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मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में हुए शामिल

अपनों के सुख समृद्धि के लिए कष्ट सहते हुए आनंद के साथ व्रत रखने वाली माता-बहनों को मेरा नमन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने जलाभिषेक कर किया छठ पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी छठ पर्व की शुभकामनाएं इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छठ पूजा में सूर्य उपासना, परिवार के स्वास्थ्य और जीवन के दीर्घायु के संकल्प का प्रतीक है। त्रेता युग से भगवान राम  की लम्बी आयु की कामना से यह छठ पूजा आरम्भ हुई। माताएं-बहनें अपनी आस्था एवं संस्कारों के साथ इस पर्व को मनाती हैं। हमारी मातृशक्ति अपने परिवार के कष्टों को दूर करने और सुख समृद्धि के लिए आनंद के साथ जीवन के कष्टों को सहन करते हुए यह व्रत रखती हैं। मैं इन माता-बहनों को नमन करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के मन कामनेश्वर महादेव उद्यान में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जलाभिषेक कर छठ पूजन किया। छठ महोत्सव में एक साथ बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने जलकुंड में उतरकर छठ पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित सभी माता-बहनों, नागरिकों के साथ ही प्रदेशवासियों को छठ पूजन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। छठ महापर्व सूर्य उपासना के साथ समाज में मातृशक्ति की भक्ति और शक्ति का प्रतीक  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छठ पर्व सामाजिक एकता, आस्था और लोक परंपरा का अद्वितीय संगम है। छठ पूजा विशेष रूप से बिहार एवं पूर्वांचल क्षेत्र के लिए यह प्रमुख पर्व है। बिहार से मालवांचल का संबंध लगभग एक हजार साल पुराना है और हमारे रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। अब यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाने लगा है। इंदौर में ही आज लगभग 200 से ज्यादा स्थानों पर छठ पूजन के कार्यक्रम हो रहे हैं। छठ पर्व हमारी सांस्कृतिक विविधता और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व आस्था, संयम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सामूहिकता, अनुशासन और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी धार्मिक और  सांस्कृतिक आयोजनों के सम्मान और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। छठ महापर्व सूर्य उपासना के साथ समाज में मातृशक्ति की भक्ति और शक्ति का भी प्रतीक है। माता-बहनों की आस्था और सुविधा के लिये प्रदेश में एक नहीं हजार कुण्ड बनाएंगे नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे देश में सनातन परम्परा आदिकाल से चली आ रही है। यहां पर हमारी माताएं-बहनें संस्कार और संस्कृति का पालन करते हुए व्रत रखती है और देवी-देवताओं की पूजा करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जहां इस तरह की पूजा कर माताएं-बहनें अपने पति की लम्बी आयु और परिवार की सुख समृद्धि के लिये व्रत रखती हैं। यही हमारी भारतीय परम्परा और संस्कार है। उन्होंने कहा कि माता-बहनों की आस्था और सुविधा के लिये प्रदेश में एक नहीं हजार कुण्ड बनाएंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा पर इंदौर में बनाये जा रहे हैं तीन जल कुण्ड जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृशक्ति के प्रति समर्पित है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब मुख्यमंत्री इंदौर आये थे तब उन्होंने छठ पूजा के लिये तीन बड़े जल कुण्ड बनाये जाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार इंदौर के अन्नपूर्णा, पिपल्याहाना और छोटा बांगड़दा में कुण्ड बनाने का कार्य चल रहा है और शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएंगे।  इस अवसर पर महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायक  रमेश मेंदोला, डॉ. निशांत खरे,  सुमित मिश्रा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त  संतोष सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ठा. जगदीश सिंह, छठ महोत्सव अध्यक्ष ठा. दीनानाथ सिंह, संस्थान के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष कुं. अरविंद सिंह सहित संस्थान के अन्य  पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में माताएं-बहनें एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

प्रकाश, श्रद्धा और आस्था का संगम — काशी की देव दीपावली

वाराणसी वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा की रात गंगा के अर्ध चंद्राकार घाटों की छटा देवलोक का अहसास कराती है। देखने वाले को महसूस होता है कि गंगा तट पर देवलोक की छवि उतर आई है। काशी की देव दीपावली का यह नजारा अद्भुत होता है। बजते घंटे-घड़ियाल, शंखों की गूंज व हिलोरे लेती आस्था, जिसे देखने के लिए देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु काशी आते हैं। काशी में लक्खा मेले की प्राचीन परम्परा है। इसमें एक लाख से अधिक लोग एकत्र होते हैं। नाटी इमली का भरत मिलाप, तुलसी घाट की नाग नथैया, चेतगंज की नक्कटैया और रथयात्रा मेले की शृंखला में यह काशी का पांचवां लक्खा मेला है। इस अवसर पर गंगा के 84 घाटों पर सात किलोमीटर तक शृंखलाबद्ध दीप जलाए जाते हैं। शाम होते ही ये सभी घाट दीपों की रोशनी में नहा उठते हैं और गंगा की धारा में इन दीपों की अलौकिक छटा निखरती है। शंकराचार्य की प्रेरणा से प्रारंभ होने वाला यह दीपोत्सव पहले केवल पंचगंगा घाट की शोभा हुआ करता था लेकिन धीरे-धीरे काशी के सभी घाटों पर दीपों की शृंखला बढ़ती चली गई और दो दशकों से देव दीपावली ने महापर्व का स्वरूप ले लिया है। इस तरह देव दीपावली सांस्कृतिक राजधानी काशी की खास पहचान बन गई है। अहिल्याबाई होल्कर ने स्थापित किया था हजारा दीपस्तंभ काशी की देव दीपावली प्राचीनता और परम्परा का अद्भुत संगम है। इतिहास में इसका जिक्र मिलता है। महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने पंचगंगा घाट पर पत्थरों से बना खूबसूरत हजारा दीपस्तंभ स्थापित किया था। यह दीपस्तंभ देव दीपावली की परम्परा का साक्षी है। काशी में देव दीपावली की शुरूआत भी यहीं से हुई थी। यह दीपस्तंभ देव दीपावली के दिन 1001 से अधिक दीपों की लौ से जगमगाता है। इस दृश्य को यादों में सहेजने के लिए देश ही नहीं, विदेशों से पर्यटक काशी पहुंचते हैं। मां गंगा की अष्टधातु की प्रतिमा का होता है दर्शन-पूजन देव दीपावली के अवसर पर मां गंगा की अष्टधातु की प्रतिमा को गंगा घाट पर विराजमान किया जाता है। मां गंगा की यह प्रतिमा साल में दो बार गंगा दशहरा और देव दीपावली पर ही लोगों के दर्शन-पूजन के लिए स्थापित की जाती है। इस तरह काशी में कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान की यह परम्परा देव आराधना का महापर्व बन जाती है। काशी की गंगा आरती तो देशभर में प्रसिद्ध है ही, देव दीपावली पर आरती का नजारा और भी अद्भुत होता है। देव दीपावली की पृष्ठभूमि में एक पौराणिक कथा भी है। त्रिपुरासुर राक्षस ने ब्रह्माजी की तपस्या कर वरदान पा लिया था और तीनों लोकों पर अपना आधिपत्य जमा लिया था। इसके बाद देवताओं ने भगवान शिव से उसका अंत करने की प्रार्थना की। उन्होंने इसी दिन त्रिपुरासुर का वध किया था। इस खुशी में देवताओं ने दीपावली मनाई, जिसे आगे चलकर देव दीपावली के रूप में मान्यता मिली इसलिए देव दीपावली को ‘त्रिपुरी’ के नाम से भी जाना जाता है।

Eastern Airways आर्थिक संकट में फंसी! दिवालिया घोषित होने से पहले प्रशासन ने शुरू की जांच

लंदन यूरोप की एक और प्रमुख एयरलाइन Eastern Airways अब प्रशासनिक संकट की ओर बढ़ रही है। इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के कई शहरों को जोड़ने वाली यह क्षेत्रीय विमान सेवा कंपनी सिर्फ कुछ ही दिनों में दिवालिया घोषित हो सकती है, जिससे हज़ारों यात्रियों की यात्रा योजनाएम प्रभावित होंगी।1997 में स्थापित Eastern Airways हर साल लगभग 8 लाख (800,000) यात्रियों को सेवा देती है और ब्रिटेन के क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क की रीढ़ मानी जाती है।  इसके वर्तमान गंतव्यों में स्कॉटलैंड के विक और एबरडीन, तथा इंग्लैंड के हंबरसाइड, टीसाइड इंटरनेशनल, लंदन गैटविक और न्यूक्वे जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। कभी यह एयरलाइन ब्रिटेन से जिब्राल्टर के लिए भी उड़ानें चलाती थी, लेकिन 2021 में शुरू हुई यह सेवा सिर्फ एक साल बाद बंद कर दी गई। इसी तरह, मार्च 2023 में कार्डिफ़ से पेरिस ऑर्ली (फ्रांस) के बीच चलने वाला मार्ग भी रद्द कर दिया गया था। हाल ही में Eastern Airways ने कॉर्नवाल के न्यूक्वे से लंदन साउथएंड एयरपोर्ट (एसेक्स) के बीच नई उड़ानें शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन यह रूट अब कंपनी की वेबसाइट से हटा दिया गया है, जो गंभीर वित्तीय स्थिति का संकेत देता है।  Eastern Airways केवल एक वाणिज्यिक एयरलाइन ही नहीं, बल्कि यह यूरोप की सबसे बड़ी चार्टर फ़्लाइट प्रदाता कंपनी भी है  जो प्रीमियर लीग और चैंपियनशिप फ़ुटबॉल टीमों, रग्बी यूनियन और सुपर लीग टीमों को विशेष उड़ानें उपलब्ध कराती है। एयरलाइन विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतें, श्रमिक लागत और कोविड के बाद की आर्थिक चुनौतियों ने इस कंपनी को गहरे वित्तीय संकट में धकेल दिया है।  

अब संभलकर चलाएं वाहन! जम्मू में कल से से लागू होंगे नए नियम

जम्मू  केवल एक दिन शेष रहने के कारण सोमवार को सुबह से ही जम्मू शहर में ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालकों की खूब हलचल रही। विभिन्न बाजारों और वर्कशॉप्स पर चालक अपने वाहनों पर रंगीन कोड नंबर प्लेटें और स्ट्रिप्स लगवाने में व्यस्त नजर आए। दुकानों पर प्लेट लगवाने वालों की भीड़ लगी रही। जिला प्रशासन की नई जोन व्यवस्था 29 अक्तूबर से लागू होनी है। पहले यह नियम 23 अक्तूबर से लागू होना था, लेकिन त्योहारों और चालकों की तैयारियों को देखते हुए प्रशासन ने इसे कुछ दिन बढ़ाकर 29 अक्तूबर तय किया। उपायुक्त जम्मू डॉ. राकेश मिन्हास के आदेश के अनुसार, जिले को छह जोनों में बांटा गया है। ज़ोन-1 (दक्षिण जम्मू): गुलाबी रंग ज़ोन-2 (उत्तर जम्मू): नीला रंग ज़ोन-3 (अखनूर): पीला रंग ज़ोन-4 (आर.एस.पुरा): लाल रंग ज़ोन-5 (मढ़): हरा रंग ज़ोन-6 (नगरोटा): काला रंग हर ई-वाहन को अपने जोन के रंग और नंबर के साथ प्लेट लगाना अनिवार्य है। नई व्यवस्था को लेकर चालकों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुंदन लाल, एक ई-रिक्शा चालक, ने कहा, “अगर प्रशासन को यह सिस्टम लागू करना था, तो पहले बताया जाना चाहिए था। हममें से कई लोगों ने हाल ही में ई-ऑटो खरीदे हैं। पहले हमें रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसी जगहों से सवारियां मिल जाती थीं, लेकिन अब जोन से बाहर नहीं जा पाएंगे तो ईएमआई चुकाना मुश्किल हो जाएगा। मंजीत सिंह, एक ई-ऑटो चालक, ने कहा, “हम रोजाना स्कूल के बच्चों को छोड़ते हैं, जिनमें से कई दूसरे जोन में रहते हैं। जोन प्रतिबंध लागू होने पर आमदनी में कमी आ सकती है और खर्च निकालना कठिन हो जाएगा।” राकेश कुमार, एक अन्य चालक, ने सवाल उठाया, “हमारे पास ई-रिक्शा के अलावा कोई दूसरा वाहन नहीं है। अगर कभी आपात स्थिति में किसी को अस्पताल ले जाना पड़े और वह अस्पताल दूसरे जोन में हो, तो हम कैसे ले जाएंगे?” क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) जसमीत सिंह ने कहा कि जोन व्यवस्था का मकसद ट्रैफिक सुधारना और चालकों की रोजी-रोटी सुरक्षित रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी ई-रिक्शा या ई-ऑटो चालक को आपातकाल में किसी मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए अपने जोन से बाहर जाना पड़े, तो ऐसे सही मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होगी।

धन की कमी नहीं होगी! मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के आसान उपाय

नई दिल्ली  दीपावली के महापर्व की श्रृंखला में लाभ पंचमी का दिन अत्यंत विशेष और शुभकारी माना जाता है। इसे सौभाग्य पंचमी, ज्ञान पंचमी या लाभ पंचम के नाम से भी जाना जाता है। लाभ का अर्थ है फायदा या लाभ और सौभाग्य का अर्थ है अच्छी किस्मत। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से व्यापारियों और व्यवसायियों के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन दिवाली के बाद नए बहीखातों का श्रीगणेश किया जाता है और नए व्यावसायिक वर्ष की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से किए गए पूजन से साल भर व्यापार में लाभ और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के आसान उपाय और पूजा विधि लाभ पंचमी के दिन कुछ विशेष उपाय और सरल पूजा विधि अपनाकर आप मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त कर सकते हैं, जिससे धन का प्रवाह आपकी जेब में सदा बना रहे: यह सबसे महत्वपूर्ण और सरल उपाय है। इस दिन अपने घर या कार्यस्थल के मुख्य द्वार और नए बहीखातों पर रोली या कुमकुम से शुभ, लाभ लिखें और उनके मध्य में स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। शुभ मंगल का प्रतीक है, लाभ धन-वृद्धि का और स्वस्तिक सभी दिशाओं से सौभाग्य के आगमन का प्रतीक है। गणेश-लक्ष्मी का पूजन: लाभ पंचमी पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का एक साथ पूजन करना अत्यंत फलदायी होता है। प्रातःकाल स्नान के बाद, पूजा स्थल को स्वच्छ करें। भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। सबसे पहले भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और सिन्दूर अर्पित करें। इसके बाद, मां लक्ष्मी को लाल वस्त्र, कमल या गुलाब के फूल, इत्र और खीर का भोग लगाएं। इस दिन ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः या भगवान गणेश के मंत्र वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।| का कम से कम 108 बार जाप करें। बहीखातों की पूजा: व्यवसायी वर्ग के लिए यह दिन नए खातों की शुरुआत का होता है। नए बहीखातों या अपनी तिजोरी/कैश काउंटर की साफ-सफाई करें। पूजा के समय बहीखातों को भी पूजा स्थल पर रखें और उन पर रोली, अक्षत और पुष्प अर्पित करें। इससे व्यापार में वृद्धि और लाभ के योग बनते हैं। दान और सेवा का महत्व: शास्त्रों में कहा गया है कि दान से बड़ा कोई लाभ नहीं है। इस शुभ दिन पर अपनी क्षमतानुसार गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान अवश्य करें। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान अक्षय होता है और मां लक्ष्मी इससे शीघ्र प्रसन्न होती हैं, जिससे धन का प्रवाह हमेशा बना रहता है। घर और कार्यस्थल की शुद्धि: पूजा से पहले पूरे घर और कार्यस्थल को अच्छी तरह साफ करें। घर के कोने-कोने में गंगाजल का छिड़काव करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है। शाम के समय घर और कार्यस्थल पर दीपक अवश्य जलाएं। तिजोरी या धन स्थान का उपाय: पूजा के बाद, एक लाल कपड़े में हल्दी की गांठ, एक सिक्का और थोड़े से अक्षत बांधकर अपनी तिजोरी, कैश बॉक्स या धन रखने के स्थान पर रखें। यह उपाय धन को आकर्षित करने और उसे स्थिर रखने में सहायक माना जाता है।  

पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो संग दिखीं कैटी पेरी, यूज़र्स बोले– “अब सिंगर के पैसे चाहिए?”

लॉस एंजिल्स डेटिंग की अफवाहों के बीच हॉलीवुडज सिंगर कैटी पेरी और कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का एक वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर खूब छाया है। इस वीडियो में वो पेरी का बर्थडे सेलिब्रेट करने के लिए पेरिस में हाथों में हाथ डाले नजर आ रहे हैं। सिंगर कैटी पेरी और कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो हाल ही में शनिवार को 25 अक्टूबर की रात पेरिस में एक साथ दिखे। इस वीडियो के बाद से एक बार फिर से उनके रोमांटिक रिश्ते को लेकर फैन्स के बीच चर्चा तेज हो गई है। दोनों ने पेरी के 45वें जन्मदिन पर फ्रांस की राजधानी में शाम साथ बिताई। इस रोमांटिक कपल की मौजूदगी ने रोमांटिक माहौल के लिए मशहूर शहर को चर्चा के बीच ला दिया है। वीडियो में दोनों हाथों में हाथ डाले चलते दिख रहे सोशल मीडिया पर छाए इस वीडियो में दोनों हाथों में हाथ डाले चलते दिख रहे हैं। टीएमजेड की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पहले क्रेजी हॉर्स पेरिस (एक फेमस पेरिसियन कैबरे ) में दिखे, जो शहर में आने वाले मशहूर हस्तियों के लिए एक फेमस स्पॉट माना जाता है। फैन ने कैटी को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया क्रेजी हॉर्स पेरिस में परफॉर्मेंस के बाद, पेरी और ट्रूडो हाथों में हाथ डालकर एक साथ थिएटर से बाहर निकलते दिखे। वहां मौजूद लोग उनकी एक झलक देखने को बेताब हुए जा रहे थे। फैन ने कैटी को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और इन झलकियों पर लोगों ने दोनों के रोमांटिक रिश्ते की अफवाह को और तेज कर दी है। अब इन वीडियोज़ पर लोगों के रिएक्शंस भी खूब आ रहे हैं। एक ने कहा- हम जानते हैं कैटी डॉलर्स के लिए कुछ भी कर सकती हैं। वहीं एक और ने कहा- ये दोनों एक-दूसरे को डिजर्व करते हैं और इसी के साथ वॉमिट वाली इमोजी भी पोस्ट की है। एक और ने कहा है- ये प्रूफ है कि वो गे नहीं हैं। एक ने तो यहां तक कहा- उन्हें सिंगर के पैसे चाहिए। एक यॉट में किसिंग वाली तस्वीरें थीं चर्चा में पॉप स्टार और पूर्व प्रधानमंत्री पहले भी साथ दिख चुके हैं लेकिन अपने रिश्ते पर न तो कैटी पेरी और न ही जस्टिन ट्रूडो ने कोई ऑफिशियल बयान जारी किया है। पेरिस की इस सैर से पहले पेरी और ट्रूडो की कैलिफोर्निया कोस्ट पर एक यॉट में किसिंग वाली तस्वीरें सामने आई थीं, जो काफी चर्चा में रही। उन्हें मॉन्ट्रियल में साथ खाना खाते देखा गया था यहां बताते चलें कि दोनों को लेकर चर्चा जुलाई में शुरू हुई थी, जब उन्हें मॉन्ट्रियल में साथ खाना खाते और बाद में माउंट रॉयल पार्क में टहलते हुए देखा गया था। ट्रूडो कथित तौर पर पेरी के लाइफटाइम्स टूर के दौरान उनके मॉन्ट्रियल कॉन्सर्ट में भी नजर आए थे। जून में ऑरलैंडो ब्लूम से हुईं अलग और जुलाई में ट्रूडो के साथ वहीं कैटी पेरी की पर्सनल लाइफ की बात करें तो वो एक्टर ऑरलैंडो ब्लूम के साथ सात साल और छह साल की सगाई के बाद जून 2025 में अपना रिश्ता तोड़ लिया। दोनों अपनी बेटी डेजी डव की को-पैरेंटिंग कर रहे हैं, जिसका जन्म अगस्त 2020 में हुआ था।

पुतिन के निर्देश पर रूस ने किया ‘बुरेवेस्तनिक’ का परीक्षण, लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल से वैश्विक चिंता

मॉस्को  दुनिया इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठी है. यह बात किसी से छिपी नहीं है. यह ऐसा वक्त है कि अगर दुनिया के कुछ चुनिंदा देश चाह लें तो कुछ पलों में ही पूरी मानवता संकट में पड़ सकती है. कुछ ऐसा ही किया है रूस ने. यूक्रेन के साथ जंग में उलझे रूस ने रविवार को एक ऐसे हथियार का परीक्षण किया जिसको दिल्ली-मुंबई जैसे किसी आबादी वाले इलाके पर दाग दिया जाए तो वह पल भर में आग का गोला बन जाएगा. हजारों लाखों लोग पल भर में काल के गाल में समा जाएंगे. दरअसल, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को घोषणा की कि रूस ने अपनी परमाणु-संचालित क्रूज मिसाइल ‘बुरेवेस्तनिक’ का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब रूस और अमेरिका के बीच कूटनीतिक रिश्ते और खराब हुए हैं. पुतिन ने कहा कि इस हथियार को जल्द ही तैनात करने की तैयारी की जाएगी. उन्होंने दावा किया कि यह मिसाइल दुनिया में किसी अन्य देश के पास नहीं है और यह दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को आसानी से चकमा दे सकती है. रूस के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख वैलेरी गेरासिमोव ने बताया कि इस परीक्षण के दौरान मिसाइल करीब 15 घंटे तक हवा में रही और लगभग 14,000 किलोमीटर की दूरी तय की. हर सुरक्षा कवच को भेदने में सक्षम सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक यह मिसाइल हवाई और मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदने में सक्षम है. पुतिन ने यह भी कहा कि अब इस हथियार के उपयोग के तरीकों पर विचार किया जाएगा और इसे तैनात करने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा. इस बीच, रूस के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने बताया कि इस सफल परीक्षण की जानकारी और हाल के युद्धक्षेत्र के अपडेट अमेरिकी प्रशासन को उनके अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए. यह परीक्षण उस समय हुआ जब अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए, जो ट्रम्प प्रशासन द्वारा रूस के खिलाफ अब तक की सबसे ठोस कार्रवाइयों में से एक है. साथ ही, पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ प्रस्तावित शिखर सम्मेलन भी रद्द हो गया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. रूस ने पिछले सप्ताह पुतिन की निगरानी में एक रणनीतिक परमाणु बल अभ्यास भी किया. क्रेमलिन ने कहा कि इस अभ्यास में सैन्य कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम की तैयारियों और कर्मचारियों के कौशल का परीक्षण किया गया, जिसमें सभी लक्ष्य हासिल किए गए. इधर, रूस की राजधानी मॉस्को में रविवार रात से सोमवार सुबह तक ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा. मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि शहर की हवाई रक्षा प्रणालियों ने दर्जनों ड्रोनों को मार गिराया. इन हमलों के कारण मॉस्को के दो हवाई अड्डों, ज़ुकोव्स्की और डोमोडेडोवो, पर कुछ समय के लिए उड़ानें रोक दी गईं. आपातकालीन सेवाएं मलबे को हटाने में जुटी हैं. दूसरी ओर, रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेन के हमलों में छह नागरिक घायल हो गए. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इनमें से तीन बेलगोरोद शहर में और तीन दोरोलोश गांव में घायल हुए. यूक्रेन पर रूस के हमले तेज रूस ने शनिवार से रविवार की रात यूक्रेन पर 100 से अधिक ड्रोन हमले किए. इन हमलों में कीव में ऊंची इमारतों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई लोग सो रहे थे. यूक्रेन के आंतरिक मंत्री इहोर क्लिमेंको ने बताया कि कीव में हुए हवाई हमलों में एक 19 साल की लड़की और उसकी 46 साल की मां समेत तीन लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा 33 लोग घायल हुए, जिनमें सात बच्चे शामिल हैं. कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने कहा कि घायलों में एक चार साल का बच्चा भी है. आठ लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया. शनिवार रात को कीव के डेसनियान्स्की क्षेत्र में एक नौ मंजिला इमारत में आग लग गई, जहां से 13 लोगों को सुरक्षित निकाला गया.  

LIC के बड़े निवेश खुलासा: टॉप-5 में अडानी ग्रुप की जगह नहीं, सबसे ज्यादा पैसा किसमें लगा?

मुंबई  अडानी ग्रुप (Adani Group) में LIC के निवेश को लेकर वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट पर देश में राजनीति शुरू हो गई है. विपक्ष ने सरकार पर सवाल दागे, तो LIC ने अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है.  दरअसल, वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में LIC पर अडानी ग्रुप में 3.9 अरब डॉलर (करीब 33 हजार करोड़ रुपये) निवेश करने का बड़ा आरोप लगा है. रिपोर्ट की मानें तो बीमा कंपनी ने अडानी ग्रुप को फायदा पहुंचाने के लिए मई- 2025 में यह निवेश किया है. लेकिन LIC ने इस पूरी रिपोर्ट को भ्रामक करार दिया है. बीमा कंपनी ने कहना है कि  ये रिपोर्ट LIC की साफ-सुथरी छवि को खराब करने और भारत के मजबूत वित्तीय क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने के मकसद से जारी की गई है.  अब आइए जानते हैं, LIC का अडानी ग्रुप में कितना निवेश है, और देश में सबसे ज्यादा LIC का निवेश कहां और कंपनियों में हैं. आज हम LIC के टॉप-10 निवेश के बारे में भी जानेंगे.  सितंबर- 2025 के डेटा के मुताबिक LIC की अडानी ग्रुप की इन कंपनियों में हिस्सेदारी हैं.   अडानी पोर्ट्स: 7.73% (जून से पहले 8.14% थी.) अडानी एंटरप्राइजेज: 4.16% Adani ग्रीन एनर्जी: 1.3% Adani एनर्जी सॉल्यूशन: 3.42% Adani टोटल गैस: 6% अंबुजा सीमेंट: 7.31% ACC लिमिटेड: 9.95%  हालिया रिपोर्ट के मुताबिक LIC की इक्विटी में निवेश करीब 16 लाख करोड़ रुपये का है, जबकि अडानी ग्रुप की कंपनियों में LIC का निवेश करीब 60 हजार करोड़ रुपये का है. यानी LIC के कुल निवेश का करीब 4 फीसदी हिस्सा अडानी ग्रुप की कंपनियों में हैं.LIC ने अडानी ग्रुप से ज्यादा देश की कई दूसरी कंपनियों के शेयरों में निवेश किया है.  LIC का टॉप-5 निवेश:  1. LIC का सबसे ज्यादा निवेश Reliance Industries में है, यहां करीब 1.38 लाख करोड़ का निवेश है, जो कि RIL में करीब 6.94% हिस्सेदारी बनती है. 2. ITC Ltd: इस कंपनी में LIC का निवेश करीब 82,342 करोड़ रुपये का है, यानी ITC में LIC की करीब 15.86% हिस्सेदारी है.  3. HDFC Bank Ltd: इस बैंक में LIC का करीब 72,500 करोड़ रुपये का निवेश है. इस बैंक में LIC की करीब 5.45 फीसदी हिस्सेदारी है. 4. SBI: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में LIC की करीब 9.59% हिस्सेदारी है, अमाउंट में ये निवेश करीब 68,000 करोड़ रुपये का है.  5. Larsen & Toubro Ltd (L&T) में LIC का करीब 66,053 करोड़ रुपये का निवेश है. यानी इस कंपनी में 13% से ज्यादा हिस्सेदारी LIC की है.  6. Infosys Ltd में LIC का निवेश लगभग 63,400 करोड़ रुपये का है.  यानी LIC के टॉप-5 निवेश में अडानी ग्रुप नहीं है. LIC के लिए Adani Group महत्वपूर्ण जरूर है. लेकिन इसका हिस्सा सीमित है. LIC के शीर्ष 10 निवेशों में अभी भी बैंकिंग, आईटी, और कंज्यूमर सेक्टर की कंपनियां हावी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक LIC का इक्विटी पोर्टफोलियो 300 से कंपनियां हैं. जहां वह कम-से-कम 1% हिस्सेदारी रखती है. जून 2025 तिमाही के दौरान, एलआईसी ने 81 कंपनियों में हिस्सेदारी कम करके और चार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) रक्षा शेयरों को जोड़कर अपने पोर्टफोलियो में फेरबदल किया.  निवेश पर अडानी ग्रुप का बयान अडानी समूह में एलआईसी का निवेश अन्य बड़े समूहों तुलना में काफी कम है, और यह पोर्टफोलियो विविधीकरण का एक हिस्सा है. एलआईसी का कहना है कि उनके निवेश फैसले बोर्ड द्वारा लिए जाते हैं और नियामक दिशानिर्देशों का पालन करते हैं, जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है. बता दें, अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं. फोर्ब्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ 6.22 लाख करोड़ रुपये है. दुनिया के अमीरों की लिस्ट में वे 27वें नंबर पर हैं. अडाणी ग्रुप का साम्राज्य कोल ट्रेडिंग, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स, पावर जेनरेशन, सीमेंट इंडस्ट्री और डिस्ट्रीब्यूशन तक फैला हुआ है.

जमीन विवादों पर अब तहसीलदार का फैसला अंतिम, रिकॉर्ड अपडेट से खत्म होगी फाइलों की पेंडेंसी

भोपाल  एसएलआर को अब तहसीलदार लिखा जाएगा। शासन की ओर से इसके आदेश जारी होने के बाद जिले में राजस्व प्रकरण फास्ट ट्रैक पर आ गए हैं। अब जिले में भू प्रबंधन और राजस्व प्रकरण निपटान अफसर एक ही होगा। यानी तहसीलदार ही अब जमीन से जुड़े रेकॉर्ड को अपडेट करेंगे और जमीन से जुड़े मामलों की सुनवाई का फैसला भी वहीं देंगे। जिले में इस समय जमीन से जुड़े करीब एक हजार प्रकरण है, इनके फास्ट ट्रैक में निपटने की स्थिति बन रही है। ऐसे समझें लाभ राजस्व सेवाएं फास्ट ट्रैक होगी। यहां बड़ी संख्या में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के आवेदन आते हैं। एकीकरण से काम में लगने वाला समय कम होगा, क्योंकि अब एक ही अधिकारी रेकॉर्ड की जांच और अंतिम आदेश जारी करेगा। इससे नागरिक सेवाओं की डिलीवरी तेज होगी। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के तहत जमीन से जुड़े मामले जैसे सीमांकन, नामांतरण की जटिलता घटेगी। भू-अभिलेखों का प्रबंधन बहुत तेज और त्रुटिरहित हो जाएगा। एक एकीकृत कैडर को मास्टर प्लान के अनुसार भूमि उपयोग की बेहतर समझ होगी, जिससे अतिक्रमण हटाने और राजस्व भूमि के संरक्षण में अधिक सती आ सकेगी। जिले में मेट्रो समेत अन्य बड़ी विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण भूमि रेकॉर्ड की सटीकता और तेजी से होंगे। शासन की ओर से एसएलआर को तहसीलदार का पदनाम देने के आदेश हुए हैं। इसके अनुसार व्यवस्था की जा रही है। आमजन को इससे लाभ मिलेगा।- कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

सरकारी कनेक्शनों पर भारी बकाया: 16 जिलों में 73 हजार कनेक्शन और 406 करोड़ का पेंडिंग बिल

भोपाल  मध्यप्रदेश में सरकारी विभागों पर बिजली कंपनियों का भारी बकाया चढ़ गया है। प्रदेश के 16 विभागों ने अब तक 406 करोड़ 36 लाख रुपये के करीब बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया है। कुल 72,900 बिल बकाया हैं।सबसे बड़ा बकायादार नगरीय विकास एवं आवास विभाग है, जिस पर 125 करोड़ 62 लाख रुपये (12,003 बिल) का बकाया है। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर 102 करोड़ 32 लाख रुपये (17,049 बिल) बाकी हैं। वित्त विभाग ने इन विभागों के लिए बजट जारी कर दिया था, लेकिन फिर भी भुगतान नहीं किया गया। बिजली कंपनियों ने बार-बार नोटिस भेजे हैं, वहीं एसीएस ऊर्जा और पीएस ने भी सभी विभागों को तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए, मगर कोई असर नहीं दिखा। अन्य प्रमुख बकायेदार विभागों में महिला एवं बाल विकास (34.45 करोड़, 9,965 बिल), स्कूल शिक्षा (29.64 करोड़, 18,539 बिल), स्वास्थ्य (21.07 करोड़), जलसंसाधन (13.97 करोड़), गृह विभाग (10.49 करोड़) और पीएचई विभाग (11.35 करोड़) शामिल हैं। बिजली कंपनियों ने अब एसीएस और पीएस को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द भुगतान नहीं किया गया तो सरकारी दफ्तरों के बिजली कनेक्शन काटे जा सकते हैं, जिससे कई विभागों का कामकाज ठप पड़ सकता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के शासकीय कनेक्शनों की प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और भोपाल संभागों में कुल संख्या 72 हजार 900 है। इसमें सबसे अधिक 16049 कनेक्शन पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के हैं, जिन पर 102.32 करोड़ का बिजली बिल बाकी बताया गया है। मंत्री प्रहलाद पटेल के विभाग पर बकाया राशि के भुगतान के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों को पत्र लिखे गए हैं। इसी तरह नगरीय विकास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विभाग के 12034 कनेक्शन हैं, जिन पर 125.62 करोड़ का बिल बाकी है। इसके अलावा जिन मंत्रियों के विभागों से संबंधित बिजली कनेक्शनों पर बकाया राशि अधिक है, उसमें महिला और बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल के नाम शामिल हैं। इन सभी विभागों को भी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी क्षितिज सिंघल ने पत्र लिखा है और बिल जमा कराने को कहा है। यह बकाया राशि अगस्त 2025 की स्थिति में है जबकि अभी अक्टूबर महीने का अंतिम सप्ताह चल रहा है। ऐसे में यह राशि पांच सौ करोड़ से अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है। इन सरकारी विभागों पर बकाया है इतनी राशि (करोड़ रुपए) क्र. विभाग का नाम संख्या बकाया राशि 1 नगरीय विकास, आवास 12034 125.62 2 पंचायत, ग्रामीण विकास 17049 102.32 3 पीएचई 445 11.35 4 नर्मदा घाटी विकास 4 0.086 5 गृह विभाग 2070 10.49 6 स्कूल शिक्षा 18539 29.64 7 किसान कल्याण, कृषि 381 2.39 8 वन 766 4.30 9 स्वास्थ्य 1910 21.07 10 ट्राइबल 2805 6.87 11 राजस्व 485 3.76 12 लोक निर्माण 541 4.29 13 उच्च शिक्षा 331 1.56 14 जल संसाधन 497 13.97 15 महिला, बाल विकास 9965 34.45 16 अन्य विभाग 5078 34.21 17 कुल 72900 406.36