिर दूर-दराज़ के क्लीनिकों में छोटे मेडिकल उपकरणों को चलाना हो, यह तकनीक हर स्थिति में मददगार साबित हो सकती है। जानें इसकी खूबियां इसकी सबसे बड़ी खूबी तो ये है कि, ये हल्का है, आसानी से कहीं भी ले जाने में बेहद आसान है। घर के अंदर या बाहर, दिन और रात हर समय काम करने में भी सक्षम है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी के अनुसार, जल वाष्पीकरण जैसी सामान्य प्रक्रिया को ऊर्जा उत्पादन का साधन बनाना समाज के लिए बड़ा योगदान है। उनका मानना है कि यह तकनीक ग्रामीण और वंचित इलाकों में जीवन को आसान बना सकती है और स्वच्छ ऊर्जा का नया रास्ता दिखाती है। शांत तरीके से बिजली बनाएगा उपकरण वहीं इस शोध का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर धीरेंद्र राय का कहना है कि ये ऐसा सेल्फ-चार्जिंग स्रोत है, जो पानी और हवा से चलता है। जब तक वाष्पीकरण जारी रहेगा, ये उपकरण लगातार शांत तरीके से बिजली बनाता रहेगा। उनकी टीम अब इसे और सस्ता और बड़े पैमाने पर बनाने की दिशा में काम करने जा रही है, ताकि इस तकनीक को जल्द से जल्द देश के उन गांवों तक पहुंचाया जा सके जहां अबतक मौजूदा बिजली पहुंचा पाना संभव नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि, भविष्य में इस उपकरण का इस्तेमाल और भी रोचक तरीकों से किया जा सकेगा। भारतीय वैज्ञानिकों का दम शोधकर्ताओं की मानें तो आने वाले समय में ये तकनीक ऊर्जा बनाने वाले स्मार्ट कपड़ों या खुद से चलने वाली दीवारों जैसी नई संभावनाओं के रूप में भी सामने आ सकती है। ये खोज साफ दिखाती है कि, भारतीय वैज्ञानिक अब ऐसी तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर लोगों की जिंदगियों में बदलाव लाने का कारण है।

न्यायपालिका में नया इतिहास: 2027 में भारत को मिलेगी पहली महिला CJI, 8 साल में 8 बदलाव

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट को 2033 तक यानी अगले आठ साल में आठ चीफ जस्टिस मिलेंगे. इनके कार्यकाल 36 दिन से लेकर करीब सवा दो साल तक के होंगे.मौजूदा चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई के 23 नवंबर 2025 को रिटायर होने के बाद जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट का नेतृत्व 9 फरवरी 2027 तक करेंगे. इसके बाद 10 फरवरी से 23 सितंबर तक जस्टिस विक्रम नाथ और 24 सितंबर 2027 से लेकर 29 अक्तूबर 2027 तक की 36 दिनों की अवधि में जस्टिस बीवी नागरत्ना देश की पहली महिला चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यभार संभालेंगी. वो पूर्व चीफ जस्टिस इंगलगुप्पे सीतारमैया वेंकटरमैया की बेटी हैं. इसके साथ ही पिता और बेटी के देश के चीफ जस्टिस की कुर्सी संभालने का कीर्तिमान भी बनेगा. अब तक सिर्फ पिता और बेटे के रूप में सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस बनने का रिकॉर्ड जस्टिस यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ और उनके बेटे जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ का है.  इसके बाद अगले सात महीने यानी 30 अक्टूबर 2027 से 2 मई 28 तक जस्टिस पामिदीघंटम श्री नरसिम्हा चीफ जस्टिस बनेंगे. वो जस्टिस एस एम सीकरी और जस्टिस उदय उमेश ललित के बाद वकालत के पेशे से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनकर चीफ जस्टिस की कुर्सी संभालने वाले तीसरी हस्ती होंगे.  जस्टिस नरसिम्हा के बाद 2028 में 3 मई को चीफ जस्टिस पद की शपथ लेंगे जस्टिस जमशेद बुर्जोर पारदीवाला. जस्टिस पारदीवाला का कार्यकाल कई दशकों में सबसे बड़ा होगा. वो जस्टिस चंद्रचूड़ से भी अधिक समय तक यानी दो साल तीन महीने सात दिन देश के चीफ जस्टिस रहेंगे. जस्टिस पारदीवाला के 11 अगस्त 2030 को रिटायरमेंट के बाद 12 अगस्त 2030 को जस्टिस केवी विश्वनाथन चीफ जस्टिस बनेंगे. जस्टिस विश्वनाथन सवा नौ महीने यानी 25 मई 2031तक इस पद पर रहेंगे. जस्टिस विश्वनाथन वकालत के पेशे से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनकर चीफ जस्टिस बनने वाले चौथे शख्स होंगे. इसके बाद जस्टिस जॉयमाल्य बागची 26 मई 2031 से दो अक्टूबर 2031 तक यानी चार महीने से कुछ अधिक देश के चीफ जस्टिस बनेंगे. इनके बाद तीन अक्टूबर 2031 को जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली देश की सर्वोच्च न्यायपालिका की कमान संभालेंगे. जस्टिस पंचोली 27 मई 2033 तक यानी करीब दो साल 19 महीने से अधिक इस पद पर रहेंगे.

लाड़ली बहना योजना अपडेट: 28वीं किस्त का भुगतान, इस बार कितना मिलेगा और कब?

भोपाल  लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है. इसके तहत हर महीने लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपए ट्रांसफर किए जाते हैं. पिछले महीने रक्षाबंधन के अवसर पर तो यह राशि बढ़ाकर 1500 रुपए ट्रांसफर की गई थी. वहीं, अब लाड़ली बहनों को सितंबर में मिलने वाली किस्त का इंतजार है. आइए जानते हैं कब आ सकती है लाड़ली बहना की सितंबर वाली किस्त और अब कब मिलेंगे 1500 रुपए… कब से मिलेंगे 1500 रुपए दरअसल, लाड़ली बहनों को मिलने वाली 1250 रुपए की राशि बहुत जल्द 1500 रुपए होने वाली है. इस बात का ऐलान खुद सीएम मोहन यादव ने किया है. उन्होंने कहा कि दिवाली के दौरान पड़ने वाले भाई दूज से उनकी राशि बढ़ा दी जाएगी. इसके बाद से उनके खाते में हर महीने 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे. सीएम मोहन ने दी जानकारी मध्यप्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो शेयर हुआ है. जिसमें सीएम मोहन ने इस बात की जानकारी दी है कि इस बार दीपावली 18 अक्टूबर को है यानी की एक महीने बाद लाड़ली बहना योजना की किस्त में 250 रूपये की बढ़ोत्तरी कर दी जाएगी. वहीं, कल बुंदलेखंड में एक कार्यक्रम के दौरान भी सीएम मोहन ने कहा था कि भाई दूज पर उन्हें 1500 रुपए दिए जाएंगे. कब आएगी सितंबर वाली किस्त लाड़ली बहनों के खाते में अक्टूबर से तो बढ़कर पैसे आएंगे ही, लेकिन इससे पहले उन्हें सितंबर में आने वाली किस्त का बेसब्री से इंतजार है. अब तक इस योजना की 27 किस्त जारी की जा चुकी है. वहीं, 28वीं किस्त आने वाली है. पिछने महीने  27वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले 7 अगस्त को जारी की गई थी. हालांकि, आमतौर पर हर महीने लाड़ली बहना की किस्त 10 से 15 तारीख के बीच आती है. ऐसे में संभावना है कि इस बार भी लाड़ली बहनों की किस्त इसी टाइम पर जारी हो सकती है. हालांकि अभी इसकी तारीखों को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं है. हम यहां आपको संभावित तिथि के बारे में बताएं हैं.  दिवाली बाद बहनों को मिलेंगे हर माह 1500 रुपए मोहन सरकार ने ऐलान किया है कि दिवाली के बाद भाई दूज से योजना की राशि में 250 रु का इजाफा किया जाएगा । इसके बाद बहनों को हर माह 1250 की जगह 1500 रुपए मिलेंगे। इसके अलावा अगले तीन साल में 2028 तक 3000 रुपए बहनों के खाते में भेजने का लक्ष्य है। वर्तमान में योजना के तहत 1250 रूपये प्रति माह की राशि लाड़ली बहनों को दी जा रही है। अबतक 27 किस्तें बहनों के खाते में भेजी जा चुकी है और अब 28वीं किस्त का इंतजार है। आमतौर पर हर महीने की 10 से 15 तारीख के बीच किस्त जारी की जाती है, ऐसे में संभावना है कि इस बार भी इसी टाइम पर पैसे जारी हो सकती है। हालांकि अभी फाइनल तारीख को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है। वर्तमान में लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250 रू     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से अगस्त 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 27 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 41 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष,     संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

शिक्षकों को मिलेगा सम्मान, राज्यपाल और CM डॉ. यादव करेंगे पुरस्कार वितरण

श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए खास अवसर, राज्यपाल और CM डॉ. यादव करेंगे सम्मानित प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में होगा गरिमापूर्ण आयोजन भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 सितम्बर शिक्षक दिवस पर भोपाल में होने वाले राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। साथ ही कक्षा एक से कक्षा 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ रूपये की राशि का अंतरण सिंगल क्लिक के माध्यम से किया जायेगा। समारोह शुक्रवार को प्रात: 10:30 बजे भोपाल के स्वर्ण जयंती सभागार, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन मंत्री कुवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित रहेंगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी बधाई स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिये चयनित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि जिन शिक्षकों का उनके श्रेष्ठ कार्यों की वजह से सम्मान हो रहा है, उनसे प्रदेश के अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिलेगी। सम्मानित होने वाले शिक्षक शिक्षक दिवस पर सम्मानित शिक्षकों में प्राथमिक, माध्यमिक श्रेणी के 8 और उच्चतर माध्यमिक श्रेणी के 6 शिक्षक शामिल हैं। गत वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भी सम्मानित किया जायेगा। पुरस्कृत शिक्षकों को 25 हजार रुपये की सम्मान निधि, शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया जायेगा। जिन प्राथमिक शिक्षकों को सम्मानित किया जायेगा, उनमें शासकीय प्राथमिक शाला बिसोनिया, गुना के जितेन्द्र शर्मा, शासकीय उ.मा.वि. क्रमांक-2, शाजापुर के दिलीप जायसवाल, ई.पी.ई.एस., भाटीवाड़ा, सिवनी के दिलीप कटरे, शासकीय प्राथमिक विद्यालय, बसिया, दमोह के श्रीकांत कुर्मी, शासकीय उ.मा.वि., रुस्तमपुर, खण्डवा की माध्यमिक शिक्षक श्रीमती श्रद्धा गुप्ता, शासकीय माध्यमिक विद्यालय, सतौआ, दमोह के मोहन सिंह गौंड, शासकीय माध्यमिक शाला, चंदेसरा, उज्जैन के अपूर्व शर्मा और शासकीय माध्यमिक शाला, उबालाद, अलीराजपुर के उच्च श्रेणी शिक्षक धनराज वाणी शामिल हैं। ये चयनित शिक्षक कक्षा-1 से 8 की कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कक्षा-9 से 12 में चयनित शिक्षक राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिये कक्षा-9 से 12 में पढ़ाने वाले चयनित शिक्षकों में माध्यमिक शिक्षक शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि., बाग, जिला धार की श्रीमती राधा शर्मा, शासकीय उ.मा.वि., मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के डॉ. नरेन्द्र कुमार उरमलिया, शासकीय उ.मा. संभागीय ज्ञानोदय विद्यालय, तिलीवार्ड, सागर के महेन्द्र कुमार लोधी, शासकीय उ.मा.वि., जावरा, रतलाम की उच्च माध्यमिक शिक्षक श्रीमती विनीता ओझा और माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल, पांदा, जिला राजगढ़ डॉ. सरिता शर्मा को सम्मानित किया जायेगा। वर्ष 2024 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को राज्य स्तरीय समारोह में शॉल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह और 5 हजार रुपये सम्मान निधि भेंट कर सम्मानित किया जायेगा। इनमें शासकीय माध्यमिक शाला लिधौरा, ब्लॉक बटियागढ़, दमोह के माधव प्रसाद पटेल और शासकीय हाई स्कूल, मंदसौर की शिक्षक श्रीमती सुनीता गोधा शामिल हैं। जिला स्तर पर भी होगा शिक्षक सम्मान समारोह प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित होगा। समारोह में जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान किया जायेगा। समारोह में गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहेंगे। पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन पर शिक्षक दिवस पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितम्बर को देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक दिवस उन समर्पित शिक्षकों का सम्मान और सराहना करने का दिन है, जिनका व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। शिक्षक मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका निभाते हैं।  

देश को जल्द मिलेगा दमदार LCA Mk1A, HAL अक्टूबर में करने जा रहा पहली डिलीवरी

नई दिल्ली भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल हो गया है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) अक्टूबर 2025 में पहले दो LCA Mk1A विमानों की डिलीवरी देने जा रहा है. अमेरिका से इंजन डिलीवरी में देरी के बावजूद HAL ने गति बनाए रखी है. यह विमान भारतीय वायुसेना (IAF) की ताकत बढ़ाएगा. LCA Mk1A क्या है? स्वदेशी लड़ाकू विमान का महत्व LCA (लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) Mk1A तेजस का उन्नत संस्करण है, जो 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है. यह स्वदेशी तकनीक से बना है, जिसमें AESA रडार, बेहतर एवियोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग की क्षमता है.  तेजस Mk1A MiG-21 जैसे पुराने विमानों की जगह लेगा, जो IAF की स्क्वाड्रन ताकत को मजबूत करेगा. 2021 में 83 विमानों का 48000 करोड़ रुपये का सौदा हुआ, जिसमें 73 फाइटर और 10 ट्रेनर शामिल हैं. स्वदेशीकरण 50% से बढ़कर 60% हो जाएगा. यह विमान हाई-थ्रेट एयर एनवायरनमेंट में काम कर सकता है, स्पीड मैक 1.8 और रेंज 1500 किमी. इंजन देरी की समस्या: अमेरिका से F404 का इंतजार मुख्य देरी GE F404-IN20 इंजनों की थी, जो अमेरिका से आते हैं. HAL ने 2021 में GE के साथ 99 इंजनों का 5,375 करोड़ का सौदा किया था. पहला इंजन अप्रैल 2025 में आया, दूसरा जुलाई में, लेकिन सप्लाई चेन की समस्या से देरी हुई. इस महीने दो और इंजन आने हैं और साल के अंत तक 12. GE ने 2026 से 20 इंजन सालाना देने का वादा किया है. देरी के कारण पहली डिलीवरी मार्च 2024 से खिसक गई, लेकिन अब HAL ने बैकअप प्लान से यूज्ड इंजनों का इस्तेमाल किया. 10 F414 इंजन (Mk2 के लिए) पहले ही आ चुके हैं. पहली डिलीवरी की तैयारी: 10 विमान तैयार HAL के स्रोतों के अनुसार, 10 विमान पहले ही बनाए और टेस्ट हो चुके हैं. नासिक प्लांट से पहला विमान तैयार है, जो अक्टूबर में हैंडओवर होगा. HAL ने नासिक में तीसरी प्रोडक्शन लाइन शुरू की, जो सालाना 24 विमान बना सकती है. बेंगलुरु में दो लाइनें हैं. कुल 83 विमान अब 2029 तक मिलेंगे, चार तिमाही की देरी के बाद. HAL चीफ डीके सुनील ने कहा कि प्रोडक्शन फर्म फुटिंग पर है.  हथियार एकीकरण परीक्षण: सफलता की कहानी LCA Mk1A ने Astra और ASRAAM मिसाइलों का सफल परीक्षण किया. यह BVRAAM (बियॉन्ड विजुअल रेंज) मिसाइलों के साथ काम करेगा. विमान में Uttam AESA रडार, EW सिस्टम और BVR मिसाइलें हैं.   अतिरिक्त सौदा और भविष्य की योजनाएं 97 और Mk1A के लिए 62,000 करोड़ का सौदा CCS ने मंजूर किया है. कॉस्ट नेगोशिएशन पूरा हो चुका है. साइनिंग इस महीने होगी. कुल 180 विमान 2031-32 तक. Mk2 का रोलआउट 2027 में, पहली उड़ान 2026. HAL 15 अपग्रेडेड Su-30MKI पर काम कर रहा है. ALH फ्लीट की जांच इस महीने खत्म. LCA Mk1A की पहली डिलीवरी इंजन देरी के बावजूद अक्टूबर में होना 'आत्मनिर्भर भारत' की जीत है. HAL की क्षमता बढ़ रही है, जो IAF को मजबूत बनाएगी. लेकिन समय पर डिलीवरी जरूरी है.

देवेंद्र फडणवीस पर टिक सकती है बीजेपी की नजर, चुनाव के बाद तय होगा नया चीफ

नईदिल्ली  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के बाद भारतीय जनता पार्टी की कमान कौन संभालेगा, इसे लेकर फैसला अब तक नहीं हो सका है। भाजपा में अब तक उम्मीदवारों के नाम पर मंथन जारी है। अब कहा जा रहा है कि संभावित उम्मीदवारों की रेस में एक मुख्यमंत्री और एक और केंद्रीय मंत्री की भी एंट्री हो गई है। हालांकि, भाजपा ने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। लंबे समय से कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत कई नेताओं के नामों की भी चर्चा है।  रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला के नाम पर विचार कर सकती है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फडणवीस को संकेत दे दिए गए हैं कि उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सीएम पद छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया, 'संदेश दे दिया गया है, लेकिन अब तक उनकी भविष्य की भूमिका पर चर्चा नहीं हुई है। संभावनाएं हैं कि भाजपा अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। वह युवा हैं और उनके पास आरएसएस का समर्थन है। साथ ही उन्हें पार्टी नेतृत्व का विश्वास भी हासिल है।' इसे लेकर फडणवीस ने कोई टिप्पणी नहीं की है। इधर, कहा जाता है कि रूपाला को भी संघ का समर्थन हासिल है। साथ ही उन्हें पीएम मोदी का भी करीबी माना जाता है। इनके अलावा राजनीतिक गलियारों में प्रधान के नाम पर भी अटकलें तेज हैं। कब होंगे चुनाव भाजपा अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पार्टी ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है, लेकिन कयास लगाए जा रहे थे कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा इसपर फैसला ले सकती है। इसके अलावा खबरें थीं कि बीजेपी ने संभावित उम्मीदवारों की सूची भी तैयार कर ली है, जिसपर उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव के बाद विचार किया जाएगा। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव होना है।

GST से सरकार की बढ़ी तिजोरी, क्या सुधारों से और होगा फायदा या घटेगा कलेक्शन?

नई दिल्ली जीएसटी काउंसिल की बैठक में अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को लेकर कई बड़े फैसले किए गए. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनके बारे में बताते हुए साफ किया कि अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब 5% और 18% के रहेंगे, जबकि हानिकारक और सुपर लग्जरी आइटम्स के लिए एक स्पेशल 40% का स्लैब होगा. देश में तमाम टैक्सों को खत्म करते हुए 2017 में GST लागू किया गया था और जीएसटी कलेक्शन के जरिए सरकार की कमाई में साल-दर-साल तगड़ा इजाफा देखने को मिला है. बीते 8 साल में कमाई का आंकड़ा तीन गुना हो गया है. हालांकि, अब GST 2.0 के तहत इसमें किए बदलाव से कलेक्शन पर भी असर देखने को मिल सकता है.    2017 में शुरुआत, अब बड़ा बदलाव देश की आजादी के बाद सबसे बड़े टैक्स सुधार के रूप में 1 जुलाई 2017 को जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) को लागू किया गया था. सरकार पुरानी अप्रत्‍यक्ष कर व्‍यवस्‍था की जगह वस्‍तु एवं सेवा कर को लेकर आई और इसके बाद पहले लगने वाले अलग-अलग तरह के तमाम टैक्स खत्म कर दिए गए. इसे संचालित करने के लिए जीएसटी परिषद का गठन किया गया, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री, राज्‍य मंत्री (रेवेन्‍यू) और राज्‍यों के वित्त मंत्रियों को जगह दी गई. शुरुआत से ही जीएसटी को चार भागों में डिवाइड किया गया.       पहला: सीजीएसटी (केंद्रीय माल और सेवा कर)     दूसरा: एसजीएसटी (राज्य माल और सेवा कर)     तीसरा: आईजीएसटी (एकीकृत माल और सेवा कर)     चौथा: यूटीजीएसटी (केंद्र शासित प्रदेश माल और सेवा कर) जीएसटी को अलग-अलग कैटेगरी के सामानों के हिसाब से चार स्लैब में भी बांटा गया, जो 5%, 12%, 18% और 28% तय किए गए थे. अब जीएसटी आठवें साल में पहुंच गया है और इसके साथ ही इसमें नए सुधार करते हुए सरकार ने इसे सिर्फ दो टैक्स स्लैब तक सीमित कर दिया है, जो 5% और 18% के होंगे.   हर साल बढ़ती गई सरकार की कमाई जीएसटी से सरकार की कमाई के बारे में बात करें, तो 1 जुलाई 2017 को लागू होने के बाद से हर साल इसमें जोरदार इजाफा हुआ है. इस साल 2025 में तो जीएसटी कलेक्शन ने सारे रिकॉर्ड तोड़े. शुरुआती साल में इसके जरिए सरकारी खजाने में 7.41 लाख करोड़ रुपये (जुलाई से मार्च तक) आए थे. तो वहीं अगले साल 2018–19 में जीएसटी से कमाई का आंकड़ा 11.77 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं इसकी शुरुआत से अब तक कलेक्शन में तीन गुना से ज्यादा का इजाफा दर्ज किया गया है और 2021-22 से लेकर 2024-25 तक सिर्फ पांच साल में ही जीएसटी से सरकार की कमाई दोगुनी हो चुकी है और ये 11.37 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 22.08 लाख करोड़ रुपये हो गई है.  2025 में बनाया सबसे बड़ा रिकॉर्ड इस साल 2025 में जीएसटी कलेक्शन ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़े और सरकार को ताबड़तोड़ कमाई कराई. अप्रैल महीने में अब तक सबसे बड़ा मासिक जीएसटी कलेक्शन हुआ, जो 2.37 लाख करोड़ रुपये रहा.  महीना जीएसटी कलेक्शन जनवरी 2025 1.96 लाख करोड़ रुपये फरवरी 2025 1.84 लाख करोड़ रुपये   मार्च 2025 1.96 लाख करोड़ रुपये   अप्रैल 2025 2.37 लाख करोड़ रुपये मई 2025 2.01 लाख करोड़ रुपये जून 2025 1.85 लाख करोड़ रुपये जुलाई 2025 1.96 लाख करोड़ रुपये अगस्त 2025  1.86 लाख करोड़ रुपये रेवेन्यू में नुकसान की भरपाई की उठी थी मांग जीएसटी रिफॉर्म के चलते सरकार ने करीब 40,000 करोड़ रुपये के सालाना रेवेन्यू नुकसान की आशंका जाहिर की है. मतलब सरकार की कमाई पर इन सुधारों का असर पड़ने वाला है, लेकिन दूसरी ओर देश की आम जनता से लेकर छोटे कारोबारियों और किसानों तक के लिए ये सरकार की ओर से दिवाली से पहले दिया गया बड़ा गिफ्ट है. जीएसटी रिफॉर्म के रेवेन्यू पर पड़ने वाले असर को लेकर बैठक के दौरान विपक्षी राज्यों की ओर से नुकसान की भरपाई के लिए योजना बनाने की मांग उठाई गई थी. हालांकि, बैठक के रिजल्ट आने के बाद पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बात करते हुए कहा कि हमने कहा था कि क्षतिपूर्ति उपकर बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन केंद्र सहमत नहीं हुआ.  रोजमर्रा के सामानों से कार-बाइक तक होंगी सस्ती  बुधवार 3 सितंबर को नई दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में नए सुधारों का ऐलान करते हुए सरकार ने रोजमर्रा के सामानों साबुन, तेल, घी, फूड प्रोडक्‍ट्स, डेयरी प्रोडक्ट्स (मक्खन, घी, पनीर, गाढ़ा/पनीर), चॉकलेट और कोको पाउडर, सिलाई मशीन, पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स, नूडल्स, बिस्कुट, माल्ट एक्सट्रेक्ट (गैर-कोको) के साथ ही जैम, जेली, मुरब्बा, मेवे/फलों का पेस्ट, सूखे मेवे, मेवे समेत पहले से पैक पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती, रोटी को 5%  स्लैब में डाला गया है.  छोटी कारों, 350 सीसी तक की बाइक्स से लेकर ट्रैक्टर तक पर जीएसटी घटाकर 28 से 18 फीसदी किया गया है और इसका मतलब है कि इनके दाम घटने वाले हैं. इसके अलावा एयर कंडीशनर, डिशवाशर मशीनें, टीवी (एलईडी, एलसीडी), मॉनिटर, प्रोजेक्टर पर लागू 28% जीएसटी को कम करते हुए 18% कर दिया गया है. इंश्योरेंस प्रीमियम और 33 जरूरी दवाओं के साथ ही शिक्षा से संबंधित सामानों को जीएसटी फ्री यानी जीरो जीएसटी में शामिल किया गया है. जीएसटी बदलाव के तहत करीब 90% हाउसहोल्ड आइटम्स के दाम घटेंगे और नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर 2025 से ये लाभ जनता को मिलने लगेंगे. हालांकि, तंबाकू प्रोडक्ट्स, कॉर्बोनेटेड-कैपिनेटेड ड्रिंक्स, फास्ट फूड और सुपर लग्जरी आइटम्स जैसे प्राइवेट जेट को 40% स्लैब में रखा गया है.