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साइबर फ्रॉड का बढ़ता कहर: हरियाणा में हर महीने 40 करोड़ से अधिक की चोरी

गुरुग्राम  हरियाणा में साइबर फ्रॉड का खतरा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में राज्य ने डिजिटल धोखाधड़ी के कारण ₹850 करोड़ का नुकसान झेला, जिसमें केवल गुरुग्राम ने कुल मामलों का 20 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया। यह जानकारी पीएस साइबर मानेसर के सब-इंस्पेक्टर विकास बेनीवाल ने “नॉक आउट डिजिटल फ्रॉड” नामक राष्ट्रव्यापी जागरूकता कार्यक्रम में दी, जिसे हरियाणा पुलिस और बजाज फाइनेंस लिमिटेड (बीएफएल) द्वारा संयुक्त रूप से गवर्नमेंट कॉलेज, सिधरावली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के लगभग 250 छात्र और फैकल्टी सदस्य शामिल हुए। विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी पर विस्तार से बताते हुए बेनीवाल ने कहा, “लोगों के शिकार होने की सबसे बड़ी वजह है—अज्ञानता, लालच और भय। फ्रॉडस्टर डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट स्कैम और टास्क-बेस्ड फ्रॉड जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके पीड़ितों को अलग-थलग कर देते हैं, उनकी मनोविज्ञान का फायदा उठाते हैं और उनकी जीवन भर की कमाई साफ कर देते हैं। जब भी कोई व्यक्ति आपसे पैसे या बैंक डिटेल मांगता है, तो बिना किसी संदेह के समझ लें कि वह फ्रॉडस्टर है। जागरूकता ही असली सुरक्षा है।” उन्होंने आगे कहा, “गुरुग्राम में ही 2024 में 25,000 से अधिक साइबरक्राइम मामले दर्ज हुए हैं। साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में पीड़ित को तुरंत साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, क्योंकि इससे खोए हुए पैसे की रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है। पहले तीन घंटे इस तरह के मामलों में ‘गोल्डन पीरियड’ माने जाते हैं।” उन्होंने बताया कि अब तक रिपोर्ट हुए मामलों में 5,000 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। 2024-25 में हरियाणा पुलिस ने साइबर फ्रॉड मामलों से ₹100 करोड़ की रिकवरी की है। पूरे भारत में इसी अवधि में साइबर धोखाधड़ी के कारण नुकसान ₹22,800 करोड़ से अधिक पहुंच गया है—जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40% अधिक है। जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, पीएस साइबर मानेसर, हरियाणा के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर राजेशपाल ने कहा, “हमारा देश तरक्की कर रहा है, और जैसे-जैसे हम मजबूत बन रहे हैं, साइबर फ्रॉड हमारे खिलाफ एक आर्थिक युद्ध का रूप ले चुका है। इसलिए राष्ट्रव्यापी धोखाधड़ी जागरूकता बेहद जरूरी है। आपको सतर्क रहना चाहिए और आकर्षक ऑफर्स, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया के जाल से खुद को बचाना चाहिए। फ्रॉडस्टर विदेशों से काम करते हैं और हमारी लापरवाही का फायदा उठाते हैं।” उन्होंने कहा, “अपनी बैंक डिटेल साझा न करके, हर कदम से पहले सत्यापन करके और सतर्क रहकर कोई भी आसानी से साइबर फ्रॉड से खुद को बचा सकता है।” पीएस साइबर मानेसर, हरियाणा के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार ने कहा, “आज साइबर फ्रॉड एक व्यवसाय बन चुका है, जो देशभर में विभिन्न क्लस्टर्स के माध्यम से संचालित होता है। संचार और डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ हमारी कमजोरियां भी बढ़ी हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात है—जागरूकता। यदि आपको कभी साइबर फ्रॉड का संदेह हो, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें, क्योंकि शुरुआती कार्रवाई से ट्रांज़ैक्शन रोकने की संभावना काफी बढ़ जाती है। एक्सेस साझा न करें, संदिग्ध एपीके फाइलों से बचें, और हर प्लेटफॉर्म पर एक ही नंबर लिंक न करें।” इस अवसर पर गवर्नमेंट कॉलेज सिधरावली के प्रोफेसर पी.के. मलिक ने कहा, “भारत का युवा विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सतर्क और जानकारी पूर्ण रहकर वे अपने परिवारों और समुदायों की रक्षा कर सकते हैं।” बजाज फाइनेंस लिमिटेड (बीएफएल), जो भारत का सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है और बजाज फिनसर्व का हिस्सा है, एक राष्ट्रव्यापी वित्तीय साक्षरता और साइबर फ्रॉड जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसका उद्देश्य डिजिटल उपयोगकर्ताओं को विभिन्न तरह के खतरों के बारे में जानकारी देना और वित्तीय सुरक्षा के सर्वोत्तम उपाय सिखाना है। यह राष्ट्रव्यापी अभियान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 2024 के फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जिसमें प्रारंभिक पहचान, स्टाफ जवाबदेही और जनसहभागिता को डिजिटल इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। यह कार्यक्रम व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान करता है। इसमें ओटीपी, पिन साझा न करना, संदिग्ध ईमेल, एसएमएस, लिंक, क्यूआर कोड से बचना और अज्ञात स्रोतों से ऐप डाउनलोड न करने की सलाह शामिल है। कार्यक्रम में इंटरैक्टिव वर्कशॉप, डिजिटल अवेयरनेस ड्राइव और प्रमुख शहरों एवं कस्बों में सामुदायिक पहुंच गतिविधियाँ शामिल हैं। यह पहल उन सामान्य वित्तीय धोखाधड़ियों पर ध्यान आकर्षित करती है, जो फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सऐप ग्रुप और ऐसी वेबसाइटों के माध्यम से की जाती हैं, जो वित्तीय कंपनियों जैसी लगती हैं और उनके कर्मचारियों का झूठा प्रतिरूपण करती हैं।

₹39453 लाख की परियोजनाओं से 36 हजार हेक्टेयर में पुनर्स्थापित होगी सिंचाई क्षमता

नहर व्यवस्था सुधार के लिए 95 नई परियोजनाओं को मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी ₹39453 लाख की परियोजनाओं से 36 हजार हेक्टेयर में पुनर्स्थापित होगी सिंचाई क्षमता मुख्यमंत्री का निर्देश सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरी हों अनुपयोगी भूमि के उपयोग के लिए विभाग को कार्ययोजना बनाने के निर्देश सिंचाई सुधार कार्यक्रम से करीब 9 लाख किसानों को होगा सीधा लाभ सिंचाई एवं जल प्रबंधन और अन्नदाता किसान हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक में नहर व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 95 नई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं प्रदेश के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों को समयबद्ध सिंचाई उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कुल ₹39453.39 लाख की लागत वाली इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 36 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता पुनर्स्थापित होगी, जिससे लगभग 9 लाख किसान और ग्रामीण आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही 273 हेक्टेयर विभागीय राजकीय भूमि को संरक्षित किया जा सकेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हों और गुणवत्ता पर किसी भी स्थिति में समझौता न किया जाए। बैठक में बताया गया कि नहर पुनर्स्थापना से जुड़ी इन 95 परियोजनाओं में नहर प्रणाली के गैप्स में नहर निर्माण, हेड रेगुलेटर, क्रॉस रेगुलेटर, साइफन, फॉल तथा अन्य पक्की संरचनाओं का निर्माण शामिल है। नहरों के आंतरिक एवं बाह्य सेक्शन के सुधार, फिलिंग रीच में लाइनिंग के कार्य, क्षतिग्रस्त कुलाबों के पुनर्निर्माण, नहरों पर पुल-पुलियों के निर्माण एवं मरम्मत तथा नहर पटरियों पर खड़ंजा निर्माण को भी परियोजनाओं में शामिल किया गया है। निरीक्षण भवनों, कार्यालय भवनों तथा नहरों पर निर्मित पनचक्कियों के जीर्णोद्धार के साथ ही विभागीय भूमि की सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवाल निर्माण भी प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से सिंचाई नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और विभिन्न क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुचारू होगी, विशेष रूप से पूर्वांचल, तराई, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को इनसे बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं बल्कि जल प्रबंधन की दक्षता, किसान हित, कृषि उत्पादन वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी किसान सिंचाई के अभाव में अपनी फसल प्रभावित न होने पाए।  मुख्यमंत्री ने बैठक में विभाग को अनुपयोगी पड़ी भूमि के सर्वेक्षण और उसके सदुपयोग हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय भूमि का सुविचारित उपयोग विभाग की आय संवर्द्धन में सहायक होगा।  बैठक में मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रबंधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि आगामी वर्ष की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां जनवरी माह से प्रारंभ कर दी जाएं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि समय रहते आगे की कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।

सरकार पर निर्भरता कम करें, परियोजना निर्धारित करते समय आय सृजन की संभावनाओं का भी रखें ध्यान: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन की विकास कार्ययोजना की समीक्षा की परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए रेवेन्यू शेयरिंग और पीपीपी मॉडल अपनाने पर जोर सरकार पर निर्भरता कम करें, परियोजना निर्धारित करते समय आय सृजन की संभावनाओं का भी रखें ध्यान: मुख्यमंत्री तीनों शहरों में 478 विकास परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार मेरठ में बिजली बम्बा बाईपास को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की संभावना तलाशने के निर्देश यातायात सुधार, मल्टीलेवल पार्किंग, स्मार्ट रोड और शहरी सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता कानपुर और मथुरा वृंदावन में विरासत, संस्कृति और पर्यटन आधारित विकास मॉडल लागू होगा जनहित से जुड़े कार्यों के लिए धनराशि की कमी नहीं होगी, जरूरत पड़ेगी तो अतिरिक्त बजट भी मिलेगा: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के समग्र नगरीय विकास की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इन नगरों का विकास केवल सड़कों और इमारतों के निर्माण तक सीमित न हो, बल्कि उनका स्वरूप ऐसा बने जिसमें स्थानीय पहचान, इतिहास, संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन दिखे। उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाएं चरणबद्ध ढंग से लागू हों, कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं और नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ दिखे। मुख्यमंत्री ने मेरठ में प्रस्तावित बिजली बम्बा बाईपास को लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर पीपीपी मोड में विकसित करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीनों मंडलों के मंडलायुक्तों ने बारी-बारी से अपनी कार्ययोजना से अवगत कराया। बताया गया कि अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज की तर्ज पर अब मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के लिए भी समेकित विकास मॉडल अपनाया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों से विमर्श और विभागों के बीच समन्वय के आधार पर इन शहरों में कुल 478 परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई है। इनमें मेरठ में 111, कानपुर में 109 और मथुरा-वृंदावन में 258 परियोजनाओं का विकास प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक श्रेणी में विभाजित कर स्पष्ट समयसीमा तय की गई है। बैठक में बताया गया कि पहले चरण की कार्ययोजना के रूप में वर्ष 2025-26 में मेरठ में 11, कानपुर में 13 और मथुरा-वृंदावन में 14 प्राथमिक परियोजनाओं पर कार्य किया जाए। इन परियोजनाओं में यातायात सुधार, चौराहों का पुनर्विकास, मल्टीलेवल पार्किंग, हरित क्षेत्र, सड़क और पेवमेंट सुधार, बिजली लाइनों का भूमिगतकरण, जल प्रबंधन, पर्यटन सुविधाओं का उन्नयन और शहरी सौंदर्यीकरण जैसी जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है। बैठक में बताया गया कि मेरठ में यातायात सुगमता के लिए बिजली बम्बा बाईपास, लिंक रोड, हापुड़ अड्डा से गांधी आश्रम तक चौड़ीकरण, ईस्टर्न कचहरी रोड, सूरजकुंड चौराहा, क़य्यम नगर पार्क, 19 प्रमुख चौराहों पर जंक्शन इम्प्रूवमेंट, संजय वन, शताब्दी नगर एसटीपी से मोहकमपुर औद्योगिक क्षेत्र तक जल पुनर्चक्रण व्यवस्था, स्मार्ट रोड और यूनिवर्सिटी रोड क्षेत्रीय पुनर्विकास जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। कानपुर के संबंध में बताया गया कि विकास का आधार “रूटेड इन लेगेसी, राइजिंग टू टुमॉरो” की अवधारणा होगी। मैनावती मार्ग चौड़ीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, मास्टर प्लान सड़कों का निर्माण, ग्रीन पार्क के आसपास शहरी डिजाइन सुधार, मकसूदाबाद सिटी फॉरेस्ट, बोटैनिकल गार्डन, वीआईपी रोड, रिवरफ्रंट लिंक, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, मेट्रो विस्तार और ग्रेटर कानपुर के रूप में नए विस्तार क्षेत्र की दृष्टि इस योजना में शामिल है। मथुरा-वृंदावन के लिए प्रस्तुत मास्टर प्लान के तहत शहर को 'विजन-2030' के रूप में विकसित करने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए स्ट्रीट फसाड डेवलपमेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, बस पार्किंग, प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण, नए मार्गों का निर्माण, बरसाना-गोवर्धन-राधाकुंड कॉरिडोर सुधार, परिक्रमा मार्ग पर सुविधाएं और नगर प्रवेश से धार्मिक स्थलों तक संकेतक एवं प्रकाश व्यवस्था की योजना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए नवाचार, बेहतर प्रबंधन और वित्तीय संयोजन पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर निजी क्षेत्र का सहयोग लेने और जहां संभव हो वहां पीपीपी मोड अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य ऐसा शहरी ढांचा तैयार करना है जो यातायात को सुगम बनाए, पैदल यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे, हरे-भरे शहरों की दिशा में आगे बढ़े और स्थानीय पहचान को मजबूत करे। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के लिए यदि अतिरिक बजट की आवश्यकता होगी तो उसे उपलब्ध कराया जाएगा।

राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित कलेक्टर भव्या मित्तल, खरगोन की सफलता पर एक्सपर्ट्स खुश

खरगोन  जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में पश्चिम क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ जिला चुना गया है। कलेक्टर भव्या मित्तल को 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है। उन्होंने जिले में 4.21 लाख जल संरचनाएं बनाकर 2.31 करोड़ घनमीटर पानी जमा करने की क्षमता बढ़ाई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में कलेक्टर को यह सम्मान दिया। 25 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ आकाश सिंह को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 'जल संचय जनभागीदारी 1.0' के तहत उत्कृष्ट काम करने के लिए सम्मानित किया। खरगोन जिले को पश्चिमी क्षेत्र में श्रेणी 3 के तहत 13वां स्थान मिला है, जिसके लिए उसे 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली है। जिले में 5606 जल संरक्षण के काम पूरे हो चुके हैं और उनकी जांच भी हो चुकी है। नदियों को बचाने के लिए किया काम खरगोन जिले ने नदियों को बचाने और उनके किनारों को सुधारने के लिए भी बहुत अच्छा काम किया है। नर्मदा, नानी, वंशावली और बोराड़ नदियों के 8000 हेक्टेयर खराब हो चुकी जमीन को स्टॉप डैम, चेक डैम, खेत तालाब और लूस बोल्डर स्ट्रक्चर जैसी चीजों से ठीक किया गया है। जो छोटी नदियां पहले नवंबर या दिसंबर तक सूख जाती थीं, वे अब अप्रैल तक बहती रहती हैं। कुंदा नदी के आसपास से 627 जगहों पर अवैध कब्जे हटाए गए हैं। सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराए सभी जल स्त्रोत इन कब्जों से खाली हुई 106 एकड़ जमीन पर 'निधिवन' नाम का एक पर्यटन स्थल बनाया गया है। जिले में कुल 4,21,182 कृत्रिम जलभरण संरचनाएं बनाई गई हैं, जैसे काउंटर ट्रेंच, चेक डैम, पर्काेलेशन टैंक, गली प्लग और गैबियन। इनसे भूजल स्तर बढ़ा है। जिले के सभी जल स्रोतों की जानकारी इकट्ठा करके सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज की गई है और 45 पुरानी बावड़ियों का जीर्णोद्धार किया गया है। जिले में सूक्ष्म सिंचाई के तहत 48,975 हेक्टेयर जमीन आती है, जिसमें इस साल 3,290 हेक्टेयर नई जमीन जोड़ी गई है। इससे 37,042 किसानों को फायदा हो रहा है। केंद्र की योजनाओं में भी आगे जिले में 156 नए अमृत सरोवर बनाए गए हैं, जिससे कुल 2,31,75,828 घनमीटर पानी जमा करने की क्षमता बढ़ी है। इन कामों को ग्रामीण विकास विभाग की वाटरशेड विकास- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 और मनरेगा के तहत किया गया है। जिले में क्या क्या हुआ जिले में गंदे पानी को फिर से इस्तेमाल करने के लिए 15 इकाइयां, 4 मलजल उपचार संयंत्र और 94 अपशिष्ट स्थिरीकरण कुंड चालू हैं। 5400 हेक्टेयर जमीन पर 30 लाख पेड़ लगाए गए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत पेड़ जीवित हैं। मनरेगा के तहत 3,80,000 पौधे और निजी बागों में 2,66,412 अमरूद के पौधे लगाए गए हैं, जिससे भूजल स्तर बढ़ा है। जल संरक्षण और प्रबंधन के लिए 2,277 सफाई अभियान चलाए गए, 605 क्षमता निर्माण कार्यशालाएं आयोजित की गईं, 200 ग्राम पंचायतों में कलश यात्रा निकाली गई और 147 जल चौपाल का आयोजन किया गया। इससे लोगों और सरकारी कर्मचारियों को जल संरक्षण के बारे में जागरूक किया गया। जल सरंक्षण काम की जियो टैगिंग भी की 'जल संचय जनभागीदारी 1.0' अभियान के तहत 1 अप्रैल 2024 से 31 मई 2025 तक जिले में 5606 जल संरक्षण के काम पूरे हो चुके हैं और उनकी जियो-टैगिंग करके पोर्टल पर जांच की गई है। इनमें खेत तालाब, स्टॉप डैम, कंटूर-ट्रेंच, सोकपिट, चेकडैम, कपिलधारा जैसी जल संरचनाएं शामिल हैं। इन संरचनाओं से लोगों की मदद से बारिश का पानी जमा करने के साथ-साथ पुराने जल स्रोतों को भी ठीक किया गया है। इस अभियान के तहत जिले में 757 जल संरक्षण के काम अभी चल रहे हैं।

मंदिर जाते श्रद्धालु टाइगर के ‘सडन शो’ से हुए रूबरू, पल भर में बढ़ा रोमांच और जोखिम

 सवाई माधोपुर रणथंभौर टाइगर रिजर्व स्थित प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को बुधवार सुबह एक रोमांचक और डराने वाला अनुभव हुआ। मंदिर मार्ग पर अचानक टाइगर के आने से कुछ देर के लिए श्रद्धालुओं की राह थम गई। बुधवार सुबह गणेश धाम से आगे मुख्य सड़क पर एक टाइगर आ गया और करीब 10 मिनट तक सड़क पर स्वतंत्र रूप से घूमता रहा। इससे त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों की लंबी कतारें दोनों तरफ लग गईं। लोग अपने चौपहिया वाहनों में बैठे-बैठे ही टाइगर को देखते रहे और कई श्रद्धालुओं ने उसकी तस्वीरें व वीडियो कैमरे में कैद किए। इस दौरान वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं दिखा, जिससे श्रद्धालुओं में चिंता भी बढ़ी। हालांकि थोड़ी देर बाद टाइगर खुद ही सड़क छोड़कर जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद आवाजाही पुनः शुरू हो गई। बुधवार होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्रिनेत्र गणेश मंदिर पहुंच रहे थे। वहीं वन विभाग के नियमों के अनुसार बुधवार को जोन नंबर 1 से 5 तक साप्ताहिक अवकाश होता है, जिसके चलते पर्यटकों की आवाजाही नहीं थी। जानकारी के अनुसार, यह टाइगर बाघिन सुल्ताना का मेल शावक बताया जा रहा है, जो हाल ही में गणेश धाम से दुर्ग क्षेत्र की टेरिटरी में सक्रिय रूप से विचरण करता दिख रहा है। आज भी उसके अचानक सड़क पर आ जाने से कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।

शादीशुदा महिला और शादी के वादे के तहत संबंध—हाईकोर्ट ने दी अहम संवैधानिक राय

चंडीगढ़  शादी का झांसा देकर बलात्कार के मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत का कहना है कि यह नहीं माना जा सकता कि एक कानूनी रूप से विवाहित महिला को शादी के नाम पर यौन संबंधों के लिए सहमत किया जा सकता है। कोर्ट ने पाया कि महिला किसी अन्य पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बनाने के दौरान शादीशुदा थी।  रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने इस मामले में दर्ज FIR को रद्द करने के आदेश दिए हैं। याचिका पर सुनवाई कर रहीं जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल ने कहा कि यह नहीं माना जा सकता कि अभियोक्ता (महिला) ने याचिकाकर्ता की तरफ से किए गए वादों के प्रभाव में काम किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान महिला याचिकाकर्ता के साथ शारीरिक संबंधों में भी शामिल रही थी। उन्होंने कहा, 'जब एक पूरी तरह से परिपक्व, शादीशुदा महिला शादी के वादे पर यौन संबंधों की सहमति देती है और ऐसा करना जारी रखती है, तो यह शादी का अपमान है। न कि तथ्यों की गलत धारणा के प्रभाव में आकर काम करना। ऐसे मामले में याचिकाकर्ता पर आपराधिक दायित्व तय करने के लिए IPC की धारा 90 नहीं लगाई जा सकती। स्पष्ट तौर पर अभियोक्ता याचिकाकर्ता के साथ 1 साल से ज्यादा समय तक सहमति से संबंध में थी, जिस दौरान वह अपने पति के साथ भी विवाहित रही।' कोर्ट ने कहा, 'अगर याचिकाकर्ता के खिलाफ FIR में दर्ज कराए आरोपों और सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए बयानों को मान भी लिया जाए, तो यह अकल्पनीय है कि कानूनन रूप से शादीशुदा महिला को शादी के वादे पर यौन संबंधों के लिए सहमत किया जा सकता है। ऐसा लगता है कि अभियोक्ता लंबे समय से याचिकाकर्ता के साथ यौन संबंधों में थी। जब उसकी बहन की याचिकाकर्ता के साथ सगाई हो गई, तो उसे भावनात्मक रूप से धक्का लगा। ऐसे में केस दर्ज कराया गया।' कोर्ट ने पाया कि, 'अभियोक्ता वकील है और यह अच्छी तरह से जानती है कि वह अपने पति साथ वैध विवाह में है। याचिकाकर्ता भी वकील है, जो अभियोजन पक्ष के वकील के खिलाफ केस लड़ रहा है। ऐसे में याचिकाकर्ता के इस स्थिति में होने का सवाल ही नहीं उठता कि वह महिला को शादी के वादे पर शारीरिक संबंधों के लिए सहमत कर पाए।' कोर्ट ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ IPC की धारा 506 के तहत केस दर्ज है। आरोप हैं कि जब महिला ने याचिकाकर्ता से उसकी बहन के साथ सगाई का विरोध किया, तो उसने महिला को मारने की धमकी दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की तरफ से कहे गए शब्दों का खुलासा नहीं किया गया है। ऐसे में इसके अभाव में यह पता लगाना संभव नहीं है कि याचिकाकर्ता का इरादा अभियोक्ता को डराने का था। साथ ही कोर्ट ने FIR में तारीख, जगहों का जिक्र नहीं होने पर भी गौर किया।

नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल की कमान, भाजपा ने सम्राट चौधरी को बनाया नेता—विजय सिन्हा उपनेता

पटना जनता दल यूनाईटेड के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को फिर से अपना नेता चुन लिया है। बुधवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास में जदयू के विधायक दल की बैठक हुई। साढ़े 11 बजे जदयू के विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया है। जदयू के वरिष्ठ नेता और विधायक श्याम रजक ने कहा कि बिहार की जनता उत्साहित है, उन्होंने नीतीश कुमार अपना नेता चुना है। मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की पहली और अंतिम पसंद नीतीश कुमार ही हैं। नई सरकार में मंत्री बनाए जाने के सवाल पर रजक ने कहा कि इसका फैसला नीतीश कुमार करेंगे। विधायक दल की बैठक से पहले जदयू विधायक मनोरमा देवी ने कहा कि यह बिहार के लिए बहुत अच्छा दिन है। हमारे अभिभावक नीतीश कुमार जी हैं और वह सभी के कल्याण के लिए काम करेंगे। इधर, भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की बैठक पार्टी कार्यालय में हो रही है। भाजपा के विधायकों ने सम्राट चौधरी के विधायक दल का नेता चुन लिया है। यानी वह डिप्टी सीएम बनेंगे। वहीं विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है। वह भी दूसरे डिप्टी सीएम बन सकते हैं। लेकिन, दूसरे डिप्टी सीएम पद के लिए फिलहाल मंथन जारी है। भाजपा दोनों डिप्टी सीएम का पद अपने पास रखना चाहती है। इधर, 19 सीट लाने वाली चिराग पासवान की पार्टी एक डिप्टी सीएम समेत तीन मंत्री का पद चाहती है। इस मुद्दे पर भी बातचीत चल रही है। दोपहर 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक होगी। इसमें भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाईटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा, लोक जनशक्ति पार्टी के सभी नव निर्वाचित विधायक और नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा मौजूद रहेंगे। इधर, कुछ ही देर में गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचेंगे। वह भारतीय जनता पार्टी की बैठक में शामिल होंगे।

ACC मेन्स एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025: भारत A ने ओमान को मात देकर बनाई सेमीफाइनल की राह

 नई दिल्ली एसीसी मेन्स एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 में मंगलवार को टीम इंडिया ए का मुकाबला ओमान से हुआ. इस मैच में भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की. इस जीत के साथ ही भारत ने सेमीफाइनल का टिकट पक्का करा लिया है. पाकिस्तान पहले ही क्वालिफाई कर चुका है.  टॉस जीतकर भारत ए ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. ओमान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 135 रन बनाए थे. ये मैच वेस्ट एंड पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम दोहा में हुआ. ये मुकाबला भारत और ओमान दोनों के लिए खास होने वाला था क्योंकि, अबतक दोनों टीमों ने एक मैच जीते थे और एक में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. ऐसे रही भारत की बल्लेबाजी ओमान के 136 रनों के जवाब में उतरी भारत ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ही ओवर में प्रियांश आर्य 10 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद वैभव सूर्यवंशी से आतिशी पारी की उम्मीद थी. लेकिन वो भी 12 रन बनाकर पांचवें ओवर में आउट हो गए. नमन धीर ने 30 रन जरूर बनाए लेकिन 9वें ओवर में वो भी अपना विकेट गंवा बैठे. लेकिन इसके बाद नेहाल वढ़ेरा और हर्ष दुबे के बीच एक कमाल की साझेदारी हुई. दोनों ने भारत की पारी को संभाला और दबाव हटाया. दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई. वहीं, हर्ष दुबे ने 41 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की. दोनों के बीच 66 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन 18वें ओवर में नेहाल वढ़ेरा का विकेट गिरा. नेहाल ने 23 रन बनाए. लेकिन हर्ष टिके रहे. इसी ओवर में भारत को 6 विकेट से जीत मिली. इस टूर्नामेंट में ये भारत की दूसरी जीत है. इस जीत के साथ ही भारत ने सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया है. ओमान और यूएई की टीम बाहर हो गई हैं.   ऐसे रही ओमान की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी ओमान की पारी का आगाज हम्माद मिर्जा और सरन सोनावले ने किया. चौथे ओवर में ओमान को पहला झटका लगा जब हम्माद आउट हुए. इसके बाद 9वें ओवर में करन का विकेट गिरा. ओमान की ओर से सबसे ज्यादा रन वसीम अली ने बनाए. उन्होंने नाबाद 54 रनों की पारी खेली. जिसके दम पर ओमान ने 135 रन बनाए. भारत की ओर से गुरजनपीत और सुयश शर्मा को 2-2 विकेट मिले. भारत ए की प्लेइंग इलेवनः  प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, नेहाल वढेरा, नमन धीर, जितेश शर्मा,  रमनदीप सिंह, हर्ष दुबे, आशुतोष शर्मा, गुरजापनीत सिंह, विजयकुमार वैशाक, सुयश शर्मा. ओमान (प्लेइंग इलेवन): हम्माद मिर्जा, करण सोनावले, वसीम अली, नारायण सैशिव, आर्यन बिष्ट, जिक्रिया इस्लाम, सुफयान महमूद, मुजाहिर रजा, समय श्रीवास्तव, शफीक जान, जय ओडेड्रा. 8 टीमें इस टूर्नामेंट का हिस्सा एसीसी मेन्स एशिया कप राइजिंग स्टार्स 2025 में कुल 8 टीमें खेल रही हैं. भारत-ए को ग्रुप-बी में रखा गया है. इस ग्रुप में उसके साथ संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान और पाकिस्तान शाहीन्स की टीमें हैं. जबकि ग्रुप-ए में बांग्लादेश-ए, हॉन्ग कॉन्ग, अफगानिस्तान-ए और श्रीलंका-ए की टीम्स शामिल हैं. यानी टूर्नामेंट दो ग्रुप्स में बंटा है और हर ग्रुप में चार-चार टीमें हैं. भारत-ए ने अपने पहले मैच में यूएई को 148 रनों से हराया था. दूसरी ओर पाकिस्तान शाहीन्स ने ओमान को 40 रनों से पराजित किया था. लेकिन दूसरे मैच में भारत को पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा था. भारत-ए का फुल स्क्वॉड: प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, नेहाल वढेरा, नमन धीर, जितेश शर्मा (कप्तान/विकेटकीपर), रमनदीप सिंह, आशुतोष शर्मा, हर्ष दुबे, यश ठाकुर, गुरजपनीत सिंह, सुयश शर्मा, विजयकुमार वैशाक, युद्धवीर सिंह चरक, अभिषेक पोरेल और सूर्यांश शेडगे. ओमान का फुल स्क्वॉडः हम्माद मिर्जा (कप्तान), सुफियान यूसुफ , करण सोनावले, वसीम अली, नारायण सैशिव, आर्यन बिष्ट, जिक्रिया इस्लाम, सुफयान महमूद, मुजाहिर रजा, समय श्रीवास्तव, शफीक जान, जय ओडेद्रा, पृथ्वीकुमार माची, हसनैन शाह, शुएब अल बलुशी, उबैद उल्लाह, एमडी यूसुफ.  

शुभमन गिल की फिटनेस रिपोर्ट जारी, जानें क्या अगला टेस्ट खेल पाएंगे?

नई दिल्ली  भारतीय कप्तान शुभमन गिल को साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डेंस में खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान गर्दन में चोट लगी थी। इसकी वजह से वह अपनी पहली पारी जारी नहीं रख पाए थे और दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे थे। दूसरे दिन के खेल के बाद उनको अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उनको एक दिन बाद छुट्टी मिल गई। अब सवाल ये है कि क्या वे दूसरे टेस्ट के लिए उपलब्ध हैं? इसको लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। बीसीसीआई ने भी अपने मेडिकल अपडेट में स्थिति स्पष्ट नहीं की है। भारतीय टीम कोलकाता टेस्ट मैच में 30 रन से हार गई थी। जाहिर तौर पर शुभमन गिल की बल्लेबाजी कमी उस मैच में भारत को खली थी।   बीसीसीआई ने बुधवार 19 नवंबर को कप्तान शुभमन गिल के मेडिकल अपडेट जारी करते हुए बताया है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट के दूसरे दिन टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल की गर्दन में चोट लग गई थी और उन्हें दिन का खेल खत्म होने के बाद जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। उन्हें निगरानी में रखा गया और अगले दिन छुट्टी दे दी गई। शुभमन को दिए गए उपचार का अच्छा असर हो रहा है और वह 19 नवंबर 2025 को टीम के साथ गुवाहाटी जाएंगे। बोर्ड ने आगे बताया है कि बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी निगरानी जारी रखेगी और दूसरे टेस्ट में उनकी भागीदारी पर उसी के अनुसार फैसला लिया जाएगा। टीम इंडिया को शनिवार 22 नवंबर से गुवाहटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच खेलना है। 19 नवंबर यानी आज भारतीय टीम गुवाहटी के लिए रवाना होने वाली है। इस दल के साथ कप्तान भी जाने वाले हैं, लेकिन उनके खेलने की संभावना बहुत कम है। 21 नवंबर को शुभमन गिल को लेकर फैसला लिया जाएगा, क्योंकि गर्दन की चोट बहुत गंभीर नहीं है, लेकिन अगर खेलने से ये चोट और गंभीर हो जाती है तो फिर ये भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। ऐसे में मैनेजमेंट उन्हें खिलाने की जल्दबाजी नहीं करेगा।  

धुरंधर: आर माधवन ने बताया कैसे घंटों की मेहनत से तैयार किया अपना लुक और किरदार

मुंबई  आदित्य धर की आने वाली फिल्म धुरंधर का मच-अवेटेड ट्रेलर हाल ही में रिलीज किया गया. फिल्म में रणवीर सिंह के साथ आर. माधवन भी हैं, जो कथित तौर पर एनएसए चीफ अजित डोभाल का किरदार निभाते नजर आएंगे. यूजर्स उनके बदले हुलिए को देख चकरा गए हैं. माधवन ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट पर इस किरदार के बारे में बात की और बताया कि उन्होंने इस पीरियड ड्रामा में अपने किरदार में कैसे ढलने की तैयारी की. लुक टेस्ट में लगे घंटों  लॉन्च पर बोलते हुए माधवन ने बताया कि आदित्य ने उन्हें उस समय कहानी सुनाई जब वह एक और प्रोजेक्ट की शूटिंग में व्यस्त थे. वो बोले,“मुझे याद है, एक दिन आदित्य मेरे पास आए जब मैं किसी और की शूट में था, और उन्होंने धुरंधर की कहानी सुनाई. कहानी सुनते-सुनते मेरे मन में आया,‘ये आदमी अभी तक कहां था यार.’ मुझे कई ऐतिहासिक फिल्मों का हिस्सा बनने का मौका मिला है, लेकिन यह फिल्म बिल्कुल अलग होने वाली है.” माधवन ने बताया कि फिल्म के लुक टेस्ट में कितना समय लगा. वो बोले, “जब मैं धुरंधर का लुक टेस्ट कर रहा था, तो लगभग चार घंटे लगे. लगता था कि कोई न कोई चीज अब भी कमी रह गई है. तभी आदित्य आए और बोले, ‘तुम्हें अपने होंठ थोड़े पतले करने चाहिए.’ बस, यह छोटा सा बदलाव करने के बाद पूरा लुक बिल्कुल परफेक्ट लगने लगा.” माधवन ने आगे कहा,“धुरंधर में काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है. इस फिल्म में इतने प्रतिभाशाली कलाकार हैं.” माधवन फिल्म में बिल्कुल ही अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं. वो बाल्ड लुक में दिखाई देंगे, वहीं उनके चेहरे पर भी मेकअप से कई बदलाव किए गए हैं. माधवन ने बोलने की भी अलग शैली अपनाई है. सच्ची घटनाओं पर बेस्ड होगी फिल्म! ट्रेलर से पता चलता है कि फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव भरे माहौल को दिखाती है. रणवीर सिंह एक खुरदरे और दमदार लुक में एक अंडरकवर जासूस की भूमिका निभा रहे हैं. फिल्म में संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, अक्षय खन्ना और आर. माधवन भी अहम किरदारों में हैं. ट्रेलर में जबरदस्त एक्शन और रोमांचक सीन दिखाए गए हैं, जो दर्शकों को रोमांच से भर देने का वादा करते हैं. ऐसा भी लग रहा है कि यह रणवीर सिंह के करियर की सबसे तीव्र और हिंसक भूमिकाओं में से एक होगी. हालांकि आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन खबरों के मुताबिक धुरंधर को दो हिस्सों में बनाया जाएगा, और दूसरा भाग 2026 की पहली छमाही में रिलीज किया जाएगा. बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक,“खबरें हैं कि धुरंधर दो भागों की कहानी है. इसीलिए 5 दिसंबर को रिलीज होने वाली फिल्म पहला पार्ट होगी. फिल्म एक अहम मोड़ पर खत्म होगी और आगे की कहानी दूसरे भाग में दिखाई जाएगी.” धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.