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UPI ID अब होगी बिल्कुल आपकी स्टाइल में! जानें Paytm पर कैसे करें सेट

नई दिल्ली ​​Paytm ने हाल ही में अपने यूजर्स के लिए एक नया फीचर सुविधा पेश की है। यह फीचर उन्हें अपनी पसंद की UPI ID बनाने की सुविधा देता है। इसका मतलब है कि अब यूजर्स अपनी पसंद की यूपीआई आईडी बना पाएंगे, जो उन्हें आसानी से याद भी रहेगी। पेटीएम के बाद अब गूगल पे और फोन पे भी यह सुविधा लाने पर काम कर रहा है। इस सुविधा का उद्देश्य प्राइवेसी को और भी मजबूत करना है। इससे वे लेनदेन करते समय अपना फोन नंबर या ईमेल ID छिपा सकते हैं। अगर आप भी अपने पसंद की यूपीआई आईडी बनाना चाहते हैं को नीचे बताए गए स्टेप्स को फॉलो करके ऐसा कर सकते हैं। गूगल पे में भी मिल रही सुविधा? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Google Pay भी Paytm की तरह अपने यूजर्स को यूपीआई आईडी बदलने की सुविधा दे रहा है। हालांकि, अभी तक मुझे अपने ऐप में ऐसा कोई ऑप्शन नहीं मिल रही है। यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करता है यह फीचर इस महीने की शुरुआत में इस सुविधा को शुरू करते समय Paytm ने बताया था कि कस्टम ID का उपयोग करने से यूजर्स की प्राइवेसी बनी रहेगी।यह एक अनोखी डिजिटल पहचान भी बनाती है। Paytm ने इसे सुरक्षित बताते हुए कहा कि इससे उत्पीड़न और पीछा करने जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है। यह सुविधा डिजिटल लेनदेन को और भी सुरक्षित बनाती है। इन बैंक्स के साथ मिलता है सपोर्ट शुरुआत में यह सुविधा केवल Yes Bank और Axis Bank के साथ काम कर रही थी। लेकिन, अब HDFC Bank और SBI के जरिए भी ID बदली जा सकती है। नहीं दिखेगा आपको फोन नंबर और ईमेल आईडी अगर कोई Paytm यूजर अपनी ID बदलता है तो उसका फोन नंबर या ईमेल ID बदल जाता है। इसकी जगह कस्टम अल्फान्यूमेरिक टेक्स्ट आता है। इसके बाद "@pt(बैंक का नाम)" लिखा होता है। यह नई ID यूजर्स की पहचान को गोपनीय रखती है। कैसे बनाएं कस्टम यूपीआई आईडी?     Paytm से कस्टम यूपीआई आईडी बनाने के लिए आपको सबसे पहले अपने फोन में पेटीएम ऐप खोलनी होगी।     उसके बाद लेफ्ट साइड में आ रहे प्रोफाइल आइकन पर टैप करना होगा।     इसेक बाद UPI and Payment Setting में जाएं और फिर “Try Personalised UPI ID” के ऑप्शन पर क्लिक कर दें।     अब एक शीट खुलकर आएगी। आप यहां पर अपनी पसंद की आईडी डाल सकते हैं या फिर लिस्ट में आ रही कोई भी आईडी सिलेक्ट कर सकते हैं।     फिर Confirm पर क्लिक कर दें। इस तरह आसानी से आईडी बदल जाएगी।     उम्मीद है कि जल्द ही यह ऑप्शन फोनपे और गूगल पे में भी मिलने लगेगा।

धनतेरस 2025: सोना-चांदी के अलावा कौन-कौन सी चीज़ें लाती हैं खुशहाली?

दिवाली के महापर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है. इस दिन खरीदारी का विशेष महत्व है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. यही कारण है कि इस दिन बर्तन और धातु की चीजें खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. आमतौर पर लोग इस दिन सोना और चांदी खरीदना शुभ मानते हैं, लेकिन अगर आप सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं, तो घबराएं नहीं. ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ अन्य वस्तुएं भी हैं, जिन्हें धनतेरस के दिन खरीदना बहुत मंगलकारी होता है और यह आपके घर में सुख-समृद्धि लाती हैं. साल 2025 में कब है धनतेरस? द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 18 अक्टूबर, शनिवार को दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर होगी और इसका समापन 19 अक्टूबर, रविवार को दोपहर 1 बजकर 51 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म में उदयातिथि को विशेष महत्व दिया जाता है, इसलिए,धनतेरस का पर्व शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. सोना-चांदी के अलावा, धनतेरस पर ये चीज़ें खरीदना भी है शुभ! धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण परंपरा है. यह दिन भगवान धन्वंतरि के अमृत कलश के साथ प्रकट होने का प्रतीक है, इसलिए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. पीतल: पीतल को भगवान धन्वंतरि की धातु माना जाता है. मान्यता है कि पीतल के बर्तन खरीदने से घर में आरोग्य, सौभाग्य और 13 गुना धन लाभ होता है. तांबा या कांसा: इन धातुओं के बर्तन खरीदना भी शुभ फलदायी होता है. झाड़ू धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि नया झाड़ू घर से दरिद्रता को दूर करता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. इस झाड़ू को घर लाकर उसका उपयोग करने से पहले उसकी पूजा अवश्य करें. धनिया के बीज धनतेरस पर धनिया खरीदना और उसे मां लक्ष्मी को अर्पित करना शुभ माना जाता है. धनिया को धन का प्रतीक भी कहा जाता है. पूजा के बाद इन बीजों को अपनी तिजोरी या धन के स्थान पर रखने से बरकत आती है. लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति दिवाली की पूजा के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की नई मूर्ति धनतेरस के दिन खरीदना बेहद शुभ होता है. इन मूर्तियों को धनतेरस पर घर लाकर दिवाली के दिन विधि-विधान से पूजा करने पर धन-वैभव की प्राप्ति होती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं. श्री यंत्र और कुबेर यंत्र अगर आप सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं तो इस दिन श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. इन यंत्रों को घर या दुकान की तिजोरी में स्थापित करने से धन की देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की कृपा बनी रहती है. गोमती चक्र गोमती चक्र को बहुत पवित्र और चमत्कारी माना जाता है. धनतेरस के दिन 11 गोमती चक्र खरीदकर उन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से धन की कमी दूर होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. कौड़ी पीली कौड़ी को मां लक्ष्मी से जुड़ा माना जाता है. धनतेरस के दिन कौड़ी खरीदकर लाएं और उन्हें हल्दी में रंग कर (अगर पहले से रंगी हुई न हो तो) दिवाली की रात पूजा करने के बाद अपनी तिजोरी में रखें. इससे घर में धन का प्रवाह बना रहता है. खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान     काले रंग की वस्तुएं: धनतेरस के दिन काले रंग की कोई भी वस्तु या वस्त्र खरीदने से बचें. इसे अशुभ माना जाता है.     लोहा: इस दिन लोहे से बनी नुकीली चीजें, जैसे कैंची या चाकू, खरीदने से बचना चाहिए.  

भारतीय महिला टीम की जोरदार जीत, पाकिस्तान को फिर चटाई धूल – मैच के बाद बना तनावपूर्ण माहौल

कोलंबो  आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के मैच नंबर-6 में रविवार (5 अक्टूबर) को भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ. कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में भारत ने 88 रनों से शानदार जीत हासिल की. मुकाबले में पाकिस्तान को जीत के लिए 248 रनों का टारगेट मिला था, जिसका वो पीछा नहीं कर पाई. पाकिस्तानी टीम 43 ओवरों में 159 रनों पर सिमट गई. भारत की ओर से तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने तीन विकेट झटके और वो 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुनी गईं. दीप्ति शर्मा ने भी तीन और स्नेह राणा ने दो विकेट हासिल किए. पाकिस्तान पर भारतीय टीम ने वूमेन्स वनडे में लगातार 12वीं जीत हासिल की है. उसने अब तक एक भी वनडे मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ गंवाया नहीं है. मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत की ये लगातार दूसरी जीत रही और वो अंकतालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है. भारतीय टीम ने अपने अभियान का शानदार आगाज करते हुए पहले मुकाबले में श्रीलंका को डीएलएस नियम के तहत 59 रनों से पराजित किया था. भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 9 अक्टूबर को साउथ अफ्रीका का सामना करेगी. टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने 6 रनों के स्कोर पर मुनीबा अली का विकेट गंवा दिया  मुनीबा 2 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुईं. फिर उसने सदफ शमास (6 रन) और आलिया रियाज (2 रन) का विकेट भी सस्ते में खो दिया. 26 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद सिदरा अमीन और नतालिया परवेज ने चौथे विकेट के लिए 69 रन जोड़े. क्रांति गौड़ ने नतालिया को आउट करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. कप्तान फातिमा सना (2 रन) कुछ खास नहीं कर पाईं और उन्हें दीप्ति शर्मा ने अपनी फिरकी में फंसाया. पाकिस्तान के लिए सिदरा अमीन ने खेली अच्छी पारी पांच विकेट गिरने के बाद सिदरा अमीन और सिदरा नवाज ने मिलकर छठे विकेट के लिए 41 रन जोड़े. जरूरी रनरेट बढ़ता जा रहा था, इसी चलते पाकिस्तानी टीम बैक टू बैक ओवरों में सिदरा नवाज (14 रन) और रमीन शमीम (0 रन) के विकेट खो दिए. पाकिस्तान को फिर सिदरा अमीन के रूप में आठवां झटका लगा, जो शानदार बैटिंग कर रही थीं. सिदरा ने 106 गेंदों पर 81 रन बनाए, जिसमें 9 चौके के अलावा एक सिक्स शामिल रहा. यह वूमेन्स ओडीआई में भारत के खिलाफ किसी पाकिस्तानी बैटर का बेस्ट स्कोर रहा. सिदरा अमीन के आउट होने के बाद भारतीय टीम के लिए जीत औपचारिकता रह गई. भारतीय महिला टीम ने PAK प्लेयर्स से नहीं मिलाया हाथ स मुकाबले में नो हैंडशेक पॉलिसी देखने को मिली. टॉस के समय भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया. फिर मैच के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी प्लेयर्स संग हैंडशेक नहीं किया. इससे पहले एशिया कप 2025 में भारतीय मेन्स टीम ने ऐसा किया था. तब भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों ही मैचों में पाकिस्तान प्लेयर्स संग हैंडशेक नहीं किया था. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि बोर्ड की ओर से खिलाड़ियों को पाकिस्तान टीम से हाथ मिलाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा था, 'पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं हुआ है. खिलाड़ियों को हैंडशेक करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है. हमारा फोकस सिर्फ खेल पर है.' मोहसिन नकवी के हाथों नहीं ली एशिया कप ट्रॉफी यह मुद्दा सबसे पहले मेन्स एशिया कप के दौरान उभरा था, जब भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आए थे. उस समय भारतीय टीम ने मैच से पहले और उसके बाद हैंडशेक से परहेज किया थाा. पाकिस्तानी टीम के कोच माइक हेसन ने दावा किया था कि भारतीय टीम ने सुरक्षा और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसा किया. तनाव उस समय और बढ़ गया जब भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि पाकिस्तान के साथ खेल संबंध सिर्फ आईसीसी या न्यूट्रल वेन्यू पर होने वाले टूर्नामेंट्स तक सीमित रहेंगे. दोनों देशों के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी. महिला वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान की टीम कोलंबो में ही ठहरी हुई है, जबकि भारत के मुकाबले गुवाहाटी और कोलंबो में हो रहे हैं. भारत ने अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका को 59 रनों से हराकर शानदार शुरुआत की थी.

तीन साल बाद रांची में क्रिकेट का जलवा, भारत और साउथ अफ्रीका आमने-सामने

रांची झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम रांची में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशी का मौका है। अक्टूबर 2022 के बाद यह पहला मैच है जो रांची के मैदान पर खेला जा रहा है। उस समय भी भारत ने दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से हराया था। अब इसी इतिहास को दोहराने के लिए दोनों टीमें तैयार हैं। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के एक अधिकारी ने बताया कि इसके बाद जनवरी 2026 में भारत दौरे पर आने वाली न्यूजीलैंड टीम के लिए भी रांची को एक अंतरराष्ट्रीय मैच मिलने की संभावना है। ज्ञातव्य है कि झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन मैदान में अब तक कुल 6 वनडे मैच हो चुके हैं, जिनमें भारत ने 3 मैच जीते, 2 मैच हारे और 1 मैच रद्द रहा। इसके अलावा यहां 3 टेस्ट मैच और 4 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी हो चुके हैं। महिला क्रिकेट में भी यह मैदान खास रहा है, जहां 3 वनडे और 3 टी20 मैच खेलाए गए हैं। साउथ अफ्रीका के इस भारत दौरे में टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों के मैच होंगे। वनडे सीरीज में पहला मैच 30 नवंबर को रांची में होगा, दूसरा 3 दिसंबर को रायपुर में और तीसरा 6 दिसंबर को विशाखापट्टनम में।  

महिला कर्मचारियों को खास तोहफा: हरियाणा सरकार देगी ढाई गुना ज्यादा छुट्टियां

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को पुरुषों की तुलना में अधिक आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) देने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने नए निर्देश जारी कर दिए हैं, जो हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2016 में किए गए संशोधन के तहत लागू किए गए हैं। संशोधित नियमों के अनुसार, अब हर वर्ष नियमित महिला कर्मचारियों को 25 दिन, जबकि पुरुष कर्मचारियों को केवल 10 दिन आकस्मिक अवकाश मिलेगा। यह बदलाव 30 जून 2025 से पहले नियुक्त होने वाले सभी नियमित कर्मचारियों पर लागू होगा। नियुक्ति तिथि के अनुसार अवकाश की व्यवस्था     30 जून से पहले नियुक्त महिलाएं – 25 दिन     30 जून से पहले नियुक्त पुरुष – 10 दिन     1 जुलाई से 30 सितंबर के बीच नियुक्त महिलाएं – 12 दिन     पुरुष कर्मचारी – 5 दिन     1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच नियुक्त महिलाएं – 6 दिन     पुरुष कर्मचारी – 2 दिन     1 दिसंबर के बाद नियुक्त महिलाएं – 3 दिन     पुरुष कर्मचारी – 1 दिन पुरुष कर्मचारियों को सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त लाभ हालांकि महिला कर्मचारियों को पूरे साल 25 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे, लेकिन पुरुष कर्मचारियों को सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त अवकाश का प्रावधान किया गया है:-     10 साल की सेवा पर – 10 दिन     10 से 20 साल की सेवा पर – 15 दिन     20 साल से अधिक सेवा पर – 20 दिन यह अतिरिक्त लाभ उसी वर्ष से प्रभावी होगा, जिस वर्ष कर्मचारी अपनी सेवा की निर्धारित अवधि पूरी करता है। नियम तुरंत प्रभाव से लागू माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेज दिए हैं, ताकि स्कूलों में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। सरकार का मानना है कि यह कदम महिला कर्मचारियों को अधिक सहयोग और संतुलन प्रदान करेगा।  

स्वास्थ्य की नई निगरानी: AI चश्मा अब पलक झपकते ही देगा जानकारी

पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक खास डिवाइस बनाया है, जिसे 'ब्लिंकवाइज' कहते हैं। यह डिवाइस साधारण चश्मे पर लगने से ही काम करने लगता है और एआई की मदद से हेल्थ मॉनिटर करता है। छोटे-छोटे गैजेट्स में शामिल होता एआई भविष्‍य में बहुत बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल होने की उम्‍मीद है। बदलाव की इस बयार में पीछे ना रहें। इस क्षेत्र के बारे में और जानने के लिए NBT Upskill AI से करियर ग्रोथ वर्कशॉप में रजिस्टर करें। 'ब्लिंकवाइज' पलक झपकने के तरीके को देखकर हेल्थ की जानकारी देता है। यह तकनीक ड्राइविंग, ऑफिस वर्क और रोजमर्रा की जिंदगी में थकान, मानसिक दबाव और आंखों की समस्याओं का पता लगाने में मदद कर सकती है। जैसे ही चश्‍मा पहना व्‍यक्‍त‍ि अपनी पलक झपकाएगा, यह बता देगा कि उसकी हेल्थ कैसी है। उसे कोई थकान या मेंटल प्रेशर तो नहीं। ऐसे लेता है हेल्थ अपडेट हम दिन में हजारों बार पलक झपकते हैं। हर पलक झपकना हमारे शरीर और दिमाग की स्थिति के बारे में बताता है। यह थकान, फोकस की कमी या आंखों के सूखेपन जैसी समस्याओं का संकेत देता है। इसे ब्लिंक डायनामिक्स कहते हैं। इसमें पलक झपकने की अवधि, पूरी तरह बंद होना या आधा बंद होना और पलक खुलने-बंद होने का समय की जानकारी होती है। इसे एक छोटे से उदाहरण से समझें- अगर पलकें लंबे समय तक बंद रहती हैं तो यह नींद या थकान का संकेत हो सकता है, जो सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है। जबकि बार-बार पलक झपकना आंखों के सूखेपन की बीमारी का लक्षण हो सकता है। हाई-स्पीड कैमरे से ज्यादा तेज पहले पलक झपकने की जानकारी लेने के लिए हाई-स्पीड कैमरे की जरूरत पड़ती थी, जो केवल लैब में इस्तेमाल हो सकते थे। लेकिन ब्लिंकवाइज को चश्मे पर आसानी से लगाया जा सकता है। यह रेडियो सिग्नल्स का इस्तेमाल करके पलक की छोटी-छोटी गतिविधियों को पकड़ता है। यह तकनीक कैमरे से ज्यादा तेज है, क्योंकि कैमरे हर सेकंड 30-60 फ्रेम ही रिकॉर्ड करते हैं, जबकि ब्लिंकवाइज ऐसा हजारों बार कर सकता है। नहीं चाहिए अलग से कोई डिवाइस यह डिवाइस सारी जानकारी को चश्मे पर ही प्रोसेस करता है। इसके लिए किस फोन या क्लाउड सर्वर की जरूरत नहीं होती है। यह एक छोटे से चिप पर काम करता है, जो डाक टिकट से भी छोटा है। यह हल्का है, जिसमें बैटरी लंबे समय तक चलती है। मुमकिन है कि भविष्य में यह तकनीक स्मार्ट चश्मा में उपयोग हो। इस AI डिवाइस में ऊर्जा की खपत भी ज्यादा नहीं है। इस तकनीक को आम लोगों के ल‍िए कब तक लाया जाएगा, अभी जानकारी नहीं है।

बड़ा खुलासा! 2025 में कब मनाई जाएगी दिवाली — भ्रम दूर हुआ!

नई दिल्ली देशभर में रोशनी और खुशियों का त्योहार दीपावली बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस बार दीपावली की तारीख को लेकर काफी भ्रम और कन्फ्यूजन देखने को मिल रहा है। अलग-अलग पंचांगों में दीपावली की तारीख अलग-अलग बताई जा रही है। कहीं इसे 20 अक्टूबर को तो कहीं 21 अक्टूबर को मनाने की बात कही जा रही है। इस कन्फ्यूजन के बीच काशी विद्वत परिषद ने इस मामले में साफ-साफ अपनी राय रख दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, काशी विद्वत परिषद के महामंत्री रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि साल 2025 में अमावस्या की तिथि 20 अक्टूबर से शुरू हो रही है। इसी दिन अमावस्या प्रदोषकाल पूरा होता है, जो लक्ष्मी पूजन के लिए जरूरी माना जाता है। वहीं 21 अक्टूबर को अमावस्या तीन प्रहर (लगभग आधी रात तक) तक बनी रहती है। उस दिन प्रतिपदा की तिथि भी शुरू हो जाती है, जिससे नए अन्न का पारण (भोजन) नहीं हो पाता है। शास्त्र के अनुसार दीपावली का महापर्व तभी पूरी तरह से माना जाता है जब यह अमावस्या तिथि और प्रदोषकाल के बीच मनाया जाए। इसलिए पूरे देश में इस बार दीपावली 20 अक्टूबर को ही मनाना सही रहेगा। कैसे हुआ फैसला? पंचांग में तारीखों को लेकर चल रहे मतभेदों को सुलझाने के लिए काशी विद्वत परिषद ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। यह बैठक ऑनलाइन हुई और परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में दीपावली की सही तिथि को लेकर गहन चर्चा हुई। विद्वानों ने शास्त्र, गणित और पंचांग के आधार पर अपने तर्क प्रस्तुत किए। अंत में दीपावली की तिथि को स्पष्ट करते हुए प्रेस रिलीज जारी की गई और पूरे देश को जानकारी दी गई। बैठक में शामिल हुए विद्वान इस महत्वपूर्ण बैठक में कई नामी विद्वान मौजूद रहे, जिनमें प्रोफेसर वशिष्ठ नाथ त्रिपाठी, प्रोफेसर विनय पांडेय, प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी, प्रोफेसर सदाशिव द्विवेदी, डॉ. सुभाष पांडेय, प्रोफेसर चंद्रमौली उपाध्याय, विद्वान राम किशोर त्रिपाठी और पंचांगकार अमित कुमार मिश्र शामिल थे। इन सभी ने मिलकर दीपावली की सही तिथि तय की।

मोबाइल छोड़ने में नाकाम बच्चा? AIIMS की ये रणनीति कर सकती है मदद

रायपुर मोबाइल एडिक्शन के कारण हिंसक और असंतुलित व्यवहार करने वाले बच्चे अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। एम्स के मनोरोग विभाग में 5 से 6 सेशन थैरेपी और दवा के साथ पैरेंट्स के सहयोग से बच्चों में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। इससे न केवल माता-पिता को राहत मिली है, बल्कि स्कूल में सहपाठियों और शिक्षकों के बीच भी माहौल सुधरा है। एम्स मनोरोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 100 मरीजों का इलाज किया जाता है। इनमें से 8 से 10 बच्चे मोबाइल एडिक्शन, एंजाइटी और ऑटिज्म से संबंधित होते हैं। मोबाइल एडिक्शन के दौरान बच्चे सहपाठियों से मारपीट, गाली-गलौज और अन्य हिंसक व्यवहार करने लगते थे। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है। परिवार के सपोर्टिव व्यवहार और समय पर निगरानी से बच्चे बेहतर तरीके से ठीक हो पाते हैं। परिवारिक सहयोग के बिना दवा केवल शांत रखती है, लेकिन व्यवहार में सुधार नहीं ला पाती। इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स ने कोरोनाकाल से पहले गाइडलाइन जारी की थी कि बच्चों की उम्र के अनुसार मोबाइल फोन उपयोग की सीमा तय करनी चाहिए। मनोरोग विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल बदलने के बाद भी बच्चों का व्यवहार बदल सकता है। प्राइमरी क्लास के बच्चों को सीमित समय के लिए मोबाइल दिया जाता है, जबकि मिडिल और हाई स्कूल में उनके पास अधिक स्वतंत्रता होती है। इस प्रकार, मोबाइल एडिक्शन से प्रभावित बच्चों का सही इलाज, थैरेपी और परिवारिक सहयोग से व्यवहार में सुधार हो रहा है और वे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।

चिकनगुनिया का कहर: डेंगू को पीछे छोड़ते हुए केस बढ़े, सावधान रहें!

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया के रोगी बढ़ रहे हैं। अब तक डेंगू के 104 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू से 4 गुना कम जांच होने के बावजूद चिकनगुनिया की पॉजिटिव दर डेंगू से दो प्रतिशत से अधिक रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अब तक कुल 7971 लोगों की डेंगू की जांच हुई। इनमें से 104 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। डेंगू पॉजिटिव दर 1.31 प्रतिशत है। इसी तरह अब तक 2006 लोगों की चिकनगुनिया की जांच की गई है, जिसमें से 70 लोगों चिकनगुनिया से पीड़ित पाए गए। चिकनगुनिया की पॉजिटिव दर 3.49 प्रतिशत रही है। विशेषज्ञों के अनुसार राजधानी में डेंगू से अधिक चिकनगुनिया तेजी से पैर पसार रहा है। लक्षण दिखे तो कराएं जांच डॉक्टरों के अनुसार, किसी को बुखार के साथ सर्दी लगे और मांसपेशियों और आंखों के पीछे दर्द हो तो 24 घंटे में डेंगू की जांच करा लेना चाहिए। जेपी अस्पताल, हमीदिया, बीएमएचआरसी और एम्स के साथ ही सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में मुफ्त जांच की सुविधा है। सितंबर में सर्वाधिक डेंगू के मामले स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सबसे अधिक डेंगू के मामले सितंबर में आए। जनवरी से अगस्त तक आठ महीने में कुल डेंगू के 68 मरीज आए थे। अकेले सितंबर माह में 36 से अधिक डेंगू के मरीज मिले हैं। वहीं, अगस्त माह तक भोपाल में डेंगू सेंसेटिव जोन की संख्या बहुत कम थी।   यहां हालात ज्यादा खराब टीटी नगर, बागसेवनियां, शाहजहांनाबाद और इब्राहिमपुरा में हालात अधिक खराब हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में डेंगू के मामले और बढ़ सकते हैं। ऐसे करें बचाव चिकनगुनिया एक तीव्र जोड़ों के दर्द का कारण बनता है जो हफ्तों या महीनों तक रह सकता है, इसलिए रोकथाम ही सबसे अच्छा उपाय है। आप मच्छरों के काटने से बचकर, अपने आस-पास सफाई रखकर, और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर अपना बचाव कर सकते हैं।

गुरुग्राम तक सफर हुआ आसान: चंडीगढ़ और पंचकूला से नया रूट, अब 6 घंटे में पहुँचें

नई दिल्ली हरियाणा रोडवेज की बसों से चंडीगढ़ और पंचकूला से गुरुग्राम जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें इन शहरों से आने-जाने में दिल्ली में लगने वाले ट्रैफिक जाम को नहीं झेलना पड़ेगा। लोग आठ से नौ घंटे में पहुंचने की बजाय केवल छह घंटे में गुरुग्राम पहुंच सकेंगे और गुरुग्राम से वापस चंडीगढ़ या पंचकूला आ सकेंगे। हरियाणा रोडवेज ने अपनी बसों को दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आइएसबीटी) से होकर चलाने की बजाय दिल्ली से सोनीपत को जोड़ने वाले अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से चलाने का निर्णय लिया है। इस रूट से बसों को दिल्ली को पार करने से डेढ़ से दो घंटे का अतिरिक्त समय नहीं लगेगा।   दिल्ली में जाम लगने की वजह से रोडवेज बस को राजधानी को पार करने में ही करीब दो घंटे लग जाते हैं। पीक आवर्स में तो दो से तीन घंटे भी लग जाते हैं। यूईआर-2 से जाने पर समय की बचत होगी और बसें सही गति से भी चल सकेंगी। हरियाणा रोडवेज ने इस रूट से चलाने के लिए नई बसें गुरुग्राम तथा पंचकूला और अन्य डिपो को दी हैं। नई बसों का ट्रायल के रूप में संचालन आरंभ भी कर दिया गया है।