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मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का किया औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों का लिया जायजा गोपाल मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह बनेगा गीता भवन एक दिसम्बर को गीता जयंती पर नवनिर्मित सभागृह किया जाएगा लोकार्पित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गोपाल मंदिर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में नवनिर्मित सभागृह को “गीता भवन” के रूप में विकसित किया गया है। गीता जयंती के अवसर पर इसे एक दिसंबर को जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सभागृह 500 सीट का रहेगा। इसमें सभी अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी। यह सभागृह धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर में बच्चों को स्नेहपूर्वक दुलार किया और आसपास के दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूरे मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों और जीर्णोद्धार के कार्यों को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर को अपने प्राचीन तथा गौरवशाली स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि गीता जयंती पर पूरे मध्यप्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर जिले में गीता भवन विकसित किए जाएंगे ताकि धार्मिक, सांस्कृतिक और अध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक मती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अर्थ जैन एवं  सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने जताया आभार  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार को इंदौर में लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने पुष्प-गुच्छ और पुष्प-मालाओं से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों ने उन्हें हर माह 1500 रुपये दिए जाने और स्वच्छता दीदियों के लिए नगर निगम के माध्यम से अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक मती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर  अमित सिंह,  सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम  रोहित सिसोनिया एवं  सुमित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इंदौर के प्रसिद्ध पोहे का लिया आनंद  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के राजवाड़ा के एक रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों से चर्चा की। उन्होंने इंदौर के प्रसिद्ध पोहे का आनंद भी लिया।  

NDA की जीत में चिराग का बड़ा योगदान, बिहार चुनाव में साबित हुए ‘फिनिशर’

पटना  शुक्रवार दोपहर तक जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव के रुझान सामने आते गए, सोशल मीडिया पर चर्चा का माहौल गर्म होता गया. वजह साफ थी, NDA भारी बहुमत की ओर बढ़ रहा था और चिराग पासवान की LJP(RV) ने एक ऐसे फिनिशर की भूमिका निभाई, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. ठीक वैसे ही जैसे क्रिकेट में रविंद्र जडेजा आख़िरी ओवरों में ताबड़तोड़ पारी खेलकर मैच को अपने नाम कर लेते हैं, चिराग पासवान ने भी NDA के लिए वैसा ही प्रदर्शन कर दिखाया. 29 सीटों पर चुनाव लड़ी पार्टी LJP(RV) इस चुनाव में 29 सीटों पर लड़ रही थीं, जबकि बीजेपी और जेडीयू 101–101 सीटों पर चुनाव लड़ रहे थे. बड़ी पार्टियों ने ओपनिंग बैट्समैन की तरह मजबूत शुरुआत की, लेकिन फिनिशिंग टच चिराग की पार्टी को देना था और उन्होंने यह काम शानदार तरीके से किया. 2024 में 5 सीटों पर जीत दर्ज की 2024 लोकसभा चुनाव में 5 सीटों पर 5 जीत दर्ज कर चुके चिराग को प्रधानमंत्री मोदी ने 'हनुमान' कहा था, वे 2025 में फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. 29 में से 23 सीटों पर बढ़त, यानी लगभग परफेक्ट स्ट्राइक रेट. मगध, सीमांचल और पाटलिपुत्र क्षेत्रों में पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, और 5% से ज्यादा वोट शेयर हासिल किया है. NDA के वोट का ट्रांसफर चिराग की पार्टी को मिला सबसे बड़ी बात यह रही कि NDA के वोट का बेहतरीन ट्रांसफर चिराग की पार्टी को मिला. बीजेपी और जेडीयू के समर्थकों ने LJP(RV) के उम्मीदवारों पर भरोसा जताया और चिराग ने भी वोट ट्रांसफर के मामले में गठबंधन को पूरा समर्थन दिया. 2020 के मुकाबले चौंकाने वाला प्रदर्शन यह प्रदर्शन 2020 के मुकाबले चौंकाने वाला है. तब 137 सीटों पर चुनाव लड़कर LJP(RV) सिर्फ एक जीत पाई थी और उसकी ‘एंटी-नीतीश’ मुहिम ने जेडीयू को बड़ा नुकसान पहुंचाया था. लेकिन इस बार NDA के साथ रहते हुए चिराग ने न सिर्फ अपनी पार्टी को मजबूत किया, बल्कि नीतीश कुमार और पूरे NDA की सीटों में भी इजाफा कर दिया. चिराग पासवान ने खुद को 'हनुमान' साबित किया इस तरह चिराग पासवान ने खुद को सचमुच 'हनुमान' साबित कर दिया जो गठबंधन को मजबूती देते हुए जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. इस जीत के बाद NDA में चिराग का कद और बढ़ेगा, और बिहार की राजनीति में समीकरण भी बदलेंगे. जेडीयू और LJP(RV) के बीच लंबे समय से चली आ रही खटास के बीच यह नतीजे चिराग के लिए राजनीतिक पूंजी का काम करेंगे. अब चिराग के लिए भी 'जडेजा स्टाइल' में जश्न मनाने का वक्त है. बैट उठाने और तलवार घुमाने का अंदाज वाला.

मार्गी शनि का शुभ प्रभाव: 3 राशियों की किस्मत 28 नवंबर से चमकने को तैयार

शनि नवग्रहों में न्याय और कर्मफल के दाता माने जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि शनि लोगों को उनके कर्म के अनुसार ही फल और दंड देते हैं. शनि अभी मीन राशि में गोचर कर रहे हैं. इस माह में 28 नवंबर को शनि मीन राशि में ही मार्गी हो जाएंगे. शनि की इस दिशा परिवर्तन से एक विपरीत राजयोग बनेगा. कुंडली में छठे, आठवें और बारहवें भाव के स्वामी ग्रह के आपस में संबंध स्थापित करने से विपरीत राजयोग बनता है. शनि के विपरीत राजयोग बनाने से कुछ राशियों जीवन में बड़ा परिवर्तन और अवसर आ सकता है. आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में. वृषभ राशि शनि के मार्गी होने और विपरीत राजयोग बनाने से वृषभ राशि के जातकों को बहुत शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. इस दौरान वृषभ राशि वाले के रुके और अटके हुए कामों में तेजी देखने को मिल सकती है. अब तक जो कोशिशें कर रहे थे, उसमें सफलता मिल सकती है. करियर में स्थिरता प्राप्त हो सकती है. निवेश से लाभ हो सकता है. सिंह राशि शनि का मार्गी होना और विपरीत राजयोग बनाना सिंह राशि के जातकों के लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकता है. इस दौरान सिंह राशि वालों के रास्ते की रुकावटें खत्म हो सकती हैं. कारोबार या नई पार्टनरशिप के लिए समय अच्छा रहने वाला है. भाग्य का साथ मिल सकता है. योजनाएं सफल हो सकती हैं. मीन राशि शनि मीन राशि में ही विराजमान हैं. इसी राशि में मार्गी होंगे. ऐसे में शनि का मार्गी होने और विपरीत राजयोग बनाने का गहरा प्रभाव मीन राशि वालों के जीवन पर पड़ सकता है. जीवन में भ्रम और असमंजस की स्थिति खत्म हो सकती है. मानसिक शांति मल सकती है. समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. ये समय अध्यात्मिक और भौतिक प्रगति के लिए अच्छा है.

सुबह-सुबह ED की Raid, नामी एक्सपोर्टर के घर-दफ्तर और फैक्ट्री पर छापेमारी

फगवाड़ा फगवाड़ा में सुबह सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक नामी एक्सपोर्टर के घर, दफ़्तर और फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी करने की सनसनीखेज सूचना मिली है।  फगवाड़ा पहुंची ED की टीम में बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल हैं, जो एक्सपोर्टर के निवास स्थान, कार्यालय और फैक्ट्री के अंदर दस्तावेज़ों व लेन-देन की बारीकी से जांच कर रहे हैं। ED किस कारण से इस एक्सपोर्टर के प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है, यह खबर लिखे जाने तक स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं तेज़ हैं और कई लोग इसे बड़े घोटाले से जुड़ा मामला मान रहे हैं। बता दें कि जिस एक्सपोर्टर के ठिकानों पर रेड चल रही है, उससे संबंधित अब तक ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि सूत्रों का दावा है कि इस छापेमारी के पीछे बड़े कारण हैं और आने वाले समय में सनसनीखेज खुलासे होने की संभावना है। 

अक्षय कुमार की बांसुरी पर थिरकीं दिशा पाटनी, देखें फिल्म का नया वीडियो

मुंबई अक्षय कुमार जब सेट पर होते हैं, तो एक्टिंग के अलावा खूब मस्ती-मजाक भी करते हैं। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह बॉलीवुड के कुछ नामी एक्टर्स के साथ नजर आ रहे हैं। सेट पर उन्हें डायरेक्टर अहमद खान एक डांस सीक्वेंस समझा रहे हैं। अक्षय कुमार के फैंस को यह वीडियो पसंद आया। अक्षय कुमार का दिखा मस्ती भरा अंदाज वायरल वीडियो में कोरियोग्राफर से डायरेक्टर बने अहमद खान अक्षय कुमार को एक डांस सीन की रिहर्सल करा रहे हैं। इस मौके पर अक्षय कुमार काफी मस्ती के मूड में दिखे। वह बांसुरी हाथ में लिए नजर आए। बांसुरी बजाने की रिहर्सल भी करते दिखे। अक्षय के अलावा वीडियो में परेश रावल, सुनील शेट्टी, जॉनी लीवर, तुषार कपूर और दिशा पाटनी जैसे सेलेब्स नजर आ रहे हैं। सभी मस्ती भरे अंदाज में डांस की प्रैक्टिस करते दिख रहे हैं। अरशद ने बजाया ड्रम, दिशा ने किया डांस अक्षय ने जहां बांसुरी बजाई। वहीं अरशद वासरी ड्रम बजाते दिखे। साथ ही दिशा पाटनी डांस करती नजर आईं। परेश रावल, सुनील शेट्टी, जॉनी लीवर भी इस प्रैक्टिस में शामिल होकर काफी एंज्वॉय कर रहे हैं।   अक्षय ने एयरपोर्ट पर भी पैपराजी संग की मस्ती फिल्म सेट पर ही अक्षय मस्ती-मजाक नहीं करते हैं। वह पैपराजी संग भी मस्ती कर लेते हैं। उनका एक वीडियो एयरपोर्ट से वायरल हैं, जिसमें वह पैपराजी के साथ हंसी-मजाक करते दिखे। साथ ही पैपराजी को मनचाहे पोज भी दिए।   अक्षय की आने वाली फिल्में हाल ही में अक्षय कुमार ‘जॉली एलएलबी 3’ में नजर आए। अगले साल उनकी एक फिल्म 'भूत बंगला' भी रिलीज होगी। साथ ही वह सैफ अली खान के साथ एक फिल्म 'हैवान' कर रहे हैं।

तेजस्वी का MY समीकरण नहीं चला, नीतीश-मोदी की जोड़ी ने दिलाई NDA को प्रचंड बढ़त

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतों की गिनती अभी भी जारी है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए प्रचंड जीत की तरफ बढ़ रहा है। इस चुनाव में महिलाओं (M) ने जमकर वोटिंग की है। रुझानों में इसका असर भी देखने को मिल रहा है। नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार में महिलाओं की सशक्त बनाने के लिए काफी काम हुए हैं। चाहे जीविका दीदी हों या फिर महिला रोजगार योजना, एनडीए के इसका फायदा इस चुनाव में साफ तौर पर मिलता दिख रहा है। वहीं, पूरे चुनाव प्रचार के दौरान युवाओं (Y) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असर दिख रहा था।   बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान महिलाओं में बिहार सरकार और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का असर साफ दिख रहा था। महिलाएं साफ-साफ बोलती थीं कि 'जिसका खाते हैं, उसी के देंगे।' कुछ महिलाओं में बिहार सरकार की तरफ से मिले 10 हजार का भी क्रेज दिख रहा था। यही कारण हैं महिलाओं ने बढ़-चढ़कर चुनाव में हिस्सा लिया और नतीजा एनडीए के पक्ष में जाता दिख रहा है। मुकेश सहनी की वजह से छिटके मुस्लिम आरजेडी को अपने मुस्लिम (M) और यादव (Y) पर भरोसा था। हालांकि, एक आकलन यह भी है कि एनडीए ने यादवों में सेंधमारी कर दी है। टुडेड चाणक्य के मुताबिक, यादवों का 23 प्रतिशत वोट एनडीए के प्रत्याशियों को मिला है। कुछ सीटों पर मुस्लिमों ने भी कुछ वोट भाजपा को छोड़कर एनडीए में शामिल घटक दलों को या फिर एआईएमआईएम और प्रशांत किशोर की जनसुराज जैसे दलों को दिया है। वहीं, मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम का कैंडिडेट बनाने की वजह से मुस्लिमों में भी नाराजगी देखने को मिली थी।

एनडीए की लहर में ‘लालटेन’ मंद पड़ी—पीएम मोदी का संदेश: जनता ने विकास को चुना

पटना पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर बिहार चुनाव के नतीजों पर लिखा कि 'सुशासन की जीत हुई है। विकास की जीत हुई है। जन-कल्याण की भावना की जीत हुई है। सामाजिक न्याय की जीत हुई है। बिहार के मेरे परिवारजनों का बहुत-बहुत आभार, जिन्होंने 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जीत का आशीर्वाद दिया है। यह प्रचंड जनादेश हमें जनता-जनार्दन की सेवा करने और बिहार के लिए नए संकल्प के साथ काम करने की शक्ति प्रदान करेगा।' 'मैं एनडीए के प्रत्येक कार्यकर्ता का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अथक परिश्रम किया है। उन्होंने जनता के बीच जाकर हमारे विकास के एजेंडे को सामने रखा और विपक्ष के हर झूठ का मजबूती से जवाब दिया। मैं उनकी हृदय से सराहना करता हूं!' पीएम मोदी ने लिखा कि 'आने वाले समय में हम बिहार के विकास, यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्य की संस्कृति को नई पहचान देने के लिए बढ़-चढ़कर काम करेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यहां की युवा शक्ति और नारी शक्ति को समृद्ध जीवन के लिए भरपूर अवसर मिले।'

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने जताया आभार

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार को इंदौर में लाड़ली बहनों और स्वच्छता दीदियों ने पुष्प-गुच्छ और पुष्प-मालाओं से स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों ने उन्हें हर माह 1500 रुपये दिए जाने और स्वच्छता दीदियों के लिए नगर निगम के माध्यम से अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित सिंह, श्री सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम श्री रोहित सिसोनिया एवं श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  

तेजस्वी के सपने चकनाचूर, NDA ने जीता battle—but सामने आई बड़ी चुनौती

नई दिल्ली  बिहार विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती अभी जारी है। इस बीच ताजा रुझानों के मुताबिक राज्य में एक बार फिर से NDA की सरकार बननी तय हो गई है। ताजा रुझानों में NDA को 191 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि विपक्षी महागठबंधन 50 के आंकड़े से नीचे पर सिमटता दिख रहा है। भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। 101 सीटों पर लड़ी भाजपा ताजा रुझानों (12.20 बजे तक) के मुताबिक 86 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि जेडीयू दूसरे नंबर की पार्टी बनती दिख रही है। जेडीयू अभी तक 76 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं राजद 34 सीटों पर ही संघर्ष करती दिख रही है।   राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधान सभा चुनाव से पहले आचारसंहिता लागू होने के बावजूद नीतीश सरकार द्वारा राज्य की 1.7 करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपये कैश उनके खातों में ट्रांसफर करने की स्कीम ने तुरूप के पत्ते की तरह काम किया और महिलाओं का वोट एकमुश्त NDA खेमे को मिला। विश्लेषकों का कहना है कि इस कैश स्कीम ने महिलाओं को अधिक से अधिक संख्या में वोट करने को प्रेरित किया। इस कैश स्कीम की वजह से पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मतदान 8.15 फीसदी ज्यादा रहा। बता दें कि इस बार के मतदान में पुरुषों की हिस्सेदारी 62.98% रही जबकि महिलाओं की मतदान में भागीदारी 71.78% रही। राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या 3.51 करोड़ है। PM मोदी का ‘कट्टा, दुनाली, रंगदारी’ राग इसके अलावा चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बड़ा असर डाला। उन्होंने अपनी लगभग सभी रैलियों में 'कट्टा, दुनाली, रंगदारी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसने मतदाताओं को जंगल राज की याद दिलाई। पीएम मोदी के भाषणों और चुनावी दांव से लोगों को लगने लगा कि अगर राज्य में राजद सरकार की वापसी हुई तो बिहार में फिर से कथित जंगलराज आ सकता है। लिहाजा, कट्टा दांव के इस भय ने मतदाताओं को राजद के खिलाफ लामबंद करने में अहम भूमिका निभाई और नतीजा सबके सामने है। नीतीश का कहा पूरा, तेजस्वी का अभी वादा ही हालांकि, चुनावी रण में तेजस्वी ने भी महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया लेकिन एक की कथनी और दूसरे की करनी का अंतर समझ महिलाओं ने नीतीश पर ज्यादा भरोसा किया। तमाम एग्जिट पोल्स के सर्वे में भी ये बात सामने आई है कि NDA गठबंधन को 45 फीसदी से ज्यादा महिलाओं ने वोट दिया है, जबकि महागठबंधन को 40 फीसदी के करीब महिलाओं का वोट मिला है। यानी महागठबंधन पर NDA को पांच फीसदी की बढ़त हासिल थी। जीतकर भी भाजपा को क्यों टेंशन? बहरहाल, चुनावी रुझान बता रहे हैं कि राज्य में एक बार फिर NDA सरकार बनने जा रही है लेकिन इसी के साथ भाजपा को एक टेंशन भी सताने लगी है। टेंशन मुख्यमंत्री को लेकर है। चूंकि भाजपा ने अभी तक खुलकर नहीं कहा है कि नीतीश कुमार ही उनकी तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा हैं, इसलिए थोड़ी शक की गुंजाइश बनी हुई है। भाजपा अब सबसे बड़ी पार्टी के रूप में ऊभरी है और गठबंधन में भी वह जेडीयू के मुकाबले आगे है। ऐसे में भाजपा की चाहत होगी कि वह अपना मुख्यमंत्री बनाए। अगर भाजपा ने इस चाहत को अमली जामा पहनाने की कोशिश की तो नीतीश कुमार नाराज हो सकते हैं। फिर वह विपक्षी खेमे में जाने से परहेज नहीं कर सकेंगे क्योंकि ऐसा उनका इतिहास भी रहा है। रुझानों में NDA के किस दल की क्या स्थिति? हालांकि, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा फिलहाल यह रिस्क तब तक नहीं ले सकती है, जब तक कि उसे यह भरोसा न हो जाए कि वह बिना नीतीश के भी राज्य विधानसभा में बहुमत साबित कर देगी। दूसरी तरफ केंद्र सरकार पर असर पड़ सकता है और सबसे बड़ी बात भाजपा के खिलाफ नैरेटिव सेट हो सकता है। फिलहाल ताजा रुझानों के मुताबिक भाजपा को 86, चिराग की पार्टी LJPR को 21, हम को 5 और RLM को 4 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो कुल मिलाकर 116 सीटें होती हैं, जबकि बहुमत के लिए 122 सीटों की दरकार होगी। यानी भाजपा जो बड़ा भाई बन चुकी है, उसे अपने दम पर सरकार बनाने के लिए मिशन कमल के तहत आधा दर्जन से ज्यादा सीटों का जुगाड़ करना होगा। बहरहाल, जहां मोदी-नीतीश की जोड़ी और उनके कैश और कट्टे के दांव ने युवा तेजस्वी के सपने चकनाचूक कर दिए हैं, वहीं भाजपा अंदरखाने एक नई टेंशन में आ गई है।

फर्जी मार्कशीट से सरकारी नौकरी पाने का खेल उजागर, MP STF ने किया शिकंजा कसने का काम

ग्वालियर मध्य प्रदेश एसटीएफ ने शिक्षक भर्ती में हुए बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। बीएड की फर्जी अंकसूचियों के जरिए सरकारी स्कूलों में नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कस दिया गया है। एसटीएफ ने इस मामले में 34 शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें से 8 आरोपी नामजद किए गए हैं। ग्वालियर के सात शिक्षक शामिल जानकारी के अनुसार, ये सभी शिक्षक ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी और इंदौर जिलों में पदस्थ हैं। इनमें से ग्वालियर जिले के सात शिक्षक शामिल हैं। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि इन शिक्षकों ने फर्जी बीएड अंकसूचियों के आधार पर दस्तावेज जमा कर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के बाद नियुक्ति हासिल की थी। कई टीचर की एक जैसी मार्कशीट जांच में पाया गया कि कई शिक्षकों की अंकसूचियां हूबहू एक जैसी थीं। अंकों, विषयों और यहां तक कि क्रम संख्या तक में समानता थी। प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि एक संगठित गिरोह ने बीएड की हूबहू अंकसूचियाँ तैयार कर बेचने का काम किया, जिससे कई अभ्यर्थियों को अवैध रूप से सरकारी नौकरी मिल गई। मुख्य सरगना की हो रही पहचान एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरोह के मुख्य सरगना और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इनसे जुड़े शैक्षणिक संस्थानों और प्रमाणपत्र जारी करने वाले बोर्डों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस रैकेट का नेटवर्क राज्य के कई जिलों में फैला हुआ है। कई सर्टिफिकेट निकले फर्जी जांच के दौरान एसटीएफ ने शिक्षकों के दस्तावेजों को संबंधित विश्वविद्यालयों से सत्यापित कराया, जहां से यह साबित हुआ कि कई प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी हैं। इसके बाद सभी संदिग्ध शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और शासकीय सेवा में फर्जी दस्तावेजों से प्रवेश लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। फिलहाल एसटीएफ ने संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को भी पत्र लिखकर इन शिक्षकों की सेवाओं की जांच और निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है, आगे जांच में और भी नाम सामने आने की संभावना है।