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JDU के वरिष्ठ नेता को मिलेगी अहम जिम्मेदारी, नीतीश के करीबी का नाम सबसे आगे

पटना बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, JDU के वरिष्ठ नेता नरेंद्र नारायण यादव  बिहार विधानसभा के डिप्टी स्पीकर हो सकते हैं। बस अभी औपचारिक ऐलान होना बाकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र नारायण यादव के नाम पर मुहर लग गई है और 4 दिसंबर को इसका ऐलान होगा। बता दें कि नरेंद्र नारायण यादव 1995 में पहली बार आलमनगर सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। तब से वह लगातार आठ बार इस सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं। नरेंद्र नारायण यादव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी नेता माना जाता है। वह मधेपुरा जिला के पुरैनी प्रखंड अन्तर्गत बालाटोल के रहने वाले हैं और जेपी आंदोलन के दौरान चर्चा में आए। नरेंद्र नारायण यादव  पूर्व में बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। बता दें कि इससे पहले आज बीजेपी के विधायक डॉ. प्रेम कुमार को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। प्रेम कुमार निर्विरोध स्पीकर चुने गए हैं। उन्होंने सोमवार को विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन भरा था।

सरकार का सख्त रुख: 8वें वेतन आयोग की इस मांग पर नहीं मिली मंजूरी

नई दिल्ली  8वें सेंट्रल पे कमीशन को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों को अंतरिम राहत (Interim Relief) देने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। साथ ही, महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में जोड़ने की मांग को भी सरकार ने खारिज कर दिया। कर्मचारी क्या मांग रहे हैं? केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि तीन दशकों में महंगाई अपने सबसे अधिक स्तर पर है। उनका तर्क है कि मौजूदा DA और DR (पेंशनर्स का भत्ता) रिटेल महंगाई के मुकाबले पर्याप्त नहीं हैं। इसीलिए यूनियनों की मांग है कि DA 50% होने पर इसे बेसिक सैलरी में मिला दिया जाए। यह मांग तब और मजबूत हो गई जब सरकार ने नवंबर में 8th CPC के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी किए थे। सरकार ने वायरल मैसेज को बताया फर्जी सोशल मीडिया पर हाल ही में एक संदेश वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया था कि फाइनेंस एक्ट 2025 के बाद DA बढ़ोतरी और पे कमीशन के फायदे बंद कर दिए जाएंगे, खासकर रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए।   किन कर्मचारियों पर हुआ नियम में बदलाव? सरकार ने स्पष्ट किया कि हाल में CCS (पेंशन) रूल्स, 2021 के रूल 37 में किया गया बदलाव सिर्फ एक छोटे समूह से जुड़ा है। यह बदलाव उन PSU कर्मचारियों पर लागू है जिन्हें किसी गंभीर गलती या गलत काम के कारण नौकरी से निकाला जाता है।    ऐसे मामलों में उनके रिटायरमेंट लाभ जैसे पेंशन आदि जब्त किए जा सकते हैं। सरकार ने कहा कि यह संशोधन डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर और वित्त मंत्रालय की सलाह के बाद किया गया है, और इसका आम कर्मचारियों या रिटायर्ड पेंशनरों के DA/DR पर कोई असर नहीं पड़ेगा।  

जल्द पूरा करें शत-प्रतिशत मैपिंग और डिजिटाइजेशन का कार्य

मुख्य निर्वाचन पदधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, एसआईआर की समीक्षा की भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को प्रदेश के सभी 55 जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने एसआईआर कार्य की समीक्षा की और उत्कृष्ट कार्य के लिए सभी को बधाई दी। इसके साथ ही जल्द से जल्द शत प्रतिशत मैपिंग और डिजिटाइजेशन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध हो, यह सुनिश्चित करें। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि एसआईआर के बारे में मतदाताओं को जागरूक करें। बीएलए और वालेंटियर्श का सहयोग लें। गणना पत्रकों को जल्द से जल्द संग्रहित करें। नो मैपिंग और असंकलित गणना पत्रक (UEF) को कम करने का पूरा प्रयास करें। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति का नाम नहीं छूटना चाहिए। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

राज्यपाल रमेन डेका बोले – नवाचार केवल प्रयोगशालाओं और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे समाज से जोड़ना होगा

रायपुर, नवाचार केवल प्रयोगशालाओं और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे समाज से जोड़ना होगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) के क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कहीं। इनोवेशन सेल, ऑल इंडिया तकनीकी शिक्षा परिषद शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आज शंकराचार्य व्यावसायिक प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में यह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमंेे राज्यपाल श्री डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा करता है           श्री डेका ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल इस संस्थान के लिए बल्कि हमारे राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की राष्ट्रीय नवाचार यात्रा में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प, कृषि, वनोपज और जनजातीय ज्ञान की भूमि है। सही रूप में किया गया नवाचार हमारी स्थानीय शक्तियों का मूल्य संवर्धन करके उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य और आर्थिक व तकनीकि रूप से उन्नत बनाता है, इसमें हमारे युवाओं की महती भूमिका है। एक छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा कर सकता है। अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं           श्री डेका ने कहा कि 21वीं सदी के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं। इस सदी में इंटरनेट सबसे बड़ी खोज है। श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास आज की सबसे बड़ी जरूरत है और यह विज्ञान से ही संभव है। उन्हांेने जलवायु परिवर्तन, माइक्रो प्लास्टिक और मधुमेह की बीमारी को वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि युवा विद्यार्थी इस क्षेत्र में नवाचार कर इसका समाधान ढूंढ़ सकते हैं, जिसके लिए वे अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप भारत के भविष्य के पेशेवर और भविष्य निर्माता हैं। केवल लाभ पाने के लिए नहीं बल्कि उद्देश्य के लिए नवाचार करंे। अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं। असफलता से न डरें क्योंकि हर असफलता आपको बेहतर प्राप्त करना सिखाती है। युवाओं का साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता वर्ष 2047 के भारत को परिभाषित करेगी और भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग के लैब का किया अवलोकन           कार्यक्रम में उपस्थित एआईसीटीई नई दिल्ली के उपनिदेशक डॉ. निखिल कांत ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। एसएसआईपीएमटी भिलाई के चेयरमैन श्री आई पी मिश्रा ने भी अपना संबोधन दिया। निदेशक श्री निशांत त्रिपाठी ने स्वागत भाषण और प्राचार्य श्री आलोक जैन ने आभार प्रदर्शन किया। राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग में संचालित आईडिया लैब का अवलोकन कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, फेकल्टी मेंबर, शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठ थानों की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त होने पर दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कॉन्फ्रेंस में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपराध के ग्राफ, आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार जैसे 70 मापदंडों के परीक्षण के आधार पर प्राप्त यह रैंक प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी। एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर आयोजित मेले में मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया तथा मंडपम केन्द्र में मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर को दर्शाया गया था। मध्यप्रदेश मंडपम में प्रदेश की विश्व धरोहरों खजुराहो, सांची स्तूप और भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई., एक जिला एक उत्पाद को भी सजाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाइन बुलवाए थे, जिसमें से उन्होंने मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही लुटियन्स ने भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था।  प्रमुख बिंदु     मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।     केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी।     44वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुआ।     मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया।

एंटी करप्शन की कार्रवाई: किसान से घूस मांग रहा पटवारी गिरफ्तार

हांसी  हांसी में विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी अजीत को 5 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भाटला गांव के एक किसान की शिकायत पर की गई, जिसने नक्शा और बदर बनवाने के लिए पटवारी से संपर्क किया था। किसान ने बताया कि पटवारी ने कुल 9,500 रूपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से वह पहले ही 4,500 रूपये दे चुका था। बाकि 5 हजार रूपये की राशि लेते समय विजिलेंस टीम ने मौके पर छापा मारा।  सूत्रों के अनुसार, पटवारी अजीत ने गोविंद नामक व्यक्ति को अपना सहयोगी बना रखा था, जिसने किसान से यह 5 हजार रूपये की रिश्वत ली थी। विजिलेंस टीम ने पूर्व योजना के तहत गोविंद के माध्यम से रिश्वत की रकम दिलवाई। जैसे ही गोविंद ने पैसे लिए, रासायनिक जांच में उसके हाथ रंगीन हो गए, जिसके बाद टीम ने पटवारी अजीत और उसके सहयोगी गोविंद दोनों को हिरासत में ले लिया।   इस कार्रवाई के दौरान हांसी के SDM राजेश खोथ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था और वे पूरी प्रक्रिया के समय मौके पर मौजूद रहे। विजिलेंस टीम ने घटनास्थल से आवश्यक सबूत जुटाए हैं। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है।

हार्दिक पांड्या का धमाल! SMAT में जड़ा करारा अर्धशतक, बड़ौदा ने दर्ज की बड़ी जीत

नई दिल्ली  लंबे समय बाद पेशेवर क्रिकेट में लौटे हार्दिक पांड्या ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) में आते ही ऐसा प्रभाव छोड़ा कि पूरे भारतीय क्रिकेट जगत की नजरें उनकी ओर टिक गईं। हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में हार्दिक ने सिर्फ 42 गेंदों पर नाबाद 77 रन ठोककर बड़ौदा को पंजाब पर यादगार जीत दिला दी। यह पारी न सिर्फ उनकी बल्लेबाजी की पुरानी चमक को दर्शाती है, बल्कि उनके ऑलराउंड कौशल का भी शानदार उदाहरण है। उनकी यह वापसी आने वाले दिनों में भारतीय टीम संयोजन के लिए भी बड़े संकेत देती है।  हार्दिक की आतिशी पारी ने पलटा मैच का मोमेंटम बड़ौदा के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने अपनी वापसी मैच को एक विशेष मौके में बदल दिया। 42 गेंदों में नाबाद 77 रन की तूफानी पारी में सात चौके और चार छक्के शामिल थे। उनकी बैटिंग में वही पुरानी ताकत, टाइमिंग और मैच को हाथ में लेने की क्षमता साफ दिखाई दी। पारी की शुरुआत ठंडी थी, लेकिन हार्दिक ने आते ही रफ्तार पकड़ी और पंजाब बॉलिंग अटैक की लाइन-लेथ को पूरी तरह हिला दिया। एक समय मुश्किल लग रहा लक्ष्य हार्दिक की आक्रामक बल्लेबाजी से बेहद आसान हो गया। शिवालिक शर्मा के साथ 101 रन की गेम-चेंजिंग पार्टनरशिप हार्दिक के दमदार प्रदर्शन का सबसे अहम हिस्सा रहा शिवालिक शर्मा के साथ उनकी 101 रन की साझेदारी। शिवालिक ने 32 गेंदों पर 47 रन बनाए और बेहद समझदारी से रिटायर्ड आउट होकर हार्दिक को एंड पर स्ट्राइक रखने का मौका दिया। इस साझेदारी ने मैच का पूरा रूख बदल दिया और बड़ौदा को अंत में मजबूत स्थिति में पहुंचाया। टीम को आखिरी 15 गेंदों पर 30 रन चाहिए थे, लेकिन नए बल्लेबाज जितेश शर्मा के आने के बाद चीजें और आसान हो गईं। बड़ौदा का दबदबा जितेश शर्मा ने आते ही तेजी से रन जोड़े और हार्दिक का शानदार साथ निभाया। केवल 9 गेंदों में बड़ौदा ने जरूरी रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। लक्ष्य भले ही बड़ा लग रहा था, लेकिन हार्दिक की शानदार टाइमिंग और आक्रामक अंदाज ने पंजाब की गेंदबाजी को बेअसर कर दिया। हार्दिक का गेंदबाजी प्रदर्शन : महंगा लेकिन प्रभावी बल्लेबाजी के अलावा हार्दिक ने गेंद से भी योगदान दिया। हालांकि उनका चार ओवर का स्पेल थोड़ा महंगा रहा (52 रन), लेकिन उन्होंने 1 विकेट चटकाया। उनकी गेंदबाजी की लय अभी पूर्ण रूप से लौटती नहीं दिखी, लेकिन वापसी मैच को देखते हुए यह प्रयास सराहनीय माना जा रहा है। आने वाले मुकाबलों में वे और बेहतर लय में लौट सकते हैं। पंजाब की तेज शुरुआत भी नहीं दिला सकी जीत पंजाब की ओर से अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 19 गेंदों में फिफ्टी लगाकर शानदार शुरुआत दी। उनके अलावा अनमोलप्रीत सिंह ने 32 गेंदों में 69 रनों की दमदार पारी खेली। इन दोनों की तेज बल्लेबाजी से पंजाब का स्कोर मजबूत दिख रहा था, लेकिन उनकी गेंदबाजी हार्दिक और शिवालिक की साझेदारी को रोक नहीं पाई। ग्रुप C की स्थिति, गुजरात शीर्ष पर इस जीत के बाद ग्रुप C में बड़ौदा और पंजाब दोनों के दो-दो मैच पूरे हो चुके हैं। वहीं गुजरात चार मैचों में तीन जीत के साथ ग्रुप में सबसे आगे है। हार्दिक की यह वापसी न सिर्फ बड़ौदा के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए भी एक बड़ा सकारात्मक संकेत है, जो उन्हें फिर से अपने पुराने अंदाज में देखने के लिए उत्सुक थे।   

ग्राम विकास से संबंधित सभी विभाग समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का क्रियान्वयन करें सुनिश्चित

अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए बनाई जाए कार्य योजना दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों पर हुआ प्रेजेंटेशन आगामी कार्य योजना संबंधी दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह गतिविधियां आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा स्थित समिति कक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं पर बैठक को संबोधित कर रहे थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया तथा आगामी कार्ययोजना के संबंध में निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम विकास की अवधारणा के अनुसार योजनाओं का समन्वित रूप से क्रियान्वयन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना को गति देने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए कार्य योजना बनाई जाए तथा नगरीय निकायों के मध्य विद्यमान पंचायतें परस्पर समन्वय से सड़कें तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य शासन की दो वर्ष की उपलब्धियों के प्रेजेंटेशन में जानकारी दी गई कि :-     प्रदेश में 922 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से 2 हजार 472 ग्राम सेवा सदन (पंचायत भवन), 557 करोड़ रूपए लागत के 106 अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन) और 50 करोड़ रूपए लागत के 5 अटल जिला सुशासन भवन (जिला पंचायत भवन) स्वीकृत किए गए।     855 करोड़ रूपए लागत के 3 हजार 560 सामुदायिक भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।     नर्मदा परिक्रमा पथ के 231 आश्रय स्थलों और 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौध-रोपण कार्य के लिए 7 करोड़ 50 लाख रूपए के फेंसिंग कार्य स्वीकृत किए गए।     प्रत्येक विधानसभा में मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के अंतर्गत 155 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामों का चयन किया जा चुका है।     जल गंगा संवर्धन अभियान 2024 के अंतर्गत 1368 करोड़ रूपए के 60 हजार 428 कार्य किए गए। वर्ष 2025 के अंतर्गत 3 हजार करोड़ रूपए के कार्य लिए गए हैं।     एक बगिया मां के नाम अंतर्गत 750 करोड़ रूपए लागत से 31 हजार 142 कार्य किए गए।     महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 1897 लाख और वर्ष 2025-26 में 1404 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया।     "कैच द रेन" अभियान के अंतर्गत प्रदेश के खरगौन जिले को नेशनल वाटर अवार्ड 2024 प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।     प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 1224 जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र में 6170 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का सृजन किया गया, 67 कृषक सुविधा सह कस्टम हायरिंग सेंटर का निर्माण प्रचालन एफपीओ के माध्यम से किया गया।     प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण में वर्ष 2024-25 में 44 लाख 22 हजार और वर्ष 2025-26 में अक्टूबर 2025 तक 37 लाख 23 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए।     राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लखपति दीदी की श्रेणी में 11 लाख 27 हजार 37 परिवार पिछले दो वर्ष में दर्ज हुए।     आजीविका मिशन के अंतर्गत 19,995 ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा 16,975 युवाओं को रोजगार दिया गया। लगभग 65 हजार प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। इसके साथ ही 2 लाख 36 हजार 214 समूहों को 5 हजार 658 करोड़ रूपए से अधिक का बैंक लिंकेज प्रदान किया गया और 3,395 स्व-सहायता समूहों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ऑनबोर्ड किया गया।     प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 72 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 11 लाख 46 हजार आवास स्वीकृत कर मध्यप्रदेश, देश में प्रथम रहा।     स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्ति के स्थायित्व के लिए 2 लाख 87 हजार 279 पारिवारिक व्यक्तिगत शौचालय और 1,417 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण किया गया। 21,186 ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किया गया है। गोबरधन योजना के अंतर्गत 73 बायो गैस संयंत्रों का निर्माण किया गया। प्रदेश के 16 हजार 56 ग्राम ठोस अपशिष्ट प्रबंधित घोषित किए गए हैं।     प्रमुख बिन्दु     ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन, स्वच्छता और ग्रामों को सड़कों के माध्यम से विकास की मुख्य धारा में जोड़ने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका।     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में इस विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।     योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा अनुवीक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी अद्यतन तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।।     बैठक में महात्मा गांधी नरेगा, पंचायतराज, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की 2 वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ ही कृषि, सहकारिता, मत्स्य पालन तथा ग्राम विकास से संबंधित अन्य विभागों को सम्मिलित करते हुए समग्र ग्राम … Read more

राज्यपाल रमेन डेका बोले – राज्यों की विविधताओं को राष्ट्रीय एकता एक सूत्र में पिरोती है

रायपुर, राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में  राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि राज्यों की विविधताओं को राष्ट्रीय एकता एक सूत्र में पिरोती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान इसी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है              राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तराखण्ड, लक्षद्वीप, और पुडुचेरी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि भाषाओं, वेशभूषा, खान-पान, कला और परंपराओं में भिन्नता होने के बावजूद हमारी आत्मा एक है। यही विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है।  केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में इन राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कला और स्थापत्य को ऊंचाई दी विजय नगर साम्राज्य ने             राज्यपाल ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक ईकाई नहीं है बल्कि हजारों वर्षाे की सभ्यता संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का जीवंत संगम है। श्री डेका ने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य प्राचीन विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम है। बीते युग में विजय नगर साम्राज्य ने कला और स्थापत्य को ऊंचाई दी, वैसे ही आज बैंगलुरू भारत का आईटी हब बन गया है। कर्नाटक अपने प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति के साथ-साथ भाषा और साहित्य में समृद्ध है।   भारतीय ज्ञान को समृद्ध किया संगम साहित्य ने             राज्यपाल ने कहा कि तमिलनाडु भारत की द्रविड़ सभ्यता का केंद्र है। भारत की सबसे प्राचीन भाषाओं में एक तमिल भाषा की यह भूमि, महान मंदिर स्थापत्य, भरतनाट्यम नृत्य, संगीत और समृद्ध साहित्य परंपरा के लिए विश्व प्रसिद्ध है।  संगम साहित्य और तिरूक्कुरल जैसे ग्रंथों ने भारतीय ज्ञान को समृद्ध किया है। तमिलनाडु देश की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाता है। इस राज्य ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कर्नाटक के बाद तमिलनाडु देश का सबसे बड़ा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विकास क्षेत्र है। हमारे राष्ट्र के गौरव के प्रतीक हमारी इमारतें           राज्यपाल ने कहा कि दिल्ली हमारी राजधानी ही नहीं बल्कि देश का दिल भी है। यह वह भूमि है जहां इतिहास ने करवट ली है। यहां की गलियों में भारत का इतिहास सांस लेता है, चाहे वह प्राचीन इन्द्रप्रस्थ की कहानी हो या आधुनिक भारत का स्वतंत्रता संग्राम हो। लाल किला, कुतुब मीनार, संसद भवन, इंडिया गेट- ये केवल इमारतें नहीं बल्कि हमारे राष्ट्र के गौरव के प्रतीक हैं। यहां सांस्कृतिक विविधता हर गली और मोहल्ले में देखने मिलती है। प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य में उत्तराखंड और छत्तीसगढ़           श्री डेका ने कहा कि उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना एक साथ हुई थी। दोनों राज्यों में कई समानताएं है जैसे इन राज्यों में आबादी का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है और कृषि उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। उत्तराखंड की हिमालय की चोटियां, नदियां और घने जंगल इसकी पहचान है वहीं छत्तीसगढ़ भी जंगल, नदियां, पहाड़ और प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य है। सतत् विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए दोनों राज्यों में समान चुनौतियां हैं। खूबसूरत समुद्र तटों और उस समय की सभ्यता की झलक पुडुचेरी में एवं जैव विविधता से समृद्ध लक्षद्वीप         राज्यपाल ने कहा कि पुडुचेरी अपने फ्रांसीसी स्थापत्य, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक समन्वय के लिए प्रसिद्ध है। प्राचीन काल में पुडुचेरी फ्रांस के साथ व्यापार का मुख्य केंद्र था। आज कई पर्यटक यहां के खूबसूरत समुद्र तटों और उस समय की सभ्यता की झलक पाने के लिए आते हैं। हिन्द महासागर में स्थित अनमोल द्वीप समूह लक्षद्वीप अपने नीले पानी, स्वच्छ समुद्र तट और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। आज जब पूरा विश्व पर्यावरण संकट की चुनौती से जुझ रहा है, तब लक्षद्वीप की जीवनशैली हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन की प्रेरणा देती है।   विविधता ही भारत की असली शक्ति           राज्यपाल ने कहा कि इन सभी प्रदेशों की विविधता ही भारत की असली शक्ति है। एक भारत श्रेष्ठ कार्यक्रम इसी भावना को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। आज जब देश आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब हमें इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के योगदान को और अधिक मजबूती देनी होगी। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि एक कार्य ऐसा जरूर करें, जिसमें मानवीय सेवा निहित हो। पर्यावरण और स्वच्छता का संदेश भी उन्होंने दिया। विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने          समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना ने भी तमिलनाडु राज्य की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की  संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। कर्नाटक के यक्षगान (यक्षगणना), तमिलनाडु के लोक नृत्य, दिल्ली के पंजाब फोक नृत्य सहित उत्तराखंड के लोक नृत्य गौपति, लक्षद्वीप के छड़ी नृत्य एवं पुडुचेरी के गरडी नृत्यों ने अतिथियों का मन मोह लिया। राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया राज्यों के प्रतिनिधियों को          विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सरकार ने एशियाई पैरा खेलों के दल को मंजूरी दी, पृष्ठभूमि जांचकर भेजने के आदेश दिये

नई दिल्ली खेल मंत्रालय ने दुबई में सात से 14 दिसंबर तक होने वाले एशियाई युवा पैरा खेलों के लिये 161 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी दे दी लेकिन अतीत में विदेश में कुछ अधिकारियों और खिलाड़ियों के गायब होने की घटनाओं को देखते हुए सभी की पृष्ठभूमि की जांच भी अनिवार्य कर दी है। सूची में 99 खिलाड़ियों (61 पुरूष और 38 महिलाओं), 62 कोचों, सहयोगी स्टाफ और दल के अधिकारियों के नाम है। मंत्रालय ने दल के लौटने के 30 दिन के भीतर प्रदर्शन पर भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जिसमें एक्शन फोटो और अन्य विजुअल शामिल हैं। भारतीय पैरालम्पिक समिति (पीसीआई) को भेजे पत्र में कहा गया,‘‘अतीत में विदेश में कुछ अधिकारियों और खिलाड़ियों के गायब होने की घटनाओं के कारण मंत्रालय का मानना है कि दल के सदस्यों और अधिकारियों की पृष्ठभूमि की भारतीय खेल प्राधिकरण या राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा पूरी जांच कराई जाये।’’ पीसीआई महासचिव जयवंत गुंडू हम्मानावर अकेले अधिकारी है जिनकी यात्रा सरकार के खर्चे पर नहीं होने के आधार पर मंजूरी मिली है। वह दल प्रमुख भी होंगे। मंत्रालय ने कहा,‘‘ पीसीआई यह सुनिश्चित करेगी कि पीसीआई की कार्यकारी समिति, किसी राष्ट्रीय खेल महासंघ या अन्य खेल ईकाई में पदधारी कोई व्यक्ति, जिसका नाम सूची में है, उसकी लागत सरकार द्वारा वहन नहीं की जायेगी।’’ कुछ शीर्ष पैरा एथलीटों ने बड़े टूर्नामेंटों के दौरान सहयोगी स्टाफ और व्हीलचेयर सहयोगियों के गायब होने के मसले पर चिंता जताई थी। खिलाड़ियों के गायब होने का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है लेकिन अधिकारियों द्वारा विदेशी स्पर्धाओं को ‘ छुट्टियों की तरह’ मनाने की शिकायतें मिलती रही हैं। एक शीर्ष सूत्र ने बताया,‘‘ अक्टूबर में एशियाई पैरा टेबल टेनिस चैम्पियनशिप के दौरान व्हीलचेयर पर निर्भर एक कोच अपने बेटे को सहयोगी के रूप में ले गया और बीजिंग में स्पर्धा के दौरान दोनों गायब हो गए। दोनों खरीदारी और घूमने में व्यस्त थे। कोच मैच देखने भी नहीं आया और ऐसा काफी समय से हो रहा था।’’