samacharsecretary.com

बिहार चुनाव परिणाम पर बघेल का वार: NDA नहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त जीते

रायपुर बिहार चुनाव में NDA की जीत तय मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसा है। उन्होंने कहा, गिनती पूरी नहीं हुई है। जो रिजल्ट है उसमें और ग्राउंड रिपोर्ट में कही मेल नहीं है, इसका श्रेय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जाता है, ऐसा करिश्मा केवल निर्वाचन आयोग कर सकता है। ग्राउंड रिपोर्ट बदलाव का था। अमित शाह के सभाओं में भी कुर्सियां खाली थी। साफ संकेत है कि हरियाणा, महाराष्ट्र में हुआ वही बिहार में हुआ है। जो महाराष्ट्र का स्ट्राइक था वहीं यहां भी दिख रहा है। बिना मैकेनिज्म के ये संभव नहीं है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस SIR का विरोध करेगी। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, समय बढ़ाने की बात है। हम SIR का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि आपको प्रूफ करना है कि आप मतदाता हैं। गरीब आदमी फोटो खिंचवाने और अन्य तरह के खर्चे कैसे करेगा। SIR के विरोध में छत्तीसगढ़ में क्या करना है ये पार्टी तय करेगी। यहां गरीब आदिवासियों के नाम कटेंगे। प्रदेश में अब तक नहीं खुले एक भी गौ अभ्यारण्य मामले में भूपेश बघेल ने कहा, विधानसभा में हर बार घोषणा करते हैं, 2 साल से सुन रहे हैं। बघेल ने कहा – गृहमंत्री के खिलाफ बोलते ही जब्त हो गई संपत्ति ED ने की चैतन्य बघेल की संपत्ति जब्त की है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल खड़े किया है। बघेल ने कहा, एजेंसी स्वतंत्र नहीं है। बीजेपी एफिडेविट जमा करने कैसे कह सकती है? पैतृक संपत्ति को जब्त कर लिया है। अमित शाह के खिलाफ बोला, आतंकी घटना है ये मानने के लिए 48 घंटे लग गए। गृह मंत्री की लापरवाही है, ऐसा कहते ही संपत्ति जब्त हो गई। छत्तीसगढ़ का सब कुछ जब्त हो रहा है। हम आवाज उठाते हैं तो हमारी संपत्ति जब्त होती है। हजार साल पुराना नाट्य शाला है उस धरोवर को भी सुरक्षित नहीं रख पा रही है। मंत्री नेताम के बयान पर बघेल ने किया पलटवार कोचिया चलाते हैं कांग्रेस पार्टी। मंत्री रामविचार नेताम के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पटलवार किया है। उन्होंने कहा, रामविचार नेताम के जिले में धान कोचियाई का काम होता है। नकली होलोग्राम से शराब बिक्री इनके सरकार में हो रही है। हमारे बहाने मुख्यमंत्री पर रामविचार नेताम आरोप लगा रहे हैं।

मोहन यादव का मैजिक: बिहार में चमका MP BJP का संगठन कौशल, 21 सीटों पर मिली बड़ी जीत

भोपाल मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं ने फिर बिहार चुनाव में अपना संगठन कौशल दिखाया है। पार्टी ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद और प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह सहित अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं को बिहार भेजा था। इन्होंने सभा, रोड शो के साथ बूथ प्रबंधन किया। डा. मोहन यादव के प्रचार वाली 21 सीटें भाजपा (NDA) ने जीती हैं। वहीं, कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित OBC वर्ग के नेताओं को भेजा था लेकिन ये सभी बेअसर रहे। भाजपा ने बिहार में डा.मोहन यादव को चुनाव से पहले ही सक्रिय कर दिया था। उन्होंने राजनीतिक के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। पार्टी ने डा. मोहन यादव को स्टार प्रचारक बनाया था। उन्होंने लगभग आधे बिहार में 28 सभाएं और रोड शो किए। इनमें से 21 सीटें BJP जीती। इसी तरह संगठन ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को 19 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी थी। इनमें से 17 पर NDA ने जीत प्राप्त की। करीब एक महीने तक वे बिहार में ही रहे और बूथ प्रबंधन का काम भी देखा। हितानंद और डा. महेंद्र सिंह को तिरहुत और मिथिला क्षेत्र की 58 सीटों की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों टीम के साथ लगभग डेढ़ माह बिहार में रहे। उन्होंने बूथ प्रबंधन को लेकर काम किया, जिसका लाभ यह हुआ कि तिरहुत क्षेत्र की 28 में से 26 और मिथिला की 30 में से 24 सीटें एनडीए ने जीती हैं। कांग्रेस ने राजद को डुबाने का काम किया परिणाम उत्साहवर्धक हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मोरतलाई में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

हमारी धरती और संस्कृति ही हमारी पहचान जनजातियां हमारी मुकुट मणियां हैं, यह हर प्रदेशवासी के लिए है गौरव की बात पानसेमल और वरला में उद्वहन सिंचाई परियोजना मंजूर सभी 51 गांवों को मिलेगा सिंचाई के लिए पानी मोरतलाई का मिडिल स्कूल प्रोन्नत होगा हाईस्कूल में रायचूर हाईस्कूल में अब हायर सेकेंडरी की कक्षाएं भी प्रारंभ होंगी मोरतलाई में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा का किया लोकार्पण 133 करोड़ रूपए लागत के 11 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन   भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश जनजातियों का अपना घर है, जिस ट्राइबल स्टेट भी कहा जाता है। यह उपमा ही हमारे अस्तित्व का सबसे बड़ा अभिनंदन है। जनजातियां, हमारी मुकुट मणियां हैं, यह प्रत्येक मध्यप्रदेशवासी के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है। अबुआ दिशुम-अबुआ राज यानी हमारी धरती, हमारा राज। हमारी धरती और संस्कृति ही हमारी पहचान है और इसी पहचान का उत्सव हम सब आज बड़वानी में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस वह शंखनाद है, जिसने नई पीढ़ी को वीर जननायकों के बलिदान, शौर्य और साहस से परिचित कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोरतलाई में जनजातीय गौरव दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम मोरतलाई में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की भव्य आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही बड़वानी जिले के लिए 133 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 6 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 46 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार राजपुर से दवाना मार्ग का लोकार्पण और 14 करोड़ 86 लाख रूपए की लागत से सेंधवा में नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन, बलवाड़ी का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर पानसेमल और बारला में उद्वहन सिंचाई परियोजना के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि अब क्षेत्र के सभी 51 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए जल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पानसेमल में रेस्टहाउस बनाने और यहीं पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) का कार्यालय (एसडीओपी आफिस) खोलने, टेमला में हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने, मोरतलाई के मिडिल स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने एवं रायचूर में उपलब्ध हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ से सापखड़की तक पक्की रोड बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विकास की बात पर हमें सबका साथ चाहिए। सबके साथ और सहयोग से ही प्रदेश को विकास की ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे जनजातीय भाई-बहनों ने सदैव अपनी माटी और अपनी संस्कृति के लिए जी-जान एक किया है। राजा भभूत सिंह से लेकर रानी अवंतिबाई तक अनेक जनजातीय नायकों की कहानी हमें आश्चर्य से भर देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी आते ही मन जनजातीय रंग में रंग गया है। मैं वीरों की भूमि बड़वानी की माटी से तिलक करता हूं, क्योंकि इस मिट्टी के कण-कण में रण है। यहां की मिट्टी ने भीमा नायक, खाज्या नायक और वीर बिरजू नायक जैसे अमर बलिदानियों को जन्म दिया। इन वीरों ने अपने पराक्रम से अंग्रेजों को छठी का दूध याद दिला दिया। इन सभी अमर सपूतों के चरणों में नमन है। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति, परम्पराओं और आप सभी भाइयों-बहनों की उपस्थिति ने ही इस कार्यक्रम को गरिमामय बनाया है। उन्होंने सभी को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस (15 नवम्बर) की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती भव्य स्वरूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 5 साल पहले जनजातीय नायकों को सम्मान देने की परंपरा की शुरुआत की। हमारे जनजातीय नायकों ने जनजाति अंचलों से स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाई और भारत माता के जयकारे लगाते हुए अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई लड़ी। उन्होंने अंग्रेजों से कहा था कि ये धरती खाली करो… ये जल, जंगल और जमीन हमारी है। भारत 1947 में आजाद तो हो गया, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने समाज के नायकों को भुलाने का कार्य किया, खुद सत्ता के नशे में चूर हो गए। किसी भी जनजातीय नायक को कभी सम्मान नहीं दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भावान्तर योजना का लाभ देते हुए किसानों से 5328 रुपए प्रति क्विंटल सोयाबीन खरीद रही है। लाड़ली बहनों की शुरुआत से लेकर अब तक 45 हजार करोड़ की राशि लाड़ली बहनों को दी गई है। हर महीने रक्षाबंधन और भाईदूज मन रही है। किसानों के खाते में 12 हजार रुपए सम्मान निधि भेजकर दिवाली मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर जवान और खेतों में किसान, हमारे लिए दोनों बराबर है, यही हमारी नीति है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए गोपालन और पशुपालन को बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। जिसमें किसानों को डेयरी व्यवसाय शुरू करने पर अधिकतम 10 लाख रुपए तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने प्रबुद्धजन से किया संवाद, नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर किया आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के ग्राम मोरतलई में कार्यक्रम स्थल पहुँचने तक ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी ग्रामीणों का अभिवादन करते हुए उन्हें जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम स्थल पर लगी विकास प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान जनजातीय बहनों के साथ मुख्यमंत्री ने सेल्फी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में आए जनजातीय समुदाय के पुजारों से संवाद कर क्षेत्र के विकास संबंधी चर्चा की। साथ ही जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए 10-10 हजार रूपये की प्रोत्सहान राशि देने की घोषणा की। सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को "जनजातीय गौरव दिवस" के रूप में घोषित किया है। इसके लिए जनजातीय बंधु उनके आभारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के हर जिले को अनेक सौगातें दे रहे हैं। उन्होंने पानसेमल और बारला सिंचाई परियोजना के विस्तार को स्वीकृति प्रदान करने की … Read more

चिकित्सक रोगियों को जन औषधियों के सेवन का परामर्श दें

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान राम माँ सीता को भी उनके भाग्य का लिखा मिला था। नसीब में जो है, वह होता है, लेकिन अपने कर्म और परिश्रम से जो मिलता है। उसी में सच्चा आनंद और आत्मिक संतुष्टि है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत शपथ व्यवहार की मार्गदर्शिका है। उसके अनुसार 365 दिन आचरण करने पर जीवन में सफलता मिलना निश्चित है। राज्यपाल श्री पटेल मुख्य अतिथि की आसंदी से मानसरोवर विश्वविद्यालय के तीसरें दीक्षांत समारोह को शुक्रवार को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन स्थानीय कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने समारोह में व्हील चेयर पर आए विद्यार्थी वेंकट बालाजी को मंच से उतर कर उनके पास जाकर उपाधि दी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि चिकित्सक का कार्य ईश्वरीय यश प्राप्त करने का अवसर होता है। उन्होंने कहा कि कई बार मँहगी दवा खरीदने में असमर्थ होने पर गरीब व्यक्ति दवा ही नहीं लेता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं कम कीमतों पर उपलब्ध करा दी है। चिकित्सकों से कहा है कि रोगियों को जन औषधियों के सेवन का परामर्श दे। प्रदेश में सभी जिलों, रेडक्रास शाखाओं में जन औषधि केन्द्र संचालित है। जनजाति बहुल विकास खण्डो में जनजातीय युवाओं के द्वारा जन औषधि स्टोर खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आयुर्वेद चिकित्सा का नया युग आया है। आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए अपार संभावनाएं निर्मित हुई है। राज्यपाल श्री पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि अपने कार्यों से उपलब्धियों के बड़े मापदंड रचें। सफलता के नए कीर्तिमान बनाएं। लेकिन यह याद रखें कि सफलता का पैमाना अपने ज्ञान, प्रतिभा और मेधा से समाज के विकास में सहभागिता और अपने सामर्थ्य और समृद्धता से गरीब, वंचित, पिछड़ों और जरूरतमंदों के जीवन में खुशहाली लाने में योगदान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत, विद्यार्थी जीवन की समाप्ति का नहीं बल्कि कर्मशील नागरिक और उत्तरदायी व्यक्ति के रूप में नई शुरुआत का पावन प्रसंग है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कारों से चरित्र निर्माण, समाज कल्याण और राष्ट्र के विकास का बोध विकसित करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं को ज्ञान और उन्नति के विभिन्न अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं की शिक्षा केवल कौशल और विशेषज्ञता देने तक सीमित नहीं हो, बल्कि उद्यमिता के द्वारा सामाजिक सरोकारों में सहभागिता के लिए अनुभव और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने वाली भी होना चाहिए। उन्होंने संस्थान के संस्थापक बह्मलीन कमलाकांत तिवारी का भी पुण्य स्मरण किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आरोग्य भारती के राष्ट्रीय महासचिव श्री अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि अलग तरह से सोचने और बड़े लक्ष्य तैयार करने में ही जीवन की सफलता है। इसके लिए सकारात्मक दृष्टि के साथ कार्य करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पुस्तकों में प्राप्त जानकारी होती है। इस जानकारी को समझ कर कार्य करना ही ज्ञान है। उन्होंने कहा कि जो केवल सपने देखते है उनके लिए रात छोटी होती है लेकिन जो साकार करने के लिए सपने देखते हैं। उनके लिए दिन छोटा होता है। मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री खेम सिंह डेहरिया ने दीक्षित विद्यार्थियों से कहा कि समारोह में प्राप्त उपाधि के साथ आपका, आपके परिवार, विश्वविद्यालय, प्रदेश और देश का नाम जुड़ गया है। उसका मान-सम्मान बनाएं रखना धारक की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कहा कि विकसित भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ज्ञान परंपरा में उनके योगदान की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री पटेल का स्वागत विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती मंजुला तिवारी ने किया। दीक्षांत स्मृति प्रतीक भेंट किया। स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के प्रो- चान्सलर, इंजीनियर गौरव तिवारी ने दिया। वाईस चान्सलर डॉ. ए.एस. यादव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। संचालन श्री अनुज ने किया। 

महाराष्ट्र निकाय चुनाव: सीटों पर असंतोष, आठवले बोले—ज़रूरत पड़ी तो अकेले मैदान में उतरेंगे

मुंबई   स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने चेतावनी दी है कि अगर हमें मनचाही सीटें नहीं मिलती हैं तो हम अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि हम आगामी चुनावों में भाजपा के साथ हैं. उक्त बातें आठवले ने रिपब्लिकन पार्टी की महाराष्ट्र राज्य कार्यकारिणी की गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक यशवंतराव चव्हाण केंद्र में हुई बैठक में कहीं. मीडिया को जानकारी देते हुए आठवले ने कहा कि बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. इसमें स्थानीय निकाय चुनाव, मुंबई महानगरपालिका चुनाव में सीटों का आवंटन और महायुति सरकार में रिपब्लिकन पार्टी की भागीदारी, किस जिले में महायुति के साथ चुनाव लड़ा जाए और किस जिले में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा जाए आदि पर विचार-विमर्श किया गया. इस बैठक में कई जिलों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे. आरपीआई के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश महातेकर ने कहा, "हम भाजपा के साथ हैं. लेकिन अगर कर्म, धर्म या संयोगवश भाजपा हमें मनचाही सीटें नहीं देती है, तो हमने कार्यकर्ताओं को चुनाव जीतने की कोशिश करने का निर्देश दिया है." समन्वय समिति की बैठक बुलाई जाए: रामदास आठवले ने कहा कि भाजपा को स्थानीय निकाय चुनावों या मुंबई महानगरपालिका चुनावों में हमारी मांग के अनुसार हमें सीटें देनी चाहिए, अन्यथा हम कुछ स्थानों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे. खास बात ये है कि हम महायुति सरकार में शामिल हैं. लेकिन महायुति समन्वय समिति की बैठक जो हर मंगलवार को होती है. लेकिन रिपब्लिकन पार्टी को उस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया है. इसलिए रामदास अठावले ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर बात करुंगा कि हमें भी उस बैठक में आमंत्रित किया जाए. इस बीच, बैठक में आरपीआई के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष राजाभाऊ सर्वदे, राष्ट्रीय महासचिव अविनाश महातेकर, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बाबूराव कदम, प्रदेश महासचिव गौतम सोनावणे, मुंबई अध्यक्ष सिद्धार्थ कसारे और अन्य उपस्थित थे.

बीजेपी का झंडा ऊँचा: नगरोटा में राणा ने झटका दिया, डम्पा में मिजो फ्रंट ने बाजी, बाकी सीटों पर ताज़ा हाल

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव के साथ-साथ देश के 7 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की 8 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की गिनती भी आज परवान चढ़ रही है। भाजपा ने जम्मू-कश्मीर की नगरोटा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की है। यहां भाजपा की दिव्यरानी राणा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के उम्मीदवार हर्ष देव सिंह को 24647 मतों से पराजित किया। श्रीमती राणा को कुल 42350 मिले, जबकि श्री सिंह ने कुल 17703 मत हासिल किये। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस यहां पर तीसरे नवंबर पर रही है और उसकी उम्मीदवार शमीम बेगम ने कुल 10872 मत प्राप्त किये। गौरतलब है कि 11 नवंबर को नगरोटा में शांतिपूर्ण ढंग तरीके से मतदान हुआ था। पिछले साल 31 अक्टूबर को भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद नगरोटा में उपचुनाव कराया गया है।  मिजोरम – डम्पा से डॉ. ललथंगलियाना बड़ी बढ़त से जीते डम्पा में सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला, जहां 82.34% मतदान दर्ज किया गया। डॉ. आर. ललथंगलियाना ने 6,981 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की, जो उनके पिछले प्रदर्शन से 562 वोट अधिक है। वे मिज़ो नेशनल फ्रंट (MNF) के प्रत्याशी थे। इनके नतीजे आना अभी बाकी है:-  झारखंड उपचुनाव : घाटशिला सीट पर झामुमो के सोमेश सोरेन आगे  : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को मतगणना के रुझानों में झामुमो उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन भाजपा के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बाबूलाल सोरेन से 20,807 मतों से आगे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दसवें चरण की मतगणना के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) उम्मीदवार को 53,096 वोट मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को 32,289 वोट मिले। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के उम्मीदवार रामदास मुर्मू 7,811 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।   पंजाब – तरनतारन से AAP के हरमीत संधू जीते तरनतारन उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने धमाकेदार जीत दर्ज की। AAP के हरमीत सिंह संधू ने शिरोमणि अकाली दल की सुखविंदर कौर रंधावा को शिकस्त दी, जबकि सांसद अमृतपाल की पार्टी वारिस पंजाब के उम्मीदवार मनदीप सिंह तीसरे स्थान पर रहे। राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस विजयी  राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने उपचुनाव में जीत हासिल की है। कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने भाजपा के मोरपाल सुमन को 15,612 मतों के बड़े अंतर से हराया। इस चुनाव में प्रमोद जैन भाया को कुल 69,571 वोट मिले, जबकि मोरपाल सुमन ने 53,959 वोट प्राप्त किए। ओडिशा – नुआपाड़ा नुआपाड़ा में  बीजेपी के जय ढोलकिया 93 हज़ार से ज्यादा वोट हासिल कर रहे है और 62 हज़ार वोटों से लीड बनाए हुए। तेलंगाना – जुबली हिल्स  जुबली हिल्स से कांग्रेस के नवीन यादव 24 हज़ार वोटों से लीड कर रहे है।  जम्मू-कश्मीर –   बड़गाम बडगाम विधानसभा क्षेत्र में पीडीपी उम्मीदवार आगा मेहदी 5200 वोटों से आगे चल रहे है।  

हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने शहीदी यात्रा में लगाए जो बोले सो निहाल के जयकारे

अंबाला हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज अम्बाला में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें साला शहीदी दिवस को समर्पित शहीदी यात्रा में शामिल होते हुए गुरू जी का आशीर्वाद लिया और यात्रा को दिल्ली के लिए रवाना किया। उन्होंने "जो बोले सो निहाल" के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं में जोश का संचार किया।  इस अवसर पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान एवं अन्य पदाधिकारियों ने मंत्री अनिल विज को सिरोपा एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। गौरतलब है कि यात्रा दिल्ली में गुरुद्वारा श्री शीशगंज साहिब में सम्पन्न होगी। इस अवसर पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पूर्व वरिष्ठ उप प्रधान सुदर्शन सिंह सहगल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

कैबिनेट की बैठक सम्पन्न, महत्वपूर्ण निर्णयों पर लगी मुहर

रायपुर धान खरीदी की शुरुआत से पहले आज साय कैबिनेट की बैठक हुई. यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में की गई, जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है. देखिए कैबिनेट बैठक के महत्वपूर्ण फैसले     मंत्रिपरिषद द्वारा खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसल के उपार्जन हेतु पूर्व वर्ष की भांति ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान‘‘ प्राईस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत उपार्जन किए जाने का निर्णय लिया गया. यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत खरीफ विपणन मौसम में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन तथा रबी मौसम में दलहन-तिलहन फसल जैसे चना, सरसों, मसूर का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया जाता है. दलहन-तिलहन का समर्थन मूल्य पर उपार्जन की व्यवस्था प्रदेश की मंडियों में होने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है, जिसके कारण कृषकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होने की संभावना होती है.     मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य और उद्योग विभाग में और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग का संविलियन योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. यह निर्णय शासकीय कार्य में सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है. इसका उद्देश्य ‘‘मिनिमम गवर्मेंट मैक्सिमम गवर्नेंस‘‘ का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है.     मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं हेतु स्वीकृत 15 हजार करोड़ रूपए की शासकीय प्रत्याभूति को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने के साथ ही विपणन संघ को अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि रूपये 11,200 करोड़ प्रदाय किए जाने का निर्णय लिया.     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना एवं नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना हेतु पूर्व में जारी नियम एवं शर्तों में पात्रता हेतु निम्नलिखित अतिरिक्त प्रावधानों का समावेश कर विक्रय की अनुमति प्रदान की गई. अ) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को, पात्र हितग्राही के अतिरिक्त किसी भी आय वर्ग के हितग्राही को विक्रय किया जा सकता है, परन्तु ऐसे हितग्राहियों को शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी. अनुदान की पात्रता केवल निर्धारित आय वर्ग के हितग्राही को ही होगी. ब) ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों, फ्लैटों के विक्रय हेतु 03 बार विज्ञापन होने के पश्चात अविक्रित भवनों को एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्थाओं द्वारा एक से अधिक संपत्ति क्रय करने का (Bulk Purchase) प्रस्ताव दिया जाता है, तो एकल व्यक्ति या शासकीय/अर्धशासकीय अथवा निजी संस्था के नाम पर एक से अधिक भवनों को मांग अनुसार विक्रय किया जा सकेगा, परन्तु इन्हें शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नही होगी. इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिले.

भारतीय भाषाओं को आगे ले जाने का काम कर रही विश्वरंग की पहल : संतोष चौबे

“आरंभ” – विश्वरंग मुंबई 2025 का भव्य समापन मुंबई  ‘आरंभ – विश्वरंग मुंबई 2025’ के दो  दिवसीय आयोजन मुंबई विश्वविद्यालय के ग्रीन प्रौद्योगिकी सभागार में विविध सत्रों के साथ सम्पन्न हुआ। पूरे दिन चले कार्यक्रमों में भारतीय भाषा, सिनेमा, साहित्य, विज्ञान संचार और रंगमंच की समृद्ध परंपराओं को नए दृष्टिकोण से अवगत कराया। इस अवसर पर विश्वरंग निदेशक और रबिन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति संतोष चौबे ने कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान है। आज बातचीत, रचनात्मकता, पढ़ाई-लिखाई और तकनीक के क्षेत्र में इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विश्वरंग की पहल हिंदी और भारतीय भाषाओं को और आगे ले जाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम की शुरुआत “भारतीय सिनेमा का भाषा और संस्कृति के विकास में योगदान” विषयक सत्र से हुई। इस अवसर पर ‘विश्वरंग संवाद – सिनेमा विशेषांक’ का विमोचन किया गया। सत्र में पुरुषोत्तम अग्रवाल, अशोक मिश्रा, अनंग देसाई, रूमी जाफरी, अजय ब्रह्मात्मज, सलीम आरिफ और छाया गांगुली की उपस्थिति रही। रूमी जाफरी ने अपनी पुस्तक ‘भोपाली टप्पे’ का एक प्रसंग साझा किया, वहीं सलीम आरिफ ने ‘शोले’ और ‘लागान’ का उदाहरण देते हुए सिनेमा के सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डाला। अजय ब्रह्मात्मज ने हिंदी में लेखन और कथा–संरचना पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई, अशोक मिश्रा ने सिनेमाई भाषा और बोली के प्रयोग पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अनंग देसाई ने सिनेमा उद्योग में अपने अनुभव साझा किए और पुरुषोत्तम अग्रवाल ने साहित्य–सिनेमा के संबंध पर विस्तार से चर्चा की, सत्र का संचालन रवींद्र कात्यायन ने किया।  इसके पश्चात "मायानगरी का रंग संसार" सत्र का आयोजन हुआ इस सत्र में वामन केंद्रे, जयंत देशमुख, प्रीता माधुर, अतुल तिवारी और अखिलेंद्र मिश्रा ने मंचकला, रंग–प्रस्तुति और नाट्य–परंपराओं पर अपने विचार साझा किए।अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने हिंदी रंगमंच की विशेषताओं, उसकी चुनौतियों और उसके सशक्त प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने थिएटर को रचनात्मकता की वास्तविक प्रयोगशाला बताते हुए नए कलाकारों के लिए इसकी अनिवार्यता पर बल दिया। जयंत देशमुख ने मंच को समाज का जीवंत प्रतिरूप बताया, जबकि अतुल तिवारी ने हबीब तनवीर के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस सत्र के दौरान ‘रंग संवाद – हबीब तनवीर अंक’ का विमोचन किया गया। इसके पश्चात “भारतीय भाषाओं में विज्ञान संचार” सत्र की अध्यक्षता विश्वरंग निदेशक श्री संतोष चौबे ने की। वक्ताओं में कृष्ण कुमार मिश्रा, मनीष मोहन गोरे, रमाशंकर, समीर गांगुली, नरेंद्र देशमुख, डॉ. कुलवंत सिंह और रीता कुमार शामिल रहे। सत्र में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विज्ञान तब तक जनसामान्य तक प्रभावी रूप से नहीं पहुँच सकता, जब तक वह लोगों की भाषा में सरल, सहज और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत न हो। संतोष चौबे ने कहा कि विश्वरंग जनभाषाओं के माध्यम से विज्ञान संचार को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिये – नवंबर 2025’ अंक का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम के आखिरी सत्र में “शताब्दी समारोह – धर्मवीर भारती : विश्व साहित्य चेतना के रचनाकार” शीर्षक सत्र विशेष आकर्षण रहा। इस सत्र की मुख्य अतिथि श्रीमती पुष्पा भारती रहीं। वक्ताओं में संतोष चौबे, विश्वनाथ सचदेव, हरि मृदुल और हरीश पाठक शामिल हुए। वक्ताओं ने धर्मवीर भारती के साहित्य, उनकी दृष्टि, रचनात्मकता और सांस्कृतिक योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए। श्रीमती पुष्पा भारती ने धर्मवीर भारती के लेखन को संवेदना, विचार–गहराई और सृजनशीलता का विशिष्ट उदाहरण बताया। सत्र के अंत में ‘गुनाहों का देवता’ के 189वें संस्करण का औपचारिक विमोचन किया गया। दिवस के समापन पर श्री संतोष चौबे ने घोषणा की कि आगामी भव्य आयोजन ‘विश्वरंग 2025’ का  27, 28 और 29 नवंबर को भोपाल में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “मुंबई से आरंभ हुई यह सांस्कृतिक यात्रा भोपाल में अपने उत्कर्ष पर पहुँचेगी और भारतीय भाषा, साहित्य और संस्कृति के वैश्विक विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगी।”

संजय राउत ने समझाया बिहार चुनाव परिणाम: क्यों बोले– चौंकिए मत, यही है महाराष्ट्र मॉडल

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे लगभग साफ हो गए हैं। भाजपा और जेडीयू के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन भारी बहुमत के साथ सत्ता में आता हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में विपक्षी नेताओं ने एक बार फिर से निर्वाचन आयोग और वोट चोरी के मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने बिहार विधानसभा चुनाव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी तुलना महाराष्ट्र चुनाव से की। उन्होंने कहा कि बिहार के नेताओं को नतीजों से चौंकने की जरूरत नहीं है।   सोशल मीडिया साइट एक्स पर शिवसेना यूबीटी नेता ने बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर चुनाव आयोग पर तंज कसा। उन्होंने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग सत्ता में आने वाले होते हैं, वह इनकी मिलीभगत की वजह से 50 सीटों के भीतर ही सिमट जाते हैं। उन्होंने लिखा, "बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से चौंकने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं, ऐसे में इससे अलग नतीजा आना नामुमकिन था!" बिहार चुनाव को 'पूरी तरह महाराष्ट्र जैसा पैटर्न' बताते हुए राउत ने आगे कहा, "जिनका सत्ता में आना तय था, वे 50 के अंदर ही खत्म हो गए!" शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने पिछले साल महाराष्ट्र चुनाव के दौरान वोट चोरी का आरोप लगाया था। इन दलों ने फर्जी मतदाताओं और मतदाता सूची में अन्य गड़बड़ियों का दावा करते हुए कहा था कि इन सब वजहों के कारण ही एनडीए के पक्ष में नतीजे आए हैं। इसके बाद ही राज्य में देवेंद्र फडणवीस सरकार का रास्ता साफ हुआ।