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ट्रंप के गाजा प्लान पर समर्थन से घिरा पाकिस्तान, सोशल मीडिया पर भड़के लोग – ‘शहबाज ने सरेंडर कर दिया

इस्लामाबाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्री गाजा शांति योजना ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर हलचल मचा दी है। लेकिन इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का इस योजना का खुला समर्थन उनके लिए मुसीबत बन गया है। उनके विरोधी कह रहे हैं कि शहबाज शरीफ ने ट्रंप के आगे सरेंडर कर दिया है। विपक्षी नेता और आम नागरिक उन्हें 'गद्दार' करार दे रहे हैं जिसने फिलिस्तीन के साथ धोखा किया है। मामला बिगड़ता देख शहबाज सरकार ने सफाई दी है कि ट्रंप की गाजा योजना में पाकिस्तान की सभी मागों को शामिल नहीं किया गया है। ट्रंप ने सोमवार को वाइट हाउस में अपनी गाजा योजना का ऐलान किया। ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच वार्ता के बाद प्रस्तुत की गई इस योजना में गाजा में युद्ध तत्काल खत्म करने, हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों को रिहा करने और गाजा के असैन्यीकरण का प्रस्ताव है। योजना में इजरायल को गाजा के आसपास सुरक्षा परिधि बनाने और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई का प्रावधान है, लेकिन कई आलोचकों का मानना है कि यह प्लान इजरायल के हितों को प्राथमिकता देता है और फिलिस्तीनियों की सहमति को नजरअंदाज करता है। ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की खुलेआम तारीफ की। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल शुरू से हमारे साथ थे। उन्होंने 100% समर्थन का बयान जारी किया है। वे कमाल के लोग हैं।" इसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गाजा योजना का स्वागत करते हुए कहा कि “फिलिस्तीनी जनता और इजरायल के बीच स्थायी शांति ही क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक विकास ला सकती है।” लेकिन उनके इस बयान ने पाकिस्तान के भीतर कड़ी प्रतिक्रिया पैदा कर दी। राजनीतिक दलों, विश्लेषकों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने इसे "सरेंडर" करार देते हुए सरकार पर ऐतिहासिक रुख से पीछे हटने का आरोप लगाया। 'मुस्लिम दुनिया ने पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया' पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने कहा कि मुस्लिम दुनिया ने पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना से पहले अब्राहम समझौते में शामिल होना पाकिस्तान के लिए “भारी भूल” होगी। मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन के नेता अल्लामा राजा नासिर ने योजना को “त्रुटिपूर्ण और अन्यायी” बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना फिलिस्तीनियों की राय को दरकिनार कर अमेरिकी और इजरायली हितों को आगे बढ़ाती है। मानवाधिकार कार्यकर्ता इमान जैनब मजारी ने कहा, “फिलिस्तीन मुद्दे पर पाकिस्तान की जनता एकमत है। प्रधानमंत्री का यह कदम देश की ऐतिहासिक स्थिति से विश्वासघात है।” लेखिका फातिमा भुट्टो ने कहा कि पाकिस्तान का इजरायल से सामान्य संबंध स्थापित करना नैतिक और धार्मिक कर्तव्य से पलायन है। उन्होंने लिखा, “पाकिस्तानी जनता कभी दो-राष्ट्र नीति के सरेंडर को स्वीकार नहीं करेगी। केवल एक फिलिस्तीन है और वह इजरायल के कब्जे में है।” पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं की नाराजगी पत्रकार तलत हुसैन ने योजना की आलोचना करते हुए कहा, “कोई फिलिस्तीनी राष्ट्र नहीं, गाजा में फिलिस्तीनी अथॉरिटी नहीं, हमास का सफाया- और नेतन्याहू हत्याओं के बाद शांति-दूत बन जाएंगे। यह सब ताजा खून की धरती पर ट्रंप का रियल एस्टेट सौदा है।” पत्रकार जर्रार खुहरो ने इसे “इजरायल को पाक-साफ करने और फिलिस्तीनियों के गुस्से को भटकाने की चाल” बताया। वहीं कार्यकर्ता अम्मार अली जान ने शहबाज शरीफ़ के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जनसंहार कर रहे जायोनी देश से शांति की बात करना शर्मनाक है। पाकिस्तान की जनता कभी इसे माफ नहीं करेगी।” सीनियर नेता जावेद हाशमी ने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना का रुख स्पष्ट था कि इजरायल “एक नाजायज देश” है। जमात-ए-इस्लामी प्रमुख हाफिज नईमुर रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री के बयान को पूरी तरह खारिज करती है। उन्होंने लिखा, “66,000 शहीद फिलिस्तीनियों की लाशों पर खड़ी किसी भी तथाकथित शांति योजना की तारीफ करना दरअसल गुनहगारों के साथ खड़ा होना है।” पूर्व वित्त मंत्री असद उमर ने भी प्रधानमंत्री की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि “जब इजरायल का इतिहास हर समझौते को तोड़ने का रहा है, तो उसे चरणबद्ध वापसी का भरोसा क्यों? गाजा में 20 लाख की आबादी के लिए केवल 600 ट्रक राहत क्यों?” पाक सरकार की सफाई पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ईशाक डार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित गाजा शांति योजना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह योजना पाकिस्तान द्वारा सुझाए गए सभी बदलावों को शामिल नहीं करती है। डार ने एक टीवी चैनल पर कहा कि वाशिंगटन द्वारा तैयार अंतिम मसौदा पाकिस्तान के 24 घंटे के भीतर सौंपे गए संशोधनों को नजरअंदाज करता है। डार ने कहा, "ट्रंप की टीम ने कुछ बिंदु साझा किए थे, और हमने 24 घंटे के भीतर अपने संशोधन सौंपने का वादा किया। लेकिन वाशिंगटन द्वारा तैयार दस्तावेज में हमारे सभी सुझावों को शामिल नहीं किया गया।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की नीति फिलिस्तीन मुद्दे पर स्पष्ट और अपरिवर्तित बनी हुई है। उप प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना के तहत फिलिस्तीन में एक स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों की सरकार स्थापित की जाएगी, जिसकी निगरानी मुख्य रूप से फिलिस्तीनियों से बनी एक पर्यवेक्षी संस्था करेगी। उन्होंने गाजा में युद्ध विराम और पूर्ण शांति लाने के प्रयासों के बारे में बात की, जिसमें पिछले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के साथ आठ मुस्लिम देशों के नेताओं की तैयारी बैठक भी शामिल थी।

दिनदहाड़े कुख्यात अपराधी सुरेश यादव की हत्या, पुलिस जांच में जुटी

गोपालगंज गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के कुकुरभुक्का गांव निवासी कुख्यात अपराधी सुरेश यादव को पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित संध्या बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात से स्थानीय अपराध जगत में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक सुरेश यादव बिहार पुलिस के लिए लंबे समय से एक बड़ा सिरदर्द बने हुए थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुरेश यादव पर ट्रिपल मर्डर, एक मुखिया हत्याकांड समेत दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। इन मामलों में वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसे तलाश रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरेश यादव अपनी पहचान छिपाकर हावड़ा में रह रहे थे। मंगलवार रात वह हावड़ा के संध्या बाजार इलाके में थे, तभी अज्ञात अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और गोलियों से छलनी कर दिया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। गोपालगंज पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सुरेश यादव की हत्या पुरानी रंजिश या आपसी गैंगवार का नतीजा हो सकती है। चूंकि अपराधी बिहार का था और उसकी हत्या पश्चिम बंगाल में हुई, इसलिए गोपालगंज पुलिस ने हावड़ा पुलिस से संपर्क साधा है और मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि सुरेश यादव इतनी दूर हावड़ा में क्या कर रहे थे और वहां किन अपराधियों के साथ उनका संबंध था। साथ ही उनके आपराधिक नेटवर्क के बंगाल तक फैले होने की संभावना पर भी जांच जारी है।

कटरा यात्रा अब और आसान! ‘वंदे भारत ट्रेन’ आज से शुरू

जालंधर  दशहरा, दीपावली व त्यौहारी सीजन के चलते यात्रियों की भीड़ ट्रेनों की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते रेलवे द्वारा रद्द चल रही विभिन्न ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा रहा है। इसी क्रम में अमृतसर से वैष्णों देवी कटड़ा जाने वाली वंदे भारत 26405 का परिचालन 1 अक्तूबर से शुरू किया जा रहा है। उक्त ट्रेन शाम 5.31 पर सिटी स्टेशन से आगे कटरा के लिए रवाना होगी। अंतिम अपडेट के मुताबिक उक्त ट्रेन में 100 से अधिक सीटें उपलब्ध थी, जिसके चलते यात्री अपनी बुकिंग करवा सकते हैं। ट्रेनों की देरी के बात की जाए तो अमृतसर से दिल्ली जाने वाली शान-ए-पंजाब 12498 अपने निर्धारित समय से करीब 20 मिनट की देरी के साथ साढ़े 4 बजे के बाद पहुंची। वहीं, दिल्ली से आने वाली वंदे भारत एक्सप्रैस 22487 करीब 13 मिनट लेट रही। वहीं, अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि नियमित ट्रेनों में भी सीटें उपलब्ध हैं और यात्री अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं। इसके लिए विभाग की वैबसाइट यां काऊंटर पर जाकर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वहीं, उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के ट्रेनों को रद्द किया जा सकता है, यात्री पूरी जानकारी लेकर ही यात्रा को निकलें। 

कैथल NIILM यूनिवर्सिटी डिफॉल्टर: UGC का बड़ा फैसला, जानें अब क्या होगा

नई दिल्ली विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.जी.सी.) ने यू.जी.सी. अधिनियम, 1956 की धारा 13 के तहत अनिवार्य जानकारी जमा न करने और अपनी वैबसाइट पर सार्वजनिक जानकारी न देने के कारण कम से कम 54 राज्य स्तरीय निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर (चूककर्त्ता) घोषित किया है, जिसमें NIILM विश्वविद्यालय भी शामिल है। ई-मेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से भेजे गए कई स्मरणपत्रों (रिमाइंडर्स) का हवाला देते हुए यू.जी.सी. ने कहा कि विश्वविद्यालयों को निरीक्षण के लिए विस्तृत जानकारी, रजिस्ट्रार द्वारा विधिवत सत्यापित सहायक दस्तावेजों के साथ जमा करने का निर्देश दिया गया है। यू.जी.सी. सचिव मनीष जोशी ने कहा, "उन्हें भरे हुए प्रारूप और परिशिष्टों को होम पेज पर एक लिंक देकर अपनी वैबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है ताकि जानकारी छात्रों और आम जनता के लिए सुलभ हो सके। इसके बाद ई-मेल और ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से कई स्मरणपत्र भेजे गए।" सार्वजनिक जानकारी देने से संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थानों को हितधारकों को जानकारी प्रदान करने के लिए एक वैबसाइट रखनी होगी, जो चालू हो।

ट्रांसजेंडर बाथरूम नीति पर बोर्ड मीटिंग में हंगामा, महिला ने कपड़े उतारकर जताई आपत्ति

कैलिफोर्निया अमेरिका के स्कूल में बीते दिनों चल रही एक बोर्ड मीटिंग में एक महिला की वजह से हड़कंप मच गया। दरअसल महिला मीटिंग में बीच अचानक एक-एक कर अपने कपड़े उतारने लगी और सिर्फ बिकनी पहनकर अपना भाषण देने लगी। मामला कैलिफोर्निया का है। न्यू यॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक महिला की पहचान बेथ बॉर्न के रूप में हुई है, जो पहले भी इस तरह के विवाद खड़े कर चुकी है। दरअसल महिला जिले की उस नीति का विरोध कर रही थी, जिसके मुताबिक ट्रांसजेंडर छात्रों को उनकी पसंद के लॉकर रूम और वॉशरूम का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी गई है। महिला मॉम्स फॉर लिबर्टी नाम की एक संस्था की अध्यक्ष है। यह वाकया बीते 18 सितंबर को हुआ जब वह डेविस जॉइंट यूनिफाइड स्कूल डिस्ट्रिक्ट बोर्ड की मीटिंग में भाग लेने पहुंची थी। कपड़े उतारने हुए महिला कहने लगी, “मैं डेविस यूनिफाइड स्कूल डिस्ट्रिक्ट की एक अभिभावक हूं, और मैं आज यहां जूनियर हाई स्कूलों के लॉकर रूम के लिए आपकी नीतियों पर बात करने आई हूँ। एमर्सन, होम्स, हार्पर जूनियर हाई। अभी, हम अपने छात्रों को फिजिकल एजुकेशन की क्लासेस के लिए कपड़े उतारने के लिए कहते हैं। इसलिए मैं आपको बस यह बताने जा रही हूं कि जब मैं कपड़े उतारती हूं तो उन्हें कैसा लगता है।” महिला ने कहा है कि वह अपने कपड़े उतारकर यह दिखाना चाहती थीं कि मौजूदा नियमों के तहत लड़कियां कितनी असुरक्षित महसूस कर सकती हैं। जैसे ही उसने अपने कपड़े उतारने शुरू किए, बैठक में अफरा-तफरी मच गई और बोर्ड के सदस्यों ने बैठक स्थगित कर दी।

कफ सिरप की आपूर्ति राजस्थान में स्थगित, दोबारा होगी गुणवत्ता जांच

जयपुर खांसी की सिरप Dextromethorphan HBr Syrup से बच्चों की तबियत बिगड़ने के मामले में राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी सामने आए हैं। मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा में भी खांसी की सिरप को पीने से 6 बच्चों की मौत हो गई है। राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर ने इस दवा के साथ अब सभी तरह की कफ सिरप की सप्लाई  पर तत्काल रोक लगा दी है। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पाेरेशन के निदेशक जय सिंह का कहना है कि राजस्थान में फिलहाल सभी तरह की कफ सिरप की फिर से क्वालिटी चैकिंग (QC) करवाई जा रही है। तब तक के लिए इनकी सप्ताई को रोक दिया गया है।  गौरतलब है कि खांसी की यह दवा, कम्पनी द्वारा इस वर्ष के क्रयादेश के तहत जून, 2025 से आपूर्ति की जा रही है। इस सिरप को अब तक 1 लाख 64 हजार से अधिक मरीजों को दिया जा चुका है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि  28 सितम्बर से पहले उसे इस सिरप को लेकर एक भी शिकायत नहीं  मिली थी। लेकिन जानकारी के अनुसार सितंबर के दूसरे सप्ताह में बांसवाड़ा में करीब 7 बच्चे इस सिरप को लेकर गंभीर रूप से बीमार हुए जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती भी होना पड़ा। आरएमएससीएल के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रवीण गुप्ता ने बताया कि बांसवाड़ा जिले को इस दवा के 50 हजार डोज मिले थे। इनमें से 13 हजार चिकित्सा केंद्रों को वितरित किए गए थे और शेष 37 हजार डोज वेयरहाउस में सुरक्षित रखे गए हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अब दवा का वितरण और उपयोग रोक दिया गया है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि जिले में जिस बैच की शिकायत मिली है, वह आपूर्ति यहां नहीं हुई थी, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे रोक दिया गया है। राजस्थान में  Dextromethorphan HBr Syrup की खरीद जून 2025 से हो रही है।  28 सितम्बर को दवा के संबंध में शिकायत होने के बाद सम्पूर्ण प्रकरण की जांच के लिए विभाग ने तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है। इस कमेटी में आरएमएससीएल के कार्यकारी निदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण), कार्यकारी निदेशक (लॉजिस्टिक) एवं मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के नोडल अधिकारी को शामिल किया गया है। यह कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट आने पर प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। केंद्र की गाइडलाइन थी, यह दवा 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं   स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भारत सरकार ने इस दवा के संबंध में 2 साल पहले एक गाइडलाइन जारी की थी कि यह दवा 4 साल से छोटे बच्चों के लिए नहीं है। प्रदेश में इस दवा से तबियत बिगड़ने के जितने भी मामले सामने आए हैं वे सभी बच्चे 4 साल से कम उम्र के हैं। आरएमएससीएल प्रबंधन ने बताया कि 28 सितम्बर, 2025 को औषधि Dextromethorphan HBr Syrup IP 13.5mg/5ml [440] के बैच नम्बर KL-25/147 की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भरतपुर व  29 सितम्बर,2025 को जिला सीकर से उक्त औषधि के बैच संख्या KL-25/148 के संबंध में आरएमएससीएल को शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि सिरप का मरीजों द्वारा उपयोग करने पर उल्टी, नींद, घबराहट, चक्कर, बेचैनी, बेहोशी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। अन्य कम्पनी द्वारा आपूर्ति की जा रही दवा के वितरण पर भी रोक आरएमएससीएल  ने  शिकायती बैच के साथ ही प्रभावी कदम उठाते हुए उक्त औषधि के संबंधित सप्लायर द्वारा क्रयादेश के तहत सप्लाई किये गए सभी बैचों पर तत्काल प्रभाव से उपयोग पर रोक लगा दी है। साथ ही, एहतियात के तौर पर अन्य कम्पनी द्वारा आपूर्ति की जा रही खाँसी की इस दवा का वितरण भी आगामी आदेशों तक रोक दिया गया है तथा इसकी भी पुनः गुणवत्ता जाँच करवाई जा रही है। पुन: गुणवत्ता जाँच रिपोर्ट आने पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।

राजस्थान: ऊंट निर्यात प्रतिबंध हटाया गया, 2014 में हुआ था लागू

जयपुर राजस्थान का राज्य पशु और रेगिस्तान का जहाज कहलाने वाले ऊंट के निर्यात पर भजनलाल सरकार ने प्रतिबंध हटा लिया है। लगभग 11 साल पहले तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने ऊंट को राज्य पशु घोषित करते हुए इसके वध को निशेध करने व अन्य राज्यों में इसकी खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए  विधानसभा में "राजस्थान ऊंट (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रजनन या प्रवासन का विनियमन) अधिनियम, 2015" पारित करवा करवाया था। अब मौजूदा सरकार ने ऊंटों की घटती आबादी को आधार बनाकर  अन्य राज्यों में अस्थायी प्रजनन या प्रवासन की अनुमति देने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला ऊंटों की गिरती संख्या और पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सशर्त निर्यात और प्रवासन की अनुमति से जहां ऊंटपालकों को राहत मिलेगी, वहीं उनके संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। पशुपालन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ऊंटों को राज्य से बाहर ले जाने के लिए अब कुछ जरूरी प्रक्रियाओं और शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। अधिसूचना के अनुसार:     पूर्व अनुमति आवश्यक:     राज्य से ऊंटों को बाहर ले जाने के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी।     स्वास्थ्य परीक्षण जरूरी:     पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा ऊंट का स्वास्थ्य परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। बिना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के ऊंट का परिवहन अवैध माना जाएगा।     अस्थायी प्रजनन व कृषि उपयोग हेतु अनुमति:     यदि ऊंट को अस्थायी प्रजनन या कृषि उद्देश्यों के लिए ले जाया जा रहा है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा और वापसी की तिथि भी निर्धारित करनी होगी।     निर्धारित समय में वापसी अनिवार्य:     यदि ऊंट अस्थायी रूप से राज्य से बाहर ले जाया गया है, तो उसे निर्धारित समयावधि में वापस लाना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर अनुमति स्वतः निरस्त हो जाएगी।     कृषि और शैक्षणिक प्रयोग के लिए विशेष अनुमति:     अधिनियम की धारा 15 के उपबंध (7) के तहत कृषि और शैक्षणिक प्रयोगों हेतु ऊंटों को ले जाने के लिए विशेष अनुमति दी जा सकेगी।     सही दस्तावेज और विवरण आवश्यक:     ऊंट का प्रयोग कहां, किस उद्देश्य से और कितने समय के लिए किया जा रहा है, इसका पूरा विवरण अनुमति पत्र में देना होगा।     नियम उल्लंघन पर सजा, 25 हजार तक जुर्माना     राज्य सरकार ने कहा – नियमों के उल्लंघन पर राजस्थान ऊंट (वध निषेध और अस्वीकृत प्रवास या नियमन) अधिनियम–2015 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें ऊंट को मारने पर 7 साल तक की सजा है। अवैध परिवहन, तस्करी पर 6 माह से 3 साल तक की सजा और 3 हजार से 25 हजार तक जुर्माना देना होगा।

त्योहारी सीजन में सोने की चमक बढ़ी, 1 अक्टूबर को गोल्ड रेट में कोई गिरावट नहीं

नई दिल्ली सोने में गिरावट का इंतजार कर रहे ग्राहकों के लिए आज भी राहत की खबर नहीं आई है। फेस्टिव सीजन में सोना नया रिकॉर्ड बना रहे है और यह आम लोगों के पहुंच से दूर होता जा रहै हे। अक्टूबर माह की शुरुआत में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। MCX पर सोना 1,17,500 रुपए प्रति 10 ग्राम जबकि चांदी की कीमत 1,43,640 रुपए प्रति किग्रा के आसपास है।  दिल्ली में सोना, चांदी के भाव नए शिखर पर राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, सोना 500 रुपए चढ़कर रिकॉर्ड 1.20 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोने का भाव सोमवार को 1,500 रुपए की तेजी के साथ 1,19,500 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा था।  स्थानीय सर्राफा बाजार में 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और यह 500 रुपए की तेजी के साथ 1,19,400 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले बाजार सत्र में इसकी कीमत 1,18,900 रुपए प्रति 10 ग्राम रही थी। इसके अलावा मंगलवार को चांदी की कीमत 500 रुपए बढ़कर 1,50,500 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के नए शिखर पर पहुंच गई। सोमवार को यह 7,000 रुपए चढ़कर रिकॉर्ड 1,50,000 रुपए प्रति किलोग्राम रही थी।    

योगी सरकार की सख्ती से किसानों का पंजीकरण तेज़ी से हो रहा पूरा

योगी सरकार का किसानों के पंजीकरण पर जोर, सभी जनपदों में 50% कार्य पूर्ण योगी सरकार की सख्ती से किसानों का पंजीकरण तेज़ी से हो रहा पूरा हर गांव में अनिवार्य रूप से लगेगा एक पंजीकरण शिविर, रामपुर, बिजनौर और हरदोई जिलों ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योगी सरकार किसानों के पंजीकरण कार्य पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेशभर में किसानों का पंजीकरण तेजी से कराया जा रहा है। अब तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में 50 प्रतिशत तक फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो चुका है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जिन्होंने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया होगा। ऐसे में योगी सरकार जल्द से जल्द प्रदेश भर के किसानों के रजिस्ट्रेशन प जोर दे रही है।  हर जिले में शिविर लगाने के निर्देश योगी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि पीएम किसान पोर्टल पर प्रत्येक किसान का विवरण अपडेट कराया जाए। इसके लिए 16 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रतिदिन शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक गांव में कम से कम एक शिविर आयोजित करना अनिवार्य होगा। यहां पर किसानों को मौके पर पंजीकरण और विवरण अपडेट करने की सुविधा दी जाएगी। कई जिलों ने 55% से अधिक पंजीकरण कार्य पूरा किया प्रदेश में अब तक 50% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें कई जिले उल्लेखनीय प्रगति कर चुके है। रामपुर – 61.37% बिजनौर – 58.92% हरदोई – 58.31% श्रावस्ती – 58.01% पीलीभीत – 57.58% अंबेडकरनगर – 57.46% मुरादाबाद – 57.17% बरेली – 56.80% गाजियाबाद – 56.79% कौशाम्बी – 56.09% किसानों से की गई अपील योगी सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपना पंजीकरण कराएं ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से वंचित न होना पड़े।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई

महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश के महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।