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मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

छिंदवाड़ा प्रकरण में सभी दोषियों के विरुद्ध की जाएगी कठोर कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी दो औषधि निरीक्षकों और उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन को किया निलंबित ड्रग कंट्रोलर स्थानांतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च स्तरीय बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छिंदवाड़ा प्रकरण में सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार सजग और संवेदनशील है, मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस क्रम में औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा श्री गौरव शर्मा, औषधि निरीक्षक जबलपुर श्री शरद कुमार जैन, उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री शोभित कोस्टा को निलंबित और ड्रग कंट्रोलर श्री दिनेश मौर्य को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा प्रकरण के संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर उच्च स्तरीय बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अभियान चलाकर घर-घर से रिकवर करें प्रतिबिंधत दवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही दुकानों में विद्यमान स्टॉक जप्त किया जाए। छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में जिन परिवारों ने यह दवा ली है, उनके घरों से दवा रिकवर करने के लिए सघन अभियान चलाया जाए। आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं के साथ ही सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए। कोल्ड्रिफ सिरप दवा के अलावा पिछले दिनों क्षेत्र में बिकने वाली अन्य दवाओं की प्रभावशीलता का भी आकलन कराया जाए। दवाओं पर जो चेतावनी और सावधानियां लिखी जानी चाहिए, वह लिखी जा रही हैं या नहीं इसकी जांच के लिए अभियान आरंभ किया जाए। इन नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाए। चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कॉम्बिनेशन ड्रग नहीं देने की व्यवस्था है, जो डॉक्टर इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर भी कार्यवाही की जाए। चिकित्सकों के संगठन और केमिस्ट एसोसिएशन का लिया जाए सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैडियाट्रिक्स सहित चिकित्सकों के विभिन्न संगठनों और केमिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से आवश्यक सावधानियां अपनाने और जागरूकता फैलाने के लिए कदम उठाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोल्ड्रिफ सिरप की निर्माता कंपनी पर कार्यवाही के लिए तमिलनाडु राज्य सरकार को घटनाक्रम से अवगत कराने के निर्देश भी दिए। छिंदवाड़ा जिले में सर्वे के माध्यम से चिन्हित किया गया प्रभावित मरीजों को बैठक में बताया गया कि छिंदवाड़ा से गंभीर प्रकरणों की जानकारी प्राप्त होते ही राज्य स्तर से चिकित्सकों का दल छिंदवाड़ा भेजा गया। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल और सेंट्रल ड्रग्स स्टेण्डर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन का भी जांच में सहयोग लिया गया। आठ मरीजों की जाँच के लिए उनके नमूने पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए। साथ ही छिंदवाड़ा से विभिन्न दवाओं के सैम्पल लेकर उनकी जांच कराई गई। छिंदवाड़ा और परासिया के निजी चिकित्सकों, अस्पतालों और केमिस्ट के साथ बैठक कर स्थिति का आंकलन किया गया और उन्हें आवश्यक सावधानियां बरतने के संबंध में सलाह दी गई। छिंदवाड़ा जिले में प्रभावित मरीजों को चिन्हित करने के लिए सर्वे आरंभ किया गया। क्षेत्र से प्राप्त हो रहे इस प्रकार के प्रकरणों को आवश्यकता होने पर आगे के इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय नागपुर के लिए रैफर किया गया। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर दवा पर प्रतिबंध लगाया गया तथा अस्पतालों और केमिस्टों के निरीक्षण की प्रक्रिया भी आरंभ की गई। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया तथा हिमाचल व तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर्स को दी सूचना बैठक में जानकारी दी गई कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया और हिमाचल प्रदेश व तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर्स को भी इस आशय की सूचना दी गई। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोलर से कोल्ड्रिफ सिरप की जांच रिपोर्ट में नमूने अमान्य पाये जाने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया। साथ ही अधिकांश मरीजों को कोल्ड्रिफ दवा लिखने तथा अपने परिवार के सदस्य के माध्यम से कोल्ड्रिफ दवा की ‍बिक्री कराने वाले डॉक्टर के निलंबन और दवा निर्माता के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री संदीप यादव सहित अधिकारी उपस्थित थे।  

JMM का बिहार में बड़ा दांव, 12 सीटों का दावा और तेजस्वी यादव से संभावित बैठक आज

रांची बिहार विधानसभा चुनाव में हिस्सेदारी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुदिव्य कुमार सोनू और विनोद पांडे आज पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे। पार्टी अध्यक्ष और सीएम हेमंत सोरेन ने दोनों को बातचीत करने के लिए इसकी कमान सौंपी है।   पार्टी सूत्रों के मुताबिक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी राज्य की सीमावर्ती 12 विधानसभा सीटों पर दावेदारी के साथ महागठबंधन में सम्मानजनक भागीदारी की तैयारी में जुट गई है। झामुमो की नजर बिहार के तारापुर, कटोरिया, मनिहारी, झाझा, बांका, ठाकुरगंज, रुपौली, रामपुर, बनमनखी, जमालपुर, पीरपैंती और चकाई सीटों पर है। इन जिलों की सीमा झारखंड से लगती है और यहां झामुमो का वोटबैंक मजबूत माना जाता है। पार्टी का दावा है कि इन इलाकों में संगठन की जमीनी पकड़ अच्छी है और अतीत में उसके विधायक भी यहां से चुने जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि सितंबर महीने में झामुमो अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पटना में हुई ‘वोटर अधिकार रैली' के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी, लेकिन तब सीट शेयरिंग पर कोई चर्चा नहीं हो सकी थी। इस बार बैठक को लेकर झामुमो काफी गंभीर है और पार्टी नेताओं को मजबूत तुकरं के साथ सीट शेयरिंग की बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। ज्ञातव्य है कि पिछले साल हुए झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान झामुमो ने महागठबंधन धर्म निभाते हुए राजद को 7 सीटें दी थीं, जिनमें से पार्टी ने 4 सीटों पर सफलता पाई थी। झामुमो अब इसी तर्ज पर बिहार में 12 सीटों की मांग कर रहा है। पार्टी का तर्क है कि गठबंधन धर्म में उसे भी वही सम्मान और हिस्सेदारी मिलनी चाहिए, जैसा उसने झारखंड में सहयोगी दलों को दिया था।  

पटना मेट्रो का दौड़ना शुरू, चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने खास नजर डालते हुए बाहर का नजारा देखा

पटना  पटना मेट्रो का इंतजार अब खत्म हो गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (सोमवार) पटना मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दिन भूतनाथ से न्यू आईएसबीटी तक पहले फेज की मेट्रो के परिचालन का उद्घाटन किया गया.बिहार विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले पटना मेट्रो की शुरुआत हो गई है। सोमवार को CM नीतीश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। पहले फेज में ISBT से भूतनाथ रोड के बीच 3 स्टेशन के बीच इसे चलाया जाएगा। ये ट्रैक 4.5 KM लंबा है। तीन स्टेशनों तक मिलेगी सेवा वर्तमान में यह मेट्रो सेवा 4.3 किलोमीटर रूट पर चलेगी, जो तीन स्टेशनों आईएसबीटी, जीरो माइल और भूतनाथ रोड के बीच संचालित होगी. पटना मेट्रो रेल कार्पोरेशन (पीएमआरएल) की तरफ से परिचालन की पूरी तैयारी कर ली गई थी. छह भूमिगत मेट्रो स्टेशनों की आधारशिला भी रखी इस दिन उद्घाटन के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कॉरिडोर वन के तहत पटना जंक्शन सहित छह भूमिगत मेट्रो स्टेशनों और 9.35 किलोमीटर लंबी सुरंग की आधारशिला भी रखी. सेफ्टी कमिश्नर दे चुके हैं हरी झंडी 3 दिन पहले मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर (CMRS) ने पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर के लिए सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किया था। CMRS ने सिग्नलिंग सिस्टम, पटरियों की मजबूती, ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य बिंदुओं की गहन जांच की थी। सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद मेट्रो सेवा शुरू करने की मंजूरी दी गई। मधुबनी पेंटिंग से सजी मेट्रो मेट्रो के कोच को मधुबनी पेंटिंग से खास तौर पर सजाया गया है, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है. कोचों में गेट, खिड़कियों और अंदरुनी हिस्सों पर गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप और नालंदा के खंडहर जैसे बिहार के विश्वप्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के आकर्षक स्टिकर लगे हैं. 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी गति शुरुआत में मेट्रो की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी. 15 से 30 रुपये होगा किराया आइएसबीटी से जीरो माइल का किराया 15 रुपये, वहीं न्यू आइएसबीटी से भूतनाथ मेट्रो स्टेशन का किराया 30 रूपये तय किया गया है. यानी पटना मेट्रो का फिलहाल न्यूनतम किराया 15 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये रहेगा. दो इमरजेंसी बटन की सुविधा यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हर मेट्रो कोच में 360-डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. आपात स्थिति के लिए दो इमरजेंसी बटन और माइक्रोफोन की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है. प्रत्येक कोच में कुल 138 सीटें इमरजेंसी में बटन दबाने पर यात्री सीधे मेट्रो रेल के ड्राइवर से बात कर सकेंगे और सीसीटीवी फुटेज भी कंट्रोल रूम में भेजी जाएगी. प्रत्येक कोच में कुल 138 सीटें हैं और उसमें 945 यात्रियों के खड़े होकर यात्रा करने की व्यवस्था है. सुबह 8 बजे से शुरू होगा परिचालन पहले चरण में तो यह मेट्रो आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन से भूतनाथ रोड तक चलेगी. अभी इसका परिचालन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा. हर 20 मिनट के अंतराल पर प्रत्येक स्टेशन पर मेट्रो मिलेगी. रोजाना मेट्रो 40 से 42 फेरे लगाएगी. 7 सितंबर को एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ी थी मेट्रो पटना मेट्रो का पहला ट्रायल रन 3 सितंबर को हुआ था। डिपो के अंदर 800 मीटर के ट्रैक पर ट्रेन को दौड़ाया गया था। इसके बाद 7 सितंबर को तीन कोच वाली मेट्रो डिपो से निकलकर ISBT स्टेशन से भूतनाथ स्टेशन तक 3.6KM का सफर एलिवेटेड ट्रैक पर तय किया था। इस दौरान मेट्रो की स्पीड, सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक की सुरक्षा से जुड़ी सभी चीजों की जांच की गई है। ट्रायल के दौरान आने वाली तकनीकी गड़बड़ियों को भी देखा गया था। मधुबनी पेंटिंग से डिजाइन की गई मेट्रो की बोगियां पटना मेट्रो की बोगियों को मधुबनी पेंटिंग से डिजाइन किया गया है। पूरी बोगियां नारंगी कलर में दिखेंगी। मेट्रो की तीनों बोगियों की गेट, बॉडी, खिड़की सहित हर जगह पर स्टिकर लगाया गया है। बोगियों के बाहर और अंदर का लुक बदला गया है। मेट्रो की छत पर मधुबनी पेंटिंग की स्टिकर चिपकाई गई है। बोगियों पर गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप, नालंदा खंडहर सहित बिहार के सभी टूरिस्ट प्लेस की तस्वीरों से सजाया गया है। मेट्रो कॉरिडोर वन और टनल की रखी आधारशिला मुख्यमंत्री मेट्रो कॉरिडोर वन के पटना जंक्शन समेत छह भूमिगत स्टेशन और 9.35 किलोमीटर लंबे टनल का शिलान्यास किया। कॉरिडोर वन में पटना जंक्शन से रुकनपुरा और मीठापुर तक 9.35 किमी में टनल बनेगा। कॉरिडोर वन में 2565.80 करोड़ से छह भूमिगत स्टेशन सहित टनल का निर्माण होना है। एजेंसी से एग्रीमेंट कर लिया गया है। निर्माण 42 महीने में पूरा करना है। कॉरिडोर वन के लिए दो हिस्सों में टेंडर जारी हुआ था। इसके पहले भाग में रुकनपुरा, राजा बाजार और चिड़ियाघर स्टेशन बनेगा। पाटलिपुत्र एलिवेटेड स्टेशन के बाद रुकनपुरा रैप से इसपर 1147.50 करोड़ खर्च होंगे। दूसरे भाग में विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन स्टेशन का निर्माण होगा। साथ ही विकास भवन से पटना जंक्शन होते हुए मीठापुर रैंप तक टनल बनेगा। निर्माण पर 1418.30 करोड़ खर्च होंगे।

परासिया में मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई, नियमों के उल्लंघन पर ड्रग लाइसेंस निरस्त

भोपाल खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय छिंदवाड़ा द्वारा विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर जिले के परासिया स्थित अपना मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी  शरद कुमार जैन ने बताया है कि आदेश के पश्चात इस मेडिकल स्टोर्स द्वारा अब दवाओं का क्रय-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन पर तीन से पाँच वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। अनुज्ञापन अधिकारी  जैन ने बताया कि विभिन्न बिंदुओं पर अपना मेडिकल स्टोर्स परासिया का निरीक्षण किया गया, जिसमें औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली 1945 के तहत गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। निरीक्षण के दौरान विक्रय रिकॉर्ड अपूर्ण पाए गए, पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं का विक्रय किया जा रहा था तथा विक्रय बिल प्रस्तुत नहीं किए गए।इन उल्लंघनों के संबंध में औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किन्तु नियत अवधि में संचालक द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। उक्त के दृष्टिगत अपना मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।  

स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

स्वच्छताकर्मियों का कोई शोषण नहीं कर पाएगा, जल्द ही उनके अकाउंट में आएंगे 16 से 20 हजार रुपयेः मुख्यमंत्री  स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री  सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत उत्कृष्ट योगदान करने वाले स्वच्छाग्रहियों का किया सम्मान, स्वच्छता किट भी वितरित की  सफाई मित्रों पर की पुष्पवर्षा, स्कूली बच्ची संग खिंचवाई फोटो भाजपा का काम जोड़ना, सपा-कांग्रेस का काम है तोड़नाः योगी  भगवान वाल्मीकि भारत की ऋषि परंपरा, सनातन धर्म के भाग्य विधाताः मुख्यमंत्री  सीएम ने किया कटाक्ष- बहुत लोग चुनाव के समय दिखाई देते हैं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में जनता कहती है-आ गइलः बोले- जो जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहेगा, जनता उसे आशीर्वाद देती रहेगी सीएम का आह्वान- इस दीपावली हर गरीब के घर पहुंचाएं मिठाई  वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 7 अक्टूबर को भगवान वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। भगवान वाल्मीकि भारत की ऋषि परंपरा, सनातन धर्म के भाग्य विधाता हैं। वे हम सभी के रोम-रोम और श्वांस-श्वांस में भगवान राम का वास कराने वाले त्रिकालदर्शी ऋषि भी हैं। महर्षि वाल्मीकि दुनिया के पहले सर्वश्रेष्ठ महाकाव्य को रचने वाले आदिकवि भी हैं। सीएम ने कहा कि ऑर्डर जारी होने वाला है, कुछ ही दिनों के अंदर स्वच्छताकर्मियों के अकाउंट में सीधे 16 से 20 हजार रुपये जाएंगे। कोई उनका शोषण नहीं कर पाएगा। सारी तैयारियां चल रही हैं, पोर्टल तैयार हो रहे हैं। स्वच्छता कर्मियों व स्वच्छता मित्रों को पांच लाख रुपये के आयुष्मान भारत के कार्ड की स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराने जा रहे हैं। जो सबके स्वास्थ्य की रक्षा करता है, हमारी कोशिश है कि उसके लिए भी सरकार के स्तर पर प्रयास हो।  सीएम योगी सोमवार को सरोजा पैलेस, पिपलानी कटरा में स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत उत्कृष्ट योगदान करने वाले स्वच्छता मित्रों का सम्मान और स्वच्छता किट का वितरण किया। सीएम ने सफाईमित्रों पर पुष्पवर्षा भी की। एक बच्ची ने सीएम के साथ फोटो भी खिंचवाई।  मौके पर जनता की सुनवाई करते हैं जनप्रतिनिधि तो समस्या वहीं समाधान का रास्ता निकाल लेती है  सीएम योगी ने कहा कि 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा चला। 17 को आधुनिक भारत के शिल्पी, प्रधानमंत्री और काशी के लोकप्रिय सांसद नरेंद्र मोदी,  25 को अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय और दो अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का पावन जन्मदिन रहा। इस दौरान भाजपा ने अखिल भारतीय स्तर पर अनेक कार्यक्रम किए। इस श्रृंखला में तीन महीने पहले से 75 दिन के इस अभियान को लेकर डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इसे प्रारंभ किया और एक-एक मोहल्ले में जाकर स्वच्छता के बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। हर जनप्रतिनिधि (पार्षद, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, चेयरमैन, महापौर, विधायक या सांसद) इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे। सीएम ने कहा कि जनता-जनार्दन से अक्सर यह शिकायत सुनने को मिलती है कि चुनाव आ गया तो दिखाई दे रहे हैं। बहुत लोग चुनाव के समय दिखाई देते हैं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में जनता कहती है-आ गइलः, लेकिन जहां जनप्रतिनिधि थोड़े भी जागरूक हैं। मौके पर जाकर जनता की सुनवाई करते हैं तो समस्या वहीं समाधान का रास्ता निकाल लेती है।  समाधान की चर्चा करते हैं तो रास्ता निकलता है  मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सबके सामने कठिनाई आती है,  लेकिन जब हम समाधान की चर्चा करते हैं तो इसका रास्ता निकलता है। समस्या को समस्या की दृष्टि से देखते हैं तो वह समाधान की तरफ नहीं बढ़ पाती। आप समाधान की तरफ सोचेंगे तो समस्या को सदैव के लिए समाप्त कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए समय निकालकर मौके पर जाना पड़ेगा। 75 दिन की यात्रा के दौरान एक-एक मोहल्ले में जाना, सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अभियान का हिस्सा बनना, चौपाल लगाना, स्वच्छता के कार्यक्रम को बढ़ाना अद्भुत कार्य है।  स्वच्छ भारत अभियान ने नारी के साथ भारत के गरिमा की भी रक्षा की  सीएम ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री ने देश में स्वच्छ भारत अभियान का आगाज किया था। उनका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति प्रत्येक नागरिक को जागरूक करना था। प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने हाथ में झाड़ू लिया था। हम देश और मातृभूमि को गंदा नहीं होने देंगे। सबसे पहले स्वच्छता अभियान चला। 12 करोड़ घरों में एक-एक शौचालय बनाने से 60 करोड़ लोगों को लाभ मिला। यह बहुत बड़ा कार्य है। यह क्रम लगातार बढ़ता रहा। शौचालय बनाने का मतलब स्वच्छता के प्रति हर नागरिकों को आग्रही बनाना और नारी गरिमा की रक्षा करना भी था। इस सीजन में गांवों में पैदल नहीं जाया जा सकता था। रास्तों में बदबू आती थी, लेकिन 2014 के बाद परिवर्तन आया तो आज गांव और वार्ड भी साफ-सुथरे हैं। इसने नारी के साथ भारत के गरिमा की भी रक्षा की। भारत के बारे में लोगों की सोच में परिवर्तन लाया गया। आज दुनिया भारत के बारे में अच्छा सोचती है।  स्वच्छ भारत अभियान स्वस्थ भारत के साथ-साथ सशक्त व समर्थ भारत की भी आधारशिला  सीएम योगी ने कहा कि गंदगी से होने वाली अनेक बीमारियों से लोगों को राहत मिली। प्रधानमंत्री ने उपचार के लिए आयुष्मान भारत की सुविधा दी। तमाम बीमारियां गंदगी के कारण पैदा होती थीं, लेकिन स्वच्छता से जुड़ने का परिणाम रहा कि उन बीमारियों से राहत मिली तो घर में बचत भी हुई। स्वच्छ भारत अभियान स्वस्थ भारत के साथ-साथ सशक्त व समर्थ भारत की भी आधारशिला है। पीएम ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में देशवासियों से कहा कि हमें भारत को विकसित बनाना है। इसके लिए शताब्दी संकल्प अभियान के साथ जोड़ा गया। देश जब आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, उस समय हमें विकसित,  समर्थ, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत चाहिए। दुनिया का कोई देश भारत की तरफ आंख टेढ़ी करके नहीं देख सकता। यह केवल पीएम का नहीं, सभी भारतवासियों का संकल्प है। इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी काशीवासियों की ही है, क्योंकि संसद में मोदी जी काशी का ही प्रतिनिधित्व करते हैं।  स्वच्छता के आधार और मित्र हैं स्वच्छता कर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी दक्षिण के कार्यकर्ताओं व स्वच्छता मित्रों का अभिनंदन किया और 75 दिन तक चले इस कार्यक्रम को अद्भुत बताया। बोले- यह कार्य नई प्रेरणा व नया प्रयोग भी है। … Read more

टिकट बंटवारे में बदलाव, BJP इन वर्तमान विधायकों को सकती है अलविदा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनाव समिति की लगातार दो दिन बैठक हुई, जिसमें चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, बढ़िया प्रदर्शन न करने वाले या विवादों में घिरे मौजूदा विधायकों के टिकट पर कैंची चलना तय माना जा रहा है। उन विधायकों को टिकट नहीं देने की चर्चाएं जोरों पर है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री एवं बिहार चुनाव के लिए पार्टी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने की। बैठक में उनके कैबिनेट सहयोगी एवं चुनावों के सह-प्रभारी सीआर पाटिल और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े भी मौजूद थे। बिहार विधानसभा चुनाव में नए चेहरों को मिलेगा मौका भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि चर्चा ‘‘हमारी बची हुई मौजूदा सीटों के साथ-साथ पिछली बार हारी हुई सीटों'' पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा था कि ‘‘जिन उम्मीदवारों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और जिनका कोई मजबूत विरोधी नहीं है, उन्हें दूसरी बार मौका दिया जा सकता है, लेकिन बाकी को नए चेहरों से बदलना पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक,  कमजोर प्रदर्शन करने वाले या विवादों में घिरे 20 से अधिक विधायकों का टिकट काटा जा सकता है। बताया जा रहा है कि रामनगर से भागीरथी देवी, छपरा से विधायक डॉ. सीएन गुप्ता, लोरिया के विनय बिहारी , आरा से अमरेंद्र प्रताप सिंह, नरकटियागंज की रश्मि वर्मा, अलीपुर के मिश्रा लाल यादव जैसे कुछ अन्य विधायकों के टिकटें कटना तय माना जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के कई राजनीतिक दिग्गजों के भविष्य पर सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है! पार्टी द्वारा विधायकों के प्रदर्शन को लेकर भी सर्वे करवाया गया। जिन विधायकों को लेकर लोगों ने अच्छा फीडबैक दिया है, पार्टी उनको ही दोबारा मौका देने का फैसला किया है। वहीं कमजोर प्रदर्शन वाले विधायकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। आज होगा चुनाव की तारीखों का ऐलान बता दें कि पार्टी ने 2020 के चुनावों में 110 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 75 पर जीत हासिल की थी, और अन्य दलों के दलबदल और उपचुनावों में जीत के कारण पिछले कुछ वर्षों में इसकी ताकत बढ़ी है। जानकारी हो कि निर्वाचन आयोग सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। निर्वाचन आयोग शाम चार बजे संवाददाता सम्मेलन करेगा। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

मैथिली ठाकुर की राजनीतिक संभावनाएँ: BJP नेता विनोद तावड़े से की मुलाकात

पटना बिहार को लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर चर्चा है कि वे 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। यह चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि उन्होंने बीजेपी के नेताओं से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे। विनोद तावड़े और नित्यानंद राय के साथ जब से उनकी तस्वीर सामने आई है चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कर लिखा कि वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहती हैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान बिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकी अपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं! मैथिली ठाकुर ने क्या कहा? विनोद तावड़े के इस पोस्ट से संकेत मिल रहा है कि मैथिली चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली ठाकुर ने भी एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है, "जो लोग बिहार के लिए बड़े सपने देखते हैं, उनके साथ हर बातचीत मुझे दूर दृष्टि और सेवा की शक्ति की याद दिलाती है। हृदय से सम्मानित और आभारी हूं. श्री नित्यानंद राय जी एवं श्री विनोद श्रीधर तावड़े जी।" कौन हैं मैथिली ठाकुर? मैथिली ठाकुर मधुबनी के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। चुनाव आयोग द्वारा मैथिली ठाकुर को बिहार का 'स्टेट आइकॉन' भी नियुक्त किया गया था। भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत में प्रशिक्षित मैथिली ठाकुर को 2021 के लिए बिहार के लोक संगीत में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के लिए चुना गया था। मैथिली ठाकुर अपने दो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में अपने दादा और पिता द्वारा प्रशिक्षित की गई हैं।  

सालभर बाद भाजपा-केंद्र संबंधों में नया अध्याय, उपमुख्यमंत्री साव ने बताया संवाद अहम

रायपुर प्रदेश भाजपा ने एक बार फिर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने और निराकरण को लेकर भाजपा कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में ‘सहयोग केंद्र’ के संचालन करने का निर्णय लिया है. इसकी शुरुआत कल 6 अक्टूबर सोमवार से होगी. पहले दिन राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा दोपहर 2 से शाम 5 बजे के बीच कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे और निराकरण करेंगे. इसके लिए कार्यकर्ताओं को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच पंजीयन कराना होगा. पूर्व अनुभव को देखते हुए इस बार भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने को सहयोग केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है. संवाद और सहयोग हमारी प्राथमिकता : डिप्टी सीएम अरुण साव डिप्टी सीएम अरुण साव ने ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र की फिर से शुरूआत होने पर कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और सहयोग हमारी प्राथमिकता है. हर मंत्री को पार्टी कार्यालय में बारी-बारी से बैठना होगा. उन्होंने बताया कि वह भी 14 अक्टूबर को पार्टी कार्यालय में बैठेंगे और कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे. पत्रकारों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी की गई है. यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का परिणाम है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ को विकसित प्रदेश बनाने के लिए संसाधनों के उपयोग के लिए समीक्षा की गई. नई औद्योगिक नीति से निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया गया. साथ ही कृषि और युवाओं के कौशल विकास के लिए कार्य किया जा रहा है. उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग कोल्ड्रिफ कफ सिरफ के मामले को लेकर सचेत है. एहतियातन कदम उठाए जा रहे है. सरकार के संज्ञान में यह मामला है. उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रदेशों में जो कफ सिरफ की छत्तीसगढ़ में आपूर्ति नहीं है. इसलिए डरने की बात नहीं है. उल्लेखनीय हैं कि वर्ष 2023 में राज्य की सत्ता में चौथी बार भाजपा काबिज हुई. तब प्रदेश भाजपा ने कार्यकर्ताओं की समस्या सुनने और निराकरण करने के लिए मंत्रियों की सहयोग केंद्र में ड्यूटी लगाई. यह सहयोग केंद्र पहले लोकसभा और फिर नगरीय चुनाव की आचार संहिता के चलते प्रभावित हुआ, अततः अक्टूबर 2024 में इसे बंद कर दिया गया. करीब सालभर बाद फिर कार्यकर्ताओं की मांग पर यह सहयोग केंद्र शुरू किया जा रहा है. पहले चरण में पांच मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है, इसमें 6 अक्टूबर को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, 7 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, 8 अक्टूबर को वन मंत्री केदार कश्यप, 9 अक्टूबर को तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और 10 अक्टूबर को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल मौजूद रहेंगे.

चेस बोर्ड पर दिखा ड्रामा: नाकामुरा ने गुकेश को हराने के बाद राजा का मोहरा दर्शकों की ओर उछाला

न्यूयॉर्क अमेरिका के स्टार चेस खिलाड़ी हिकारू नाकामुरा काफी सुर्खियों में हैं. नाकामुरा ने यूएसए vs इंडिया चेकमेट टूर्नामेंट में जैसी हरकत की, वो खेल भावना के खिलाफ थी. नाकामुरा अपने दिखावटी जश्न के कारण विवादों में घिर गए हैं. नाकामुरा ने वर्ल्ड चैम्पियन डी गुकेश को हराने के बाद चेस बोर्ड से गुकेश के किंग को उठाया और उसे दर्शकों की ओर फेंक दिया.  इस टूर्नामेंट में यूएसए ने भारत को 5-0 से हराया. हिकारू नाकामुरा की ये हरकत कई पूर्व चेस खिलाड़ियों को पसंद नहीं आई. पूर्व चेस वर्ल्ड चैम्पियन व्लादिमीर क्रैमनिक ने नाकामुरा के इस व्यवहार को पूरी तरह असम्मानजनक बताया. रूसी दिग्गज क्रैमनिक ने X पर लिखा, 'मुझे नहीं पता कि यह बचकाना और बेस्वाद काम क्यों किया गया. शायद इसका मकसद गुकेश को अपमानित करना नहीं था, लेकिन यह सार्वजनिक हरकत विशेष रूप से वर्ल्ड चैम्पियन के खिलाफ अपमानजनक और उकसाने वाली लगती है.' व्लादिमीर क्रैमनिक ने कहा कि इस तरह के जश्न शतरंज की गरिमा को गिरा रहे हैं. हिकारू नाकामुरा ने अपनी हरकत पर कोई माफी नहीं मांगी है. चेस इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'अगर मैं जीतता, तो मैं हमेशा किंग फेंकता. यह एक रोमांचक बुलेट गेम था और इसलिए इसे और मजेदार बनाया. मुझे उम्मीद है कि फैन्स ने इसका आनंद लिया होगा.' क्या दिखावे के लिए ऐसा किया गया? फेमस शतरंज स्ट्रीमर लेवी रोमैन ने कहा कि इस टूर्नामेंट में थिएट्रिक्स यानी दिखावटी हरकतों को बढ़ावा दिया गया था. रोजमैन ने कहा, 'दोनों टीमों को बताया गया था कि जश्न और किंग फेंकना ठीक है. बस नाकामुरा जीत गए और उन्होंने संभवत: गुकेश से पीछे जाकर कहा कि यह सब केवल शो के लिए था.' भारतीय मूल के डच ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी ने भी हिकारू नाकामुरा का समर्थन किया. उन्होंने X पर लिखा, मैं हिकारू के साथ हूं. आयोजक शायद एक प्रयोग कर रहे थे, यह दिखाने के लिए नहीं कि भविष्य में शतरंज हमेशा ऐसे ही खेला जाएगा. हिकारू सिर्फ दर्शकों के लिए मजेदार हरकत कर रहे थे. मुझे इसमें बड़ी बात नहीं दिखती.' इस विवाद से शतरंज में परंपरा और मनोरंजन के बीच संतुलन का सवाल सामने आया है. पारंपरिक दृष्टिकोण रखने वाले व्लादिमीर क्रैमनिक जैसे शख्स मानते हैं कि प्रतिद्वंद्वी के किंग को फेंकना असम्मानजनक है. वहीं कुछ फैन्स कहते हैं कि शतरंज बदल रहा है और अब इसे डिजिटल युग और सोशल मीडिया के हिसाब से मनोरंजन का हिस्सा बनाना भी जरूरी है. ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि हिकारू नाकामुरा की हरकत असम्मानजनक थी या सिर्फ मनोरंजन के लिए ऐसा किया गया था. लेकिन एक बात स्पष्ट है कि नाकामुरा ने जो किया, उसने नए विवाद को जन्म दिया है.

टी20 कप्तानी की राह पर गिल? इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ने जताया भरोसा

नई दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने शुभमन गिल को टेस्ट के बाद भारतीय वनडे टीम की कप्तानी सौंपने के फैसले की सराहना की है। पनेसर ने इसे मास्टरस्ट्रोक बताया है और कहा कि गिल नेचुरल लीडर हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर उभर जाते हैं। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज के लिए गिल को वनडे टीम का कप्तान नियुक्त किया था। गिल ने रोहित की ली जगह गिल ने रोहित शर्मा की जगह ली थी जिनके नेतृत्व में भारत ने इस साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। भारत को 19 अक्तूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है और इसके बाद दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा था कि उन्होंने खुद रोहित को टीम प्रबंधन के फैसले की जानकारी दी थी। पनेसर ने फैसले का किया स्वागत रोहित की जगह गिल को कप्तान बनाए जाने से फैंस काफी आश्चर्य हो गए थे और इसे लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। पनेसर ने हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन के इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि लीडरशीप भूमिका गिल के लिए सही है। पनेसर ने कहा, मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन फैसला है क्योंकि मुझे गिल ने वाकई अच्छा प्रदर्शन किया है। रोहित शर्मा के रहते उन्हें कप्तान बनाना, उन्हें सीरीज के दौरान मदद और मार्गदर्शन दे सकता है। यह वाकई एक अच्छा कदम है। हमने इंग्लैंड में देखा है कि वह एक स्वाभाविक कप्तान हैं। जब आप शुभमन गिल को जिम्मेदारी देते हैं, तो आप उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखते हैं। मुझे लगता है कि हम वनडे सीरीज में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखेंगे। मुझे हैरानी नहीं होगी अगर उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की कप्तानी भी दी जाए क्योंकि मुझे लगता है कि वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो जिम्मेदारी मिलने पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं। गिल की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर दूसरी तरफ, गिल भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उनकी नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर टिकी हैं। इस बड़े आयोजन से पहले भारत के लगभग 20 वनडे मैच खेलने की उम्मीद है और नए कप्तान का लक्ष्य प्रतिष्ठित ट्रॉफी के साथ स्वदेश लौटना है। गिल ने हाल ही में बीसीसीआई के एक वीडियो में कहा था, अपने देश की वनडे टीम की कप्तानी करना और एक ऐसी टीम का नेतृत्व करना जो अच्छा प्रदर्शन कर रही है, मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगा। मुझे लगता है कि विश्व कप से पहले हमारे पास लगभग 20 वनडे मैच हैं और जाहिर है कि हमारा लक्ष्य दक्षिण अफ्रीका में होने वाला विश्व कप है।