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मप्र के बालाघाट में नक्सली मुठभेड़, कलकत्ता के जंगलों में सुरक्षाबलों की कार्रवाई

 बालाघाट  लांजी के युवक को पुलिस की मुखबिरी के शक में अगवा कर मौत के घाट उतारने वाले माओवादियों से 17 दिन बाद फिर पुलिस का आमना-सामना हुआ है। शुक्रवार देर रात किरनापुर थाना क्षेत्र के कलकत्ता के घने जंगल में मुठभेड़ की घटना सामने आई है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बैहर) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि बीती रात मलाजखंड दलम के माओवादी ने सर्चिंग कर रहे सुरक्षा जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। एक्सचेंज आफ फायर में 8-10 माओवादियों के शामिल होने की संभावना है। बता दें कि इस घटना के बाद पुलिस ने सर्चिंग तेज कर दी है। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवान कलकत्ता सहित आसपास के जंगल में सघन सर्चिंग अभियान चला रहे हैं। माओवादियों और सुरक्षा जवानों के बीच कितने राउंड फायर हुए, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। गौरतलब है कि 17 सितंबर की देर रात मलाजखंड दलम के माओवादियों ने लांजी के चौरिया निवासी देवेंद्र यादव को अगवा कर लिया था। मौके पर कुछ पर्चे भी छोड़े थे, जिसमें देवेंद्र को पुलिस का मुखबिर बताकर उसे मौत की सजा देने की बात लिखी थी। अगले दिन ग्रामीणों ने देवेंद्र का शव देखा था। इसी दिन माओवादियों ने परसवाड़ा के चीनी कुकड़ा मार्ग पर बैनर और पोस्टर टांगकर विशेष सहयोगी दस्ता भर्ती का विरोध जताया था। साथ में देवेंद्र को अगवा कर मौत की सजा देने की बात का उल्लेख किया था। पुलिस ने सर्चिंग और तेज कर दी माओवादी इन दिनों अपने संगठन की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। हर साल 21 सितंबर से 20 अक्टूबर तक माओवादी इस वर्षगांठ पर जगह-जगह बैनर-पोस्टर टांगकर सरकार और पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों को बरगलाते हैं। मिशन 2026 को देखते हुए पुलिस ने भी सर्चिंग को और तेज कर दिया है।

वामपंथी समाजवादी दलों ने गांधी प्रतिमा पर दिया धरना, सराफा थाने पर किया प्रदर्शन

इंदौर शहर का सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए वामपंथी समाजवादी दलों ने गांधी प्रतिमा पर दिया धरना, सराफा थाने पर किया प्रदर्शन इंदौर भाजपा और उससे जुड़े सांप्रदायिक संगठनों द्वारा शहर की फिजा को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है इसी कड़ी में एकलव्य सिंह गोड ने शीतला माता बाजार से मुस्लिम कर्मचारियों को निकाले जाने का फतवा जारी कर शहर के माहौल को बिगाड़ा है। इसको लेकर वामपंथी समाजवादी दल लगातार अभियान चला रहे हैं। गत दिनों इन दलों ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन देकर एकलव्य गोड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग के बाद गांधी जयंती पर इन दलों और अन्य संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गांधीपतिमा पर धरना दिया तथा सभा की।  उसके बाद कार्यकर्ता सराफा थाने पहुंचे और वहां पर करीब 1 घंटे तक प्रदर्शन कर एवं नारेबाजी के बाद में थाना प्रभारी और क्षेत्रीय सीएसपी को एकलव्य गोड के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व अरुण चौहान, रामस्वरूप मंत्री, रुद्रपाल यादव ,राहुल निहुरे, राजेंद्र यादव आदि ने किया।धरना प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,सीपीएम  व श्रम संगठनों और अन्य जन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लया। विरोध  सभा को सोहनलाल शिंदे ,रुद्रपाल यादव,  अरुण चौहान,  रामस्वरूप मंत्री,राजेंद्र यादव,  कैलाश लिंबोदिया, सीएल सरावत,   हरिओम सूर्यवंशी , विनीत तिवारी, राहुल निहोरे , अजीत केतकर, वास्कल एंथोनी, सफी शेख, परेश टोकेकर ,प्रमोद नामदेव, संदीप शर्मा  कविता सोलंकी ने संबोधित किया ।   सभा का संचालन  अरुण चौहान ने किया । इस मौके पर श्रम संगठन व जनसंगठन, सामाजिक संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए । जिनमे अभय नीमा, भारतीय सामाजिक न्याय संगठन से सलीम शेख, हर्ष मरमट, रमेश झाला, पूनम खंडेलवाल, हरि मरमट, प्रकाश पाठक व अन्य प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे। तत्पश्चात सभी कार्यकर्ता जत्था बनाकर पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री  की प्रतिमा स्थल पर गए और उनके न्याय प्रिय व उनके द्वारा दिए गए जय जवान जय किसान के नारे को बुलंद कर उन्हें याद किया गया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता सराफा पुलिस थाना पहुंचे और प्रदर्शन किया ।पुलिस थाना प्रभारी आर के लिटोरिया से मिलकर उनके क्षेत्र शीतला माता बाजार वर्ग विशेष के लोगों को कार्य से बंद करने भाजपा नेता एकलव्य सिंह गोड के बयान को शहर के माहौल को खराब करने का बताया और उन पर एफआईआर दर्ज किए जाने कि मांग की।   औकार्यक्रम में मुख्य रूप से भागीरथ कछवाय,यूसुफ खान, काशीराम नायक ,फादर पायस, और अन्य अनेक साथियों ने हिस्सा लिया।

भारत शांति चाहता है’– पीएम मोदी ने गाजा पर ट्रंप के शांति प्रस्ताव को दिया समर्थन

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप के पीस प्लान की घोषणा के बाद गाजा में शांति प्रयासों पर बड़ी प्रगति के संकेत मिल रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप की पहल की सराहना करते हुए कहा कि बंधकों की रिहाई के संकेत एक महत्वपूर्ण कदम है. पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा, 'हम राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं क्योंकि गाजा में शांति प्रयास निर्णायक प्रगति की ओर बढ़ रहे हैं.' सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, 'बंधकों की रिहाई के संकेत एक बड़ा कदम हैं. भारत टिकाऊ और न्यायपूर्ण शांति के सभी प्रयासों का मजबूती से समर्थन करता रहेगा.' कई अन्य वैश्विक नेता भी ट्रंप की इस पहल की सराहना कर रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया ने भी किया समर्थन ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी ट्रंप की योजना का समर्थन किया है. उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रपति ट्रंप की योजना में हुई प्रगति का स्वागत करता है. हमास को तुरंत हथियार डालकर शेष सभी बंधकों को रिहा करना चाहिए. ऑस्ट्रेलिया अपने साझेदारों के साथ युद्ध खत्म करने और न्यायपूर्ण व टिकाऊ समाधान की दिशा में प्रयासों का समर्थन जारी रखेगा.' ट्रंप का 'पीस प्लान' शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि 'हमास स्थायी शांति के लिए तैयार है.' उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से इजरायल से गाजा पर हमले तुरंत रोकने का आह्वान किया. हमास ने योजना के कुछ हिस्सों का स्वागत किया है, लेकिन कुछ प्रावधानों पर असहमति जताते हुए अतिरिक्त बातचीत की मांग रखी.  संगठन ने कहा है कि वह सभी 48 शेष बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है. योजना के मुताबिक, स्थायी युद्धविराम लागू होने के 72 घंटे के भीतर बंधकों की रिहाई होगी. इसके बदले में 2,000 से अधिक फिलिस्तीनी सुरक्षा बंदियों और मारे गए गाजावासियों के शवों को सौंपा जाएगा, साथ ही इजरायल गाजा से पहले चरण में वापसी करेगा. इजरायल ने क्या कहा? इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने भी इस योजना पर प्रतिक्रिया दी है. शनिवार देर रात जारी एक बयान में कहा गया, 'इजरायल ट्रंप की योजना के पहले चरण के तत्काल कार्यान्वयन के लिए तैयार है, जिसके तहत सभी बंधकों की रिहाई शामिल है.'

ट्रंप प्रशासन का H-1B नियम कोर्ट में घसीटा गया, वीजा फीस को लेकर उठे सवाल

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी वीजा फीस को 100,000 डॉलर करने के फैसले को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है. शुक्रवार को यूनियनों, नियोक्ताओं और धार्मिक संगठनों के एक गठबंधन ने सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में याचिका दाखिल कर इस आदेश को रोकने की मांग की. यह मुकदमा ट्रंप के उस ऐलान को पहली बार अदालत में चुनौती देता है जिसे उन्होंने दो हफ्ते पहले जारी किया था. इसमें कहा गया था कि अमेरिका में आने वाले नए एच-1बी वीजा धारकों को तभी प्रवेश मिलेगा जब उनके नियोक्ता अतिरिक्त 100,000 डॉलर का शुल्क जमा करें. हालांकि यह आदेश उन लोगों पर लागू नहीं होगा जिनके पास पहले से वीजा है या जिन्होंने 21 सितंबर से पहले आवेदन कर दिया था. याचिकाकर्ताओं में यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन, अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स, एक नर्स भर्ती एजेंसी और कई धार्मिक संगठन शामिल हैं. उन्होंने दलील दी कि ट्रंप को कानून द्वारा बनाए गए वीजा कार्यक्रम में इस तरह से बदलाव करने या नए शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है. अमेरिकी संविधान के मुताबिक कर या शुल्क लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है. वीजा फीस बढ़ाने पर क्या है ट्रंप प्रशासन का पक्ष ट्रंप प्रशासन ने इस कदम को सही ठहराते हुए कहा कि यह "सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी वेतन स्तर को गिरने से बचाने" के लिए जरूरी है. व्हाइट हाउस प्रवक्ता एबिगेल जैक्सन ने कहा कि यह कदम उन कंपनियों को भी आश्वासन देता है जिन्हें वास्तव में विदेशी प्रतिभा की जरूरत है. वर्तमान में नियोक्ता एच-1बी प्रायोजन के लिए कंपनी के आकार और अन्य कारकों के आधार पर लगभग 2,000 डॉलर से 5,000 डॉलर तक का शुल्क देते हैं. ट्रंप का आदेश इस लागत को कई गुना बढ़ा देगा. एच-1बी वीजा का बड़ा लाभार्थी भारत एच-1बी कार्यक्रम के तहत हर साल 65,000 वीजा और उन्नत डिग्री धारकों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा उपलब्ध कराए जाते हैं. 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, भारत सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है और उसे कुल मंजूर वीजा का लगभग 71% मिला, जबकि चीन का हिस्सा करीब 11.7% था. याचिका में कहा गया है कि नया आदेश "पे टू प्ले" (Pay to Play) व्यवस्था बनाता है, जिसमें केवल वही कंपनियां विदेशी विशेषज्ञों को नियुक्त कर पाएंगी जो भारी शुल्क अदा कर सकेंगी. इससे न केवल इनोवेशन पर असर पड़ेगा बल्कि चयनात्मक प्रवर्तन और भ्रष्टाचार की संभावना भी बढ़ जाएगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश – राम परिक्रमा पथ और राम राजा लोक बने भव्य और अद्वितीय

राम पथ गमन, परिक्रमा पथ और राम राजा लोक का निर्माण भव्यता के साथ करें पूरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के दृष्टिगत हों निर्माण कार्य मुख्यमंत्री ने की राम पथ गमन और ओरछा में  रामराजा लोक निर्माण की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद पर्यटकों और श्रद्धालुओं का सारा फोकस चित्रकूट पर है। राम पथ गमन और राम राजा लोक के निर्माण कार्य भव्यता के साथ किये जाएं। साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता में रखें। सभी विभाग आपसी समन्वय और तालमेल के साथ प्रभावी कार्यवाही करें। समयबद्ध योजना के अनुसार आवंटित राशि का समुचित उपयोग करें और प्रबंधन कर सभी निर्माणाधीन कार्य समय-सीमा में पूरे करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम पथ गमन निर्माण से पहले परिक्रमा पथ तैयार किया जाए, इससे देश-विदेश के पर्यटकों के बीच चित्रकूट का व्यापक प्रचार होगा। उन्होंने कहा कि चित्रकूट के घाटों पर पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव होना चाहिए और हमारे सभी प्रयास इसी दिशा में आगे बढ़ने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में राम पथ गमन कार्य योजना की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट में धार्मिक के साथ मेडिकल पर्यटन की भी सभी संभावनाएं विकसित करने के लिए ठोस कार्यवाही की जाए। चित्रकूट में उच्च कोटि का हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाया जाए। इससे चित्रकूट आने वाले पर्यटकों को सामान्य सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने निवाड़ी जिले के ओरछा में भगवान  रामराजा लोक निर्माण की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव  शिवशेखर शुक्ल, प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क  दीपक सक्सेना, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट के समग्र विकास के लिए सेवा के कामों से जुड़ी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। बड़ी कम्पनियों के सीएसआर फंड से भी चित्रकूट में सेवा गतिविधियां विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में परिक्रमा पथ जल्द से जल्द तैयार किया जाए। यहां सोमवती अमावस्या पर उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की भारी तादाद के चलते भीड़ प्रबंधन की माइक्रो प्लानिंग की जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास को निर्देश दिए कि चित्रकूट नगर परिषद हैं, इसलिए वहां नगरीय विकास से जुड़े सभी काम प्राथमिकता से किए जाएं। चित्रकूट नगर का सौन्दर्यीकरण इस तरह से हो कि वह और भी अधिक सुंदर, नियोजित और व्यवस्थित हो जाए। अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन  शुक्ल ने बताया कि चित्रकूट में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत 27.21 करोड़ रूपए, कामदगिरि परिक्रमा पथ के‍ विकास के लिए 36.84 करोड़ रूपए और स्मारक यज्ञ देवी सहित अन्य विकास कार्यों के लिए 72 लाख रूपए के निर्माण कार्य वर्तमान में संचालित हैं। इसी प्रकार ओरछा में राम राजा लोक निर्माण दोनों चरण सहित 7 विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं पर कुल 239.87 करोड़ रूपए से अधिक की लागत के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा मंत्रि-परिषद के निर्णय के अनुरूप राम पथ गमन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राम पथ गमन न्यास का गठन किया गया है। इस न्यास में 33 सदस्य हैं, जिसमें 28 पदेन न्यासी एवं 5 अशासकीय न्यासी सदस्य की नियुक्ति 3 वर्ष के लिए की गई है। ये अशासकीय सदस्य राम के जीवनकाल संबंधी शोध से जुड़े विद्वत सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि इस न्यास में 5 विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जाएगी। अपर मुख्य सचिव संस्कृति ने बताया कि चित्रकूट में घाटों के विस्तार एवं जीर्णोद्धार तथा सौन्दर्यीकरण के लिए आसपास की निजी भूमि सहित अन्य आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा चित्रकूट के समग्र विकास के लिए तैयार प्रस्ताव पर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। पर्यटन स्थल विकास के लिए मझगवां में वन विभाग से भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही सहित अमरकंटक में निजी और शासकीय भूमियों के चिन्हांकन की कार्यवाही भी शीघ्र पूर्ण की जाएगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में राम पथ गमन क्षेत्र अंतर्गत आरंभिक रूप से मध्यप्रदेश में 9 जिलों के अंतर्गत 23 स्थान चिन्हित किये गये हैं। कार्ययोजना में इन चिन्हित 23 स्थलों की विकास कार्य योजना प्रारूप, कॉन्सेप्ट मास्टर प्लान, वास्तुविद डिजाइन, ड्रॉइंग्स इत्यादि के निर्धारण हेतु म.प्र. पर्यटन विकास निगम द्वारा निविदा प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि कामदगिरि परिक्रमा मार्ग विकास कार्ययोजना के अंतर्गत 36.84 करोड़ के कार्य और बृहस्पति कुंड, जिला पन्ना में 7.96 करोड़ की लागत से विकास कार्य एवं कैंटिलीवर ग्लास ब्रिज का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। शरभंग आश्रम, सतना में 92.78 लाख की लागत से संरक्षण एवं विकास कार्य पूर्ण हो चुके हैं और अगस्त्य मुनि आश्रम, जिला पन्ना में 3.95 करोड़ की लागत से विकास कार्य भी पूरे हो चुके हैं। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि नगर परिषद चित्रकूट एवं म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा पिछले 10 वर्षों में 25.46 करोड़ रूपये के विकास कार्य पूर्ण कराए गए है। नगर परिषद चित्रकूट में 80.33 करोड़ के विकास कार्य प्रगतिरत हैं एवं 34.21 करोड़ के विकास कार्य अभी प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा 'राम पथ गमन' स्थल की प्लान कनेक्टिविटी के मुताबिक लोक निर्माण विभाग एवं आरआरडीए द्वारा सड़कों का निर्माण और उन्नयन सुनिश्चित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन  शुक्ला ने बताया कि अमरकंटक में भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत चल रहे कार्य पूर्ण किये जा रहे हैं। इन पूर्ण कार्यों को स्थानीय निकाय/ट्रस्ट समिति द्वारा संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अमरकंटक में 50 करोड़ रुपये की लागत के कार्य पूरे हो चुके हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण  सुखवीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में लोक निर्माण विभाग द्वारा 34.30 कि.मी. सड़कों के निर्माण पर 117.79 करोड़ के प्रस्ताव है। इनमें से  राम पथ गमन के 7.5 कि.मी. मार्गों की प्रशासकीय स्वीकृति लेकर निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 14 कि.मी. लंबाई के मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति … Read more

गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों में ही छिपा है मानवता और समानता का मार्ग : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों पर चलकर बनाएंगे विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री  साय गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों में ही छिपा है मानवता और समानता का मार्ग : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  साय भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में हुए शामिल: 162 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के 16 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन मुख्यमंत्री ने की मेला स्थल पर डोम निर्माण एवं तेलासी-भंडारपुरी मार्ग में स्ट्रीट लाइट लगवाने की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  रायपुर जिले के आरंग तहसील अंतर्गत भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।  इस अवसर पर उन्होंने 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिनमें नवीन सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री  साय ने मेला स्थल पर डोम निर्माण, तेलासी-भंडारपुरी मार्ग में स्ट्रीट लाइट लगवाने तथा कुटेसर प्राथमिक विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि समाज से पाँच युवा पायलट बनना चाहें तो उनका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और उन्हें पायलट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सर्वप्रथम गुरु गद्दी का दर्शन कर प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों पर चलकर हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उनके आदर्शों में मानवता और समानता की सीख निहित है। गुरु बाबा ने समाज को एकजुट होने का संदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप सतनामी समाज आज प्रगति और सौहार्द की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष भी मुझे मुख्यमंत्री के रूप में इस मेले में शामिल होने का अवसर मिला। लेकिन इस वर्ष और पिछले वर्ष में बड़ा अंतर आया है। पिछले वर्ष जब मैं यहां आया था तब आपके समाज के गुरु  खुशवंत साहेब विधायक थे, अब वे मंत्री बने हैं। उन्हें अनुसूचित जाति और जनजाति के विकास तथा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। आपके समाज के गौरव से हमें अपार उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र का विकास तेजी से हो रहा है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता से जो भी वादे किए थे, उन्हें हम ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में पूरा कर रहे हैं। अब तक नौ हजार से अधिक सरकारी भर्तियाँ पूरी हो चुकी हैं और हाल ही में शिक्षा विभाग में पाँच हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि शासन के प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में अनुसूचित जाति समाज के विकास हेतु प्राधिकरण का गठन किया गया था। वर्तमान सरकार ने उसके बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ कर दिया है। धर्मगुरु गुरु  बालदास साहेब ने कहा कि यह मेला सामाजिक सौहार्द और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने समाज के गुरु खुशवंत साहेब को कैबिनेट मंत्री बनाने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया और कहा कि सतनामी समाज ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश आज विकास की राह पर अग्रसर है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कुतुब मीनार से भी ऊँचा जैतखाम छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में है। यह किसी व्यक्ति की उपलब्धि नहीं बल्कि गुरु बाबा घासीदास की प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गरीबों के उत्थान और प्रदेश को आगे बढ़ाने का जो संकल्प लिया है, वह साकार हो रहा है। किसानों, महिलाओं, युवाओं और मजदूरों के हित में योजनाएँ बन रही हैं। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि आज 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ है, जो आरंग विधानसभा के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की गोद में अनेक संत-महात्मा और तपस्वी जन्मे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे’ का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश की सड़कों के विकास के लिए 700 से अधिक टेंडर जारी किए गए हैं और बरसात के बाद प्रदेश की सड़कें नए स्वरूप में नजर आएँगी। मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह मेला गुरु घासीदास बाबा के पुत्र गुरु  बालकदास साहेब के गद्दीनशीन होने की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होता है। यह सतनाम धर्म के आदर्शों का प्रतीक है। आज ही के दिन गुरु  बालकदास जी ने राजगद्दी स्वीकार कर भंडारपुरी की पावन भूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया था। इस अवसर पर राजागुरु, धर्मगुरु गुरु  बालदास साहेब, बाबा गुरु  ढालदास साहेब, गुरु  मकसूदन साहेब, गुरु  सोमेश बाबा, गुरु  सौरभ साहेब, सांसद  कमलेश जांगड़े, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष  केदार गुप्ता, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, विधायक  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, मती मोना सेन,  अमित चिमनानी,  श्याम नारंग,  नवीन मार्कण्डेय सहित समाज के संतजन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

1912 सेवा का विस्तार: अब एक साथ 5 कॉल्स की सुविधा, 18 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान

भोपाल  मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के केंद्रीयकृत कॉल सेंटर1912 का विस्‍तार किया गया है। अब एक समय में पांच उपभोक्‍ताओं के कॉल अटेंड किए जा सकेंगे ताकि उपभोक्‍ताओं को लंबी वेटिंग नहीं मिलेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्षितिज सिंघल ने बताया कि विद्युत अधोसंचारना का उचित रखरखाव कर उपभोक्ताओं को अनवरत एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय करने के उद्देश्य से यह विस्‍तार किया गया है। कंपनी में आनेवाली हर शिकायत का बारीकी से निरीक्षण कर उसका तत्‍काल निराकरण किया जाता है। आई. व्ही.आर., व्हाट्स एप चेट वॉट, उपाय एप के साथ ही कंपनी पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2024-25 यानि अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 18 लाख 13 हजार 526 शिकायतों को सफलता पूर्वक दर्ज कर उनका निराकरण किया गया। यह संख्‍या विगत वर्ष से 2 लाख 99 हजार 918 अधिक है। केंद्रीयकृत कॉल सेंटर द्वारा प्रतिदिन 500 उपभोक्ताओं का फीडबेक लेते हुए उक्त अवधि में 1 लाख 93 हजार 756 उपभोक्ताओं से फीडबेक लिया गया, जिसका संतुष्टि प्रतिशत 99.80 प्रतिशत रहा। गौरतलब है कि कंपनी द्वारा उच्च दाब उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिये 1912 कॉल सेंटर एवं उपाय एप के माध्यम से दर्ज की जा रही है। उपभोक्ताओं से बेहतर संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से एक संयोजन पर अधिकतम 5 मोबाइल नंबर पंजीकृत करने की सुविधा भी शुरू की गई है। शिकायतें दर्ज करने के लिये कंपनी द्वारा अपनी 24×7 और 1912 कॉल सेंटर सेवाओं का जिला मुख्यालयों से अतिरिक्त विस्तार करते हुए गत वित्त वर्ष में 12 निम्न दाब एवं 4 उच्च दाब एफ.ओ.सी. का गठन किया गया। साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में भी 6 निम्न दाब एवं 3 उच्च दाब नवीन एफ.ओ.सी. का गठन किया गया है। कंपनी द्वारा वर्षा काल में उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिये स्थायी एफ.ओ.सी. के अतिरिक्त 31 अस्थाई एफ.ओ.सी. टीमों का गठन कर विभिन्न वृतों में संचालन किया जा रहा है। कंपनी के केंद्रीयकृत कॉल सेंटर द्वारा गत वित्तीय वर्ष में उपभोक्ताओं से प्राप्त 1 करोड़ 3 लाख 98 हजार 28 कॉल्स मे से 1 करोड़ 2 लाख 79 हजार 989 कॉल्स को सफलता पूर्वक सुना गया, जो गत वित्तीय वर्ष 22 लाख 33 हजार 998 अधिक है।  

देशभर में पर्यावरण अपराध: राजस्थान की स्थिति चिंताजनक

जयपुर राजस्थान में पर्यावरण की स्थिति चिंताजनक है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान ने वर्ष 2023 में पर्यावरण से जुड़े अपराधों के मामलों में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान बनाया है। राज्य में कुल 7,794 पर्यावरण अपराध दर्ज किए गए, जो तमिलनाडु (41,304), केरल (8,786) और महाराष्ट्र (4,854) के बाद चौथे स्थान पर है। इसमें सबसे ज्यादा मामले ध्वनि प्रदूषण को लेकर दर्ज हैं। ध्वनि प्रदूषण संबंधित अपराधों में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। हालांकि संख्या में पिछले साल की तुलना में थोड़ी गिरावट है (2022 में 9,529 मामले), फिर भी राजस्थान का अपराध दर (प्रति लाख जनसंख्या पर) 9.6 है, जो तमिलनाडु (53.7) और केरल (24.5) के बाद तीसरा स्थान रखता है। ध्वनि प्रदूषण बना मुख्य अपराध कानून मामले वन और वन संरक्षण अधिनियम  में 232 मामले दर्ज , वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 में  181 मामले, वायु और जल प्रदूषण अधिनियम के तहत  1,535 प्रकरण दर्ज तथा  ध्वनि प्रदूषण अधिनियम में सर्वाधिक 5,846 (देश में दूसरा स्थान) मामले दर्ज किए गए हैं। 5,846 मामलों के साथ ध्वनि प्रदूषण राजस्थान में पर्यावरण अपराधों का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है — केवल तमिलनाडु (41,241 मामले) ही इससे आगे है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में ध्वनि प्रदूषण के अधिक मामले राज्य के शहरी विस्तार, भारी वाहन यातायात और बार-बार होने वाले धार्मिक/सामाजिक आयोजनों का परिणाम हैं, जहां ध्वनि संबंधित नियमों का अक्सर उल्लंघन किया जाता है।  पिछले तीन वर्षों में दर्ज पर्यावरण अपराध:     2021: 9,387     2022: 9,529     2023: 7,794 पर्यावरण संबंधित अपराधों के मामले में 2021 के मुकाबले 2023 में भले ही दर्ज मामलों की संख्या घटी हो, लेकिन राजस्थान की हिस्सेदारी देश के कुल 68,994 मामलों में 11% से ज़्यादा है। अच्छी बात यह है कि राज्य का चार्जशीट दाखिल करने का प्रतिशत 99.7% रहा है — यानी कार्यवाही में तेजी है, पर अपराध रोकना अब भी बड़ी चुनौती।

मुरैना में सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना ऐतिहासिक, ₹2.70 प्रति यूनिट की रिकॉर्ड दर: मंत्री शुक्ला

मुरैना  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने मीडिया से चर्चा में शुक्रवार को कहा है कि सोलर प्लस स्टोरेज मुरैना परियोजना ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मुरैना में अपनी पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना विकसित कर रहा है, जिसमें रु 2.70 प्रति यूनिट का ऐतिहासिक टैरिफ प्राप्त हुआ है। यह भारत में पहली बार है कि किसी फर्म और डिसपेचेबल रिएन्युबल एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रु 3 प्रति यूनिट से कम टैरिफ हासिल किया गया है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुरैना प्रोजेक्ट में प्राप्त सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्धता जताई है। इस बात पर संतोष जताया गया कि परियोजना में प्राप्त न्यूनतम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकती है। मंत्री  शुक्ला ने कहा कि सोलर स्टोरेज प्रोजेक्ट मुरैना की विशेषता है कि इसके द्वारा सामान्य सौर घंटों एवं पीक घंटों के दौरान समान स्तर की विद्युत आपूर्ति की जाएगी। देश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना है, जिसमें 95 प्रतिशत पीक आपूर्ति की सुनिश्चित वार्षिक उपलब्धता है। साथ ही टैरिफ भी न्यूनतम 2.70 प्रति यूनिट है। अब तक सबसे कम टैरिफ रु 3.09 प्राप्त हुआ था, जो शाम को 2 पीक ऑवर्स में अनुबंधित सौर क्षमता के केवल 50 प्रतिशत की आपूर्ति एवं 85 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के लिये था। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि विगत 19 सितंबर, 2025 को हुई ई-रिवर्स नीलामी में प्राप्त दर आगामी 25 वर्षों के लिए निर्धारित हुई है। यह ₹ 2.70 प्रति kWh के ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई है। यह पूरे भारत में FDRE निविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है। निविदा में 16 बोलीदाताओं के साथ वैश्विक भागीदारी देखी गई, जिसमें बोली क्षमता की खरीद की जाने वाली बोली क्षमता का लगभग 10 गुना था। नीलामी में एक्मे सोलर होल्डिंग्स, अदानी रिन्यूएबल, एम्पिन एनर्जी, अप्रावा एनर्जी, सीगल इंडिया लिमिटेड, दिलीप बिल्डकॉन, एंजी एनर्जी, गोल्डी सोलर, एमबी पॉवर, एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी, पावर मेक, पूर्वा ग्रीन, रिन्यू सोलर, सेरेंटिका रिन्यूएबल्स, शिवालय कंस्ट्रक्शन्स और वारी फॉरएवर एनर्जीज सहित प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल रही। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि मुरैना परियोजना भारत की एनर्जी ट्रांजिशन में एक नया मोड़ है; उम्मीद है कि इस तरह के उत्साहजनक परिणाम देश को कोयला आधारित बिजली की तुलना में नवकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा भंडारण का चयन करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जिससे देश के स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य को बल मिले। उन्होंने कहा कि क्लीन एनर्जी की दिशा में बढ़ने के लिए यह बड़ा कदम है। अब दिन के समय सोलर से पैदा होने वाली बिजली से प्रोजेक्ट के साथ स्थापित की गई विशाल बैटरी को चार्ज किया जाएगा। सूर्यास्त के बाद शाम को इसी बैटरी से बिजली की सप्लाई हो जाएगी। डिस्चार्ज बैटरी को मध्यरात्रि बाद सबसे कम दरों में मिलने वाली सस्ती ग्रिड पॉवर (थर्मल, जल या पवन) से फिर चार्ज किया जाएगा। सुबह के समय फिर बैटरी से सप्लाई दी जाएगी। मंत्री  शुक्ला ने बताया कि जिस तरह घरों में बिजली जाने के बाद इनवर्टर काम आते हैं बैटरी बैकअप रहता है ठीक उसी तरह अब सोलर के बड़े प्रोजेक्ट काम करेंगे। मुरैना पार्क में दो सोलर प्लस बैटरी भंडारण इकाइयां शामिल मंत्री  शुक्ला ने बताया कि मुरैना पार्क में दो सोलर प्लस बैटरी भंडारण इकाइयां शामिल है। प्रत्येक इकाई से तीनों अवधियों में 220 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होगी : (i) real time solar (220 मेगावाट तक), (ii) शाम के पीक ऑवर्स के दौरान 2 घंटे (बैटरी चार्ज करने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा) और (iii) सुबह के पीक ऑवर्स के दौरान 2 घंटे (बैटरी चार्ज करने के लिए रात्रि के समय सस्ती ग्रिड पॉवर का उपयोग किया जाएगा)। इस पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (रमसल) द्वारा क्रियान्वित किया गया है। रमसल पहले भी प्रतिष्ठित नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। सफल निविदादाता Ceigall India Limited और Acme Solar Holdings Limited हैं, जिनके टैरिफ यूनिट 1 और यूनिट 2 के लिए क्रमशः रु 2.70 और रु 2.764 प्रति यूनिट हैं। इस नीलामी में प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेचेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। रमसल द्वारा परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। इंटरनेशनल फायनेंस कॉर्पोरेशन द्वारा ट्रांजेक्शन एडवाइजर के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर प्रमाणित किया है कि बैंकेबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्त पोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। मंत्री  राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।  

कमिश्नर-कलेक्टर कांफ्रेंस के लिए तैयारियां पूर्ण, दिशानिर्देश किए गए जारी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 7 एवं 8 अक्टूबर 2025 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भोपाल में होने वाली कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस संबंधी दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। विषय संयोजक को प्रस्तुति के लिए अधिकतम 20 मिनट मिलेंगे और प्रत्येक क्षेत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताएं बतायी जायेंगी। राज्य सरकार के विजन के अनुरूप केन्द्र और राज्य सरकार की क्षेत्रीय प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ 5 और कमजोर 5 जिलों की समीक्षा की जायेगी। कांन्फ्रेंस में कलेक्टरों के सुझावों पर ध्यान केन्द्रित कर आने वाली विशिष्ट समस्याएं और मुद्दे तथा जिला स्तर पर उस क्षेत्र के साथ अन्य किसी क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए नवाचार पर चर्चा की जायेगी। मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय और योजना विभाग चुनिंदा कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और नवाचार तथा जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सार्वजनिक संवाद (जन संवाद) वीसी के माध्यम से इच्छित परिणाम प्राप्ति पर चर्चा होगी। जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, लोगों के लिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक आसान पहुंच और पहलों के बारे में जागरूकता पर चर्चा होगी। सभी 8 सेक्टरों के लिए 75 मिनट का सत्र समय रखा गया है। कांफ्रेंस का उदघाटन सत्र 7 अक्टूबर की सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा परिचय, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव  अनुराग जैन के संबोधन से होगा। सत्र में संयोजक कृषि उत्पादन आयुक्त, सदस्य कृषि/बागवानी/पशु चिकित्सा/सहकारी द्वारा कलेक्टर्स के बीच कृषि एवं संबद्ध विषयों पर चर्चा की जायेगी। दूसरे सत्र में प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य सदस्य सचिव डब्ल्यूपीसी, निदेशक एनएचएम कलेक्टर्स के बीच स्वास्थ्य एवं पोषण पर चर्चा केन्द्रित होगी। तीसरे सत्र में प्रमुख सचिव उद्योग, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, वित्त विभाग द्वारा कलेक्टर्स के बीच रोजगार, उद्योग और निवेश चर्चा पर रहेगा। चौथे सत्र में संयोजक अपर मुख्य सचिव-शहरी द्वारा शहरी विषयों पर चर्चा होगी और पांचवे सत्र के दौरान संयोजक अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन, अपर मुख्य सचिव वित्त/ प्रमुख सचिव राजस्व/विधि द्वारा सुशासन पर चर्चा होगी। कॉन्फ्रेंस में 8 अक्टूबर की गतिविधियों के अंतर्गत सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक मुख्य सचिव अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, आयुक्त जनसंपर्क द्वारा अपेक्षाओं के साथ विविध चर्चाएँ की जायेंगी। कॉन्फ्रेंस के छठवें सत्र में संयोजक प्रमुख सचिव-स्कूल शिक्षा, प्रमुख सचिव जनजाति कार्य चर्चा करेंगे। सातवें सत्र में प्रमुख सचिव पीएचई/प्रमुख सचिव जनजाति कलेक्टर्स के बीच रिसर्च और विकास एवं जनजातीय गतिविधियों पर चर्चा करेंगे। आठवें सत्र में नियम और कानून पर चर्चा होगी।