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गुवाहाटी टेस्ट: साउथ अफ्रीका को दोहरी मार, हार्मर और जानसेन चोट‍िल होने से बाहर

गुवाहाटी साउथ अफ्रीका ने भारत को कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट में 30 रनों से हराया था. इस टेस्ट में बावुमा ब्रिगेड ने भारतीय टीम को जीत के लिए महज 124 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन शुभमन ब्रिगेड ये रन भी नहीं बना सकी. नतीजतन अफ्रीकी टीम ने भारत में 15 साल बाद टेस्ट मैच जीत में हासिल की. अब साउथ अफ्रीकी टीम भारत में टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक जीत के कगार पर है. क्योंकि अब गुवाहाटी में होने वाला दूसरा टेस्ट ड्रॉ भी कप्तान टेम्बा बावुमा की टीम को सीरीज जीत दिलाने के लिए काफी होगा. हालांकि उनकी तैयारियों में कुछ खलल भी पड़े हैं.  कोलकाता टेस्ट के 'प्लेयर ऑफ द मैच' साइमन हार्मर को कंधे की समस्या है, जबकि लेफ्ट-आर्म पेसर मार्को जानसेन जैनसन भी हल्की चोट से जूझ रहे हैं. दोनों खिलाड़ियों ने मंगलवार को कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में मेडिकल टेस्ट करवाए, वही अस्पताल जहां शुभमन गिल का गर्दन का इलाज हुआ था. मेहमान टीम ने ईडन गार्डन्स में शानदार जीत दर्ज करने के बाद आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप (2025-27) पॉइंट टेबल में भी छलांग लगाते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गई है. उसकी यह जीत भारत में 2010 के बाद उनकी पहली टेस्ट जीत रही. उन्हें चौथे स्थान से उठाकर 66.67 PCT तक ले गई, जिससे वे टॉप पर काबिज ऑस्ट्रेलिया के ठीक पीछे पहुंच गए हैं. श्रीलंका तीसरे स्थान पर खिसक गया है और भारत 54.17 PCT के साथ चौथे स्थान पर चला गया है. कोलकाता टेस्ट में बावुमा ने नाबाद 55 रनों की पारी खेली और साइमन हार्मर ने मैच में आठ विकेट हास‍िल किए. वहीं उन्होंने साउथ अफ्रीका को 1-0 की बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई. नियमित कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में भारत 124 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए लड़खड़ा गया और 93 पर सिमट गया. हार्मर ने पहली पारी के 4/30 के बाद दूसरी पारी में 4/21 लेकर अपना कमाल जारी रखा, जबकि केशव महाराज ने दो विकेट झटके और जानसेन जैनसन ने दोनों भारतीय ओपनरों को आउट कर भारत को प्रेशर में डाल दिया था. दूसरी पारी में वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल ने भारत को संभालने की कोशिश की, सुंदर ने 31 रन बनाए लेकिन एडेन मार्करम ने उन्हें आउट किया, जबकि पटेल की तेज तर्रार 26 रन की पारी महाराज का शिकार बनकर खत्म हुई.  

उत्तर प्रदेश 2047 के विकास हेतु ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों में रणनीतिक हस्तक्षेप

इन्फ्रास्ट्रक्चरः "विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप" ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्र विकसित भारत संकल्प @2047 के अनुरूप लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में "इन्फ्रास्ट्रक्चरः विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप" विषय पर उच्च-स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, उ‌द्योग समूहों, नीति अनुसंधान संस्थानों, ऊर्जा विशेषज्ञों तथा वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का उ‌द्देश्य वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, विश्वसनीय, किफायती एवं टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने हेतु दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना था, जो विकसित भारत संकल्प @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। नीतिगत नेतृत्व द्वारा दिशा-निर्देश कार्यक्रम के प्रथम सत्र में श्री नरेन्द्र भूषण, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) उत्तर प्रदेश ने अपने संबोधन के माध्यम से प्रदेश में ऊर्जा खपत, 24×7 निर्बाध बिजली उपलब्धता, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार, विकेन्द्रीकृत ऊर्जा, ग्रिड स्थिरता, माइक्रो-ग्रिड, परमाणु, फ्लोटिंग सोलर, ग्रीन हाईड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, सर्फेस काईनेटिक्स, सस्टेनेबल ऐविएशन फ्यूल तथा भविष्य की तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों के सुझाव सुनकर उन्हें विभाग को लिखित रूप से उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया, ताकि हरित ऊर्जा के लक्ष्यों की प्राप्ति में उन्हें सम्मिलित किया जा सके। श्री आशीष गोयल, चेयरमैन, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने अपने संबोधन में कहा कि 2047 के लिए ऊर्जा क्षेत्र के लक्ष्यों का अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि प्रौ‌द्योगिकी अत्यंत तीव्र गति से बदल रही है। इसलिए नीतियों को लचीला रखते हुए वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप क्रियान्वित करना आवश्यक है, ताकि उत्तर प्रदेश को विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प साकार किया जा सके। श्री आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (योजना) द्वारा विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के विज़न पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि स्मार्ट पोर्टल के माध्यम से विभिन्न वर्गों-युवा, महिलाएँ, उ‌द्योग, संस्था, स्टार्टअप, एसोसिएशन, अकादमिक जगत, सरकारी/गैर-सरकारी संगठनों तथा स्वयं सहायता समूहों से प्राप्त 1 करोड़ से अधिक सुझावों का AI आधारित विश्लेषण किया जा रहा है, जिनके आधार पर क्षेत्रवार प्राथमिकताएँ निर्धारित की जा रही हैं। श्री मनोज उपाध्याय, सलाहकार (ऊर्जा), नीति आयोग ने अपने वक्तव्य मे बताया कि नीति आयोग के मार्गदर्शन के अनुरूप उत्तर प्रदेश की दीर्घकालिक ऊर्जा योजनाओं को क्रियान्वयन योग्य बनाने पर बल दिया। सभी वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश देश की ऊर्जा संक्रमण यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। राज्य ने वर्ष 2047 तक अपनी 40-50% ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई। ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विज़न 2047 के क्रम में ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत डिलाओएट के सहयोग से तैयार "Energy & Renewable Vision 2047" में निम्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए- * बड़े सौर पार्क * फ्लोटिंग सोलर * कैनाल-टॉप परियोजनाएँ * हाइब्रिड (विंड-सोलर) मॉडल * छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट * बायोमास एवं CBG आधारित बिजली उत्पादन * ऊर्जा भंडारण (Storage) प्रणालियाँ CEEW ने माँग पूर्वानुमान, स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल ग्रिड प्लानिंग पर सुझाव दिए। Vasudha Foundation ने जलवायु-अनुकूल राज्य-स्तरीय ऊर्जा योजनाएँ, राज्य रैंकिंग और सामुदायिक ऊर्जा शासन मॉडल पर प्रस्तुतिकरण दिया। उ‌द्योग संगठनों एवं बिज़नेस समूहों के सुझाव के क्रम मे CII, PHDCCI, IIA, SEVA सहित प्रमुख उ‌द्योग निकायों ने निम्न सुझाव प्रस्तुत किए- * बुंदेलखंड एवं पश्चिमी यूपी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किए जाएँ। * CBG एवं बायो-एनर्जी पार्क विकसित किए जाएँ। * MSMES हेतु रूफटॉप सोलर और कम-ब्याज वाले ग्रीन लोन उपलब्ध हों। * ओपन एक्सेस सुधार, सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली एवं RE पारिस्थितिकी तंत्र को गति मिले। * EV चार्जिंग, बैटरी स्टोरेज और ऊर्जा दक्षता योजनाओं को बढ़ावा दिया जाए। ऊर्जा डेवलपर्स एवं तकनीकी विशेषज्ञों का दृष्टिकोण प्रमुख RE कंपनियाँ – Avada, JSW, Adani Green * हाइब्रिड (सोलर-विंड) पार्क * मिनी-हाइड्रो क्लस्टर्स * ग्रीन बैंकिंग/रन-ऑफ-द-रिवर नीतियाँ IIT कानपुर * "State Centre for Advanced Green Hydrogen Research" की स्थापना का प्रस्ताव Intellismart, PowerXchange, Tata Power * 100% स्मार्ट मीटरिंग * डिजिटल सबस्टेशन * AI आधारित मांग पूर्वानुमान * डिजिटल ट्विन मॉडल हरित वित्तपोषण एवं निवेश रणनीतियाँ शीर्षक के अन्तर्गत PFC एवं वित्त विशेषज्ञों ने- * ग्रीन बॉन्ड * ESG-लिंक्ड लोन * ब्लेंडेड फाइनेंस * VGF मॉडल अपनाने का सुझाव दिया, जिससे सौर पार्क, स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन एवं माइक्रो-ग्रिड परियोजनाओं को गति मिल सके। * UP Renewable Marketplace Portal बनाने का विचार भी रखा गया। विकेन्द्रीकृत ऊर्जा एवं ग्रामीण सशक्तिकरण के अन्तर्गत Tata Power Renewable Microgrid विषयक ग्रामीण क्षेत्रों में सौर-आधारित माइक्रो-ग्रिड द्वारा निम्न मॉडल प्रस्तुत किए- * कोल्ड स्टोरेज * फूड प्रोसेसिंग * ई-रिक्शा चार्जिंग * डिजिटल शिक्षा केंद्र Shakti Foundation ने कृषि, ग्रामीण उ‌द्योगों और स्वच्छ रसोई तकनीकों को ऊर्जा-कुशल बनाने पर बल दिया। उ‌द्योग समूहों ने "Urja Surakshit Gram" अभियान को राज्यव्यापी रूप से लागू करने का प्रस्ताव रखा। कार्यशाला का समापन इस दृढ़ संकल्प के साथ हुआ कि वर्ष 2030-2040-2047 के ऊर्जा रोडमैप को उ‌द्योग, शोध संस्थानों और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से लागू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2047 तक भारत का अग्रणी हरित ऊर्जा राज्य बनने की प्रतिबद्धता दोहराई, जो विकसित भारत संकल्प @2047 के अनुरूप है।

आंध्र में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई, हिडमा के बाद मटुरे समेत सात की मौत

गोदावरी  आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के मारेडुमिल्ली और GM वालसा के जंगलों में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में सात नक्सली मारे गए. यह कार्रवाई मंगलवार से चल रहे संयुक्त ऑपरेशन का हिस्सा थी. राज्य के इंटेलिजेंस एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि मुठभेड़ के दौरान चार पुरुष और तीन महिला नक्सली ढेर किए गए हैं और फील्ड से लगातार अपडेट मिल रहे हैं. मारे गए नक्सलियों में संगठन का टॉप IED एक्सपर्ट मेट्टुरु जोगाराव उर्फ टेक शंकर भी शामिल है, जो आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) का महत्वपूर्ण सदस्य और तकनीकी संचालन का सबसे बड़ा जिम्मेदार माना जाता था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, टेक शंकर ही वह कैडर था जिसने पिछले वर्षों में छत्तीसगढ़ और AOB क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर किए गए लगभग सभी बड़े लैंडमाइन और IED हमलों को डिजाइन और निष्पादित किया था. पुलिस ने बताया कि वह हथियार निर्माण, संचार प्रणाली और विस्फोटक उपकरणों की डिजाइनिंग में माहिर था, और इसी विशेषज्ञता के चलते वह संगठन की "टेक्निकल रीढ़" माना जाता था. AOB क्षेत्र में फिर बढ़ रही नक्सल गतिविधि पिछले कुछ महीनों से आंध्र–ओडिशा सीमा क्षेत्र में नक्सली गतिविधि में वृद्धि की सूचना मिल रही थी. इनपुट मिले थे कि नक्सली जंगलों के भीतर नए ठिकाने बना रहे हैं, कैडर को दोबारा सक्रिय कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ की ओर से नए समूह राज्य की सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं. इसी आधार पर आंध्र प्रदेश ग्रेहाउंड्स और अन्य एजेंसियों ने मंगलवार को एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार सुबह GM वालसा इलाके में मुठभेड़ हुई. पिछले ऑपरेशनों से जुटी जानकारी ने दिखाई राह एडीजी लड्डा ने बताया कि 17 नवंबर को भी सुरक्षा बलों ने मारेडुमिल्ली क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें कुख्यात नक्सली नेता हिड़मा सहित छह नक्सली मारे गए थे. उन्हीं से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त टीमों ने AOB क्षेत्र में फैले नक्सली नेटवर्क पर विशेष फोकस किया और लगातार कई जिलों में ऑपरेशन चलाए. 50 नक्सली गिरफ्तार-राज्य में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई एडीजी लड्डा ने जानकारी दी कि हाल के दिनों में NTR, कृष्णा, काकीनाडा, कोनसीमा और एलुरु जिलों से 50 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें केंद्रीय समिति, राज्य समिति, एरिया कमेटी और प्लाटून टीम के सदस्य शामिल हैं. यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर संगठन के कोर कैडर को एक साथ पकड़ा गया है. हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान 45 हथियार, 272 कारतूस, दो मैगजीन, 750 ग्राम वायर और कई तकनीकी उपकरण व दस्तावेज बरामद किए हैं. एडीजी लड्डा ने कहा कि "फील्ड स्टाफ ने पूरी योजना के अनुसार, बिना किसी हानि के ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया है. इंटेलिजेंस विभाग ने लगातार नक्सलियों की गतिविधियों की निगरानी की और सही समय का इंतज़ार करने के बाद निर्णायक कार्रवाई की." जानें हिड़मा के अटैक की लिस्ट! कौन था हिडमा हिड़मा का जन्म1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुआ था. वह पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की एक बटालियन का कमांडर और माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य था. वह बस्तर क्षेत्र से इस नेतृत्व में शामिल होने वाला इकलौता आदिवासी माना जाता था. हिड़मा पिछले 2 दशक में हुए 26 से ज्यादा बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है. इसमें 2010 दंतेवाड़ा हमला भी शामिल है, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हुए थे. इसके अलावा 2013 में झीरम घाटी हमले, 2021 सुकमा-बीजापुर हमले में भी हिड़मा की भूमिका रही है. हिड़मा दंतेवाड़ा में 76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड था छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 2010 में 76 जवानों की हत्या हुई थी. यह नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हमला था. उस हमले का मास्टरमाइंड हिड़मा ही था. इसमें बसवाराजू भी शामिल रहा, जो एनकाउंटर में पहले ही मारा जा चुका है. बुरकापाल हमले में भी था हिडमा का हाथ     2017 के बुरकापाल हमले में भी उसका हाथ था जिसमें CRPF के 24 जवान शहीद हुए थे.     माडवी हिडमा ने झीरम घाटी हमला, दंतेवाड़ा में 76 जवानों की हत्या, बुरकापाल हमला और बीजापुर हमले का मास्टरमाइंड था.     हिड़मा सेंट्रल कमेटी का मेंबर और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का लीडर था, जो कम से कम 26 जानलेवा हमलों के लिए जिम्मेदार था.     हिड़मा की पहचान बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के प्रमुख नेता के तौर पर होती थी, जिसे सुरक्षाबलों ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली में मार गिराया है.     हिड़मा पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 45 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. वहीं उस पर अलग-अलग राज्य की सरकारों ने कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम रखा था.     हिड़मा साल 2010 में दंतेवाड़ा में हुए हमले का मास्टरमाइंड था, जिसमें 76 सीआरपीएफ जवानों की हत्या हुई थी.     इसके बाद हिड़मा 2013 में झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में शामिल था, जिसमें 33 लोग मारे गए थे और इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष नेता शामिल थे.     साल 2017 में बुरकापाल हमले में भी हिड़मा शामिल था, जिसमें 24 जवान शहीद हुए थे.     हिड़मा साल 2021 में बीजापुर में हुए नक्सली हमले का भी मास्टरमाइंड था, जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे.     हिडमा का एनकाउंटर कैसे हुआ     पिछले कुछ हफ्तों से आंध्र प्रदेश SIB/इंटेलिजेंस इनपुट्स से खास तौर पर आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर के पास माओवादियों के मूवमेंट का इशारा मिला था और उन इनपुट्स के आधार पर हमने ऑपरेशन किया और यह कामयाबी मिली. सिक्योरिटी अधिकारियों के मुताबिक, हिडमा उर्फ संतोष, उसकी पत्नी और चार अन्य लोग छत्तीसगढ़ से भाग रहे थे, जब सुबह 6 से 7 बजे के बीच अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली जंगल में सिक्योरिटी फोर्स ने उन्हें घेर लिया. आज (18 नवंबर) सुबह आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली में पुलिस और माओवादियों के बीच एनकाउंटर शुरू हुआ. फायरिंग सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच हुई. ऑपरेशन में हिड़मा समेत छह माओवादी मारे गए है और अभी भी एक बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन चल रहा है. … Read more

आनंद दुबे बोले—BJP के जोरदार प्रदर्शन में कांग्रेस के लिए मुंबई में मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली BMC चुनाव में अकेले लड़ने का संकेत दे चुकी कांग्रेस अब सहयोगियों के निशाने पर है। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी में शामिल शिवसेना (UBT) ने कांग्रेस की बिहार चुनाव में हार पर तंज कसा है। पार्टी नेता आनंद दुबे ने कहा कि मुंबई में कांग्रेस 2-4 सीटों पर सिमट जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां भी कांग्रेस को लगता है वो बहुत ताकतवर है, वो वहां जाकर हार जाती है। इसके अलावा उन्होंने पूर्व कांग्रेस सांसद हुसैन दलवाई के दिल्ली बलास्ट को लेकर दिए बयान पर भी आपत्ति जताई है।  दुबे ने कहा, 'महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस अकेला ही राष्ट्रीय पक्ष है, तो उसे कभी-कभी राष्ट्रीय पक्ष होने का सपना याद आ जाता है। अभी बिहार में जो दुर्दशा हुई, उसे लगता है कांग्रेस भूल गई है। कांग्रेस कभी-कभी अति आत्मविश्वास में बह जाती है। हरियाणा के चुनाव में हार हुई, महाराष्ट्र के चुनाव में हार हुई, अभी बिहार में हार हुई। देश में जहां कांग्रेस को लगता है कि वह बहुत ताकतवर है, वहां हार जाती है।' उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में तो जीतते हुए हार गई। वजह असमन्वय…। अब सुन रहे हैं कि महाराष्ट्र इकाई में जो नेता हैं, वो स्वयंबल की बात कर रहे हैं। आप स्वतंत्र हैं, चाहे जैसे लड़ें। इससे फर्क नहीं पड़ता…।' उन्होंने कहा, 'ये जो महाराष्ट्र इकाई के नेता हैं, ये कभी-कभी बहुत उत्साहित हो जाते हैं। उन्हें नहीं पता कि उनकी नाव में एक छेद है। बीच समंदर में जाकर डूब जाएंगे। हमारी नाव में बैठ जाएंगे, तो नैया पार हो जाएगी…। हमारी नाव में बैठोगे तो नाव पार हो जाएगी, नहीं तो बीजेपी के तूफान में और बीजेपी की लहरों में कहां डूब जाओगे पता नहीं चलेगा। बड़े बुजुर्गों की बात याद रखनी चाहिए। बड़े बुजुर्ग कह गए हैं कि जब आंधी तूफान आए, तब बैठ जाना चाहिए। कांग्रेस को यह समझ नहीं आ रहा है।' MNS के साथ वाले दावे पर उठाए सवाल शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, 'कांग्रेस को लगता है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के आने से उत्तर भारतीय नाराज हो जाएंगे। बिहार में कौन सा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना था। बिहार में आरजेडी के साथ रहकर कांग्रेस 61 से 6 सीटों पर आ गई। मुंबई में तो लगता है कि 2-4 सीटों पर आ जाएगी। फिर कांग्रेस स्वतंत्र पार्टी है।' बिहार चुनाव के नतीजे हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था और महज 6 पर जीत हासिल कर सकी थी। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के खाते में 25 सीटें आई थीं। जबकि, एनडीए ने 200 सीटों से ज्यादा जीतकर बिहार में सरकार बनाने का दावा पेश किया।

किसानों के लिए राहत: PM मोदी जारी करेंगे PM Kisan सम्मान निधि की नई किस्त

नई दिल्ली सरकार की ओर से किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाती है. पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त आज, 19 नवंबर को करीब 9 करोड़ किसानों के खातों में ट्रांसफर की जानी है. सोशल मीडिया पर दी जानकारी एग्रीकल्चर इंडिया ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है.इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 19 नवंबर, बुधवार को दोपहर डेढ़ बजे किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त का ट्रांसफर किया जाएगा. 9 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी. इससे पहले प्राकृतिक आपदा से पीड़ित राज्यों हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के किसानों के खातों में यह राशि पहले ही स्थानांतरित की जा चुकी है. शिवराज चौहान आगे बताते हैं कि आज प्रधानमंत्री मोदी किसानों को संबोधित भी करेंगे और यह दिन किसान उत्सव के रूप में मनाया जाएगा. इन किसानों को नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि  अगर आप किसान सम्मान निधि का लाभ लेना चाहते हैं तो इसके लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है. आप ई-केवाईसी पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या सीएससी सेंटर के माध्यम से करा सकते हैं. इस योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिल सकेगा जो पंजीकृत जमीन पर खेती करके आजीविका कमा रहे हैं.

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले—आज का छत्तीसगढ़ अटल बिहारी वाजपेयी की देन

रायपुर : छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा आज का छत्तीसगढ़ स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की देन: स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल हजारों साल पुरानी है छत्तीसगढ़ की संस्कृति रायपुर  छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा पर आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में अपनी बात रखी। उन्होंने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा को आज का छत्तीसगढ़ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय  अटल बिहारी वाजपेयी की देन है। हालांकि छत्तीसगढ़ का इतिहास सिर्फ 25 साल पुराना नहीं है बल्कि ये हजारों साल पुरानी संस्कृति है। पहली बार पंद्रहवीं सदी में कवि दलपत राव ने पहली बार छत्तीसगढ़ का जिक्र किया था।  कल्चुरियों के 1 हजार साल के शासन में रतनपुर और रायपुर के राजधानी रहते हुए 36 गढ़ों की वजह राज्य का नाम छत्तीसगढ़ पड़ा है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत सदियों पुरानी है जिसको देखकर और सुनकर इस क्षेत्र के विशाल महत्व को समझा जा सकता है।  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय ऐसा आया जब मध्य प्रदेश का हिस्सा रहते हुए आज का छत्तीसगढ़ भुखमरी और पलायन के लिए जाना जाता था। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के शासन काल में छत्तीसगढ़ ने दिनों दिन तरक्की की और 15 वर्षों में ही छत्तीसगढ़ राज्य ने तरक्की की रफ्तार में देश के बड़े राज्यों की बराबरी की। स्वर्गीय  अटल जी ने जिस उद्देश्य के साथ राज्य की स्थापना की थी , ये राज्य उसी दिशा में पिछले 25 वर्षों से लगातार तरक्की कर रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के उन महान विभूतियों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष के बिना आज के छत्तीसगढ़ का निर्माण कर पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि हम सभी की ये जिम्मेदारी है कि अपनी संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ते रहें ताकि आने वाली पीढ़ियों इस विरासत को देख के ये जान सके कि हमारा इतिहास कितना समृद्ध रहा है।

मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए उन्नत व्यापार और सहयोगी कर प्रशासन अनिवार्य– वित्त मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर : वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने किया राज्य जीएसटी विभाग के नये कार्यालय का शुभारंभ मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए उन्नत व्यापार और सहयोगी कर प्रशासन अनिवार्य– वित्त मंत्री ओपी चौधरी घटी GST दरों का लाभ आम जनता तक पहुँचाना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी–वित्त मंत्री रायपुर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने  नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग के 5वें एवं 6वें तल पर निर्मित आयुक्त, राज्य कर (GST) के नए अत्याधुनिक कार्यालय भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर वित्त सचिव मुकेश बंसल, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन सतीश थौरानी एवं प्रतिनिधिगण, CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी, CA एसोसिएशन व बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित रायपुर मुख्यालय एवं विभिन्न संभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि “राज्य की अर्थव्यवस्था तभी मजबूत हो सकती है, जब व्यापार तरक्की करे और व्यापारियों को सरल एवं सहयोगी कर प्रशासन मिले। राज्य सरकार जनकल्याण के कार्यों को प्रभावी ढंग से तभी आगे बढ़ा सकती है, जब राजस्व व्यवस्था सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि GST विभाग के अधिकारी व्यापारियों की समस्याओं को समर्पण भाव से दूर करें, तकनीकी कठिनाइयों में उनकी सहायता करें और उन्हें नियमों व प्रक्रियाओं को समझने में सहयोग प्रदान करें। GST 2.0: जनता को राहत, व्यवसाय और रोजगार को गति वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि GST 2.0 कर सुधारों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों पर कर का बोझ कम करना, खपत को बढ़ावा देना, रोजगार सृजित करना और छोटे व्यवसायों व किसानों को मजबूती देना है। उन्होंने बताया कि इन सुधारों से औसत भारतीय परिवार को सालाना 25 हजार से 40 हजार तक की सीधी बचत मिलेगी, वहीं किसानों, छोटे व्यवसायियों और कारीगरों की आय में 10-20% वृद्धि संभव होगी। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनयापन संबंधी वस्तुओं पर कर घटने से परिवारों पर व्यय का बोझ कम होगा और जीवन अधिक सुरक्षित व सुलभ बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि “GST 2.0 से मिलने वाली राहत का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे, यह विभाग की जिम्मेदारी है। वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू GST 2.0 ने कर संरचना को सरल बनाया है और कई वस्तुओं पर कर दरों में कटौती की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुधारों का लाभ व्यापारियों, मध्यम वर्गीय परिवारों, किसानों, विद्यार्थियों और आम उपभोक्ताओं तक बिना किसी बाधा पहुँचाया जाए। उत्कृष्ट करदाताओं को किया सम्मानित कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के उत्कृष्ट करदाताओं को उच्च कर भुगतान, उत्कृष्ट अनुपालन और निरंतर वृद्धि के लिए Taxpayer Appreciation Award प्रदान किए गए। पुरस्कार पाने वाले प्रमुख संस्थानों में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमपीसीजी मोबाइल प्रा. लि., एनटीपीसी, रिलायंस रिटेल लिमिटेड, सारडा एंड मिनरल्स, मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे, भिलाई स्टील प्लांट और एबिस फूड्स एंड प्रोटीन प्रा. लि. शामिल हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि यह सम्मान राज्य के अनुकरणीय करदाताओं को प्रोत्साहित करने तथा कर अनुपालन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक, पारदर्शी व करदाता हितैषी प्रशासन की दिशा में कदम अपने संबोधन के अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में निर्मित नया कार्यालय भवन राज्य कर विभाग की पारदर्शिता, कार्यकुशलता और करदाता हितैषी सेवाओं को नई दिशा देगा। यह भवन आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था और सहज कर सेवा प्रणाली का नया प्रतीक है।

रायपुर: प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए CM साय का बड़ा फैसला

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए की बड़ी घोषणा 200 यूनिट तक मिलेगा हाफ बिजली का लाभ प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता होंगे लाभान्वित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को रायपुर राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता  सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि  में  वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

प्रदेश में प्रतिष्ठित ट्रॉफी का आगमन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने हॉकी मेन्स जूनियर वर्ल्ड कप ट्रॉफी 2025 का किया भव्य अनावरण प्रदेश में प्रतिष्ठित ट्रॉफी का आगमन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री  साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विश्व की प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की चमचमाती ट्रॉफी पहली बार भारत टूर के तहत आज छत्तीसगढ़ पहुंची और विधानसभा परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में इसका अनावरण किया गया।  मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि भारत में एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन होना अत्यंत गर्व की बात है और इस ट्रॉफी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए विशेष सम्मान का अवसर है। उन्होंने हॉकी इंडिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ट्रॉफी टूर देशभर में खेलों के प्रति उत्साह एवं प्रेरणा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा इस अभियान का शुभारंभ देश में खेल भावना को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शुरू से ही हॉकी की उर्वर भूमि रहा है। राजनांदगांव, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और कोरबा जैसे जिलों से बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी खेल में अपना भविष्य संवार रहे हैं। ट्रॉफी का यहां आगमन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।  साय ने कहा कि यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और सपनों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी इंडिया, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी को बधाई और शुभकामनाएं भी दी। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्रॉफी के भव्य अनावरण के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, संघ के अन्य पदाधिकारी, हॉकी संगठन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे। ’भारत पहली बार बनेगा जूनियर वर्ल्ड कप का मेजबान’ गौरतलब है कि एफआईएच हॉकी जूनियर मेन्स वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। प्रतियोगिता 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगी और तमिलनाडु के चेन्नई व मदुरै में आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले—छत्तीसगढ़ विधानसभा ने स्थापित किए कई महत्वपूर्ण कीर्तिमान

रायपुर : छत्तीसगढ़ की विधानसभा ने कई कीर्तिमान स्थापित किए-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्ष 2047 तक इस मजबूत बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की इमारत खड़ी होगी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। यह विधानसभा भवन केवल एक परिसर नहीं है, यह हमारे छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ निवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है। इस भवन से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अब तक के सभी सदस्यों की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यह संविधान का अमृत वर्ष है। हमें अपने संविधान को आत्मार्पित किए 75 वर्ष हो गए हैं, ऐसे में यह अवसर संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं को समृद्ध करने वाली विभूतियों के स्मरण का भी है। श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं का विकास हुआ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह विधानसभा भवन अंत्योदय और जनकल्याण की उपलब्धियों का साक्षी रहा है। सभी सदस्यगणों ने अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिभा के साथ इस विधानसभा भवन में जो कड़ी मेहनत की है, वह अविस्मरणीय रहेगी। उन्होने कहा कि विधानसभा के इस भवन में जो विधेयक पारित हुए हैं, जो कानून बनाये गए हैं, उनके माध्यम से आज 25 वर्षों की गौरवशाली संसदीय यात्रा में समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव तैयार हुई है। साय ने कहा कि राज्य बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र का आयोजन राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में हुआ था और उसके बाद इस भवन में विधानसभा शुरू हुई। फिर अनेक गौरवशाली पलों का यह विधानसभा भवन साक्षी रहा है। भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु तक अनेक गणमान्य अतिथियों की यहां उपस्थिति एवं प्रेरक सम्बोधनों ने संवैधानिक परम्परा को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वरूप को निखरते हुए सभी सदस्यों ने देखा है। कैसे न्यूनतम साधनों से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूतों ने इन पच्चीस बरसों में छत्तीसगढ़ को संवारा है। प्रत्येक सदस्य इस बात के गवाह है। विधानसभा का यह भवन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। लोकतंत्र के इस मंदिर की बहुत सारी स्मृतियां, यहां के सत्र, तीखी और मीठी नोंक-झोंक, सबकुछ इस परिसर ने देखा है और यह दस्तावेज के रूप में संकलित है। समृद्धि छत्तीसगढ़ की हुई नींव तैयार साय ने कहा कि 25 बरस पहले जब हमने विधानसभा की यात्रा आरंभ की थी, तब हम सभी अपने साथ अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपराएं लेकर आये थे। हमने हर श्रेष्ठ संसदीय परंपरा का पूरी प्रतिबद्धता से निर्वहन किया है। अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में जिन सुंदर विधायी परंपराओं का निर्माण हुआ, उनके पीछे छत्तीसगढ़ की विभूतियों की भी प्रमुख भूमिका रही है। मुझे भी अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक रहने का अवसर प्राप्त हुआ। हमें गर्व है कि सभी श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं को इस विधानसभा भवन ने समृद्ध करने का काम किया है। 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के दिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा परिसर का लोकार्पण हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम शिखर की ओर बढ़ा और एक नवंबर वर्ष 2000 को छत्तीसगढ़ पृथक राज्य के रूप में और हमारा यह विधानसभा अस्तित्व में आया। स्व. बाजपेयी ने राज्य का निर्माण तो किया ही, साथ ही केंद्र में जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रूप में ग्रामीण बसाहटों को जोड़ने की महती योजना तैयार की, जिसका इसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण के लिए 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में आपने और हमारे विधानसभा के साथियों ने बहुत पसीना बहाया है। सबको खाद्य सुरक्षा दिलाने की आपकी पहल से प्रदेश के लाखों लोगों को भूख से मुक्ति मिली। छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को देश के अन्य राज्यों ने भी अपनाया। धान खरीदी के व्यवस्थित मॉडल से लाखों किसानों को पहली बार अपने फसल का बढ़िया मूल्य प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा नीति निर्माण का मंच होने के साथ सामाजिक सुधार का सेतु भी है। इसी विधानसभा भवन में मातृ शक्ति के सम्मान को सुरक्षित रखने टोनही प्रताड़ना निवारण विधेयक, शासन और लोक सेवकों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी विधेयक तथा युवाओं को कौशल विकास का अधिकार प्रदान किया गया। उन्होेने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास को डबल इंजन की सरकार से शक्ति मिल गई और चहुँओर ऐसे कार्य आरंभ हुए, जिससे छत्तीसगढ़ के विकास का ग्राफ तेजी से उत्तरोत्तर चढ़ता गया। 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत साय ने कहा कि इस विधानसभा भवन ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा वर्तमान यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को साकार करने अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में जब हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फाइल को मंजूरी प्रदान की। प्रदेश में अब तक 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत किये जा चुके हैं। घर भी बने और घर के अंदर रसोई भी बदली। चूल्हे की जगह उज्ज्वला सिलेंडर प्रदान किया गया। हर घर बिजली पहुंचाई मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में हमने हर घर बिजली पहुंचाई है। अब लोग प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इसी विधानसभा में पिछले दो साल में ज्ञान और गति आधारित ऐतिहासिक बजट पेश किया। इस सदन द्वारा जनविश्वास विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक, नगर पालिका तथा नगर निगम संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय स्थापना संशोधन विधेयक, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक, राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक और भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक समेत अनेक जनकल्याणकारी विधेयक पारित किए गए। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा मुख्यमंत्री साय ने विधान सभा में कहा कि विधानसभा भवन को हमने धान की बालियों से सजाया है। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा है, क्योंकि पर्याप्त पानी है, बिजली है और उनके उत्पादन का उचित मूल्य है। जब किसान … Read more