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वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में ये चीजें गलत तरीके से रखने से बढ़ती है कलह

वास्तु शास्त्र में घर के हर एक हिस्से का बहुत महत्व है। उसी तरह ही किचन केवल खाना बनाने की जगह नहीं, बल्कि घर में ऊर्जा और सुख-शांति का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन में रखे सामान की सही दिशा और स्थिति सीधे तौर पर घर के माहौल और परिवार के रिश्तों पर असर डालती है। अगर कुछ चीज़ें उल्टी या गलत दिशा में रख दी जाएं, तो यह न केवल घर में नकारात्मक ऊर्जा ला सकती हैं बल्कि घरेलू झगड़े और तनाव को भी बढ़ा सकती है। तो आइए जानते हैं कि वो कौन सी वस्तुएं हैं, जिन्हें उल्टा करके नहीं रखना चाहिए। गैस और चूल्हा वास्तु के अनुसार, गैस या चूल्हा कभी भी उत्तर या पश्चिम दिशा की ओर नहीं रखना चाहिए। चूल्हे की दिशा और स्थिति परिवार की ऊर्जा पर गहरा असर डालती है। इसे हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में ही रखें। बर्तन और कटोरे वास्तु के अनुसार, किचन के बर्तन, खासकर तांबे और स्टील के बर्तन, उल्टे या किसी अनियमित जगह पर रखने से घरेलू ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। बर्तन हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें। किचन शेल्फ और अलमारी किचन की अलमारी या शेल्फ में अगर खाना उल्टा या अव्यवस्थित रखा हो तो यह परिवार में विवाद और असंतोष को बढ़ा सकता है। प्रत्येक सामान को उसकी जगह पर व्यवस्थित रखें। पानी और मीठे पदार्थ पानी की बोतलें या शक्कर जैसी चीजें कभी भी दक्षिण-पश्चिम दिशा में उल्टा न रखें। इससे धन और सुख-शांति पर असर पड़ सकता है।

बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान, दो चरणों में वोटिंग और 14 नवंबर को नतीजे

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का का ऐलान हो गया है. राज्य में दो चरण में चुनाव होंगे. आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार चुनाव की तारीखों के बारे में बताया. पहले चरण का चुनाव 6 नवंबर को होगा. दूसरे चरण का चुनाव 11 नवंबर को कराया जाएगा. मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस पर 14 लाख नए वोटर्स बिहार चुनाव में पहली बार मतदान करेंगे. इसी के साथ प्रदेश में आचार संहिता लागू होने जा रही है. आपको बता दें कि बिहार चुनाव की तारीखों का नेताओं के साथ ही राज्य की जनता को भी लंबे समय से बेसब्री से इंतजार था. आज चुनाव आयोग ने सारी तस्वीर साफ कर दी है. इस दौरान पत्रकारों ने कई सवाल पूछे और आयोग ने उनके सवालों का भी जवाब दिया. चुनाव आयोग से आयोग की विश्वसनीयता से लेकर एसआईआर के जरिए घुसपैठियों को वोटर लिस्ट से बाहर करने के बारे में सवाल पूछा गया. बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान इलेक्शन कमिशन की ओर से हो रहा है। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में 7.42 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में कई नई चीजें शुरू हो रही हैं और उन्हें देश भर में आगे चलकर लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधाओं के लिए तय किया है कि एक पोलिंग बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर ना रहें। बिहार में 90 हजार 700 पोलिंग बूथ रहेंगे। इनमें से महिलाओं द्वारा 1044 बूथ संचालित होंगे। इसके अलावा मॉडल पोलिंग बूथ 1000 के करीब रहेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि हर जगह पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर ही होंगे। इससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को सुविधा रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने बिहार के दौरे पर जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि किसी भी तरह से उम्मीदवारों और मतदाताओं को धमकी मिलने जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चाहेंगे कि हर कोई मतदान करे और उसके लिए पर्याप्त सुविधा रहे। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि अवैध लेनदेन, कैश आदि पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा उम्मीदवारों के खर्चों पर भी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि हम कुल 17 नए कदम उठा रहे हैं, जो बाद में देश के अन्य चुनावों में भी लागू होंगे। बिहार में पहली बार वोट डालेंगे 14 लाख मतदाता उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची में नए जुड़े हैं या फिर जिनके पते आदि बदल गए हैं, उन्हें नए वोटर आईडी कार्ड दिए गए हैं। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 15 दिनों के अंदर हमने इस पर अमल किया है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि बिहार चुनाव में 14 लाख मतदाता ऐसे होंगे, जो पहली बार वोट डालेंगे। इन सभी लोगों को वोटर कार्ड दे दिए गए हैं। बिहार चुनाव में मतदाताओं को यह सुविधा रहेगी कि वे पोलिंग बूथ तक मोबाइल ले जा सकेंगे। वे पोलिंग स्टेशन के ठीक बाहर मोबाइल जमा करा सकेगा और बाहर निकलकर उसे ले लेगा। चुनाव की तारीखों का पूरा शेड्यूल हर सीट के लिए होगा पर्यवेक्षक, 1950 होगा हेल्पलाइन नंबर होगा ECINET के माध्यम से BLO से संपर्क किया जा सकेगा। इसके अलावा इलेक्शन कमिशन से बात करने के लिए 1950 डायल कर सकते हैं। इस नंबर को डायल करने से पहले +91 लिखना है और संबंधित एरिया का एसटीडी कोड लिखना है। फिर 1950 डायल करना है। हर सीट पर एक पर्यवेक्षक होगा। यह जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। जो अलग-अलग राज्यों से आएंगे। इनके नंबर भी ECINET और वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। कुल साढ़े 8 लाख चुनाव कर्मी मतदान संपन्न कराएंगे और रिजल्ट में शामिल होंगे।   बिहार विधानसभा के आम चुनाव का कार्यक्रम चुनाव इवेंट्स पहला चरण (121 विधानसभा क्षेत्र) दूसरा चरण (122 विधानसभा क्षेत्र) गजट अधिसूचना जारी करने की तिथि 10.10.2025 (शुक्रवार) 13.10.2025 (सोमवार) नामांकन करने की अंतिम तिथि 17.10.2025 (शुक्रवार) 20.10.2025 (सोमवार) नामांकन की जांच की तिथि 18.10.2025 (शनिवार) 21.10.2025 (मंगलवार) उम्मीदवारों की नाम वापसी की अंतिम तिथि 20.10.2025 (सोमवार) 23.10.2025 (गुरुवार) मतदान की तिथि 06.11.2025 (गुरुवार) 11.11.2025 (मंगलवार) मतगणना की तिथि 14.11.2025 (शुक्रवार)   जिस तारीख से पहले चुनाव संपन्न हो जाएगा 16.11.2025 (रविवार)     मुख्य बिंदु    बिहार में 6 और 11 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग, 14 नवंबर को नतीजे आएंगे     बिहार चुनाव 2025: ‘EVM में उम्मीदवारों के कलर फोटो होंगे’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार विधानसभा चुनाव: ‘सीरियल नंबर भी बड़ा लिखा जाएगा’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार विधानसभा चुनाव 2025: चुनाव आयोग ने वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया     बिहार चुनाव 2025: ‘प्रत्याशियों की कलर फोटो लगाई जाएगी’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कानून-व्यवस्था संवेदनशील मुद्दा- CEC ज्ञानेश कुमार     'बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में 17 नए प्रयोग किए जा रहे', बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी: CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव 2025: ‘फेक न्यूज पर कड़ी नजर रखी जाएगी’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव में 40 सीटें आरक्षित, SC के लिए 38 और ST के लिए 2: CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव 2025: ‘14 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     ‘बिहार में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी होंगे’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार       बिहार चुनाव: 24 जून से SIR के जरिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण- CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव 2025: ‘30 अगस्त को फाइनल वोटर लिस्ट दी’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार एक कॉल पर BLO से करें बात निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए पूरी चुनावी मशीनरी को अब सिर्फ एक कॉल की दूरी पर ला दिया है. बिहार में कुल 90,712 बीएलओ (BLOs), 243 ईआरओ (EROs) और 38 डीईओ (DEOs) नियुक्त किए गए हैं, जिनसे अब सीधे संपर्क किया जा सकता है. मतदाता 1950 (Voter Helpline) नंबर पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए केवल संबंधित जिले का STD कोड लगाकर +91-STD Code-1950 डायल करना होगा — जैसे पटना के लिए +91-612-1950. … Read more

जापान दौरे पर हरियाणा सीएम सैनी, निवेशकों को दिया समिट 2026 का न्यौता, ये है पूरा कार्यक्रम

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार से तीन दिवसीय जापान दौरे पर रहेंगे। यह दौरा विकसित भारत-विकसित हरियाणा के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री 6 से 8 अक्तूबर तक टोक्यो और ओसाका में कई उच्च स्तरीय बैठकों और निवेशक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। साथ ही विदेशी कंपनियों को हरियाणा में औद्योगिक साझेदारी और निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जापान पहुंच गए हैं। उनकी अध्यक्षता में जापान सरकार के साथ हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल मिला है। जापान के विदेशी मामलों के राज्यमंत्री मियाजी तकुमा से सीएम सैनी ने मुलाकात की है। हरियाणा और जापान के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक के संबंधों को और भी मजबूत करने पर दोनों देशों के नेताओं में बात हुई है। मुख्यमंत्री ने हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2026 का भी न्यौता दिया है।  9 अक्तूबर को वापसी कर पीएम नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे को लेकर दिल्ली हरियाणा भवन में सीएम सैनी सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक और दोपहर एक बजे भाजपा विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इससे पूर्व सीएम सैनी शनिवार को शताब्दी ट्रेन से चंडीगढ़ से दिल्ली रवाना हुए। ट्रेन में यात्रा के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि 17 अक्तूबर को प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर सोनीपत में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और प्रदेश को अनेक परियोजनाओं की सौगात देंगे। सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सैनी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में संकल्प पत्र के 42 वायदे पूरे किए जा चुके हैं और 90 पर कार्य प्रगति पर है। राज्य की 19 लाख बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और अब तक 25 हजार युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। ऐसे रहेगा सीएम का विदेश दौरा 6 अक्तूबर: सीएम सुबह टोक्यो पहुंचेंगे और अपनी आधिकारिक गतिविधियों की शुरुआत जापान के विदेश मंत्रालय एवं अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के मंत्रियों से मुलाकात से करेंगे। वे जापान के विदेश राज्य मंत्री मियाजी ताकुमा और उद्योग राज्य मंत्री कोगा यूइचिरो के साथ द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे टोक्यो में भारतीय दूतावास में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे और जेईटीआरओ, डेंसो, सुमितोमो, निसिन फूड्स, टोप्पन जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। 7 अक्तूबर : शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) से ओसाका जाएंगे जहां वे वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भाग लेकर हरियाणा स्टेट जोन का उद्घाटन करेंगे। सीएम जापानी मेयरों और उद्योगपतियों के साथ निवेश बैठकें करेंगे तथा निवेश रोड शो में राज्य के औद्योगिक अवसरों को प्रस्तुत करेंगे। 8 अक्तूबर: सैनी सुजुकी और कुबोटा संयंत्र का दौरा करेंगे और ओसाका प्रिफेक्चर के गवर्नर से भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा हरियाणा को वैश्विक औद्योगिक साझेदारी और विदेशी निवेश के नए अवसरों से जोड़ने वाला मील का पत्थर साबित होगा।  

मंत्री बैंस ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, कहा—शिक्षक हैं ज्ञान और मूल्यों के स्तंभ

चंडीगढ़ पंजाब में अब कोई भी शिक्षक पढ़ाने के सिवाय गैर शैक्षिक कार्य नहीं करेगा। शिक्षामंत्री हरजोत बैंस ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत प्रभाव से इस संदर्भ में सभी विभागों को सख्त हिदायत जारी करें। शिक्षामंत्री ने साफ कहा कि शिक्षकों के लिए कक्षाएं सबसे ज्यादा जरूरी कार्य हैं न कि अन्य कार्य। कई जिलों में शिक्षकों को कक्षाओं से हटाकर रुटीन प्रशासनिक कामों में लगाने की रिपोर्टों पर शिक्षामंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इस रिवायत को शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के साथ घोर अन्याय करार दिया। उन्होंने शिक्षण ड्यूटी को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि शिक्षक अपनी मुख्य जिम्मेदारी पर ही ध्यान केंद्रित करें। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में मंत्री बैंस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक केवल साधारण सरकारी कर्मचारी नहीं हैं – वे ज्ञान और मूल्यों के ध्वजवाहक हैं, जिन्हें पंजाब के भविष्य को दिशा देने की पवित्र जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें कक्षाओं की जगह विभिन्न प्रशासनिक कामों में लगाना न केवल उनके साथ बल्कि हमारे बच्चों के साथ भी अन्याय है। ऐसा करने से बच्चों की शिक्षा का अधिकार प्रभावित होता है। बताते चलें कि इस संदर्भ में सूबे के शिक्षक भी मांग कर रहे थे, जिस पर अब शिक्षा मंत्री संज्ञान ले लिया है। मंत्री ने आरटीई एक्ट का दिया हवाला मंत्री ने बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम-2009 की धारा 27 का हवाला देते हुए कहा कि यह धारा गैर-शैक्षिक उद्देश्यों के लिए शिक्षकों की तैनाती पर रोक लगाती है। यह मनाही केवल कुछ विशेष मौकों जैसे दस वर्षीय जनगणना, आपदा राहत कार्य और स्थानीय संस्थाओं, राज्य विधानसभाओं या संसदीय चुनावों में ड्यूटी पर लागू नहीं होती। शिक्षा मंत्री बैंस ने बताया कि यह व्यवस्था बहुत सोच-समझकर लागू की गई थी ताकि शिक्षकों का समय और ऊर्जा क्लासरूम शिक्षण पर केंद्रित रह सके, जो हमारे समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि कई बार जरूरी सरकारी काम हो सकते हैं, लेकिन ऐसे कार्यों के लिए शिक्षक को पहला विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। कक्षाओं में उनकी मौजूदगी के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। लिखित अनुमति लेना अनिवार्य पत्र में मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए मंत्री बैंस ने कहा कि सभी प्रशासनिक विभागों और जिला अधिकारियों को स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं कि आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 27 में बताई गई ड्यूटी के अलावा शिक्षकों की कोई भी गैर-शैक्षिक ड्यूटी न लगाई जाए। ऐसी कोई भी स्थिति, जहां शिक्षकों की तैनाती आवश्यक हो, ऐसी किसी भी तैनाती से पहले स्कूल शिक्षा विभाग से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य किया जाए।

फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई होने वाला 189 किलो पनीर लुधियाना में जब्त

लुधियाना  इन दिनों त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। त्योहार में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन बाजारों में मिलावटी मिठाई सेहत को खराब भी कर सकती है। त्योहारी सीजन में मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत बिगाड़ने से नहीं बाज नहीं आते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। हालांकि मिलावटखोरी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट हो गई हैं।  पंजाब के लुधियाना में नकली पनीर की बड़ी खेप पकड़ी गई है। सेहत विभाग के फूड सेफ्टी विंग ने त्योहारी दिनों में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की है। सीआईए जगरांव की टीम के साथ मिलकर सेहत विभाग की टीम ने गांव रामगढ़ भुल्लर के पास सिधवां बेट रोड पर नाकेबंदी की। वाहनों की जांच के दौरान एक टेंपो से 189 किलो पनीर बरामद किया। यह पनीर हरियाणा के नरवाणा से 210 रुपये प्रति किलो की दर पर खरीदा गया था और जगरांव से नकोदर तक फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई किया जाना था। फूड सेफ्टी विंग ने पनीर के सैंपल भरकर गुणवत्ता जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी में भेज दिए और शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई जिसके तहत डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण और परिवहन के दौरान स्वच्छता, तापमान नियंत्रण व गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पनीर की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  

पुलिस की बड़ी कामयाबी: नक्सलवाद के खिलाफ 3 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, इनाम राशि 1 लाख प्रति व्यक्ति

गरियाबंद नक्सल मोर्चे पर गरियाबंद पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. गरियाबंद-धमतरी-नुआपड़ा डिवीजन में सक्रिय तीन नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में नागेश समेत 2 महिला नक्सली- जैनी और मनीला शामिल है. नागेश ने देशी हथियार के साथ पुलिस में सरेंडर किया है. तीनों नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित था. बताया जा रहा है कि ये सभी पिछले 5 से 8 सालों से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे और कई बड़ी माओवादी वारदातों में शामिल रहे हैं. ये तीनों नक्सली बड़े माओवादी नेताओं के करीबी सहयोगी के रूप में काम करते थे. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने सरकार की समर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हथियार डाले हैं. अब तक इस अभियान के तहत इलाके में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर 30 रह गई है. गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक अहम उपलब्धि है और इससे क्षेत्र में शांति स्थापना को नई दिशा मिलेगी.

दुर्गा पूजा मेले में भारी बारिश से दुकानदारों का नुकसान, व्यापारियों में बढ़ी चिंता

रांची झारखंड में भारी बारिश ने न सिर्फ दुर्गा पूजा उत्सव मनाने वालों के उत्साह को कम कर दिया, बल्कि त्योहारी खरीदारी से बेहतर लाभ की उम्मीद लगाए बैठे छोटे और मध्यम व्यापारियों को भी बड़ा झटका दिया। व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य की राजधानी रांची, औद्योगिक केंद्र जमशेदपुर और कोयला क्षेत्र धनबाद के व्यापारियों को डर है कि उनके नुकसान 25 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच हो सकते हैं। ‘फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' (एफजेसीसीआई) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ​​ने को बताया कि हालिया जीएसटी कटौती के कारण व्यापारियों को पिछले साल की तुलना में अधिक बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया। मल्होत्रा ​​ने कहा, ‘‘हमें त्योहारों के दौरान अच्छे कारोबार की उम्मीद थी और प्रमुख औद्योगिक इकाइयों ने पूजा से पहले बोनस की घोषणा की थी। केंद्र द्वारा हाल ही में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती की घोषणा किए जाने से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें भी कम हुई हैं। हालांकि, मूसलाधार बारिश के कारण हमारी सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं।'' व्यापारी संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि भारी बारिश के कारण दुर्गा पूजा के दौरान रांची में व्यापार में पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। यह स्पष्ट रूप से जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुदरा विक्रेताओं के लिए हाल के वर्षों में त्योहार के दौरान सबसे खराब बिक्री का आंकड़ा था। यहां 300 से अधिक दुर्गा पूजा आयोजित की गई थी। ‘सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' के एक वरिष्ठ पदाधिकारी विजय आनंद मूनका ने कहा, ‘‘बारिश के कारण लोग दुकानों पर नहीं आए और अपनी जरूरत की चीज़ें ऑनलाइन ऑर्डर कर दीं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार 25 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।'' बड़ी संख्या में कोयला खदानों वाले धनबाद में व्यापारियों ने अन्य वर्षों की तुलना में 60 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया है। ‘फेडरेशन ऑफ धनबाद जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' के सचिव अजय नारायण लाल ने छोटे दुकानदारों की परेशानियों के बारे में कहा, ‘‘बारिश के कारण उनका कारोबार चौपट हो गया, जिससे वे बेहद परेशान हैं। उन्होंने सामान खरीदने, पूजा पंडालों के पास जगह बुक करने और स्टॉल पर कर्मचारियों की व्यवस्था करने में भारी निवेश किया था। हालात ऐसे हैं कि वे अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहे हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार नुकसान 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।'' रांची मौसम कार्यालय ने कहा कि राज्य में सितंबर तक 17 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश हुई है।  

6 मैचों में 459 रन: द्रविड़ बेटे की तूफानी बल्लेबाजी ने दिलाया खास अवॉर्ड

नई दिल्ली राहुल द्रविड़ ने भारतीय क्रिकेट बल्लेबाज से नया आयाम दिया था. अब उनका बेटा अन्वय उसी राह पर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है. महज 16 साल की उम्र में इस खिलाड़ी ने कमाल का प्रदर्शन किया. भारतीय क्रिकेट का इतिहास दिग्गजों से भरा हुआ है. सबके अपने-अपने रिकॉर्ड और खासियतें रही हैं. भारतीय क्रिकेट में जब भी तकनीक, अनुशासन और क्लास की बात होती है तो सबसे पहले जो नाम आता है वो है राहुल द्रविड़ का. इस दिग्गज को पूरी दुनिया ‘द वॉल’ के नाम से जानती है, लेकिन अब क्रिकेट जगत में एक नया ‘द्रविड़’ सुर्खियां बटोर रहा है, जी हां, बात हो रही है राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ की, जिसने महज 16 साल की उम्र में बल्ले से ऐसा कमाल दिखाया है कि पूरे कर्नाटक क्रिकेट सर्कल में बस उसी की चर्चा है. दरअसल, हाल ही में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के वार्षिक पुरस्कार समारोह में अन्वय द्रविड़ को अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. यह लगातार दूसरा साल है जब अन्वय ने अपने दमदार प्रदर्शन से यह पुरस्कार अपने नाम किया है. 6 मैचों में 459 रन बनाकर किया था कमाल 16 साल के अन्वय द्रविड़ पापा की राह पर हैं. उन्होंने इस साल विजय मर्चेंट ट्रॉफी के 6 मैचों की 8 पारियों में 459 रन ठोके थे. उन्होंने यह रन 91.80 की औसत और दो शानदार शतकों की बदौलत बनाए. उनके बल्ले से कुल 48 चौके और 2 छक्के निकले. अन्वय का यह शानदार प्रदर्शन बताता है कि वो अपने पिता की तरह धैर्य और तकनीक पर भरोसा तो करते ही हैं, लेकिन उनके खेल में आक्रामकता भी झलकती है. विजय मर्चेंट ट्रॉफी क्या है? जिस विजय मर्चेंट ट्रॉफी में अन्वय द्रविड़ का बल्ला चला वो भारत का एक प्रतिष्ठित अंडर-16 घरेलू टूर्नामेंट है, जिसका आयोजन BCCI करती है. इसका नाम भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी विजय मर्चेंट के नाम पर रखा गया है. इस टूर्नामेंट का मकसद ऐसे युवा खिलाड़ियों को पहचान देना है जो भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें. विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे कई दिग्गजों ने भी अपने करियर की शुरुआत इसी ट्रॉफी से की थी. पिता राहुल द्रविड़ के नक्शेकदम पर बेटा राहुल द्रविड़ हमेशा अपनी शांत और क्लासिकल बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे. अब उनके बेटे अन्वय में भी वही क्रिकेटिंग डीएनए नजर आ रहा है. कर्नाटक क्रिकेट सर्कल में कोच और खिलाड़ी मानते हैं कि अन्वय में ‘मिस्टर डिपेंडेबल’ की झलक साफ दिखाई देती है. राहुल द्रविड़ की तरह वह भी मैदान पर फोकस्ड रहते हैं और टीम के लिए जिम्मेदारी से खेलते हैं. अब देखना होगा कि बड़े होकर अन्वय कैसा क्रिकेट खेलते हैं. अन्य खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान KSCA के इस समारोह में अन्वय के अलावा कई अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया. मयंक अग्रवाल को विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए सम्मान मिला, उन्होंने 93 की औसत से 651 रन ठोके थे, जबकि आर. स्मरण को रणजी ट्रॉफी में 516 रनों की शानदार पारी और दो शतकों के लिए पुरस्कृत किया गया. इतना ही नहीं केएल श्रीजीत को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक 213 रन बनाने के लिए सम्मानित किया गया.

आज होगी इंडिया गठबंधन की अहम बैठक, सीट शेयरिंग पर हो सकता है फ़ैसला

पटना इंडिया गठबंधन में सीट शेटरिंग फॉर्मूला को लेक पिछले कुछ दिनों से जारी मंथन अब अंतिम चरण में हैं। रविवार को इंडिया गठबंधन के समन्वय समिति के अध्यक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पोलो रोड में अहम बैठक हुई। इसमें इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सभी प्रमुख नेता शामिल हुए। आज फिर से इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल पोलो रोड में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर बैठक करेंगे। इसके बाद सात अक्टूबर यानी कल तेजस्वी यादव संयुक्त प्रेस कॉफ्रेंस कर सीट शेयरिंग की घोषणा कर देंगे। अब इंडिया गठबंधन इस बार आठ दलों के साथ चुनावी मैदान में उतरेगा। इनमें कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई),  मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), भाकपा माले, विकासशील इंसान पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी शामिल हैं। सूत्र बता रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन में राजद के खाते में करीब 130, कांग्रेस को 55 सीट, वामदल को 35, वीआईपी को 20 सीटें मिल सकती है। हालांकि कुछ सीटों को लेकर अब भी खींचतान जारी है। संभावना है कि आज की बैठक में इस पर सभी दलों की सहमति बन जाए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की पार्टी रालोजपा राजद कोटे से पांच सीओं पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। सूत्र बता रहे हैं कि इंडिया गठबंधन की बैठक में 2020 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टियों में वोट प्रतिशत और सीटों के रिकॉर्ड को देखते हुए इस बार सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हुआ है। ओवैसी को नहीं मिला अब तक जवाब इधर, AIMIM पार्टी के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी को इंडिया गठबंधन अपने साथ रखेगा या नहीं? इस पर कोई बात अब तक नहीं हुई है। संभावना है कि आज की बैठक में इस मुद्दे पर बात हो। हालांकि, ओवैसी ने राजद से गठबंधन को लेकर कहा कि हमने उनके सामने प्रस्ताव रखा था और बीजेपी से लड़ने के लिए सिर्फ 6 सीटें मांगी थीं, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।  

नौसेना पोत होंगे छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम, मुख्यमंत्री साय से मुलाकात के दौरान रक्षामंत्री ने जताई सहमति

मुख्यमंत्री साय से मुलाकात के दौरान रक्षामंत्री ने जताई सहमति रायपुर , छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का  अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के इस आग्रह का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश के हर कोने से योग्य युवाओं को सेना में जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सुझाव की सराहना करते हुए कहा कि यह विचार भारत की विविधता और एकता को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय इस पहल पर गंभीरता से विचार करेगा और उपयुक्त अवसर पर इसे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।