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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का निर्देश: सभी राजनीतिक दल करें बीएलए की नियुक्ति

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन सदन, भोपाल में बैठक की। बैठक में उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया की जानकारी दी और सभी राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की अनिवार्य नियुक्ति करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की दूसरी चरण की तारीखें घोषित की जा चुकी हैं, जिनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। प्रदेश में पुनरीक्षण प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो चुकी है और मतदाता सूची फिलहाल फ्रीज कर दी गई है। नागरिक अपने नाम की स्थिति voters.eci.in या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर देख सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में सम्मिलित हो सके। नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए क्रमशः फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 भरना आवश्यक होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति एन्यूमरेशन फॉर्म में मिथ्या जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ जुर्माना या कारावास का प्रावधान है। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव, सुरभि तिवारी, राजेश यादव, कांग्रेस से जेपी धनोपिया, भाजपा से भगवानदास सबनानी और एसएस उप्पल, तथा आम आदमी पार्टी से सुमित चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान नागरिक पासपोर्ट, जन्म प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, निवास या जाति प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेजों से अपनी पात्रता सिद्ध कर सकेंगे। पुनरीक्षण की प्रमुख तिथियां – 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बीएलओ प्रशिक्षण – 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर सर्वेक्षण – 9 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्तियां – 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 

आर्थिक गड़बड़ियों पर शिकंजा: ED ने कई व्यापारियों के घरों पर मारा छापा

राजनांदगांव प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय की टीम बुधवार की सुबह से ही सक्रिय हो गई है. राजनांदगांव में बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर ईडी का छापा पड़ा है. बताया जा रहा है शहर में तीन जगहों पर जांच एजेंसी की टीम पहुंची है. 10 गाड़ियों में पहुंची अधिकारियों की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, रायपुर से करीब 10 गाड़ियों में आई अधिकारियों की टीम ने सुबह 5:30 बजे से शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी शुरू की. ईडी की टीम ने भारत माता चौक स्थित राधाकृष्ण अग्रवाल के निवास, सत्यम विहार कॉलोनी में यश और रोमिल नहाटा के घर और कामठी लाइन स्थित मनीष भंसाली के यहां कार्रवाई की है. मौके पर दस्तावेजों की जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई माइनिंग (खनन) से जुड़े कारोबारियों, सप्लायर और ब्रोकर से संबंधित बताई जा रही है. हालांकि, ईडी की यह कार्रवाई किस विशेष मामले से जुड़ी हुई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है.

रहस्यमय हालात में युवक की मौत, पेड़ पर झूलता मिला शव

दुर्ग पाटन थाना क्षेत्र के पंदर ग्राम पंचायत में युवक का पेड़ से लटका शव मिला है. मृतक की पहचान अरुण कुमार साहू (24 वर्षीय) के रूप में हुई है. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, पन्दर ग्राम पंचायत के खेल मैदान में बरगद पेड़ पर फांसी से लटका हुआ युवक मिला है. मृतक अरुण कुमार साहू (24 वर्षीय) ग्राम कुम्हली, जामगांव का रहने वाला था. ग्रामीणों के अनुसार मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा. घटना की खबर गांव में फैलते ही लोगों की भीड़ घटनास्थल पर लग गई है. सूचना के बाद पाटन पुलिस मौके पर पहुंची है. मौके से एक बाइक और कुछ दैनिक सामाग्री (पर्स, मेजरिंग टेप, माचिस) बरामद किया गया है. शव को फंदे से नीचे उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.

करोड़ों का टैक्स नहीं चुकाया तो निगम का डंडा चला, गुरुग्राम में कई इमारतें सील

गुरुग्राम  गुरुग्राम नगर निगम गुरुग्राम ने टैक्स बकायेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को निगम की टैक्सेशन टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए पालम विहार स्थित वासुदेव ग्रेनाइट्स की बिल्डिंग को सील कर दिया। इस संपत्ति पर 1 करोड़ 19 लाख 86 हजार 642 रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था, जिसे बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद चुकाया नहीं गया। नगर निगम ने बताया कि संपत्ति मालिक को समय-समय पर कई बार टैक्स भुगतान के नोटिस जारी किए गए, लेकिन भुगतान न होने पर सीलिंग का अंतिम कदम उठाना पड़ा। कार्रवाई की अगुवाई जोनल टैक्सेशन अधिकारी राजेश यादव ने की। उन्होंने बताया कि सभी जोनों में बकायेदारों की सूची तैयार कर ली गई है और जिन संपत्तियों पर लंबे समय से टैक्स बकाया है, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के कार्रवाई जारी रहेगी। ‘भुगतान करें, वरना संपत्ति सील होगी’ नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टैक्स वसूली में अब किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जिन्होंने अब तक टैक्स नहीं जमा कराया है, उन्हें तुरंत भुगतान करने की सलाह दी गई है, अन्यथा उनकी संपत्तियां भी सील या कुर्क की जा सकती हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह सख्ती सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन स्थापित करने और टैक्स भुगतान की संस्कृति मजबूत करने के लिए की जा रही है। टैक्स से ही बनते हैं शहर के रास्ते निगम के अनुसार, शहर के विकास, सड़क, जल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और आधारभूत ढांचे के रखरखाव के लिए टैक्स की रकम जरूरी है। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे टैक्स को बोझ नहीं, बल्कि शहर के विकास में अपना योगदान समझें।

सहारा इंडिया मुश्किल में: EPFO ने थमाया कुर्की नोटिस

लखनऊ  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सहारा इंडिया ग्रुप पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है. कंपनी द्वारा लाखों कर्मचारियों के लिए जमा न किए गए 1180 करोड़ रुपये के भविष्य निधि (पीएफ) और पेंशन बकाया के खिलाफ ईपीएफओ ने सहारा की संपत्तियों पर कुर्की का नोटिस जारी कर दिया है. यह कदम सहारा की लंबे समय से चली आ रही वित्तीय अनियमितताओं के बीच आया है, जहां कंपनी के एजेंटों को कर्मचारी मानते हुए उनके पीएफ योगदान को अनिवार्य ठहराया गया है. यदि बकाया समय पर जमा नहीं किया गया, तो ईपीएफओ कानून के तहत संपत्ति जब्ती और ब्याज सहित दंड की प्रक्रिया तेज कर देगा. ईपीएफओ की लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने सहारा इंडिया को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया है कि 15 दिनों के अंदर 1180 करोड़ रुपये जमा किए जाएं. यह राशि मुख्य रूप से 2010-2012 के दौरान सहारा के ‘कमीशन एजेंटों’ के पीएफ और पेंशन दावों से जुड़ी है. ईपीएफओ का तर्क है कि ये एजेंट वास्तव में कंपनी के कर्मचारी थे, जिनके लिए पीएफ योगदान अनिवार्य था. यदि देरी हुई, तो धारा 8बी से 8जी के तहत बिना अतिरिक्त नोटिस के वसूली की कार्रवाई शुरू हो जाएगी, जिसमें ब्याज और जुर्माना भी जोड़ा जाएगा. अनुमान है कि कुल बकाया ब्याज सहित 3500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. ये है मामला सहारा इंडिया पर यह कार्रवाई 2013 से चल रही जांच का नतीजा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पिछले साल चार महीने का समयसीमा तय की थी, जिसके बाद ईपीएफओ ने 15 फरवरी को आदेश जारी किया. कंपनी ने लंबे समय तक एजेंटों को ‘सदस्य’ बताकर पीएफ दायित्व से बचने की कोशिश की, लेकिन अदालती फैसले ने इसे कर्मचारी ही माना. ईपीएफओ के अधिकारियों के अनुसार, सहारा के पास 10 लाख से अधिक ऐसे ‘कर्मचारी’ थे, जिनके दावे अब लंबित हैं. सहारा का संकट गहराया सहारा इंडिया ग्रुप पहले से ही सेबी के बॉन्ड घोटाले, जमीन घोटालों और निवेशकों के 9000 करोड़ के रिफंड के मामले में उलझा हुआ है. हाल ही में झारखंड सीआईडी ने 400 करोड़ के लैंड स्कैम में सब्राटा रॉय के बेटों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. अब ईपीएफओ का यह नोटिस कंपनी की संपत्तियों—जैसे रियल एस्टेट और वित्तीय परिसंपत्तियों—पर सीधा खतरा पैदा कर रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कुर्की हुई, तो सहारा की लिक्विडिटी और बिक्री योग्य संपत्तियों पर असर पड़ेगा.  

इतिहास रचेगा पंजाब पुलिस विभाग, कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख पार

राजपुरा  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब पुलिस में कर्मियों की संख्या पहली बार एक लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी क्योंकि राज्य सरकार द्वारा एक बड़ी भर्ती अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला स्थित लॉ यूनिवर्सिटी में पंजाब पुलिस के जांच अधिकारियों के लिए एनडीपीएस एक्ट पर एक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस कार्यशाला में पंजाब पुलिस के लगभग 730 कर्मियों को एनडीपीएस अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की क्षमता पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन पुलिस विभाग के लिए समय के साथ चलना ज़रूरी है। अगर अपराधी अपडेट हो रहे हैं, तो पुलिस को भी अपडेट करने के लिए एक अनूठा कार्यक्रम तैयार किया गया है। जांच अधिकारियों को साक्ष्य प्रबंधन, एनडीपीएस की विभिन्न धाराओं, बीएनएस में बदलाव और अन्य तकनीकी जानकारियां प्रदान करके उन्हें पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस से संबंधित इस अनूठे कार्यक्रम का आयोजन करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर जगह एक बुरा इंसान होता है जिसके कारण सभी को बदनामी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सभी बुरे हैं। मुख्यमंत्री ने हॉल में मौजूद पंजाब पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्ठा और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि हमें पंजाब को अच्छे लोगों की सूची में शामिल करने के लिए सेवा करनी है, बुरे लोगों की सूची में नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के विरुद्ध युद्ध के लिए एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करने की ज़रूरत है, जिसके लिए नागरिकों को इस लड़ाई में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए। सीमा पार से नशों की तस्करी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल को देखते हुए, इसके लिए एक उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणाली शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि निजी नशा मुक्ति केंद्रों की कड़ी निगरानी और पुनर्वास केंद्रों में इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आज कैबिनेट द्वारा एक नया कानून पारित किया गया है।

मौसम अलर्ट: श्योपुर, मुरैना समेत मध्यप्रदेश के 11 जिलों में चार दिन तक बारिश जारी

भोपाल  राजधानी भोपाल में मोंथा तूफान का असर देखा जा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों ने मध्य प्रदेश में तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने के चलते कुल 11 जिलों में भारी बारिश का अनुमान किया है. मंगलवार को मोंथा तूफान के असर से सात जिलों में बारिश हुई थी, जिससे भोपाल और इंदौर शहर अछूता नहीं था. रिपोर्ट के मुताबिक मोंथा तूपान का असर मंगलवार को मध्य प्रदेश में देखा गया, जब तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने से कुल सात जिलों में जमकर बारिश हुई. मोंथा तूफान का ही असर कहेंगे कि मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को श्योपुर, मुरैना समेत 11 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट भेजा है.  मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने (29 अक्टूबर) के लिए श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, वर्तमान सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर बने सिस्टम की वजह से नमी लगातार आ रही है, जिससे बादल छाए रहेंगे और मौसम ठंडा रहेगा। अगले चार दिनों तक मध्य प्रदेश में है बारिश के आसार मोंथा तूफान के असर से मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. जिन 11 जिलों में बारिश का अनुमान किया गया है, उन जिलों में बारिश के चलते दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को कड़ाके वाली ठंड का एहसास होगा.   छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान का असर बढ़ने की संभावना मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान मोंथा के असर से कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी है. इनमें दक्षिण छत्तीसगढ़ के पांच जिलों क्रमशः नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले शामिल हैं, जहां रेड अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल-इंदौर में चली तेज आंधी 28 अक्टूबर को ग्वालियर, रतलाम, धार, बैतूल, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा, मुरैना और उमरिया में अच्छी बारिश हुई। वहीं राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज आंधी चली। रतलाम में करीब 3 इंच, ग्वालियर में 2.5 इंच, जबकि शिवपुरी में 1.5 इंच बारिश दर्ज की गई। बारिश से कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर का दिन का तापमान 25 साल में सबसे कम 19.5°C तक पहुंच गया। मंगलवार को 9 जिलों में पानी गिरा सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से मंगलवार को बैतूल, धार, रतलाम, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा और उमरिया में बारिश हुई। भोपाल में तेज आंधी का असर देखने को मिला। बारिश की वजह से कई जिलों में फसलों को नुकसान भी पहुंचा है। बता दें कि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर जारी है। 29, 30 और 31 अक्टूबर को भी तेज बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।   अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के दो सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर में बना डिप्रेशन तेजी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना तूफान ‘मोंथा’ आंध्र प्रदेश तट को पार कर चुका है। इन दोनों सिस्टम्स से मिलने वाली नमी की वजह से मध्य प्रदेश के ऊपर ट्रफ लाइन एक्टिव है, जिससे लगातार बारिश हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे तक बादल और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 30 और 31 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम 30 अक्टूबर (गुरुवार) को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है। ऑरेंज अलर्ट: सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, अनूपपुर और सिंगरौली में 4 से 8 इंच तक वर्षा संभव। येलो अलर्ट: पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी। 31 अक्टूबर (शुक्रवार) को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। भारी बारिश का अलर्ट: झाबुआ, अलीराजपुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल। मौसम विभाग का कहना है कि, 1 नवंबर तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रहेगा और 2 नवंबर से बादल छंटने लगेंगे। इसके बाद धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगेगी। 25 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन लगातार बारिश और बादलों की वजह से ग्वालियर का तापमान 19.5°C तक गिर गया, जो अक्टूबर महीने में 25 सालों का सबसे ठंडा दिन रहा। श्योपुर में भी तापमान 13.3°C तक लुढ़क गया। वहीं खंडवा में अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर से फरवरी तक इस बार ठंड सामान्य से ज्यादा रहेगी। 2010 के बाद की सबसे ठंडी सर्दी इस बार महसूस की जा सकती है। ‘ला-नीना’ की परिस्थितियां बनने से सर्दियों के दौरान भी सामान्य से ज्यादा बारिश और तेज ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का एहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है, उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अधिक संख्या में प्रभावित करेंगे। मौसम विभाग ने भी जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने की पुष्टि की है। पूरे एमपी से विदा हो चुका है मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे मध्य प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी हुई। इसके बावजूद बारिश का दौर बना हुआ है। अक्टूबर का आखिरी सप्ताह भी बारिश वाला ही रहेगा। इसके बाद ठंड का असर शुरू हो जाएगा। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर … Read more

रोहित शर्मा ने पछाड़ा शुभमन गिल, 38 साल की उम्र में हासिल किया ODI बल्लेबाज का शीर्ष स्थान

मुंबई  पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बुधवार (29 अक्टूबर) को इतिहास रच दिया. वह आईसीसी वनडे बल्लेबाज रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल करने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय क्रिकेटर बन गए हैं. 38 साल 182 दिन की उम्र में मुंबई के इस ओपनर ने दो पायदान की छलांग लगाकर भारत के मौजूदा कप्तान शुभमन गिल को पीछे छोड़ते हुए पहली बार अपने करियर में शीर्ष स्थान हासिल किया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई वनडे सीरीज में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद रोहित ने यह मुकाम पाया. उन्होंने तीन मैचों में 202 रन बनाए, एवरेज 101.00 रहा. सीरीज के निर्णायक मुकाबले में उनकी नाबाद शतकीय पारी ने न केवल भारत को जीत दिलाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह अब भी दुनिया के सबसे भरोसेमंद टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों में से एक हैं. इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया. नवीनतम रैंकिंग में 781 रेटिंग प्वाइंट के साथ रोहित पहले स्थान पर हैं. उनके बाद अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान (764 प्वाइंट) दूसरे और शुभमन गिल (745 प्वाइंट) तीसरे स्थान पर हैं. वहीं विराट कोहली, जिन्होंने तीसरे वनडे में नाबाद 74 रन बनाए, छठे नंबर (725) पर पहुंच गए हैं. श्रेयस अय्यर बिना बल्लेबाजी किए भी नौवें स्थान पर पहुंचे हैं. रोहित की यह उपलब्धि उनके लंबे करियर, निरंतरता और क्लास का प्रमाण है. जब उनकी अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे, ऐसे वक्त में उनका यह नंबर-1 बनना बताता है कि अनुभव, फॉर्म और जज्बा अगर कायम हो, तो उम्र सिर्फ एक आंकड़ा भर रह जाती है. पिछले हफ्ते रोहित शर्मा के पास 745 रेटिंग प्वाइंट थे, लेकिन एडिलेड ओवल में दूसरे वनडे में 97 गेंदों पर 73 रन और सिडनी में तीसरे वनडे में 125 गेंदों पर नाबाद 121 रनों की शानदार पारियों के बाद उन्होंने 781 अंक हासिल कर लिए. 2023 वनडे वर्ल्ड कप में भारत को फाइनल तक पहुंचाने वाले रोहित अब उन चुने हुए भारतीय दिग्गजों की सूची (सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और शुभमन गिल) में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने आईसीसी वनडे बल्लेबाज रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पाया है,

मुख्य सचिव को चुनाव आयोग का अलर्ट: बिना अनुमति अफसरों के तबादले नहीं होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने राज्य के कलेक्टरों, एसडीएमों और तहसीलदारों के तबादलों पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है. यह फैसला मुख्य रूप से विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य (Special Intensive Revision – SIR) के महत्व को देखते हुए लिया गया है, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित है.आयोग के निर्देशानुसार ये तबादले अब 7 फरवरी 2026 तक नहीं किए जाएंगे. MP में अफसरों के ट्रांसफर पर रोक! दरअसल, राज्य में कलेक्टर, SDM (जॉइंट कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर) और तहसीलदारों के ट्रांसफर 7 फरवरी तक नहीं हो पाएंगे. चुनाव आयोग ने चीफ सेक्रेटरी को निर्देश जारी कर कहा है कि SIR प्रोसेस पूरा होने तक इन अधिकारियों का ट्रांसफर न किया जाए. बहुत ज़रूरी होने पर ही चुनाव आयोग से परमिशन लेकर ट्रांसफर किए जा सकेंगे. सरकार इस दौरान सीनियर IAS अधिकारियों का ट्रांसफर कर सकेगी और इस पर कोई रोक नहीं होगी. भारत निर्वाचन आयोग ने इसको लेकर जारी निर्देश में मुख्य सचिव से साफ तौर पर कहा है कि मतदाता सूची के काम में जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (जॉइंट कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर), सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (तहसीलदार या नायब तहसीलदार) के तबादले एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद नहीं होंगे। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव की यह भी जिम्मेदारी होगी कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का पद रिक्त नहीं होना चाहिए ताकि आयोग द्वारा तय टाइमलाइन में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की कार्यवाही की जा सके। इस काम में आवश्यक बीएलओ और सुपरवाइजर्स की कमी भी नहीं हो, इसका ध्यान कलेक्टर और राज्य शासन रखेगा। 7 फरवरी 2026 के बाद होंगे तबादले बता दें कि तबादलों पर रोक SIR यानी विशेष गहन पुनरक्षिण कार्य के कारण  लगाई गई है. मूल्यांकन/प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2025 तक होगी.  घर-घर जाकर गिनती 4 नवंबर से 4 दिसंबर, 2025 तक होगी.   प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा. दावे/आपत्तियों की का समय 9 दिसंबर, 2025 से 8 जनवरी, 2026 तक होगा. फाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को पब्लिश की जाएगी. निर्देशों के मुताबिक ये ट्रांसफर अब 7 फरवरी, 2026 तक नहीं किए जाएंगे. अपर कलेक्टर प्रभावित नहीं, संभागायुक्त मॉनिटरिंग करेंगे चुनाव आयोग ने वैसे तो तबादले से संभागायुक्तों को सीधे तौर पर प्रतिबंधित नहीं किया है लेकिन मतदाता सूची के परीक्षण की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभागायुक्तों को सौंपी गई है। इसलिए संभागायुक्त भी तबादले से बचे रह सकते हैं। जिलों में पदस्थ अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी जो अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत की जिम्मेदारी निभाते हैं वे जरूर चुनाव आयोग के तबादला प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार उनके तबादले कर सकती है। आईपीएस, एसपीएस और सीनियर आईएएस पर भी रोक नहीं चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि पुलिस अधीक्षक, आईजी और अन्य सीनियर आईपीएस के अलावा एसडीओपी, सीएसपी, डीएसपी स्तर के अधिकारी या टीआई भी किसी तरह के तबादले के प्रतिबंध में नहीं रहेंगे। सरकार चाहे तो मंत्रालय और विभिन्न विभागों में पदस्थ सीनियर आईएएस अफसरों के भी तबादले कर सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये अधिकारी मतदाता सूची के रजिस्ट्रीकरण की कार्यवाही से किसी तरह से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं। कलेक्टरों, संभागायुक्तों को आज मिलेगी ट्रेनिंग उधर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा संभागायुक्तों को SIR की ट्रेनिंग देगा। इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि कलेक्टरों, संभागायुक्तों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये दी जाने वाली ट्रेनिंग में उपस्थित रहने के निर्देश शासन स्तर पर जारी किए जाएं। चुनाव से जुड़ी मुख्य तारीखें     मूल्यांकन/प्रशिक्षण: 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025     घर-घर गणना: 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025     प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशन: 9 दिसम्बर 2025     दावे/आपत्तियों की अवधी: 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026     अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 फरवरी 2026  

मध्य प्रदेश में100 दिन तक चलेगी SIR प्रक्रिया, हर मतदाता तक बीएलओ तीन बार पहुंचेंगे

भोपाल   मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर की प्रक्रिया शुरू हो गई। बताया गया है कि अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रहेंगे। इसके अलावा एक परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही पोलिंग बूथ में होगा। जिला प्रशासन ने स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। छह चरणों में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम चरण सात फरवरी 2026 को मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन का रहेगा। करीब 100 दिन तक चलने वाली प्रक्रिया में हर मतदाता तक बीएलओ कम से कम तीन बार पहुंचेगा। आप अपना नाम मतदाता सूची में बनाए रखना चाहते हैं तो अपनी पहचान, जन्म के साथ माता-पिता की पहचान जन्म और इसी तरह के दस्तावेज संभालकर रख लें। एसआइआर के तहत आपसे जो गणना फार्म जमा कराया जाएगा, उसमें इनकी जरूरत होगी। हर मतदाता का अलग गणना फार्म होगा प्रकाशित हर मतदाता का एक गणना फार्म होगा। फार्म पर मतदाता का पुराना फोटो व डिटेल रहेगी। फार्म में मतदाता को पुराने फोटो के पास बने बॉक्स में नया फोटो जोडऩा होगा। गणना फार्म में जन्म दिनांक दर्ज करना होगा। आधार नंबर वैकल्पिक होगा। पिता का नाम व उनका मतदाता नंबर, माता का नाम व उनका मतदाता नंबर भी दर्ज करना होगा। इसमें मतदाता व बीएलओ को हस्ताक्षर होंगे। कहीं वोटर लिस्ट से कट न जाए आपका नाम, मतदाता सूची अभियान में इन बातों का रखें ध्यान देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट की समीक्षा का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है. इसके दायरे में 51 करोड़ वोटर आएंगे. 28 अक्टूबर से ये प्रक्रिया शुरू भी हो गई है, जो 103 दिनों तक  यानी 7 फरवरी तक चलेगी. 103 दिन की प्रक्रिया में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा. इसमें बंगाल, तमिलनाडु जैसे चुनावी राज्यों को भी शामिल किया गया है. अगर आप भी वोटर्स हैं और आपकी वोटर आईडी में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है तो एसआईआर प्रक्रिया में जरूर हिस्सा लें. मसलन, अगर आप बिहार से यूपी या दिल्ली स्थायी तौर पर प्रवास कर चुके हैं तो आपको नया अपडेशन कराना चाहिए.ऐसा न हो कि बिहार में पुराने पते पर न होने से आपका नाम कट जाए और नई जगह रजिस्टर न कराने से दिल्ली में भी आपका नाम न जुड़ पाए. बीएलओ तीन बार घर जाएंगे बीएलओ वोटर लिस्ट समीक्षा के दौरान घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे. हर वोटर के यह फॉर्म रहेगा. अगर परिवार बाहर है तो दूसरे या तीसरे प्रयास में इसमें शामिल हो सकता है. बीएलओ 3 बार फॉर्म भरवाने की कोशिश करेगा. फिर भी कोई आवास पर नहीं मिलता है तो बूथ लेवल ऑफिसर नोटिस दे सकता है. इसके बाद भी एसआईआर में शामिल न होने पर आपका नाम हटाया जा सकता है. BLO या BLA से संपर्क साधें मौजूदा जो वोटर हैं, उन्हें एसआईआर से घबराने की जरूरत नहीं है. SIR में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या बूथ लेवल एजेंट (BLA) वोटर को संबंधित फॉर्म देंगे. मतदाता उनका मिलान कराएगा. अगर आपका नाम दो जगह वोटर लिस्ट में है तो एक जगह से हटवाना होगा. अगर मतदाता सूची में नाम नहीं है तो ऐड कराने के लिए फॉर्म भरें. इसके लिए स्थायी पते समेत संबंधित दस्तावेज देने होंगे. किसी विदेशी या अवांछनीय व्यक्ति का नाम है तो उसे भी हटाया जाएगा. एक महीने में अपील संभव अगर आपका नाम किसी वजह से मतदाता सूची से कट गया है तो जब दिसंबर में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी तो उसमें चेक करें. एक महीने में अपील कर सकते हैं.‎ डीएम और जिलाधिकारी के फैसले के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग ‎सीईओ तक अपील कर सकते हैं.‎हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते हैं. बीएलओ या जिला चुनाव कार्यालय से संपर्क साध सकते हैं. Voter List में कैसे Check करें नाम वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करना है तो electoralsearch.eci.gov.in और voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर डालकर लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं. फोन पर NVSP ऐप डाउनलोड कर वोटर लिस्ट देख सकते हैं. डिजिटल वोटर आईडी कार्ड भी निकाल सकते हैं.  SIR की 3 बड़ी बातें 18 साल से अधिक उम्र के नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे  वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियां सुधारी जाएंगी मृत लोगों या दूसरी जगहों पर स्थायी प्रवास पर नाम हटाए जाएंगे इन राज्यों में होगा एसआईआर अंडमान निकोबार छत्तीसगढ़ गोवा गुजरात केरल लक्षद्वीप मध्य प्रदेश पुडुचेरी राजस्थान तमिलनाडु उत्तर प्रदेश पश्चिम बंगाल काम की बातें——     51 करोड़ वोटर्स इन 12 राज्यों के दायरे में      फॉर्म 7 और फॉर्म 8 वोटर आईडी कार्ड में सुधार के लिए      फॉर्म 6 नाम जुड़वाने से जुड़े एनरोलमेंट फॉर्म के लिए     फॉर्म 8 सुधार के साथ नाम कहीं और वोटर लिस्ट में दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग ने जिन 12 राज्यों में एसआईआर का ऐलान किया है. उनमें  बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं. गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में 2027 में चुनाव होना है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में वर्ष 2028 में चुनाव कराया जाना है. SIR के अभियान में कब क्या     28 अक्टूबर से 3 नवंबर- प्रिटिंग एंड ट्रेनिंग     4 नवंबर से 4 दिसंबर- घर-घर जाकर सत्यापन     ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट- 9 दिसंबर तक     आपत्ति, दावे-9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक     सुनवाई, सत्यापन-9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026     फाइनल वोटर लिस्ट- 7 फरवरी 2026 SIR में आधार कार्ड समेत ये डॉक्यूमेंट मान्य आधार कार्ड पेंशनर आई कार्ड कोई सरकारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट हाईस्कूल मार्कशीट वन अधिकार प्रमाणपत्र स्थायी निवास प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम फैमिली रजिस्टर में नाम रजिस्ट्री जैसे भू रिकॉर्ड