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पूर्व केंद्रीय मंत्री की बेटी श्रेयसी सिंह को मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी

जमुई बिहार विधानसभा चुनाव में जमुई जिले की चार में से तीन सीटें एनडीए के खाते में गईं। चकाई से पिछली बार निर्दलीय जीतकर मंत्री बने सुमित सिंह इस बार चुनाव हार गए। ऐसे में एनडीए ने जमुई से मंत्री पद बरकरार रखते हुए भाजपा की ओर से श्रेयसी सिंह पर भरोसा जताया। राजपूत नेता होने के साथ-साथ महिला और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग चैंपियन होना उनके चयन का बड़ा कारण माना जा रहा है। जदयू की ओर से लेशी सिंह को शामिल किया गया है, जबकि भाजपा ने श्रेयसी सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दी है। जमुई विधानसभा क्षेत्र-241 से प्रचंड बहुमत की जीत दर्ज करने वाली गोल्ड मेडलिस्ट और अर्जुन अवॉर्ड विजेता श्रेयसी सिंह ने एनडीए सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। उनकी मौजूदगी ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में खास आकर्षण बना दिया। खेल जगत में देश का नाम रोशन कर चुकीं श्रेयसी सिंह राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी ऐतिहासिक जीत को जमुई के लोगों ने गर्व का क्षण बताया है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद श्रेयसी ने कहा कि वह जमुई सहित पूरे बिहार के विकास को प्राथमिकता देंगी और क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगी। श्रेयसी के मंत्रिमंडल में शामिल होने से समर्थकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जमुई मुख्यालय स्थित कचहरी चौक पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जताई। लोगों को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में शिक्षा, खेल और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े क्षेत्रों में नई शुरुआत देखने को मिलेगी।

ED ने अनिल अंबानी के ग्रुप की संपत्ति 9,000 करोड़ रुपये जब्त की, कार्रवाई जारी

मुंबई     देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के छोटे भाई अनिल अंबानी (Anil Ambani) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. बीते कुछ समय में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने उनके नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों पर तगड़ा एक्शन लिया है और ये कार्रवाई लगातार जारी है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अब तक ईडी द्वारा की गई कुर्की की कार्रवाई में करीब 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं. मुंबई से चेन्नई तक ईडी का एक्शन एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने अनिल अंबानी ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़ी 1400 करोड़ रुपये वैल्यू के एसेट्स को लेकर नए प्रोविजनल अटैचमेंट का ऑर्डर दिया है. इससे पहले ED Action के तहत करीब 7500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी और नए ऑर्डर के साथ अब अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की जब्त की गई संपत्ति की कुल वैल्यू 9000 करोड़ रुपये हो चुकी है. अटैच किए गए एसेट्स नवी मुंबई, चेन्नई, पुणे और भुवनेश्वर में फैले हुए हैं.   बता दें कि बीते 31 अक्टूबर 2025 को PMLA की धारा 5(1) के तहत कुर्की के आदेश जारी किए गए थे. उस समय रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundring) के मामले में 40 से ज्यादा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गई थीं. ईडी ने जिन 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया था, उनमें मुंबई के बांद्रा वेस्ट, पाली हिल में स्थित उनका एक आवास भी शामिल था. वहीं अब नए एसेट्स भी जब्त किए गए हैं.  14 नवंबर को ED ने किया था तलब Anil Ambani Reliance Group पर ईडी की लगातार कार्रवाई के बीच हालांकि, उनकी कंपनियों की ओर से सफाई भी जारी की जा चुकी है. इसमें साफ किया गया कि इससे उनके बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ा है. कंपनी ने बीते दिनों स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा था कि ईडी द्वारा कुर्क की गईं ज्यादातर संपत्तियां रिलायंस कम्युनिकेशन (Reliance Communication) की हैं, जो 6 साल से कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है. रिलांयस पावर और रिलायंस इंफ्रा की परफॉर्मेंस पर भविष्य में भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी को 14 नवंबर को ईडी कार्यालय में भी बुलाया था.  ED ने की अनिल अंबानी ग्रुप की 7500 करोड़ की संपत्त‍ि जप्त  अनिल अंबानी की मुश्किलों को बढ़ाने वाला मनी लॉन्ड्रिंग केस उन आरोपों से संबंधित है, जिनमें कहा गया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल के जरिए जुटाए गए सार्वजनिक धन को अनिल अंबानी समूह से जुड़ी संस्थाओं से जुड़े लेन-देन के दौरान डायवर्ट और लॉन्ड्रिंग किया गया था. अनिल अंबानी के शेयरों पर एक नजर अनिल अंबानी की कंपनियों के शेयरों (Anil Ambani Shares) पर नजर डालें, तो सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को उनकी कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर (Reliance Infra Share) खबर लिखे जानें तक 4.10 फीसदी की गिरावट लेकर 172 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. वहीं दूसरी ओर Reliance Power Share मामूली तेजी के साथ 40 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.   

सरकार का बड़ा फैसला: JAG प्रमोशन से पहले IAS ट्रेनिंग जरूरी

चंडीगढ़  केंद्र सरकार ने आईएएस अधिकारियों के लिए अनिवार्य मिड-करियर ट्रेनिंग कार्यक्रम (फेज-थ्री एमसीटीपी) की तिथियों की घोषणा करते हुए साफ कर दिया है कि यह प्रशिक्षण केवल एक पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि पदोन्नति से जुड़ी अनिवार्य शर्त है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की संयुक्त सचिव (प्रशिक्षण) छवि भारद्वाज द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि फेज-थ्री पूरा किए बिना किसी भी अधिकारी को जूनियर प्रशासनिक ग्रेड (जेएजी) में नियुक्ति नहीं दी जाएगी। यह प्रावधान आईएएस वेतन नियमों के तहत अनिवार्य है। केंद्र ने स्पष्ट कहा है कि फेज-थ्री एमसीटीपी के लिए आवश्यक तैयारियां – संस्थान, विशेषज्ञ, पाठ्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय साझेदार संस्थाएं लंबी प्रक्रिया के बाद तय की जाती हैं। इसलिए नामांकन में देरी या अनुपस्थित रहने को गंभीरता से देखा जाएगा। यह प्रशिक्षण आईएएस अधिकारियों के करियर के सबसे निर्णायक चरणों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसके पूरा होने के बाद ही उच्च प्रशासनिक ज़िम्मेदारियों की ओर उनका मार्ग प्रशस्त होता है। यह प्रशिक्षण पांच जनवरी से 30 जनवरी, 2026 तक मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में आयोजित होगा। सभी अधिकारियों को चार जनवरी को अकादमी में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है, ताकि प्रशिक्षण के विभिन्न मॉड्यूल – नीति-निर्माण, नेतृत्व विकास और प्रशासनिक रणनीति समय पर प्रारंभ किए जा सकें। 2016 बैच को ‘अंतिम अवसर’ इस राउंड की सबसे अहम बात यह है कि 2016 बैच को फेज-थ्री में भाग लेने का तीसरा और अंतिम अवसर दिया गया है। 2017 बैच के लिए यह दूसरा अवसर और 2018 बैच के लिए पहला अवसर होगा। केंद्र ने साफ शब्दों में कहा है कि 2016 बैच को इस प्रशिक्षण के लिए आगे कोई अवसर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही, 2010 से 2015 बैच तक के अधिकारी ‘केस टू केस’ आधार पर शामिल किए जाएंगे, यदि वे सेवा-नियमों के अनुरूप पात्र हों। सेवानिवृत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान भी स्पष्ट केंद्र ने राज्यों को यह भी निर्देश दिया है कि जिन अधिकारियों की सेवा 31 दिसंबर, 2029 से पहले समाप्त होने जा रही है, उन्हें नामांकित न किया जाए। प्रशिक्षण के बाद कम से कम तीन वर्ष की शेष सेवा अनिवार्य मानी गई है, ताकि अधिकारी प्रशिक्षण के बाद उसके व्यावहारिक लाभ के साथ उच्च दायित्व निभा सकें। 12 दिसंबर तक करना होगा रजिस्ट्रेशन सभी अधिकारियों को 12 दिसंबर तक ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करना होगा। यह पंजीकरण कार्मिक मंत्रालय की वेबसाइट पर ही किया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकारों को अपने-अपने अधिकारियों की सहमति और नामांकन 19 दिसंबर तक केंद्र को भेजना अनिवार्य किया गया है। किसी भी प्रश्न के लिए अकादमी ने अपना ईमेल पता साझा किया है। हरियाणा के 26 आईएएस के नाम हरियाणा सरकार की ओर से जारी पत्र में राज्य कैडर के 26 आईएएस अधिकारियों के नाम सूचीबद्ध किए गए हैं, जिन्हें फेज-थ्री एमसीटीपी के लिए पात्र माना गया है। इनमें अम्मा तसनीम (2012), निशांत कुमार यादव (2013), पार्थ गुप्ता (2013), अजय कुमार (2013), प्रदीप दहिया (2013), मनदीप कौर (2013), मुनिश शर्मा (2014), विक्रम (2014), रानी नगर (2014), मोनिका गुप्ता (2014), राहुल हुड्डा (2015), मोहम्मद इमरान रज़ा (2015), उत्तम सिंह (2015), अभिषेक मीणा (2016), राहुल नरवाल (2016), विवेक भारती (2016), हरीश कुमार वशिष्ठ (2016), रणेंद्र सिंह छिल्लर (2016), विश्राम कुमार मीणा (2017), स्वप्निल रविंद्र पाटिल (2017), जिल्हा गुप्ता (2017), वैशाली शर्मा (2017), रचिन गुप्ता (2018), आयुष सिन्हा (2018), अपराजिता (2018) और अखिल पिलानी (2018) शामिल हैं।

योगी सरकार का नया विकास खाका, मेरठ-कानपुर-मथुरा होंगे विशेष शहरों की तर्ज पर विकसित

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के समग्र शहरी विकास की समीक्षा करते हुए कहा कि तीनों शहरों का विकास केवल निर्माण-कार्य पर आधारित न हो, बल्कि उसमें स्थानीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी सुविधाओं का संतुलन साफ दिखाई दे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाए और काम समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो. बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तीनों मंडलों के मंडलायुक्त मौजूद रहे. बताया गया कि अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज की तर्ज पर अब मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन में समेकित विकास मॉडल लागू किया जा रहा है. इसके तहत कुल 478 परियोजनाओं को चिन्हित किया गया है, जिनमें मेरठ में 111, कानपुर में 109 और मथुरा-वृंदावन में 258 परियोजनाएं शामिल हैं. सभी परियोजनाओं को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक श्रेणियों में विभाजित किया गया है. पहले चरण के रूप में वर्ष 2025-26 में तीनों शहरों की 38 प्राथमिक परियोजनाओं पर काम प्रस्तावित है. इनमें यातायात सुधार, चौराहों का पुनर्विकास, मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण, हरित क्षेत्र विस्तार, सड़क और पेवमेंट सुधार, बिजली लाइनों को भूमिगत करने, जल प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं को उन्नत करने से जुड़े कार्य शामिल हैं. मेरठ: ग्रीन कॉरिडोर मॉडल पर बिजली बम्बा बाईपास टेड इन लेगेसी, राइजिंग टू टुमॉरो” की अवधारणा पर आधारित है. योजना का फोकस औद्योगिक पहचान को बनाए रखते हुए शहर को आधुनिक ट्रैफिक, सार्वजनिक परिवहन और हरित ढांचे से जोड़ना है. प्रमुख प्रस्तावों में मैनावती मार्ग चौड़ीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण, मास्टर प्लान की प्रमुख सड़कों का विकास, ग्रीन पार्क क्षेत्र का अर्बन डिजाइन सुधार, मकसूदाबाद में सिटी फॉरेस्ट और बोटैनिकल गार्डन, वीआईपी रोड सुधार, रिवरफ्रंट लिंक, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और मेट्रो विस्तार शामिल है. ग्रेटर कानपुर के रूप में नए विस्तार क्षेत्र का मॉडल भी प्रस्तुत किया गया. मथुरा-वृंदावन: विजन-2030 के तहत धार्मिक पर्यटन मॉडल मथुरा-वृंदावन के लिए मास्टर प्लान को “विजन-2030” के रूप में प्रस्तुत किया गया. योजना का फोकस धार्मिक पर्यटन, यात्री सुविधाओं और शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना है. प्रमुख प्रस्तावों में स्ट्रीट फसाड डेवलपमेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, बस पार्किंग, शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण, नए मार्गों का निर्माण, बरसाना–गोवर्धन–राधाकुंड कॉरिडोर सुधार, परिक्रमा मार्ग पर आधुनिक सुविधाएं, तथा नगर सीमा से धार्मिक स्थलों तक संकेतक और प्रकाश व्यवस्था शामिल है. निजी निवेश पर जोर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं को लागू करने में नवाचार और आधुनिक प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाए. जहां संभव हो, पीपीपी मॉडल अपनाया जाए और निजी क्षेत्र के सहयोग से रेवेन्यू शेयरिंग की व्यवस्था विकसित की जाए. उन्होंने कहा कि शहरों के विकास का उद्देश्य ऐसा ढांचा तैयार करना है जो यातायात को सुगम बनाए, सार्वजनिक परिवहन और पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दे तथा शहर अधिक हरित और स्वच्छ बने. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आवश्यक होने पर परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा.

राजधानी में सनसनी: जलसंसाधन मंत्री के घर में तेंदुए की एंट्री

जयपुर राजधानी जयपुर में लेपर्ड की शहर में घुसपैट बड़ी चिंता का सबब बन चुकी है। बुधवार देर शाम शहर के सबसे VVIP क्षेत्र सिविल लाइंस में लेपर्ड देखा गया। यही नहीं लेपर्ड यहां जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के बंगले में भी घुस गया। इसके बाद वे कांग्रेस नेता सचिन पायलट के 11 नंबर बंगले के पास एक लेपर्ड पहुंच गया है। सिविल लाइंस क्षेत्र VVIP जोन में आता है, जहां राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और कई मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान चला रही है। फिलहाल मंत्री सुरेश रावत के सरकारी बंगले और आसपास के आवासों में तलाशी ली जा रही है। रूप नगर कॉलोनी पहुंचा लेपर्ड ताजा जानकारी के अनुसार लेपर्ड सिविल लाइंस से लगभग 200 मीटर दूर रूप नगर कॉलोनी में पहुंच गया है। वो एक घर के गार्डन में छुपा बैठा है। स्थानीय लोग अपने घरों की छत से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर तैनात है। स्कूल परिसर में भी घुसा तेंदुआ सिविल लाइंस में गुरुवार सुबह लेपर्ड के घुसने से हड़कंप मच गया। तेंदुए को सबसे पहले टाइनी ब्लॉसम सीनियर सेकंडरी स्कूल परिसर में देखा गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को तुरंत क्लासरूम में बंद कर सुरक्षा बढ़ा दी। क्षेत्र में मौजूद अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार देखे जा रहे हैं लेपर्ड पिछले कुछ महीनों में जयपुर के दुर्गापुरा, गोपालपुरा, जयसिंहपुरा, जगतपुरा, खो-नागोरियान और विद्याधर नगर सहित कई इलाकों में लेपर्ड देखे गए। वन विभाग का मानना है कि जंगलों में पर्याप्त भोजन की कमी इसके आवागमन का मुख्य कारण है। सिविल लाइंस जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में लेपर्ड का आना वन विभाग और पुलिस दोनों के लिए चुनौती बन गया है। पूर्व मंत्री ने कहा…अब तो जागो सरकार राजस्थान की सोती हुई सरकार को जगाने के लिए आज सिविल लाइंस (जयपुर) में (panther)तेंदुआ  घुस गया, राजस्थान की जनता दुखी है परेशान है। उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है व जंगल में जानवर भूखे है उनका संरक्षक करने में राजस्थान की सरकार पूरी तरह से फेल है । आख़िर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आवास के पीछे तेंदुआ आ गया। अब तो जागो राजस्थान सरकार!

भगवंत सिंह मान का बड़ा ऐलान, सराभा गांव के विकास के लिए मिले 45 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर शहीदों के प्रति दिखाया सम्मान जो कि सिर्फ दिल में ही नहीं काम में भी होना चाहिए. आजादी के महावीर शहीद करतार सिंह सराभा के पैतृक गांव सराभा (लुधियाना )को पूरी तरह विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 45 करोड़ रूपये का बड़ा पैकेज घोषित किया है. यह एक सिर्फ सरकारी ऐलान ही नहीं, बल्कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि और उनके सपनों की आगे बढ़ा ने की कोशिश है. यह पैकेज गांव को ‘मॉडल विलेज’ बनाने और यहां आधुनिक सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए दिया जा रहा है. सरकार गांव में में चौड़ी सड़क बनाएगी ताकि हवाई अड्डे (हलवाड़ा एयरपोर्ट) तक पहुंचना आसान हों जाए. गांव में पीने का साफ पीना हो इसके लिए 3 करोड़ रूपये रखे गए है. खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव में इंडोर शूटिंग रेंज, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल ग्राउंड का निर्माण और सुधार भी कराया जायेगा. CM भगवंत सिंह मान ने बताया कि गांव की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण अकादमी बनाई जाएगी, जिससे युवा आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन, पायलेट ट्रेनिंग आदि सीख सकेंगे. इसके लिए एक पुराना MiG-21 लड़ाकू विमान भी प्रदर्शनी और प्रशिक्षण के लिए रखा जायेगा.   पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सराभा सिर्फ पंजाब के नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का विषय है. 19 साल की उम्र में उन्होंने जो बलिदान दिया, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है. इसलिए सराभा गांव को ऐसा विकसित किया जायेगा कि हर बच्चा यहां आकर शहीदों के इतिहास के सीख सके. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस विकास कार्य में सरकार का साथ दें और शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाए.  

सोनम कपूर ने कंफर्म किया प्रेग्नेंसी, बेबी बंप दिखाते ही आनंद आहूजा ने मज़ेदार प्रतिक्रिया दी

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर ने फाइनली अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी कंफर्म कर दी है। उन्होंने पहली बार बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए अपनी फोटोज शेयर की हैं और खुद को 'मां' कहा है। उन्होंने पति आनंद आहूजा के साथ ज्वॉइंट पोस्ट किया है, जो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। उन्होंने ये भी बताया है कि बच्चे की डिलीवरी साल 2026 में होगी। पिछले कई दिनों से सोनम कपूर की प्रेग्नेंसी को लेकर कयास लग रहे थे, लेकिन अभी तक ना तो उनकी तरफ से और ना ही परिवार की ओर से किसी ने इस गुड न्यूज को कंफर्म किया था। पर अब खुद सोनम ने इसपर मुहर लगा दी है और बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए फैंस को खुशखबरी सुनाई है। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है- मां। सोनम कपूर का पोस्ट वायरल, फ्लॉन्ट किया बेबी बंप सोनम के पोस्ट पर राजकुमार की हाल ही में मां बनीं वाइफ पत्रलेखा से लेकर शनाया कपूर, मां सुनीता कपूर, पति आनंद आहूजा, एक महीने पहले मां बनीं परिणीति चोपड़ा, करीना कपूर खान, भूमि पेडनेकर, प्रियंका चोपड़ा सहित कई सेलेब्स ने पोस्ट पर कॉमेंट करके प्यार लुटाया है। आनंद ने कॉमेंट सेक्शन में लिखा है – डबल ट्रबल। ऐसे में फैंस कयास लगा रहे हैं कि कहीं उपासना कामिनेनी की तरह सोनम को भी जुड़वां बच्चे तो नहीं होंगे! वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि ये उन्होंने अपने पहले बेटे वायु और दूसरे बच्चे को जोड़कर लिखा है। 7 साल पहले हुई थी शादी सोनम कपूर और बिजनेसमैन आनंद आहूजा ने कई साल की डेटिंग के बाद मई 2018 में शादी की थी। साल 2022 में बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम वायु रखा। अब साल 2026 में वो दूसरे बच्चे की मां बनेंगी।  

AI के जरिए कीर्ति सुरेश की छवि में छेड़छाड़, पोज़ बदलकर किया गलत प्रदर्शन

मुंबई  साउथ की फेमस एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'रिवॉल्वर रीटा' को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं. इस समय वो इसके प्रमोशन में जुटी हुई हैं. उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में बात की है. उनके मुताबिक, उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल करके डीपफेक बनाए जा रहे हैं. यह बहुत खतरनाक है. उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षा की जरूरत पर बात की है. दरअसल एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश ने अपनी फिल्म 'रिवॉल्वर रीटा' के प्रमोशन के दौरान पत्रकारों से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा, 'मैं अपनी फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल करके किसी और कपड़े में बनाकर उसके वायरल होने से काफी हैरान थी. AI की तकनीक काफी खतरनाक है. क्या कहा कीर्ति सुरेश ने? फिल्मों के बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस ने कीर्ति सुरेश ने कहा, 'पिछले समय की तुलना में सिनेमा में महिलाओं को अधिक महत्व मिल रहा है. कोरोना के बाद तमिल सिनेमा में कॉमेडी फिल्में कम हो गई हैं. AI के माध्यम से अच्छा भी है और बुरा भी. तकनीकी विकास ठीक है लेकिन इसमें सुधार की आवश्यकता है. एआई तकनीक ने अत्यधिक विकास किया है. मुझे मेरी एक फोटो देखकर सदमा लगा. मेरे मन में यह सवाल आया कि क्या वह सच में मैं ही हूं? वह इतनी वास्तविक लग रही थी. एआई एक खतरा है.'   एक्ट्रेस ने आगे कहा, 'जैसे-जैसे तकनीक बढ़ती है, कुछ चीजें नहीं बदलती हैं. ऐसी चीजें चोट पहुंचाती हैं. मैंने एक तस्वीर देखी जिसमें मैं और मेरे पति थे. वह बिल्कुल रियल लग रही थी. मुझे समझ नहीं आ रहा कि किस पर विश्वास करूं और किस पर नहीं.  इंसानों ने टेक्नोलॉजी बनाई लेकिन हम कंट्रोल खो रहे हैं. सोशल मीडिया पर मैं ड्रेस में अपनी फोटो देखकर हैरान रह जाती हूं और सोचती हूं कि क्या मैंने इसे कभी पहना भी था क्योंकि यह इतनी रियल लगी. 'हाल ही में मैंने एक मूवी पूजा के लिए जो ड्रेस पहनी थी, उसे गलत तरीके से, एक अलग एंगल से बदला गया था. एक सेकंड के लिए मैं हैरान थी और फिर मुझे एहसास हुआ कि मैंने इस तरह से पोज नहीं दिया था. यह निश्चित रूप से परेशान करने वाला है.' एंड्रिया जेरेमिया का भी आया रिएक्शन कीर्ति सुरेश के अलावा  साउथ सिनेमा की खूबसूरत एक्ट्रसेस में से एक एंड्रिया जेरेमिया, जो अपनी बोल्ड अदाओं के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने भी AI के खतरों पर बात की है. एक्ट्रेस ने कहा, 'यह टेक्नोलॉजी एंटरटेनमेंट सेक्टर से परे भी चुनौतियां पेश करती है. सिर्फ एक्टर्स ही नहीं, आम लोगों के लिए भी AI एक प्रॉब्लम बनता जा रहा है. AI को हमारे लिए काम करना चाहिए, न कि इसका उल्टा.'

एक्सटॉर्शन गैंग्स पर कार्रवाई तेज: डोजियर बनेगा, अवैध संपत्तियों पर चलेगा बुलडोज़र

जयपुर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जयपुर व जोधपुर पुलिस आयुक्त, सभी रेंज आईजी, पुलिस अधीक्षक और जीआरपी अधिकारी मौजूद रहे। संगठित अपराध व वसूली गैंग पर कड़ी कार्रवाई के आदेश डीजीपी शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में अपराधों में गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन अब संगठित अपराध पर निर्णायक प्रहार की जरूरत है। उन्होंने धमकी देकर वसूली करने वाली गैंगों का पूरा डोजियर तैयार कर कठोर कार्रवाई करने और नए आपराधिक कानूनों के तहत उनकी संपत्तियां जब्त करने के निर्देश दिए। नशा तस्करी पर जीरो टॉलरेंस डीजीपी ने प्रदेश में नशे का अवैध कारोबार समाप्त करने के लिए NDPS और BNS की धाराओं का पूर्ण उपयोग करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित जिले अपने क्षेत्र में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करें। अपराध व कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक में जनवरी से अक्टूबर 2025 तक अपराध स्थिति, नियंत्रण उपायों व उपलब्धियों की समीक्षा की गई। डीजीपी ने साइबर अपराध, अवैध हथियार, सड़क दुर्घटनाओं में कमी और फोर-सिक्स लेन ड्राइविंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आतंकवाद को समर्थन देने वालों पर सख्ती डीजीपी शर्मा ने कहा कि देश में हाल की घटनाओं को देखते हुए राजस्थान में पूरी सतर्कता बरती जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकियों को समर्थन देने वाली कोई भी गतिविधि बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी कानून व्यवस्था संबंधी घटना पर तुरंत डीजी लॉ एंड ऑर्डर और शीर्ष अधिकारियों को जानकारी देने को कहा गया, ताकि समय पर आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके। डीजीपी ने लंबित न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाब पेश करने के निर्देश दिए और ई-साक्ष्य व ई-सम्मन प्रणाली को शीर्ष प्राथमिकता देने पर जोर दिया। सीसीटीवी का दायरा बढ़ाने को कहा डीजीपी शर्मा ने कहा कि मार्च तक प्रदेश में टूरिस्ट सीजन है ऐसे में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं व सहयोग देने के लिए पुलिस की तरफ से प्रतिबद्धता दिखाई जाये। उन्होंने सीसीटीवी कवरेज को बढ़ाने के लिए शहरी क्षेत्र, बॉर्डर एरिया, व महत्वपूर्ण सड़कों पर अधिक से अधिक कैमरा लगवाने की कार्ययोजना और उस पर कार्य करने पर बल दिया।  राष्ट्रीय राजमार्गों पर लेन सिस्टम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और तेज रफ्तार, ड्रंक ड्राइविंग व अवैध पार्किंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 10,000 कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में तेजी बैठक में बताया गया कि 2025 की कांस्टेबल भर्ती के 10,000 पदों हेतु लिखित परीक्षा परिणाम जल्द जारी किया जाएगा और पीईटी/पीएसटी की तैयारी शुरू कर दी गई है। बैठक का समापन एडीजी अपराध हवासिंह द्वारा राज्यभर में अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर कार्रवाई की प्रतिबद्धता जताते हुए किया गया।  

सप्लाई ठप होने से भोपाल में सब्जियों की महंगाई चरम पर, टमाटर और मटर की कीमतें भारी

भोपाल  मौसम में बदलाव के साथ ही इसका असर सब्जियों व फलों पर देखने को मिल रहा है. राजधानी भोपाल की अलग-अलग सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम में इजाफा देखा गया है. मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश ने सब्जी उत्पादक किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है, जिसका सीधा असर प्रदेश भर को मंडियों में दिखाई दे रहा है. भोपाल की मंडी से सब्जियों के ताजा भाव. थोक व्यापारियों का कहना है कि टमाटर, मटर, धनिया, पालक, मेथी और लौकी जैसी हरी व मौसमी सब्जियों के दाम एक सप्ताह में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं. शहर की मंडी में पहुंच रही ज्यादातर सब्जियां दूसरे जिलों से मंगवानी पड़ रही है. सप्लाई कम और मांग स्थिर रहने से दामों में और उछाल बना हुआ है. व्यापारी अनुमान लगा रहे हैं कि कीमतें अगले 15-20 दिन तक इसी स्तर पर रह सकती हैं.  बिट्टन मार्केट सब्जी बाजार में सब्जी की दुकान लगाने वाले पप्पू कुरैशी ने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश के चलते मंडी में सब्जियों की आवक कम हो रही है. ऐसे में बारिश का असर दाम में उछाल के रूप में देखने को मिला है. पिछले तीन दिनों के अंदर ही टमाटर के दाम करीब ₹300 कैरेट तक बढ़ गए. पहले जो टमाटर 1,000-1,200 रुपए में बिक रहा था. वहीं अब ₹1,400 कैरेट पहुंच चुका है. बता दें, इन दिनों करोद मंडी में नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, रायसेन, विदिशा और सीहोर से आने वाली सब्जियों की आवक कम है. पंजाब में बाढ़ से आलू की फसल खराब होने से आवक बेहद कम है. मटर की अभी लोकल आवक नहीं है, जो भी मटर आ रहा है वह दूसरे राज्यों से आ रहा है. आवक कमजोर होने से सब्जियों के दाम बढ़े है. इन सब्जियों के दाम बढ़े सब्जी दाम मुनगा ₹200/किलो मटर ₹150/किलो धनिया ₹125/किलो ग्वारफली ₹70/किलो भिंडी ₹70/किलो गिलकी ₹60/किलो