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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का संदेश: जनसेवा हमारी प्राथमिकता, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान आवश्यक

रायपुर : जनसेवा ही हमारा संकल्प – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में सुनी जनता की समस्याएँ, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश खनिज न्यास की योजनाओं से होगा जनजीवन में सुधार – सूरजपुर में शासी परिषद की बैठक संपन्न रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री और भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जनसेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की प्रत्येक समस्या का समाधान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आज अपने निवास बीरपुर जिला सूरजपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुँचे नागरिकों की समस्याएँ और सुझाव सुनी। उन्होंने अधिकारियों को हर आवेदन पर आवश्यक और त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का निराकरण स्थल पर ही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से जनता तक पहुँच सके। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में सुनी जनता की समस्याएँ, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश       मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की अध्यक्षता में आज जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) सूरजपुर की शासी परिषद की बैठक भी जिला पंचायत कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में सांसद श्री चिंतामणि महराज, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े, कलेक्टर सहित जिले के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जनदर्शन में सुनी जनता की समस्याएँ, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश       बैठक में खनिज न्यास निधि से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई और विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निर्देश दिए कि खनिज न्यास निधि से संचालित सभी योजनाएँ जनजीवन के उत्थान में सार्थक योगदान दें, तथा उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि खनिज क्षेत्र से प्राप्त संसाधनों का अधिकतम लाभ स्थानीय जनता को मिले और इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पोषण, सड़क एवं रोजगार के क्षेत्र में स्थायी सुधार हो।

भूकंप से कांपा फिलीपींस, 7.4 की तीव्रता; सुनामी की आशंका जताई गई

मिंडानाओ फिलीपींस के मिंडानाओ इलाके में ज़ोरदार भूकंप आया है. इसकी तीव्रता 7.4 मापी गई, जो कि बहुत शक्तिशाली है. भूकंप का केंद्र करीब 20 किलोमीटर गहराई में था. इस भूकंप के बाद स्थानीय भूकंप विज्ञान एजेंसी फिवोल्क्स ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है. समुद्र किनार रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंची जगहों पर जाने को कहा गया है.  यह भूकंप इतना खतरनाक था कि कई देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने कहा है कि भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक लहरें आ सकती हैं. शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी बड़े नुक़सान या तबाही की ख़बर नहीं आई है, लेकिन इतने शक्तिशाली भूकंप की वजह से लोग घबरा कर अपने घरों से बाहर निकल आए. मृतकों या घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है. यह भूकंप मिंडानाओ और आस-पास के क्षेत्रों के लिए गंभीर चेतावनी है, क्योंकि यह इलाके भूकंप आने वाले सक्रिय क्षेत्रों में आते हैं. स्थानीय प्रशासन ने क्षतिग्रस्त इलाकों में राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है. पहले अस्पताल, सड़कों और गंभीर रूप से प्रभावित इमारतों को प्राथमिकता दी जा रही है. फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है. शक्तिशाली भूकंप फिलीपींस के लिए ख़तरनाक  फिलीपींस भूकंपीय रूप से बहुत ज्यादा एक्टिव एरिया है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें, जैसे फिलीपींस सी प्लेट और यूरेशियन प्लेट, एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं और आपस में टकराती हैं. इन टकरावों की वजह से जमीन के अंदर बहुत तेज तनाव उत्पन्न होता है, जो अचानक मुक्त होने पर भूकंप का रूप ले लेता है. फिलीपींस के क्षेत्र में साल भर में 800 से ज्यादा भूकंप आते रहते हैं.  चूंकि इस क्षेत्र का भूकंप केंद्र अक्सर समुद्र के नीचे होता है, इसलिए इसका एक बड़ा खतरा सुनामी का भी होता है. भूकंप के कारण समुद्र तल में हलचल से बहुत बड़ी लहरें पैदा हो सकती हैं, जो तटीय इलाकों पर भारी तबाही मचा सकती हैं. तटीय क्षेत्रों में बसे कई बड़े शहर और गांव इन लहरों की चपेट में आ सकते हैं, जिससे मानवीय और आर्थिक नुकसान और भी बढ़ जाता है. फिलीपींस की घनी आबादी, कमजोर निर्माण सामग्री से बनी इमारतें, और प्रमुख शहरों का तटीय इलाकों में स्थित होना इस भूकंपीय खतरे को और भी गंभीर बना देता है. ऐसे भूकंप में न सिर्फ जनहानि होती है, बल्कि भारी आर्थिक नुकसान और पुनर्निर्माण की लंबी प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है.

मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में व्यवस्थाओं के सरलीकरण के कारण तेज गति से आ रहा है निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का किया अनुरोध मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में आयोजित “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में शामिल हुए मध्यप्रदेश को ₹74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए व्यवस्थाओं को सरल बनाया गया है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत इस वर्ष सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, भोपाल के दौरान 18 नई नीतियां लागू की गईं। सरलीकृत की गई व्यवस्थाओं के कारण मध्यप्रदेश में तेज गति से निवेश आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के उद्यमियों से मध्यप्रदेश में निवेश का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रगति के क्षेत्र में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जोड़ीदार राज्य हैं। अतीत के गौरवशाली पृष्ठ को देखें तो महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश का गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुम्बई में "इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग एंड वाइट गुड्स इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापारियों को नई पॉलिसियों का लाभ दिया जा रहा है। बिजनेस और निवेश को लेकर निरंतर सीसीआई की बैठकें आयोजित की जाती हैं। प्रदेश में संभागीय स्तर पर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर छोटे शहरों को इंडस्ट्री से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में सन फार्मा के अध्यक्ष  दिलीप सांघवी, सीआईआई के अध्यक्ष  नील सी. रहेजा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी), ईसीजीसी  सृष्टिराज अम्बष्ठा, हिंडाल्को के प्रबंध निदेशक  सतीश पाई, हेत्तिच (Hettich) के प्रबंध निदेशक  आंद्रे एकहोल्ट, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी (एमडी एवं सीएफओ), आईपीसीए लैब  अजीत कुमार जैन और एफआईईओ के उपाध्यक्ष  रविकांत कपूर विशेष रूप से मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवाजी महाराज और प्रदेश के सिंधिया, होल्कर, पवार इतिहास के उस दौर में भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उज्जैन में बाबा महाकाल की ध्वजा जिस शान से लहराती है, उसके अतीत में शिवाजी महाराज का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के मध्य उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में संबंध अधिक सशक्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मुंबई में “इन्टरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूमनिटीज इन मध्य प्रदेश” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत की आर्थिक राजधानी में उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ हमारा यह संवाद सत्र अत्यंत सकारात्मक और परिणामोन्मुखी रही। महाराष्ट्र की औद्योगिक विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की ‘अनंत संभावनाएं’ मिलकर देश की प्रगति को नई गति देंगे। हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र के निवेशकों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में एक रणनीतिक भागीदार के रूप में जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के इस इंटरेक्टिव सत्र का मुख्य उद्देश्य था नर्मदापुरम जिले के मोहासा-बाबई में स्थित, भारत के पहले अत्याधुनिक 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के बहुप्रतीक्षित फेज़ 2 में निवेश आकर्षित करना। इस ज़ोन में भूमि आवंटन के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि निकट, 12 अक्टूबर 2025, है, जिससे निवेशकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए एक स्पष्ट दिशा मिली। यह हमारी दूसरी मुंबई यात्रा है। विगत वर्ष, निवेशकों से चर्चा के दौरान हमें प्रदेश की नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव मिले थे। मुझे यह बताते हुए गर्व है कि हमने उन सुझावों पर गंभीरता से काम किया है और अपनी नई औद्योगिक नीतियों में उन्हें शामिल किया है। हमने अपनी 'उद्योग और रोजगार वर्ष 2025' की प्रतिबद्धता और इस वर्ष लॉन्च की गई 18 नई, प्रगतिशील नीतियों को विस्तार से साझा किया। हमने न केवल जेनेरिक अवसर, बल्कि सेक्टर-स्पेसिफिक, रेडी-टू-इन्वेस्ट प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तुत किए जिनमें नर्मदापुरम का पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क्स, फ़ूड पार्क्स एवं मेडिकल डिवाइस पार्क प्रमुख हैं। संवाद कार्यक्रम में मुंबई और आसपास के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 400 से अधिक शीर्ष निवेशक, उद्योगपति और विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से उन सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो मध्यप्रदेश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, व्हाईट गुड्स, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मा, पर्यटन, फ़िल्म पर्यटन एवं लॉजिस्टिक्स आदि। कार्यक्रम में 2 राउंडटेबल मीटिंग का आयोजन किया गया। पहली डिप्लोमेट्स के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें विभिन्न देशों के राजनयिकों के साथ द्विपक्षीय व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। दूसरी नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माताओं के साथ राउंड टेबल मीटिंग हुई, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा निर्माताओं को प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पावर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' के फेज़ 2 में निवेश के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। साथ ही पॉवर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रदेश की अन्य विशेषताओं और संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। वन–टू–वन मीटिंग कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों और एसोसिएशन/ संस्थानों के साथ वन-टू–वन मीटिंग की गई। इन गहन चर्चाओं में, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाईल, इलेक्ट्रानिक्स, नवकरणीय उर्जा एवं फार्मास्युीटिकल्स एवं कॉस्मेटिक्स जैसे प्रतिष्ठित समूहों ने विशेष रुचि दिखाई। हमने उनकी निवेश योजनाओं को समझा और उन्हें प्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस सत्र के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ₹19,900 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश एवं अन्य सभी सेक्टर्स में ₹54,400 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कुल 74,300 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश एवं जिनके माध्यम से लगभग 7000 से अधिक रोजगार सृजित होंने की संभावना है। इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने हेतु हम हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि प्रदेश में पूंजी निवेश बढ़े और हमारे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुंबई, … Read more

अयोध्या में ध्वजारोहण: पीएम मोदी 25 नवंबर को देंगे राम मंदिर पूरा होने का संदेश

अयोध्या राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि राम मंदिर सिर्फ राष्ट्र मंदिर नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय राम मंदिर बने। यह बात सभी क्षेत्र, सभी वर्ग और सभी विचारधारा के लोग स्वीकार करें, ऐसा प्रधानमंत्री का सपना है और जब ये सपना साकार होता दिखाई पड़ता है तब मन को संतोष मिलता है। 25 नवंबर अयोध्या के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर के शिखर पर 21 फीट का ध्वजारोहण करेंगे। यह दिन ऐतिहासिक इसलिए भी होगा कि इस दिन राम मंदिर निर्माण पूर्ण होने की घोषणा भी की जाएगी। राम मंदिर के ध्वजारोहण के साथ प्रधानमंत्री पूरे विश्व को राम मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने का संदेश देंगे। ध्वज का स्वरूप, रंग और प्रतीक चिन्ह तय करने की जिम्मेदारी चंपत राय को सौंपी ध्वज का स्वरूप कैसा होगा, रंग कैसा और प्रतीक चिन्ह कौन सा होगा, इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया था। 22 जनवरी 2024 को रामलला भव्य महल में विराजमान हुए थे। प्रधानमंत्री मुख्य यजमान थे। प्रधानमंत्री के हाथों विराजमान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी। मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद 25 नवंबर को प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करेंगे।   राम विवाह पंचमी की शुभ तिथि पर किया जाएगा ध्वजारोहण राम विवाह पंचमी की शुभ तिथि पर ध्वजारोहण किया जाएगा। ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण पूरा होने का विश्व को संदेश दिया जाएगा। 21 नवंबर से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय अनुष्ठान चलेगा। वैदिक आचार्यों की मौजूदगी में अयोध्या और काशी के विद्वान अनुष्ठान कराएंगे।  

हरियाणा: खुदकुशी से पहले IPS अधिकारी की वसीयत सामने आई, पत्नी को बनाया उत्तराधिकारी

चंडीगढ़  हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी. उन्होंने जान देने से ठीक एक दिन पहले यानी की 6 अक्टूबर को अपनी वसीयत तैयार की थी और 9 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था जिसे उन्होंने सरकारी विदेश दौरे पर गई अपनी आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार को मोबाइल पर भेजा था. इसके बाद जापान से ही उनकी पत्नी ने 15 बार आईपीएस वाई पूरन कुमार को कॉल किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया था. पूरन कुमार के पास कितनी संपत्ति थी ? मरने से पहले IPS पूरन कुमार ने वसीयत तैयार की थी उसमें उन्होंने सभी चल-अचल संपत्तियों की मालकिन अपनी पत्नी और वरिष्ठ आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार को बनाया है. उन्होंने अपने सुसाइ़ नोट में लिखा है कि मेरी मौत के बाद सभी संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम पर होगी. उन्होंने सुसाइड नोट के आखिरी पन्ने पर संपत्ति का जिक्र किया है जिसमें एचडीएफसी के सेविंग अकाउंट के पैसे, इस अकाउंट से जुड़े (डीमैट अकाउंट के) शेयर, मोहाली में प्लॉच, यूनिवर्सल बिजनस पार्क गुरुग्राम में ऑफिस स्पेस, चंडीगढ़ के सेक्टर 11A में मकान में 25 हिस्सेदारी की मालकिन उनकी पत्नी होगीं. उन्होंने उस वसीयत में ये भी लिखा कि इन संपत्तियों की जानकारी पहले ही वार्षिक संपत्ति घोषणा पत्र में दर्ज है. 12 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज इस हाईप्रोफाइल खुदकुशी के मामले में आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर समेत 12 अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह मामला सेक्टर-11 थाना चंडीगढ़ में दर्ज किया गया है. एफआईआर वाई पूरन कुमार के सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज की गई है. सूत्रों के अनुसार, पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में 13 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लिखे थे, जिनमें हरियाणा के डीजीपी, रोहतक के एसएसपी समेत कई आईपीएस और आईएएस अधिकारी शामिल हैं. 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे पूरन कुमार पूरन कुमार, जो 2001 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी थे ने अपने सुसाइड नोट में इन अफसरों पर जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और करियर में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने यह भी लिखा था कि उन्हें लगातार अपमानित किया गया, पदोन्नति और वेतन लाभों से वंचित रखा गया और झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची गई थी. चंडीगढ़ पुलिस ने अब इस सुसाइड नोट को आधार मानते हुए संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस पूरे प्रकरण ने हरियाणा प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है. सरकार ने पहले ही इस मामले की जांच के आदेश दिए थे, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरन कुमार के परिवार से मिलकर न्याय का आश्वासन दिया है.  

मध्यप्रदेश: प्रकृति और पर्यटन का संगम, क्रिएटर्स बनें ब्रांड एंबेसडर – अपर मुख्य सचिव शुक्ला

मध्यप्रदेश में है पर्यावरण और पर्यटन के बीच अद्भुत संतुलन, क्रिएटर्स दुनिया को दिखाए यहां का सौंदर्य : अपर मुख्य सचिव  शुक्ला मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के अंतर्गत मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने किया एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट का आयोजन भोपाल  मध्यप्रदेश के अनछुए और दर्शनीय स्थलों को बढ़ावा देने तथा पर्यटन को डिजिटल माध्यम से देश–दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘एमपीटी इन्फ्लुएंसर मीट’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां पर्यावरण और पर्यटन के बीच अद्भुत संतुलन है, कॉन्टेंट क्रिएटर्स इस सौंदर्य को दुनिया के सामने लाएं। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने कहा कि टूरिज्म से अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। क्रिएटर्स इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर दिल से घूमें और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से इन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाएं। अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड सु बिदिशा मुखर्जी ने कहा कि मध्यप्रदेश में संस्कृति, विरासत और प्रकृति का अद्वितीय संगम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में संस्कृति को संजोया गया है। चाहे प्राणपुर में चंदेरी, महेश्वर में माहेश्वरी, धार का बाग प्रिंट हो आज देश–दुनिया का फैशन मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रहा है। अपर प्रबंध संचालक सु मुखर्जी ने कहा कि इन्फ्लुएंसर्स केवल कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के असली ब्रांड एम्बेसडर हैं। प्रसिद्ध अभिनेता  अशोक पाठक ने कहा कि मध्यप्रदेश खासतौर पर भोपाल और सीहोर अब मुझे अपना दूसरा घर लगता है। पंचायत सीरीज की शूटिंग के दौरान हमने सोचा नहीं था कि इसे देश–दुनिया के दर्शकों से इतना प्यार मिलेगा। मध्यप्रदेश के लोग सिनेमा फ्रेंडली हैं, हमें शूटिंग में कभी दिक्कतों का सामना नहीं हुआ। उज्जैन में बाबा महाकाल में आत्मीय शांति मिलती है, मैं बार–बार मध्यप्रदेश आना चाहता हूं।  पैनल डिस्कशन में इन्फ्लुएंसर्स ने रखे विचार प्रसिद्ध इंफ्लुएंसर सु स्वाति मुकुंद ने कहा कि मध्यप्रदेश वाकई बहुत खूबसूरत है। यहां के पारंपरिक परिधानों की बात ही अलग है। अपने संस्मरण को साझा करते हुए स्वाति ने कहा कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से वर्ष 2023 में पहली बार मैं चंदेरी गई, यहां प्राणपुर क्राफ्ट विलेज में मैंने इन परिधानों को बनते हुए देखा। कुछ वर्षों पहले तक यहां केवल 5-6 वाहनों से टूरिस्ट पहुंचते थे, आज वो संख्या 80-100 पहुंच गई है। मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग का यह नवाचार सराहनीय है।  वाइल्ड लाइफ और नेचर फोटोग्राफर एवं इंफ्लुएंसर  आयुष सिंह ने कहा कि हम सभी प्रकृति से प्यार करते हैं और जंगल और जंगली जानवरों को भी करीब से देखना चाहते हैं। मध्यप्रदेश एक ऐसी जगह है, जहां यह चाहत पूरी होती है। अपने संस्मरण को साझा करते हुए  आयुष ने कहा कि जब मैंने कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट में पहली बार चीता देखा तो लगा जैसे मेरा सपना पूरा हो गया। जिन चीतों को पहले हम आफ्रीका जैसे देशों में जाकर देखने का सपना देखते थे, वो प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल से हमें भारत में देखने को मिल रहे हैं।  फन गेम्स का लिया आनंद इस दौरान “कैप्शन दिस” फन क्विज का आयोजन हुआ, जिसके विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही नर्मदा परिक्रमा रील एंड फोटोग्राफी कॉन्टेस्ट की घोषणा भी की गई। सभी प्रतिभागियों को मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गए। सभी ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के वर्चुअल रियलिटी अनुभव केंद्र “आंखों देखा” का आनंद भी लिया।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का संदेश: असफलता से न डरें, प्रयास लगातार करें

कोशिश पूरी करें, लेकिन असफलता से घबराएं नहीं : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल एडुमाइंड एक्सीलेंस अवार्ड का आयोजन संपन्न भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बच्चों को असफलता से घबराना नहीं चाहिए, सफलता प्राप्त करने के लिए पूरे मनोयोग से कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों व शिक्षकों का दायित्व है कि वह बच्चों को मानसिक तौर पर मजबूत बनाएं तथा उन पर अनावश्यक दबाव न डालें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बच्चों को उनकी रुचि के अनुरूप अपना रास्ता चुनने का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए, उनमें आत्मविश्वास पैदा करने का कार्य प्राथमिक स्तर पर ही होता है, जो जीवन में काम आता है। उन्होंने कहा कि दूसरों की सफलता को देखकर अनावश्यक बोझ नहीं डालना चाहिए क्योंकि यह भविष्य में घातक हो सकता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बच्चों को नशे की बुराई से दूर रहने का संकल्प लेना होगा, इन बच्चों का भविष्य उज्जवल है। हमारा देश आर्थिक महाशक्ति बनने की और अग्रसर है और हमारा वर्षों का सपना पूरा हो रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में रीवा में आयोजित एडुमाइंड एक्सीलेंस अवार्ड समारोह में शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों और विशेषज्ञों को सम्मानित किया। जिला पंचायत अध्यक्ष सहित शिक्षाविद, मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सक और विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

अखिल भारतीय कालिदास समारोह 2025: मंत्री लोधी ने समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश

भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में आगामी 67वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक ली। यह प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन आगामी 01 से 07 नवम्बर 2025 तक उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। राज्य मंत्री  लोधी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष के समारोह में देशभर के साथ-साथ प्रदेश के प्रमुख साहित्यकारों, कलाकारों एवं संस्कृत विद्वानों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में हिन्दी और संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे पाश्चात्य विद्वानों को भी समारोह में आमंत्रित किया जाए, जिससे कार्यक्रम का स्तर और अधिक व्यापक और अंतर्राष्ट्रीय हो। राज्य मंत्री  लोधी ने कार्यक्रम के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनसामान्य की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समारोह के आयोजन में सांस्कृतिक गौरव, साहित्यिक गरिमा और परंपरा की गहराई को समाहित किया जाए। बैठक में संचालक संस्कृति  एन.पी. नामदेव और निदेशक, कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन डॉ. गोविन्द गन्धे, सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहें।  

संभलकर खेलते दिखे यशस्वी और राहुल, भारत ने रखी मजबूत नींव, वेस्टइंडीज का साइलेंट ट्रिब्यूट

नईदिल्ली  भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टेस्ट शुक्रवार (10 अक्टूबर) से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम में हो गया है. इस मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन ग‍िल ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला क‍िया. भारतीय टीम की ओर से इस समय बल्लेबाजी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल कर रहे हैं. इस मैच की लाइव कवरेज और स्कोरबोर्ड देखने के लिए और हर अपडेट के ल‍िए इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें.  भारत ने अहमदाबाद में पहले टेस्ट में भारत ने वेस्टइंडीज को पारी और 140 रनों से रौंदा था. इस तरह भारतीय टीम सीरीज में 1-0 से आगे है. इस मुकाबले के ल‍िए भारतीय टीम अनचेंज है. वहीं वेस्टइंडीज की टीम में 2 बदलाव हुए हैं. ब्रैंडन किंग और जोहान लेने बाहर हैं. वहीं एंडरसन फिलिप और टेविम इमलाच टीम में आए हैं.  काली पट्टी बांधकर क्यों उतरी वेस्टइंडीज की टीम   इस मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता और पहले बैटिंग का फैसला किया. यानी वेस्टइंडीज की टीम पहले गेंदबाजी करने उतरी. खास बात यह है कि शुभमन गिल पहली बार टेस्ट क्रिकेट में टॉस जीतने में कामयाब रहे. उन्होंने इससे पहले पिछले 6 टेस्ट मैचों में टॉस गंवाए थे. इस मुकाबले के पहले दिन रोस्टन चेज की अगुवाई वाली वेस्टइंडीज की टीम के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर फील्डिंग करने उतरे. मेहमान टीम के खिलाड़ियों ने बर्नार्ड जूलियन की याद में ऐसा किया. जूलियन का 4 अक्टूबर को त्रिनिदाद एंड टोबैगो के वाल्सेन में निधन हो गया. जूलियन 75 साल के थे. बर्नार्ड जूलियन ने वेस्टइंडीज के लिए 1973-77 के दौरान 24 टेस्ट और 12 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले खेले. टेस्ट क्रिकेट में जूलियन ने 30.92 की औसत से 866 रन बनाए, जिसमें दो शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे. जूलियन ने टेस्ट मैचों में 37.36 के एवरेज से 50 विकेट भी झटके. वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का भी रहे हिस्सा बर्नार्ड जूलियन के नाम पर वनडे इंटरनेशनल में 14.33 की औसत से 86 रन दर्ज हैं. बाएं हाथ के ऑलराउंडर जूलियन ने ओडीआई में 25.72 के एवरेज से 18 विकेट अपने नाम किए. जूलियन 1975 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली विंडीज की टीम का भी हिस्सा रहे. वो वनडे वर्ल्ड कप का पहला संस्करण था. बता दें कि दिल्ली टेस्ट मैच के लिए वेस्टइंडीज ने अपनी टीम में दो बदलाव किए. ब्रैंडन किंग और जोहान लेन को बाहर का रास्ता दिखाया गया. उनकी जगह क्रमश: विकेटकीपर टेविन इमलाच और तेज गेंदबाज एंडरसन फिलिप की प्लेइंग-11 में एंट्री हुई. दूसरी ओर भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं हुआ. दिल्ली टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज की प्लेइंग-11: जॉन कैम्पबेल, तेजनारायण चंद्रपॉल, एलिक अथानाज, शाई होप, रोस्टन चेज (कप्तान), टेविन इमलाच (विकेकीपर), जस्टिन ग्रीव्स, जोमेल वॉरिकन, खैरी पियरे, एंडरसन फिलिप, जेडन सील्स. भारतीय टीम की प्लेइंग-11: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज.

बोले मुख्यमंत्री- आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है स्वदेशी का भाव

स्वदेशी हो दीपावली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले मुख्यमंत्री- आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है स्वदेशी का भाव मुख्यमंत्री ने कहा- खुफिया तंत्र को रखें सक्रिय, पुलिस बल को हर स्तर पर रखें अलर्ट बोले मुख्यमंत्री- धरातल पर उतरें वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री ने कहा- खाद्य सामग्रियों में किसी भी प्रकार की मिलावट न होने पाए बोले मुख्यमंत्री- लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा- पर्वों से पहले सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए  गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस वर्ष की दीपावली स्वदेशी की भावना के साथ मनाई जाए। हर वर्ग का परिवार पर्व-त्योहारों पर कुछ न कुछ खरीदारी करता है और इस बार यह खरीदारी स्वदेशी उत्पादों की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “स्वदेशी हो दीपावली” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सभी वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी धरातल पर उतरें। उन्होंने कहा कि गत माह दुर्गा पूजा, मिशन शक्ति और दशहरा जैसे बड़े आयोजन प्रशासन और पुलिस की कुशलता से संपन्न हुए हैं, जिसने उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को सुदृढ़ किया है। अब आगामी पर्व भी हमारी कार्यकुशलता और सजगता को सिद्ध करने का अवसर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अराजक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के प्रति कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि अक्टूबर और नवंबर माह में पूरे प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला होगी। इनमें नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और लोकमहापर्व छठ का आयोजन प्रमुख हैं। ये पर्व मात्र नहीं, बल्कि हमारी लोक-संस्कृति और सामूहिक चेतना के स्पंदन हैं। हर जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि इन पर्वों का आयोजन शांति, सुरक्षा और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली न केवल उत्तर प्रदेश की, बल्कि पूरे देश की पहचान बन चुके हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इन आयोजनों में शामिल होते हैं। ऐसे अवसरों पर यातायात, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जब लाखों दीप अयोध्या में जगमगाते हैं और काशी के घाटों पर प्रकाश फैलता है, तो यह दृश्य केवल श्रद्धालुओं का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का मन मोह लेता है। इन पावन क्षणों में किसी भी प्रकार का व्यवधान अस्वीकार्य है।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि पर्वों और मेलों के इस उल्लासमय वातावरण को असामाजिक और अराजक तत्व बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा जाए और पुलिस बल को हर स्तर पर अलर्ट मोड में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र को भंग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल किया जाए।   मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के अवसर पर लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन नदियों की जगह तालाबों में कराया जाए ताकि नदियों की पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि पटाखों की दुकानें और गोदाम आबादी से दूर हों। पटाखा विक्रेताओं को समय से लाइसेंस और एनओसी उपलब्ध कराई जाए। जहां भी पटाखों का विक्रय हो, वहां फायर टेंडर की पर्याप्त व्यवस्था हो। पर्यावरण और जीवन के लिए हानिकारक पटाखों का उपयोग रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कठोर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो।   मुख्यमंत्री ने एफएसडीए और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि दूध, खोआ, पनीर, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्रियों में किसी भी प्रकार की मिलावट न होने पाए। पर्व-त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों की जांच तेजी से की जाए, लेकिन ध्यान रहे कि किसी व्यापारी या विक्रेता का उत्पीड़न न हो। दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि 12 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में 6 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को आयोग का पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए। किसी भी संदिग्ध को चिन्हित कर तत्काल जेल भेजा जाए और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर जातिगत आधार पर भावनाएं भड़काने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ड्रोन संबंधी अफवाहों में यद्यपि कमी आई है, परंतु इसमें गृह विभाग को और भी प्रभावी कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जुम्मे की नमाज के बाद विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दिया जाए। माताएं-बहनें हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, उनकी सुरक्षा और गरिमा हर हाल में सुनिश्चित हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि धनतेरस और दीपावली के अवसर पर हर आय वर्ग का परिवार कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस दृष्टि से 10 अक्टूबर से प्रदेश के प्रत्येक जनपद में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाए। इसमें लोगों को स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जाए और विक्रेताओं को स्वदेशी उत्पाद बेचने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि "गर्व से कहो यह स्वदेशी है" की भावना को जन-जन तक पहुंचाना होगा।   मुख्यमंत्री ने नगर निकायों और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि पर्वों से पहले सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए। सड़कें और गलियां स्वच्छ और प्रकाशमान हों। जलभराव और गंदगी की समस्या का त्वरित समाधान हो। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि नगरों और कस्बों में स्पाइरल लाइटें लगाई जाएं ताकि उत्सव का वातावरण और भी भव्य हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रमुख धार्मिक स्थलों और पूजा स्थलों पर यातायात व्यवस्था इस प्रकार हो कि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को कोई असुविधा न हो। पुलिस और यातायात विभाग आपसी तालमेल बनाकर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।   मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव … Read more