samacharsecretary.com

तारापुर से सम्राट चौधरी की चुनौती, भाजपा ने डिप्टी CM को पुश्तैनी सीट से बाहर किया

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए बीजेपी ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने अपने कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तारापुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। सम्राट तारापुर से 16 अक्टूबर को नामांकन करेंगे। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कैंडिडेट लिस्ट अभी नहीं आई है। तारापुर सिर्फ एक चुनावी सीट नहीं, बल्कि सम्राट चौधरी के परिवार की राजनीतिक विरासत से जुड़ी भूमि है। उनके पिता शकुनी चौधरी यहां से कई बार विधायक रह चुके हैं, जबकि उनकी मां पार्वती देवी भी एक बार इसी सीट से विधानसभा पहुंची थीं। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी मौजूदा वक्त में विधान परिषद के सदस्य हैं। सम्राट चौधरी की राजनीतिक यात्रा काफी दिलचस्प रही है। वे हमेशा से विधान परिषद के सदस्य नहीं रहे, बल्कि पहले राजद (RJD) से दो बार विधायक बन चुके हैं। भाजपा में आने से पहले वो दो बार राजद के विधायक बने हैं। खगड़िया जिले की परबत्ता सीट से सम्राट चौधरी पहली बार 2000 और दूसरी बार 2010 में विधानसभा पहुंचे थे। उनसे हारने और उनको हराने वाले जेडीयू नेता रामानंद प्रसाद सिंह भी परबत्ता से चार के विधायक रहे। रामानंद के बेटे संजीव सिंह 2020 में परबत्ता से जेडीयू के विधायक बने थे लेकिन अब तेजस्वी यादव के साथ हैं और अब राजद के टिकट पर लड़ेंगे। हाल ही में प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी को घेरते हुए एक पुराना मामला उठाया। उन्होंने तारापुर हत्याकांड (1995) का जिक्र किया और उनकी उम्र और रिहाई पर सवाल उठाए। जानकार बताते हैं कि यह केस भी तारापुर के चुनावी माहौल से जुड़ा था, जब उनके पिता शकुनी चौधरी ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। इस पुराने विवाद ने अब फिर से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है, खासकर तब जब सम्राट खुद उसी सीट से ताल ठोकने जा रहे हैं।  

सुरक्षा बलों ने नाकाम किया नक्सलियों का प्लान, कर्रेगुट्टा में भारी हथियारों का जखीरा मिला

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों को सर्च अभियान के दौरान बड़ी सफलता हाथ लगी है. ताड़पाला बेस कैम्प के पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के हथियारों का जखीरा मिला है. कार्रवाई में नुकसान पहुंचाने के लिए प्लांट किए गए 5 आईईडी को बरामद किया गया है. दरअसल, उसूर थाना अंतर्गत क्षेत्र ताड़पाला बेस कैम्प से कोबरा 206, केरिपु 229, 153 और 196 की संयुक्त टीम ने KGH Foothills क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया. इस दौरान दोपहर करीब 3 बजे नक्सलियों द्वारा छिपाए गए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और बीजीएल बनाने की सामग्री बरामद किया गया. क्या-क्या हुआ बरामद ? 51 नग जिंदा बीजीएल 100 बंडल एचटी एल्युमिनियम तार स्टील पाइप 50 नग (बीजीएल निर्माण के लिए) भारी मात्रा में बिजली का तार 20 नग लोहे की शीट (बीजीएल निर्माण के लिए) 40 नग लोहे की प्लेट (बीजीएल निर्माण के लिए) 5 IED बरामद जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए 5 आईईडी भी बरमाद किए गए.  इसके बाद बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वाड) टीम ने मौके पर आईडी को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर दिया.

इकलौते हिंदू बंधक बिपिन जोशी की हमास की कैद में मौत, लौटाया गया पार्थिव शरीर

तेल अवीव हमास की ओर से बंधक बनाए गए नेपाली हिंदू छात्र बिपिन जोशी का शव इजरायल को लौटा दिया गया है। 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल पर किए गए हमले के दौरान उसका अपहरण कर लिया गया था। अटैक के वक्त जोशी ने अपनी बहादुरी से कई सहपाठियों की जान बचाई थी। सोमवार को गाजा में संघर्ष विराम समझौते के बाद उसकी मृत्यु की पुष्टि ऐसे समय हुई, जब 20 जीवित बंधकों की रिहाई पर उत्सव का माहौल था। बंधक बनाए जाने के कुछ दिनों बाद इजरायली सेना की ओर से वीडियो फुटेज जारी किया गया, जिसमें जोशी को गाजा के शिफा अस्पताल में घसीटते हुए दिखाया गया था। यह उनकी आखिरी ज्ञात जीवित झलक थी। हमास के लड़ाकों ने जब हमला किया, तब 22 वर्षीय बिपिन जोशी नेपाल से गाजा सीमा के पास किबुत्ज अलुमिम गए थे। यहां वह खेती-किसानी को लेकर ट्रेनिंग कार्यक्रम के लिए आए थे। जोशी गाजा में जीवित माने जाने वाले एकमात्र गैर-इजरायली और हिंदू बंधक थे। नेपाल के इजरायल में राजदूत धन प्रसाद पंडित ने रिपब्लिका को उनकी मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सोमवार देर रात हमास ने जोशी के शव को इजरयइली अधिकारियों को सौंप दिया। पंडित ने कहा, 'बिपिन जोशी का शव हमास ने इजरायली अधिकारियों को सौंपा है और इसे तेल अवीव ले जाया जा रहा है।' जिंदा ग्रेनेड को पकड़कर फेंका था बाहर इजरायली सैन्य प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि हमास ने बिपिन जोशी सहित 4 बंधकों के शव लौटाए हैं। उनके शव को नेपाल भेजने से पहले डीएनए टेस्ट किया जाएगा। उम्मीद है कि उनका अंतिम संस्कार नेपाली दूतावास के सहयोग से इजरायल में किया जाएगा। जोशी की इजरायल यात्रा सितंबर 2023 में शुरू हुई, जब वह 16 अन्य छात्रों के साथ किबुत्ज अलुमिम गए थे। यह पहल नेपाली छात्रों को इजरायली कृषि तरीकों के बारे ट्रेनिंग देने के लिए की गई थी। 7 अक्टूबर की सुबह हमास आतंकवादियों ने अचानक हमला कर दिया। छात्रों ने बम बंकर में शरण ली। जब बंकर के अंदर ग्रेनेड फेंके गए तो जोशी ने एक जिंदा ग्रेनेड को पकड़कर बाहर फेंक दिया, जिससे कई लोगों की जान बच गई। हालांकि, हमले में वह घायल हो गए और बाद में हमास के बंदूकधारियों ने उन्हें पकड़ लिया।

छत्तीसगढ़/नक्सल प्रभावित क्षेत्र: भाजपा कार्यकर्ता को उतारा मौत के घाट , पर्चा छोड़कर फरार

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने एक बार फिर कायराना हरकत को अंजाम दिया है. नक्सलियों ने भाजपा कार्यकर्ता पूनम सत्यम की हत्या कर दी है. इस घटना की जिम्मेदारी भाकपा (माओवादी) की माड़ेड़ एरिया कमेटी ने ली है. बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र ने मामले की पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, घटना थाना इलमिडी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुंजाल कांकेर की है. भाजपा कार्यकर्ता पूनम सत्यम काफी समय से नक्सलियों के निशाने पर था. उन्होंने कई बार चेतावनी भी दी थी. बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात करीब 4 से 5 नक्सली सादे वर्दी में पूनम के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने अपने पास रखे रस्सी से गला घोंटकर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी. वारदात के बाद नक्सलियों ने शव के पास पर्चा फेंका है. इसमें मद्देड एरिया कमेटी ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली है. एसपी ने की पुष्टि बीजापुर एसपी डॉ.जितेंद्र ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल के लिए बल रवाना कर दिया गया है. क्षेत्र में सर्चिंग जारी है. भाजपा कार्यकर्ता की हत्या मामले पर गृहमंत्री शर्मा का बयान नक्सलियों द्वारा भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की घटना की गृहमंत्री विजय शर्मा ने कड़ी निंदा की और उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने स्पष्ट कह दिया है कि नक्सलवाद समाप्त होना चाहिए. बड़े नक्सलियों के समूह भी नक्सवाद को खत्म करना तय कर लिया है. गृहमंत्री शर्मा ने बताया कि लगभग सालभर पहले नक्सली महिला ने गढ़चिरौली (छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा) में आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद उसके पति ने भी सरेंडर कर मुख्यधारा को अपना लिया. इस वक्त बस्तर में बहुत सारी गतिविधियां चल रही है. आने वाले समय में मुख्यधारा में शामिल होने वालों का स्वागत किया जाएगा. उन्हें सरकारी नीति के तहत व्यवस्थाएं दी जाएगी. और जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, उनसे निपटने के लिए सुरक्षाबल के जवान पूरी ताकत से जुटें हैं.

कीमतों में जोरदार उछाल: MCX पर चांदी ₹6000 महंगी, सोना भी पहुंचा नई ऊंचाई पर

इंदौर   14 अक्टूबर 2025 को कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में 4.00% की बड़ी बढ़त दर्ज की गई और यह 6,185.00 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। चांदी का ट्रेडिंग वॉल्यूम इस दौरान 1,60,830 यूनिट्स का रहा, जो बाजार में निवेशकों की मजबूत रुचि को दर्शाता है। वहीं, सोना भी पीछे नहीं रहा। MCX पर सोने की कीमत 1.45% की तेजी के साथ 1,807.00 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई। कुल 1,26,451 यूनिट्स के साथ सोने में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार में चल रही अनिश्चितता, डॉलर की कमजोरी और जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना-चांदी की ओर बढ़ा है। इस तेजी से निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं ज्वेलरी सेक्टर और उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी थोड़ी चिंता का कारण बन सकती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शुभमन को सलाह: ‘मैनेज मत करना, बस खेल पर ध्यान दो’

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज को लेकर फैन्स में जबरदस्त उत्साह है। यह सीरीज खास इसलिए भी है क्योंकि टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा लंबे अंतराल के बाद मैदान पर उतरेंगे। एशिया कप 2025 (टी20 फॉर्मेट) जीतने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास चरम पर है, लेकिन अब ध्यान इस हाई-वोल्टेज सीरीज पर है। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इस बार टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में होगी। बीसीसीआई चयन समिति ने अनुभव के बावजूद रोहित शर्मा को वनडे कप्तानी से हटाकर गिल को नया कप्तान नियुक्त किया है। यह फैसला भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया माना जा रहा है। अब रोहित और कोहली को लेकर पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने नए कप्तान गिल को खास सलाह दी है। पार्थिव पटेल ने दी शुभमन गिल को सलाह पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने शुभमन गिल को सलाह दी है कि उन्हें विराट कोहली और रोहित शर्मा को मैनेज करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पार्थिव का मानना है कि दोनों खिलाड़ी इतने अनुभवी और परिपक्व हैं कि उन्हें किसी तरह की विशेष गाइडेंस या नियंत्रण की जरूरत नहीं है। पार्थिव ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई समस्या होगी क्योंकि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को अपनी भूमिका अच्छी तरह पता है।' पार्थिव पटेल ने कही यह बात उन्होंने कहा, 'आप विराट को देखिए, वह तब कप्तान बने जब एमएस धोनी अभी भी खेल रहे थे। उन्हें पता है कि एक सीनियर खिलाड़ी नए कप्तान को कैसे समर्थन देता है। रोहित के साथ भी यही बात रही। जब वह कप्तान बने तो विराट भले उनके सीनियर नहीं थे, लेकिन एक पूर्व कप्तान के तौर पर उन्होंने सहयोग दिया।' पार्थिव ने यह भी जोड़ा कि गिल को अपने ऊर्जा स्तर को ऐसे सीनियर खिलाड़ियों को संभालने में नहीं लगाना चाहिए। पार्थिव ने कहा, 'दोनों बहुत परिपक्व हैं और भारतीय क्रिकेट की भलाई के लिए फैसलों को समझते हैं। शुभमन को उन्हें मैनेज करने में अपनी ऊर्जा नहीं लगानी चाहिए।' गिल की कप्तानी में नया अध्याय यह पहली बार होगा जब विराट कोहली और रोहित शर्मा किसी युवा खिलाड़ी शुभमन गिल की कप्तानी में खेलेंगे। इससे पहले, कोहली ने रोहित शर्मा के नेतृत्व में खेला था जब उन्होंने खुद कप्तानी छोड़ी थी, लेकिन अब परिदृश्य अलग है। गिल न सिर्फ टीम के भविष्य का प्रतीक हैं बल्कि एक नई सोच के साथ टीम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी उन पर है। टीम इंडिया के लिए नया संतुलन आने वाली सीरीज यह तय करेगी कि यह नई कप्तानी जोड़ी कितनी सहजता से काम कर पाती है। भारतीय टीम के लिए यह सीरीज न सिर्फ तैयारी का मौका है, बल्कि यह भी देखने का कि युवा कप्तान शुभमन गिल किस तरह सीनियर खिलाड़ियों के साथ तालमेल बिठाते हैं, बिना मैनेज किए और साथ लेकर।  

लोकप्रिय कॉमेडियन की मौत, शूटिंग सेट पर हुई हालत गंभीर

उडुपी साउथ फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। लोकप्रिय कन्नड़ अभिनेता और हास्य कलाकार राजू तालिकोटे का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। 62 वर्षीय राजू अपने अभिनय और कॉमिक टाइमिंग के लिए पहचाने जाते थे, और उनका अचानक यूं चले जाना इंडस्ट्री के लिए गहरा झटका है। शूटिंग के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में ली अंतिम सांस राजू तालिकोटे इन दिनों अपनी आगामी कन्नड़ फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में उडुपी में मौजूद थे। इस फिल्म में शाइन शेट्टी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। दो दिन की शूटिंग पूरी करने के बाद अचानक राजू को कंधे में तेज दर्द महसूस हुआ और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों की मानें तो इससे पहले भी राजू को दो से तीन बार हार्ट अटैक आ चुके थे, और इस बार आया तीसरा अटैक उनके लिए घातक साबित हुआ। शूटिंग यूनिट और फैंस सदमे में राजू तालिकोटे के निधन से फिल्म यूनिट पूरी तरह से स्तब्ध है। अभिनेता शाइन शेट्टी ने इस दुखद क्षण को याद करते हुए कहा कि, "राजू सर बिल्कुल सामान्य थे, दो दिन तक उन्होंने शूटिंग की और सब कुछ ठीक चल रहा था। हमें अंदाजा भी नहीं था कि ऐसा कुछ हो सकता है।" सोशल मीडिया पर भी राजू के फैंस उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं, उनकी यादगार तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं। थिएटर से लेकर बिग बॉस तक, राजू का सफर कर्नाटक के विजयपुरा में जन्में राजू तालिकोटे ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। मंचीय अभिनय में नाम कमाने के बाद उन्होंने 2009 में फिल्म मनसरे से बड़े पर्दे पर कदम रखा। इसके बाद उन्होंने राजधानी, मैना, अलेमारी, लाइफ इज दैट और टोपीवाला जैसी फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।राजू सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने टीवी रियलिटी शो बिग बॉस कन्नड़ सीजन 7 में भी हिस्सा लिया था, जहां उनके हंसमुख और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व ने दर्शकों को खूब लुभाया। साउथ इंडस्ट्री में शोक की लहर राजू तालिकोटे की मौत ने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री को एक गहरा सदमा दिया है। उनके साथ काम करने वाले कलाकारों से लेकर उनके फैंस तक, हर कोई उनकी कमी को महसूस कर रहा है। उनके निधन को लेकर सोशल मीडिया पर दुख और संवेदना के संदेशों की बाढ़ आ गई है।  

शहबाज शरीफ के सामने ट्रंप ने की पीएम मोदी की खुलकर तारीफ

मिस्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत एक महान देश है और मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त वहीं शीर्ष पर हैं। उन्होंने शानदार काम किया है। ट्रंप ने यह बयान मिस्र के शहर शर्म अल-शेख में हुए विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान दिया, जो गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद आयोजित किया गया था। गाजा समझौते के बीच ट्रंप ने की पीएम मोदी की तारीफ  गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद मिस्त्र में आयोजित  वैश्विक नेताओं के शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना बहुत अच्छा मित्र करार दिया और भारत की तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि भारत एक महान देश है और उसके शीर्ष पर मेरा एक बहुत अच्छा मित्र है, जिसने शानदार काम किया है। मुझे लगता है कि भारत और पाकिस्तान अब बहुत अच्छे से साथ रहेंगे। बता दें कि इस दौरान खास बात यह रही कि जब ट्रंप पीएम मोदी की तारीफ कर रहे थे तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनके पीछे ही खड़े थे। मोदी की तारीफ करते समय ट्रंप ने शहबाज की ओर भी देखा। इस पर शरीफ ने मुस्कुराते हुए ट्रंप की बात का स्वागत किया।  बंधकों का पुनर्मिलन हो रहा है… अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वर्षों की पीड़ा और रक्तपात के बाद, गाजा में युद्ध समाप्त हो गया है। अब मानवीय सहायता पहुंच रही है, जिसमें सैकड़ों ट्रक भरकर भोजन, चिकित्सा उपकरण और अन्य सामग्री शामिल है, जिसका अधिकांश भुगतान इस कमरे में बैठे लोगों द्वारा किया जा रहा है। नागरिक अपने घरों को लौट रहे हैं। बंधकों का पुनर्मिलन हो रहा है… एक नए और खूबसूरत दिन को उगते देखना बहुत ही सुंदर है और अब पुनर्निर्माण शुरू हो रहा है। मध्य पूर्व से परे दुनिया के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण इस दौरान ट्रंप ने गाजा शांति शिखर सम्मेलन में कहा कि यह मध्य पूर्व से परे दुनिया के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। हम सभी इस बात पर सहमत हैं कि गाजा का समर्थन लोगों के उत्थान के लिए ही किया जाना चाहिए। लेकिन हम अतीत में हुए रक्तपात, घृणा या आतंक से जुड़ी किसी भी चीज को वित्तपोषित नहीं करना चाहते। हम इस बात पर भी सहमत हैं कि गाजा के पुनर्निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि इसे विसैन्यीकृत किया जाए और गाजा में लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए एक नए ईमानदार नागरिक पुलिस बल की स्थापना की जाए। मैं एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने में भागीदार बनने का इरादा रखता हूं। उम्मीद है कि तीसरा विश्व युद्ध नहीं होगा, लेकिन यह मध्य पूर्व में शुरू नहीं होने वाला है। हम तीसरा विश्व युद्ध नहीं लड़ेंगे। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने की ट्रंप से मुलाकात इससे पहले विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मध्य पूर्व शांति समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प से मुलाकात की। इस शिखर सम्मेलन की संयुक्त रूप से मेजबानी संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने की और इसमें कई विश्व नेताओं ने भाग लिया।  भारत ने गाजा शांति समझौते का स्वागत किया, स्थायी शांति की उम्मीद जताई  भारत ने इस्राइल और हमास के बीच युद्ध विराम और गाजा में शांति के लिए समझौते का स्वागत किया है। भारत ने उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी।   विदेश मंत्रालय ने देर रात जारी बयान में बातचीत द्वारा दो राष्ट्र समाधान के प्रति भारत के दीर्घकालिक समर्थन को दोहराया तथा कहा कि वह क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी प्रयासों का समर्थन करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत करता है और आशा करता है कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी। मंत्रालय ने कहा कि हम राष्ट्रपति ट्रंप की गाजा शांति योजना का समर्थन करते हैं और इसे प्राप्त करने और शांति के मार्ग को आगे बढ़ाने में मिस्र और कतर की बहुमूल्य भूमिका की सराहना करते हैं। मंत्रालय ने कहा कि शांति शिखर सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रयासों को मजबूत करना था, जो क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह बातचीत के जरिये द्विराष्ट्र समाधान के लिए भारत के दीर्घकालिक समर्थन के अनुरूप भी है। भारत क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी प्रयासों का समर्थन करेगा। शहबाज शरीफ ने ट्रंप को बताया ‘शांति दूत’ शिखर सम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित होने का श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम को जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पहले भी ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया था और अब वे उन्हें दोबारा नामित करना चाहते हैं।  

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’, जिलों के नवाचारों पर हुई गहन चर्चा

रायपुर,   मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित ऑडिटोरियम में आज मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   नवाचार जनसेवा के केंद्र में हो – मुख्यमत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवाचार ऐसे हों जो दीर्घकालिक रूप से व्यवहारिक हों, नागरिकों की सुविधा बढ़ाएं, और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं को सहयोग दें। राज्य सरकार नवाचारों का स्वागत करती है, परंतु यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बुनियादी प्रशासनिक कार्य इससे प्रभावित न हों।  उन्होंने कहा कि नवाचार तुगलकी प्रयोग न बनें, बल्कि नागरिक जीवन को सरल बनाने का माध्यम बनें। स्थायी और व्यावहारिक नवाचारों पर जोर मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जो भी नवाचार हों, उनमें लोगों की राय अवश्य शामिल की जाए और उनके प्रभाव का फीडबैक लिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार जिले में किए गए नवाचार आने वाले अधिकारियों की प्राथमिकता में नहीं रहते, इसलिए इनकी स्थायित्व और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। नवाचार का उद्देश्य जनता की सेवा और पारदर्शिता में वृद्धि होना चाहिए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम पर सख्त रुख मुख्यमंत्री साय ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम को सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सेवाएं निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से दी जाएं और यदि देरी होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में यह देखा जाएगा कि कितने मामलों का समय पर निराकरण हुआ और कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। कार्यालयीन अनुशासन और स्वच्छता पर विशेष बल सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आरंभ किए गए ‘पुराने दस्तावेज हटाओ’ अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालयों में वर्षों पुराने अनुपयोगी फाइलें न केवल जगह घेरती हैं, बल्कि नागरिकों में गलत छवि भी बनाती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कलेक्टर अपने कार्यालयों को व्यवस्थित करें ताकि पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ सके। ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम ई-ऑफिस प्रणाली है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा में इसे पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता घटाना आवश्यक है और सभी लंबित फाइलों को डिजिटल माध्यम में लाना होगा ताकि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल गवर्नेंस का युग है। सभी कलेक्टर सुनिश्चित करें कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अधिकाधिक सेवाएं उपलब्ध हों और जनता ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों में डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक सेवा को डिजिटल करना ही पारदर्शी शासन की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। शिकायतों के समाधान में पारदर्शी व्यवस्था मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी कलेक्टर शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करें और डिजिटल माध्यम में उनके समाधान की स्थिति उपलब्ध कराएं। इससे नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त होंगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में मैनुअल गवर्नेंस से भ्रष्टाचार बढ़ा, जबकि डिजिटल प्रणाली जवाबदेही सुनिश्चित करती है। फील्ड विजिट और निरीक्षण की स्थायी प्रणाली बने मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केवल आकस्मिक निरीक्षण से प्रशासन नहीं सुधरता। फील्ड विजिट को स्थायी प्रक्रिया के रूप में अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे पानी की गहराई का अंदाजा पानी में उतरे बिना नहीं होता, वैसे ही योजनाओं की सच्चाई फील्ड में जाकर ही पता चलती है। नियमित निरीक्षण से न केवल सुधार होता है बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी पर भी नियंत्रण रहता है। मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी को ट्रांसफॉर्म करने का समय आ गया है। नई कार्य संस्कृति और तकनीक को अपनाए बिना सुशासन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता में विश्वास बढ़ाना है, तो उच्चाधिकारियों को खुद उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम स्वयं समय पर दफ्तर पहुंचेंगे, तभी नीचे तक अनुशासन की संस्कृति बनेगी। जिलों के नवाचारों की प्रस्तुति और कॉफी टेबल बुक का विमोचन कार्यक्रम में रायपुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जशपुर और उदंती वन अभयारण्य के नवाचारों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने जिलों में हो रहे नवाचारों पर आधारित ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन किया और अधिकारियों को सराहा जिन्होंने जमीनी स्तर पर योजनाओं को परिणाममुखी बनाया। कार्यक्रम के दौरान ‘जशप्योर’ ब्रांड के स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की सफलता का उल्लेख किया गया। महुआ को सुपरफूड के रूप में स्थापित करने वाला भारत का पहला ‘महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ जशपुर में संचालित है। जशप्योर उत्पाद अब पाँच राज्यों में बिक रहे हैं और विक्रय में 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नारायणपुर जिले के 'डेटा प्लेटफॉर्म’ द्वारा नक्सल गतिविधियों की ट्रैकिंग और दंतेवाड़ा में ब्लॉकचेन तकनीक से 7 लाख भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन को मुख्यमंत्री ने अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने अबूझमाड़ और दंतेवाड़ा में प्रशासन के हाई-टेक सिस्टम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही आधुनिक छत्तीसगढ़ की दिशा है। सुशासन संवाद में रायपुर जिले में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त पहल ‘टीम प्रहरी’ के कार्यों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस पहल के तहत अवैध अतिक्रमणों को हटाने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। नारायणपुर जिले में ‘इंटिफाई’ डेटा मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसके माध्यम से नक्सल गतिविधियों की प्रभावी ट्रैकिंग की जा रही है तथा शासकीय योजनाओं से संबंधित सभी आंकड़ों को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित किया गया है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करते हुए 7 लाख भूमि अभिलेखों का डिजिटाइजेशन किया गया है, जिससे भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और त्वरित समाधान सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन कोई एक दिन का लक्ष्य नहीं, बल्कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया है। इसके लिए हर अधिकारी को अपने … Read more

गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम

यूपी में 'काऊ टूरिज्म' की संभावनाएं तलशेगी योगी सरकार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई पहचान  गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम दीपावली पर गोबर से बने दीपों और मूर्तियों के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा  हर जिले में बनेगी एक आदर्श गोशाला, उन्हें बनाया जाएगा पर्यटन स्थल  गाय आधारित उत्पादों से बढ़ेगा स्वरोजगार, महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा सहयोग – मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभागों को मिली कार्ययोजना बनाने की जिम्मेदारी – आत्मनिर्भर गोशालाओं के जरिए “वोकल फॉर लोकल” को मिलेगा बल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। प्रदेश की सभी गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक जनपद में एक आदर्श गोशाला स्थापित की जाएगी, जिसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत 'काऊ टूरिज्म' की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा, जिससे गोशालाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकें बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और आय का साधन उपलब्ध हो सके। सरकार की मंशा है कि गाय से प्राप्त पदार्थों, गोबर, गोमूत्र, दूध, घी और मूत्रजनित उत्पादों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देकर राज्य की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। इस दिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर गोबर से बने उत्पादों का उत्पादन और विपणन किया जा सके। इसके तहत सरकार ने निर्देश दिए हैं कि दीपावली पर्व पर गाय के गोबर से बने दीपों, मूर्तियों और अन्य उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए और इनके प्रचार-प्रसार के लिए जनमानस में जागरूकता अभियान चलाया जाए।  पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार दीपावली के अवसर पर गोबर से बने दीप, मूर्तियां और सजावटी सामग्री के उपयोग को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों की बाजारों में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम नागरिक भी इनका उपयोग कर ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दे सकें।  प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश मेश्राम के अनुसार अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोशालाओं में गोबर और गोमूत्र के व्यवसायिक उपयोग के लिए स्थानीय स्तर पर योजनाएं तैयार की जाएं। उनके अनुसार, गोशालाओं की आत्मनिर्भरता के साथ-साथ यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू की गई इस योजना से उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में न केवल गोवंश संरक्षण को नई गति मिलेगी, बल्कि गौ-आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वदेशी उद्योगों को भी नई पहचान मिलेगी।