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Vivo V60e जल्द भारत में, शानदार 200MP कैमरा और नए रंगों के साथ आएगा बाजार में

मुंबई  Vivo भारत में अपना नया स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रहा है, जिसका नाम Vivo V60e होगा. इस स्मार्टफोन को लेकर एक ऑफिशियल पोर्टल पर एक डेडिकेटेड पेज तैयार किया है. यहां न्यू कलर वेरिएंट, डिजाइन और कैमरा के बारे में डिटेल्स को शेयर किया है. इसमें 200MP का कैमरा और 50MP सेल्फी कैमरा मिलेगा.  Vivo V60e के कई फीचर्स को कंपनी ने ऑफिशियल पोर्टल पर कंफर्म कर दिया है. इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है. इसमें ऑरा लाइट दी है. फोटोग्राफी को बेहतर करने के लिए इसमें कैमरा मोड्स भी दिए हैं, जो खासतौर से इंडियन फेस्टिवल के लिए तैयार किए हैं.  Vivo V60e के दो कलर वेरिएंट  Vivo V60e को लेकर कंपनी ने बताया है कि यह ऑल न्यू कलर थीम में लॉन्च होगा. ये दो कलर वेरिएंट में होगा, जिसमें से एक नोबेल गोल्ड और दूसरा इलाइट पर्पल कलर होगा.  डुअल रियर कैमरा सेटअप  Vivo V60e में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया है, जिसमें 200MP का अल्ट्रा क्लियर मेन कैमरा दिया है. इसमें अल्ट्रा लार्ज सेंसर है. इसके साथ ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन 30X Zoom दिया है. सेकेंडरी कैमरा 8MP का है. इसके साथ ऑरा लाइट मिलती है. 50MP का फ्रंट कैमरा दिया है.  ऑफिशियल पोर्टल पर लिस्टेड डिटेल्स में कंपनी ने बताया है कि इसमें नेक्स्ट लेवल पोर्टेट मिलता है. कंपनी ने बताया है इसमें चार तरह के AI Portrait देखने को मिलते हैं. कंपनी का दावा है कि 200MP से क्लिक किए गए फोटो में अल्ट्रा HD क्लियरिटी देखने को मिलेगी.  मिलेगी बेहतर ड्यूरेबिलिटी  Vivo V60e में ड्यूरेबिलिटी का ध्यान रखा है, जिसमें IP68/IP69 रेटिंग गी दई है, जो इसको डस्ट और वॉटर रेसिस्टेंस बनाती है. कंपनी ने बताया है कि इसमें ड्रॉप प्रोटेक्शन भी है, जिसमें ये कई बार गिरने के बाद डैमेज नहीं होगा. 

मछुआ समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री

रायपुर : सामाजिक विकास का मूलमंत्र है शिक्षा, शिक्षा के बिना है जीवन अधूरा – मुख्यमंत्री  साय मछुआ समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन में हुए शामिल रायपुर शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री  साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है। उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु  रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री  मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है। इस अवसर पर विधायक  सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

राज्यपाल ने दी सलाह: हर जनजातीय परिवार तक पहुँचे कल्याण योजनाओं की रोशनी

जनजातीय कल्याण की योजनाओं का लाभ, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए: राज्यपाल  पटेल वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन चरित्र से लें युवा प्रेरणा राज्यपाल ने किया आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत संवाद भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में जनजातीय कल्याण का महा अभियान चल रहा है। पीएम जनमन योजना और धरबी आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजातीय सशक्तिकरण की अभूतपूर्व योजनाएं है। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि जनजातीय कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने आगें आए। राज्यपाल  पटेल रविवार को दमोह के सिंग्रामपुर में आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत आदि साथी और आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री  दुर्गादास ऊईके भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि सरकार के साथ जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी जनजातीय कल्याण के प्रयासों को जमीनी स्तर पर लागू करने में सक्रिय सहभागिता करें। आम जनों को शासकीय योजनाओं की जानकारी के साथ सिकल सेल, टी.बी. आदि रोगों के कारण, लक्षण और उपाय के प्रति भी जागरूक करें। उन्होंने पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत दी जा रही शासकीय सहायता और सुविधाओं की चर्चा की। शादी के पूर्व जेनेटिक कार्ड का मिलान अवश्य करें राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश की धरती से वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन का संकल्प लिया है। इस संकल्प को सफल बनाने सरकार के साथ आम नागरिकों का सहयोग भी अत्यंत आवश्यक है। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि सिकल सेल की जागरूकता में हर संभव सहयोग करें। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व जेनेटिक कार्ड का मिलान जरूर किया जाए। पेसा पंचायतें ग्राम सभा में सिकल सेल जागरूकता का गंभीर प्रयास करें। सिकल सेल के सामान्य लक्षण, बचाव आदि के बारे में बताएं। ग्रामीणों को शादी के पहले जेनेटिक कार्ड मिलान के महत्व की व्यावहारिक और सरल भाषा में जानकारी दें। वीरांगना के जीवन आदर्शों से लें प्रेरणा युवा राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत का गौरव है। उन्होंने अपने अदम्य वीरता, साहस और नेतृत्व क्षमता से सफलतापूर्वक शासन किया। राज्यपाल  पटेल ने उपस्थित युवाओं से आव्हान किया कि वीरांगना रानी दुर्गावती के जीवन आदर्शों और संघर्ष से प्रेरणा लें। राष्ट्र हित में हमेशा आगे बढ़कर कार्य करें। केन्द्रीय राज्यमंत्री  दुर्गादास ऊईके ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार जनजातीय कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार उनके स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के प्रति राज्यपाल  मंगुभाई पटेल की संवेदनशीलता और सक्रिय प्रयासों की सराहना की। प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री  धमेन्द्र भाव सिंह लोधी ने राज्यपाल  पटेल के आगमन पर आभार जताया। पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री  लखन पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय की भावना के अनुरूप जनजातीय कल्याण की दिशा में सतत रूप से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में दमोह सांसद  राहुल सिंह लोधी, हटा विधायक मती उमा देवी खटीक, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष मती रंजीता गौरव पटेल, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।

बेटे की लाश लाने तक के पैसे नहीं थे, झांसी में दिल तोड़ देने वाली घटना

झांसी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां मुंबई से गांव लौट रहे सिद्धार्थनगर जिले के रामोपुर पाठक गांव के रहने वाले अनिल अहिरवार की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई. हादसा झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास कानपुर-झांसी रेलवे लाइन पर हुआ. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया, लेकिन शिनाख्त न होने के कारण चार दिनों तक शव वहीं पड़ा रहा. जब मृतक की पहचान हुई तो परिवार के सामने और भी बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई. मृतक के पिता अनिल के पास झांसी तक आने के पैसे तक नहीं थे. गांव में बेटे की मौत की खबर सुनते ही पूरा परिवार बेसुध हो गया. मुंबई में काम करता था युवक पिता ने बताया कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा था. उसके छोटे-छोटे तीन बच्चे 15 साल की मुस्कान, 9 साल का सनी और 5 साल का छोटू है. इसके अलावा बूढ़े मां-बाप और पत्नी की जिम्मेदारी भी सुनील पर ही थी. तीन महीने पहले वह रोजगार के लिए मुंबई गया था और वहीं एक कंपनी में काम करता था लेकिन तबीयत खराब होने पर वह गांव लौट रहा था. इसी दौरान झांसी में यह दर्दनाक हादसा हो गया. पिता के पास नहीं थे शव लाने के पैसे मृतक के पड़ोसी आनंद कुमार दुबे ने बताया कि परिवार की स्थिति बेहद खराब है. पिता अनिल गांव में रोते हुए घूम रहे थे और कह रहे थे कि बेटे का शव लाने के लिए पैसे भी नहीं हैं. ऐसे में गांव के लोगों ने चंदा कर 23 हजार रुपये एकत्र किए. इन्हीं पैसों से पिता अनिल और परिजन झांसी पहुंचे और बेटे का शव लेकर गांव लौट सके. पूंछ थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम करा दिया गया है. इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया. इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया है. गरीबी और लाचारी की इस हकीकत ने सबको भावुक कर दिया.

सीएम योगी का आदेश: पूरे यूपी में 7 अक्टूबर को भव्य रूप से मनेगी वाल्मीकि जयंती

लखनऊ  यूपी के सभी 75 जिले 7 अक्टूबर को एक साथ एक अद्भुत आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य भर में वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी. इस दिन पूरे प्रदेश में रामायण पाठ, भजन, कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीप प्रज्ज्वलन जैसे आयोजन एक साथ होंगे. योगी सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कार्यक्रमों में न केवल सरकारी स्तर पर भागीदारी हो, बल्कि आम लोगों की सक्रिय उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह आयोजन समाज में समानता, सेवा और सद्भाव का संदेश लेकर आएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर कार्यक्रम स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था हो. पूरे प्रदेश में एक साथ आयोजन की तैयारी सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी निर्देश के अनुसार 7 अक्टूबर को राज्य के सभी जिलों, तहसीलों और विकास खंडों में वाल्मीकि जयंती का आयोजन होगा. संस्कृति विभाग के सहयोग से देव मंदिरों और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों पर रामायण पाठ, भक्ति संगीत, भजन, कीर्तन, दीपदान और प्रवचन कराए जाएंगे. हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जो स्थानीय कलाकारों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्यक्रमों का संचालन करेगी. लालापुर (चित्रकूट) बनेगा आयोजन का केंद्रबिंदु महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली लालापुर (चित्रकूट) में इस दिन सबसे बड़ा और भव्य आयोजन होगा. संस्कृति विभाग ने इसे राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का दर्जा दिया है. उप निदेशक (पर्यटन) आर.के. रावत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से होगा. इसके बाद विराट महाराज और संस्कृत के छात्र-छात्राएं रामायण पाठ प्रस्तुत करेंगे. स्थानीय कलाकार दयाराम रैकवाड़ व उनकी टीम द्वारा भक्ति संगीत और वाल्मीकि रामायण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी. पूजन, हवन, लव-कुश प्रसंग और प्रवचन जैसे कार्यक्रम पूरे दिन चलेंगे. कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संस्कृति विभाग के अधिकारियों, और जनसामान्य की सक्रिय भागीदारी रहेगी. आयोजन के दौरान पूरे परिसर में स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. अन्य जिलों में भी रहेगी रौनक लालापुर के अलावा अयोध्या, श्रावस्ती, प्रयागराज, कानपुर (बिठूर), राजापुर, झांसी, वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर समेत सभी जिलों में आयोजन होंगे. हर जगह महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन पर आधारित प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी. अयोध्या में वाल्मीकि आश्रम पर विशेष पूजन के साथ दीपदान होगा, जबकि बिठूर के वाल्मीकि आश्रम में दो दिवसीय कार्यक्रम की तैयारी चल रही है. प्रयागराज और वाराणसी में विश्वविद्यालयों के साहित्य विभागों द्वारा ‘वाल्मीकि और रामायण का सांस्कृतिक प्रभाव’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की जाएगी. इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय संस्कृति और महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं से जोड़ना है. जनसहभागिता पर विशेष जोर अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार ने इस आयोजन को पूरी तरह जनसहभागिता केंद्रित कार्यक्रम बनाया है. संस्कृति विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से इसका संचालन करेंगे. हर जिले में स्थानीय कलाकारों, भजन मंडलियों, कथा वाचकों और विद्यालयों को मंच प्रदान किया जा रहा है ताकि वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें. सीएम योगी ने कहा है कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में जनता की भागीदारी ही उनकी आत्मा है. महर्षि वाल्मीकि की जयंती को हम केवल एक तिथि नहीं, बल्कि लोकमंगल के पर्व के रूप में मना रहे हैं. साफ-सफाई और सुरक्षा पर सीएम की सख्त निगरानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी आयोजन स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, ध्वनि, प्रकाश और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो. संस्कृति विभाग को निर्देशित किया गया है कि आयोजन के दौरान सकारात्मक सामाजिक संदेश प्रसारित किए जाएं और वाल्मीकि जी के उपदेशों को आमजन तक पहुंचाया जाए. प्रत्येक स्थल पर पुलिस बल और स्थानीय स्वयंसेवकों की मौजूदगी रहेगी. लखनऊ से लेकर सोनभद्र तक प्रशासन ने रविवार रात से ही सभी प्रमुख स्थलों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. स्थानीय कलाकारों को मिलेगा आध्यात्मिक मंच योगी सरकार की एक बड़ी पहल यह भी है कि हर जिले में स्थानीय कलाकारों और भजन मंडलियों को मंच प्रदान किया जाएगा. संस्कृति परिषद और जिला प्रशासन की ओर से कलाकारों का चयन किया जा चुका है. इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण व कस्बाई प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और धार्मिक आयोजनों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है. लखनऊ में संस्कृति विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि  पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि छोटे जिलों में बहुत प्रतिभाशाली कलाकार हैं, जिन्हें मंच नहीं मिल पाता. इस आयोजन से वे अपनी कला के माध्यम से समाज को जोड़ने का अवसर पाएंगे. हर जिले में नोडल अधिकारी की तैनाती संस्कृति विभाग ने सभी 75 जिलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी है. ये अधिकारी जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के साथ मिलकर कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करेंगे. जहां बड़े आयोजन होंगे, वहां विभागीय मंत्री और सांसद/विधायक भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. संस्कृति विभाग ने बताया कि इस आयोजन में किसी प्रकार की औपचारिकता नहीं रखी जाएगी बल्कि सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी.

कनाडा में गैंगवार की आहट, तीन जगहों पर गोलीबारी – बिश्नोई गैंग ने किया कबूल

ओटावा कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी का दावा किया है. कनाडा में रविवार देर रात तीन अलग-अलग जगहों पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर ली है. गैंग की तरफ से किए गए पोस्ट में लिखा गया है कि "2 नंबर के धंधे" यानी अवैध कारोबार करने वालों से वसूली की जाती है, मेहनत करने वालों से नहीं. बिश्नोई गैंग की तरफ से पुर्तगाल में रहने वाले फतेह पुर्तगाल ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी ली. उसने सोशल मीडिया पर फायरिंग का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक शूटर अत्याधुनिक हथियार से फायरिंग करता नजर आ रहा है. वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. कनाडाई पुलिस ने फिलहाल घटनास्थलों को सील कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, फायरिंग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन पुलिस ने इसे संगठित अपराध से जुड़ी बड़ी साजिश के तौर पर देखा है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कनाडा की सरकार ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित किया था. इसके बाद से ही गैंग सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर अपनी "मौजूदगी" दिखाने की कोशिश कर रहा है. सोशल मीडिया पर बिश्नोई गैंग ने क्या दावा किया? सोशल मीडिया पर खुद को 'फतेह पुर्तगाल बताने वाले शख्स ने पोस्ट में बताया कि जिन तीन जगहों पर फायरिंग हुई वे हैं – Theshi Enterprise (1254, 110 Ave), House No. 2817 (144 St) और 13049, 76 Ave Unit No.104. दावा करने वाले व्यक्ति ने कहा कि ये सभी स्थान 'नवी तेसी' नामक व्यक्ति के स्वामित्व में हैं, जिसने कथित रूप से "लॉरेंस बिश्नोई गैंग" का नाम लेकर कलाकारों से अवैध वसूली की थी. गैंग के लोगों को परेशान किए जाने का दावा पोस्ट में लिखा गया कि, "हम मेहनत करने वालों से दुश्मनी नहीं रखते, लेकिन जो लोग हमारे लोगों को परेशान करते हैं या गलत तरीके से पैसा वसूलते हैं, हम उनके खिलाफ कार्रवाई करते हैं." उसने यह भी चेतावनी दी कि "अगर किसी ने गलत खबर फैलाई, तो उससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी."

खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, बना देश के लिए आदर्श मॉडल

रायपुर खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर राज्य ने खनिज प्रशासन में अनेक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में सम्मिलित हो गया है। राज्य में विश्वस्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन अयस्क सहित नवीन अन्वेषणों से क्रिटिकल, स्ट्रैटेजिक तथा रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित हुई है, जिससे राज्य की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई है। छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि देश के कुल खनिज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य गठन के समय जहाँ खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ खनिज नीति और सतत प्रशासनिक सुधारों का परिणाम है। वर्ष 2015 में संशोधित खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत गठित खनिज नीलामी नियम 2015 के तहत अब तक राज्य में 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनमें 15 लौह अयस्क, 14 बाक्साइट, 18 चूना पत्थर तथा 13 क्रिटिकल व स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक सम्मिलित हैं। साथ ही, 05 नए ब्लॉकों (02 चूना पत्थर, 01 लौह अयस्क, 01 स्वर्ण और 01 बेस मेटल ब्लॉक) की नीलामी प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा चुकी है। संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ ने खनन अनुसंधान एवं अन्वेषण के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए आईआईटी मुंबई, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू संपादित किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की खोज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गति प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइडलाइन-2024 के अनुरूप राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2025 अधिसूचित किए गए हैं। राज्य में अब तक 16,119 करोड़ रूपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 1,05,653 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 74,454 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डीएमएफ पोर्टल 2.0 को क्रियान्वित किया गया है। खनिज विभाग द्वारा विकसित खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल ने राज्य के खनिज प्रशासन को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान किया है। यह प्रणाली सुरक्षित, बहुआयामी और उपयोगकर्ता-मित्र है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है। यह पहल छत्तीसगढ़ को खनन प्रबंधन में एक राष्ट्रीय मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य में रेत खदानों का आबंटन अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु एमएसटीसी के साथ एमओयू किया गया है। नई व्यवस्था में मानव हस्तक्षेप समाप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाई गई है। गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत लागू की गई स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और सतत विकास के मानकों पर खदानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 03 खदानों को 5-स्टार तथा 32 खदानों को 4-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है, जो वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार खनन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।      नसीम अहमद खान, उप संचालक 

पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़, सहारनपुर में इनामी इमरान ढेर

 सहारनपुर  उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। रविवार देर रात सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस और एक लाख के इनामी बदमाश इमरान के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने इमरान को मार गिराया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब इमरान एक बाइक लूटकर फरार हो रहा था। पुलिस टीम ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां लगने से इमरान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान गागलहेड़ी के इंस्पेक्टर परवेश शर्मा और थानाध्यक्ष सरसावा विनोद कुमार भी घायल हुए। एसएसपी आशीष तिवारी के अनुसार, इंस्पेक्टर के हाथ में गोली लगी, जबकि थानाध्यक्ष की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली फंसी, जिससे उनकी जान बच गई। दोनों अधिकारियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इमरान पर थे कई संगीन मामले मारा गया बदमाश इमरान पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधियों में से एक था। सहारनपुर, मेरठ, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में उसके खिलाफ लूट, डकैती, अवैध हथियारबंदी और हमले के कई गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। इमरान पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनकाउंटर स्थल से पुलिस ने दो 32 बोर की पिस्टल, 18 खोखे, 10 जिंदा कारतूस और लूटी गई बाइक बरामद की है। यूपी पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी इमरान का एनकाउंटर शनिवार रात फिरोजाबाद में मारे गए बदमाश नरेश पंडित उर्फ पंकज के मारे जाने के महज छह घंटे बाद हुआ। नरेश पर भी कई गंभीर अपराधों के केस दर्ज थे। लगातार हो रही मुठभेड़ों से साफ है कि यूपी पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल कर रही है। इमरान का साथी मेहताब पहले ही ढेर हो चुका था बताया जा रहा है कि इमरान का साथी मेहताब पहले ही तीन अक्टूबर को मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका था। उस समय मेहताब पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां लगने से उसकी मौत हो गई थी, जबकि उसी दौरान इमरान मौके से फरार हो गया था।  

नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट पटना मेट्रो जल्द दौड़ेगी, किराया ₹15 से ₹30, होगी रोज़ 40+ राइड्स

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव करीब हैं. चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार भी एक्टिव मोड में है. चुनाव कार्यक्रम के ऐलान से पहले सीएम नीतीश की सरकार अब पटना के लोगों को बड़ा तोहफा देने जा रही है. सीएम नीतीश 6 अक्टूबर को दिन में 11 बजे पटना के लोगों को मेट्रो रेल की सौगात देंगे. पटना मेट्रो रेल परियोजना पर 13 हजार 925 करोड़ 50 लाख की लागत आई है. पटना मेट्रो के उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम नीतीश के साथ दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी शामिल होंगे. पटना मेट्रो के शुभारंभ पाटलिपुत्र बस डिपो से होना है. इस सेवा की शुरुआत के बाद यात्री इसमें आईएसबीटी स्टेशन से जीरो माइल और भूतनाथ तक सफर कर पाएंगे. इस रूट की लंबाई करीब सवा चार किलोमीटर है. पटना मेट्रो का न्यूनतम किराया 15 रुपये पटना मेट्रो के लिए जो किराया निर्धारित किया गया है, उसके मुताबिक एक स्टेशन तक सफर करने के लिए 15 रुपये का टिकट लगेगा और अधिकतम किराया 30 रुपये होगा. पटना मेट्रो का परिचालन फिलहाल सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक होगा और हर दिन इस रूट पर मेट्रो ट्रेन 40 से 42 फेरे लगाएगी. पटना मेट्रो की साज-सज्जा पर भी खास ध्यान दिया गया है. इस ट्रेन को विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंट्रिंग से सजाया गया है. इस पेंटिंग में बिहार की पहचान की झलके है. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की पूरी टाइमलाइन बिहार राजधानी पटना में मेट्रो ट्रेन चलाने का प्लान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2013 में बनाया था. पटना मेट्रो परियोजना की गिनती सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में की जाती है. नीतीश कुमार की अगुवाई वाली कैबिनेट ने 11 जून 2013 को पटना मेट्रो परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. जून 2014 में पटना मेट्रो परियोजना को हरी झंडी मिली, जिसका निर्माण पांच चरणों में कराने का प्रस्ताव पारित किया गया. पटना मेट्रो प्रोजेक्ट में बिहार और केंद्र सरकार के साथ–साथ जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी यानी JICA की भी भागीदारी है. कब क्या हुआ– -17 फरवरी 2019 को पीएम मोदी ने पटना के पहले मेट्रो रेल कॉरिडोर का शिलान्यास किया -18 फरवरी 2019 को पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की स्थापना की गई -पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी PMRCL को पटना मेट्रो प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी मिली -इस प्रोजेक्ट में DMRC को सलाहकार बनाया गया -4 मार्च 2019 को पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पटना के इंदिरा भवन में अपना ऑफिस खोला -जनवरी 2022 में एल एंड टी कंपनी ने पटना मेट्रो के फेज-1 के कॉरिडोर-2 के डिजाइन और निर्माण के लिए मेट्रो ऑपरेटर DMRC से ऑर्डर हासिल किया -पहले फेज में पटना मेट्रो के पांच स्टेशन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया  

राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता में निधि, मीरा और अलीशा बनीं विजेता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पुरस्कृत

छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित हुआ युवा कवि सम्मेलन राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता में निधि, मीरा और अलीशा बनीं विजेता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पुरस्कृत छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में उभरीं नई प्रतिभाएं, निधि, मीरा और अलीशा ने काव्य पाठ से बांधा समा एक हजार से अधिक प्रतिभागियों में से चयनित तीन युवा कवियों ने युवा कवि सम्मेलन में किया मंच साझा छत्तीसगढ़ के युवा कवियों की खोज में आयोजित हुई युवा काव्य पाठ प्रतियोगिता, भव्य कवि सम्मेलन के साथ हुई समाप्त रायपुर  प्रदेश भर के युवा कवियों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया प्रदेश भर के 1038 युवा कवियों ने प्रतियोगिता में  सहभागिता की। संभाग स्तर पर चयनित प्रतिभागियों का  फाइनल मुकाबला शनिवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया। प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, बिलासपुर की ही मीरा मृदु ने द्वितीय तथा सरगुजा की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युवा कवि सम्मेलन में तीनों को क्रमशः 50 हजार, 30 हजार एवं 20 हजार रुपए की पुरस्कार राशि  सीएम साय एवं डिप्टी सीएम साव ने प्रदान की। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस युवा कवि सम्मेलन में प्रीेतयोगिता में विजयी तीनों नवोदित कवियों को मंच पर सर्वप्रथम काव्य पाठ का अवसर दिया गया। अलीशा शेख ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि पर कविता प्रस्तुत की, मीरा मृदु ने मधुर स्वर में छत्तीसगढ़ महतारी और रामायण प्रसंग को नए काव्य रूप में पिरोया, जबकि निधि तिवारी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और बेटियों की पीड़ा पर प्रभावशाली रूपक कविता सुनाई। वरिष्ठ कवियों ने तीनों युवा कवियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि प्रतिभा से परिपूर्ण है, जो राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। बता दें कि कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवि शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कवयित्री कविता तिवारी एवं मनु वैशाली ने अपनी भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभागार कविताओं की विविध रसधाराओं से गूंज उठा। इस अवसर पर मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी, विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर जी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शंशाक तिवारी जी, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्री राहुल टिकरिहा जी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा जी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल जी, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज जी, लौह शिल्पकार  बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा जी एवं प्रदेश के युवा कवि उपस्थित रहे। …..    ……..