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परेशानियों से घबराने की बजाए उनका सामना करना सीखें

समाज में कोई दुखी की भूमिका में है तो कोई सुखी की। कोई राजा की भूमिका में है और कोई प्रजा की भूमिका में काम कर रहा है। सभी अभिनय की भूमिकाएं हैं। कुछ भी स्थायी नहीं है। शाश्वत सत्य नहीं है। इसलिए मनुष्य याद रखे कि ईश्वर ने उसे जिस भूमिका में उतारा है, वह उसी भूमिका को यथोचित रूप में अभिव्यक्त करता जा रहा है, इससे अधिक कुछ नहीं। अगर कोई विपत्ति आती है, किसी भयावह परिस्थिति से ही गुजरना पड़े तो भी उसके मन में समानता का भाव नष्ट नहीं होना चाहिए। यदि वह समझेगा कि यह परमपुरुष के नाटक का खेल है तो इससे घबराएगा नहीं। मनुष्य घबराएगा नहीं तो वह अकेला पड़ने में दिक्कत महसूस नहीं करेगा। हमें नाटक का जो किरदार मिला है, वही सही ढंग से करते जाएंगे। इस मनोभाव को लेकर अगर मनुष्य चलता है तो वह मनुष्य सर्वजयी होगा। वह जीवन के किसी भी क्षेत्र में ठोकर नहीं खाएगा, वह आगे ही बढ़ता जाएगा। मनुष्य कहां आगे बढ़ेगा? जहां से आया है, उसी ओर। आगे बढ़ने की यह क्रिया संघर्ष के माध्यम से ही होती है। जो मनुष्य संघर्ष विमुख है उसका स्थान समाज में नहीं है। कारण जीवन का धर्म, अस्तित्व का धर्म वह खो बैठा है। समाज में रहना अब उसके लिए उचित नहीं है। उसके विरुद्ध संग्राम करते हुए तुम लड़ते चल रहे हो, आगे बढ़ रहे हो। लेकिन यही काफी नहीं है। मानस भूमि में आगे बढ़ना चाहते हो। कितनी दुर्बलताएं, कितनी संकीर्णताएं, कितना मोह तुम्हें चारों ओर से घेरे हुए हैं। नागपाश की तरह वे तुमको मार देना चाहते हैं। तुम्हें इसके विरुद्ध संग्राम करते हुए आगे बढ़ना होगा। इस संग्राम से बचने की कोशिश व्यर्थ है। असंख्य भाव-जड़ताएं तुम्हें जकड़ना चाहती हैं। पूर्वजों ने गलती की है। कभी-कभी हम उसी को जकड़कर पकड़ना चाहते हैं। इन बाधाओं के सम्मुख हार मान लेने से कार्य संभव नहीं हो जाएगा। उसे तोड़कर अपना पथ बनाते चलो, यही जीवन का धर्म है। इस प्रकार मनुष्य अग्रसर हो रहा है और होता रहेगा। तुम्हें मानव शरीर मिला है। सर्वतोभाव से मानव की भूमिका निभाते चलो। यही तुम्हारा धर्म है। इस प्रकार मानसभूमि के विरुद्ध संग्राम करते हुए ही मनुष्य अग्रसर होता है। आगे चलते-चलते वह एक दिन मानसातीत लोक में प्रतिष्ठित हो पाएगा। वह मानसातीत सत्ता ही वास्तव में परमपुरुष है। अब परमपुरुष की ओर अग्रसर होने के लिए उसे वास्तव जगत में इस प्रकार के समाज का निर्माण करना होगा जहां वह किसी प्रकार की बाधा या विपत्ति के सम्मुख हार न माने। जो मानव-मानव में कोई भेद नहीं मानेगा अथवा अब तक समाज में जिन भेदों को स्थापित किया गया है, उन्हें दूर फेंक देगा। मानसिक भूमि पर मन को इस प्रकार तैयार करना पड़ेगा कि भाव जड़ता को कोई स्थान न मिले। हम भाव जड़ता को सहन नहीं करेंगे। हमारे पूर्व पुरुषों ने यदि कोई भूल की है तो उसे ही अंधरूप से स्वीकार करूंगा, मैं ऐसा मूढ़ नहीं हूं। पूर्व पुरुष भूल कर सकते हैं, वर्तमान पुरुष भी भूल कर सकते हैं, उत्तर पुरुष भी भूल कर सकते हैं। पूर्व पुरुष हमारे लिए श्रद्धेय हैं, पर भूलों की पुनरावृत्ति हो ऐसी बात नहीं होनी चाहिए। धर्म सबके लिए ही है और यह आनंद का पथ है।  

जूनियर हॉकी विश्व कप : रोहित संभालेंगे भारत की कमान, टीम को खलेगी स्ट्राइकर अरिजीत हुंदल की कमी

नई दिल्ली डिफेंडर और ड्रैगफ्लिकर रोहित एफआईएच पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 में टीम की कमान संभालेंगे। यह टूर्नामेंट 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में खेला जाएगा। रोहित ने हाल ही में मलेशिया में खेले गए सुल्तान जोहोर कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को रजत पदक दिलाने में अहम योगदान दिया था। हालांकि, भारतीय टीम को अरिजीत सिंह हुंदल के अनुभव की कमी खलेगी, जो कंधे की चोट से जूझ रहे हैं। वह जूनियर विश्व कप में नहीं खेल पाएंगे। रवनीत सिंह और रोहित कुल्लू को वैकल्पिक खिलाड़ियों के रूप में नामित किया गया है। भारत को पूल-बी में चिली, स्विट्जरलैंड और ओमान के साथ रखा गया है। टीम संयोजन के बारे में बात करते हुए कोच श्रीजेश ने कहा, “हमने एक परखी हुई टीम चुनी है, जिसके अधिकांश खिलाड़ियों को इस बड़े टूर्नामेंट में खेलने के लिए जरूरी बातों की अच्छी समझ है। हालांकि, उनकी शारीरिक क्षमता, कौशल और टीम-प्ले चयन के मानदंडों में से एक थे, लेकिन हमने जिन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान दिया है उनमें से एक दबाव में प्रदर्शन करने की उनकी मानसिक क्षमता है।” उन्होंने कहा, “जूनियर विश्व कप की तैयारियों के दौरान हमें अंतरराष्ट्रीय मैचों में अच्छा अनुभव मिला है। इसके साथ ही हमने सीनियर भारतीय टीम के साथ भी कई मैच खेले हैं, क्योंकि हम बेंगलुरु स्थित साई के एक ही परिसर में हैं। यह हमारी तैयारियों का एक बड़ा हिस्सा था और जब खिलाड़ी अपने सीनियर खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है। कुल मिलाकर, हम एक उत्साहित टीम हैं। हम घरेलू दर्शकों के सामने अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।” पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भारतीय टीम : गोलकीपर: बिक्रमजीत सिंह, प्रिंसदीप सिंह। डिफेंडर: रोहित, तालेम प्रियोबार्ता, अनमोल एक्का, आमिर अली, सुनील पलाक्षप्पा बेन्नूर, शारदानंद तिवारी। मिडफील्डर: अंकित पाल, थौनाओजाम इंगलेम्बा लुवांग, एड्रोहित एक्का, रोसन कुजूर, मनमीत सिंह, गुरजोत सिंह। फॉरवर्ड: अर्शदीप सिंह, सौरभ आनंद कुशवाह, अजीत यादव, दिलराज सिंह। रिजर्व: रवनीत सिंह, रोहित कुल्लू।  

चुनाव हार पर पप्पू यादव की पहली प्रतिक्रिया: “जनता से शिकायत नहीं, पर इतना जरूर कहूंगा…”

पटना  बिहार में एक बार फिर NDA की बहार की संभावना अब प्रबल होती जा रही है। राज्य में चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन भारी बहुमत की ओर बढ़ता दिख रहा है जिसके बाद दोनों दलों के कार्यालयों में जश्न शुरू हो गया है। वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के खेमे में मायूसी का माहौल है। पूर्णिया के सांसद रह चुके पप्पू यादव भी दुखी नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ये नतीजे बिहार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हैं। रुझानों में स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होने के बाद मीडिया के बातचीत के दौरान जन अधिकार पार्टी के प्रमुख ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “नतीजा स्वीकार करना पड़ेगा, लेकिन ये बिहार के लिए दुर्भाग्य होगा।” उन्होंने आगे कहा, “जनता को मैं कुछ नहीं कह सकता लेकिन बिहार के लिए ये दुर्भाग्य होगा।” प्रचंड जीत की ओर NDA फिलहाल NDA राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से 180 से अधिक पर बढ़त हासिल करते हुए प्रचंड जीत की ओर बढ़ रहा है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दोपहर तक उपलब्ध रुझानों के अनुसार, भाजपा 101 विधानसभा सीटों में से 80 से अधिक सीटों पर बढ़त के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है। ऐसे में भाजपा का यह प्रदर्शन उसे राजनीतिक रूप से और मजबूत करेगा और पिछले साल के लोकसभा चुनाव में मिले झटके की बहुत हद तक भरपाई करेगा। वहीं इस चुनाव में JDU को भी काफी फायदा मिलता दिख रहा है। साल 2020 के चुनाव में केवल 43 सीटें जीतने वाली नीतीश की पार्टी इस बार 70 से अधिक सीटों पर आगे है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 20 से अधिक सीटों पर आगे है। महागठबंधन का बुरा हाल महागठबंधन का हाल बुरा है। पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी का तमगा हासिल करने के बावजूद प्रमुख विपक्षी पार्टी रही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक दिख रहा है और वह 40 से कम सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। राजद ने इस चुनाव में 140 से भी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके अलावा 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस दहाई के आंकड़े तक पहुंचने में विफल होती दिख रही है।  

बिना क्लीनर ऐप के खाली करें स्मार्टफोन का स्टोरेज, जानें तरीका

नई दिल्ली स्मार्टफोन यूजर्स को अक्सर फोन के स्टोरेज फुल होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे फोन में मौजूद फालतू फोटोज और विडियोज को डिलीट कर स्पेस बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में यह समस्या फिर से सामने आ जाती है। वहीं, कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो थर्ड पार्टी स्टोरेज क्लीनर ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले तक इन ऐप्स का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं थी, लेकिन हाल में आई एक रिपोर्ट में इन्हें खतरनाक बता दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे क्लीनर ऐप हैं जो यूजर डेटा की चोरी करने के साथ ही डिवाइस को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसी ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप बिना क्लीनर ऐप्स की मदद लिए अपने फोन के स्टोरेज को खाली कर सकते हैं। कैश क्लियर करें ज्यादातर ऐंड्रॉयड ऐप्स यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कैश डेटा का इस्तेमाल करते हैं। कैश डेटा समय की बचत तो करता है, लेकिन यह फोन के इंटरनल स्टोरेज में काफी जगह ले लेता है। अगर इसे समय-समय पर क्लियर न किया जाए तो यह स्टोरेज कम करने के साथ ही फोन की स्पीड को भी धीमा कर देता है। बता दें कि किसी ऐप के सही ढंग से काम करने के लिए कैश डेटा की जरूरत नहीं पड़ती। यह केवल यूजर की सहूलियत के लिए होता है। ऐसे में बेहतर होगा कि जब भी आपको अपने फोन के स्टोरेज को खाली करने का ख्याल आए तो सबसे पहले आप कैश डेटा को डिलीट करें। यह तुरंत आपके फोन में स्टोरेज को बढ़ा देगा। हर ऐप यूजर को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए अपना कैश बनाता है। आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में दिए गए स्टोरेज ऑप्शन में जाकर हर ऐप के कैश डेटा को क्लियर कर सकते हैं। बैकअप हुए गूगल फोटोज को करें डिलीट फोन में क्लिक की गई सभी फोटोज का गूगल फोटो ऑटोमैटिकली बैकअप ले लेता है। यह अच्छा भी है क्योंकि इससे यह पक्का हो जाता है कि आपके फोटो हमेशा सेफ रहेंगे और फोन खोने या बदलने की स्थिती में भी आप उन्हें ऐक्सेस कर सकेंगे। हालांकि, कई यूजर यह गलती करते हैं कि वे फोटो के बैकअप होने के बाद भी उसे डिवाइस पर सेव रखते हैं। ऐसा करने से फोन के स्टोरेज में कमी आती है। बेहतर होगा कि आप गूगल पर स्टोर हुए फोटोज को सिस्टम मेमरी से डिलीट कर दें। अगर आपको किसी कॉन्टेंट को तुरंत ऐक्सेस नहीं करना है तो आप गूगल फोटोज में दिए गए 'Free up space' ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से सारे फोटो फोन से तो डिलीट हो जाएंगे लेकिन क्लाउड पर सेव रहेंगे। फालतू ऐप्स को करें डिलीट हम में कई ऐसे यूजर हैं जिन्हें फोन में ढेरों ऐप रखने की आदत होती है। इन ऐप्स की संख्या 100 तक भी हो सकती है। मजेदार बात यह है कि इनमें से आधे ऐप ऐसे होते हैं जिनकी जरूरत केवल इंस्टॉल किए जाने के वक्त होती है। वहीं, कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम महीनों से इस्तेमाल नहीं कर रहे। फोन के स्टोरेज के लिए अच्छा रहेगा कि इन फालतू ऐप्स की पहचान कर उसे डिलीट कर दिया जाए। डाउनलोड फाइल्स को करें डिलीट सभी स्मार्टफोन एक डाउनलोड फोल्डर के साथ आते हैं। इस फोल्डर को आमतौर पर 'My Files' में जाकर देखा जा सकता है। समय बीतने के साथ ही इसमें कई सारी डाउनलोड की हुई फाइलें सेव हो जाती है। इनमें से कुछ ही ऐसी होती होंगी जिनकी जरूरत डाउनलोड किए जाने के कुछ दिन बाद होती होगी। फोन के स्टोरेज का खाली करने के लिए बेहतर होगा कि उन फाइल्स को डिलीट कर दिया जाए जिसकी जरूरत न हो। जंक फाइल्स को हटाएं अगर ऊपर बताए गए तरीकों के बाद भी आपके फोन का स्टोरेज पूरा तरह फ्री नहीं हो रहा तो बेहतर होगा कि आप डिवाइस के जंक फाइल्स को डिलीट करें। जंक फाइल्स को डिलीट करने के लिए आप गूगल फाइल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। जंक फाइल्स वे फाइलें होती हैं जो न तो कैश में दिखती हैं और ना हीं डाउनलोड्स में। नजर न आने के बावजूद भी ये स्मार्टफोन के स्टोरेज को कम करने का काम करती हैं। गूगल फाइल्स फोन में मौजूद ड्यूप्लिकेट फाइल्स को डिटेक्ट कर लेता है और यूजर को बताता है कि कौन से ऐप ज्यादा स्टोरेज ले रहे हैं। एसडी कार्ड का करें इस्तेमाल अगर आपके स्मार्टफोन का इंटरनल स्टोरेज आपकी जरूरत के हिसाब से कम है, तो बेहतर होगा कि आप एक एसडी कार्ड का इस्तेमाल करें। आजकल लगभग सभी फोन माइक्रो एसडी कार्ड स्लॉट के साथ आते हैं।  

बिहार की जनता ने दिया संदेश—विकास सर्वोपरि: रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के बढ़त पर खुशी जाहिर की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि निसंदेह बिहार की जनता बधाई की पात्र है। यहां की जनता ने एक बार फिर से एक ऐसी सरकार का चयन करने का फैसला किया है, जो कि विकास पर विश्वास करती है। रेखा गुप्ता ने कहा कि एनडीए सरकार विकास से संबंधित किसी भी कार्य को लेकर कोई समझौता नहीं करती। पिछले दो दशकों में बिहार में एनडीए के शासनकाल में विकास से संबंधित कई काम हुए हैं और आज की जीत उन्हीं कामों का नतीजा है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। बिहार की जनता ने राजनीति से ऊपर बढ़कर विकास को तवज्जो दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि निश्चित तौर पर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में इसी तरह से विकास से संबंधित कार्य तीव्र गति से होते रहेंगे। एनडीए ने कभी बिहार में विकास से संबंधित कामों को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया और न ही आगे कभी करेगी। हमारे लिए विकास हमेशा से ही सर्वोपरि रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि एनडीए को मिली इस अद्भुत बढ़त को लेकर मैं बिहार और दिल्ली दोनों की जनता को बधाई देना चाहूंगी। एनडीए का प्रदर्शन शानदार है। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे को प्रत्याशित बताते हुए कहा कि हमें पहले से पता था कि बिहार में एनडीए की जीत होने जा रही है। जिस दिन महागठबंधन ने ‘शहाबुद्दीन अमर रहे’ के नारे लगाए थे, जिस दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छठ पूजा को ‘ड्रामा’ करार दिया, क्या ऐसी स्थिति में कोई गुंजाइश बची थी कि बिहार के लोग किसी दूसरे विकल्प का इंतजार करते? ये लोग समझते थे कि हम कभी विकासवादी राजनीति को छोड़कर जंगलराज वाली राजनीति करेंगे, तभी मैं समझ चुका था कि प्रदेश की जनता इस बार एनडीए का साथ देने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने मिलकर बिहार की जनता का विश्वास जीता है। आज एनडीए के शासनकाल में प्रदेश में चौतरफा विकास से संबंधित काम हो रहे हैं। मुफ्त बिजली से लेकर पक्की सड़क राज्य सरकार की तरफ से सुनिश्चित की जा रही है। बिहार के लोगों ने यह बता दिया कि जो हमारे लिए काम करेगा, हम उसी को पसंद करेंगे। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपनी ही पार्टी को समाप्त करने का मन बना लिया है। बिहार का चुनाव संस्कार की भी लड़ाई थी। हमारा संस्कार ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ है, लेकिन उनका संस्कार कट्टा लेकर मारने का था। बिहार की जनता ने दिल खोलकर हमें प्यार दिया।

घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा ‘राह वीर’ अवॉर्ड, सरकार देगी 25 हजार व सम्मान पत्र

 सिरोही सिरोही जिला परिवहन अधिकारी रामेश्वर प्रसाद वैष्णव ने बताया कि योजना अंतर्गत राह वीर को 25 हजार रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। व्यक्तिगत मामलों में पुरस्कार के अतिरिक्त, सर्वाधिक योग्य राह वीरों (जिनका चयन पूरे वर्ष के दौरान सम्मानित किए गए लोगों में से किया जाएगा) के लिए हर साल 10 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार दिए जाएंगे और प्रत्येक को 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वैष्णव के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए आमजन को प्रेरित व प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही, इस माध्यम से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि गोल्डन ऑवर (गंभीर चोट के बाद एक घंटे की अवधि) के दौरान पीड़ितों की जान बचाई जा सके। उन्होंने आमजन से सड़क हादसों में घायलों को बचाने के लिए तत्परता से सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया है। कौन होगा राह वीर जिला परिवहन अधिकारी वैष्णव के अनुसार, राह वीर वह व्यक्ति है जो सद्भावपूर्वक, स्वेच्छा से तथा बिना किसी पुरस्कार या मुआवजे की अपेक्षा के दुर्घटना स्थल पर पीड़ित को आपातकालीन चिकित्सा देखभाल या सहायता प्रदान करता है तथा पीड़ित को अस्पताल पहुंचाता है। राह वीर मोटर वाहन से संबंधित दुर्घटना के पीड़ित को हुई किसी भी चोट या मृत्यु के लिए सिविल या आपराधिक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

राज्य की प्रगति की मिसाल: मध्यप्रदेश का नाम अद्वितीय कार्यों से हो रहा विश्व स्तर पर चर्चित

अद्वितीय और अतुलनीय कार्य से मध्यप्रदेश की बन रही नई पहचान • अशोक मनवानी भोपाल मध्यप्रदेश में अनेक ऐसे कार्य हुए हैं जो असंभव माने जाते थे। अद्वितीय और अतुलनीय कार्यों से प्रदेश की नई पहचान बन रही है। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर एक विशेष उपहार राज्य के नागरिकों को मिला है। प्रदेश के धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन से जुड़े स्थानों के लिए हेलीकाप्टर सेवा प्रारंभ करने की ठोस पहल की गई। नया दृष्टिकोण और नए फैसले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यभार संभालते ही नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी तकलीफों को देखा और उनके समाधान के निर्देश दिए। सरकारी फाइल पर उनके प्रथम हस्ताक्षर तेज आवाज में बजाए जाने वाले डीजे और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नियंत्रण से संबंधित हुए थे। इसके साथ ही खुले रूप में मांस की बिक्री को भी उन्होंने प्रतिबंधित किया। सभी नगरों और ग्रामों में मध्य प्रदेश के नागरिक समरसता के साथ आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ रहते हैं। इसलिए ऐसा कोई भी कारण मौजूद नहीं होना चाहिए जिससे कटुता और मतभेद को कोई स्थान मिले। सद्भाव, भाईचारा आपसी मेलजोल और परस्पर सहयोग सबसे महत्वपूर्ण है। एक आदर्श समाज की रचना के लिए इन कारकों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। गीता भवनों में होंगे वैचारिक आयोजन सामाजिक स्तर पर होने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए शहरों में गीता भवन बनाने का सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस दिशा में कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ी है। अनेक भवन चिन्हित हो गए हैं और बहुत जल्द गीता भवनों में वैचारिक आयोजन, बौद्धिक वर्ग की विचार गोष्ठियां, पुस्तकालयों , वाचनालयों का संचालन और लोक रंजन के कार्यक्रम होते हम देखेंगे। समाज और सरकार मिलकर मना रहे हैं पर्व और त्योहार मध्यप्रदेश में अलग-अलग संस्कृतियों, भाषाओं और बोलियों के रहवासी रहते हैं। इन सभी की अपनी परंपराएं हैं। सभी पर्व त्यौहार मिलकर बनाए जाते हैं और समाज के साथ अब सरकार भी पर्व त्योहारों में हिस्सेदारी कर रही है। जहां दशहरे पर शस्त्र पूजन की परंपरा वापस लौटती दिखाई दी वहीं अन्य त्योहारों पर भी मेलजोल देखने लायक रहा है। चाहे प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र में मालवा और निमाड़ अंचल में भगोरिया की धूम हो या शहरी क्षेत्र की बात करें तो इंदौर में होली के अवसर पर गेर का आयोजन हो, चाहे प्रदेश के अन्य जिलों में होली और रंग पंचमी का अवसर। सभी पर्व उल्लास के साथ बनाए गए। विभूतियों की गौरव गाथा आई मंच पर प्रदेश के आदर्श प्रतीक पुरुष जो महापुरुष होते हैं उनके नाटक मंचन की पहल हुई है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर प्रदेश के अने स्थानों पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित नाटकों का मंचन करवाया गया। इस क्रम में सम्राट विक्रमादित्य के नाटक मंचन दक्षिण भारत से लेकर नई दिल्ली तक और राजधानी भोपाल में भी करने की पहल एक अनूठा प्रयास है। इसी तरह राजा भोज, सम्राट अशोक और प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों पर केंद्रित नाटकों के मंचन भी आने वाले समय में होंगे। सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रदेश में अनेक रिकार्ड बने।चाहे तबला वादन हो अथवा गीता पाठ के आयोजन हो, प्रदेश के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की है। प्रदेश में निरंतर खुल रहे मेडिकल कॉलेज प्रगति के प्रयासों का सेक्टर वार उल्लेख करें तो पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला प्रांत है। इस समय प्रदेश में 32 मेडिकल कॉलेज हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सिंचाई, विद्युत, नवकरणीय ऊर्जा, सड़क निर्माण के क्षेत्र में आगे है निरंतर। इसके साथ अब शहरों में फ्लाय ओवर के निर्माण की श्रृंखला शुरू हुई है। इंदौर हो या भोपाल जबलपुर हो या ग्वालियर अथवा बीना और बासौदा जैसे छोटे कस्बे हो फ्लाय ओवर के निर्माण से जुड़े सभी प्रकल्प तेजी से क्रियान्वित हो रहे हैं। इससे शहरों में आंतरिक व्यवस्था सुधरी है। यातायात की बेहतर सुविधा नागरिकों को मिल रही है। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो रहा है। महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा का उपयोग प्रदेश की बहनों की उन्नति के लिए जहां बहुत सी योजनाएं लागू हैं वहीं टोल टैक्स वसूल करने और रेस्टोरेंट के संचालन के लिए उनकी क्षमताओं का उपयोग किया जा रहा है। यह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक पहल है। मध्यप्रदेश में पुलिस बैंड का उपयोग सीमित आयोजनों तक होता था। अब महाकाल की सवारी से लेकर अन्य पर्व त्यौहार पुलिस बैंड के साथ नई गरिमा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में नाके चेक पॉइंट में बदले गए हैं। थानों की सीमाओं में बदलाव किया गया। इसी तरह जिलों और तहसीलों की सीमाओं और नए जिलों के गठन के लिए पुनर्गठन आयोग कार्य कर रहा है। सुशासन के क्षेत्र में बहुत सा कार्य हुआ है। कई ई- सेवाएं प्रारंभ हुई हैं। ड्रोन की उपयोगिता बढ़ी राजस्व के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग क्रांतिकारी है। हरदा जिला ड्रोन के उपयोग में सबसे आगे था और अब पूरे प्रदेश में ड्रोन के माध्यम से राजस्व संबंधी कार्य हो रहे हैं। यही नहीं कृषि और रक्षा के क्षेत्र में भी ड्रोन के उपयोग के लिए पहल हुई है। राज्य स्थापना समारोह "अभ्युदय मध्यप्रदेश" में विशेष ड्रोन शो के माध्यम से मैपकास्ट संस्था पहली बार सक्रिय भूमिका में सामने आई। अंतर्राज्यीय परियोजनाओं को साकार करने की पहल मध्यप्रदेश में तीन बड़ी अंतर्राज्यीय परियोजनाओं के कारण आधे से अधिक जिले तेजी से उन्नति की ओर अग्रसर हैं। जहां राजस्थान के साथ बरसों पुराने विवाद का निपटारा किया गया वहीं केन बेतवा सिंचाई परियोजना और तापी मेगा प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। राजस्थान ,उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र प्रांतों के सहयोग से यह तीनों परियोजनाएं जब सरकार होंगी तब प्रदेश की तस्वीर एकदम परिवर्तित हो जाएगी। रेल सुविधाओं की दृष्टि से प्रदेश में अनेक सुविधाएं विकसित हुई हैं। निकट भविष्य में इंदौर- मनमाड रेल लाइन बन जाने से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का व्यापारिक और नागरिक संपर्क सघन हो जाएगा। तेजी से बढ़ रहे उद्योग और कारोबार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग के क्षेत्र में जो कार्य किया है वह प्रदेश की स्थापना से लेकर अब तक 70 वर्ष का सबसे अनूठा प्रयोग और सफल प्रकल्प है। … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पुलिस द्वारा आमजन की सुविधाओं के लिए किए जा रहे नवाचारों का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमजी रोड़ थाने का किया औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पुलिस द्वारा आमजन की सुविधाओं के लिए किए जा रहे नवाचारों का किया अवलोकन  इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर भ्रमण के दौरान थाना एमजी रोड़ का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने थाने की विभिन्न व्यवस्थाओं को देखा तथा थाने के रजिस्टरों को चैक किया। उन्होंने थाने द्वारा की जा रही कार्रवाईयों की जानकारी भी ली। इंदौर पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह ने पुलिस द्वारा आमजन की सुविधाओं के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने थाना में हेड मोहर्रिर कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने की कम्प्युटराईज्ड व्यवस्था को देखा। मौजूद स्टाफ से एफआईआर लिखने की प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोजनामचे का भी निरीक्षण किया। दोपहर 12 बजे किये गये निरीक्षण में पाया गया कि अंतिम एंट्री सुबह 11.38 बजे की थी। इस दौरान पाया गया कि एक आरक्षक रिंकू सिंह 8 नवम्बर से बगैर सूचना के अनुपस्थित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि वे अनुपस्थिति का परीक्षण करें और नियमानुसार कार्रवाई करें।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगन्तुक रजिस्टर का अवलोकन भी किया। पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आमजन की सुविधा और उनके फीडबैक लेने के लिए हर थाने में आगन्तुक रजिस्टर रखा गया है। रजिस्टर में थाने में आने वाले आगन्तुक अपने फीडबैक दर्ज कर सकते है। उन्होंने बताया कि आगन्तुक रजिस्टर के आधार पर फीडबैक देने वाले नागरिकों से पुन: फीडबैक लेने के लिए भी विशेष व्यवस्था है। पुलिस कमिश्नर कार्यालय में इसके लिए एक अलग से फीडबैक सेक्शन बनाया गया है। इस सेक्शन द्वारा हर माह लगभग 5 हजार आगन्तुकों से फीडबैक फोन के माध्यम से लिया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुलिस कमिश्नर कार्यालय द्वारा फीडबैक लेने के लिए क्यूआर कोड के संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि कोई भी नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर अपना फीडबैक दे सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि थानों में अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों का निष्पादन किया जाए।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि थानों में आने वाले प्रत्येक नागरिक की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई हो। नागरिकों की सुविधाएं एवं हितों को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस पूर्ण दक्षता के साथ कार्य करें। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक मती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर  अमित सिंह तथा  राजेश कुमार सिंह,  सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।  

कैटरीना कैफ मां बनने के 7 दिन बाद अस्पताल से लौटीं घर

मुंबई, अभिनेत्री कैटरीना कैफ और अभिनेता विक्की कौशल हाल ही में माता-पिता बने हैं। 7 नवंबर को कैटरीना ने मुंबई के एच.एन. रिलायंस अस्पताल में अपने पहले बच्चे का स्वागत किया था। मां बनने के सात दिन बाद अब कैटरीना को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। खास बात यह है कि अभिनेत्री बाल दिवस के दिन अपने नन्हें बेटे को लेकर घर लौटीं और इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि विक्की कौशल अपनी पत्नी और नवजात बेटे का खास ख्याल रखते नजर आए। दोनों बेहद शांत और निजी अंदाज़ में अस्पताल से बाहर निकले, जिससे यह साफ झलकता है कि वे अपने बच्चे की प्राइवेसी को लेकर बेहद सजग हैं। कैटरीना को घर ले जाने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम भी किए गए थे। बेटे के जन्म की घोषणा कपल ने 7 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक दिल को छू लेने वाले पोस्ट के साथ की थी। उन्होंने लिखा था, हमारी खुशियों की सौगात आ गई है… खूब सारा प्यार और आभार के साथ हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। 7 नवंबर 2025, कैटरीना और विक्की। इस संदेश के बाद से बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ और फैन्स की ओर से बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है। कैटरीना और विक्की ने 9 दिसंबर, 2021 को राजस्थान में एक निजी और भव्य समारोह में शादी की थी। शादी के चार साल बाद उन्होंने मातृत्व और पितृत्व की इस नई यात्रा की शुरुआत की है। दोनों के करीबी सूत्रों के मुताबिक, कपल इन दिनों अपने बेटे के साथ क्वालिटी टाइम बिताने पर पूरी तरह फोकस कर रहा है और जल्द किसी भी प्रोफेशनल कमिटमेंट पर लौटने की कोई जल्दबाज़ी नहीं है। फैंस अब उत्सुक हैं कि कैटरीना कब अपने बेटे की पहली झलक दुनिया के साथ शेयर करेंगी, लेकिन फिलहाल कपल अपने छोटे से परिवार के साथ इस नए सुखद अध्याय का आनंद उठा रहा है।    

भावांतर योजना: सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर 4184 रुपए

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4184 रुपए किसानों को गुरूवार को मिली 233 करोड़ रूपए भावातंर राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रदेश के किसानों के खाते में भावांतर राशि के 233 करोड़ रूपए अंतरित किए। आज भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 14 नवंबर को 4184 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। यह मॉडल रेट बढ़कर 13 नवंबर को 4130 रुपए और आज 4184 रूपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।