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प्रमुख परियोजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग का माध्यम है सीएम डैशबोर्ड, स्वयं मुख्यमंत्री करते हैं नियमित समीक्षा

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की शासन प्रणाली ने अभूतपूर्व रूप से नई दिशा व गति प्राप्त की है। उनके कुशल मार्गदर्शन व निर्णायक प्रशासनिक दृष्टि के परिणामस्वरूप राज्य का अभिनव सीएम डैशबोर्ड सिस्टम वर्तमान में त्वरित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी शासन प्रणाली का आधार स्तंभ बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस डैशबोर्ड के माध्यम से प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, जिसके चलते विकास कार्यों में उल्लेखनीय तेजी, उच्च गुणवत्ता और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।                        योगी सरकार द्वारा क्रियान्वित डिजिटल सुशासन की नीतियों के अंतर्गत विकसित यह डैशबोर्ड डाटा इंटीग्रेशन, प्रदर्शन निगरानी, विजुअलाइजेशन, रियल टाइम अपडेट, जिलेवार विश्लेषण तथा नागरिक सहभागिता जैसी उन्नत विशेषताओं से सुसज्जित है। यह जटिल आंकड़ों को सरल तथा दृश्य रूप में प्रस्तुत कर जिलों में प्रशासनिक दक्षता, लक्ष्य-आधारित कार्य संस्कृति और जवाबदेही को सुदृढ़ करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सीएम डैशबोर्ड उत्तर प्रदेश के शासन को वैज्ञानिक, पारदर्शी, परिणामोन्मुख तथा उत्तरदायी बनाते हुए सुशासन का ऐसा आदर्श प्रस्तुत कर रही है जिसे आज देशभर में एक नए मॉडल के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। जिलों के प्रदर्शन का आकलन कर जारी होती है रैंकिंग सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की जिलों में मासिक समीक्षा की जाती है। यह प्रणाली विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व संचालन और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जिलों के प्रदर्शन का आकलन करती है। हर माह जिलों की रैंकिंग जारी होती है, जिससे प्रशासन के विभिन्न विभागों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। प्रक्रिया के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहित किया जाता है, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार के लिए निर्देश दिए जाते हैं। तत्काल सुधार के लिए भी निर्देश जारी करने का माध्यम सीएम डैशबोर्ड में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, ग्रामीण सड़कें तथा सरकारी योजनाओं की पहुंच जैसे महत्वपूर्ण मापदंड शामिल हैं। इसका लक्ष्य केवल भौतिक संरचनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग जैसे किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं के समग्र उत्थान को सुनिश्चित करना है। योजनाओं की लाभार्थियों तक पहुंच, उनकी प्रगति और वास्तविक प्रभाव का सीधा मूल्यांकन इस प्रणाली से किया जाता है। प्रणाली की गुणवत्ता नियंत्रण को सुनिश्चित करने के लिए सीएम डैशबोर्ड को आईजीआरएस पोर्टल से भी जोड़ा गया है। खास बात यह है कि शिकायत निस्तारण के बाद यदि नागरिक असंतोष जताते हैं, तो इसके माध्यम से अधिकारियों को तत्काल सुधार के लिए निर्देश भी दिए जाते हैं। अन्य राज्यों के लिए मॉडल बना यूपी का डैशबोर्ड सीएम डैशबोर्ड और आईजीआरएस का प्रभावी प्रदर्शन अन्य राज्यों को भी ऐसे ही उन्नत एवं परिणामोन्मुख प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने सक्रिय निरीक्षण व अध्ययन के बाद योगी सरकार के आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड सिस्टम के मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली के अधिकारियों ने इस प्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत, प्रभावशाली और शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में अत्यंत कारगर पाया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विकास कार्यों की अधिक प्रभावी निगरानी तथा प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने हेतु इस मॉडल की विशेष सराहना भी की है।

1.17 करोड़ की बोली लगाई… फिर पीछे हटे! VIP नंबर मामले में अनिल विज का बड़ा एक्शन

चंडीगढ़ हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में हाल ही में एचआर 88 बी 8888 नंबर के लिए ऑनलाइन नीलामी के दौरान किसी व्यक्ति ने 1 करोड़ 17 लाख रूपए की सबसे ऊंची बोली लगाई थी। लेकिन बोली लगाने के बाद उस व्यक्ति ने अपनी सुरक्षा राशि जब्त होने दी, इसलिए इस संबंध में उस व्यक्ति की संपति और आय की जांच करवाई जाएगी। देखा जाएगा कि वास्वत में उस व्यक्ति की आर्थिक क्षमता एक करोड 17 लाख रूपए की बोली लगाने की है या नहीं।  मीडिया कर्मियों से आज बातचीत करते हुए मंत्री अनिल विज ने बताया कि राज्य में फैंसी और वीआईपी वाहन नंबर नीलामी प्रणाली से आवंटित किए जाते हैं और कई लोग बड़ी-बड़ी बोलियां लगाकर इन नंबरों को खरीदने की कोशिश करते हैं। यह न केवल प्रतिष्ठा का विषय होता है, बल्कि सरकार की राजस्व वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में एचआर 88 बी 8888 नंबर के लिए ऑनलाइन नीलामी के दौरान किसी व्यक्ति ने 1 करोड़ 17 लाख रूपए की सबसे ऊंची बोली लगाई थी। लेकिन बोली लगाने के बाद उस व्यक्ति ने अपनी सुरक्षा राशि जब्त होने दी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बोली लगाना सिर्फ शौक बनता जा रहा है, न कि जिम्मेदारी। व्यक्ति की आय और संपत्ति की होगी जांच, आयकर विभाग को पत्र भेजा जाएगा – विज परिवहन मंत्री ने कहा कि “मैंने परिवहन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिस व्यक्ति ने यह बोली लगाई, उसकी संपत्ति और आय की पूरी जांच करवाई जाए। यह देखा जाए कि वास्तव में उस व्यक्ति की आर्थिक क्षमता 1 करोड़ 17 लाख रुपये की बोली लगाने की है भी या नहीं।” उन्होंने आगे बताया कि इस संबंध में आयकर विभाग को भी पत्र भेजकर विस्तृत जांच के लिए कहा जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी या बिना आर्थिक क्षमता के बोली न लगा सके। गौरतलब है कि गत दिनों चरखी दादरी के बाढ़ड़ा उपमंडल के ‘HR88B8888’ नंबर के लिए ऑनलाइन ऑक्शन हुई थी। इस नंबर की नीलामी 1 करोड़ 17 लाख रुपये तक हुई थी और हिसार के एक व्यक्ति ने यह बोली लगाई थी और 11 हजार सुरक्षा राशि जमा कराई थी, मगर बोली के पैसे जमा करवाने के आखिरी दिन उसने पैसे जमा नहीं करवाए।  

छत्तीसगढ़ का निर्णायक ऑपरेशन: सुरक्षा बलों ने 12 नक्सलियों का सफाया, तीन सिपाही शहीद

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए हैं। बस्तर के IG पी. सुंदरराज ने बताया कि CRPF और CoBRA टीमों का संयुक्त ऑपरेशन बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर वेस्ट बस्तर डिवीजन एरिया में हुआ। नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 3 जवान शहीद हो गए जबकि 1 अन्य घायल हो गया। सुरक्षा बलों की एक जॉइंट टीम नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन पर निकली थी। जंगल में सुबह के वक्त नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। फिर सुरक्षा बल के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया। एक अधिकारी ने बताया कि बीजापुर जिले में पश्चिम बस्तर डिवीजन के जंगल में नक्सलियों की गतिविधियां देखे जाने की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों की ज्वाइंट टीम को मौके पर रवाना किया गया था। जैसे ही सुरक्षा बलों की टीम घने जंगल में पहुंची। नक्सलियों की ओर से भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। सुरक्षा बलों ने भी फौरन मोर्चा संभाल लिया। अधिकारी ने आगे बताया कि दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी होने लगी। इस मुठभेड़ में अब तक 12 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सुरक्षा बलों के 3 जवान भी शहीद हुए हैं। ऑपरेशन में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड यानी डीआरजी और स्पेशल टास्क फोर्स (राज्य पुलिस की दोनों यूनिटें) और CoBRA (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन- CRPF की एलीट यूनिट) के जवान शामिल रहे। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में 2 जवान घायल भी हुएं हैं जिसको इलाज के लिए ले जाया गया है। अब तक मौके से नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ में 268 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 239 बस्तर डिवीजन में ही मारे गए हैं। बस्तर डिवीजन में बीजापुर और दंतेवाड़ा समेत 7 जिले आते हैं। 27 नक्सली गरियाबंद जिले में मारे गए हैं यह रायपुर डिवीजन में आता है। दुर्ग डिवीजन के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में इस साल 2 नक्सली मारे जा चुके हैं।

पंजाबवासियों के लिए जरूरी सूचना: जिले में कड़े नियम लागू, तुरंत पढ़ें पूरी खबर

नवांशहर डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट अंकुरजीत सिंह ने इंडियन सिविल सिक्योरिटी कोड के तहत एक ऑर्डर जारी किया है। इसमें जिले में किसी भी तरह के मैरिज पैलेस/रिसॉर्ट, मेले, धार्मिक जगहों, जुलूस, बारात, शादी पार्टियों या दूसरे इवैंट्स/पब्लिक गैदरिंग और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में हथियार ले जाने और प्रदर्शन करने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। इसके अलावा, हथियारों के निजी और सोशल मीडिया पर प्रदर्शन को लेकर भी रोक लगाई गई है। विरोध प्रदर्शन और 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी एक और आदेश में, डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट अंकुरजीत सिंह ने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, पब्लिक जगहों पर नारे लगाने/भड़काऊ भाषण देने, बिना इजाजत के जुलूस/मीटिंग/रैली निकालने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि खास हालात में सब-डिविजनल मैजिस्ट्रेट से पहले इजाजत लेकर पब्लिक मीटिंग, जुलूस या रैली की जा सकती है। यह आदेश आर्मी की वर्दी में पुलिस/मिलिट्री के जवानों, ड्यूटी पर तैनात किसी दूसरे सरकारी कर्मचारी और शादी/विवाह/शोक सभा/धार्मिक जगहों/संस्थाओं के अंदर में परमात्मा व अकाल पुरख की स्तुति शब्द कीर्तन करने पर लागू नहीं होगा। सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने का आदेश इस तरह जिले के पैट्रोल पंप के मैनेजर और मालिकों को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने पैट्रोल पंप और बैंकों में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाएं, जिनकी रिकॉर्डिंग कैपेसिटी कम से कम 7 दिन की होनी चाहिए। बिना परमिशन के ट्यूबवैल और सबमर्सिबल पंप लगाने पर रोक डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट अंकुरजीत सिंह ने इंडियन सिविल प्रोटैक्शन कोड, 2023 के सैक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, सैंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी ने ब्लॉक औड़ और बंगा को नोटिफाइड एरिया घोषित किया होने के कारण इस एरिया में बिना एन.ओ.सी. के ट्यूबवैल/सबमर्सिबल पंप लगाने पर रोक लगा दी है। जारी किए गए आदेशों के अनुसार, ब्लॉक औड़ और बंगा में बिना जरूरी मंजूरी के ट्यूबवैल/सबमर्सिबल नहीं लगाए जा सकते और अगर कोई मंजूर किए गए कामों से ट्यूबवैल/सबमर्सिबल लगाना चाहता है, तो उसे डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस में एन.ओ.सी. के लिए अप्लाई करना होगा और मंजूरी लेनी होगी।   बिना इजाजत बोरवैल/ट्यूबवैल खोदने और रिपेयर करने पर रोक डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अंकुरजीत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद मिनिस्ट्री ऑफ वॉटर रिसोर्सेज, भारत सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइंस के हिसाब से शहरी और ग्रामीण इलाकों में कच्चे कुएं और ट्यूबवैल की खुदाई के कारण लोगों और बच्चों के इन बोरवैल में गिरने के डर को देखते हुए जिले में बिना इजाजत बोरवैल खोदने या उन्हें गहरा करने पर रोक लगा दी है।

CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक: आंगनवाड़ी भर्ती ऑनलाइन, पारदर्शिता और निगरानी पर जोर

भोपाल  . मध्य प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए 9,948 पदों पर भर्ती के आदेश दिए हैं। यह भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर की जाएगी। सीएम ने इसके निर्देश महिला और बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए थे। इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कुपोषण को समाप्त करने के लिए तीन साल की कार्ययोजना बनाने का आदेश भी दिया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन पारदर्शी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है और टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 20,243 बच्चों को लाभ मिला, झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और PM जनमन भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना मिली। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल और 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना में शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन, शाला पूर्व शिक्षा में निवेश, लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार, 9,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण और HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ शामिल हैं। सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ से अधिक सहायता, लाड़ली बहना योजना के तहत 36,778 करोड़ का अंतरण, महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 1.72 लाख महिलाओं को सहायता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पौधारोपण, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन और सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं, जिसमें गड़बड़ी होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सेंट्रल किचन व्यवस्था की जाएगी जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों तक गर्म भोजन पहुंचेगा. यह नई व्यवस्था वर्ष 2026 तक लागू कर दी जाएगी. निपुण भारत के तहत शाला पूर्व शिक्षा में बड़ा निवेश किया जाएगा ताकि 2047 के विजन को पूरा किया जा सके. लाडली बहना योजना का विस्तार किया जाएगा, प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया जाएगा. आगामी तीन वर्षों में आंगनबाड़ी के 9,000 भवन निर्मित किए जाएंगे.     टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम—लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर सराहना     स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ—देश में दूसरा स्थान     झाबुआ के ‘मोटी आई' नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार     PM JANMAN भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना     भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित     डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल: 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था     3 वर्ष की भविष्य कार्ययोजना     मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन—2026 से नई व्यवस्था लागू     2047 विज़न के अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा पर बड़ा निवेश—निपुण भारत आधारित विकास कार्ड से गुणवत्ता सुधार     34 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन—लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार     आंगनवाड़ी भवन निर्माण का मेगा प्लान—अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन     HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ—जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता में व्यापक प्रभाव समीक्षा बैठक में बताया गया कि महिला बाल विकास विभाग राज्य और केंद्र सरकार की योजना का लाभ आदि आबादी तक पहुंचा रहा है. 'प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना' में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी गई है. लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024-नवंबर 2025 में 36,778 करोड़ रुपए का अंतरण किया गया है.     PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता     लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण     1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता—57 वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा      बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण राज्य में स्थापित महिला हेल्पलाइन से 172000 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई, वहीं वन स्टाफ सेंटर से 52000 महिलाओं को सुरक्षा मिली. इसके अतिरिक्त बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दिया गया.

पावरप्ले के बाद SA की सधी शुरुआत, भारत को ब्रेकथ्रू की दरकार

रायपुर  आज भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में दूसरा वनडे खेला जा रहा है। भारत ने साउथ अफ्रीका के सामने 359 रनों का विशाल टारगेट रखा है। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 358 रन जुटाए। टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ने सधी हुई शुरुआत की। रोहित शर्मा (14) और यशस्वी जायसवाल (22) ने पहले विकेट के लिए 40 रन जोड़े। रोहित पांचवें जबकि यशस्वी 10वें ओव में आउट हुए। इसके बाद, विराट कोहली और ऋतुराज गायकाड़ ने दमदार साझेदारी की। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 195 रन जोड़े। गायकवाड़ ने 83 गेंदों में 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से 105 रन बनाए। यह उनका पहला वनडे शतक है। कोहली ने 93 गेंदों में 102 रन बटोरे, जिसमें सात चौके और दो छक्के हैं। कोहली ने वनडे में 53वां और इंटरनेशनल क्रिकेट में 84वां शतक जमाया। वॉशिंगटन सुंदर (1) का बल्ला नहीं चला। ऐसे में कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने रवींद्र जडेजा के साथ बखूबी मोर्चा संभाला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 69 रनों की पार्टनरशिप कर भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। राहुल ने 43 गेंदों में नाबाद 66 रन जोड़े। उनके बल्ले से 6 चौके और दो छक्के निकले। जडेजा ने 27 गेंदों में दो चौकों के जरिए नाबाद 24 रनों की पारी खेली। साउथ अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन ने दो जबकि लुंगी एनगिडी और नांद्रे बर्गर ने एक-एक विकेट हासिल किया। डिकॉक बने अर्शदीप का शिकार अर्शदीप ने साउथ अफ्रीका को पहला झटका दिया है। उन्होंने पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर किंटन डिकॉक (11 गेंदों में 18) का शिकार किया। डिकॉक ने मार्करम (16)* के संग पहले विकेट के लिए 26 रनों की साझेदारी की। मार्करम का साथ देने के लिए कप्तान टेम्बा बावुमा आए हैं।

विश्व दिव्यांगजन दिवस पर कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका आज विश्व दिव्यांगजन दिवस पर कोपलवाणी श्रवण बाधित विद्यालय सेमरिया में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और दिव्यांग बच्चों को आर्शीवाद एवं प्रोत्साहन दिया। इस अवसर पर डेका ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए समाज संवेदनशील बने, उनका सम्मान करें और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करें। कोपलवाणी विद्यालय को 5 कम्प्यूटर प्रदान करने की घोषणा के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी को व्यक्तिगत रूप से 2 लाख रूपए देने की भी घोषणा राज्यपाल डेका ने कोपलवाणी श्रवण बाधित विद्यालय सेमरिया में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय से उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं को जो स्वरोजगार व अन्य क्षेत्र में कार्य कर रहे है, उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने इस विद्यालय को अपने स्वेच्छानुदान मद से 5 कम्प्यूटर प्रदान करने की घोषणा की साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने के लिए व्यक्तिगत रूप से 2 लाख रूपए देने की भी घोषणा की। दिव्यांग बच्चें समाज के अभिन्न अंग राज्यपाल डेका ने कहा कि दिव्यांगजन भी हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हमे ऐसा माहौल बनाना है जहां उन्हें किसी भी तरह की रूकावट महसूस न हो। हम शासन और समाज मिलकर दिव्यांगजनों के लिए ऐसी दुनिया बनाएं जहां वे सम्मान और आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य शासन द्वारा योजनाएं चलाई जा रही है। दिव्यांग पेंशन से उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। सरकारी नौकरी में आरक्षण, छात्रवृत्ति, निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा एवं स्वावलंबन में मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए। श्री डेका ने दिव्यांग बच्चों से कहा कि आप समाज के एक अंग है। समाज, प्रदेश व देश आपके साथ है।  दिव्यांग बच्चों के द्वारा बनाई पेंटिंग की प्रदर्शनी को देखकर सराहा राज्यपाल डेका ने विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से मुलाकात की साथ ही उनके द्वारा बनाए गए पेंटिंग की प्रदर्शनी को देखा और सराहना की। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल के पहल पर इस संस्था के दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई पेंटिग को लोकभवन द्वारा क्रय किया जाता है और यहां आने वाले मेहमानों को भेंट किया जाता है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आगमन पर उन्हें भी यह पेंटिंग भेंट की गई थी।    कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य शताब्दी पाण्डेय, वनबंधु संस्था की अध्यक्ष कांता सिंघानिया, कोपलवाणी की संस्थापक पद्मा शर्मा सहित अन्य अतिथि एवं पालकगण तथा विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: 32,000 शिक्षकों की सेवाएं बरकरार, नहीं जाएगी नौकरी

कोलकाता  पश्चिम बंगाल के 32 हजार प्राथमिक विद्यालय के टीचरों को बुधवार को बड़ी खुशखबरी मिली है। कलकत्ता हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने बुधवार को एकल पीठ के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें पश्चिम बंगाल में 32,000 प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया था। इससे अब इन टीचरों की नौकरी पर मंडरा रहा खतरा खत्म हो गया है। इन शिक्षकों की भर्ती 2014 की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के माध्यम से की गई थी। जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखने के लिए इच्छुक नहीं है, क्योंकि सभी भर्तियों में अनियमितताएं साबित नहीं हुई हैं। न्यायालय ने कहा कि नौ वर्ष के बाद नौकरी समाप्त करने से प्राथमिक शिक्षकों और उनके परिवारों पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसमें कहा गया है कि सीबीआई, जिसे उच्च न्यायालय द्वारा मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया था, ने शुरू में 264 नियुक्तियों की पहचान की थी जिनमें अनियमितताएं हुई थीं, जिसके बाद अन्य 96 शिक्षकों के नाम एजेंसी की जांच के दायरे में आए। अदालत ने कहा कि इसे देखते हुए पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द नहीं किया जा सकता। तत्कालीन न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने 12 मई, 2023 को इन 32,000 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्यु बसु ने प्राथमिक विद्यालयों के 32,000 शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करने वाले एकल पीठ के फैसले को निरस्त करने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ की सराहना करते हुए बुधवार को कहा कि सच्चाई की जीत हुई है क्योंकि शिक्षकों की नौकरियां ‘‘सुरक्षित’’ बनी हुई हैं। बसु ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘प्राथमिक विद्यालय के 32,000 शिक्षकों की नौकरियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। शिक्षकों को मेरी शुभकामनाएं। सच्चाई की जीत हुई है।’’  

आगजनी में सबकुछ स्वाहा: परिवार बेघर, सरकारी सहायता की गुहार

रायपुर राजधानी रायपुर के कचना स्थित गणेश नगर के मकान में आज भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट से लगी आग अचानक इतनी तेजी से फैल गई कि मकान में रखे तीन गैस सिलेंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फट गए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि ऊपर लगी सीमेंट की सीट तक उड़ गई और पूरा पहला फ्लोर खंडहर में तब्दील हो गया। घर में रखा सभी सामान जलकर खाक हो गया। पहले फ्लोर पर बने चारों कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अंदर रखा सभी सामान जलकर राख हो गया। आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने लंबी मशक्कत के बाद आग को काबू में किया। हादसे में कोई हताहत नहीं, सभी सुरक्षित सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। हालांकि, नुकसान भारी हुआ है। किराए पर रहने वाले मजदूर परिवारों का पूरा सामान आग में जलकर खाक हो गया। सोने के गहने, कपड़े, राशन, जरूरी कागजात, बच्चों के सामान से लेकर नकदी सब कुछ जलकर राख हो गया। मजदूर परिवारों के सामने आर्थिक संकट पीड़ितों का कहना है कि उनके पास अब सिर्फ वही कपड़े बचे हैं जो उन्होंने उस समय पहने हुए थे। दैनिक मजदूरी कर अपना घर चलाने वाले इन परिवारों पर अब अचानक भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने सरकार और प्रशासन से त्वरित आर्थिक सहायता की मांग की है, ताकि वे फिर से अपने जीवन को सामान्य कर सकें।

FBI ने जारी किया रेड अलर्ट: भारतीय मूल की मां-बेटे की हत्या का आरोपी नजीर हमीद फरार, अमेरिका ने भारत से किया प्रत्यर्पण अनुरोध

न्यू यॉर्क  अमेरिका में 2017 में एक भारतीय महिला शशिकला नर्रा (38) और उनके 6 वर्षीय बेटे अनीश नर्रा की नृशंस हत्या के मामले में फरार आरोपी भारतीय नागरिक नजीर हमीद की तलाश तेज हो गई है।  FBI ने नजीर को मोस्ट वांटेड लिस्ट में डालते हुए उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 50,000 डॉलर (लगभग 42 लाख रुपये) पुरस्कार देने का ऐलान किया है। 23 मार्च 2017 को अमेरिका के न्यू जर्सी में स्थित उनके अपार्टमेंट से मां-बेटे के शव बरामद हुए थे।  दोनों की हत्या चाकू से की गई ।अनीश का सिर धड़ से अलग मिला और शरीर पर कई घावों के निशान थे। यह अमेरिका की सबसे क्रूर हत्याओं में से एक मानी गई। जांच में पता चला कि आरोपी नजीर हमीद उसी अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में रहता था और वह मृतकों के पति/पिता का पीछा करता था । घटनास्थल पर मिला खून का धब्बा नजीर के DNA से मैच हुआ। हत्या के छह महीने बाद वह भारत भाग आया और तब से यहीं छिपा है।    न्यू जर्सी के गवर्नर फिल मर्फी ने भारत के राजदूत विनय क्वात्रा को फोन कर कहा कि हमीद को तुरंत अमेरिका भेजने में सहयोग किया जाए।बर्लिंगटन काउंटी की अभियोजक लाचिया ब्रैडशॉ ने भी कहा कि “न्याय की कोई सीमा नहीं होती  यह अपराधी सजा से बचना नहीं चाहिए।” FBI और अमेरिकी अधिकारी लगातार भारत से संपर्क में हैं ताकि नजीर को जल्द से जल्द अमेरिका लाया जा सके। फरवरी 2025 में उस पर आधिकारिक तौर पर हत्या सहित छह गंभीर आरोप दर्ज किए गए।