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दोपहर 12 बजे ही आरजेडी ने मानी हार! बिहार में मतदान के बीच बढ़ा बीजेपी का दबदबा

पटना  बिहार में पहले फेज की वोटिंग के बीच मतदान केंद्रों पर बिजली सप्लाई बंद करने के राष्ट्रीय जनता दल के आरोप की निंदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि विपक्षी दल मतदान के दिन दोपहर 12 बजे निराशा में हाय तौबा करना शुरू कर देगा। आरजेडी ने 12 बजे से ही सरेंडर कर दिया। एएनआई से बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'जब पूरे बिहार में वोटिंग के लिए इतना उत्साह है। महिलाएं जमकर बूथ में खड़ी हैं, तब आरजेडी को क्या हो गया? हताश हो गए? अभी 12 बजे ही सरेंडर कर दिया? वोटिंग ढीली हो रही है, सुस्त हो रही। जगह-जगह बिजली का कनेक्शन काट दिया जा रहा है। इसका चुनाव आयोग ने मुखर तरीके से विरोध किया है। सब बेबुनियाद है।'' भाजपा सांसद ने आगे आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि न कोई सबूत देंगे और न कुछ देंगे। ठीक से चुनाव लड़िए। आपकी हार तो तय है, लेकिन मैदान छोड़कर क्यों भाग रहे। इस तरह की बेबुनियाद बातें हैं। मैं वोटर्स से कहूंगा कि खूब निकलकर वोट करिए। आरजेडी से मुझको यह उम्मीद नहीं थी कि 12 हताशा की हाय तौबा शुरू कर देंगे। इस बीच, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर जानबूझकर बिजली कटौती के राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के आरोपों को खारिज करते हुए इन दावों को पूरी तरह से निराधार और भ्रामक बताया। एक्स पर आरजेडी के पोस्ट के जवाब में, सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया कि राज्य भर में मतदान सुचारू रूप से चल रहा है और भारत निर्वाचन आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहा है। सीईओ ने एक्स पर लिखा, "यह आरोप पूरी तरह से निराधार और भ्रामक है। बिहार के सभी मतदान केंद्रों पर मतदान सुचारू रूप से हो रहा है। भारत निर्वाचन आयोग मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्बाध सुनिश्चित करने के लिए सभी मानक प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है। इस तरह के भ्रामक प्रचार का कोई आधार नहीं है।" आरजेडी ने दावा किया था कि महागठबंधन के गढ़ माने जाने वाले मतदान केंद्रों पर मतदान की गति को धीमा करने के लिए बिजली आपूर्ति बीच-बीच में काटी जा रही है। आरजेडी ने एक्स पर लिखा, 'प्रथम चरण की वोटिंग के मध्य में महागठबंधन के मजबूत बूथों पर धीमा मतदान करने के उद्देश्य से बीच-बीच में बिजली काट दी जा रही है। जानबूझ कर स्लो वोटिंग कराई जा रही है। कृपया चुनाव आयोग ऐसी धांधली बुरी नीयत और दुर्भावनापूर्ण इरादों का अविलंब संज्ञान लेकर त्वरित कारवाई करें।  

भर्ती घोटाला मामला: डबल बेंच का फैसला — 37 चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति पर अब कोई रोक नहीं

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021-22 भर्ती घोटाले से जुड़ा मामला अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज करते हुए उन 37 चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिनके खिलाफ अब तक सीबीआई (CBI) ने कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति (ज्वाइनिंग) दी जाए। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच में हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी। सिंगल बेंच ने पहले ही इन 37 अभ्यर्थियों के पक्ष में आदेश दिया था, जिसके अनुसार जिन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है या चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है, उन्हें ज्वाइनिंग दी जानी चाहिए। मामला CGPSC द्वारा 2021-22 में आयोजित विभिन्न सरकारी पदों की परीक्षा और चयन प्रक्रिया से जुड़ा है। चयन प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी थी। जांच में कुछ उम्मीदवारों पर संदेह जताया गया और कुछ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि बाकी अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर रोक लगा दी गई थी। लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे 37 अभ्यर्थियों, जिनमें अमित कुमार समेत अन्य चयनित उम्मीदवार शामिल हैं, ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने दलील दी थी कि केवल जांच के नाम पर बिना चार्जशीट के उनकी नियुक्ति रोकना अनुचित है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला देते हुए राज्य सरकार को ज्वाइनिंग देने का निर्देश दिया था। हालांकि, सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए डबल बेंच में अपील की। अब डबल बेंच ने भी सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखते हुए सरकार की याचिका खारिज कर दी है। डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि, “जब तक किसी अभ्यर्थी के खिलाफ आपराधिक चार्जशीट दाखिल नहीं होती, उसे नियुक्ति से वंचित रखना न्यायोचित नहीं है।” इस फैसले के बाद अब उन सभी 37 चयनित उम्मीदवारों के लिए राहत का रास्ता साफ हो गया है, जो लंबे समय से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। इस निर्णय को न केवल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता और न्यायिक निष्पक्षता का उदाहरण भी पेश करता है। अब राज्य सरकार को हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, उन सभी उम्मीदवारों को जल्द ज्वाइनिंग देने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी, जिनके खिलाफ सीबीआई ने अब तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की है।

‘आन काल डॉक्टर’ सेवा लागू: ग्रामीण इलाकों में भी 24×7 मेडिकल सुविधा

फतेहाबाद  फतेहाबाद जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति ने अब 'आन काल डाक्टर सिस्टम' लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत निजी विशेषज्ञ चिकित्सक एनेस्थेटिस्ट, पीडियाट्रिशियन और गायनाकोलाजिस्ट को आपात स्थिति में सरकारी अस्पताल में बुलाया जाएगा। इन डाक्टर को प्रति केस के आधार पर भुगतान किया जाएगा। फतेहाबाद से शुरू हुआ यह प्रयोग पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन सकता है। ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे में जहां स्थायी विशेषज्ञों की नियुक्ति कठिन रही है, वहीं यह व्यवस्था सीमित संसाधनों में गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने का एक व्यावहारिक समाधान पेश करती है। हालांकि सरकारी अस्पतालों में प्राइवेट चिकित्सकों को बुलाना और उनकों भुगतान करना सरकार के दावों की कलई खोलता है। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सेवा की हकीकत को बयां करता है। 

अजीब मामला: मुस्लिम परिवार न होते हुए भी अंजूम खान का जन्म प्रमाण पत्र बना

छतरपुर  छतरपुर जिले में एक पंचायत सचिव को बगैर साक्ष्य और आवश्यक दस्तावेजों के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मामला जिले के ग्राम पंचायत महतौल का है, जहां के सचिव प्रेमचन्द्र रैकवार ने अंजुम खान नामक महिला का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया जबकि दावा है इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है। गलत प्रमाण पत्र जारी कर दिया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नमः शिवाय अरजरिया ने एक आदेश में कहा कि गलत जन्म प्रमाण जारी करने की शिकायत की जांच के बाद प्रेमचन्द्र रैकवार के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जांच में पाया गया कि रैकवार ने 24 सितंबर 2025 को इंदौर के गीता नगर की रहने वाली अंजुम खान का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया था। बिना अनुमति के बनाया जन्म प्रमाण पत्र अरजरिया ने कहा कि अंजुम खान की जन्म तिथि 11 फरवरी 2008 है और एक वर्ष से अधिक अवधि का जन्म प्रमाण पत्र बगैर सक्षम अधिकारी के अनुमति आदेश के जारी नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि साथ ही ग्राम महतौल में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है। जन्म प्रमाण पत्र बिना किसी साक्ष्य एवं आवश्यक दस्तावेज के जारी किया गया है। सीईओ ने कहा कि रैकवार का यह कृत्य मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है। जन्म प्रमाण पत्र वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर काफी किरकिरी हो रही थी। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई की है। साथ ही प्रमाण पत्र की जांच की जा रही है।

झारखंड की जनता से विश्वासघात, JMM पर बरसे संजय मेहता

रांची आजसू के महासचिव सह प्रवक्ता संजय मेहता ने हेमंत सरकार पर जमकर निशाना साधा है। संजय मेहता ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में जनता से किए गए किसी भी बड़े वादे को पूरा करने में पूर्ण रूप से विफलता दिखाई है। संजय मेहता ने कहा कि झामुमो सरकार ने न केवल झारखंड की जनता के साथ विश्वासघात किया है, बल्कि अपनी नाकामियों के कारण वोट मांगने का नैतिक आधार भी खो दिया है। घाटशिला में वोट मांगने का नैतिक अधिकार नहीं रहा है। संजय मेहता ने कहा कि यह सरकार नौकरी, नियोजन, विस्थापन, पुनर्वास, शिक्षा, कानून व्यवस्था, और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूरी तरह असफल रही है। संजय मेहता ने कहा, झारखंड की जनता ने इस सरकार को भारी बहुमत के साथ चुना था, उम्मीद थी कि यह सरकार उनके हितों की रक्षा करेगी, लेकिन सरकार ने हर कदम पर जनता को निराश किया। बता दें कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन, झामुमो के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है। मतदान 11 नवंबर को होगा।  

सट्टेबाजी मामले में फंसे क्रिकेटर, ED ने रैना और धवन की 11 करोड़ की संपत्ति जब्त की

नई दिल्ली   भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन की मु्श्किल बढ़ गई हैं। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सट्टेबाजी एप केस में कार्रवाई करते हुए दोनों की 11.14 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली। सूत्र ने बताया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी साइट 1xBet के खिलाफ मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत धवन की 4.5 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और रैना के 6.64 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड को कुर्क करने का अनंतिम आदेश जारी किया गया है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने अवैध सट्टेबाजी एप मामले में सुरेश रैना और शिखर धवन की करोड़ों की संपत्ति कुर्क कर ली है। ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 1xBet केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना और टीम इंडिया के बल्लेबाज शिखर धवन की कुल ₹11.14 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। सुरेश रैना और शिखर धवन पर क्या है आरोप ईडी का कहना है कि दोनों क्रिकेटरों ने “1xBet” और उससे जुड़े सरोगेट ब्रांड्स — 1xBat, 1xBat Sporting Lines — का जानबूझकर प्रमोशन किया, जिससे भारत में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा मिला। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन क्रिकेटरों ने विदेशी कंपनियों के साथ प्रचार अनुबंध किए, और उनका भुगतान विदेशी माध्यमों से लेयर ट्रांजैक्शन के जरिए किया गया। इससे अवैध फंड्स की असली पहचान छिपाई गई। क्रिकेटरों की कुर्क संपत्तियां     सुरेश रैना के नाम पर ₹6.64 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश कुर्क किए गए हैं।     शिखर धवन के नाम पर ₹4.5 करोड़ की अचल संपत्ति अटैच की गई है। 1000 करोड़ से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग का शक एजेंसी की जांच में सामने आया है कि 1xBet नेटवर्क ने भारत में लगभग ₹1000 करोड़ से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की है। इसके लिए 6000 से ज्यादा ‘म्यूल अकाउंट्स’ का इस्तेमाल किया गया, जिनके जरिए भारतीय उपयोगकर्ताओं से पैसे जुटाए गए। ईडी ने अब तक ₹4 करोड़ से अधिक की राशि फ्रीज की है और चार पेमेंट गेटवे पर छापेमारी भी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार 1xBet ने अपने “स्पोर्ट्स प्रमोशन कॉन्ट्रैक्ट्स” के जरिए भारत में क्रिकेट और स्पोर्ट्स प्रेमियों तक अपनी पहुंच बनाई। इन सौदों के तहत सेलेब्रिटीज और इन्फ्लुएंसर्स को भुगतान कर प्रचार कराया गया, जिससे अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म को वैधता का आभास दिलाया गया।  करोड़ों की ठगी का आरोप पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन से हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ की थी। इस दौरान दोनों के बयान दर्ज किए गए थे। बता दें कि, ईडी इस समय कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जो अवैध बेटिंग एप्स से जुड़े हैं। एजेंसी का मानना है कि इस तरह के बेटिंग एप्स न केवल अवैध हैं, बल्कि इनके जरिए बड़े पैमाने पर धन शोधन की गतिविधियां भी होती हैं। इन एप्स पर आरोप है कि इन्होंने लाखों लोगों और निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है या फिर भारी मात्रा में टैक्स की चोरी की है। इस मामले में ईडी ने कार्रवाई तेज की है, खासकर उन विज्ञापनों पर जिनमें फिल्मी सितारे और क्रिकेटर शामिल हैं। इसी कड़ी में अब क्रिकेटरों और फिल्मी हस्तियों की भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।  ईडी के रडार पर और कौन? ईडी की जांच में पाया गया है कि दोनों पूर्व क्रिकेटरों ने 1xBet और उसके प्रतिनिधियों के प्रचार के लिए विदेशी संस्थाओं के साथ 'जानबूझकर' समर्थन समझौते किए। ईडी ने इस जांच के तहत इन दोनों के अलावा युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा जैसे अन्य पूर्व क्रिकेटरों, अभिनेता सोनू सूद, उर्वशी रौतेला, मिमी चक्रवर्ती (तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद) और अंकुश हाजरा (बंगाली अभिनेता) से भी पूछताछ की है।  

अंता सीट पर गर्म हुआ माहौल, जीत के लिए कांग्रेस-भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत

जयपुर/बारां अंता विधानसभा उपचुनाव की जंग अब अपने अंतिम और निर्णायक दौर में है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने इस चुनावी रण को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस ने मैदान में करीब 300 नेताओं की फौज उतार दी है, जिनमें सांसदों से लेकर पीसीसी पदाधिकारियों तक शामिल हैं। हर गांव और हर बूथ पर नेताओं को तैनात किया गया है ताकि मतदाता तक सीधा संपर्क बनाया जा सके। वहीं बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी प्रचार में उतर चुकी हैं। आज अंता में वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल शर्मा का संयुक्त रोड शो रखा गया है। पार्टी ने अब तक 272 नेताओं को जिम्मेदारी दी है, जिनमें 40 बड़े नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया गया है। चुनाव प्रभारी, सह प्रभारी और स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायतवार 170 प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। हर पंचायत में 3-3 नेताओं को जिम्मेदारी देकर कांग्रेस ने बूथ स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर दिया है। कांग्रेस विधायक सचिन पायलट बुधवार को अंता में रोड शो कर चुके हैं।  गोविंद डोटासरा, सुखजिंदर रंधावा, सचिन पायलट और टीकाराम जूली जैसे दिग्गज नेता पहले ही प्रचार में जुट चुके हैं। आने वाले दिनों में अशोक गहलोत के भी अंता पहुंचने की संभावना है। भाजपा की रणनीति और बड़ा रोड शो वहीं भाजपा भी अब पूरी ताकत से मैदान में उतर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज 6 नवंबर (गुरुवार) को अंता में भव्य रोड शो करेंगे। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन भी एक विशेष रथ पर सवार होंगे। यह पहला मौका होगा जब भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे एक साथ किसी सीट पर प्रचार करते दिखाई देंगे। वसुंधरा राजे पहले ही प्रचार अभियान की शुरुआत कर चुकी हैं। रोड शो की तैयारियां पूरी रोड शो दोपहर 12 बजे मांगरोल के सुभाष चंद्र बोस सर्किल से शुरू होकर आज़ाद चौक होते हुए सीसवाली चौराहा तक निकाला जाएगा। पूरे मार्ग पर 51 स्वागत द्वार सजाए गए हैं और जगह-जगह कार्यकर्ता फूल बरसाकर स्वागत करेंगे। कार्यक्रम में महिला और युवा कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी रहेगी। भाजपा का दावा है कि यह रोड शो क्षेत्र में पार्टी के प्रति जनसमर्थन को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कार्यक्रम सुबह 10:50 बजे जयपुर से प्रस्थान के बाद झालावाड़ होते हुए मांगरोल पहुंचेगा। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक रोड शो के बाद वे पुनः जयपुर लौटेंगे। चुनावी महत्व अंता उपचुनाव से भले ही विधानसभा का समीकरण न बदले, लेकिन दोनों दल इसे राजनीतिक संदेश देने का मौका मान रहे हैं। भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से राजस्थान में अब तक 7 उपचुनाव हो चुके हैं। लेकिन यह पहला उपचुनाव है जब सीएम भजनलाल शर्मा व पूर्व सीएम वसुंधरा राजे एक साथ रोड शो में नजर आएंगे। वहीं कांग्रेस के भी तमाम बड़े नेता लगातार अंता में आ रहे हैं। छोटी-छोटी सभाओं तक में जा रहे हैं। कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश में है, जबकि भाजपा सत्ता में जनसमर्थन दिखाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। आखिरी तीन दिनों में दोनों दलों के दिग्गज नेताओं के बीच सियासी शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा।  

‘आप रोल मॉडल हैं’ — राष्ट्रपति मुर्मु ने वर्ल्ड चैंपियन बेटियों से की मुलाकात, टीम ने भेंट किया विशेष उपहार

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की है. पीएम मोदी के साथ बातचीत के एक दिन बाद यानी गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्व कप विजेता टीम से मुलाकात की और उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी. राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर लिखा गया, 'आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की. राष्ट्रपति ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने इतिहास रचा है और वे नई पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बन गई हैं. उन्होंने कहा कि यह टीम भारत का प्रतिबिंब है. ये अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक पृष्ठभूमियों और परिस्थितियों से आती हैं, लेकिन ये एक टीम हैं-टीम इंडिया.' राष्ट्रपति को गिफ्ट की टीम जर्सी मुलाकात के दौरान कप्तान हरमनप्रीत कौर ने राष्ट्रपति को भारतीय टीम की जर्सी भेंट की, जिस पर सभी खिलाड़ियों के हस्ताक्षर थे. भारत की वुमन इन ब्लू ने रविवार रात नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर अपना पहला आईसीसी खिताब जीता था. बुधवार शाम, हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की थी. सम्मान समारोह के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने औपचारिक पोशाक में सजी और गले में विजेता पदक पहने खिलाड़ियों को बधाई दी. उन्होंने टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की और टूर्नामेंट के लीग चरण में लगातार तीन हारों के बाद शानदार वापसी करने के लिए उनकी तारीफ की. पीएम मोदी ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ से समूह वार्ता भी की, जहां टीम ने उन्हें अपने हस्ताक्षर वाली भारतीय टीम जर्सी भेंट की.

भारत को सलाम, पाकिस्तान के आगे गिड़गिड़ाने वालों को सीख: ED की जमकर तारीफ

नई दिल्ली मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोकने वाली इंटरनेशनल संस्‍था फाइनेंशियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (FATF) ने भारतीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) की तारीफ की है. FATF ने कहा कि दुनिया के अन्‍य देशों को ईडी से सीखना चाहिए कि किस तरह से मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाई जाए और क्रिमिनल केस में में एसेट्स की रिकवरी की जाए. यह वही FATF है, जिसके सामने पाकिस्‍तान की हेकड़ी गुम रहती है. पाकिस्‍तान मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग के लिए पूरी दुनिया में कुख्‍यात है. FATF ऐसे देशों को विभिन्‍न क्‍लासीफाइड कैटेगरी में डालता रहता है, जिससे संबंधित देशों की इकनॉमी पर बुरा असर पड़ता है. विदेशी निवेश प्रभावित होता है. FATF के कड़े प्रतिबंधों से बचने के लिए पाकिस्‍तान इस ग्‍लोबल ऑर्गेनाइजेशन के सामने मेमियाता रहता है. अब उसी संस्‍था ने भारत की जांच एजेंसी ईडी की तारीफ की है. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने बुधवार 5 नवंबर 2025 को एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए अपराध से अर्जित संपत्तियों की जब्ती और उन्हें पीड़ितों को वापस दिलाने में भारत के प्रयासों की सराहना की है. FATF की यह रिपोर्ट ‘Asset Recovery Guidance and Best Practices’ के नाम से प्रकाशित हुई है, जिसमें खासतौर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तेज और प्रभावी कार्रवाई को प्रमुख उदाहरण के रूप में शामिल किया गया है. विश्व स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्त पोषण पर नजर रखने वाली FATF ने कहा कि भारत ने आपराधिक मामलों में अवैध संपत्तियों का पता लगाने, उन्हें फ्रीज़ करने, जब्त करने और समाज के हित में उपयोग करने के लिए एक मजबूत व्यवस्था विकसित की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ED ने घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक अपराधों के मामले में देश से भागे अपराधियों के खिलाफ विशेष सक्रियता दिखाई है. 340 पेज की रिपोर्ट ED की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि FATF की 340 पृष्ठों वाली इस रिपोर्ट में व्यावहारिक उपाय सुझाए गए हैं, जिनसे विभिन्न देशों को अपराध से जुड़े धन की पहचान करने, उसे ट्रैक करने और पीड़ितों को वापस संबंधित संपत्तियां लौटाने में सहायता मिलेगी. बयान के मुताबिक, यह गाइडेंस नीति निर्माताओं और प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक मानक है, जिससे वे अपनी राष्ट्रीय रणनीति को बेहतर बना सकें और वैश्विक बेस्ट प्रैक्टिस के अनुसार कार्य कर सकें. रिपोर्ट में कहा गया है कि ED ने क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी, साइबर अपराध और पोंजी स्कीम जैसे मामलों में बेहद तेजी से कार्रवाई की है. FATF ने बताया कि कई मामलों में अपराधी विदेश भाग गए थे, लेकिन ED ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से उनकी संपत्तियों को या तो जब्त कर लिया या फ्रीज़ किया.

मुख्यधारा में वापसी: 17 लाख की इनामी नक्सली कमला सोरी ने छोड़ी नक्सल राह

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में आज पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार चल रही 17 लाख रुपए की इनामी हार्डकोर महिला नक्सली कमला सोरी उर्फ उंगी उर्फ तरूणा (आयु 30 वर्ष) ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. कमला सोरी वर्ष 2011 से प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़ी रही. वह माड़ डिवीजन, बस्तर एमएमसी (मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) जोन की सक्रिय सदस्य थी और एमएमसी जोन प्रभारी रामदर की टीम की प्रमुख सदस्य के रूप में काम करती थी. इस दौरान उसने कई हिंसक वारदातों में भूमिका निभाई और पुलिस बलों पर हमले की योजनाओं में भी शामिल रही.  कमला सोरी मूल रूप से ग्राम अरलमपल्ली, थाना दोरनापाल, जिला सुकमा की निवासी है. वह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र (गोंदिया जिला) और मध्य प्रदेश की सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय रही. तीनों राज्यों की पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर कुल 17 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शासन की विकासोन्मुखी नीतियों, ग्रामीण अंचलों में तेजी से चल रहे निर्माण कार्यों, सड़क और संचार सुविधाओं के विस्तार तथा सिविक एक्शन कार्यक्रमों के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विश्वास का माहौल बन रहा है. सुरक्षा बलों द्वारा निरंतर संवाद और जनसंपर्क से नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसी मुहिम से प्रभावित होकर कमला सोरी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण के बाद कमला सोड़ी को छत्तीसगढ़ शासन की नीति के तहत ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि तत्काल प्रदान की गई. साथ ही पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह आत्मसमर्पण शासन की नीतियों और सुरक्षा बलों की निरंतर कोशिशों का नतीजा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि कमला सोरी का यह कदम उन अन्य नक्सलियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा जो अभी भी जंगलों में सक्रिय हैं.