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उमा केवट बनी मध्य प्रदेश टीम की बेस्ट गोलकीपर, गुजरात में होगा राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टूर्नामेंट

शहडोल  मध्य प्रदेश का शहडोल जिला अब अपनी पहचान मिनी ब्राजील के नाम से बना रहा है, जिसकी ख्याति अब देश विदेश तक फैल रही है. साथ ही साथ यहां के खिलाड़ी भी अपना जलवा लगातार बिखेर रहे हैं. अभी हाल ही में शहडोल की बेटी उमा केवट ने मध्य प्रदेश की महिला सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है. जिसके बाद वो एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं. शहडोल की बेटी का कमाल शहडोल के विचारपुर में सांई सब सेंटर की कोच लक्ष्मी सहीस ने बताया कि "शहडोल जिले की रहने वाली उमा केवट का सिलेक्शन राष्ट्रीय ओपन सीनियर महिला फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए हो गया है. उमा केवट का मध्य प्रदेश टीम में सिलेक्शन होने के बाद उनके चाहने वालों के बीच खुशी का ठिकाना नहीं है. शहडोल के लिए ये एक बड़ा एचीवमेंट है." बेस्ट गोलकीपर हैं उमा केवट कोच लक्ष्मी सहीस बताती हैं कि "उमा केवट की उम्र लगभग 22 साल है और वो वर्तमान में मध्य प्रदेश की बेस्ट गोलकीपर में से एक हैं. उनके खेल में एक अलग ही टैलेंट है. उमा केवट के खेलने का अंदाज जिस तरह का है. अगर उन्हें प्रॉपर सुविधाएं मिलती रहीं और अच्छे कोच मिलते रहे सही मार्गदर्शन मिलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब उमा केवट मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि भारतीय महिला टीम से भी खेलती नजर आएंगी." मिला बेस्ट गोलकीपर का अवॉर्ड उमा केवट ने अभी हाल ही में खेल दिवस के मौके पर खेले गए सद्भभावना मैच में बेस्ट गोलकीपिंग कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था. ये मुकाबला भोपाल के टीटीनगर स्टेडियम में खेला गया था. मैच शहडोल जिले के विचारपुर मिनी ब्राजील और सरदारपुर के बीच खेला गया था, जहां उन्हें बेस्ट गोलकीपर चुना गया था, जिसमें 21 हजार रुपए की राशि भी प्रदान की गई थी. कहां और कब खेले जाएंगे मैच नेशनल ओपन सीनियर महिला फुटबॉल टूर्नामेंट ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन करा रहा है. इस टूर्नामेंट के मुकाबले गुजरात के भावनगर में खेले जाएंगे. जिस पर शहडोल वालों की भी नजर रहेगी क्योंकि इस टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश महिला टीम से शहडोल की उमा केवट भी अपना जौहर दिखाती नजर आएंगी. मिनी ब्राजील से जर्मनी तक का सफर बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले मन की बात के 103वें एपिसोड में शहडोल के मिनी ब्राजील का जिक्र किया था. उसके बाद पीएम मोदी ने मार्च 2025 में अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्सफ्रिडमैन के साथ चर्चा के दौरान फिर से मिनी ब्राजील के नाम से फेमस विचारपुर गांव के फुटबॉल खिलाड़ियों के बारे में जिक्र किया. बीते रविवार 31 अगस्त को मन की बात कार्यक्रम में पीएम ने मिनी ब्राजील के फुटबॉल खिलाड़ियों को लेकर अच्छी खबर सुनाई थी. इस पॉडकास्ट को जब जर्मनी के फुटबॉल कोच डायटमार बेयर्सडॉर्फर ने सुना तो इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कुछ फुटबॉल खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने की पेशकश की है, साथ ही जर्मनी के लिए बुलावा भेजा है. अक्टूबर महीने में जर्मनी की उड़ान भरेंगे 4 खिलाड़ी विचारपुर के खिलाड़ी अब अक्टूबर महीने में जर्मनी की उड़ान भरेंगे. 4 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक ये खिलाड़ी जर्मनी में ही रहेंगे. बाकायदा सिलेक्शन प्रोसेस से इनमें से 4 खिलाड़ियों का सिलेक्शन किया जाएगा. जिसमें 2 बालक और 2 बालिका होंगी. चयन के अलग-अलग क्राइटेरिया में इन खिलाड़ियों को जांचा परखा जाएगा. इसके बाद विचारपुर की पूरी टीम में से 2 मेल और 2 फीमेल प्लेयर्स को जर्मनी जाने का मौका मिलेगा.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एशिया कप जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 वर्ष बाद पुन: एशिया कप-2025 जीतने पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय टीम की यह ऐतिहासिक विजय सभी खिलाड़ियों की दृढ़ इच्छा शक्ति, अद्वितीय खेल कौशल एवं टीम भावना का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हॉकी नर्सरी के रूप में प्रतिष्ठित भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश ने हॉकी के अनेक दिग्गज खिलाड़ी भारत को दिए हैं। भारतीय टीम की इस अद्वितीय विजय पर सभी गौरवान्वित है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएं कीं। उल्लेखनीय है कि बिहार के राजगीर में रविवार को खेले गए फाइनल मैच में भारत की हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया। भारतीय टीम ने 8 साल के अंतराल के बाद पुरुष एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का खिताब पर कब्जा किया है।  

कांग्रेस की दोहरी रैली: किसान न्याय यात्रा और वोट चोर गद्दी छोड़ का आयोजन उज्जैन में 12 सितंबर

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में 12 सितंबर को कांग्रेस एक बड़ा राजनीतिक आयोजन करने जा रही है। इस दिन ‘किसान न्याय यात्रा’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली का आयोजन होगा। इसी दिन कांग्रेस के इस अभियान का समापन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार, सचिन पायलट, केसी वेणुगोपाल, कमलनाथ समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। संभावना जताई जा रही है कि इस रैली के समापन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं। MP के कई जिलों में निकली यात्रा दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाते हुए इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ यात्रा कई जिलों में निकाली गई। इन सभाओं और रैलियों को कई जगह समर्थन मिला, तो कुछ स्थानों पर विरोध का भी सामना करना पड़ा। राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से गरमाई राजनीति गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। इसी बयानबाजी के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर यह अभियान शुरू किया, जो अब उज्जैन में समापन की ओर बढ़ रहा है। 

शिक्षा और स्वास्थ्य पर सीएम योगी का बड़ा विजन

विकसित यूपी @2047’ 'शिक्षित बचपन और स्वस्थ परिवार' की नींव पर यूपी बनेगा विकसित – शिक्षा और स्वास्थ्य पर सीएम योगी का बड़ा विजन – 2047 तक यूपी में हर घर को मिलेगा मेडिकल इंश्योरेंस कवरेज – 2 नए एम्स, 3 फार्मा पार्क और 2 मेडिकल डिवाइस पार्क बनेंगे यूपी में – डिजिटल क्लासरूम और एडटेक से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर – 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने को शिक्षा-स्वास्थ्य पर जोर – बीते आठ साल में 40 लाख बच्चों का बढ़ा नामांकन – आरटीई से 4.3 लाख बच्चों तक पहुंची शिक्षा की रोशनी – ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक स्कूलों में 19 मूलभूत सुविधाएं की गईं सुनिश्चित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित यूपी @2047’ का विजन सामने रखते हुए साफ कर दिया है कि आने वाले 22 वर्षों में उत्तर प्रदेश का भविष्य 'शिक्षित बचपन और स्वस्थ परिवार' की थीम पर गढ़ा जाएगा। इसका लक्ष्य है कि प्रदेश को न केवल 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाए, बल्कि समाज के हर वर्ग को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से सशक्त किया जाए। स्वास्थ्य क्षेत्र की रणनीतिक दिशा विजन 2030 और 2047 के लक्ष्यों के तहत प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक रूप से सुदृढ़ करने की योजना बनाई गई है। 2030 तक 50 प्रतिशत घरों और 2047 तक सभी घरों को मेडिकल इंश्योरेंस से कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को एसडीजी टारगेट के अनुरूप लाना प्राथमिकता में है। इसके साथ ही प्रदेश में 2 नए एम्स, 3 नए फार्मा पार्क और 2 नए मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना होगी। स्वास्थ्य कार्यबल की घनत्व को बढ़ाकर 40 प्रति हजार तक ले जाने का रोडमैप तैयार किया गया है। मेडिकल टूरिज्म, बाल पोषण और हेल्थकेयर रिसर्च को रणनीतिक स्तंभ बनाकर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ज्ञान और कौशल के केंद्र के रूप में स्थापित होगा यूपी ‘ज्ञानदीप व युवा शक्ति’ के तहत 2047 तक उत्तर प्रदेश को वैश्विक कार्यबल तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमेरसी (FLN) को मजबूत किया जाएगा और स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, ई-लर्निंग और एडटेक को बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा। शिक्षकों के प्रशिक्षण और रिसर्च-इनोवेशन को बढ़ावा देने पर विशेष बल रहेगा। साथ ही उद्योग 4.0 की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए युवाओं को स्किलिंग और ड्यूल एजुकेशन सिस्टम के जरिए तैयार किया जाएगा। समावेशी शिक्षा और वैश्विक स्तर की वर्कफोर्स ट्रेनिंग को यूपी की नई पहचान बनाकर प्रदेश को ज्ञान और कौशल के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। 2017 से पहले चुनौतियों का था अंबार 2017 से पहले प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही क्षेत्रों की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की पहुंच सीमित थी और अधिकांश संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। शिक्षक अनुपस्थिति, किताबों और शिक्षण संसाधनों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई अधूरी रह जाती थी, जिसके चलते बड़े पैमाने पर छात्र ड्रॉपआउट दर बढ़ रही थी। इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी कमजोर थी, जहां पर्याप्त मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण आमजन को बुनियादी इलाज तक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता था। 2017 से 2025 तक हुए व्यापक सुधार और उठाये गये ठोस कदम बीते साढ़े आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं। स्कूल चलो अभियान और शारदा कार्यक्रम के तहत 40 लाख नए बच्चों का नामांकन हुआ, वहीं आरटीई विस्तार से शिक्षा का अधिकार पाने वाले बच्चों की संख्या 22 हजार से बढ़कर 4.3 लाख तक पहुंच गई और 638 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति सुनिश्चित की गई। इसके साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 19 मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया, जबकि अटल आवासीय विद्यालय प्रदेश के 18 मंडलों में संचालित होकर गरीब और वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक स्कूलों में पुस्तकालय, लैब, हॉल, पेयजल, शौचालय और विद्युतिकरण जैसी सुविधाओं को जोड़ा गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी यूपी ने उठाए ऐतिहासिक कदम बीते वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों के नेटवर्क का विस्तार किया गया, जबकि जन औषधि केंद्रों और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी पहलों ने गरीबों और जरूरतमंदों को बड़ी राहत पहुंचाई। अब विजन 2030 और 2047 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक मानकों तक ले जाने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है, जिससे हर नागरिक को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध हो सके। शिक्षा और स्वास्थ्य से प्रदेश बनेगा 6 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी प्रदेश की जीएसडीपी को 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए तैयार रोडमैप के अनुसार 2025 में 353 बिलियन डॉलर से शुरुआत कर 2030 तक इसे 1 ट्रिलियन डॉलर, 2036 तक 2 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले 22 वर्षों तक औसतन 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) बनाए रखनी होगी। विजन के अनुसार 2047 तक प्रति व्यक्ति आय 26 लाख रुपये तक पहुंचाने और भारत की जीडीपी में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी को 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।

विधायक बनीं दो माह पहले, अब विनेश फोगाट ने बेटे की पेश की पहली झलक

जुलाना जुलाना से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व रेसलर विनेश फोगाट ने लगभग सवा दो माह बाद बेटे की फोटो को सोशल मीडिया पर डाला है। फोटो में बेटे के मुंह पर इमॉजी लगाई गई है। जन्म के बाद यह पहला फोटो शेयर हुआ है। इसमें बेटे के नाम की जानकारी भी दी गई है।  दो माह पहले बनी थी मां  एक जुलाई 2025 को रेसलर विनेश फोगाट ने दिल्ली के अपोलो अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही परिवार के अलावा सोशल मीडिया पर बेटे के साथ विनेश का फोटो नहीं आया था। शनिवार देर शाम को विनेश फोगाट ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर बेटे के साथ फोटो शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने इसका नाम कृधव रखा है। विनेश ने ये भी लिखा कि उनके पिता ने कृष्ण भगवान को हमेशा अपने हृदय में, आस्था में, प्रार्थनाओं में, जीवन के हर पल में धारण किया है और आज वह भक्ति हमारे बेटे के नाम (कृष्ण + माधव) के नाम से कृधव में जीवित है।  पेरिस ओलिंपिक से हुई थीं डिस्क्वालिफाई इसके आगे विनेश ने लिखा है कि ईश्वर करे कि उसका जीवन उसके नाम की तरह दिव्य हो, और उसकी मुस्कान की तरह आनंदमय हो। पेरिस ओलिंपिक से डिस्क्वालिफाई होने के बाद विनेश खुलकर राजनीतिक मंच पर कांग्रेस के साथ आई थी। हालांकि दिल्ली में खिलाड़ियों के आंदोलन के दौरान भी कांग्रेस समेत अन्य  दलों ने खिलाड़ियों का समर्थन किया था। विनेश फोगाट ने साल 2024 में पेरिस ओलिंपिक में भाग लिया था। वहां विनेश ने 50 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 6 अगस्त 2024 को एक ही दिन में तीन मैच खेले थे। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक की चैंपियन यूई सुसाकी को हरा दिया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने यूक्रेन और सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर को पटखनी दी। विनेश ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बनी थीं। इसके बाद वह डिस्क्वालिफाई हुई तो राजनीति में आई। पहली ही बार में वह कांग्रेस की टिकट पर जुलाना से विधायक बनीं। 

नई फ्लाइट सेवा: हिसार-जयपुर मार्ग, इस दिन से उड़ानें शुरू, तुरंत करें बुकिंग

हिसार   हिसार के महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से जयपुर के लिए हवाई सेवा 12 सितंबर से शुरू होगी। इसके लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है। सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को शाम 5.35 बजे हिसार से जयपुर के लिए फ्लाइट रवाना होगी जो 6.40 बजे जयपुर पहुंचेगी। ऑनलाइन टिकट बुकिंग साइट पर हिसार से जयपुर का किराया 1957 रुपये बताया जा रहा है। हिसार से जयपुर की दूरी करीब 340 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से सफर में छह से सात घंटे लगते हैं। हवाई जहाज से केवल 1 घंटा 5 मिनट में जयपुर पहुंचा जा सकेगा। बता दें हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग ने हिसार-दिल्ली-अयोध्या-हिसार के लिए 14 अप्रैल को हवाई यात्रा का शुभारंभ किया था। 9 जून को हिसार-चंडीगढ़-हिसार हवाई सेवा का संचालन शुरू किया गया था। अगस्त के आखिर तक करीब 2510 यात्री हिसार से अयोध्या के लिए हवाई यात्रा कर चुके हैं। हिसार-चंडीगढ़-हिसार के लिए 500 और हिसार-दिल्ली के लिए 1300 यात्री हवाई सेवा का लाभ उठा चुके हैं। हरियाणा नागरिक उड्डयन विभाग ने एलांयस एयर को विमान सेवाओं को और विस्तार देने के लिए हिसार से जम्मू के अलावा अहमदाबाद तक विमान यात्रा शुरू करने के लिए पत्र भेजा है। जम्मू और अहमदाबाद के लिए सप्ताह में दो दिन हवाई सेवा का अनुरोध किया है। विभाग को अनुमति मिलते ही हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू होंगी। यह रहेगा शेड्यूल दिल्ली से जयपुर सुबह 9:40 बजे-सुबह 10:45 बजे जयपुर से हिसार सुबह 11:10 बजे-दोपहर 12:15 बजे हिसार से अयोध्या दोपहर 12:35 बजे-दोपहर 2:35 बजे अयोध्या से हिसार दोपहर 3:00 बजे-शाम 5:00 बजे हिसार से जयपुर शाम 5:35 बजे-शाम 6:40 बजे जयपुर से दिल्ली शाम 7:10 बजे-शाम 8:15 बजे हिसार से दिल्ली के लिए अब सप्ताह में सिर्फ एक दिन सीधी हवाई सेवा 12 सितंबर से हिसार से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा सप्ताह में दो दिन के बजाय एक दिन ही संचालित की जाएगी। अभी तक एलायंस एयर की तरफ से सप्ताह में दो दिन शुक्रवार व रविवार को फ्लाइट है। कंपनी के निर्धारित रूट के अनुसार सुबह दिल्ली से विमान हिसार आता है और यहां से अयोध्या जाता है। इसके बाद यही विमान वापसी में हिसार और यहां से दिल्ली के लिए उड़ान भरता है। नए शेड्यूल के अनुसार दिल्ली के लिए शुक्रवार की उड़ान का रूट बदलकर जयपुर से जोड़ दिया जाएगा। अब सिर्फ रविवार को ही दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा मिलेगी। 12 सितंबर से जयपुर के लिए हवाई सेवा का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। यह सेवा फिलहाल सप्ताह में एक दिन मिलेगी। टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है।– मोहन यादव, निदेशक, हिसार एयरपोर्ट  

शिक्षा संकट: हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में PG सीटों पर एडमिशन नहीं, पद रिक्त

हिसार  हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में इस साल दाखिले में भारी गिरावट आई है। यह स्थिति न सिर्फ शिक्षा विभाग बल्कि पूरे राज्य के लिए चिंता का विषय बन गई है। पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की 61% और अंडर ग्रेजुएट (UG) की 49% सीटें खाली रह गईं। यह चौंकाने वाला आंकड़ा दिखाता है कि जहां एक तरफ सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ छात्र सरकारी कॉलेजों से दूरी बना रहे हैं। यह एक गंभीर समस्या है जिसके मूल कारणों पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है। सरकार ने शुरू किए नए कोर्स इस सत्र में सरकार ने कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए। सरकारी कॉलेजों की आवश्यकता और मांग को देखते हुए नए कोर्स और विषय शुरू किए गए। करीब 101 नए कोर्स और 33 नए विषयों की शुरुआत की गई है। इसके लिए उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) की ओर से सभी कॉलेज प्राचार्यों को पत्र भी जारी किया गया था। निर्देशों में यह भी साफ किया गया है कि यदि किसी विषय या कोर्स में छात्र संख्या 20 से कम रहती है, तो संबद्ध विश्वविद्यालय की स्वीकृति लेकर उस स्ट्रीम को बंद किया जा सकता है। दाखिले घटने का कारण गुणवत्ता की कमी : छात्रों और अभिभावकों का सरकारी कॉलेजों के प्रति विश्वास कम हुआ है। उन्हें लगता है कि यहां की पढ़ाई का स्तर, निजी संस्थानों की तुलना में कम है। खाली पदों की समस्या : सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं, 7986 स्वीकृत पदों में से 2758 पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी सीधे तौर पर पढ़ाई की गुणवत्ता पर असर डालती है। जब पढ़ाने वाले ही नहीं होंगे, तो छात्र कहां से आएंगे? कमजोर प्रचार-प्रसार : सरकार ने नए कोर्स शुरू किए, लेकिन उनका सही तरीके से प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। छात्रों और उनके अभिभावकों को इन नए अवसरों के बारे में शायद पता ही नहीं चला। बढ़ती प्रतिस्पर्धा : आज के समय में छात्र उन कोर्स और संस्थानों को चुनना पसंद करते हैं जो उन्हें बेहतर करियर के अवसर प्रदान करें। निजी विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थान अक्सर अपनी प्लेसमेंट दर और सुविधाओं को बेहतर तरीके से पेश करते हैं, जिससे वे छात्रों को आकर्षित करने में सफल होते हैं। सरकार के प्रयास और चुनौतियां सरकार ने दाखिले बढ़ाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन वे नाकाफी साबित हुए हैं। सरकारी कॉलेजों में 101 नए कोर्स और 33 नए विषय शुरू किए गए, ताकि छात्र अधिक विकल्प चुन सकें। उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेज प्राचार्यों को दाखिलों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इन प्रयासों के बावजूद, परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। इसका एक बड़ा कारण यह है कि सरकार ने सिर्फ कागज़ी निर्देश जारी किए, जबकि जमीनी स्तर पर इनकी कमी दिखाई दी। जब तक कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती नहीं होती और सुविधाओं में सुधार नहीं होता, तब तक सिर्फ नए कोर्स शुरू करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। खाली पदों का असर शिक्षकों के खाली पद सिर्फ एक संख्या नहीं हैं, बल्कि यह शिक्षा की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करते हैं। सरकारी कॉलेजों में 2758 पद खाली हैं, जिससे मौजूदा शिक्षकों पर काम का बोझ बढ़ रहा है। इससे वे छात्रों पर व्यक्तिगत ध्यान नहीं दे पाते, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। एडेड कॉलेजों में भी 800 से अधिक पद खाली हैं। इन कॉलेजों में भर्ती पर लगे प्रतिबंध को अब हटा दिया गया है, लेकिन जब तक इन पदों पर योग्य शिक्षकों की भर्ती नहीं होती, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। सरकार और शिक्षा विभाग को कठोर कदम उठाने होंगे तुरंत भर्ती : शिक्षकों के खाली पदों को तुरंत भरा जाना चाहिए। एचपीएससी को भेजी गई भर्तियों पर तेज़ी से काम किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को योग्य शिक्षक मिल सकें। गुणवत्ता सुधार : कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं, जैसे अच्छी लाइब्रेरी, लैब और तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए। शिक्षा का स्तर बेहतर करने के लिए शिक्षकों को भी नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। सटीक प्रचार रणनीति : केवल पत्र लिखने से काम नहीं चलेगा। सरकार को सोशल मीडिया, स्थानीय अखबारों और रेडियो के माध्यम से नए कोर्स और सरकारी कॉलेजों की सुविधाओं का सक्रियता से प्रचार करना चाहिए। प्लेसमेंट सेल का गठन : छात्रों को आकर्षित करने के लिए हर कॉलेज में एक सक्रिय प्लेसमेंट सेल होना चाहिए जो उन्हें रोज़गार के अवसर प्रदान करने में मदद करें।  प्रवेश पोर्टल के प्रचार प्रसार के निर्देश शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान कॉलेजों में पहले से चल रहे किसी भी पाठ्‌यक्रम, विषय को बंद नहीं किया जाएगा। बाकायदा सरकारी कॉलेजों में अधिक से अधिक संख्या में दाखिले हों, इसे लेकर महानिदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपायुक्तों, सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार, सभी जिलों के डीएचईओ सहित सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल को पत्र भी लिखा था। पत्र के जरिए डीजी ने ग्रेजुएशन प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए प्रवेश पोर्टल खुलने के बाद व्यापक प्रचार-प्रसार की बात कही थी। सरकार अधिकतम नामांकन सुनिश्चित करने के लिए उत्सुक है इसलिए इसे लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। कॉलेजों में शिक्षकों के हजारों पद खाली प्रदेश के 79 एडेड कॉलेजों में शिक्षकों के करीब 2500 पद स्वीकृत हैं। इनमें से करीब 1700 पर शिक्षक काम कर रहे हैं। शेष 800 पद लंबे समय से खाली पड़े है। पता चला है कि इन खाली पदों पर भर्ती बंद की हुई थी। इन्हें मर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी। मगर सरकार ने इन्हें मर्ज नहीं किया और अब पदों पर लगा बैन भी हट गया है। उम्मीद है कि अब इन पदों पर मैनेजमेंट, जिनकी गर्वनिंग बॉडी है, वे भर्ती कर सकते हैं। सरकारी कॉलेजों में 2758 पद खाली सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों के 7986 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 3264 पर नियमित शिक्षक काम कर रहे है। वहीं, 1964 पदों पर एक्सटेंशन लेक्चरर लगे हुए हैं। करीब 2758 पद खाली पड़े हैं। सरकार ने कॉलेजों में शिक्षकों के 2424 पदों को भरने का प्रस्ताव कई माह पहले एचपीएससी को भेजा था। जिस पर एचपीएससी काम कर रही है।

मैनिट की साख पर लगातार चोट, NIRF 2025 में संस्थान खिसका 81वें स्थान पर

भोपाल  भोपाल का मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) की स्थिति इस साल नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) मे फिर से गिर गई है। इंजीनियरिंग कैटेगरी में मैनिट को वर्ष 2025 में 81वां स्थान मिला है। यह पिछले चार वर्षों की तुलना में सबसे खराब स्थिति है। 2022 में मैनिट को 70वां स्थान मिला था, जबकि 2023 में यह 80वें पायदान पर पहुंचा। 2024 में सुधार दिखा और संस्थान 72वें स्थान पर आया, लेकिन 2025 में एक बार फिर यह नीचे खिसक कर 81 पर आ गया। लगातार उतार-चढ़ाव से स्पष्ट है कि मैनिट स्थायी सुधार नहीं कर पा रहा। इसलिए गिरी रैंकिंग विशेषज्ञों की माने तो ये संस्थान इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट व फुट प्रिंट ऑफ प्रोजेक्ट्स एंड प्रोफेशन प्रैक्टिस में पिछड़े हुए है। आसान भाषा में कहें तो ये संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में शोध में पिछड़ रहे है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक संस्थान प्रोजेक्ट्स, शोध-पत्रों और प्रोफेशनल प्रैक्टिस पर फोकस नहीं करेंगे, तब तक सुधार मुश्किल है। शिक्षा की गुणवत्ता और रिसर्च गतिविधियों में गंभीर कमी गिरावट का कारण है। छात्रों को डर, लगातार गिरावट रैंकिंग में गिरावट से कैंपस प्लेसमेंट और छात्रों के आत्मविश्वास पर असर पड़ता है। राष्ट्रीय स्तर पर अन्य आईआईटी और एनआईटी की तुलना में मैनिट के छात्रों को प्रतिस्पर्धा में पिछडने का डर रहता है। एक समय देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में गिने जाने वाला मैनिट अब लगातार गिरावट से अपनी ब्रांड वैल्यू खो रहा है। यह न केवल संस्थान की साख को प्रभावित करता है, बल्कि नए एडमिशन और रिसर्च प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं को भी कमजोर करता है।  भविष्य की चुनौती से निपटना आसान नहीं रिसर्च और इनोवेशन पर जोर देकर ही मैनिट अपनी स्थिति को सुधार सकता है। अन्यथा प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संस्थान राष्ट्रीय स्तर की रेस में और पीछे छूट सकते हैं।  इन बिंदुओं पर रैकिंग     फैकल्टी की संख्या और योग्यता     छात्र-शिक्षक अनुपात     शिक्षण सुविधाएं     पुस्तकालय, लैब्स, क्लासरूम आदि की गुणवत्ता     वित्तीय संसाधन और उनका उपयोग ये मापा जाता है     रिसर्च पब्लिकेशन्स की संख्या और गुणवत्ता     पेटेंट्स और इनोवेशन     पीएचडी छात्रों की संख्या     इंडस्ट्री के साथ जुड़ाव यह बताता है कि छात्रों का प्रदर्शन और भविष्य     पास होने वाले छात्रों की संख्या     प्लेसमेंट डेटा     उच्च शिक्षा में जाने वाले छात्रों का प्रतिशत     स्टार्टअप्स या एंटरप्रेन्योरशिप में गए छात्र     शिक्षाविदों, नियोक्ताओं और आम जनता में उस संस्थान की क्या प्रतिष्ठा है  

अब कर सकेंगे ज्यादा बड़ा ट्रांजैक्शन! NPCI ने बढ़ाई UPI लिमिट, जानें नई सीमा

नई दिल्ली  नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन लिमिट्स में बड़ा बदलाव किया है। नई सीमाएं 15 सितंबर 2025 से लागू होंगी। इसका उद्देश्य रिटेल ग्राहकों को बड़े भुगतानों में सुविधा देना है। खासतौर पर बीमा प्रीमियम, क्रेडिट कार्ड बिल, सरकारी भुगतान, निवेश और यात्रा जैसे बड़े लेनदेन अब एक ही ट्रांजेक्शन में पूरे किए जा सकेंगे। जहां पहले बड़े भुगतानों को कई हिस्सों में बांटना पड़ता था। अब यह परेशानी खत्म हो जाएगी। हालांकि, P2P (पर्सन टू पर्सन) ट्रांसफर की सीमा अभी भी प्रतिदिन 1 लाख रुपये ही रहेगी। क्रेडिट कार्ड और लोन भुगतान नए नियमों के तहत अब क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के लिए प्रति लेनदेन सीमा 5 लाख रुपये और दैनिक सीमा 6 लाख रुपये तय की गई है। इसी तरह लोन और ईएमआई भुगतान की सीमा 5 लाख रुपये प्रति लेनदेन और दैनिक सीमा 10 लाख रुपये कर दी गई है।   निवेश और बीमा प्रीमियम पहले कैपिटल मार्केट निवेश और बीमा प्रीमियम की अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति लेनदेन और 10 लाख रुपये दैनिक सीमा कर दिया गया है। इससे निवेशक और बीमा ग्राहक दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रा और सरकारी भुगतान यात्रा उद्योग में अब 5 लाख रुपये तक का भुगतान एक ही ट्रांजेक्शन में संभव होगा। इसी तरह, सरकारी ई-मार्केटप्लेस और टैक्स पेमेंट्स की सीमा भी 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। बैंकिंग और फॉरेक्स सेवाएं डिजिटल ऑनबोर्डिंग के जरिए टर्म डिपॉजिट की सीमा पहले 2 लाख रुपये थी। अब इसे 5 लाख रुपये प्रति दिन कर दिया गया है। डिजिटल अकाउंट ओपनिंग की सीमा 2 लाख रुपये ही रहेगी। फॉरेक्स पेमेंट्स (BBPS) की सीमा भी अब 5 लाख रुपये प्रति लेनदेन और दैनिक 5 लाख रुपये कर दी गई है। क्यों अहम है यह बदलाव     बड़े भुगतान छोटे हिस्सों में बांटने की जरूरत नहीं।     बीमा, ईएमआई, निवेश और सरकारी टैक्स जैसे बड़े लेनदेन आसान।     व्यवसायिक उत्पादकता और डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा।     बैंकों को अपनी जोखिम नीति अनुसार लोअर कैप लगाने की स्वतंत्रता।

पितृपक्ष के बाद घर या जमीन खरीदने का सही मौका: सितंबर से दिसंबर तक के टॉप मुहूर्त

इस बार पितृपक्ष 8 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर को समाप्त होंगे। इसके बाद आप मकान या जमीन की खरीदारी जरूर कर सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं सितंबर से दिसंबर तक सम्पत्ति क्रय के लिए शुभ मुहूर्त कौन कौन से रहने वाले हैं।  कुछ ही दिनों में पितृ पक्ष शुरू होने वाले हैं। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है। यदी आप घर या जमीन की खरीदारी के बारे में सोच रहे हैं, तो पितृपक्ष के बाद ही इस कार्य के बारे में विचार करें। धार्मिक परंपरा के अनुसार पितृपक्ष के दौरान ऐसे कार्य करने पर सख्त मनाही होती है। इस बार पितृपक्ष 8 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर को समाप्त होंगे। इसके बाद आप मकान या जमीन की खरीदारी जरूर कर सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं सितंबर से दिसंबर तक सम्पत्ति क्रय के लिए शुभ मुहूर्त कौन कौन से रहने वाले हैं।     दिनांक आरंभ काल समाप्ति काल सितंबर 25, 2025, बृहस्पतिवार  शाम 07:09 बजे सुबह 06:11 बजे, 26 सितंबर सितंबर 26, 2025, शुक्रवार  सुबह 06:11 बजे सुबह 06:12 बजे, 27 सितंबर  अक्तूबर 16, 2025 सुबह 06:22 बजे सुबह 06:23 बजे, अक्तूबर 17 अक्तूबर 17, 2025 सुबह 06:23 बजे सुबह 06:24 बजे, अक्तूबर 18 अक्तूबर 23, 2025, बृहस्पतिवार  सुबह 06:27 बजे सुबह 06:28 बजे, अक्तूबर 24 अक्तूबर 24, 2025, शुक्रवार  सुबह 06:28 बजे सुबह 06:28 बजे, अक्तूबर 25 नवंबर 7, 2025, शुक्रवार सुबह 12:33 बजे सुबह 06:38 बजे, नवंबर 08 नवंबर 13, 2025, बृहस्पतिवार सुबह 06:42 बजे सुबह 06:43 बजे, नवंबर 14 नवंबर 14, 2025, शुक्रवार सुबह 06:43 बजे रात 09:20 बजे नवंबर 20, 2025, बृहस्पतिवार  सुबह 06:48 बजे सुबह 06:49 बजे, नवंबर 21 नवंबर 21, 2025, शुक्रवार  सुबह 06:49 बजे दोपहर 01:56 बजे  नवंबर 28, 2025, शुक्रवार सुबह 02:49 बजे सुबह 06:55 बजे, नवंबर 29 दिसंबर 5, 2025, शुक्रवार सुबह 11:46 बजे सुबह 07:00 बजे, दिसंबर 06 दिसंबर 11, 2025, बृहस्पतिवार  सुबह 07:04 बजे सुबह 03:55 बजे, दिसंबर 12 दिसंबर 18, 2025, बृहस्पतिवार सुबह 07:08 बजे शाम 08:07 बजे दिसंबर 19, 2025, शुक्रवार सुबह 10:51 बजे सुबह 07:09 बजे, दिसंबर 20 दिसंबर 26, 2025, शुक्रवार  सुबह 09:00 बजे सुबह 07:12, दिसंबर 27