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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विवाह पंचमी पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में किया ध्वजारोहण

सदियों के घाव भर रहे, वेदना विराम पा रही और संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहाः पीएम मोदी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विवाह पंचमी पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में किया ध्वजारोहण  अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैः प्रधानमंत्री  सदियों और सहस्रशताब्दियों तक यह धर्म ध्वज प्रभु राम के आदर्शों व सिद्धातों का उद्घोष करेगाः प्रधानमंत्री अयोध्या  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज के आरोहण समारोह में अपने विचार रखे। पीएम मोदी ने अपनी भावनाओं का आगाज ‘सियावर रामचंद्र की जय, जय सियाराम’ से किया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष बिंदु की साक्षी बन रही है। आज संपूर्ण भारत व विश्व राममय है। हर रामभक्त के हृदय में अद्वितीय संतोष, असीम कृतज्ञता, अपार अलौकिक आनंद है। सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहूति है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही। जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं, आज भगवान श्रीराम मंदिर के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा,  श्रीराम का दिव्य प्रताप इस धर्मध्वजा के रूप में दिव्यतम, भव्यतम मंदिर में प्रतिष्ठापित हुआ है।  धर्मध्वज भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धर्मध्वज केवल ध्वज नहीं, यह भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग इस पर रचित सूर्यवंश की ख्याति, वर्णित ओम शब्द व अंकित कोविदार वृक्ष रामराज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करता है। यह ध्वज संकल्प, सफलता और संघर्ष से सृजन की गाथा है। यह ध्वज सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार स्वरूप है। यह ध्वज संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणीति है। सदियों और सहस्रशताब्दियों तक यह धर्म ध्वज प्रभु राम के आदर्शों व सिद्धातों का उद्घोष करेगा। यह धर्मध्वज आह्वान करेगा कि जीत सत्य की ही होती है, असत्य की नहीं। धर्मध्वज उद्घोष करेगा कि सत्य ही ब्रह्म का स्वरूप है, सत्य में ही धर्म स्थापित है। यह धर्मध्वज प्रेरणा बनेगा ‘प्राण जाय पर वचन न जाई’ अर्थात जो कहा जाए, वही किया जाए। यह धर्मध्वज संदेश देगा कि ‘कर्म प्रधान विश्व रचि राखा’ अर्थात विश्व में कर्म व कर्तव्य की प्रधानता हो। धर्मध्वज कामना करेगा कि भेदभाव, पीड़ा-परेशानी से मुक्ति मिले और समाज में शांति व सुख हो। मंदिर के ध्येय का प्रतीक है धर्म ध्वज  प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्मध्वज संकल्पित करेगा कि हम ऐसा समाज बनाएं, जहां गरीबी, दुख या लाचारी न हो। हमारे ग्रंथों में कहा गया है कि जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते और दूर से ध्वज को प्रणाम कर लेते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्य मिल जाता है। धर्म ध्वज भी मंदिर के ध्येय का प्रतीक है। य़ह ध्वज दूर से ही रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराएगा और युगों-युगों तक प्रभु श्रीराम के आदेशों व प्रेरणाओं को मानव तक पहुंचाएगा। पीएम मोदी ने करोड़ों रामभक्तों के साथ ही राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग देने वाले दानवीरों, श्रमवीरों, योजनाकारों, वास्तुकारों का आभार जताया।  अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। यही वह नगरी है, जहां से श्रीराम ने जीवनपथ शुरू किया था। इसी अयोध्या ने संसार को बताया कि एक व्यक्ति कैसे समाज की शक्ति व संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है। जब श्रीराम अयोध्या से वनवास गए तो वे युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए। उनके मर्यादा पुरुषोत्तम बनने में महर्षि वशिष्ठ का ज्ञान, महर्षि विश्वामित्र की दीक्षा, महर्षि अगस्त्य का मार्गदर्शन, निषादराज की मित्रता, मां शबरी की ममता, भक्त हनुमान के समर्पण के साथ ही अनगिनत लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।  भारत के सामूहिक सामर्थ्य की चेतना स्थली बन रहा है राम मंदिर का दिव्य प्रांगण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए समाज की सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। राम मंदिर का दिव्य प्रांगण भारत के सामूहिक सामर्थ्य की चेतना स्थली बन रहा है। यहां सप्त मंदिर, मां शबरी, निषादराज गुह्य का भी मंदिर है। यहां एक ही स्थान पर मां अहिल्या, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य और संत तुलसीदास हैं। रामलला के साथ-साथ इन ऋषियों के भी दर्शन यहीं होते हैं। जटायु व गिलहरी की मूर्ति भी बड़े संकल्पों की सिद्धि के लिए हर छोटे से छोटे प्रयास के महत्व को दिखाती है।  राम भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं  पीएम मोदी ने कहा कि यह मंदिर आस्था के साथ मित्रता, कर्तव्य व सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को शक्ति देते हैं। हमारे राम भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं। उनके लिए व्यक्ति का कुल नहीं, भक्ति महत्वपूर्ण है। उन्हें मोक्ष नहीं, मूल्य प्रिय है। उन्हें शक्ति नहीं, सहयोग महान लगता है। आज हम भी इसी भावना से आगे बढ़ रहे हैं। 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े, आदिवासी, वंचित, किसान, श्रमिक, युवा हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति, वर्ग, क्षेत्र सशक्त होगा, तब संकल्प की सिद्धि में सबका प्रयास लगेगा। 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब सबके प्रयास से ही हमें विकसित भारत का निर्माण करना होगा।  हमें आने वाले दशकों व सदियों को ध्यान में रखकर कार्य करना होगा  पीएम मोदी ने कहा कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर राम से राष्ट्र के संकल्प की चर्चा करते हुए मैंने कहा था कि आने वाले एक हजार वर्षों के लिए भारत की नींव मजबूत करनी है। जो सिर्फ वर्तमान की सोचते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। हमें वर्तमान के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के बारे में सोचना है। जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था, जब हम नहीं रहेंगे, यह देश तब भी रहेगा। हमें दूरदृष्टि के साथ ही काम करना होगा। हमें आने वाले दशकों, सदियों को ध्यान में रखना ही होगा।  हमें प्रभु राम के व्यवहार को करना होगा आत्मसात   पीएम मोदी ने कहा कि हमें प्रभु राम और उनके … Read more

चंडीगढ़ विधेयक पर केंद्र का फैसला आया; CM मान बोले— पंजाब की हक़ की लड़ाई हुई मजबूत

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ से संबंधित प्रस्तावित विधेयक को फिलहाल संसद में पेश न करने के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि पंजाब से जुड़े किसी भी मुद्दे में राज्य की जनता और सरकार की राय लेना बेहद जरूरी है. आपको बता दें कि सीएम मान का यह बयान उस समय आया जब गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि शीतकालीन सत्र में चंडीगढ़ के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव को लेकर कोई विधेयक नहीं लाया जाएगा. मुख्यमंत्री मान ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब राज्यों को सम्मान के साथ निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि पंजाब के हितों और भावनाओं को अनदेखा कर किसी भी केंद्रीय निर्णय को स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पंजाब से संबंधित हर बड़े फैसले से पहले राज्य से विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि किसी तरह की गलतफहमी या विवाद न हो.   गृह मंत्रालय के स्पष्टीकरण के बाद पंजाब की राजनीतिक हलचल में हल्का बदलाव देखा गया. जिसके चलते मंत्रालय ने कहा कि चंडीगढ़ से जुड़े बदलावों पर आधारित कोई विधेयक शीतकालीन सत्र में पेश नहीं होगा. यह बयान पंजाब में उठे राजनीतिक सवालों और जनता की चिंता को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री मान ने दोहराया कि चंडीगढ़ का मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि पंजाब की पहचान, अधिकार और सम्मान से जुड़ा है. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को खुशी से कहा कि केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ विधेयक को वापस लेने और इसे संसद में न लाने का फैसला किया है.   आम आदमी पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह कंग और पार्टी के अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के रुख की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब के अधिकारों के मुद्दे पर मान सरकार ने स्पष्ट, मजबूत और दृढ़ स्थिति अपनाई है. नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री मान ने इस विषय पर पंजाब की आवाज को प्रभावी रूप से केंद्र तक पहुंचाया है, जिससे राज्य की चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से सुना गया. पंजाब में जारी राजनीतिक बयानबाजी और कई दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शांत, संतुलित और जिम्मेदार रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ मुद्दे को सही दिशा में आगे बढ़ाया. उनके इस व्यवहार को राज्यहित में एक परिपक्व और सूझबूझ भरा कदम माना जा रहा है. समग्र रूप से, चंडीगढ़ विवाद के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न केवल नेतृत्वकारी भूमिका निभाई, बल्कि राज्य के हितों और अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोबारा स्पष्ट किया. उनकी इस भूमिका को पंजाब के राजनीतिक और सामाजिक वर्गों द्वारा सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है.  

टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा टारगेट! पंत की टीम के सामने रिकॉर्ड तोड़ने की चुनौती

नई दिल्ली  इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका 2 मैच की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला गुवाहाटी में खेला जा रहा है। सीरीज में 0-1 से पिछड़ रही टीम इंडिया पर इस मैच में भी हार का खतरा मंडरा रहा है। IND vs SA टेस्ट मैच के चौथे दिन साउथ अफ्रीका की लीड 400 के करीब पहुंच गई है। भारत को अगर यह टेस्ट मैच जीतना है तो इतिहास रचना होगा। बता दें, भारत में आज तक कोई टीम 400 से अधिक रनों का टारगेट चेज नहीं कर पाई है। ऐसे में ऋषभ पंत की टीम के लिए गुवाहाटी टेस्ट में हार को टाल पाना आसान नहीं होगा। भारत में चौथे-पांचवें दिन तक बल्लेबाजों के लिए पिच इतनी कठिन हो जाती है कि यहां ज्यादा देर पिच पर टिक पाना उनके लिए आसान नहीं होता। यही वजह है कि चौथी पारी में भारत में टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में आज तक सिर्फ एक ही बार 300 से अधिक रन का टारगेट चेज हुआ है। जी हां, यह कारनामा टीम इंडिया ने ही 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में करके दिखाया था। उस दौरान भारत ने 387 रनों का पीछा किया था। सचिन तेंदुलकर ने शानदार शतक जड़ते हुए नाबाद 103 रन बनाए थे, वहीं उनका साथ अंत तक युवराज सिंह ने 85 रन बनाकर दिया था। भारत में टेस्ट क्रिकेट में चेज हुए टॉप-5 सबसे बड़े टारगेट     387/4 – इंडिया बनाम इंग्लैंड, चेन्नई, 2008     276/5 – वेस्टइंडीज बनाम इंडिया, दिल्ली, 1987     276/5 – इंडिया बनाम वेस्टइंडीज, दिल्ली, 2011     262/5 – इंडिया बनाम न्यूजीलैंड, बेंगलुरु, 2012     256/8 – इंडिया बनाम ऑस्ट्रेलिया, ब्रेबोर्न, 2010 कैसा रहा अभी तक IND vs SA दूसरा टेस्ट? टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम ने सेनुरन मुथुसामी के शतक और मार्को यान्सन की 93 रनों की पारी के दम पर 489 रन बोर्ड पर लगाए। इसके जवाब में टीम इंडिया 201 रनों पर ढेर हो गई। साउथ अफ्रीका ने पहली पारी के बाद 288 रनों की बढ़त हासिल की। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में बिना कोई विकेट खोए 26 रन बनाए। भारत पर अब मेहमान टीम 314 रनों की बढ़त हासिल कर चुकी है।  

पंजाब-हरियाणा में ठिठुरन बढ़ी: फरीदकोट 4°C, हिसार रहा सबसे ठंडा शहर

चंडीगढ़ पंजाब के फरीदकोट में मंगलवार को न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पड़ोसी राज्य हरियाणा के हिसार में सबसे कम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ही फरीदकोट, पंजाब का सबसे ठंडा स्थान रहा। फरीदकोट में सोमवार को भी पंजाब में सबसे कम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। चंडीगढ़ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर में सात डिग्री, अमृतसर में 7.8 डिग्री, लुधियाना में 7.4 डिग्री, पटियाला में 8.4 डिग्री और फिरोजपुर में 6.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।   हरियाणा के सिरसा में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस, करनाल में 8 डिग्री, अंबाला में 10.3 डिग्री, रोहतक में 8.2 डिग्री और भिवानी में 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कोविदार वृक्ष तथा सूर्य से संकल्प लेकर सत्पुरुषों के समान उत्तम जीवन जीने की दुनिया को देनी होगी प्रेरणा : डॉ. मोहन भागवत

संपूर्ण विश्व को अपने आलोक से सुख-शांति प्रदान करने वाला धर्म ध्वज फिर से हुआ शिखर पर विराजमान : डॉ. मोहन भागवत कोविदार वृक्ष तथा सूर्य से संकल्प लेकर सत्पुरुषों के समान उत्तम जीवन जीने की दुनिया को देनी होगी प्रेरणा : डॉ. मोहन भागवत अयोध्या  मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष पंचमी यानी विवाह पंचमी के पावन अवसर पर अयोध्या धाम सहित संपूर्ण विश्व प्रभु श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पूर्णत्व का साक्षी बना। इस अवसर पर मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज के आरोहण समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि आज हम सबके लिए सार्थकता का दिवस है। उन्होंने कहा कि कितने ही लोगों ने जो सपना देखा, कितने ही लोगों ने जो प्रयास किए, अपने प्राण अर्पित किए, आज उनकी स्वर्गस्थ आत्मा तृप्त हुई होगी। आज वास्तव में अशोक सिंघल जी को शांति मिली होगी। महंत रामचंद्र दास जी महाराज, डालमिया जी समेत कितने ही संत, गृहस्थ एवं विद्यार्थियों ने प्राणार्पण किया, पसीना बहाया। उन्होंने कहा कि जो पीछे रहे, वे भी यही इच्छा व्यक्त करते थे कि मंदिर बनेगा जो अब बन गया है। आज मंदिर निर्माण की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई। ध्वजारोहण भी हो गया। निश्चित तौर पर यह एक ऐतिहासिक व पूर्णत्व का क्षण है। आज का दिन कृतार्थता का दिवस है। आज हमारे संकल्प की पुनरावृत्ति का दिवस है, जिसे हमारे पूर्वजों ने हमें दिया है। धर्म का प्रतीक भगवा रंग ही है ध्वज का रंग डॉ. भागवत ने कहा कि रामराज्य का ध्वज, जो कभी अयोध्या में फहराता था और संपूर्ण विश्व में अपने आलोक से सुख-शांति प्रदान करता था, वह ध्वज आज फिर से नीचे से ऊपर चढ़कर शिखर पर विराजमान हो चुका है। इसे हमने अपनी आंखों से इसी जन्म में देखा है। ध्वज धर्म का प्रतीक होता है। इतना ऊंचा ध्वज चढ़ाने में भी समय लगा, ठीक ऐसे ही मंदिर बनाने में भी समय लगा। 500 साल छोड़ें तो भी 30 साल तो लगे ही। उस मंदिर के रूप में हमने उन तत्वों को ऊपर पहुंचाया है जिनसे संपूर्ण विश्व का जीवन ठीक चलेगा। उसी धर्म का प्रतीक भगवा रंग इस धर्म ध्वज का रंग है। रघुकुल परंपरा से जुड़े प्रतीक चिह्नों से सीखें सत्पुरुष का कर्तव्य उन्होंने कहा कि इस धर्म ध्वज पर कोविदार का प्रतीक रघुकुल की परंपरा से जुड़ा हुआ है। यह कचनार जैसा लगता है। यह मंदार और पारिजात दोनों वृक्षों के गुणों का संयुक्त रूप है। वृक्ष स्वयं धूप में खड़े रहकर सबको छाया देते हैं, फल स्वयं उगाते हैं और दूसरों को बांट देते हैं। “वृक्षाः सत्पुरुषाः इव” अर्थात वृक्ष सत्पुरुषों के समान हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा जीवन जीना है तो चाहे कितनी प्रतिकूलता हो, साधनहीनता हो, दुनिया स्वार्थ में बहती हो फिर भी हमारा संकल्प है कि हमें धर्म के पथ पर चलना है। भागवत बोले, कचनार के औषधीय गुण हैं, खाद्य उपयोग में भी आता है। सब प्रकार से उपयोगी यह प्रतीक धर्म जीवन का पर्याय है। सूर्य भगवान धर्म के तेज और संकल्प के प्रतीक हैं। उनके रथ का चक्र एक है, रास्ता नहीं है, सात घोड़े हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सर्प की लगाम है, सारथी के पैर नहीं हैं। क्या ऐसी गाड़ी चल सकती है? फिर भी वे बिना थके प्रतिदिन पूरब से पश्चिम जाते आते हैं। कार्य की सिद्धि स्वयं के भरोसे होती है। ओंकार से होता है सत्य का प्रतिनिधित्व डॉ. भागवत के अनुसार, हिंदू समाज ने लगातार 500 वर्षों और बाद के दीर्घ आंदोलन में अपने इस स्वत्व को सिद्ध किया। रामलला आ गए, मंदिर बन गया। यही बात सत्य पर आधारित धर्म को लेकर भी है। सत्य का प्रतिनिधित्व ओंकार से होता है। वही ओंकार संपूर्ण विश्व को देने वाला भारत हमें खड़ा करना है। उन्होंने कहा कि हमारे संकल्प का प्रतीक हम पूरा कर चुके हैं। धर्म, ज्ञान, छाया तथा सुफल संपूर्ण दुनिया में बांटने वाला भारतवर्ष खड़ा करने का काम शुरू हो गया है। इस प्रतीक को ध्यान में रखते हुए सभी विपरीत परिस्थितियों में हमें एकजुट होकर सतत कार्य करना होगा। भारतवर्ष के लोगों से दुनिया सीखे जीवन जीने का तरीका आरएसएस सर संघचालक ने कहा, “एतद्देशप्रसूतस्य सकाशादग्रजन्मनः” अर्थात इस देश में जन्मे अग्रजन्मा ऐसा जीवन जिएं कि दुनिया उनसे प्रेरणा लें। “स्वं स्वं चरित्रं शिक्षेरन् पृथिव्यां सर्वमानवाः” यानी पृथ्वी के समस्त मानव भारतवासियों के चरित्र से जीवन की विद्या सीखें। उन्होंने कहा कि परम वैभव सम्पन्न, सबके लिए खुशी और शांति बांटने वाला तथा विकास का सुफल देने वाला भारतवर्ष हमें खड़ा करना है। यही विश्व की अपेक्षा और हमारा कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला विराजमान हैं, उनसे प्रेरणा लेकर कार्य की गति हम आगे बढ़ाएं। इस अवसर पर रामदास स्वामी के श्लोक “स्वप्नी जे देखिले रात्री, तेते तैसेचि होतसे” का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि जैसा सपना उन्होंने देखा था, उससे भी अधिक भव्य और सुंदर मंदिर आज बन गया है। सभी सनातन धर्मावलंबियों और भारतवर्ष के नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारे हृदय में तप का सृजन करे यही कामना है।

अयोध्या को एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अनेक परियोजनाएं हो रहीं संचालित

नव्य, दिव्य और अलौकिक अयोध्या : श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद तीव्र गति से हो रहा सर्वांगीण विकास अयोध्या को एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अनेक परियोजनाएं हो रहीं संचालित पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्र ने शहर के आर्थिक विकास को दी नई रफ्तार अयोध्या  दिव्य एवं भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में अयोध्या का कायाकल्प अभूतपूर्व गति से हो रहा है। अयोध्या को एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अनेक परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्र ने शहर के आर्थिक विकास को नई रफ्तार दी है। नए उद्योगों और व्यवसायों के स्थापित होने से रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़े हैं। अयोध्या में विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त अयोध्याधाम रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया गया है। हनुमानगढ़ी से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक भक्ति पथ का निर्माण पूरा हो चुका है। सुगम्य अयोध्या के तहत महर्षि वाल्मीकि हवाई अड्डे का निर्माण भी पूर्ण हो गया है। सहादतगंज से नयाघाट तक लगभग 13 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क का निर्माण तथा अयोध्या–सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 330 और लता मंगेशकर चौक से गोरखपुर राजमार्ग तक धर्मपथ का चार लेन विस्तार पूरा हो चुका है। श्रीराम मंदिर निर्माण के उपरांत अयोध्या में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, हनुमान, गरुण और जटायू नामक छह भव्य प्रवेश द्वार विकसित किए गए हैं। अयोध्या के 11 ब्लॉकों में मियावाकी पद्धति के माध्यम से 55 वैदिक वनों का विकास किया गया है। ‘नव्य अयोध्या’ के अंतर्गत हरित क्षेत्र विस्तार और हाईटेक वेलनेस सिटी के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। लगभग ₹750 करोड़ की लागत से विश्व स्तरीय संग्रहालय का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें ₹650 करोड़ भवन निर्माण पर तथा ₹100 करोड़ आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जाएंगे। यह परियोजना टाटा संस द्वारा CSR पहल के तहत वित्तपोषित की जा रही है। यह संग्रहालय देश की प्रमुख वैष्णव परंपराओं, उनकी मंदिर वास्तुकला, इतिहास और परंपराओं का भव्य प्रतिनिधित्व करेगा। अयोध्या में आवास विकास परिषद द्वारा 550 एकड़ में ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित की जा रही है, जिसे ‘नव्य अयोध्या’ योजना का प्रमुख घटक माना जा रहा है। यह प्रदेश की सर्वाधिक हाईटेक टाउनशिप में से एक होगी। लगभग ₹218 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम और इलेक्ट्रिक डक्ट का निर्माण हो रहा है। करीब 200 एकड़ क्षेत्र को हरित पट्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। टाउनशिप में सुपर स्पेशलिटी मेडिकल ज़ोन और हाईटेक प्रौद्योगिकी पार्क के लिए भी भूखंड तैयार किए जा रहे हैं, जो ‘वेलनेस सिटी’ की अवधारणा को मजबूती प्रदान करते हैं। अयोध्या में ₹750 करोड़ की लागत से म्यूजियम ऑफ टेंपल्स का निर्माण प्रगति पर है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान अयोध्या के लिए 159 एमओयू सम्पन्न हुए हैं। शहर को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। करोड़ों के निवेश के साथ 5-सितारा और 4-सितारा श्रेणी की लगभग 42 होटल श्रृंखलाएं विकसित हो रही हैं। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति–2022 के अंतर्गत अयोध्या को मॉडल सोलर सिटी घोषित किया गया है। सरयू नदी के तट पर माझा रामपुर हलवारा और माझा सरायरासी गांवों में 40 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र NTPC ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा स्थापित किया गया है। लगभग 165 हेक्टेयर सार्वजनिक भूमि 30 वर्ष की लीज पर उपलब्ध कराई गई है। यह संयंत्र अयोध्या की अनुमानित 198 मेगावाट विद्युत आवश्यकता के 10% के बराबर 40 मेगावाट उत्पादन कर रहा है, जो वर्तमान जरूरतों का लगभग 25–30% पूरा करता है। दिव्य अयोध्या और मेटावर्स पहल ‘अयोध्या यात्रा’ ऐप लॉन्च किया गया है, जो Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है। इसके माध्यम से श्रीराम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू घाट का 360-डिग्री वर्चुअल दर्शन संभव है। भक्त घर बैठे पूजा भी करवा सकते हैं। ऐप में मेटावर्स तकनीक का प्रयोग किया गया है, जिससे दीपोत्सव जैसे आयोजनों का 3D वर्चुअल अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। मियावाकी वैदिक वन मियावाकी पद्धति से जिले के सभी 11 ब्लॉकों में पाँच–पाँच स्थलों पर कुल 55 वैदिक वन बनाए गए हैं। पौधों की सुरक्षा हेतु GPS टैगिंग की गई है तथा रखरखाव और सिंचाई का कार्य मनरेगा के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है।

सीएम नीतीश का विकास पैकेज: डिफेंस कॉरिडोर से लेकर मेगा टेक सिटी तक, कई बड़े ऐलान

पटना  बिहार में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कई बड़े ऐलान किए हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमलोगों की प्राथमिकता रही है। सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। अगले 5 वर्षों (2025-30) में हमलोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मंगलवार को एक्स पर यह जानकारी देते हुए कहा कि नई सरकार के गठन के पश्चात् राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने एवं अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करने के लिए हमलोगों ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। बदलते बिहार के विकास की गति को बल देने हेतु बिहार में प्रौद्योगिकी और सेवा आधारित नवाचारों की न्यू ऐज इकोनॉमी के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।   इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु इस क्षेत्र की बिहार से संबंध रखनेवाले अग्रणी उद्यमियों के सुझाव प्राप्त कर योजनाओं एवं नीतियों का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही बिहार को एक ‘वैश्विक- बैक एंड हब एवं ‘ग्लोबल वर्क प्लेस’ के रूप में विकसित एवं स्थापित करने हेतु महत्वपूर्ण विभागों तथा प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों एवं विशेषज्ञों के सहयोग से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि बिहार की जनसंख्या में युवाओं की भागीदारी काफी अधिक है। इसको सार्थक दिशा देने पर बिहार देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बन सकता है। बिहार के बड़ी संख्या में उपलब्ध युवा मानव संसाधन को ध्यान में रखते हुए बिहार को पूर्वी भारत के नए टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए बिहार में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी व फिनटेक सिटी की स्थापना की जाएगी एवं उद्योगों का जाल बिछाने हेतु वृहद कार्ययोजना तैयार कर योजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा। चालू होंगी बंद पड़ी चीनी मिलें सीएम नीतीश कुमार ने बताया है कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना एवं पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने हेतु नीति एवं कार्ययोजना बनाई गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी प्रमुख शहरों को बेहतर एवं सुंदर बनाने की योजना पर कार्य करने हेतु तैयारी एवं नई तकनीकों का उपयोग कर राज्य को अग्रणी बनाने हेतु बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की जाएगी। उक्त सभी बिन्दुओं पर कार्ययोजना तैयार करने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है। यह समिति राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने एवं युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अनुश्रवण का कार्य करेगी। आप सभी को पता है कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में औद्योगीकरण ने रफ्तार पकड़ी है। बिहार की नवनिर्वाचित नई सरकार दुगुनी ताकत से राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाने हेतु कृतसंकल्पित है। इसके लिए औद्योगिक कॉरिडोर, उच्च गुणवत्ता की आधारभूत संरचना, हाई क्वालिटी पावर सप्लाई, जल प्रबंधन एवं कुशल मानव संसाधन आवश्यक है, जो अब बिहार में उपलब्ध हैं। राज्य में औद्योगिक विकास एवं अगले 5 वर्षों में युवाओं को नौकरी एवं रोजगार के लिए हमलोगों ने तेजी से काम शुरू कर दिया है और जो काम हमलोग शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं।  

स्कूल में क्रूर सजा का मामला, सूरजपुर में बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार का वीडियो आया सामने

 अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां के एक स्कूल में एक मासूम बच्चे को अमानवीय तरीके से दंडित करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बच्चा केवल टी-शर्ट के सहारे पेड़ से लटका हुआ नज़र आता है, जबकि नीचे उसने सिर्फ अंडरवीयर पहना हुआ है. वह पूरी तरह से असहाय है और उसका हल्का शरीर हवा में इधर-उधर झूलता दिखाई देता है, जिसे देख हर कोई स्तब्ध है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्चे को ऐसी क्रूर सजा किस कारण दी गई, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और आम लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चे के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है और यह बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन है. कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और अनुशासन के नाम पर गलत मानसिकता ऐसी घटनाओं को जन्म देती है. इधर जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि वीडियो की सत्यता, घटना का समय और इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम तैनात कर दी गई है. जांच में दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन या संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के प्रति स्कूलों में होने वाली अनुचित सजाओं के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है.  

एसएएफ का चर्चित ट्रैवल बिल घोटाला अब भी लंबित, आरक्षक की मौत का मामला मांग रहा न्याय

आरक्षक की जान तक लेने वाला एसएएफ का चर्चित ट्रैवल बिल घोटाला आज भी न्याय मांग रहा  एसएएफ की 6वीं बटालियन में आरक्षक ट्रैवल बिल घोटाले के पहले करोड़ों का मेडिकल बिल घोटाला भी हुआ था 6वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध लोखंडे के संरक्षण में बाबू सत्यम शर्मा का बड़ा खेल बिल लगाने वाला दोषी और आहरण स्वीकृत करने वाले निर्दोष अजब गजब खेल सतना आरक्षकों के करोड़ों के ट्रैवल बिल क्या महज आरक्षक फर्जीवाड़ा कर पास करवा सकता है।जब चिन्हित आरक्षकों के नाम पर लगातार लाखों के बिल लग रहे थे तब उसकी जांच करने वाला संबंधित शाखा का बाबू और पूरे मामले में आहरण के प्रभारी डीडीए अधिकारी इसमें दोष से कैसे बच सकते हैं।अजब गजब जांच जिसमें बिल की जांच करने वाला और बिल स्वीकृत कर उस पर दस्तखत करने वाला अधिकारी पाक साफ निर्दोष और महज बिल लगाने वाले 12 आरक्षक दोषी। जिस जोड़ी ने खेला पूरा खेल उसको कैसे क्लीनचिट जिनको इस पूरे मामले का सुपरविजन करना था,उस पर ही संबंधित शाखा के बाबू को शह देने और उसी की शह में ये करोड़ों के बिल लगने के गंभीर आरोप हैं।जानकारों की मानें तो असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध लोखंडे और बाबू सत्यम शर्मा दोनों छिंदवाड़ा के रहने वाले हैं और पूर्व से परिचित हैं।इनकी नजदीकियों को बटालियन में जानते सब हैं लेकिन कार्यवाही के डर से कोई बोलता कुछ भी नहीं बाबू विशेष पर असीम कृपा 6वीं बटालियन में जब पारदर्शिता बताते हुए सभी बाबुओं की टेबल रोटेशन के तहत कुर्सी बदली गई तब भी असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध लोखंडे की असीम कृपा से सत्यम शर्मा को कोई चाह कर भी हिला नहीं पाया।सत्यम शर्मा ने उसी कुर्सी अपर बैठ कर पूरे खेल को अंजाम दिया लेकिन वो जांच में पाक साफ निकला महज इसलिए क्योंकि उस पर अपने कथित साहब सुबोध लोखंडे के इशारे पर पूरा खेल करने के आरोप हैं।जानकारों की मानें तो सुबोध लोखंडे और सत्यम शर्मा की कॉल डिटेल की पूरी CDR निकाली जाएगी तो पूरे मामले की पूरी सत्यता सामने आ जाएगी।जानकारों की मानें तो इनके बैंक अकाउंट्स के साथ साथ इनके चिन्हित रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट्स को खंगालने की आवश्यकता है जिससे इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश हो जाएगा मेडिकल बिल घोटाले में भी  सुबोध लोखंडे ही डीडीए थे 6वीं बटालियन में पूर्व के चर्चित मेडिकल बिल घोटाले के समय भी बटालियन में सुबोध लोखंडे ही बतौर डीडीए थे।उस समय भी पात्रता से अधिक के बिल लगाकर करोड़ों की राशि का आहरण किया गया था।दोनों ही घोटाले के तार आपस में जुड़े हैं क्योंकि इनके मुख्य कलाकार वही लोग हैं। कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी के मौन पर भी सवालिया निशान जानकारों की मानें तो 6वीं बटालियन के कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी का करीबी बन कर सुबोध लोखंडे पूरे कारनामों को अंजाम दे रहे है।अब जब पूरे मामले के कथित सूत्रधार सुबोध लोखंडे स्वयं उसी बटालियन में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट पदस्थ हैं तो उनके होते हुए किसी निष्पक्ष जांच की आशा करना ही बेमानी है।अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब दोनों घोटाले में इतने गंभीर सवाल उठ रहे हैं तो कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी सब जानकर मौन क्यों हैं।सिद्धार्थ चौधरी के मौन पर भी गंभीर सवालिया निशान उठ रहे हैं।अब देखना यह होगा कि विभाग के आला अधिकारी इस जुगल जोड़ी के कारनामों की जांच किसी जिम्मेदार अधिकारी से करवा कर करोड़ों के इन घोटालों का पर्दाफाश कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करेंगे या अन्य मामलों की तरफ छोटे लोगों पर कार्यवाही कर मामले का पटाक्षेप कर दिया जाएगा।

ऐसे कौन करता है बेइज्जती! आइसलैंड क्रिकेट बोर्ड ने गंभीर को किया ट्रोल

नई दिल्ली कभी चुटीले तो कभी चुभने वाले और कभी गुदगुदाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से अक्सर चर्चा में रहने वाले आइसलैंड क्रिकेट ने भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर का मजाक उड़ाया है। खुद को क्रिकेट की जननी बताने वाले देश की संस्था ने क्रिकेट की दुनिया के मौजूदा वक्त की सुपर पावर भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट मैचों में बुरे प्रदर्शन को लेकर कोच गौतम गंभीर को ट्रोल किया है। उसने अपने पोस्ट में लिखा है कि उनकी राष्ट्रीय टीम के कोच के लिए गंभीर के नाम पर विचार नहीं होगा और उन्होंने 2025 में अपने 75 प्रतिशत मैच जीते हैं। व्यंग्य के लिए मशहूर आइसलैंड क्रिकेट ने अपने ऑफिशल हैंडल से एक्स पर पोस्ट किया, 'हमारे सभी फैंस के लिए, नहीं, हम गौतम गंभीर को अपनी राष्ट्रीय टीम के नए कोच के लिए न्योता नहीं भेजेंगे। यह पद पहले ही भरा जा चुका है और हमने 2025 में अपने 75 प्रतिशत मैच जीते हैं।' गौतम गंभीर के भारत के मुख्य कोच बनने के बाद टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया एक औसत से भी खराब दर्जे की टीम नजर आ रही है। गंभीर ने जब भारतीय टीम के कोच की जिम्मेदारी संभाली, उस वक्त टीम घर में अजेय मानी जाती थी। लेकिन उनके कोच बनने के बाद न्यूजीलैंड ने भारत को उसी की धरती पर 3-0 से करारी शिकस्त दी। 12 सालों में वो भारत की घर में पहली सीरीज हार थी। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। उसी सीरीज के दौरान ही दिग्गज स्पिनर आर अश्विन को टेस्ट से संन्यास का ऐलान करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी अचानक टेस्ट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उसके बाद शुभमन गिल नए टेस्ट कप्तान चुने गए और इंग्लैंड दौरे पर टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। सीरीज 2-2 से बराबर रही। गौतम गंभीर के कार्यकाल में अपने घर में पिछले 6 टेस्ट में भारत को 4 में हार का सामना करना पड़ा है। गुवाहाटी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चल रहे टेस्ट मैच में भी भारत हार की कगार पर खड़ा है। अगर ऐसा हुआ तो घर में खेले गए पिछले 7 टेस्ट मैच में भारत की हार का आंकड़ा 5 पर पहुंच जाएगा। गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद भारत ने घर में जिन दो टेस्ट सीरीज में जीत हासिल की है, वो दोनों ही कमजोर मानी जाने वाली टीमों के खिलाफ मिली हैं। पिछले साल भारत ने होम सीरीज में बांग्लादेश को 2-0 से हराया था और इस साल वेस्टइंडीज को भी होम सीरीज में 2-0 से हराया है। इन दोनों टीमों के अलावा उनके कार्यकाल में भारत ने जिन भी दूसरी टीमों से घर में कोई टेस्ट मैच खेला है, जीतना तो दूर, ड्रॉ तक नहीं करा पाया है।