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मोबाइल से करें महाकाल के दर्शन, भक्तों के लिए लॉन्च हुई सुविधा

उज्जैन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महादेव के भक्तों के लिए अब नई प्रोटोकॉल दर्शन की प्रक्रिया बदली जा रही है। पहले यहां प्रवेश के लिए टोकन जारी किए जाते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के अनुसार भक्तों को मोबाइल लिंक के जरिए बुकिंग करनी होगी। इस बदलाव के तहत अब कोई भी व्यक्ति या अधिकारी सीधे टोकन लेकर दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर समिति की ओर से मोबाइल पर लिंक भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से बुकिंग पूरी होगी और तभी प्रोटोकॉल दर्शन का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था इसलिए लागू की जा रही है ताकि महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भीड़ नियंत्रण रही और वह दर्शन का पूरा लाभ उठा सके। इस कदम से न केवल प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि इससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी और भक्तों का समय बचेगी। 

भावनाएं हैं स्वास्थ्य की बैरोमीटर

स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, वाली कहावत काफी पुरानी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस पर काफी बल देते हैं। यह एक जानी-मानी बात है कि यदि दिमाग में कोई परेशानी हो तो थोड़े समय बाद इसका प्रभाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है और हम जल्दी जल्दी बीमार होने लगते हैं। शरीर में होने वाली पीड़ा, मांसपेशियों का दर्द आदि बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हम जैसा सोचते हैं हमारा शरीर उसी के अनुकूल बनता है। हम जैसा महसूस करते हैं, जैसे काम करते हैं हमारा शरीर भी उसी ढांचे के अनुरूप बन जाता है। इसे ही प्रायः माइंड और बॉडी कनेक्शन कहा जाता है। जब हम तनाव में होते हैं, परेशानियों से घिरते हैं या बेचैन होते हैं तो हमारा शरीर इसका संकेत हमें देना शुरू कर देता है कि शरीर के साथ असामान्य स्थिति है। हममें से कई लोग अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने में सफल हो जाते हैं। इसके विपरीत कुछ लोग तनाव के क्षणों में, विपरीत स्थितियों मे ओवर रिएक्ट करने लगते हैं। वह किसी भी बात को दिल से लगा लेते हैं। उन्हें जब लगता है कि वह कुछ भी कर पाने में सक्षम नहीं हैं तो वह तुरंत रोने लगते हैं, गुस्सा हो जाते हैं, उदासी उन्हें घेर लेती है और चिड़चिड़े हो जाते हैं। इस तरह के लोग परेशान होने के लिए बहाना ढूंढ़ते हैं। उनका यह चिढ़चिढ़ापन, अवसाद में रहने की प्रवृत्ति उनके शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालती है। इसका असर उनके दिल-दिमाग पर ही नहीं शरीर पर भी दिखने लगता है। दरअसल, होता यह है कि जब आप तनाव में होते हैं या परेशान होते हैं उस समय अपने स्वास्थ्य के प्रति हम लापरवाह हो जाते हैं। तनाव के समय घूमने जाना, एक्सरसाइज करना, संतुलित भोजन लेना और डॉक्टर के निर्देेश के अनुसार दवाइयां खाना इन सब चीजों का रुटीन बिगड़ जाता है। सवाल है इन स्थितियों से बचाव के लिए क्या करें? इसके लिए चिकित्सक एबीसी का फार्मूला अपनाने की सलाह देते हैं। ए का अभिप्राय है, अवेयरनेस यानी कोई भी समस्या जब पैदा होती है तो उसके प्रति हमें पूरी तरह से सजग-सचेत होना चाहिए। इसमें किसी की प्रेरणा हमारे लिए सहायक सिद्ध हो सकती है या हम अपना स्वयं का नजरिया सकारात्मक बनाएं जिससे हम समस्या को अपने पास फटकने से पहले ही उसे दूर भगा दें। बी यानी बैलेंसिंग यानी सही और गलत के बीच संतुलन कायम रखने की क्षमता का अपने भीतर पैदा करना। सी का अभिप्राय है कंट्रोल यानी विपरीत स्थितियों पर प्रतिक्रिया को नियंत्रण में रखना। इन तमाम चीजों के अलावा हम पर हमारी भावनाएं हावी होकर हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर न डालें, इसके लिए जरूरी है कि हम संतुलित भोजन लें, समय पर भोजन करें और पर्याप्त नींद लें। किसी भी तरह का नशा न करें। अपनी समस्या को लेकर अपने आपको परेशानी में न रखें। नियमित शारीरिक व्यायाम करें। योगासन करें, मेडिटेशन करें। कुल मिलाकर शरीर को आराम पहुंचाने वाली गतिविधियां करें। जब कभी भावनात्मक दबाव में आएं और भावनाएं दिल-दिमाग पर इस कदर हावी होने लगें कि उनका आपके काम और रिश्तों पर नकारात्मक असर पडने लगे तो ऐसी स्थिति में किसी प्रोफेशनल की मदद लें। ज्यादा संवेदनशील होना किसी तरह की बीमारी नहीं है। यह अकसर कई लोगों के साथ होता है। एक खास अवसर पर ऐसा होना स्वाभाविक है। काउंसलर किसी भी स्थिति से निपटने में हमारी मदद करते हैं। इसलिए उनसे मदद लेने में हमें कोई संकोच नहीं करना चाहिए। वह अति संवेदनशील लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर ज्यादा परेशान न होने और उनसे निपटने के बेहतर उपाय सुझा सकते हैं। इन तमाम बातों के अलावा आप हर चीज के विषय में एक डायरी बनाएं, जिसमें कहां पर आप किस स्थिति में ओवररिएक्ट करते हैं उसमें नोट करें। इससे आपको अपनी समस्याओं के प्रति जागरूक होने में सहायता मिलेगी। याद रखें मानसिक समस्याएं धीरे-धीरे हमारे शरीर पर गलत असर डालती हैं और इसकी वजह से हमें कब्ज, डायरिया, कमर दर्द, भूख न लगना, मुंह सूखना, ज्यादा थकान लगना, हाई ब्लडप्रेशर से दर्द, अनिद्रा, गहरी सांस आना, गर्दन में दर्द, पसीना आना, पेट खराब होना, वजन बढना या कम होना जैसी तमाम समस्याएं आ सकती हैं इसलिए समय है सचेत हो जाइए। अपनी समस्याओं का असर अपने शरीर पर न पडने दें।  

फाइनल से पहले भोपाल में सुरक्षा कड़ी, 1500 जवान तैनात – हर गली पर रखी जा रही नजर

 भोपाल  भोपाल में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप फाइनल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. यह हाई वोल्टेज क्रिकेट मैच रविवार, 28 सितंबर 2025 को खेला जाएगा. 41 साल बाद पहली बार एशिया कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी. इस बड़े मुकाबले के दौरान फेस्टिव सीजन होने के कारण भोपाल पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. 41 साल बाद पहली बारभारत और पाकिस्तान पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि भोपाल में करीब 1500 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे, जिनमें 500 अतिरिक्त जवान शामिल होंगे. सभी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) को संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी. मोबाइल टीमें लगातार गश्त करेंगी और शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा. इसके अलावा, पुलिस कंट्रोल रूम में बैठा स्टाफ सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखेगा. मैच के दौरान किसी भी तरह की अशांति से बचने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि किसी भी जगह पर भीड़ को इकट्ठा होने नहीं दिया जाएगा. जहां-जहां बड़ी स्क्रीन पर मैच दिखाने की व्यवस्था होगी, वहां अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मैच का आनंद ले सकें. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी. यह मैच न केवल खेल का एक बड़ा आयोजन है, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने के कारण यह भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है. भोपाल में लोग इस मैच को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है. शहर के सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस की इस सतर्कता से यह उम्मीद है कि भोपाल में लोग शांतिपूर्ण ढंग से इस ऐतिहासिक मैच का आनंद ले सकेंगे.

पेंशनधारकों को बड़ी राहत, जीवन प्रमाण पत्र जमा करना हुआ आसान – अब घर से ही कर सकेंगे सबमिट

नई दिल्ली देश के लाखों पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) देश के सभी 1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों में 1 से 30 नवंबर 2025 तक चौथा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान चलाने जा रहा है। इसके जरिए पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना आसान हो जाएगा। फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी से बुजुर्ग घर बैठे ही अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर पाएंगे। इधर, बैंक और आईपीपीबी अक्टूबर 2025 में एसएमएस, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, बैनर और स्थानीय मीडिया प्रचार द्वारा पेंशनरों को निवेदन विकल्पों के बारे में सूचित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करेंगे। हर साल जमा करना होता है लाइफ सर्टिफिकेट दरअसल,साल के अंतिम महीनो में खासकर नवंबर के महीने में पेंशनर्स को लाइफ सर्टिफिकेट को जमा करना होता है, क्योंकि पेंशनधारकों की ओर से जमा किया जाने वाला लाइफ सर्टिफिकेट एक साल के लिए वैलिड होता है।पिछले वर्ष जिन पेंशनर्स ने लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराया था वो 30 नवंबर 2025 तक ही वैलिड है, ऐसे में दिसंबर महीने से पेंशन पाने के लिए ये जरूरी है कि 30 नवंबर तक पेंशनर्स अपना जीवन प्रमाण पत्र को जमा कर दें।30 नवंबर तक जो पेंशनभोगी यह सर्टिफिकेट जमा नहीं कराएगा, उसे दिसंबर से पेंशन मिलनी बंद हो जाएगी।हालांकि बाद में लाइफ सर्टिफिकेट जमा होने पर बकाया अमाउन्ट के साथ पूरी पेंशन की राशि खाते में आ जाती है। क्यों जरूरी है जीवन प्रमाण पत्र जीवन प्रमाण पत्र पेंशनभोगियों के लिए एक बायोमेट्रिक सक्षम डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र है। यह केंद्र सरकार, राज्य सरकार और अन्य शासकीय संस्थान के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे पता चलता है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है या नही। नियम के तहत 60 साल से 80 साल की उम्र वाले हर पेंशनर को 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच अपना जीवन प्रमाण पत्र या लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होता है। 80 साल के सुपर सीनियर पेंशनर को 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच में ये सर्टिफिकेट जमा करना होता है। फेस ऑथेंटिकेशन से कैसे जमा होगा जीवन प्रमाण पत्र, यहां समझें पूरा प्रोसेस     सबसे पहले फोन पर UIDAI द्वारा बनाई Aadhaar Face RD Application डाउनलोड करना होगा।     Aadhaar Face RD ऐप इंस्टॉल करने के बाद आपको अपने फोन पर ‘जीवन प्रमाण ऐप’ डाउनलोड करना होगा।     यहा आपको ‘Operator Authentication’ स्क्रीन दिखेगी। यहां आधार चेकबॉक्स पर क्लिक करें और अपना आधार नंबर डालें।     मोबाइल नंबर दर्ज करें और ईमेल पता डालें, सबमिट का बटन दबाएं। इसके बाद आपके मोबाइल और ईमेल पर एक OTP आएगा, उसे दर्ज करें।     आपके सामने एक नई स्क्रीन आएगी। यहां अपना नाम दर्ज करें और चेक बॉक्स पर टिक करके ‘Scan’ ऑप्शन को चुनें।     फिर ऐप आपका फेस स्कैन करने की अनुमति मांगेगा। यहां Yes पर टैप करें।     स्क्रीन पर निर्देश दिखेंगे उसे पढ़ें और “I am aware of this” पर टैप करके Proceed पर टैप करें।     अब आपका चेहरा स्कैन किया जाएगा। इसके बाद पूछी गई जानकारी दर्ज करें और एक बार आपके चेहरे को फिर से स्कैन किया जाएगा और आपको प्रमाण ID और PPO नंबर मिलेगा।     लास्ट में सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए जीवन प्रमाण की वेबसाइट पर लॉगिन करें और अपनी प्रमाण ID डालें। इसके तुरंत बाद आपका जीवन प्रमाण डाउनलोड हो जाएगा।

पैकेट में कम निकला नमकीन, उपभोक्ता फोरम ने हल्दीराम को 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका

उमरिया जागो ग्राहक जागो नारा आपने कई बार सुना होगा, आज हम आपको एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो जागरूकता और आपके जेब की सेहत से जुड़ी है, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में उपभोक्ता न्यायालय ने देश की नामचीन पैकेजिंग फूड कंपनी हल्दीराम के ऊपर एक लाख की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। दरअसल पूरा मामला नगर के एक उपभोक्ता कैंप निवासी राकेश दर्दवंशी से जुड़ा है जिसने उमरिया के एक दुकानदार से हल्दीराम नमकीन की 400 ग्राम का पैकेट खरीदा जिसमे मात्रा में कमी का अंदेशा हुआ और उसने उसका वजन कराया तो पैकेट में दर्ज 400 ग्राम की अपेक्षा नमकीन की मात्रा महज 333 ग्राम मिली। नमकीन कम निकलने पर ग्राहक ने दुकानदार, हल्दीराम कंपनी के डीलर और कंपनी को मेल कर जानकारी दी और कार्यवाही की मांग की लेकिन सबने चुप्पी साध ली,लेकिन ग्राहक ने हार नहीं मानी और खरीदी के बिल सहित शिकायतों के सभी दस्तावेज लेकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपभोक्ता कोर्ट पहुंच गया। उपभोक्ता फोरम में महीनों सुनवाई के बाद न्यायालय ने कंपनी के ऊपर जो फैसला दिया वह हर नजीर बन गया है और हर ग्राहक को जागरूक करने वाला है, उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष ने फैसले में हल्दीराम कंपनी नागपुर को अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी माना और पैकेट में दर्ज बैच नंबर के आधार पर देश भर के 24230 उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का करना माना,और एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का फैसला दिया है। शिकायतकर्ता ने पूरी राशि को कर दिया दान  इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि ग्राहक ने क्षतिपूर्ति की रकम जो उसे हासिल होनी थी उसे लेने से इनकार करते हुए किसी सामाजिक संस्था को दान देने का लिखित आवेदन किया जिसके बाद न्यायालय ने अपने आदेश में क्षतिपूर्ति की राशि वृद्धाश्रम को को दान करने का आदेश पारित किया गया। फैसला आम नागरिक के लिए एक संदेश उमरिया में उपभोक्ता की जागरूकता ने एक बड़ी कंपनी की चोरी को पकड़ा और उसे उचित सजा दिलवाने तक लड़ाई लड़ी इस देश के हरेक आम नागरिक के लिए एक संदेश है कि कंपनियों द्वारा बाजार में बेचे जाने जाने वाले किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता को जांच परख कर ले ताकि किसी प्रकार की चोरी का शिकार होने से बचे रहें।

क्या आपके पास दो क्रेडिट कार्ड हैं? जानिए कैसे हो सकती है आपकी आर्थिक मजबूती

मुंबई  भारत में क्रेडिट कार्ड का यूज तेजी से बढ़ रहा है. अपने फाइनेंशियल खर्चों को मैनेज करने के लिए लोग क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते है. कई लोग तो एक से ज्‍यादा क्रेडिट कार्ड यूज करते हैं, लेकिन क्‍या 2 क्रेडिट कार्ड का यूज सही फैसला हो सकता है. आइए जानते हैं इसपर एक्‍सपर्ट क्‍या कहते हैं… कई एक्‍सपर्ट दो क्रेडिट कार्ड रखने को एक अच्‍छा फैसला मानते हैं, क्‍योंकि इससे खर्च को मैनेज किया जा सकता है. साथ ही रिवॉर्ड्स को ज्‍यादा से ज्‍यादा तक बढ़ाया जा सकता है. एक्‍सपर्ट इसे फाइनेंशियल कंडीशन को मैनेज करने का भी एक अच्‍छा तरीका मानते हैं. अब वो मुख्‍य तीन वजह जानते हैं, जिससे क्रेडिट कार्ड ज्‍यादा उपयोगी हो सकता है.  रिवॉर्ड और ज्‍यादा लाभ  2 क्रेडिट कार्ड होने से आप रणनीतिक रूप से हर कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग तरह के खर्चों के लिए कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, एक कार्ड का इस्तेमाल किराने के सामान या रोजमर्रा की जरूरी चीजों के लिए किया जा सकता है, जिन पर कैशबैक मिलता है, जबकि दूसरे कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग, यात्रा या अन्य कैटेगरी के लिए किया जा सकता है. बेहतर क्रेडिट स्‍कोर  अपने क्रेडिट स्‍कोर को दो कार्ड की मदद से कंट्रोल किया जा सकता है. दो कार्डों को जिम्‍मेदारी से यूज करने पर आपका क्रेडिट यूज रेशियो कम हो सकता है और आप अपने बिल का फटाफट पेमेंट भी कर सकते हैं. इससे आपके क्रेडिट स्कोर को बनाए रखने या सुधारने में मदद मिल सकती है, जो भविष्य के लोन या वित्तीय योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है.  खर्च करने में लचीलापन बढ़ाना  दूसरा क्रेडिट कार्ड आपके प्राथमिक कार्ड के खो जाने, ब्लॉक हो जाने या अस्वीकृत हो जाने की स्थिति में बैकअप का काम करता है. यह आपको खर्चों को अलग-अलग करने की सुविधा भी देता है. एक कार्ड का इस्तेमाल रोजमर्रा के खर्चों के लिए और दूसरे का इस्तेमाल हाई प्राइस या ऑनलाइन लेनदेन के लिए, जिससे धोखाधड़ी का जोखिम कम होगा है और खर्चों पर नजर रखना आसान होगा.  हालांकि दो क्रेडिट कार्ड होने से आपको रिवॉर्ड, लचीलापन और बेहतर क्रेडिट मैनेजमेंट मिल सकता है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है. ऊंची ब्याज दरें, छिपे हुए शुल्क और कर्ज का रिस्‍क वास्तविक परेंशानी है. वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दूसरे कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले इसके फायदे और नुकसान पर ध्यान से विचार करें और किसी एक्‍सपर्ट से सलाह लें. 

EPFO खाताधारकों को मिल सकती है राहत, अक्टूबर में अहम फैसलों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए काम की खबर है। EPFO 3.0 के लिए नए साल 2026 तक का इंतजार करना पड़ सकता है।खबर है कि अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में बैठक हो सकती है जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी और फिर नवंबर या फिर दिसंबर में अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि EPFO 3.0 पोर्टल लॉन्च होने के बाद PF का पैसा यूपीआई और एटीएम से निकाल सकेंगे।इसके अलावा बैठक में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज न्यूनतम पेंशन को भी बढ़ाने पर विचार कर सकता है।वर्तमान में मासिक पेंशन 1,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 1,500–2,500 रुपये किए जाने की संभावना है। ATM से निकलेगा पीएफ का पैसा     कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जल्द EPFO 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। इससे कर्मचारी सीधे ATM से अपने PF फंड निकाल सकेंगे। यह बिल्कुल बैंक खाते की तरह होगा। इसके लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट करना और आधार को बैंक अकाउंट से लिंक करना जरूरी होगा।  केन्द्र सरकार ने इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों को भी शॉर्टलिस्ट किया है, जो डेवलपमेंट और मेंटिनेंस का काम संभालेगी।     ईपीएफओ ATM की सुविधा शुरू करने के लिए बैंकों के साथ-साथ, RBI से भी बात की है। इसके जरिए ऑटोमेटेड PF विड्रॉल और इंटीग्रेटेड ATM सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा।इसके लिए UAN नंबर के जरिए लॉगइन और UAN का आधार कार्ड, पैन कार्ड से लिंक अनिवार्य किया जाएगा।     वैसे तो इसे मई जून 2025 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन तकनीकी टेस्टिंग और अन्य कारणों के चलते देरी हुई।संभावना है कि दिसंबर अंत तक इस पर फैसला हो सकता है और जनवरी 2026 से इसे लागू किया जा सकता है। PF विड्रॉल के लिए जारी होगा एक विशेष कार्ड     EPFO 3.0 के तहत खाताधारकों को ऑटोमेटेड PF विड्रॉल और इंटीग्रेटेड ATM सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे ऐप के जरिए भी पीएफ निकासी हो सकेगी। इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा।इसकी मदद से आप PF अकाउंट का बैलेंस, कॉन्ट्रिब्यूशन को भी ट्रैक कर पाएंगे।     इस नए सिस्टम के तहत ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को ATM जैसा एक कार्ड इश्यू किया जाएगा। यह कार्ड पीएफ अकाउंट से लिंक होगा, जिससे एटीएम से पीएफ का पैसा निकाल पाएंगे। UPI से पैसा निकालने के लिए अकाउंट को UPI से लिंक कराना होगा।     EPFO 3.0 में सदस्य यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए तुरंत PF विड्रॉल कर पाएंगे। इससे इमरजेंसी की स्थिति में कर्मचारियों को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे फंड तक पहुंच मिलेगी।     ईपीएफओ 3.0 सिस्टम के तहत सदस्य अपने अकाउंट हुई गड़बड़ी जैसे कर्मचारी का नाम, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर, स्थायी पता को भी ऑनलाइन माध्यम से सुधार सकेंगे। इसके लिए OTP वेरिफिकेशन की सुविधा होगी, जिससे पुराने फॉर्म को भरने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

इस दुर्गा अष्टमी पर बन रहे दो दुर्लभ संयोग, मान्यता है मिलती है खुशहाली और सफलता

हिंदू धर्म में नवरात्रि का काफी महत्व माना गया है। इसमें 9 दिनों तक माता के 9 स्वरूपों की पूजन की जाती है। नवरात्रि में महाअष्टमी का विशेष महत्व माना गया है। 30 सितंबर को शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि है। इस दिन माता गौरी की पूजन का विशेष महत्व माना गया है। अष्टमी के दिन माता महागौरी की पूजन करने के साथ व्रत रखा जाता है। इस दिन संधि पूजन भी होती है। इस बार शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर शोभन योग सहित कई मंगलकारी योग निर्मित हो रहे हैं। इन योग में जो माता गौरी की पूजन करेगा उसकी हर मनोकामना पूरी होगी। चलिए आपको इस बारे में बताते हैं। दुर्गा अष्टमी का मुहूर्त  29 सितंबर को 4:32 से शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। स्थिति का समापन 30 सितंबर शाम 6:06 पर होगा। महाष्टमी का व्रत 30 सितंबर को रखा जाएगा। विभिन्न संध्याकाल में पूजन का समय 5:42 से 6:30 तक का है। बन रहे कौन से योग अष्टमी तिथि पर बना रहे योग की बात करें तो इस दिन शोभन योग का निर्माण हो रहा है। यह देर रात 1:03 तक रहेगा। इसके अलावा शाम को 6:06 से शिव वास योग का निर्माण हो रहा है। यह ऐसा योग होता है जब भगवान शिव स्वयं माता पार्वती के साथ हिमालय पर वास करते हैं। इन योग में जो भी माता दुर्गा की पूजन करेगा उसे सुख समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होगी। ये हैं मुहूर्त इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 6:10 और सूर्यास्त का समय शाम 6:05 है। चंद्रोदय दोपहर 1:36 मिनट पर होगा और चंद्रास्त रात 11:51 पर है। शुभ मुहूर्त की बात करें तो 4:33 से 5:22 तक ब्रह्म मुहूर्त है। दोपहर 2:07 से 2:54 तक विजय मुहूर्त। शाम 6:05 से 6:29 तक गोधूलि मुहूर्त। रात 11:43 से 12:46 तक निशिता मुहूर्त है।

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! अक्टूबर से मिलेगी ज्यादा राशि, सीएम मोहन यादव का ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त अक्टूबर में जारी की जाएगी। इस बार लाभार्थियों को ₹1,250 के बजाय ₹1,500 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में घोषणा की थी कि दिवाली के अगले दिन यानी भाई दूज से योजना की राशि बढ़ाई जाएगी। राशि में बढ़ोतरी लाड़ली बहना योजना के तहत अब लाभार्थियों को प्रति माह ₹1,500 मिलेंगे। अगस्त में भी कुछ लाड़ली बहनों के खाते में ₹1,500 आए थे, जिसमें ₹1,250 की मूल राशि और ₹250 अतिरिक्त राखी के शगुन के रूप में शामिल थे। भविष्य में और बढ़ोतरी सरकार ने यह भी कहा है कि 2028 तक राशि बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह कर दी जाएगी। योजना की शुरुआत ₹1,000 मासिक भुगतान के साथ हुई थी, जिसे बाद में ₹1,250 किया गया था। यह योजना राज्य की बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त और संबल प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके माध्यम से 12.7 मिलियन से अधिक महिलाओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता दी जा रही है।  भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए का एलान  मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने कहा कि "लाड़ली बहनों हाथ खड़े करो, जिन जिनको पैसे मिल रहा है. आप बताओ बहन को भी मिल रहा है और भाई को भी मिल रहा है. हमारे पास कोई पैसे की कमी नहीं है, किसानों की जिंदगी जितनी बेहतर कर सकते हैं, हम लगातार उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और बहनों चिंता मत करो. ये कांग्रेसी कुछ भी कहें, लेकिन इसी दिवाली के बाद भाईदूज से आपको भी 1500 रुपए महीने मिलना चालू हो जाएगा. मोहन यादव बोले- हमारे पास पैसे की कमी नहीं हम अपने किसान भाईयों और लाड़ली बहनों को किसी तरह की कमी नहीं आने देंगे. किसान भाईयों को केंद्र और राज्य सरकार की किसान सम्मान निधि मिलेगी, तो लाड़ली बहनों के लिए दीपावली के बाद भाईदूज को 1500 रुपए मिलेंगे.

मुंबई से अहमदाबाद तक 2 घंटे का सफर, देश की पहली बुलेट ट्रेन कब शुरू होगी?

अहमदाबाद  रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट पर एक बड़ा अपडेट दिया है.  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का 50 किलोमीटर का हिस्सा 2027 में शुरू हो जाएगा और 2029 तक मुंबई और अहमदाबाद के बीच का पूरा खंड चालू कर दिया जाएगा. यानी कि 2029 तक भारत में पहली बुलेट ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी.  रेल मंत्री ने कहा कि चालू होने के बाद, बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी केवल दो घंटे सात मिनट में तय होगी. उन्होंने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है. यह जानकारी उन्‍होंने सूरत रेलवे स्‍टेशन के निरीक्षण के दौरान कही. उन्‍होंने यहां पर स्‍टेशन कार्य के अलावा, ट्रैक तैयार होने का कार्य और टर्नआउट इंस्‍टॉलेशन की भी जांच की.  2029 तक देश में दौड़ने लगेगी पहली बुलेट ट्रेन  रेल मंत्री ने कहा कि पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट तेजी से चल रहा है. सूरत और बिलिमोरा के बीच परियोजना का पहला 50 किलोमीटर का खंड 2027 तक शुरू हो जाएगा. हम इसकी तैयारी कर रहे हैं. 2028 तक, पूरा ठाणे-अहमदाबाद खंड चालू हो जाएगा और 2029 तक पूरा मुंबई-अहमदाबाद खंड चालू हो जाएगा. वैष्णव ने बताया कि मुख्य लाइन की गति क्षमता 320 किमी प्रति घंटा और लूप लाइन की 80 किमी प्रति घंटा है.  नए टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल रेल मंत्री ने कहा कि ट्रेनों की सुरक्षित और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह ट्रेनों की एक बहुत ही जटिल आवाजाही है, इसलिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. यहां कई वाइब्रेट सिस्‍टम इंस्‍टॉल किए गए हैं, जब भी ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, तो यूटिलिटी केबल वाइब्रेट को खत्‍म कर देगा और ट्रेन स्‍मूथ चलेगी.  पटरियों के लिए खास सिस्‍टम इंस्‍टॉलेशन  उन्होंने आगे कहा कि पटरियों के भीतर भी, किसी भी वाइब्रेशन को कंट्रोल करने के लिए कई सिस्‍टम तैयार किए गए हैं. इनपर कुछ खास तरह की सुविधाएं जोड़ी गई हैं, ताकि तेज हवा या अचानक भूकंप आने पर भी ट्रेन पूरी तरह स्थिर रहे. वैष्णव ने कहा कि सूरत स्टेशन का पूरा भारी काम पूरा हो चुका है और ट्रैक लिंक के साथ-साथ फिनिशिंग और यूटिलिटी कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.  बुलेट ट्रेन शुरू होने से विकास की रफ्तार भी बढ़ेगी उन्होंने कहा कि आज, बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत सूरत स्टेशन पर पहला टर्नआउट स्थापित किया गया है. टर्नआउट वह स्थान होता है जहां पटरी या तो जुड़ती है या अलग होती है. यहां कई नई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, उदाहरण के लिए, ये रोलर बेयरिंग जिन पर पटरियां चलेंगी. यह भी एक बिल्कुल नई तकनीक है, जिसका हम इस्तेमाल कर रहे हैं.  वैष्णव ने कहा कि महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई से अहमदाबाद तक सभी प्रमुख शहरों की अर्थव्यवस्थाओं को एक कर देगी और जापान की तरह विकास को गति देगी, जब पहली बुलेट ट्रेन शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि नए प्रोजेक्‍ट पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा.