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CM योगी का संदेश: न्याय प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करे

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में आयोजित विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए, उन्होंने कहा वसुधैव कुटुम्बकम् यानी ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ ( ‘The whole world is one family’ has been a basic philosophy of India for thousands of years.) यह हजारों वर्षों से भारत का मूल दर्शन रहा है। उन्होंने विश्व भर से आये मुख्य न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति के अनुरूप ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव को फिर से पूरी दुनिया में मूर्त रूप से प्रस्तुत करने में सफल होगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा ये सम्मेलन दुनिया के न्यायविदों के बीच दुनिया की मानवता के लिए संवाद का एक माध्यम है, जिन लोगों ने अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए और दुनिया में अशांति और अराजकता का वातावरण पैदा करना का सहस किया है उनके लिए भी एक माध्यम है। विश्व के न्यायाधीशों के सम्मेलन में बोले सीएम योगी, न्याय प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उन्नत भविष्य का आधार बनना चाहिए योगी ने कहा हमें हमें UN की उस घोषणा को कभी भूलना नहीं चाहिए की दुनिया की वास्तव में समस्या क्या है? और जब हम इसकी गहराई में जाते हैं तो हमें लगता है कि संवाद एक दूसरे के बीच में नहीं है, किन्हीं कारणों से स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए उस संवाद को बाधित किया गया। दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है, समाधान संवाद से संभव  सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा हमने इस युग की सबसे बड़ी महामारी कोविड को झेला है , एक पुरानी कहावत है कि कहीं आग लगी हो और व्यक्ति उससे अपने आप को निश्चिन्त पाता है तो याद रखना वो आग एक दिन आपको भी नुकसान पहुंचा सकती है दुनिया आज जिस चुनौती से जूझ रही है चाहे जलवायु परिवर्तन हो , साइबर सुरक्षा हो या फिर आतंकवाद हो  यदि कोई भी देश कोई भी समाज इन मुद्दों से आँखें बंद कर दुनिया की मानवता के सामने संकट खड़ा करता है तो यह मानकर चलें कि ये संकट उसको भी एक दिन अवश्य निगल सकता है। मानवता की समस्या के समाधान का सन्देश यहां से देन संभव है   कोविड ने बता दिया कि आज की कोई भी समस्या एक देश की समस्या  ये दुनिया की समस्या होती है इसलिए दुनिया को मिलकर ही इसके समाधान का रास्ता निकालना पड़ेगा। दुनियाभर के न्यायविद जब यहाँ एकत्रित हुए हैं तो मानवता की समस्या के समाधान का रास्ता कैसे निकले इसका वे सन्देश इस सम्मेलन से दे सकते हैं  न्याय न केवल समता का, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा का उनके स्वावलंबन का और उनके उन्नत भविष्य का आधार बनना चाहिए।

84 साल का रिकॉर्ड टूटा: मध्यप्रदेश में शीतलहर, पचमढ़ी और अन्य शहरों में तापमान बेहद गिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, रात में भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्रीर दर्ज किया गया। बाकी शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली है। इस बार प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। प्रदेश का मालवा-निमाड़ सबसे ठंडा है। भोपाल में तो पिछले 10 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। यहां अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट है। कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है। नवंबर के पहले सप्ताह में ही कड़ाके की ठंड इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है। मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है। 22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है। इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम… भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। दिन का तापमान और कोहरा दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा। लो प्रेशर एरिया और भविष्य का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। इस प्रभाव के चलते अगले 3-4 दिन प्रदेश में तापमान में हल्की वृद्धि देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से ठंड और शीतलहर का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।   MP के शहरों में तापमान एमपी के इन शहरों में इतना टेम्प्रेचर शहर रात का तापमान राजगढ़ 7.5 पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 7.6 गिरवर (शाजापुर) 7.8 शिवपुरी 8.0 नौगांव (छतरपुर) 8.3 खंडवा 8.4 नरसिंहपुर 8.8 खरगोन 9.0 उमरिया 9.0 रायसेन 9.6 छिंदवाड़ा 10.0 रतलाम 10.1 रीवा 10.1 मलाजखंड (बालाघाट) 10.7 मंडला 10.8 बैतूल 11.0 दतिया 11.3 गुना 11.4 खजुराहो (छतरपुर) 11.8 दमोह 12.0 धार 12.1 श्योपुर 12.4 सतना 12.4 सिवनी 12.6 सीधी 12.6 सागर 13.9 नर्मदापुरम 14.1 नोट: 19-20 नवंबर की रात का, डिग्री सेल्सियस में … 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टीम इंडिया छोड़कर मुंबई लौटे शुभमन गिल, जानें अचानक आने की वजह

गुवाहटी इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका दो मैच की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला 22 नवंबर से  में खेला जाना है। इस मैच से पहले टीम इंडिया के लिए बुरी खबर आ रही है। खबर है कि कप्तान शुभमन गिल टीम का साथ छोड़ गुवाहटी से मुंबई रवाना हो गए हैं और वह इस टेस्ट मैच में हिस्सा नहीं लेने वाले। शुभमन गिल को कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान गर्द में चोट लगी थी, जिस वजह से वह पहली पारी में रिटायर हर्ट हुए थे, वहीं दूसरी पारी में बैटिंग करने तक नहीं आए थे। बीसीसीआई ने 19 नवंबर को अपडेट देते हुए कहा था कि गिल टीम के साथ गुवाहटी जाएंगे, मगर उनके खेलने पर फैसला उनकी चोट को देखते हुए आगे लिया जाएगा।  रिपोर्ट के अनुसार, शुभमन गिल को गुवाहाटी टेस्ट से पहले टीम से रिलीज कर दिया गया है और वे शुक्रवार को ही मुंबई के लिए निकल चुके हैं। यह युवा खिलाड़ी 19 नवंबर को टीम के साथ गया था, लेकिन 20 नवंबर को ट्रेनिंग के लिए नहीं आया। पता चला है कि वह अगले दो-तीन दिन मुंबई में आराम करेगा और फिर डॉ. दिनशॉ पारदीवाला से स्पेशलिस्ट की राय लेगा। अभी तक, BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) जाने का कोई प्लान नहीं है और आने वाले दिनों में और क्लैरिटी मिलने की उम्मीद है। शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में ऋषभ पंत दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया की कमान संभालते हुए नजर आएंगे। पंत टीम के उप-कप्तान है। पहले टेस्ट मैच में भी गिल के चोटिल होने के बाद उन्होंने कप्तानी की थी, हालांकि भारत उस मैच में 30 रनों से हारा था। शुभमन गिल के गुवाहटी टेस्ट से बाहर होने के बाद प्लेइंग XI में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उनकी जगह साई सुदर्शन को टीम में जगह मिल सकती है, वहीं अक्षर पटेल की जगह नीतिश कुमार रेड्डी को भी मौका दिया जा सकता है।

MP में जुजुत्सु के अधिकारी गिरफ्तार, रोहिणी कलम सुसाइड केस में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से प्रेम का मामला सामने आया

 देवास मध्य प्रदेश के देवास में एक जिउ-जित्सु ( jiu-jitsu ) ऑर्गनाइजेशन के सीनियर अफसर को 35 साल की एक इंटरनेशनल महिला  खिलाड़ी को परेशान करने और सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.बैंक नोट प्रेस पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अमित सोलंकी ने बताया कि जि-जित्सु प्लेयर रोहिणी कलम (35) ने 26 अक्टूबर को अपने घर में फांसी लगा ली. उन्होंने कहा कि कलाम के परिवार के बयानों और टेक्निकल सबूतों के आधार पर जांच से पता चला कि उनके कोच और मध्य प्रदेश जि-जित्सु एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजेंद्र खरसोदिया और वाइस-प्रेसिडेंट प्रीतम सिंह सोलंकी उन्हें मेंटली परेशान कर रहे थे. एथलीट की मौत के सिलसिले में दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (सुसाइड के लिए उकसाना) और दूसरे जरूरी कानूनी नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया और सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया गया. खरसोदिया की तलाश शुरू कर दी गई है. प्राइवेट स्कूल में मार्शल आर्ट की कोच भी थी रोहिणी मार्शल आर्ट खिलाड़ी रोहिणी कलम के पिता महेश कलम बीएनपी के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। रोहिणी आष्टा के निजी स्कूल में मार्शल आर्ट कोच थीं और वहीं रह रही थीं। उन्होंने 2007 में खेल जीवन की शुरुआत की थी। 2015 से पेशेवर रूप से जुजुत्सु में भाग लेने लगीं। वह जुजुत्सु संघ की महासचिव भी थीं। चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थीं। उनकी आईपीएस बनने की इच्छा थीं। खरसोदिया कलम के कोच थे और उनकी देखरेख में उन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल जि-जित्सु कॉम्पिटिशन में कई अवॉर्ड जीते थे. एक और पुलिस ऑफिसर ने FIR का जिक्र करते हुए कहा कि जून में कलाम के पेट के ट्यूमर की सर्जरी होने के बावजूद आरोपी उसे बार-बार फोन करके और ट्रेनिंग करने की मांग करके परेशान करते रहे. आरोप है कि दोनों कलम को उनकी इजाजत के बिना किसी भी कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने नहीं देते थे और उसकी मर्जी के खिलाफ हिस्सा लेने के लिए दबाव डालते थे. इस बीच, कलम परिवार ने देवास पुलिस की जांच से नाखुशी जताई है. रिपोर्टर्स से बात करते हुए कलम की छोटी बहन रोशनी ने कहा, "जब हमने अपनी बहन की आत्महत्या के खिलाफ प्रोटेस्ट करने की बात की, तभी पुलिस ने बुधवार को जल्दबाजी में केस दर्ज किया. मैं पुलिस की जांच से पूरी तरह नाखुश हूं और चाहती हूं कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) मेरी बहन की मौत की जांच करे." उन्होंने कहा कि खरसोदिया और सोलंकी कभी-कभी उनकी बहन की पर्सनल लाइफ में बहुत ज्यादा दखल देते थे और उन पर बेवजह दबाव डालते थे. परिजन ने आगे दावा किया कि उनकी गुजर चुकी बहन के कमरे से एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव गायब है और उनके परिवार को इस बारे में पता नहीं था. पुलिस की जांच- तनाव में थीं रोहिणी पुलिस जांच में सामने आया कि रोहिणी काफी तनाव में थीं। घटना वाले दिन भी आत्महत्या से पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद ही यह कदम उठाया। परिवार का कहना है कि 26 अक्टूबर को कोच विजेंद्र खरसोदिया ने रोहिणी की छोटी बहन को फोन किया। बताया था कि रोहिणी के कमरे में देखो, कुछ करने वाली है। बहन कमरे में पहुंची, तो बाहर से दरवाजा बंद था। दरवाजा तोड़कर देखा तो वह फंदे पर लटकी थी। बहन ने शोर मचाया तो अन्य लोग पहुंचे और से फंदे से नीचे उतारा। उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पता चला कि घटना की जानकारी मिलते ही कोच भी बेसुध हो गया था। बीपी बढ़ने के कारण वह दो दिन तक निजी अस्पताल में भर्ती रहा था। कोचिंग के दौरान प्रीतम से मुलाकात पुलिस के अनुसार 26 अक्टूबर को रोहिणी की मौत की सूचना मिली थी। पूछताछ में परिवार ने बताया कि रोहिणी कलम वर्ष 2009-10 से जुजुत्सु (मार्शल आर्ट्स) की ट्रेनिंग के लिए यूनिवर्सल मार्शल आर्ट्स अकेडमी जॉइन किया था। बाद में उसने M.Ped तक पढ़ाई की। अकेडमी में विजेंद्र खरसोदिया उसके कोच थे। रोहिणी ने मार्शल आर्ट्स में नेशनल, इंटरनेशनल अवॉर्ड जीते। साल 2022-2023 में म.प्र. जुजुत्सु संघ के महासचिव भी रही, जिसमें विजेंद्र खरसोदिया अध्यक्ष (कोच) हैं। इसी दौरान दो साल पहले रोहिणी की प्रीतम सिंह सोलंकी निवासी हाटपिपल्या देवास से पहचान हुई। प्रीतम सिंह भी म.प्र. जुजुत्सु संघ में उपाध्यक्ष था और अभी भी उसी पद पर है। रोहिणी की उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह सोलंकी से फोन पर बात होती थी। रोहिणी को मई महीने में पेट में तेज दर्द होने लगा था, तो विजेंद्र सिंह उसे इंदौर में डॉक्टर के पास ले गए थे, जहां डॉक्टर ने पेट में गठान होना बताया था। रोहिणी का जून महीने में ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद वह घर पर ही रहकर आराम कर रही थी। मर्जी से कहीं नहीं जा सकती थी रोहिणी परिजनों का आरोप- मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड किया परिवार ने बताया कि डॉक्टर ने उसे आराम करने के लिए बोला था, लेकिन उसके कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह बार-बार फोन करके परेशान करते थे। ऑपरेशन के बाद भी कोच उसे ट्रेनिंग दिलाने के लिए बुलाते रहते थे। उस पर दबाव बनाकर रखते थे। बिना पूछे कहीं भी जाने नहीं देते थे। उन्हें जहां लेकर जाना होता था, वहां रोहिणी की मर्जी के बिना भी लेकर चले जाते थे। प्रीतम कभी भी उसे फोन लगाता रहता था। रोहिणी अगर प्रीतम का फोन नहीं उठाती, तो वह घर के अन्य सदस्य को फोन करके पूछता रहता था। रोहिणी को जब नैनीताल के टूर्नामेंट के लिए जाना था, तब वह फोन पर बात करते हुए कह रही थी कि प्रीतम को पता नहीं चलना चाहिए कि वह नैनीताल जा रही है, नहीं तो वह भी आ जाएगा। उनकी बातों से यह तो पक्का था कि वह रोहिणी के पीछे पड़ा था, लेकिन वह उससे दूर भाग रही थी। रोहिणी ने भी यह बात घर पर बताई थी कि वह उसके कोच और प्रीतम से परेशान हो गई है। कोच विजेंद्र खरसोदिया और प्रीतम सिंह से मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर रोहिणी ने सुसाइड किया है।

ग्रहों के राजकुमार बुध की चाल में बदलाव, चार राशियों पर बरसेगी खुशियों की बारिश

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 26 नवंबर 2025 की सुबह 6 बजकर 1 मिनट पर बुध ग्रह वृश्चिक राशि में उदित होने जा रहे हैं. जब बुध किसी राशि में उदित होते हैं, तो वे अपनी पूरी शक्ति के साथ प्रभाव डालना शुरू कर देते हैं. वृश्चिक राशि में बुध का यह उदय कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ फलदायी साबित होने वाला है. इस दौरान इन 4 राशि वालों को करियर, व्यापार और निजी जीवन में जबरदस्त लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. आइए जानते हैं, बुध के वृश्चिक राशि में उदित होने से किन 4 भाग्यशाली राशियों की किस्मत चमकने वाली है: बुध ग्रह का उदय क्या होता है? जब सुबह के समय सूर्य की रोशनी में ग्रह की किरणें साफ रूप से दिखाई देती हैं, तो उसे ग्रह का उदय कहा जाता है. यह वह अवस्था होती है जब ग्रह के शुभ प्रभाव अधिक सक्रिय हो जाते हैं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इन 4 राशि वालों की चमकेगी किस्मत! बुध के इस शुभ उदय से जिन चार राशि वालों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है. मेष राशि नए अवसरों की प्राप्ति: मेष राशि के जातकों के लिए बुध का उदय नए बदलाव और बेहतरीन मौके लेकर आएगा. व्यापार में आपको नए और बड़े सौदे मिल सकते हैं. करियर में उन्नति: नौकरीपेशा लोगों को उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे करियर में लाभ होगा. आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. संबंधों में सुधार: दोस्तों और रिश्तेदारों से चल रहे तनाव समाप्त होंगे. वाणी में मधुरता आएगी, जिससे सामाजिक और व्यक्तिगत संबंध बेहतर होंगे. धन लाभ: खर्चों में कमी आने से आप धन की बचत करने में सफल रहेंगे. मनचाही नौकरी के अवसर भी सामने आ सकते हैं. वृश्चिक राशि आत्मविश्वास में वृद्धि: बुध का उदय आपकी ही राशि में हो रहा है, जिसका सीधा और सबसे मजबूत लाभ आपको मिलेगा. आपके आत्मविश्वास और निर्णय शक्ति में जबरदस्त वृद्धि होगी. अटके काम पूरे होंगे: लंबे समय से रुके हुए काम अब तेज़ी से पूरे होंगे. आपको हर स्थिति में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता प्राप्त होगी. आर्थिक लाभ: अचानक धन लाभ, रुके हुए पैसों की प्राप्ति और निवेश में मुनाफे के प्रबल योग बन रहे हैं. नए कमाई के रास्ते भी खुल सकते हैं. पेशेवर सफलता: नौकरीपेशा लोगों के लिए वेतन वृद्धि या नई जिम्मेदारियों की संभावना है. व्यवसायिक जातकों को साझेदारी या व्यापार विस्तार का अवसर मिल सकता है. मकर राशि तनाव से मुक्ति: मकर राशि के जातकों के लिए बुध का यह उदय किसी वरदान से कम नहीं है. आपकी पुरानी टेंशन दूर होगी. सफलता के योग: आप जिन कार्यों को करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, उनमें अब सफलता मिलेगी. धन लाभ: यह गोचर आपके लिए धन लाभ के योग बना रहा है. निवेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने की पूरी संभावना है. सामाजिक क्षेत्र में लाभ: आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा और किसी बड़े समूह या संगठन से जुड़कर आप लाभ कमा सकते हैं. कुंभ राशि करियर में उछाल: कुंभ राशि के जातकों को इस अवधि में करियर के मोर्चे पर बड़ा लाभ मिल सकता है. कार्यक्षेत्र पर आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा. आर्थिक मजबूती: आपकी आय में वृद्धि होने के नए रास्ते खुलेंगे और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. व्यापार में मुनाफा: व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभदायक रहेगा. आपकी योजनाएं सफल होंगी और मुनाफे में बढ़ोतरी होगी. सकारात्मक ऊर्जा: आप अपने काम और प्रगति के प्रति अधिक उत्साही और केंद्रित रहेंगे, जिससे जीवन में उपलब्धियां हासिल होंगी.

वियतनाम बाढ़: हजारों घरों में पानी भर गया, खाद्य और पशुपालन संकट गहरा

हनोई   वियतनाम में बाढ़ से हाहाकार मच गया है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने वियतनाम डिज़ास्टर एंड डाइक मैनेजमेंट अथॉरिटी के हवाले से बताया कि वियतनाम के सेंट्रल इलाके में भारी बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है। इसके अलावा नौ लोग लापता हैं। अधिकारियों की तरफ से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ से 67,700 से ज्यादा घर डूब गए हैं और 168 दूसरी संरचनाओं को नुकसान हुआ है। 13,000 हेक्टेयर से ज्यादा चावल और दूसरी फसलें, साथ ही 88 हेक्टेयर मछली पालन फार्म डूब गए, जबकि 30,700 से ज्यादा जानवर और मुर्गियां मारे गए या बह गए। सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस भयावह बाढ़ की वजह से लगभग 3 ट्रिलियन वियतनामी डोंग के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब है कि लगभग 120 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। इससे पहले सिन्हुआ ने सरकारी मीडिया के हवाले से बताया था कि ट्रांसपोर्ट सर्विस बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। वियतनाम रेलवे कॉर्पोरेशन ने हाल के दिनों में 14 पैसेंजर ट्रेनों को रोक दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली जाने से कई राज्यों में 1 मिलियन से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। खान होआ प्रांत के 14 इलाकों और वार्डों में करीब 9,000 घर पानी में डूब गए। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड हुई, जिसके बाद ट्रैफिक में भी रुकावट आई है। इसकी वजह से लोगों की सुरक्षा को खतरा है। हालांकि, बुधवार सुबह तक बाढ़ वाले इलाकों से 6,500 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित जगहों पर भेजा जा चुका था। खान होआ प्रांत में बारिश की वजह से हुए लैंडस्लाइड में सात लोगों की मौत हो गई। उसी प्रांत में दो और लोगों का पता नहीं चल पाया है। डा नांग शहर में एक और लैंडस्लाइड के बाद तीन लोग लापता हैं। क्वांग ट्राई प्रांत और ह्यू शहर में बाढ़ के पानी में बह जाने के बाद एक-एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है। इस बाढ़ में क्वांग ट्राई प्रांत और ह्यू शहर के 13,759 घर डूब गए। यहां पर 7,000 हेक्टेयर चावल के खेत बर्बाद हो गए। इसके अलावा बाढ़ में 357 जानवर और 4,900 मुर्गियां मर गई या बह गईं। क्वांग ट्राई प्रांत, ह्यू शहर, क्वांग न्गाई प्रांत और लाम डोंग प्रांत में ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बुरी तरह बाधित रहे।

आचार्य चाणक्य की सीख: ये गलतियाँ कर देती हैं सफलता से दूर

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक ज्ञानी पुरुष हुए इन्हीं में से एक थे आचार्य चाणक्य, जिनकी नीतियां इतनी प्रसिद्ध हैं कि आज भी लोग अपने जीवन को सुंदर और सरल बनाने के लिए इनका पालन करते हैं। जीवन का ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जिसके बारे में आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जिक्र ना किया हो। युद्ध के मैदान से लेकर गृहस्थ जीवन की बारीकियों को समझाने के लिए, आचार्य ने कई नीतियां गढ़ीं। अपनी इन्हीं नीतियों में उन्होंने कुछ ऐसी आदतों का भी जिक्र किया है, जो किसी भी व्यक्ति की तरक्की में बाधा बन सकती है। आचार्य की मानें तो अपनी इन्हीं आदतों की वजह से एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाता। तो चलिए आज उन्हीं आदतों के बारे में जानते हैं। अपने मन पर नियंत्रण ना रख पाना जिस व्यक्ति का अपने मन पर कंट्रोल नहीं होता है, उसे जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिल सकती। आचार्य चाणक्य की नीति में इससे जुड़ा एक श्लोक भी है – "अनवस्थित यस्य न जने न वने सुखम्, जनो दहति संसर्गात् वनं संगविवर्जनात।" जिसका मतलब है कि जिसका मन अशांत है उसे कहीं भी सुख नहीं मिलता, ऐसे में वो दर बदर भटकता ही रहता है। चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाता है, उसका किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। ऐसे में सफलता उससे कोसों दूर भागती है। नकारात्मक सोच भी है तरक्की में बाधा किसी भी व्यक्ति की सोच का प्रभाव उसके कार्य और जीवन पर भी पड़ता है। जो व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है, उसके जीवन में भी पॉजिटिविटी ही रहती है। लेकिन जिस व्यक्ति की सोच नकारात्मक होती है, उसे अपने जीवन में भी नकारात्मकता का ही सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को कभी भी सफलता नहीं मिलती और उनके बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। हमेशा पास्ट में अटके रहना भी है नेगेटिव जीवन में सफल होने के लिए बीती बातों को भुलाकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने पास्ट में ही अटके रहकर खुद को कोसते रहते हैं, वो जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते। आचार्य चाणक्य के अनुसार बीती बातों या असफलताओं से सबक लेकर, जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नए सिरे से नई शुरुआत करनी चाहिए। सफलता का यही मूल मंत्र है। पास्ट की नेगेटिव बातों को सोचने से प्रेजेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। जिनमें होती है आत्मविश्वास की कमी जीवन में सफलता तभी मिलेगी, जब आपको खुद पर यकीन होगा। जिस व्यक्ति को खुद पर ही विश्वास नहीं होगा, वो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकता। ये कहना गलत नहीं होगा कि सफल होने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है, उसे सफलता तो दूर समाज में मान-सम्मान भी नहीं मिलता है।  

दिल्ली की खराब एयर क्वालिटी से प्रभावित टूर्नामेंट, BCCI ने मैचों का स्थान बदला

 नई दिल्ली दिल्ली में पिछले कई सालों से सर्दियों में हवा जहरीली हो जाती है। इतनी जहरीली कि जो सांसें जिंदगी की पहचान होती हैं, वही बीमार करने लगती हैं। देश की राजधानी में वायु प्रदूषण का आलम ये रहता है कि अगर सर्दियों में कोई विदेशी टीम यहां खेले तो उसके खिलाड़ियों को मास्क लगाकर खेलने की नौबत आ जाती है। अब तो बीसीसीआई ने खुद ही दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर अपने एक अहम टूर्नामेंट के दिल्ली में होने वाले मैचों को आनन-फानन में मुंबई शिफ्ट कर दिया है।  रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई ने पुरुषों के अपने सालाना अंडर-23 वनडे टूर्नामेंट के नॉकआउट स्टेज को दिल्ली से मुंबई शिफ्ट कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड ने लिखित में नहीं, बल्कि मौखिक तौर पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को 25 नवंबर से 1 दिसंबर तक मैचों की मेजबानी के लिए तैयार रहने को कहा है। दिल्ली में वायु प्रदूषण में कोई सुधार नहीं हो रहा। गुरुवार को दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'बहुत ही गंभीर' में रहा। सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक्यूआई 400 पर पहुंच गया था। पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता और ज्यादा खराब होगी। आनन-फानन में मुंबई को सौंपी गई मेजबानी इंडियन एक्सप्रेस ने एमसीए के सूत्रों को कोट किया है, 'हमें आज बीसीसीआई से कॉल आया था। उन्होंने हमें बताया कि एमसीए को अंडर-23 वनडे के नॉकआउट मैचों को अलॉट किया गया है क्योंकि राजधानी में बहुत ज्यादा वायु प्रदूषण है। उन हालात में क्रिकेट नहीं खेला जा सकता।' टूर्नामेंट का आखिरी लीग स्टेज मैच शुक्रवार को वडोदरा में है। टूर्नामेंट में 8 टीमें नॉकआउट स्टेज में खेलेंगी और आने वाले दिनों में उनका शेड्यूल जारी किया जाएगा। इससे पहले बीसीसीआई ने प्रदूषण के मद्देनजर ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट को दिल्ली से कोलकाता शिफ्ट किया था। इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट मैच खेला गया था। तब प्रदूषण कम था। जब श्रीलंका के खिलाड़ियों को मास्क पहनकर खेलना पड़ा था 2017 में श्रीलंका की टीम भारत दौरे पर आई हुई थी और दिसंबर के पहले हफ्ते में दिल्ली में टेस्ट मैच खेला गया। तब भी हवा बहुत जहरीली हो चुकी थी। टेस्ट मैच के दौरान एक्यूआई 316 से बढ़कर 390 हो गया था जिसकी वजह से श्रीलंका के कुछ खिलाड़ियों को मास्क लगाकर खेलते हुए देखा गया। मैच के दूसरे दिन तो श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लाहिरु गामेज को एक ओवर के बीच में ही सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी और उस वजह से मैच को 17 मिनट के लिए रोकना पड़ा था। टेस्ट के दौरान एक वक्त को श्रीलंका के पास फील्डिंग करने के लिए सिर्फ 10 फिट खिलाड़ी ही रह गए थे और ड्रेसिंग रूम में ऑक्सिजन सिलिंडर मंगवाने पड़े थे।

पर्स में लक्ष्मी नोट रखने का महत्व: वास्तु अनुसार धन की ऊर्जा होती है मजबूत

 भारतीय वास्तु शास्त्र में धन का विशेष महत्व बताया गया है। घर, तिजोरी और धन रखने की जगहों की तरह हमारा पर्स भी ऊर्जा का केंद्र माना गया है। कहा जाता है कि यदि पर्स में सही वस्तुएं हों और उसे सही तरीके से रखा जाए, तो धन की कमी कभी नहीं होती। वहीं गलत वस्तुएं रखने से पैसा रुक जाता है और आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं। वास्तु सिद्धांतों पर आधारित यहां कुछ हिदायतें दी जा रही हैं, जो आपके पर्स में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करेंगी। हमेशा साफ-सुथरा और नया पर्स इस्तेमाल करें वास्तु के अनुसार फटा, पुराना या रंग उड़ चुका पर्स नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। ऐसा पर्स धन को रोक देता है और लक्ष्मी कृपा कम होती है। पर्स हमेशा अच्छी स्थिति में रखें, यदि पर्स खराब हो जाए तो तुरंत बदलें। पर्स में पैसे हमेशा व्यवस्थित रखें धन को अस्त-व्यस्त रखना धन देवता का अपमान माना जाता है। नोटों को मोड़कर न रखें। नोट और सिक्कों को अलग-अलग कम्पार्टमेंट में रखें। पर्स की प्रत्येक जेब का अलग उद्देश्य रखें। पर्स में बेकार चीज़ें न रखें वास्तु शास्त्र कहता है कि पर्स किसी कचरे की तरह नहीं भरना चाहिए। पुराने बिल, बेकार पर्चियां, बहुत सारे विजिटिंग कार्ड, फटे कागज़, ATM स्लिप्स। इन सभी को पर्स से तुरंत बाहर निकाल दें। सबसे महत्वपूर्ण पर्स में कभी मृत व्यक्ति की फोटो न रखें, यह धन के मार्ग को रोकता है। पर्स में रखने के शुभ और धनवर्धक उपाय पीले कागज पर लाल स्याही से 'ॐ' या 'स्वस्तिक' रखें। यह पर्स में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। पीले कागज पर लाल रंग में ‘ॐ’ या ‘स्वस्तिक’ बनाएं। इसे पारदर्शी पाउच में रखकर पर्स में रखें। यह किसी भी तरफ से फटा या गंदा न हो। खराब होने पर उसे जल में प्रवाहित करें और नया रखें। लक्ष्मी पूजा के चावल पर्स में रखें धन वृद्धि का यह सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। लक्ष्मी पूजा में अर्पित किए गए कुछ अक्षत (चावल) उन्हें लाल कपड़े में बांधकर पर्स में रखें। कहा जाता है कि इससे धन की कमी कभी नहीं होती। पर्स में हमेशा थोड़ा स्थायी धन रखें पर्स कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए। एक ₹10 या ₹50 या ₹100 का नोट हमेशा स्थायी रूप से रखें। इसे 'लक्ष्मी नोट' मानकर खर्च न करें। इसके कारण पर्स में हमेशा धन का प्रवाह बना रहता है। चांदी का छोटा सिक्का या कछुआ रखें वास्तु के अनुसार चांदी शुद्धता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। चांदी का कछुआ, चांदी का लक्ष्मी-गणेश सिक्का पर्स में रखने से धन का आकर्षण बढ़ता है।

धनबाद में ED ने की रेड, कारोबारी ने रोकने के लिए छोड़े कुत्ते; थैलों में मिले भारी नोट और ज्वेलरी

रांची  केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (Directorate of Enforcement/ED) ने झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कोयला माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई में बड़े खुलासे हुए हैं. 21 नवंबर की सुबह करीब साढ़े पांच बजे ही इस सर्च ऑपरेशन के दौरान झारखंड के 18 लोकेशन पर दबिश दी गई, जिसके बाद कोयला माफियाओं के बीच यह खबर चर्चा का विषय बन गया. काफी समय के बाद इतने बड़े स्तर पर कोयला माफियाओं के खिलाफ सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. कोयला माफियाओं के यहां से बड़ी मात्रा में नकदी और ज्‍वेलरी बरामद की गई हैं. जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि झारखंड के 18 लोकेशन और उसी वक्त पश्चिम बंगाल के करीब 24 से अधिक लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई प्रारंभ की गई. इन कोयला माफियाओं का आपस में काफी करीबी संबंध बताया जा रहा है, जिसका आपस में कई राज्यों में अपना नेटवर्क है. इसके मार्फत वो अपना काला साम्राज्य चलाते हैं. इसी काले नेटवर्क को तोड़ने के लिए जांच एजेंसी ईडी द्वारा बड़े पैमाने पर दो राज्यों में सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि जांच के शुरुआती चरण में ही काफी महत्वपूर्ण सबूतों और इलेक्ट्रोनिक एविडेंस को कई लोकेशन से इकठ्ठा किए गए हैं. इसके आधार पर अब जांच का दायरा काफी आगे बढ़ने वाला है. धनबाद में भी एक्‍शन झारखंड की कोयला राजधानी के तौर पर चर्चित धनबाद के कई कोल माफियाओं के यहां सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है. धनबाद में लाल बहादुर सिंह का नाम भी शामिल है. बड़े स्तर के कोयला कारोबारी के यहां जब जांच एजेंसी की टीम पहुंची तब आसपास काफी संख्या में लोग इकठ्ठा होने लगे. लिहाजा पहले से ही मुस्तैद जांच एजेंसी की टीम अर्धसैनिक बल के जवानों की संख्या में और ज्यादा बढ़ोतरी कर दी, ताकि कानून व्यवस्था बरकरार रहे. सूत्र बताते हैं कि धनबाद स्थित देव विला इलाके में पहले भी अन्य एजेंसी द्वारा दबिश दी गई थी, लेकिन आरोपियों के इशारे पर काफी संख्या में लोग इकट्ठे हो जाते थे और जांच एजेंसी की टीम को परेशान कर उन्हें प्रभावित करने का प्रयास करते थे. इस बार ईडी की टीम मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ लोकेशन पर पहुंची और अपने स्तर पर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है. हर तरफ मची खलबली जांच एजेंसी के सूत्र की मानें तो 21 नवंबर को जब ये सर्च ऑपरेशन स्टार्ट हुआ तब कोल माफियाओं के बीच खलबली मच गई. ऐसा माना जाता है कि उनके कनेक्शन कई राजनीतिक हस्तियों सहित अन्य प्रभावशाली लोगों के साथ हैं. ईडी द्वारा कोलकाता के सॉल्टलेक जैसे प्राइम लोकेशन में रहने वाले आरोपी नरेंद्र खड़का (Narendra Kharka ) के कोलकाता, दुर्गापुर सहित कई लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. इसके साथ ही अन्य कोल माफियाओं के हावड़ा, दुर्गापुर, आसनसोल, पुरुलिया, वर्धमान में भी सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. सूत्र बताते हैं कि पश्चिम बंगाल में चर्चित कोल माफिया (कृष्ण मुरारी, युधिष्ठिर घोष, परवेज आलम सिद्दकी) के आवास सहित अन्य लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. ED टीम को रोकने के लिए कारोबारी ने छोड़े पालतू कुत्ते प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला खनन और परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में झारखंड और पश्चिम बंगाल में 40 से अधिक जगहों पर एक समन्वित और बड़ी कार्रवाई शुरू की है. कोयला कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सबसे पहले आज धनबाद में बड़ी कार्रवाई की. ईडी की टीम ने तड़के सुबह कोल कारोबारी एल.बी. सिंह के आवास और उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों पर एकसाथ छापेमारी शुरू की. जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम ने धनबाद में देव बिला क्षेत्र सहित कुल 18 ठिकानों पर दबिश दी है.  एक अधिकारी ने बताया कि ये सर्च ऑपरेशन कोयला चोरी और स्मगलिंग के कई बड़े मामलों से जुड़े हैं, जिसमें अनिल गोयल, संजय उद्योग, एलबी सिंह और अमर मंडल के मामले शामिल हैं. इन मामलों में कुल मिलाकर कोयले की बड़ी चोरी और चोरी शामिल है, जिससे सरकार को सैकड़ों करोड़ का भारी फाइनेंशियल नुकसान हुआ है. पने पालतू कुत्तों को छोड़ दिया. कुत्ते परिसर में घूम रहे हैं और ईडी अफसरों को घर में घुसने से रोके हुए हैं, जबकि एल.बी. सिंह घर के अंदर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. यह घटना ईडी की कार्रवाई में बाधा डालने के प्रयास को दर्शाती है. ईडी के अधिकारी अब कानूनी और सुरक्षात्मक उपायों के तहत परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि छापेमारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके. बंगाल में भी छापेमारी इसके अलावा, ईडी कोलकाता, दुर्गापुर, पुरुलिया और हावड़ा जिलों में अवैध कोयला खनन, गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन और कोयले के स्टोरेज से संबंधित मामलों में 24 स्थानों पर तलाशी ले रहा है. इस कार्रवाई के तहत जिन लोगों से जुड़ी जगहों को कवर किया जा रहा है, उनमें नरेंद्र खरका, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कयाल और अन्य शामिल हैं. यह कार्रवाई झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय कोयला माफियाओं के खिलाफ ईडी की व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है.