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Quad को लेकर ट्रंप की बातों पर भारत का ऐक्शन! ऑस्ट्रेलिया संग हुई बड़ी डिफेंस डील

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ऑस्‍ट्रेलिया के दौरे पर हैं, जहां तीन बड़े रक्षा समझौते किए गए हैं. भारत ने क्‍वाड (Quad) पर कैनबरा से अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को करारा जवाब दिया है. ट्रंप ने क्‍वाड में अमेरिकी भागीदारी पर उदासीनता को कई बार स्‍पष्‍ट रूप से जताया है. वहीं, भारत क्‍वाड के अन्‍य सदस्‍य देशों (ऑस्‍ट्रेलिया और जापान) के साथ ही इस जोन के अन्‍य महत्‍वपूर्ण देशों (जैसे दक्षिण कोरिया) के साथ अपने रक्षा और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई दे रहा है. बता दें कि हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक गत‍िविधियों पर लगाम लगाने के लिए Quad का गठन किया गया था. इसमें भारत के साथ ही अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया और जापान शामिल हैं. ट्रंड की नीतियों के चलते इसपर ग्रहण सा लगता दिख रहा था, जिसे भारत अब कूटनीतिक ईंधन देकर उसे एक सशक्‍त फोरम बनाने में जुटा है. अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन की Indo-Pacific नीति और Quad के प्रति घटती रुचि के बीच भारत और ऑस्‍ट्रेलिया ने गुरुवार को अपने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में तीन महत्‍वपूर्ण समझौते किए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके ऑस्‍ट्रेलियाई समकक्ष रिचर्ड मार्ल्‍स के बीच कैनबरा में हुई प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान, पनडुब्‍बी खोज एवं बचाव सहयोग, और ज्‍वाइंट स्‍टाफ डायलॉग मेकेनिज्‍म की स्‍थापना से जुड़े तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके अलावा दोनों देशों ने एक संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप तैयार करने और दीर्घकालिक रक्षा एवं सुरक्षा ढांचा समझौता पर भी जल्‍द हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई. यह नया ढांचा वर्ष 2009 में हुए साझा सुरक्षा घोषणा पत्र की जगह लेगा. भारत लगातार मजबूत कर रहा रिश्‍ते राजनाथ सिंह की यह यात्रा 2014 में NDA सरकार के सत्ता में आने के बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली ऑस्‍ट्रेलिया यात्रा है. यह ऐसे समय में हुई है, जब भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव और नीति असंतुलन के बीच जापान, ऑस्‍ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस जैसे क्षेत्रीय साझेदारों के साथ अपने रक्षा संबंधों को सशक्‍त कर रहा है. मार्ल्‍स ने पहले कहा था कि चीन भारत और ऑस्‍ट्रेलिया दोनों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा है. बैठक में दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि Indo-Pacific क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले, स्थिर और समृद्ध माहौल को बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाना जरूरी है. दोनों देशों ने समुद्री मार्गों की स्वतंत्र आवाजाही, उड़ान और निर्बाध व्यापार के महत्व को भी दोहराया. रणनीतिक तौर पर अहम भारत-जापान के हालिया सुरक्षा सहयोग समझौते के बाद यह बैठक Quad देशों (भारत, ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और जापान) के बीच बढ़ते रक्षा तालमेल की दिशा में एक और अहम कदम मानी जा रही है. आने वाले महीने में होने वाले मालाबार नौसैनिक अभ्यास से पहले दोनों देशों ने समुद्री निगरानी और डोमेन अवेयरनेस पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हमने भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की. हमने अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की महत्ता को दोहराया.’ उन्‍होंने आतंकवाद पर भारत की सख्‍त नीति दोहराते हुए कहा, ‘आतंक और वार्ता साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्‍यापार साथ नहीं चल सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते.’ राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की.

कछुए की मूर्ति से बनता है घर में पॉजिटिव एनर्जी का माहौल, जानें कहाँ और कैसे रखें

माना जाता है कि जिस घर में वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखा जाता है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि का माहौल बना रहता है। वहीं वास्तु नियमों की अनदेखी करने पर व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना करना पड़ता है, जिससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप किस तरह अपने घर में कछुए की मूर्ति रख सकते हैं, जिससे आपको लाभ होगा। मिलते हैं ये फायदे वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में कछुए की मूर्ति (tortoise vastu tips) रखने से जीवन में धन-समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। साथ ही इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर बनी रहती है। इतना ही नहीं वास्तु के अनुसार, घर में कछुए की मूर्ति रखने से वास्तु दोष भी दूर होता है। किस दिशा में रखना है शुभ कछुए की मूर्ति को हमेशा घर की उत्तर या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। इस दिशा में पीतल, सोना या फिर चांदी से बनी कछुए की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। वहीं अगर आप क्रिस्टल से बनी कछुए की मूर्ति रख रहे हैं, तो इसे ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में कछुए की इस तरह की मूर्ति घर में रखना शुभ माना गया है, जिसमें कछुआ पानी के अंदर हो। इस पानी को रोजाना बदलना चाहिए। कहां रखें कछुएं की मूर्ति बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी कछुए की मूर्ति रखना काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में आप इसे बच्चों के कमरे में रख सकते है। इसके साथ ही कछुए की मूर्ति को मुख्य द्वार के पास रखना भी लाभकारी माना जाता है। मूर्ति को कुछ इस तरह से रखें कि कछुए का मुंह घर के अंदर की तरफ हो।  

अनवर कादरी को हटाने का प्रस्ताव पारित, इंदौर मेयर का तीखा हमला – कांग्रेस की मंशा पर उठे सवाल

इंदौर नगर निगम परिषद में गुरुवार को हुए सम्मेलन में माहौल बेहद गरम रहा। परिषद की बैठक में पार्षद अनवर कादरी उर्फ ‘डकैत’ को पार्षदी पद से निष्कासित करने का प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया। सदन में यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पास हुआ, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कादरी के खिलाफ गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि उनके कार्यों से न केवल नगर निगम की प्रतिष्ठा, बल्कि देश के सबसे स्वच्छ शहर की छवि भी धूमिल हुई है। महापौर ने सदन में कहा कि वर्ष 2003 में नगर निगम कानून में संशोधन कर यह प्रावधान जोड़ा गया था कि परिषद के दो-तिहाई सदस्य को यदि लगता है कि किसी पार्षद का आचरण या उसके खिलाफ आरोप इतने गंभीर हैं कि उसका पद पर बने रहना निगम या शहर के हित में नहीं है, तो परिषद उसे पद से हटा सकती है। उन्होंने कहा कि आज वह समय आ गया है। जब इस प्रावधान का सदुपयोग होना चाहिए। हमने संभागायुक्त को इस संबंध में सूचित किया था। उन्होंने भी पार्षद अनवर कादरी को निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि संभागायुक्त न केवल उनकी पार्षदी समाप्त करेंगे, बल्कि उन्हें आगामी वर्षों में चुनाव लड़ने से भी रोकने का आदेश देंगे। लव जिहाद और देशविरोधी गतिविधियों के आरोपों का जिक्र महापौर ने कादरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर जैसे शहर का चुना हुआ जनप्रतिनिधि यदि लव जिहाद जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करे, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लव जिहाद के मामलों पर केरल हाईकोर्ट के निर्णय भी हैं और इससे जुड़े तथ्य सबके सामने हैं। इसके अलावा, जहां भी देशविरोधी गतिविधियों की बात आती है, वहां अनवर कादरी का नाम जुड़ता है। उन पर कई मामलों में आरोप सिद्ध हुए हैं, कई बार राज्य सुरक्षा कानून भी लगाया गया है। महापौर ने आगे कहा कि कादरी के खिलाफ कई गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि कादरी के पास जम्मू-कश्मीर से जारी बंदूक का लाइसेंस मिला था, जो खुद में सवाल खड़े करता है। ऐसे कृत्य नगर निगम और इंदौर जैसे स्वच्छ शहर की साख को नुकसान पहुंचाते हैं। जब उनके खिलाफ आरोप लगे और वह फरार हुए, तब पूरे शहर में चर्चा रही। उनके वार्ड के लोग महीनों तक अपने पार्षद को ढूंढते रहे। जेल में रहना और फरार रहना, दोनों ही स्थितियां यह साबित करती हैं कि उनका पार्षद बने रहना अनुचित है। कांग्रेस ने नहीं की कोई कार्रवाई महापौर ने सदन में विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि लव जिहाद के आरोप लगने के बावजूद कांग्रेस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आज भी विपक्षी पार्षद इस प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन छोड़कर चले गए। यह सवाल कांग्रेस नेतृत्व से पूछा जाना चाहिए कि क्या पार्टी लव जिहाद जैसे मामलों का समर्थन करती है? महापौर ने मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी से पूछा की क्या कांग्रेस ऐसे पार्षदों का बचाव कर रही है? आखिर क्यों पार्टी ने अब तक उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया? सदन में प्रस्ताव पारित लंबी बहस और हंगामे के बीच सभापति ने प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम परिषद ने पार्षद अनवर कादरी को परिषद से निष्कासित करने का प्रस्ताव पास कर दिया। सदन के भीतर भाजपा पार्षदों ने तालियां बजाकर इस निर्णय का स्वागत किया

OnePlus का नया धमाका: ₹999 में शानदार Type-C वायर्ड ईयरफोन, साउंड क्वालिटी बेमिसाल!

नई दिल्ली OnePlus ने भारतीय बाजार में एक बार फिर अपने यूजर्स के लिए नया प्रोडक्ट पेश किया है. कंपनी ने नया OnePlus Half In-Ear Wired Type-C Earphones लॉन्च किया है, जो दिखने में क्लासिक और कीमत में बेहद किफायती है. यह ईयरफोन खास तौर पर उन लोगों के लिए है, जो अब भी वायर्ड साउंड क्वालिटी को प्राथमिकता देते हैं और ब्लूटूथ डिवाइस की चार्जिंग झंझट से बचना चाहते हैं. क्लासिक लुक और मॉडर्न कनेक्टिविटी OnePlus का यह नया ईयरफोन हाफ इन-ईयर डिजाइन में आता है, जिसका लुक काफी हद तक Apple के EarPods से मिलता-जुलता है. इसमें Type-C कनेक्टिविटी दी गई है, जिससे यह आज के सभी आधुनिक स्मार्टफोन्स के साथ आसानी से कनेक्ट हो जाता है. कंपनी का दावा है कि यह ईयरफोन न सिर्फ बेहतर साउंड देता है, बल्कि इसमें डिजिटल सिग्नल इंटरफेस की सुविधा भी है, जो यूजर को साफ और गहरी आवाज का अनुभव कराती है. दमदार ऑडियो परफॉर्मेंस OnePlus Half In-Ear Wired Earphones में 14.2mm का डायनमिक ड्राइवर दिया गया है, जिसे कंपनी की एकॉस्टिक टीम ने खास तरीके से ट्यून किया है. यह सेटअप हाई-क्वालिटी बास और क्लियर ऑडियो डिलीवर करता है, जिससे यूजर्स को प्रीमियम साउंड एक्सपीरियंस मिलता है. एचडी कॉलिंग और आसान कंट्रोल इन ईयरफोन्स में इन-लाइन रिमोट कंट्रोल दिया गया है, जिसकी मदद से यूजर्स आसानी से म्यूजिक प्ले या पॉज़ कर सकते हैं और कॉल्स को पिक या कट कर सकते हैं. कंपनी के मुताबिक, इसमें स्टेबल कनेक्टिविटी दी गई है, जिससे यूजर को HD कॉलिंग एक्सपीरियंस मिलता है. उलझन से मुक्त वायर और आरामदायक फिट OnePlus का यह नया ईयरफोन टैंगल-फ्री वायर के साथ आता है, यानी इसे बैग या पॉकेट में रखने पर तारें उलझती नहीं हैं. इसके अलावा, इसमें स्किन-फ्रेंडली मटेरियल का उपयोग किया गया है, जिससे लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर भी कानों में कोई परेशानी नहीं होती. कीमत और उपलब्धता OnePlus ने इस ईयरफोन को फिलहाल सिर्फ व्हाइट कलर ऑप्शन में लॉन्च किया है. इसकी कीमत ₹999 रखी गई है और इसे OnePlus की आधिकारिक वेबसाइट या रिटेल स्टोर्स से खरीदा जा सकता है. क्यों है खास     Type-C कनेक्टिविटी – मॉडर्न स्मार्टफोन्स के लिए उपयुक्त     14.2mm ड्राइवर के साथ दमदार साउंड     ट्यून किया गया एकॉस्टिक सिस्टम     HD कॉलिंग सपोर्ट     टेंगल-फ्री केबल     बजट फ्रेंडली प्राइस ₹999 OnePlus का यह नया Type-C वायर्ड ईयरफोन उन यूजर्स के लिए एक शानदार विकल्प है जो बजट में प्रीमियम ऑडियो क्वालिटी चाहते हैं. साफ आवाज, आरामदायक डिजाइन और भरोसेमंद ब्रांड के साथ यह डिवाइस निश्चित रूप से बाजार में अच्छी पकड़ बनाने वाला है.

दीपिका पादुकोण का खुलासा: मां बनने के बाद काम को लेकर बदला नजरिया, इंडस्ट्री पर भी ली क्लास

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण पिछले काफी समय से विवादों के चलते घिरी हुई हैं. उनकी आठ-घंटे शिफ्ट की डिमांड और ज्यादा पैसे मांगने पर काफी कॉन्ट्रोवर्सी पैदा हुई. जिसके चलते दीपिका को साउथ की दो बड़ी फिल्मों 'स्पिरिट' और 'कल्कि 2' से भी बाहर किया गया. एक्ट्रेस के फिल्म से बाहर होने के कई कारण सामने आए थे.  मदरहुड पर बोलीं दीपिका CNBC TV18 को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने माना कि मां बनने के बाद वो कई मायनों में अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकली हैं. वो कहती हैं- मैं हमेशा से एक शांत और धैर्य रखने वाली इंसान रही हूं. मेरा टोलरेंस और पेशेंस लेवल काफी हाई है. लेकिन मुझे लगता है ये सब आपको सब्र रखना सिखाता है. ये आपको कंफर्ट जोन से बाहर पुश करता है. मुझे भी कंफर्ट जोन से इसने बाहर निकाला है. मां बनने के बाद मैं और ज्यादा सोशल हो चुकी हूं. मैं कभी सोशल पर्सन नहीं थी. अब दूसरे पेरेंट्स संग बात होती है. प्लेस्कूल का टर्म अचानक से फनी लगता है.  8 घंटे शिफ्ट विवाद पर क्या बोलीं दीपिका? दीपिका पादुकोण पर कई आरोप लगे थे. कई लोगों ने उनकी डिमांड्स को 'अनप्रोफेशनल' करार दिया था. अब एक्ट्रेस ने काफी समय बाद अपने ऊपर लगने वाले सभी आरोपों पर चुप्पी तोड़ दी है. CNN-TV18 संग बातचीत में दीपिका ने इंडस्ट्री के 'दोगलेपन' पर कहा, 'एक औरत होने के नाते अगर ये दबाव डालने जैसा लगता है, तो ऐसा ही सही. लेकिन ये कोई सीक्रेट नहीं है कि इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में कई सुपरस्टार, मेल सुपरस्टार, सालों से 8 घंटे काम कर रहे हैं और ये कभी सुर्खियों में नहीं आया.' 'मैं अभी किसी का नाम नहीं लेना चाहती और इसे इतना बड़ा नहीं बनाना चाहती. लेकिन ये बात आम है, पब्लिकली कई मेल एक्टर्स के बारे में पता है जो सालों से 8 घंटे काम कर रहे हैं. उनमें से कई सोमवार से शुक्रवार तक सिर्फ 8 घंटे ही काम करते हैं. वो वीकेंड पर काम नहीं करते. मुझे लगता है कि बड़ा मुद्दा ये है कि इंडियन फिल्म इंडस्ट्री को 'इंडस्ट्री' तो कहा जाता है, लेकिन हमने कभी भी असलीयत में उस तरह काम नहीं किया है. ये बहुत अव्यवस्थित इंडस्ट्री है और अब वक्त आ गया है कि हम इसमें सही व्यवस्था और स्ट्रक्चर लाएं.' दीपिका को लेकर ही क्यों पैदा हुई कॉन्ट्रोवर्सी? दीपिका की आठ-घंटे शिफ्ट वाली बात तब सामने आई थी जब उन्हें संदीप रेड्डी वांगा की 'स्पिरिट' से बाहर किया गया था. कहा जा रहा था कि एक्ट्रेस अपनी बेटी दुआ के पालन-पोषण के लिए मेकर्स से ऐसी डिमांड कर रही थीं, जिसे उन्होंने नकार दिया. दीपिका ने इसी बातचीत में आगे ये भी खुलासा किया है कि कई फीमेल एक्टर्स, जो मां बन चुकी हैं, वो भी आठ-घंटे काम करती हैं. लेकिन सिर्फ उन्हीं को लेकर विवाद पैदा हुआ है.  दीपिका ने आगे अपने विवाद पर कहा, 'मैंने कई लेवल्स पर ऐसा किया है. ये मेरे लिए नया नहीं है. मुझे लगता है, जहां तक पैसों का सवाल है, मुझे उसके साथ आने वाली हर चीज से निपटना पड़ा है. मुझे ये भी नहीं पता कि इसे क्या कहा जाए, लेकिन मैं उन लोगों में से हूं जिन्होंने हमेशा अपनी लड़ाइयां चुपचाप लड़ी है.' मां का रोल सबसे बेस्ट- दीपिका दीपिका ने बताया कि वो हमेशा से मां बनना चाहती थीं. जिस वक्त से उनकी छोटी बहन अनीशा का जन्म हुआ, वो मां बनना चाहती थीं. इसलिए उनका मानना है इस वक्त वो अपनी जिंदगी का बेस्ट रोल प्ले कर रही हैं. मदरहुड की जर्नी का हर पल एंजॉय कर रही हैं. दीपिका ने इंटरव्यू में अपनी 8 घंटे शिफ्ट की डिमांड पर भी बात की. उनका कहना है इंडस्ट्री में कई मेल सुपरस्टार सालों से 8 घंटे काम कर रहे हैं. मगर इसे लेकर कभी कोई हेडलाइन नहीं बनी. एक्ट्रेस ने फीमेल को मिलने वाली कम फीस पर भी रिएक्ट किया. दीपिका पादुकोण के वर्कफ्रंट की बात करें, वो फिल्म कल्कि 2898AD के सीक्वल और स्पिरिट से वो बाहर हुई हैं. दोनों फिल्मों से उनके एग्जिट लेने के पीछे फीस और 8 घंटे की शिफ्ट बताई जा रही है. दीपिका को फैंस अल्लू अर्जुन संग मूवी में देखेंगे. इसे एटली डायरेक्ट करेंगे. रिपोर्ट्स हैं कि दीपिका पादुकोण फिल्म किंग में भी नजर आएंगी. शाहरुख खान की मूवी में वो अहम रोल में दिखेंगी. शाहरुख के लिए दीपिका लकी चार्म हैं. दोनों ने साथ में सुपरहिट मूवीज दी हैं.  'और किसी अजीब वजह से कभी-कभी ये पब्लिक हो जाती हैं, जो ना तो मुझे पता है और ना ही मुझे इस तरह से पाला गया है. लेकिन हां, अपनी लड़ाइयां चुपचाप और सम्मानजनक तरीके से लड़ना ही मेरा तरीका है.' बात करें दीपिका के प्रोजेक्ट्स की, तो 'स्पिरिट' और 'कल्कि 2' से बाहर होने के बावजूद, वो फिलहाल दो बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं. दीपिका शाहरुख खान की 'किंग' में काम कर रही हैं. इसके अलावा वो अल्लू अर्जुन- एटली की पैन इंडिया अनटाइटल्ड फिल्म में भी नजर आएंगी.

जल संरक्षण में जनभागीदारी ही सफलता की कुंजी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : जनभागीदारी से जल संचयन कर सुरक्षित होगा हमारा भविष्य : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुजलाम भारत’ के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्री  साय रायपुर “जल है तो कल है, और जल से ही कल संवरेगा। जल संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी हम अपने भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे।” मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ‘सुजलाम भारत’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित ओमाया गार्डन में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने जल कलश पर जल अर्पित कर जल संचयन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने अनेक अवसरों पर जल संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। जल संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता की कमी इस संकट को और गहरा कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोग अपने-अपने ढंग से जल संचयन के लिए प्रयास कर रहे हैं, और ऐसे मंचों के माध्यम से सभी अपने अनुभव साझा कर पाएंगे, जो अंततः नीति निर्माण में भी निर्णायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री  साय ने अपने राजनांदगांव प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि एक महिला सरपंच ने स्वप्रेरणा से सूख चुके हैंडपंपों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना केंद्र सरकार द्वारा भी की गई और इस पुनीत पहल को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण हमें प्रेरित करते हैं। हम सभी को मिलकर जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से प्राप्त होने वाले सुझाव और इनपुट आगामी कार्ययोजनाओं के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने केलो नदी का जल अर्पित कर धरती को सिंचित करने का दिया संदेश कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने पृथ्वी के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश में केलो नदी का पवित्र जल अर्पित किया और जल संरक्षण एवं संचयन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है” और हमारी पावन नदियाँ धरती को सींचकर जीवनदायिनी बनाती हैं। इन्हीं नदियों से हमारी संस्कृति, सभ्यता और अस्तित्व की पहचान जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — महानदी, इंद्रावती, शिवनाथ, केलो और अन्य — प्रदेश की जीवनरेखाएँ हैं। ये नदियाँ न केवल धरती को उर्वर बनाती हैं, बल्कि कृषि, उद्योग और जीवन के हर क्षेत्र को संजीवनी प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वी रूपी कलश में केलो नदी का जल अर्पण इस बात का प्रतीक है कि हमें जल की हर बूंद का सम्मान करना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सहेजकर रखना चाहिए। मुख्यमंत्री  साय ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण के इस संकल्प को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि छत्तीसगढ़ की धरती सदैव हरियाली और समृद्धि से लहलहाती रहे। जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम की संकल्पना की गई है। विभिन्न विभागों को एक-एक थीम पर संगोष्ठी आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जलशक्ति मंत्रालय द्वारा जल संचयन विषय पर इस संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज लगभग 300 से अधिक लोगों ने, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत हैं, अपना पंजीयन कराया है। जल संरक्षण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। पिछले एक वर्ष में जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों ने जल संचयन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अब तक साढ़े तीन लाख संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कार्यक्रम में पद्म मती फूलबासन बाई यादव, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संकल्प: समग्र विकास के पथ पर अग्रसर होगा छत्तीसगढ़

रायपुर : छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय बेमेतरा जिले को 140.96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण और बसनी में मिडिल स्कूल की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा जिले के लिए कुल ₹140.96 करोड़ के 47 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 27 कार्यों का भूमिपूजन और 20 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए, राज्य सरकार चहुंमुखी और समावेशी विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संकल्पबद्धता के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण, सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, तथा ग्राम बसनी में मिडिल स्कूल प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “हमने यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को अल्प समय में ही पूरा कर दिखाया है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है और 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब, किसान और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य कर रही है। खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का संचालन कर रही है, जिससे कोई भी परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सांसद  विजय बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता से किए गए वादों को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जैसे ग्रामीण जिलों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, जिनसे आमजन को राहत और बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। कार्यक्रम को विधायक  दीपेश साहू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, सांस्कृतिक मंत्री  राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, प्रहलाद रजक, विधायक  ईश्वर साहू और मती भावना बोहरा, अवधेश चंदेल,  लाभचंद बाफना, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष  जितेंद्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मारुति की ग्रैंड पेशकश: विटारा पर भारी छूट, 1200Km की दमदार रेंज

मुंबई  मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अक्टूबर के लिए अपनी कारों पर मिलने वाले डिस्काउंट का अनाउंसमेंट कर दिया है। कंपनी अपनी नेक्सा डीलरशिप पर बिकने वाली प्रीमियम और लग्जरी ग्रैंड विटारा SUV पर 1.80 लाख रुपए तक के बेनिफिट दे रही है। दरअसल, इस SUV के स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वैरिएंट पर सबसे ज्यादा 1.80 लाख रुपए तक और पेट्रोल वैरिएंट पर 1.50 लाख रुपए (एक्सटेंडेड वारंटी समेत) तक के फायदे हैं। पेट्रोल वैरिएंट पर मिलने वाली डोमिनियन एडिशन एक्सेसरीज की कीमत 57,900 रुपए तक है। वहीं, ग्रैंड विटारा CNG पर 40,000 रुपए तक की छूट मिल रही है। इस SUV को सिग्मा, डेल्टा, जेटा और अल्फा वैरिएंट में खरीद सकते है। अब इसकी नई एक्स-शोरूम 10.76 लाख रुपए हो गई है। मारुति ग्रैंड विटारा वैरिएंट वाइज नई कीमतें 1.5L Normal Petrol-Manual वैरिएंट पुरानी कीमत अंतर नई कीमत चेंज % Sigma Rs. 11,42,000 -Rs. 65,500 Rs. 10,76,500 -5.74% Delta Rs. 12,53,000 -Rs. 43,300 Rs. 12,09,700 -3.46% Zeta Rs. 14,67,000 -Rs. 97,000 Rs. 13,70,000 -6.61% Zeta (O) Rs. 15,27,000 -Rs. 99,000 Rs. 14,28,000 -6.48% Alpha Rs. 16,14,000 -Rs. 94,300 Rs. 15,19,700 -5.84% Alpha (O) Rs. 16,74,000 -Rs. 96,400 Rs. 15,77,600 -5.76% 1.5L Normal Petrol-Auto (TC) Delta Rs. 13,93,000 -Rs. 48,300 Rs. 13,44,700 -3.47% Zeta Rs. 16,07,000 -Rs. 1,02,000 Rs. 15,05,000 -6.35% Zeta (O) Rs. 16,67,000 -Rs. 1,04,000 Rs. 15,63,000 -6.24% Alpha Rs. 17,54,000 -Rs. 99,300 Rs. 16,54,700 -5.66% Alpha (O) Rs. 18,14,000 -Rs. 1,01,400 Rs. 17,12,600 -5.59% Alpha 4WD Rs. 19,04,000 -Rs. 1,04,300 Rs. 17,99,700 -5.48% Alpha (O) 4WD Rs. 19,64,000 -Rs. 1,06,400 Rs. 18,57,600 -5.42% 1.5L Normal CNG-Manual Delta Rs. 13,48,000 -Rs. 48,300 Rs. 12,99,700 -3.58% Zeta Rs. 15,62,000 -Rs. 1,02,000 Rs. 14,60,000 -6.53% 1.5L Hybrid Petrol-Auto (CVT) Delta Plus Rs. 16,99,000 -Rs. 35,700 Rs. 16,63,300 -2.10% Zeta Plus Rs. 18,60,000 -Rs. 68,400 Rs. 17,91,600 -3.68% Zeta Plus (O) Rs. 19,20,000 -Rs. 69,700 Rs. 18,50,300 -3.63% Alpha Plus Rs. 19,92,000 -Rs. 41,800 Rs. 19,50,200 -2.10% Alpha Plus (O) Rs. 20,52,000 -Rs. 95,000 Rs. 19,57,000 -4.63% ग्रैंड विटारा के फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस मारुति सुजुकी और टोयोटा दोनों ने मिलकर हाइराइडर और ग्रैंड विटारा को तैयार किया है। हाइराइडर की तरह ग्रैंड विटारा का माइल्ड-हाइब्रिड पावरट्रेन दिया है। यह 1462cc K15 इंजन है जो 6,000 RPM पर लगभग 100 bhp पावर और 4400 RPM पर 135 Nm टॉर्क जनरेट करता है। इसमें माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम है और इसे 5-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ जोड़ा गया है। यह पावरट्रेन भी अब तक AWD ऑप्शन वाला एकमात्र इंजन है। अपने सेगमेंट में ये सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली गाड़ी भी है। इसका स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड 27.97kmpl का माइलेज देता है। कंपनी का दावा है कि ये फुल टैंक पर 1200Km तक दौड़ती है। मारुति ग्रैंड विटारा में हाइब्रिड इंजन मिलता है। हाइब्रिड कार में दो मोटर का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें पहला पेट्रोल इंजन होता है जो किसी नॉर्मल फ्यूल इंजन वाली कार की तरह होता है। दूसरा एक इलेक्ट्रिक मोटर इंजन होता है, जो आपको इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में देखने को मिलता हैं। इन दोनों की पावर का यूज गाड़ी को चलाने में किया जाता है। जब कार फ्यूल इंजन से चलती है तब उसके बैटरी को भी पावर मिलती है जिससे बैटरी अपने आप ही चार्ज हो जाती है। ये जरूरत के समय एक्स्ट्रा पावर के तौर पर किसी इंजन की तरह काम में आती है। ग्रैंड विटारा में EV मोड भी मिलेगा। EV मोड में कार पूरी तरह से इलेक्ट्रिक मोटर के जरिए चलती है। कार की बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर को एनर्जी देती हैं और इलेक्ट्रिक मोटर व्हील्स को पावर देता है। यह प्रोसेस साइलेंटली होता है, इसमें आवाज नहीं होती। हाइब्रिड मोड में कार का इंजन इलेक्ट्रिक जनरेटर की तरह काम करता है और इलेक्ट्रिक मोटर कार के व्हील को चलाती है। ग्रैंड विटारा के किस टायर में कितनी हवा है, इस बात की पूरी जानकारी आपको कार की स्क्रीन पर मिल जाएगी। जी हां, इसमें टायर प्रेशर चेक करने का फीचर मिलेगा। यदि किसी टायर में हवा कम होती है तब इसकी जानकारी आपको ऑटोमैटिक मिलेगी। आप मैनुअली भी टायर्स की हवा चेक कर पाएंगे। ग्रैंड विटारा में भी पैनारोमिक सनरूफ मिलेगी। मारुति अपनी कारों के न्यू मॉडल में 360 डिग्री कैमरा का फीचर ऑफर कर रही है। ग्रैंड विटारा में भी ये फीचर मिलेगा। इससे ड्राइवर कार चलाने में ज्यादा मदद मिलेगी। इससे न केवल ड्राइवर को तंग जगहों पर कार पार्क करने में मदद करेगा, बल्कि ब्लाइंड रास्तों पर मुश्किलों से बचने में मदद करेगा। कार के चारों तरफ का नजारा आप स्क्रीन पर देख पाएंगे। न्यू विटारा में वायरलेस चार्जिंग, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एडजस्टेबल ड्राइवर सीटर और कनेक्टेड कार टेक्नॉलजी जैसे स्टैंडर्ड फीचर्स मिलेंगे। इसके अलावा, सेफ्टी के लिए इसमें मल्टीपल एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, ESE, हिल होल्ड असिस्ट, स्पीड अलर्ट, सीट बेल्ट, पार्किंग सेंसर, 360 डिग्री कैमरा समेत कई सेफ्टी फीचर्स दिए हैं।

ब्रिटेन से भारत तक निवेश की योजना: यूपी में मेगा प्रोजेक्ट लाएंगे मेयर राज मिश्रा

अयोध्या इंग्लैंड के वेलिंगबोरो शहर के मेयर राज मिश्रा अपने 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ  आध्यात्मिक नगरी अयोध्या पहुंचे. यहां नगर निगम के महापौर और पार्षदों ने उनका स्वागत किया. इस दौरान मेयर राज मिश्रा ने अयोध्या की भव्यता और सांस्कृतिक महत्व की सराहना की और इसे केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में श्रद्धा और आस्था का केंद्र बताया. उन्होंने कहा कि दीपोत्सव जैसे आयोजन अयोध्या को वैश्विक पहचान दे चुके हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इंग्लैंड में भी लोग अयोध्या का नाम सुनकर यहां आने की इच्छा रखते हैं. मेयर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी नीतियों के कारण अयोध्या अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल के रूप में उभरी है. किसान के बेटे से इंग्लैंड के मेयर तक राज मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक गांव से हैं. उन्होंने अपने संघर्ष और सफर की कहानी साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर उन्होंने इंग्लैंड की राजनीति में अपनी पहचान बनाई. यह सफर उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अनुभव रहा. अयोध्या में मेयर मिश्रा ने श्रीराम जन्मभूमि पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया. दर्शन के दौरान देरी होने पर उन्होंने प्रभु श्रीराम से क्षमा भी मांगी. इसके अलावा उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से भी भेंट की. राज मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में 2500 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की. यह निवेश AI Development Solution Project के तहत किया जाएगा, जिससे प्रदेश में 1000 प्रत्यक्ष और 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार विकसित होंगे. उन्होंने कहा कि भारत और इंग्लैंड के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और अब अयोध्या प्रवासी भारतीयों के लिए श्रद्धा और गौरव का केंद्र बन चुकी है. मेयर मिश्रा ने प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बताया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था और पर्यटन को मिली नई दिशा की सराहना की. उन्होंने इस यात्रा को अपने जीवन का सबसे सौभाग्यशाली क्षण बताया.

चांद का दीदार कब होगा? जानें करवा चौथ पर आपके शहर की सटीक टाइमिंग

भोपाल   वो शुभ घड़ी अब आ गई है, जब देशभर में सुहागने चांद को देखकर पति की लंबी उम्र की दुआएं करेंगी. इस साल करवा चौथ का व्रत आज रखा जा रहा है. यह व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को रखा जाता है. करवा चौथ पर सुहागनें पूरे दिन भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की दीर्घायु के उपवास रखती हैं और रात को चंद्र दर्शन के बाद ही कुछ ग्रहण करती हैं. इसलिए इस दिन सुहागनों को बड़ी बेसब्री से चांद के निकलने का इंतजार रहता है. आइए जानते हैं कि इस साल आपके शहर में करवा चौथ का चांद कितने बजे दिखाई देगा. करवा चौथ कि तिथि  हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से लेकर 10 अक्टूबर  को शाम 07 बजकर 38 मिनट तक रहने वाली है. उदिया तिथि के चलते करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर दिन शुक्रवार को रखा जाएगा. कितने बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद?  द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर चांद निकलने का समय रात 8 बजकर 14 मिनट बताया जा रहा है. हालांकि भारत के विभिन्न शहरों में इसका समय थोड़ा अलग भी हो सकता है. आपके शहर में कितने बजे दिखेगा चांद?  शहर चंद्रोदय का समय दिल्ली रात 8 बजकर 13 मिनट गुरुग्राम रात 8 बजकर 13 मिनट गाजियाबाद रात 8 बजकर 13 मिनट नोएडा रात 8 बजकर 13 मिनट मुंबई रात 8 बजकर 55 मिनट कोलकाता शाम 7 बजकर 45 मिनट चेन्नई शाम 7 बजकर 30 मिनट चंडीगढ़  रात 8 बजकर 8 मिनट लुधियाना रात 8 बजकर 11 मिनट देहरादून रात 8 बजकर 4 मिनट शिमला शाम 7 बजकर 48 मिनट पटना शाम 7 बजकर 48 मिनट लखनऊ रात 8 बजकर 42 मिनट इंदौर रात 8 बजकर 33 मिनट भोपाल रात 8 बजकर 26 मिनट अहमदाबाद रात 8 बजकर 47 मिनट जयपुर रात 8 बजकर 22 मिनट रायपुर शाम 7 बजकर 43 मिनट करवा चौथ पर कैसे खोलें व्रत? (Karwa Chauth 2025 Vrat) करवा चौथ पर सुबह सूरज निकलने से पहले सरगी खा लें. स्नानादि के बाद भगवान को याद करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद एक चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित करें. करवा माता की भी एक तस्वीर स्थापित कर लें. उनके समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करें. उन्हें चावल, रोली, जल, फल, फूल, मिठाई आदि अर्पित करें. इसके बाद दोपहर के समय या अभिजीत मुहूर्त में करवा चौथ की कथा सुनें. इसके बाद शाम को शुभ मुहूर्त में करवा माता की पूजा करें. उन्हें हलवा-पूरी का भोग लगाएं. फिर पूजा के बाद छन्नी से चंद्रमा के दर्शन करें और अपने पति का चेहरा भी देखें. इसके बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करके उपवास खोलें.