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52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सिंगल क्लिक से जारी की 303 करोड़ की राशि

देव दीपावली से पहले मनी विद्यार्थियों की दीवाली राज्य सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ है प्रदेश में हो रहे हैं 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना पड़ता है, अर्थात् विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर पढ़ाई में मेहनत करना जरूरी है। बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों को त्वरित रूप से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सुखद परिणाम है कि प्रदेश में सामान्यत: छात्रवृत्ति अप्रैल के महीने में सत्र खत्म होने पर मिलती थी, वह अब अक्टूबर माह में ही विद्यार्थियों के खातों में जारी की जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल आदि भी समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश के 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से जारी की जा रही है। आज देव दीपावली से पहले विद्यार्थियों की दीपावली मन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राशि अंतरण के लिए मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से विद्यार्थियों के खातों में राशि जारी की। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा मंत्रीगण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में नई पहल की जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। देश में सबसे अच्छे शासकीय विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। गत माह ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 50 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की गई। प्रदेश के निजी विद्यालयों में 20 प्रतिशत सीटों पर जरूरतमंद परिवार के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 और 9वीं के 4 किमी दूर रहने वाले 1 करोड़ विद्यार्थियों को नि:शुक्ल साइकिलें वितरित की हैं। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 5 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। विद्यार्थियों को नीट, क्लेट, जेईई सहित सभी प्रकार की कोचिंग भी नि:शुल्क प्रदान करने के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने के साथ उद्यमी बन लोगों को रोजगार देने वाला बनने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होना चाहिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के बच्चों को शिक्षा के नए आयाम दिए जा रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शालेय शिक्षा की बेहतरी के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यार्थियों की उपस्थिति की ट्रेकिंग के साथ शैक्षणिक स्टॉफ की उपस्थिति और उनके द्वारा संचालित गतिविधियों की भी ट्रेकिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूली विद्यार्थियों से संवाद और उन्हें प्रेरित करने का कोई अवसर नहीं खोते हैं। प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को निखारने और संवारने का हरसंभव प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। अंतरित हुई राशि में सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि शामिल है।  

रामभक्ति का सफर शुरू: विधायक धरमलाल कौशिक ने दिखाई हरी झंडी, श्रद्धालुओं से भरी ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना

 बिलासपुर ‘श्री राम दर्शन योजना’ के तहत बिलासपुर से अयोध्या धाम के लिए श्रद्धालुओं की विशेष भारत गौरव ट्रेन रवाना की गई. इस धार्मिक यात्रा में संभाग के 850 और जिले के 225 श्रद्धालु शामिल हुए हैं. बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया. यात्रा का शुभारंभ बिल्हा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने हरी झंडी दिखाकर किया. इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे. श्रद्धालु इस यात्रा के दौरान अयोध्या धाम के साथ-साथ काशी विश्वनाथ मंदिर के भी दर्शन करेंगे. प्रशासन द्वारा यात्रियों के लिए यात्रा, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.   विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि आज अयोध्या के लिए श्री राम लला दर्शन तीर्थ यात्री ट्रेन को बिलासपुर से रवाना किया गया है. इस ट्रेन में लगभग 850 यात्री उसमें बैठे हुए हैं. पहले श्री काशी विश्वनाथ जी का दर्शन करेंगे और उसके बाद अयोध्या जाएंगे राम जी के दर्शन के लिए. यात्रियों में इस बात को लेकर काफी उत्साह है कि  जीवन में हमें यह सौभाग्य मिला है कि भगवान राम लाल का दर्शन होगा. इसके साथ ही श्रद्धालुओ ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  का आभार उन्होंने व्यक्त किया है. यह पीएम मोदी की योजना है कि एक-एक गांव से लोगों को लेकर स्टेशन तक लाना और स्वागत कर उन्हें काशी विश्वनाथ जी और अयोध्या दर्शन के लिए भेजना है. उन्होंने कहा कि घर में जवान बेटे के रहते जो काम नहीं हो पाता है, उस काम का बीड़ा सीएम साय ने उठाया है.

दलित हत्या पर भड़का जनाक्रोश: समाज ने दी चेतावनी, बोले– कार्रवाई नहीं तो आंदोलन

महासमुंद पतेरापाली गांव में केबल वायर चोरी के आरोप में दलित कौशल सहिस (50) की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने अब सामाजिक रंग ले लिया है। पुलिस की जांच और कार्रवाई से असंतुष्ट समाज के लोगों ने बुधवार शाम सिटी कोतवाली पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग की। समाजजनों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। बुधवार शाम करीब 6 बजे छत्तीसगढ़ घासी, घसिया, सहिस, सारथी समाज कल्याण समिति, छत्तीसगढ़ सर्व अनुसूचित जाति समाज और छत्तीसगढ़ प्रगतिशील सतनामी समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे। इस दौरान जिलाध्यक्ष तुलेन्द्र सागर, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील सतनामी समाज के जिलाध्यक्ष विजय बंजारे, लेखराज बघेल सहित अन्य पदाधिकारियों ने डीएसपी अजय शंकर त्रिपाठी से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। समाजजनों ने कहा कि पतेरापाली में कौशल सहिस को हाथ बांधकर बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद भी पुलिस ने मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शव मिलने के बाद उसकी सूक्ष्म जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने जल्दबाजी में शव को लावारिस हालत में दफना दिया। समाज प्रमुखों ने डीएसपी से सवाल किया कि इतनी बड़ी घटना जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर हुई, फिर भी पुलिस को भनक तक क्यों नहीं लगी? उन्होंने यह भी पूछा कि साइबर सेल और अन्य जांच इकाइयाँ क्या कर रही थीं, जबकि घटना के पांच दिन बाद भी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। समाज ने आरोप लगाया कि यदि यही घटना किसी प्रभावशाली या संपन्न व्यक्ति के साथ होती तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करती। लेकिन एक गरीब दलित व्यक्ति की हत्या पर पुलिस कछुआ गति से जांच कर रही है। समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस पर डीएसपी अजय शंकर त्रिपाठी ने समाज प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, और जैसे ही ठोस सबूत मिलेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने क्षेत्र में जातीय और सामाजिक असंतोष को हवा दे दी है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

राहत की खबर! चीन ने हटाई पाबंदी, इन वस्तुओं के निर्यात पर 1 साल तक नहीं लगेगी रोक

चीन  चीन ने गुरुवार को घोषणा की कि वह इस महीने की शुरुआत में घोषित किए गए कुछ निर्यात प्रतिबंधों (जिनमें रेयर अर्थ मटेरियल्स (दुर्लभ धातुएं) भी शामिल हैं) को एक साल के लिए स्थगित करेगा। यह फैसला वैश्विक बाजारों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है, क्योंकि चीन दुनिया की सबसे बड़ी रेयर अर्थ सप्लायर है। बता दें कि यह कदम चीन की रणनीतिक और आर्थिक नीति में एक अस्थायी नरमी के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले महीनों में वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, 'चीन 9 अक्टूबर को घोषित संबंधित निर्यात नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन को एक वर्ष के लिए निलंबित करेगा और इस अवधि के दौरान इन नीतियों पर अध्ययन कर उन्हें और परिष्कृत करेगा।' क्या है डिटेल बता दें कि चीन ने 9 अक्टूबर को नई निर्यात नियंत्रण नीतियां लागू करने की घोषणा की थी, जिनके तहत रेयर अर्थ से जुड़ी कई तकनीकों और सामग्रियों के निर्यात पर सख्त नियंत्रण लगाया जाना था। इन धातुओं का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, स्मार्टफोनों, पवन टर्बाइनों, रक्षा उपकरणों और सेमीकंडक्टर जैसे उच्च तकनीकी उत्पादों में होता है। चीन द्वारा लगाए गए इन नियंत्रणों से अमेरिका, जापान और यूरोपीय संघ जैसे देशों में चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि ये देश उच्च तकनीकी उत्पादन के लिए चीन से आने वाले रेयर अर्थ तत्वों पर काफी हद तक निर्भर हैं। क्या है चीन की मंशा जानकारों का मानना है कि चीन का यह कदम राजनयिक लचीलापन दिखाने और अंतरराष्ट्रीय दबाव को संतुलित करने का प्रयास है। संभवतः बीजिंग अब यह देखना चाहता है कि इन नियंत्रणों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर क्या असर पड़ता है, इसके बाद ही वह अंतिम नीति लागू करेगा। रेयर अर्थ उद्योग पर चीन का लगभग 70 प्रतिशत वैश्विक नियंत्रण है। हाल के वर्षों में, चीन ने इन संसाधनों को 'नेशनल एसेट' बताते हुए इनके निर्यात पर कड़े नियम लागू किए हैं ताकि घरेलू उद्योग को प्राथमिकता दी जा सके और संवेदनशील तकनीकों के लीक होने से बचा जा सके। हालांकि, अब एक साल के लिए प्रतिबंध स्थगित करने के फैसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह निर्णय न केवल वैश्विक व्यापार तनाव को कम कर सकता है, बल्कि चीन और पश्चिमी देशों के बीच संवाद का रास्ता भी खोल सकता है।

अमित बघेल के खिलाफ कार्रवाई की मांग, अग्रवाल समाज ने जताया विरोध

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने महाराजा अग्रसेन के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की है, जिसके बाद अग्रवाल समाज ने कड़ा रुख अपनाया है। समाज ने इस बयान को अपने आराध्य देव के प्रति सीधा अपमान बताते हुए खैरागढ़ पुलिस थाने में आवेदन देकर अमित बघेल के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, अमित बघेल ने हाल ही में समाज के पूज्य महाराजा अग्रसेन के प्रति आपत्तिजनक और अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही अग्रवाल समाज के लोगों में आक्रोश है। समाज के लोगों ने इसे धार्मिक और सामाजिक आस्था पर हमला बताया है। खैरागढ़ में अग्रवाल समाज के प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन न केवल अग्रवाल समाज बल्कि समूचे व्यापारी वर्ग के आराध्य देव हैं। उनके विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समाज ने मांग की है कि अमित बघेल पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के गंभीर आरोपों के तहत सख्त धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया जाए और उनकी तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी अग्रवाल समाज ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो समाज चरणबद्ध आंदोलन करने पर विवश होगा। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि इस मामले में प्रशासन को निष्पक्ष और त्वरित कदम उठाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी धर्म या समाज के पूज्य व्यक्तित्व के प्रति इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करने का दुस्साहस न कर सके। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी अमित बघेल के खिलाफ व्यापक विरोध देखा जा रहा है। कई सामाजिक संगठनों ने इसे समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मनेंद्रगढ़ में भी अग्रवाल समाज में आक्रोश मनेन्द्रगढ़ में भी महाराजा अग्रसेन पर अभद्र टिप्पणी से अग्रवाल समाज आक्रोशित है। समाज के लोगों ने सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर आवेदन दिया और आरोपी छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

नायब सिंह सैनी ने की पहल: अब आमजन भी बन सकेंगे गौशाला आत्मनिर्भरता मिशन के सहभागी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गौ सेवा सबका नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गायों को सड़कों पर न छोड़ें और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में सहभागी बनें। गोबर व गौमूत्र से बने उत्पादों का उपयोग करें। उन्होंने श्री कृष्ण गौशाला, करनाल को अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री गुरुवार को श्री कृष्ण गौशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने गौशाला में गायों की पूजा की, गायों को चारा खिलाया और यहां बने चिकित्सालय का दौरा कर गौवंश के लिए उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने गोपाष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय सनातन जीवन का पवित्र दिन है जो हमें संस्कृति, भाईचारे और प्रेम भाव से जोड़ता है। यह केवल पर्व नहीं बल्कि करूणा, सेवा और कर्तव्य बोध का प्रतीक है।  गौमाता का सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गौ माता का जहां सामाजिक और आध्यात्मिक महत्त्व है वहीं इसका संबंध गोधन से भी रहा है। प्राचीन समय में जिसके पास जितनी अधिक गायें होती थीं उसे उतना ही अधिक समृद्ध माना जाता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी-देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों में एक कामधेनु गाय थी। एक कथा अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने गौ-गोपियों के लिए जब गोवर्धन पर्वत धारण किया तब आठवें दिन इंद्र देवता भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आए। उन्होंने कामधेनु श्रीकृष्ण का अभिषेक किया और उनका नाम गोविंद रखा। तभी से अष्टमी को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। गाय का दूध फायदेमंद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गाय को आध्यात्मिक और दिव्य गुणों का स्वामी भी कहा जाता है। गाय को माता का दर्जा दिया गया है। उसका दूध अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से यह साबित हुआ है देसी गाय का दूध कई रोगों में काफी फायदेमंद है। यह मां के दूध के समान गुणकारी माना जाता है। संवर्धन व संरक्षण के लिए उठाए कई कदम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने गौशालाओं के विकास, गौवंश के संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। 11 साल पहले गौ सेवा आयोग को मात्र 2 करोड़ की ग्रांट दी जाती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इसमें लगातार वृद्धि की। गायों के संरक्षण व उनके संवर्धन के लिए सरकार ने बजट 600 करोड़ कर दिया है। उन्होंने ने बताया कि प्रदेश में 2014 में 215 पंजीकृत गौशालाओं में 1.75 लाख गौवंश था लेकिन आज 686 गौशालाओं में 4 लाख से अधिक गौवंश है। गौशालाओं के लिए 800 ई-रिक्शा खरीदने की प्रक्रिया जारी है। गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गौशालाओं के लिए जमीन की रजिस्ट्री करवाने की स्टांप ड्यूटी खत्म कर दी गई है। गौशालाओं में शेड निर्माण जारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि गायों की जांच के लिए जिन गौशालाओं में 3 हजार से अधिक गौवंश हैं वहां सप्ताह में एक दिन पशु चिकित्सक और इससे कम संख्या वाली गौशालाओं में वीएलडीए की ड्यूटी लगाई गई है। इतना ही नहीं मोबाइल पशु चिकित्सालय की सेवाएं भी गौशालाओं के लिए उपलब्ध कराई गई है। बेसहारा गौवंश के लिए प्रदेश में दो गौ अभयारण्य बनाए गए हैं। गौशालाओं में शेड बनाने के लिए प्रति गौशाला 10 लाख का अनुदान देने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। 51 गौशालाओं में शेड बनाए जा चुके हैं, बाकी में काम जारी है। चारे के लिए अनुदान उन्होंने बताया कि 605 गौशालाओं के लिए 88 करोड़ 50 लाख रुपये चारे के लिए अनुदान के रूप में दिए गए हैं। पंजीकृत गौशालाओं को 11 सालों में 388 करोड़ 60 लाख का अनुदान चारे के लिए दिया गया है। देसी नस्ल की गायों के संवर्धन व संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार गायों की नस्ल सुधारने और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रही है। गाय के गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक फिनाइल, जैविक खाद, गोबर के बर्तन, दीया, साबुन, उपले गमला, धूप, गौ अर्क जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं। पंचगव्य उत्पादन के लिए गौशालाओं को मांग अनुसार जरूरी मशीनरी की खरीद के लिए मदद दी जा रही है। प्रदेश की 101 गौशालाओं को 6 करोड़ 50 लाख रुपये की अनुदान राशि पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि गौ माता की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया गया है। गौ हत्या करने वाले को दस वर्ष और गौ तस्करी करने वाले को सात साल के कारावास का प्रावधान किया गया है। सैनी ने कहा कि गायों की सुरक्षा के लिए गौ भक्तों को जन जागरण चलाना होगा। गोपाष्टमी के महत्त्व पर डाला प्रकाश इससे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गोपाष्टमी के महत्व पर प्रकार डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता सामान्य प्राणी नहीं बल्कि सनातन परंपराओं का प्राण है। प्राण सुरक्षित रहेंगे तो निश्चित रूप से जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को गौ पालन करना चाहिए। गौ सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है ये रहे मौजूद इस मौके पर भानपुरा पीठ के शंकराचार्य, प्रेम मूर्ति महाराज, इंद्री के विधायक एवं चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, असंध के विधायक योगेंद्र राणा, मेयर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर, गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग, गौशाला के प्रधान सुनील गुप्ता आदि मौजूद रहे।

भारत के बाद अब पाकिस्तान की बारी! ड्रैगन की मदद से स्पेस में उतरने की तैयारी

इस्लामाबाद  पाकिस्तान एक ऐसा अनोखा मुल्क है। वहां की जनता खाने-पीने को हर दाने के लिए तड़प रही है, फिर भी भारत से टक्कर लेने का जुनून सिर चढ़कर बोलता है। रात के अंधेरे में नहीं, बल्कि दिन के उजाले में ही भारत के बराबर खड़े होने का ख्वाब बुनता है। हर मोर्चे पर भारत को पछाड़ने की ललक रखता है, मगर ये सपना महज सपना ही रह गया। अब तो अंतरिक्ष में भी भारत को ललकारने के स्वप्न संजोने लगा है। कल्पना कीजिए, वो देश जो सैटेलाइट लॉन्च के लिए भी परदेसी मदद का मुंह ताकता है, वही आज अपना अंतरिक्ष यात्री स्पेस में भेजने की कल्पना कर रहा है। ये सब तब, जब भारत का शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से कामयाबी के साथ वापस लौट चुके हैं। ऐसे में पाकिस्तान भी कहीं पीछे न छूट जाए, इसलिए अपना यात्री स्पेस भेजने का इरादा जमा रहा है, जिसमें चीन का सहारा ले रहा है। दरअसल, चीन ने गुरुवार को ऐलान किया कि वो अपने अंतरिक्ष स्टेशन मिशन के दायरे में एक पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री को छोटे सफर पर भेजेगा। चीनी सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दो पाकिस्तानी यात्री चीनी ताइकोनॉट्स के साथ कड़ी ट्रेनिंग लेंगे, फिर एक को आने वाले मिशन के लिए 'विशेष वैज्ञानिक पेलोड विशेषज्ञ' के रूप में चुना जाएगा। ये पाकिस्तान की पहली मानव अंतरिक्ष यात्रा में शिरकत होगी, जो चीन की मानवयुक्त स्पेस एजेंसी (सीएमएसए) के सहयोग से संभव हो रही है। बता दें कि इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी, स्पेस एंड अपर एटमॉस्फियर रिसर्च कमीशन (सुपार्को) ने सीएमएसए के साथ ऐतिहासिक करार पर साइन किए थे। इस समझौते के तहत पाकिस्तानी यात्रियों को चीन के स्पेस सेंटर में प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिलेगी, ताकि वे तियांगोंग स्टेशन पर खास प्रयोगों के लिए तैयार हो सकें। चुने गए यात्री माइक्रो-ग्रेविटी रिसर्च, बायोलॉजी, मेडिसिन, स्पेस इंजीनियरिंग, मटेरियल साइंस और एस्ट्रोनॉमी जैसे कई क्षेत्रों में वैज्ञानिक टेस्ट में हिस्सा लेंगे। तियांगोंग की हाई-टेक लैब्स में होने वाले इन प्रयोगों से हेल्थ साइंस, क्लाइमेट मॉनिटरिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी के विकास में बड़ा योगदान मिलने की उम्मीद है। चीन ने साफ कहा है कि तियांगोंग स्पेस स्टेशन आधुनिक लैब्स और एक्सटर्नल पेलोड एडाप्टर्स से सुसज्जित है, जो कई साइंस फील्ड्स में एक साथ रिसर्च को मुमकिन बनाता है। इस मिशन का आधिकारिक मकसद स्पेस-बेस्ड साइंस में पार्टनरशिप को मजबूत करना है, जिससे मेडिकल रिसर्च और एनवायरनमेंटल स्टडीज में इनोवेशन्स के जरिए धरती को फायदा हो।  

भोपाल में युवती से शोषण का मामला, आरोपी पर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज

इंदौर किन्नर के बहकावे में आकर डेरे पर आई हिंदू युवती दुष्कर्म का शिकार हो गई। दो भाईयों ने उसके साथ जबरदस्ती की और गोली से उड़ाने की धमकी दी। आरोपियों ने दोनों से शादी करने का दबाव बनाया और कहा कि मतांतरण कर मुस्लिम धर्म स्वीकार लो। हीरानगर पुलिस ने दोनों भाईयों के खिलाफ सात गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार मूलत: कन्नौद (देवास) निवासी 24 वर्षीय पीड़िता माता-पिता के साथ मूसाखेड़ी (आजादनगर) में रहती है और एक कंपनी में नौकरी करती है। पारिवारिक समस्याओं को लेकर पालदा निवासी सिमरन (किन्नर) से उसकी मुलाकात हुई थी। सिमरन ने एमआर-10 पर रहने वाले गुरु (किन्नर) से मिलवाने का आश्वासन दिया और 16 अक्टूबर 2024 को किन्नरों के डेरे पर आई। डेरा किन्नर सपना हाजी का बताया गया था।   इस दौरान सिमरन ने राजा हाशमी से मुलाकात करवाई और उसकी निजी परेशानियों के बारे में बताया। राजा ने उसके मोबाइल नंबर लिए और तीन दिन बाद पुन:बुलाया। पीड़िता के मुताबिक तीन दिन बाद आरोपित राजा ने गुरु से मिलवाने का झांसा देकर नशीला पदार्थ पिलाया और उसके साथ ज्यादती की। होश में आने पर पीड़िता द्वारा विरोध किया तो राजा ने पिस्तौल निकाली और गोली मारने की धमकी दी। 'मैं यहां राजा हूं।  मैं जो बोलूंगा वो ही होगा' उसने कहा कि मैं यहां राजा हूं। मैं जो बोलूंगा वो ही होगा। परेशानियां दूर करने के लिए तूझे मेरे इशारे पर चलना पड़ेगा। इसके बाद भी राजा ने धमका कर कईं बार डेरे पर मिलने बुलाया। एक बार राजा ने समीर हाशमी से मुलाकात करवाई और कहा कि मेरा छोटा भाई है। समीर ने भी पीड़िता के साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। कुछ दिनों बार राजा ने कहा तुझे हम दोनों से शादी करना पड़ेगी। आरोपित ने मुस्लिम धर्म स्वीकारने का दबाव बनाया। किन्नर विवाद में जेल में बंद है सपना और राजा राजा हाशमी फिलहाल जेल में बंद है। उस पर पंढरीनाथ थाना में नंदलालपुरा के किन्नरों ने केस दर्ज करवाया था। इस केस में किन्नर सपना हाजी भी आरोपित है और वह भी जेल जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: फसल सर्वे और गिरदावरी सत्यापन की डेडलाइन में बढ़ोतरी

रायपुर छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के समस्त जिलों के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के मोबाईल PV ऐप के माध्यम से सत्यापन की समय सीमा को एक माह के लिए बढ़ा दिया है। अब यह प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2025 की बजाय 30 नवंबर 2025 तक की जा सकेगी। बता दें कि इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा आज सभी कलेक्टरों को पत्र जारी किया गया है। विभाग ने पत्र में अपने 11 सितंबर 2025 के आदेश का संदर्भ देते हुए बताया कि पूर्व में यह प्रावधान किया गया था कि गिरदावरी एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे के संशोधन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 तक रहेगी। इसके बाद केवल PV ऐप के माध्यम से भौतिक सत्यापन के बाद ही प्रविष्टियों में संशोधन किया जा सकेगा। यह ऐप 15 सितंबर 2025 से Go Live किया गया था, जिसके माध्यम से 31 अक्टूबर 2025 तक प्रविष्टियों में बदलाव करने की अनुमति थी। अब शासन ने किसानों की सुविधा और प्रशासनिक कार्यों को ध्यान में रखते हुए इस अवधि को 30 नवंबर 2025 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस अवधि में संबंधित अधिकारी PV ऐप के जरिए भौतिक सत्यापन उपरांत डेटा संशोधन कर सकेंगे। गौरतलब है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी का यह ऑनलाइन सत्यापन अभियान राज्य में कृषि डेटा के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम है। इससे फसलों के वास्तविक रकबे का सटीक आंकलन किया जा सकेगा, जो आगे धान खरीदी, बीमा, एवं अन्य कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।

कोहरे से पहले रेलवे की बड़ी तैयारी, इन लंबी दूरी की ट्रेनों में होगा बदलाव

अंबाला  सर्दियों की शुरुआत के साथ ही फॉग का मौसम करीब है। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर साल की तरह इस साल भी कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द की गई हैं, जो फरवरी तक रद्द रहेंगी। यात्रियों की परेशानी से बचने के लिए रद्द होने वाली गाड़ियों की सूची भी जारी कर दी गई है। रेलवे की तैयारी और सुरक्षा उपाय अंबाला रेलवे मंडल के सीनियर डीसीएम नवीन कुमार ने मीडिया को बताया कि रेलवे ने दो तरह की तैयारियां की हैं:- फॉग सेफ्टी डिवाइस फॉग के दौरान लोको पायलट के पास फॉग सेफ डिवाइस अनिवार्य है। यह डिवाइस सिग्नलों की स्थिति बताता है। रेलवे ने सभी मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों में यह डिवाइस लगा दिया है। फॉग के कारण ट्रेनें रद्द नवीन कुमार ने बताया कि फॉग के चलते ट्रेनों की गति धीमी हो जाती है, जिससे कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ता है। खासकर उत्तर भारत में फॉग अधिक पड़ता है, इसलिए उत्तर की ओर जाने वाली ट्रेनें रद्द की गई हैं। रद्द ट्रेनों की सूची पहले ही जारी कर दी गई है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। फॉग सेफ्टी डिवाइस का काम डीसीएम ने बताया कि रेलवे में सात-आठ साल से फॉग सेफ डिवाइस अनिवार्य है। यह GPS आधारित छोटा डिवाइस लोको में लगाया जाता है। प्रत्येक रूट की मैपिंग और डेटा पहले से इसमें दर्ज किया जाता है। डिवाइस लोको पायलट को लगभग 1 किलोमीटर पहले ही अलर्ट देता है कि आगे फाटक या स्टेशन है, ताकि ट्रेन सुरक्षित रूप से चल सके। यात्रियों के लिए संदेश नवीन कुमार ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेलवे की जारी सूची और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और यात्रा की योजना बनाते समय फॉग के कारण रद्द ट्रेनों की जानकारी अवश्य लें।