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मंडी में प्याज के दाम गिरे जमीन पर, किसानों ने कहा- अब तो नुकसान ही नुकसान

शाजापुर कृषि उपज मंडी शाजापुर में बुधवार को प्याज की बंपर आवक के साथ ही भाव ऐसा गिरा कि किसान मायूस होकर लौटे। स्थिति यह रही कि कुछ किसानों की प्याज दो रुपए प्रति किलो तक बिकी। कमिश्नर आशीष सिंह के निरीक्षण के दौरान एक किसान ने खुद अपनी व्यथा बताई कि साहब, जो भाव मिला है, उससे ट्रक का किराया भी नहीं निकलेगा। बामनगांव निवासी किसान पूनमचंद पुत्र गुलाब सिंह ने कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी नीलामी पर्ची दिखाई और बताया कि उनकी 40 कट्टी प्याज मात्र दो रुपए प्रति किलो के हिसाब से कुल 3200 रुपए की बिक्री हुई। “साहब, इतना खर्च तो खेत से मंडी तक ट्रक में प्याज लाने में लग गया। अब तो घाटा ही घाटा है।' किसानों की यह शिकायत सुनकर खुद संभाग कमिश्नर आशीष सिंह ने मंडी अधिकारियों को जांच के निर्देश देने पड़े। कमिश्नर ने मौके पर ही मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने और नीलामी में निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए। मंडी में बुधवार को प्याज की रिकॉर्ड 27,497 क्विंटल आवक हुई। इतनी भारी मात्रा में प्याज आने से भाव औंधे मुंह गिर गए। कई किसानों को दो से चार रुपए प्रति किलो के बीच का भाव मिला।   भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम बुधवार दोपहर को उज्जैन संभाग कमिश्नर आशीष सिंह शाजापुर कृषि उपज मंडी पहुंचे। उन्होंने भावांतर योजना के तहत सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की। व्यापारियों और किसानों के बीच नीलामी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और किसानों से बातचीत कर मंडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कमिश्नर सिंह ने कहा कि “राज्य सरकार किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। भावांतर योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। मंडी में मौजूद व्यापारियों और अधिकारियों ने बताया कि प्याज की दर गुणवत्ता के आधार पर तय होती है। जो प्याज आकार में छोटी या नमीदार होती है, उसका भाव स्वाभाविक रूप से कम रहता है। किसान सवाल कर रहे हैं जब मेहनत का दाम नहीं मिलेगा, तो खेती कौन करेगा? वहीं जब तक बाजार व्यवस्था में स्थायित्व नहीं आता, तब तक प्याज के आंसू किसानों की आंखों से बहते रहेंगे। मंडी परिसर में किसानों की भीड़, मायूस चेहरे सुबह से मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगी रहीं। किसानों की भीड़ ऐसी थी कि प्याज की बोरियां मंडी के गेट के बाहर तक ढेर लग गईं। परंतु जब नीलामी शुरू हुई, तो भाव सुनकर कई किसानों के चेहरे उतर गए। किसी को दो, किसी को तीन, तो कुछ को चार किलो का भाव मिला वहीं अधिकतम भाव 1075 प्रति क्विंटल रहा। कई किसानों ने अपनी उपज वापस ले जाने का विचार भी किया, लेकिन ट्रांसपोर्ट खर्च के डर से उन्हें औने-पौने भाव पर बेचना पड़ा। किसानों ने बताया कि इस सीजन में प्याज की पैदावार अच्छी रही, लेकिन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपए खर्च करने के बाद जब दो किलो का भाव मिलता है, तो हिम्मत टूट जाती है। किसानों ने प्रशासन से प्याज की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और परिवहन सहायता देने की मांग की।  

चुनाव से पहले मायावती की अपील: मुस्लिम वोट बसपा को दें, तभी बीजेपी को रोका जा सकता है

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि मुस्लिम समाज को एकजुटता के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बजाय सीधे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का समर्थन करना चाहिये ताकि भाजपा की घातक राजनीति को चुनाव में हराया जा सके। उन्होंने कहा कि सपा के समर्थन में मुस्लिम समाज के एकतरफा वोट देने के बावजूद वह (सपा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने में विफल रही। बसपा नेता मायावती ने पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिये बुधवार को यहां ‘बसपा मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन’ की विशेष बैठक की अध्यक्षता की तथा मुस्लिम समाज को बसपा में जोड़ने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मायावती ने कहा,‘‘वर्ष 2022 के पिछले विधानसभा चुनाव तथा उससे पहले के चुनाव से यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि उप्र में मुस्लिम समाज का पूरे तन, मन, धन से जबरदस्त समर्थन मिलने के बावजूद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी भाजपा को हराने में विफल रहीं। इसके विपरीत बसपा ने मुस्लिम समाज का काफी कम समर्थन पाकर भी भाजपा को परास्त करने में सफल रही और वर्ष 2007 में बसपा की बहुमत के साथ सरकार बनी।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस, दोनों ने ऐतिहासिक रूप से ‘दलित-विरोधी, पिछड़ा-विरोधी और मुस्लिम-विरोधी’ राजनीति की है। उन्होंने कहा कि उनकी ‘गलत नीतियों और गतिविधियों’ के कारण ही उत्तर प्रदेश में भाजपा मजबूत हुई है। मायावती ने कहा, ‘‘न केवल 2022 के विधानसभा चुनाव में, बल्कि लगभग हर चुनाव में, इन पार्टियों – सपा और कांग्रेस – ने भाजपा को हराने के लिए नहीं, बल्कि बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए छल-कपट समेत हर संभव हथकंडा अपनाया। एकतरफा मुस्लिम वोट पाने के बावजूद, वे भाजपा को रोकने में नाकाम रहे। मुस्लिम समुदाय को इस सच्चाई को जल्द से जल्द समझ लेना चाहिए।’’ मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मायावती ने कहा, ‘‘एक पार्टी और एक सरकार के रूप में, बसपा ने मुसलमानों को हर स्तर पर सुरक्षा, संरक्षा और उचित प्रतिनिधित्व की गारंटी देकर उनका वास्तविक कल्याण सुनिश्चित किया। हमने उनके जीवन, संपत्ति और आस्था की रक्षा के लिए उत्कृष्ट कानून-व्यवस्था प्रदान की और जातिवाद और सांप्रदायिकता पर काफी हद तक अंकुश लगाने का काम किया।’’ उन्होंने आगे कहा कि बसपा सरकार ऐसी पहली सरकार थी जिसने अन्याय, अराजकता और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए काम किया। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘हमने उत्तर प्रदेश को दंगों, शोषण, अन्याय और भय से मुक्त बनाया, जबकि अन्य दलों के बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हुए क्योंकि उनकी कथनी और करनी में बहुत फर्क है।’’ मायावती ने कहा, ‘‘दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के लाखों लोग बसपा के ‘बहुजन समाज’ के अभिन्न अंग हैं। पार्टी का मिशन राजनीतिक सशक्तिकरण के माध्यम से इन वंचित और उपेक्षित समुदायों का उत्थान करना है, ताकि वे संविधान के मानवीय और कल्याणकारी सिद्धांतों के अनुसार सम्मान और आत्मसम्मान का जीवन जी सकें, जो भारत को वास्तव में महान बनाने के लिए आवश्यक है।’’ बैठक में मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं सभी जिलाध्यक्ष व मंडल प्रभारी भी उपस्थित थे, जिन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों के संबंध में भी अवगत कराया गया। बसपा अध्यक्ष ने पार्टी नेताओं को बूथ स्तर पर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर ना रहे। उन्होंने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि वे उन लोगों की मदद करें जिनके नाम सूची में नहीं हैं और उनके निर्धारित प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें ताकि उनका नाम सूची में शामिल हो सके। मायावती ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मुसलमानों के कल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों का भी विवरण दिया।  

‘शांतिदूत’ ट्रंप को साउथ कोरिया ने पहनाया ताज, दिया सर्वोच्च नागरिक सम्मान

ग्योंगजू  दक्षिण कोरिया ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत सोने के मुकुट की एक रेप्लिका के साथ किया और उन्हें देश का सबसे बड़ा सम्मान, 'ग्रैंड ऑर्डर ऑफ मुगुंगवा' से सम्मानित किया। राष्ट्रपति कार्यालय ने यह जानकारी दी। अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई लड़ाकू विमानों ने एयर फोर्स वन को एस्कॉर्ट किया, और रनवे पर साउथ कोरियाई मिलिट्री बैंड ने ट्रंप का स्वागत 'वाईएमसीए' गाना बजाकर किया और बंदूकों से सलामी दी गई। ली के कार्यालय ने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप पर 'शांतिदूत' के रूप में ट्रंप की भूमिका को देखते हुए, उन्हें 'ग्रैंड ऑर्डर ऑफ मुगुंगवा' से सम्मानित किया गया, जिसका नाम साउथ कोरिया के राष्ट्रीय फूल, एक गुलाबी हिबिस्कस के नाम पर रखा गया है, जिसे अंग्रेजी में रोज ऑफ शेरोन भी कहा जाता है। ट्रंप ने चमचमाता हुआ अवॉर्ड मिलने पर कहा, "मैं इसे अभी पहनना चाहता हूं।" एक साउथ कोरियाई अधिकारी ने कहा कि वह यह सम्मान पाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। ताज की बात करें तो, यह प्राचीन सिल्ला राजवंश के चोनमाचोंग सोने के मुकुट की प्रतिकृति है, जो ग्योंगजू नेशनल म्यूजियम में प्रदर्शित है। इस वंश के कुल छह मुकुट हैं। एपीईसी शिखर सम्मेलन के दौरान दक्षिण कोरिया ने पहली बार इन छह सोने के मुकुटों को एक साथ एक प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया है। ये शाही शानो शौकत को दर्शाते हैं। सोने का उपयोग राजा और कुलीन वर्ग की उच्च सामाजिक स्थिति को दर्शाता था। कथित तौर पर ये मुकुट सिल्ला साम्राज्य में लगभग 5वीं से 7वीं शताब्दी के बीच बनाए गए थे। इस बीच, बुधवार को राष्ट्रपति ली जे म्युंग और ट्रंप के बीच हुई बैठक में अटकी टैरिफ बातचीत एक समझौते पर पहुंच गई। यह उच्च स्तरीय बैठक ग्योंगजू, नॉर्थ ग्योंगसांग प्रांत में एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (एपीईसी) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। प्रेसिडेंशियल चीफ ऑफ स्टाफ फॉर पॉलिसी किम योंग-बीओम ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि दोनों देशों ने 30 जुलाई को हुए व्यापार समझौते की विस्तृत शर्तों पर सहमति जताई थी, जिससे अब द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में नई स्थिरता का रास्ता साफ हो गया है।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अधिकारी अनिवार्य रूप से करें पालन

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कमिश्नर और कलेक्टर के साथ की वर्चुअल बैठक भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने वीडियो कांफ्रेसिंग से सभी संभागों के कमिश्नर एवं कलेक्टर तथा जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में सभी संभागों के कमिश्नर एवं सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में दिए गए निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। निर्देशों का अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट वोटर्स.डॉट.ईसीआई.इन पर जाकर कोई भी मतदाता 2003 की मतदाता सूची देख सकता है। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार मतदाताओं के घर घर जाएंगे, यह सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जो व्यक्ति 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, वह भी मतदात सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी और राजेश यादव उपस्थित रहे। 7 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से प्रारंभ हो गई है जो 8 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस बीच 3 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसम्बर तक किया जाएगा। दावा आपत्तियों के 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक आवेदन लिए जाएंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। फाइनल मतदाता सूची का 7 फरवरी 2026 को प्रकाशन होगा।   

भारत A टीम में पंत की धमाकेदार वापसी! सुदर्शन के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौका

बेंगलुरु भारत ए और दक्षिण अफ्रीका ए के बीच गुरुवार से यहां शुरू हो रहे चार दिवसीय अनौपचारिक टेस्ट मैच में ऋषभ पंत की चोट के कारण तीन महीने के ब्रेक के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी मुख्य आकर्षण होगी। पंत को 23 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट के दौरान पैर में चोट लग गई थी और यह विकेटकीपर बल्लेबाज तब से रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर रहा है। पंत इस बीच वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में नहीं खेल पाए थे। लेकिन बीसीसीआई के सीओई मैदान पर होने वाले दो अनौपचारिक टेस्ट मैच से उन्हें विश्व चैंपियन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला से पहले मैच अभ्यास का महत्वपूर्ण मौका मिलेगा। दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ होने वाले इन मैच में वह भारत ए की कप्तानी भी करेंगे। ⁠ यह 28 वर्षीय खिलाड़ी सीनियर टीम में ध्रुव जुरेल की जगह ले सकता है, जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में खेलेंगे। पंत वास्तविक मैच की स्थिति में मैदान पर कुछ अच्छा समय बिताने के लिए उत्सुक होंगे, बशर्ते इस हिस्से में लगातार बारिश खेल में खलल न डाले। ऑफ स्पिनर प्रेनेलन सुब्रयेन को छोड़कर दक्षिण अफ्रीका ए की कम अनुभवी गेंदबाजी इकाई पंत के लिए वापसी पर ज्यादा परेशानी खड़ी नहीं कर सकती। यहां की पिच भी बल्लेबाजी के लिए अनुकूल है। अपनी बल्लेबाजी को निखारने के अलावा पंत अपनी विकेटकीपिंग को भी दुरुस्त करने के लिए उत्सुक होंगे, क्योंकि टेस्ट श्रृंखला में उन्हें रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव जैसे शीर्ष स्तरीय गेंदबाजों के सामने विकेट के पीछे अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इस संदर्भ में सारांश जैन, मानव सुथार और हर्ष दुबे जैसे स्पिनरों के सामने उन्हें अच्छा अभ्यास करने का मौका मिलेगा। साई सुदर्शन ने अपना अंतिम मैच इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में खेला था और ये दो मैच उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टेस्ट श्रृंखला से पहले अपने खेल में निखार लाने का मौका प्रदान करेंगे। तमिलनाडु के इस बल्लेबाज ने फिलहाल तीसरे नंबर पर अपनी जगह पक्की कर ली है लेकिन वह अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए हैं। वह यहां बड़ी पारी खेलने के लिए बेताब होंगे। पंत और सुदर्शन के अलावा भारत ए की टीम में खलील अहमद, अंशुल कंबोज, देवदत्त पडिक्कल, नारायण जगदीसन जैसे खिलाड़ी भी शामिल है जो अपना प्रभाव छोड़ने के लिए बेताब होंगे। जहां दक्षिण अफ्रीका का सवाल है तो वह जुबैर हमजा के प्रदर्शन पर नजर रखेगा, जिन्हें लगभग दो साल के अंतराल के बाद टेस्ट टीम में वापस बुलाया गया है। हमजा इस समय अच्छी फॉर्म में हैं और उन्होंने पिछले छह प्रथम श्रेणी मैचों में दो शतक और दो अर्द्धशतक बनाए हैं। टीम इस प्रकार हैं: भारत ए: ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), आयुष म्हात्रे, एन जगदीसन (विकेटकीपर), साई सुदर्शन (उप कप्तान), देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार, हर्ष दुबे, तनुष कोटियन, मानव सुथार, खलील अहमद, गुरनूर बराड़, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर, आयुष बडोनी, सारांश जैन। दक्षिण अफ्रीका ए: मार्केस एकरमैन, तेम्बा बावुमा (केवल दूसरे चार दिवसीय मैच के लिए), ओकुहले सेले, जुबैर हमजा, जॉर्डन हरमन, रुबिन हरमन, रिवाल्डो मूनसामी, त्शेपो मोरेकी, मिहलाली मपोंगवाना, लेसेगो सेनोकवाने, प्रेनेलन सुब्रायेन, काइल सिमंड्स, त्सेपो नदवांडवा, जेसन स्मिथ, तियान वान वुरेन, कोडी यूसुफ। मैच सुबह 9.30 बजे शुरू होगा।  

अंता उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की एंट्री! केजरीवाल ने नरेश मीणा का साथ दिया

जयपुर अंता विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे अब तक बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही सीधी जंग त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गई है। नरेश मीणा ने कुछ दिन पहले एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर केजरीवाल और आप से समर्थन की अपील की थी। मीणा ने लिखा था, “नए और निष्पक्ष राजनीतिक बदलाव के लिए मैं अंता उपचुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ रहा हूं। कांग्रेस और बीजेपी के विकल्प के तौर पर मैं आप पार्टी से समर्थन की अपेक्षा करता हूं।” इसके जवाब में केजरीवाल ने लिखा — “नरेश जी, आम आदमी पार्टी आपके साथ पूरी तरह खड़ी है।” इसके बाद AAP ने औपचारिक रूप से मीणा को समर्थन देने की घोषणा कर दी। AAP के राजस्थान सह-प्रभारी घनेन्द्र भारद्वाज ने कहा, “बीजेपी और कांग्रेस ने दशकों से राजस्थान को लूटा है। अब जनता को नया विकल्प चाहिए। पूरे प्रदेश के AAP कार्यकर्ताओं से अपील है कि नरेश मीणा के समर्थन में जुटें।” उन्होंने बताया कि अंता उपचुनाव के लिए 31 सदस्यीय समन्वय समिति बनाई जाएगी और संभावना है कि केजरीवाल खुद भी चुनाव प्रचार के लिए अंता आ सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम राजस्थान में AAP के संगठनात्मक विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। 2023 विधानसभा चुनाव में अंता से AAP को मात्र 0.76% वोट (1334 वोट) मिले थे, लेकिन केजरीवाल का समर्थन अब मीणा को एंटी-एस्टैब्लिशमेंट वोट दिला सकता है। अंता उपचुनाव में अब मुख्य मुकाबला कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया, बीजेपी के मोरपाल सुमन और निर्दलीय नरेश मीणा के बीच है। चुनाव 11 नवंबर को होगा और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।  

नायब सिंह सैनी का दावा – जीएसटी सुधार मोदी सरकार की वादे निभाने की मिसाल

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिस गति से आज भारत प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्र सरकार की क्रांतिकारी आर्थिक नीतियाँ प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने “एक राष्ट्र, एक टैक्स” की अवधारणा को साकार करते हुए जी.एस.टी. लागू किया, जिससे पूरा भारत एक एकीकृत बाजार में परिवर्तित हो गया है। जी.एस.टी. सुधारों से न केवल अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है, बल्कि राज्यों के बीच व्यापार आसान हुआ है और व्यापारियों को अनावश्यक करों के जाल से मुक्ति मिली है। हाल ही में किए गए जी.एस.टी. सुधार इस बात का प्रमाण हैं कि प्रधानमंत्री मोदी की “गारंटी” सदैव पूरी होती है। ये सुधार आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को बिहार के पटना में बिहार चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए “स्वदेशी” और “मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड” के आह्वान ने देश में विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा दी है। हाल ही में जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत यह विजन आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत यूपीआई से लेकर डीबीटी तक डिजिटल लेन-देन की क्रांति ने पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है। आज भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन चुका है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विनिर्माण और उत्पादन पर बल देकर आयात पर निर्भरता घटाई है तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत केंद्र बनकर उभरा है। केंद्र सरकार की दूरदर्शी नीतियों और सुधारों के परिणामस्वरूप आज भारत न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक सशक्त साझेदार के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में, सड़क, रेल, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश हुआ है। ये सुविधाएं बेहतरीन कनेक्टिविटी, उद्योगपतियों के लिए व्यापार और लॉजिस्टिक्स की लागत को कम कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए अनावश्यक कानूनों को खत्म करना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना, और लाइसेंस राज से मुक्ति दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें 'विकसित भारत-2047' का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, हमें अपने राज्यों को विकसित करना होगा। हरियाणा और बिहार को मिलकर देश की प्रगति की गति को तेज करना होगा। उन्होंने कहा कि आज यहां आकर उन्हें बिहार की मिट्टी की महक और हरियाणा की उद्यमशीलता की भावना का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यह संगम, वास्तव में, हमारे देश की प्रगति और 'विकसित भारत' के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिहार और हरियाणा का रिश्ता केवल राज्यों की भौगोलिक सीमा तक सीमित नहीं है। यह रिश्ता प्रेम, श्रम और विश्वास का है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज बिहार में डबल इंजन की सरकार के कारण यह पूरे देश में यह प्रदेश दूसरे सबसे तेजी से बढ़ने वाले राज्य के रूप में जाना जा रहा है। आज बिहार की जीडीपी वृद्धि दर 14 प्रतिशत से भी अधिक है। अब बिहार की जीडीपी में औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा 23 प्रतिशत है, जो कृषि के हिस्से से भी अधिक है। यह सिद्ध करता है कि बिहार में उद्योगों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल माहौल बना है। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं को उद्योग की जरूरतों संबंधी ट्रेनिंग के लिए भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्किल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन किया गया है। यह युवाओं को उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम प्रदान कर रही है। सरकार की 'एक जिला-एक उद्योग' योजना ने इस दिशा में क्रांति ला दी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण कटिहार का मखाना है, जो अब विश्व बाजार में अपनी चमक बिखेर रहा है। केंद्र सरकार ने इसे 'सुपर फूड' के रूप में स्थापित करने के लिए मखाना बोर्ड की घोषणा की है, जिससे किसानों और स्थानीय उद्योगों को नई शक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिए बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। राज्य में निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए नीतिगत सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की गई है। सरकार ने निवेशकों को नि:शुल्क भूमि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में चमड़ा उद्योग, कपड़ा उद्योग सहित अन्य उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए नई नीति बनाई गई है। आगामी समय में बिहार की अर्थव्यवस्था में न केवल गुणात्मक सुधार होगा बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस मौके पर बिहार चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। 

योगी का शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा पर तंज: ‘नाम भी ओसामा, काम भी वैसा!’ — RJD को सुनाई खरी-खोटी

सीवान  बिहार में चुनावी हलचल तेज है। छठ महापर्व खत्म होने के बाद राज्य में रैलियों का रेला है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सीवान पहुंचे। यहां रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में योगी आदित्यनाथ ने चुनाावी रैली को संबोधित किया। रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने यहां पूर्व सांसद शाहबुद्दीन के बेटे और इस सीट से राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी ओसामा साहेब पर निशाना साधा। योगी आदित्यनाथ ने ओसामा का नाम लिए बगैर कहा कि जैसा नाम वैसा काम। योगी आदित्यनाथ ने यहां राजद को जमकर सुनाया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'मैं जैसे ही इस घरती पर आया हूं तो इंद्रदेव की बड़ी कृपा होने लगी है। इंद्रदेव सीवान जनपद की सभी सीटों को एनडीए को जीताने के लिए अपनी कृपा बरसा रहे हैं। जब मैं बिहार में आता हूं तो मुझे बिहार के गौरवशाली परंपरा का स्मरण होता है। बिहार की धरती शांति और ज्ञान की धरती है। जिस धरती ने भारत के गौरवशाली इतिहास में नालंदा विश्वविद्यालय हो, जिस धरती ने भगवन महावीर जैन को जन्म दिया। यहां डॉ. राजेंद्र प्रसाद, कर्पूरी ठाकुर, जगजीवन राम जैसी हस्तियों को जन्म दिया। यह सभी महान विभूतियां बिहार से हैं फिर भी वो कौन लोग हैं जिन्होंने बिहार के लोगों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया? यह चुनाव उन्हीं लोगों के खिलाफ है। वर्तमान पीढी को बताने की एक लड़ाई है कि पिछले 20 साल में एनडीए की नीतीश कुमार की नेतृत्व की सरकार ने पीएम मोदी के मार्गदर्शन में जो उपलब्धियां हासिल की है वो नय बिहार है। डबल इंजन की सरकार बिहार की उसी पहचान को वापस लाने के लिए काम कर रही है।' योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'मैं जब रघुनाथपुर में आया तो मुझे आश्चर्य हुआ। यहां आकर मै्ंने देखा कि आरजेडी ने यहां से जो प्रत्याशी दिया है वो अपनी खानदानी आपराधिक पृष्ठभूमि के लिए इस भूमि पर ही नहीं बल्कि पूरे दुनिया में कुख्यात रहा। नाम तो देखो ना। जैसा नाम वैसा काम। इसीलिए तो हमने यूपी में कहा कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस। योगी आदित्यनाथ ने राजद को घेरा राष्ट्रीय जनता दल पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जोरी टॉलरेंस के तहत आप देख रहे होंगे कि राजद और उनके लोग आज भी अयोध्या में रामजन्म भूमि पर भगवान श्रीराम का विरोध करते हैं। सीतामढ़ी और उसके आासपास के क्षेत्र मां जानकी के मंदिर का निर्माण, कॉरिडोर और उसके लिए किए जाने वाले विकास कार्यों का विरोध करते हैं। आरजेडी ने राम मंदिर के रथ को रोकने का पाप किया था। कांग्रेस कहती थी कि राम है ही नहीं। इनके पार्टनर समाजवादी पार्टी यूपी में रामभक्तों पर गोली चलाती है। जब भी इन्हें अवसर मिला तो एक ने बिहार में और एक ने यूपी में वहां के नौजवानों के सामने उनके पहचान का संकट खड़ा किया। योगी आदित्यनाथ ने एसिड कांड की दिलाई याद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एनडीए के जितने भी सहयोगी दल हैं इन सभी ने मिलकर तय किया है कि बिहार को अब जंगलराज की ओर नहीं जाने देना है। बिहार के अंदर कर्पूरी ठाकुर, बाबू जगजीवन राम और राजेंद्र प्रसाद की विरासत को आगे बढ़ाते हुए ले जाना है। एनडीए विरासत और विकास के मुद्दे के साथ आपके सामने है। योगी आदित्यनाथ ने चर्चित तेजाब कांड का जिक्र करते हुए कहा कि यहां चांद बाबू के बेटे पर एसिड डालने का काम किया गया था। यह अपराधी फिर से जीवित ना होने पाए। यह कांग्रेस, आरजेडी और समाजवादी पार्टी को शोभा दे सकता है कि वो किसी पेशेवर माफिया को गले लगाकर किसी बाबर और किसी औरंगजेब की मजार में जाकर सजदा पढ़ें।  

नया बिजली कनेक्‍शन लेना हुआ आसान, ऑनलाइन आवेदन करने पर 5 रूपए में उपलब्‍ध

ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 44, 709 घरेलू तथा 65, 539 सिंचाई पंप कनेक्‍शन शहरी क्षेत्रों में 22,106 घरेलू कनेक्‍शन हुए भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के ग्रामीण घरेलू एवं कृषि तथा शहरी क्षेत्र के बीपीएल श्रेणी के उपभोक्‍ताओं के लिए सरल और सुविधाजनक तरीके से केवल 5 रूपए में त्‍वरित नवीन बिजली कनेक्‍शन प्रदान किए जा रहे हैं। उपभोक्‍ताओं को सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में घर बैठे ही नवीन कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं। गौरतलब है कि कंपनी द्वारा ग्रामीण, घरेलू एवं कृषि तथा शहरी क्षेत्र के बीपीएल उपभोक्‍ताओं को सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से 5 रूपए में नवीन कनेक्‍शन देने की पहल की गई है। इस योजना में अब तक कुल 44,709 ग्रामीण क्षेत्रों में नवीन घरेलू बिजली कनेक्‍शन तथा 65,539 सिंचाई पंप कनेक्‍शन जारी किए जा चुके हैं। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में बीपीएल कार्ड धारक उपभोक्‍ताओं को 5 रूपए में कुल 22,106 कनेक्‍शन प्रदान किए जा चुके हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल पर आवेदन करते ही पात्रतानुसार निर्धारित समयावधि में तत्काल 5 रूपए में नया बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। नया कनेक्‍शन लेने के लिए उपभोक्‍ताओं को बिजली कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home अथवा UPAY एप पर जाकर जरूरी दस्‍तावेज अपलोड कर समस्‍त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए निर्धारित शुल्‍क 5 रूपए का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। आवेदक द्वारा विधिवत ऑनलाइन आवेदन और भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत बिजली कंपनी द्वारा सर्वे एवं अन्‍य औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपभोक्ता के परिसर में नया कनेक्शन उपलब्‍ध करा दिया जाएगा। 

भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 4 लाख, 33 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर स्‍थापित

स्मार्ट मीटर लगाने के बाद समय पर हो रही सटीक बिलिंग तथा रीडिंग भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है तथा दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिलनी शुरू हो गई है। अब तक कंपनी कार्यक्षेत्र के 16 जिलों में 4 लाख, 33 हजार 934 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में एक लाख, 62 हजार 320 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। जून माह का बिल जो कि जुलाई माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है।