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बीजेपी ने बिहार चुनाव के लिए खोले पत्ते, पहली लिस्ट में 71 नाम, सम्राट चौधरी को तारापुर से मैदान में उतारा

पटना.  बिहार चुनाव को लेकर बीजेपी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी उम्मीदवारों की पहली सूची में रामकृपाल यादव को भी टिकट मिला है. रामकृपाल यादव को दानापुर से टिकट दिया गया है. बीजेपी उम्मीवारों की पहली सूची के अनुसार सम्राट चौधरी को तारापुर से टिकट मिला है. वहीं नीरज बबलू छातापुर से चुनाव लड़ेंगे. तारापुर से सम्राट तो दानापुर से राम कृपाल को मिला टिकट बीजेपी की तरफ से जारी किए गए लिस्ट के मुताबिक, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को तारापुर, विजय सिन्हा को लखीसराय, सिवान से मंगल पांडेय, दानापुर से राम कृपाल यादव को और गया शहर से डॉ प्रेम कुमार को पार्टी ने मैदान में उतारा है. वहीं, पार्टी ने अपने सीनियर नेता नंद किशोर यादव का टिकट काट दिया है.  बीजेपी की पहली लिस्ट में प्रमुख उम्मीदवार     विजय कुमार सिन्हा – सीट: लखीसराय     सम्राट चौधरी – सीट: तारापुर     रामकृपाल यादव – सीट: दानापुर     डॉ. प्रेम कुमार – सीट: गया टाउन     तारकिशोर प्रसाद – सीट: कटिहार     आलोक रंजन झा – सीट: सहरसा     मंगल पांडेय – सीट: सीवान यह सूची केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद जारी की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे. बीजेपी की पहली लिस्ट में 9 महिलाओं को टिकट: 1.बेतिया से रेणु देवी 2. परिहार से गायत्री देवी 3. नरपतगंज से देवंती यादव 4. किशनगंज से स्वीटी सिंह 5. प्राणपुर से निशा सिंह 6. कोढा से कविता देवी 7. औराई से रमा निषाद 8. वारसलीगंज से अरुणा देवी 9. जमुई से श्रेयसी सिंह

मोकामा सीट से JDU उम्मीदवार बाहुबली अनंत सिंह ने नामांकन से पहले की पूजा

पटना बिहार चुनाव को लेकर हलचल काफी बढ़ी हुई है। इस बीच मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली अनंत सिंह भगवान की शरण में नजर आए हैं। अनंत सिंह मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। एक दिलचस्प बात यह भी है कि अभी जनता दल यूनाइटेड ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है। लेकिन अनंत सिंह को जदयू का सिम्बल मिला है। इस सीट पर नामांकन से पहले अनंत सिंह ने मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की है। मोकामा विधानसभा सीट अनंत सिंह की पारंपरिक सीट रही है। वो यहां से विधायक रह चुके हैं। इस सीट पर उनके नामांकन से पहले अनंत सिंह ने पूजा की है। जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें नजर आ रहा है कि अनंत सिंह के सैकड़ों समर्थक इस दौरान वहां मौजूद हैं। छोटे सरकार के नाम से चर्चित अनंत सिंह के आवास पर आज उनके समर्थकों के लिए विशेष तौर से खाने की भी व्यवस्था की गई है। जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह ने अपने समर्थकों से यह भी अपील की है कि नामांकन के दौरान भारी संख्या में वो इसमें शामिल हों। अनंत सिंह मोकामा से पांच बार विधायक रह चुके हैं। अनंत सिंह मीडिया से बातचीत में इस सीट पर एक बार फिर अपनी जीत को लेकर काफी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। यहां आपको बता दें कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह की पत्न नीलम देवी राजद के टिकट पर यहां से विधायक बनी थीं। हालांकि, 2024 में नीलम देवी ने एनडीए सरकार का समर्थन किया था। इस बार अनंत सिंह ने खुद यहां से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार पेश करेंगे श्रीराम की लीला

दीपोत्सव 2025: अयोध्या में पांच देशों के कलाकारों द्वारा अंतरराष्ट्रीय रामलीला का भव्य मंचन रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार पेश करेंगे श्रीराम की लीला नेपाल और श्रीलंका की पहली बार होगी लक्ष्मण और रावणेश्वरा की प्रस्तुति – दीपोत्सव 2025: लाखों दीपों की रोशनी में सांस्कृतिक महोत्सव का अनोखा अनुभव – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से अयोध्या बना अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र अयोध्या इस वर्ष नौवें संस्करण के दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच बनकर उभर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अयोध्या में एक अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला का मंचन करेंगे। अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी अयोध्या को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र भी बनाएगी। इस बार कुल 90 विदेशी कलाकार अयोध्या की पावन भूमि पर अपनी कला और सांस्कृतिक धरोहर के माध्यम से रामकथा को जीवंत रूप में पेश करेंगे। अयोध्या के राम कथा पार्क में इस वर्ष विभिन्न राज्यों की प्रसिद्ध रामलीलाओं का मंचन किया जाएगा। रूस के कलाकार स्वयंवर की महिमा का अद्भुत मंचन रूस से आए 15 कलाकार रामलीला के दौरान स्वयंवर का दृश्य प्रस्तुत करेंगे। उनके मंचन में रूस की पारंपरिक रंगमंचीय तकनीक और भारतीय कथा का अनूठा मिश्रण दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। रूस के कलाकारों ने इस प्रस्तुति के लिए महीनों की तैयारी की है और वे दर्शकों को राम और सीता के दिव्य मिलन की अनुभूति देंगे। थाईलैंड : तीन प्रमुख युद्धों का दृश्य थाईलैंड से आए 10 कलाकार रामलीला में शूर्पणखा और राम-लखन संघर्ष, मारीच से संघर्ष और राम-रावण युद्ध का मंचन करेंगे। इन युद्धों के माध्यम से राम और रावण के बीच धर्म और अधर्म की कहानी दर्शकों के सामने प्रस्तुत होगी। थाईलैंड के कलाकारों की पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैली इस प्रस्तुति को और भी जीवंत बनाएगी। इंडोनेशिया : लंका दहन और अयोध्या वापसी इंडोनेशिया के 10 कलाकार रामलीला में लंका दहन और अयोध्या वापसी के दृश्य को अद्भुत ढंग से प्रस्तुत करेंगे। यह प्रस्तुति दर्शकों को राम के जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ों का अनुभव कराएगी और अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएगी। नेपाल : लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन की पहली प्रस्तुति नेपाल से आए 33 कलाकार इस बार रामलीला में पहली बार लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले नेपाल की रामलीला मुख्य रूप से मां सीता पर केंद्रित होती थी। इस बार की प्रस्तुति अयोध्या में रामलीला के अंतरराष्ट्रीय स्तर को और भी प्रतिष्ठित बनाएगी और दर्शकों को रामकथा का नया दृष्टिकोण दिखाएगी। श्रीलंका : के रावणेश्वरा का अद्भुत दृश्य श्रीलंका से आए 22 कलाकार में से दो कलाकार पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं। यह टीम रामेश्वर की भूमि पर रावणेश्वरा का दृश्य प्रस्तुत करेगी। श्रीलंका वासी आज भी रावण को ईश्वर की भूमिका में मानते हैं और इस भाव को मंच पर जीवंत रूप से दिखाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान की भूमिका अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय रामलीला 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य न केवल रामलीला की परंपरा को जीवंत रखना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है। दीपोत्सव और अयोध्या की परंपरा अयोध्या के 56 घाटों और मंदिरों पर लाखों दीपों की रोशनी में यह रामलीला देखने वालों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगी। दीपोत्सव के दौरान रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक और आधुनिक सजावट और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को और भी उजागर करेगा। दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण इस अंतरराष्ट्रीय रामलीला का अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन, पारंपरिक भारतीय वेशभूषा, लाइटिंग और सेट डिजाइन, सभी दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव होगा। विदेशी कलाकारों की प्रस्तुति से न केवल भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान बढ़ेगी, बल्कि अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव की भव्यता और आकर्षण भी दोगुना होगा।

गबन या व्यवस्थापन की कमी? 31 करोड़ खर्च के बावजूद पौधरोपण फेल, हरियाली रह गई सपनों में

दौसा दौसा जिले को हरा-भरा बनाने के लिए सरकार ने जो महत्त्वाकांक्षी पौधशाला योजना शुरू की थी, वह जिले में असफल साबित होती नजर आ रही है। योजना पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद जिले की कई ग्राम पंचायतों में पौधशालाएं बनी ही नहीं, और जहां बनीं भी वहां देखभाल के अभाव में पौधे सूख गए। पंचायती राज विभाग ने महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत जिले की 261 ग्राम पंचायतों में पौधशाला व नर्सरी विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था। इन पंचायतों को 31 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। योजना का उद्देश्य था कि हर ग्राम पंचायत मुख्यालय पर दो हजार पौधे तैयार हों और अगले पांच साल में हरियाली का ऐसा जाल बिछे कि जिले का चेहरा बदल जाए। लेकिन परिणाम करोड़ों खर्च होने के बाद भी उम्मीदों के विपरीत नजर आ रहे हैं। शुरुआत से ही कमजोर रही योजना योजना की शुरुआत में ही कई कमियां नजर आईं। जिन पंचायतों को बजट मिला, उनमें से अधिकांश ने न तो जगह का सही चयन किया और न ही पानी की व्यवस्था। कुछ पंचायतों ने खेतों के बीच या सुनसान मैदानों में पौधशालाएं बना दीं, जहां न बाड़बंदी थी और न ही कोई देखभाल करने वाला। लवान पंचायत समिति की कवरपूरा, हिगोटिया, दौसा की सूरजपुरा ग्राम पंचायत में बजट स्वीकृति के बाद भी पौधशाला तक तैयार नहीं की। वहीं सिगवाड़ा ग्राम पंचायत में तो हाल और भी खराब रहे। यहां पौधशाला तो बनाई गई, लेकिन देखभाल के अभाव में पौधे सूख गए। हालात इतने बिगड़े कि कई जगह पौधों के ढेर ही जला दिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर शुरुआती समय में देखभाल और सिंचाई की व्यवस्था होती तो हजारों पौधे आज हरे-भरे होते। सिंगवाड़ा ग्राम पंचायत की पौधशाला पर लाखों खर्च होने के बाद भी कागजों पर ही हरी-भरी दिख रही है। वास्तविकता यह है कि वहां आज सिर्फ 2000 पौधों की जगह मात्र 100-200 पौधे ही दिखाई दे रहे हैं। पौधशाला का पूरा परिसर वीरान पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार शुरुआती बरसात में पौधे लगाए तो गए थे, लेकिन बाद में किसी ने ध्यान नहीं दिया। न तो पानी का इंतजाम हुआ और न ही देखभाल की गई। निगरानी का तंत्र भी नाकाम जिले में इस योजना की निगरानी के लिए ग्राम विकास अधिकारी से लेकर अधीक्षण अभियंता तक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। काम की समीक्षा के लिए प्लांटेशन आईडी तक बनाकर ट्रैकिंग सिस्टम बनाया गया। लेकिन यह पूरा तंत्र केवल कागजों तक सीमित रहा। पंचायतों को बजट मिला, काम का रिकॉर्ड तैयार हुआ, लेकिन स्थलीय निरीक्षण और देखभाल में लापरवाही होती रही। क्या कहा जिम्मेदारों ने विकास अधिकारी लवान का कहना है कि हाँ, सिगवाड़ा ग्राम पंचायत में पोधारोपण तो कराया था, लेकिन पौधे पानी में डूब गए जिसके चलते पौधे गल गए, इसलिए पौधे जीवित नहीं हैं। वहीं दौसा जिला परिषद के अधिशाषी अभियंता सीताराम मीणा ने बताया कि ग्राम पंचायतों में पौधशालाएं स्थापित की गई थीं, लेकिन उनकी वर्तमान में कुछ पौधे की बढ़िया नहीं है। उनका यह बयान साफ बताता है कि मॉनिटरिंग व्यवस्था कितनी लचर रही। सूख गए पौधे, गांव के लोग मायूस योजना की विफलता का असर सीधे गांवों पर पड़ा। गांवों के लोगों ने उम्मीद की थी कि पौधशालाओं से उन्हें औषधीय और फलदार पौधे आसानी से मिलेंगे। लेकिन ज्यादातर पंचायतों में सूखे पौधों और खाली गड्ढों के अलावा कुछ नहीं बचा। सूरजपुरा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन ग्राम पंचायत में लाखों खर्च दर्शाने के बाद भी पौधरोपण तक नहीं हुआ। सरपंच सविता मीणा का कहना है कि पौधरोपण के लिए गड्डे खुदवा दिए गए थे और लाखों रूपये खर्च कर पौधों की सुरक्षा के लिए तारबंदी करवा दी गई थी, लेकिन दौसा वीडियो ने पौधरोपण नहीं करने दिया। इसके चलते पौधशाला में दो हजार पौधे तैयार होने थे, लेकिन एक भी पौधा नहीं लगा। अब वहां खाली गड्डे ही नजर आ रहे हैं। गांव की महिलाओं ने बताया कि बच्चों के लिए फलदार पौधे लगाने का सपना अधूरा रह गया। हिगोटिया पंचायत के लोग भी मायूस हैं। उनका कहना है कि जिस जगह पौधशाला बनाई गई थी, वहां आज खरपतवार और झाड़ियां उग आई हैं। न पौधे हैं, न पानी की टंकी और न ही कोई चौकीदार। शुरुआत में मजदूरों से गड्ढे खुदवाए गए, पौधे लगाए गए, फोटो खिंचवाई गई और फिर सब कुछ ठप हो गया। बीज बैंक का वादा भी अधूरा योजना का एक अहम हिस्सा था, ग्राम पंचायत स्तर पर बीज बैंक बनाना। ग्रामीणों से कहा गया था कि वे आम, जामुन, पपीता जैसे फलों के बीज दान करें और उनसे पौधे तैयार हों। लेकिन जिले में एक भी पंचायत में यह बीज बैंक धरातल पर नहीं बन पाया। ग्रामीण बताते हैं कि बीज बैंक का नाम तो कई बार सुना, लेकिन कभी किसी को बीज जमा कराते नहीं देखा। जली हुई टहनियां और खाली थेलियां सूखी हुई टहनियां और खाली गड्डे पंचायत में पौधशाला योजना की असफलता की गवाही हैं। पैसे खर्च, पर काम अधूरा. प्रत्येक पंचायत को लाखों रुपए का बजट दिया गया था। शर्त यह थी कि पौधे कम से कम तीन साल तक सुरक्षित रहें। लेकिन जब जगह का सही चयन, पानी की आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं हो पाई, तो बजट का फायदा जमीन पर दिखाई नहीं दिया। पंचायतों में बजट का उपयोग गड्ढे खुदवाने, पौधे खरीदने और नर्सरी बैग भरने तक ही सिमट गया। बाद की देखभाल के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। नतीजतन, पौधशालाएं शुरू होते ही सूख गईं। हरियाली का सपना अधूरा जिले के लिए हरियाली केवल सुंदरता नहीं बल्कि जीवन का आधार है। खेती, पशुपालन और पर्यावरण संतुलन सब कुछ हरियाली पर टिका है। पौधशाला योजना का उद्देश्य था कि गांव आत्मनिर्भर हों और पौधों की कमी कभी न हो। लेकिन करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद यह सपना अधूरा रह गया।

राजधानी में अवैध प्रवासियों पर शिकंजा, पुलिस ने पकड़े छह अफ्रीकी नागरिक

नई दिल्ली   दिल्ली के निहाल विहार इलाके में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे छह अफ्रीकी नागरिकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई बाहरी जिला पुलिस के विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अवैध प्रवास पर रोक लगाना और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 10 अक्टूबर को निहाल विहार पुलिस थाने की गश्ती टीम को चंदर विहार में अवैध प्रवासियों की मौजूदगी की सूचना मिली। हेड कांस्टेबल गजानंद, दलवीर, जगपाल, सरदार मल और कांस्टेबल महेंद्र की टीम ने तुरंत कार्रवाई की। मौके पर पहुंचने पर छह विदेशी नागरिकों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में इनकी पहचान फ्रैंक फॉचिंग (कैमरून), रोमियो लुसिएन (कैमरून), सैमुनेल (नाइजीरिया), माल्क फैराडे (नाइजीरिया), इवांस डांसो (घाना), और इनौसा (नाइजीरिया) के रूप में हुई। सत्यापन के दौरान पता चला कि इनके पास वैध वीजा या पासपोर्ट नहीं थे और ये सभी वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे थे। पुलिस ने विदेशी नागरिक अधिनियम, 1946 की धारा 14(सी) के तहत मकान मालिक के खिलाफ अवैध शरण देने का मामला दर्ज किया। इसके बाद विदेशी नागरिक क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के सहयोग से निर्वासन प्रक्रिया शुरू की गई। वर्तमान में सभी छह व्यक्तियों को लामपुर, नरेला के हिरासत केंद्र में रखा गया है, जहां से उनकी निर्वासन प्रक्रिया पूरी होगी। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा (आईपीएस) ने बताया कि दिल्ली में अवैध प्रवास के खिलाफ सख्त नीति अपनाई जा रही है। पुलिस नियमित गश्त, सत्यापन और खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे मामलों पर नजर रख रही है। यह अभियान स्थानीय लोगों की सुरक्षा और आव्रजन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें। अवैध प्रवासियों की पहचान और कार्रवाई के लिए पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

हरियाणा पुलिस सतर्क: IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में हो सकता है बवाल

हरियाणा हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या से उपजे तनाव और असंतोष को देखते हुए हरियाणा सरकार को प्रदेश का माहौल खराब होने की चिंता सताने लगी है। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने सोमवार रात पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए अलर्ट जारी किया है। सरकार ने सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। मुख्य सचिव कार्यालय के राजनीतिक शाखा की ओर से यह निर्देश जारी किए गए, जिसमें सभी डीसी, एसपी, आईजीपी और पुलिस आयुक्तों को कानून-व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। सरकार के निर्देशों में कहा गया है कि हाल के दिनों में पूरन कुमार की मौत से जुड़े घटनाक्रमों को देखते हुए राज्य में सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती है इसलिए सभी जिलों में स्थानीय संगठनों और सामुदायिक नेताओं से समन्वय बनाए रखते हुए हालात पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि किसी भी ऐसी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें जो शांति और सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। स्थिति की नियमित रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए। राहुल गांधी के दौरे से सियासी पारा बढ़ा महापंचायत की तरफ से दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम का समय भी आज पूरा हो रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज अमनीत पी कुमार के आवास पहुंचेंगे। उनके साथ सोनिया गांधी के भी आने की चर्चा है। राहुल गांधी के इस दौरे से सियासी पारा बढ़ गया है। विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव बढ़ने के बीच डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने छुट्टी की अवधि के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। हरियाणा सरकार ने कहा है कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन अब तक पूरन कुमार का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है। उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने पोस्टमार्टम की इजाजत देने से इनकार कर दिया और वह इस मांग पर कायम हैं कि सरकार को पहले सुसाइड नोट में नामजद सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। अब देखना ये होगा कि डीजीपी को छुट्टी पर भेजने के बाद वह पोस्टमार्टम के लिए राजी होंगी या नहीं। गृह मंत्री अमित शाह आज गुरुग्राम आयेंगे आईपीएस कुमार के सुसाइड के बाद से प्रदेश में बने माहौल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा दौरा रद्द हो गया है। वह 17 अक्टूबर को सोनीपत में रैली को संबोधित करने वाले थे। प्रदेश की नायब सरकार के एक साल पूरा होने के अवसर पर होने वाली रैली भी स्थगित कर दी गई है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज गुरुग्राम आयेंगे। वह नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने आ रहे हैं। वे यहां एनएसजी के विशेष जवानों को संबोधित करेंगे और ब्लैक कैट स्पेशल ऑपरेशंस ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लेंगे। समारोह के दौरान एनएसजी की मैग्जीन का भी विमोचन करेंगे। नगर पालिका कर्मचारी संघ प्रदेश में प्रदर्शन करेगा कुमार के परिवार के समर्थन में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगा। कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने बताया कि आज एक प्रतिनिधि मंडल सेक्टर 24 स्थित आवास पर पीड़ित परिवार से मिलेगा। सांत्वना देने के बाद आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर कोई बड़ा और कड़ा निर्णय भी लिया जाएगा।

टैरिफ विवाद की पृष्ठभूमि में भारत-अमेरिका की वायुसेनाएं आमने-सामने, ग्वालियर एयरबेस बना रणक्षेत्र

 ग्वालियर  टैरिफ वॉर के चलते भार और अमेरिका के बीच जारी तनाव के हालातों में एक बार फिर दोनों देशों की वायुसेनाएं के साथ युद्धाभ्यास करने जा रहे हैं। देश के महत्वपूर्ण एयरबेस में शामिल मध्य प्रदेश के ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरबेस पर अमेरिकी और भारतीय वायुसेना के विमान अपने-अपने युद्ध कौशल दिखाएंगे। अमेरिकी वायुसेना की टीम इस युद्धाभ्यास के लिए ग्वालियर पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि, मंगलवार यानी आज से ये युद्धाभ्यास शुरू होगा। इसमें पर्यवेक्षक के रूप में जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल होंगे। 2004 में भी ग्वालियर एयरबेस पर अमेरिकी वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास किया गया था। वहीं कुछ दिनों पहले ही अलास्का में भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास हो चुका है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है युद्धाभ्यास! आपको बताते चलें कि, हालही में दुनियाभर में भारत और अमेरिका के संबंध चर्चा में रहे हैं। इसको देखते हुए दोनों देशों के बीच लगातार युद्धाभ्यास सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अफगानिस्तान पर बयानबाज़ी में भारत का पलटवार, पाकिस्तान को UN में लगाई फटकार

नई दिल्ली भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में बाल अधिकारों के गंभीर उल्लंघन और सीमापार आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जमकर धोया. 80वें UNGA सत्र में बोलते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे नागरिकों, खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए वैध और आवश्यक बताया. सांसद पीपी चौधरी के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र गए संसदीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल दुबे ने कहा कि पाकिस्तान बाल एवं सशस्त्र संघर्ष (सीएएसी) एजेंडे का सबसे गंभीर उल्लंघनकर्ता बना हुआ है. उन्होंने सीएएसी में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सीमापार आतंकवाद, गोलाबारी और हवाई हमलों में पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया, जिसके कारण अफगान बच्चों की हत्या और अपंगता हुई है. 'अफगान बच्चों की हत्या और अपंगता के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार' बीजेपी सांसद ने कहा, "अपनी सीमाओं से परे इसी रिपोर्ट में पाकिस्तान द्वारा स्कूलों, खासकर लड़कियों के स्कूलों में स्वास्थ्य कर्मियों पर किए गए हमलों और अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर हुई घटनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है, जहां पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी और हवाई हमले सीधे तौर पर अफ़ग़ान बच्चों की हत्या और अपंगता के लिए जिम्मेदार थे."

शानदार शुरुआत! LG IPO 50% ऊपर लिस्ट हुआ, इन्वेस्टर्स को मिला जबरदस्त रिटर्न

मुंबई  एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स आईपीओ का आज शेयर मार्केट में डेब्यू हो गया. इसके शेयरों की बंपर लिस्टिंग हुई है और निवेशकों को जोरदार मुनाफा हुआ है. LG Electronics Share बीएसई और एनएसई पर 50 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए. खास बात ये है कि इसकी लिस्टिंग उम्मीद से बेहतर और विश्लेषकों के अनुमान से कहीं ज्यादा प्रीमियम पर हुई. एलजी के शेयर जहां बीएसई पर 1715 रुपये पर लिस्ट हुए, तो वहीं एनएसई पर 1,710 रुपये के भाव पर एंट्री मारी. बता दें इसका इश्यी प्राइस 1140 प्रति शेयर था.  उम्मीद से बेहतर हुई लिस्टिंग  एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का लिस्टिंग से पहले ग्रे-मार्केट प्रीमियम 430 रुपये दिखा रहा था, लेकिन बाजार में इसकी लिस्टिंग उम्मीद से कहीं बेहतर रही. बीएसई पर 575 रुपये के इजाफे के साथ एलजी शेयर 1715 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो 50.44% की बढ़त दर्शाता है. इस बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर मूल्य 50.01% के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ.  निवेशकों का मिला था जोरदार रिस्पांस LG Electronics IPO बीते 7 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन हुआ था और इसमें 9 अक्टूबर तक बोली लगाई गई थी. 11,607 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को निवेशकों का जबर्दस्त रिस्पांस मिला था. सब्सक्रिप्शन के लास्ट दिन तक ये कुल 54.02 गुना सब्सक्राइब्ड किया गया था. योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की कैटेगरी में सबसे ज्यादा 166.51 गुना सब्सक्राइब हुआ था. नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) कैटेगरी को 22.44 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ.  हर एक लॉट पर कमाए ₹7000 से ज्यादा कंपनी की ओर से आईपीओ के तहत शेयरों के लिए प्राइस बैंज 1080 रुपये से 1140 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था. वहीं आईपीओ का लॉट साइज 13 शेयरों का था. यानी अपर प्राइस बैंड के हिसाब से निवेशकों को कम से कम 14820 रुपये का निवेश करना था. अब लिस्टिंग गेन के हिसाब से फायदे का कैलकुलेशन करें, तो बीएसई पर 1715 रुपये के लिस्टिंग प्राइस पर हर एक लॉट पर निवेशकों को 7,457 रुपये का फायदा हुआ है.   लिस्ट होते ही कंपनी का मार्केट कैप यहां पहुंचा विश्लेषकों का कहना है कि LG Elctronics की इस धांसू शुरुआत के पीछे तमाम कारण हैं. इनमें भारत के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में एलजी की तगड़ी ब्रांड इक्विटी, बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन और सर्विस नेटवर्क. इसके अलावा कंपनी की कम ऋण प्रोफाइल और मार्जिन ट्रैक रिकॉर्ड ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर बड़ा असर डाला है, जिससे उनमें इसे लेकर विश्वास बढ़ा है. ब्रोकरेज भी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की लॉन्गटर्म ग्रोथ  संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं. बढ़ती आय, छोटे शहरों में प्रीमियम उपकरणों का बढ़ता चलन इसे सपोर्ट दिए हुए हैं. लिस्टिंग के साथ ही एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का मार्केट कैप 2.8 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया, जिससे यह 2025 के सबसे सफल आईपीओ में से एक बन गया है. 

नामांकन से पहले हंगामा! रेलवे फाटक पर फंसे अनंत सिंह, समर्थकों ने इंजन तक पहुंचकर खोला गेट

पटना  जेडीयू के उम्मीदवार अनंत सिंह का नामांकन के लिए निकला रोड शो उस समय कुछ देर के लिए रुक गया, जब बाढ़ रेलवे गुमटी का फाटक बंद हो गया. ट्रेन क्रॉसिंग के कारण फाटक गिरा तो अनंत सिंह का काफिला रास्ते में फंस गया और उन्हें वहीं रुकना पड़ा. घटना के दौरान अनंत सिंह ओपन जीप में सवार थे और तेज धूप के बीच समर्थकों के साथ आगे बढ़ रहे थे. फाटक बंद होने के कारण जब ट्रेन काफी देर तक नहीं गुजरी, तो उनके समर्थक परेशान होकर रेल इंजन के पास पहुंच गए और ट्रेन को जल्दी निकलवाने की कोशिश करने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अनंत सिंह काफी देर तक इंतजार करते रहे. उनके चेहरे पर परेशानी साफ झलक रही थी, क्योंकि नामांकन दाखिल करने का समय नजदीक आ रहा था. कुछ देर बाद जब ट्रेन को आगे बढ़ाया गया, तब जाकर रेलवे गुमटी का फाटक खोला गया और अनंत सिंह का काफिला आगे बढ़ सका. फाटक बंद होते ही रुक गया अनंत सिंह का काफिला यह मामला बाढ़ रेलवे स्टेशन के पास का बताया जा रहा है. वहां मौजूद लोगों ने बताया कि जैसे ही फाटक बंद हुआ, अनंत सिंह का पूरा काफिला, जिसमें कई गाड़ियां और समर्थक शामिल थे रुक गया. समर्थक लगातार "छोटे सरकार जिंदाबाद" के नारे लगा रहे थे, जबकि अनंत सिंह अपनी जीप से हालात का जायजा लेते नजर आए. जेडीयू की टिकट पर लड़ रहे चुनाव, सबसे पहले भरा नामांकन अनंत सिंह इस बार मोकामा विधानसभा सीट से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और सोमवार को नामांकन दाखिल करने निकले थे. बताया जा रहा है कि वे इस चुनाव में जेडीयू के टिकट पर नामांकन करने वाले पहले प्रत्याशी हैं. घटना के दौरान मीडिया कर्मी और स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे. कुछ मिनटों की इस रुकावट के बाद जैसे ही फाटक खुला, काफिले में लोगों राहत की सांस ली और रोड शो दोबारा शुरू हो गया.