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टॉस हारा, फील्डिंग बिगड़ी… टीम इंडिया की रायपुर में हार की 5 बड़ी गलतियाँ

 रायपुर साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 दिसंबर (बुधवार) को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए मुकाबले में भारतीय टीम को 4 विकेट से पराजय का सामना करना पड़ा. मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 5 विकेट पर 358 रन बनाए थे. जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम ने 49.2 ओवरों में 6 विकेट पर 362 रन बनाकर मैच जीत लिया. रायपुर वनडे में जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका ने तीन मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली. सीरीज का आखिरी मुकाबला 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाना है. रायपुर वनडे में भारतीय टीम के पास जीत हासिल करने का गोल्डन चांस था, लेकिन कुछ ऐसी वजहें रहीं, जिसने मैच को सााउथ अफ्रीका की ओर मोड़ दिया. भारतीय टीम की फील्डिंग कुछ खास नहीं रही. यशस्वी जायसवाल ने एडेन मार्करम का कैच उस समय टपका दिया, जब वो 53 रन पर खेल रहे थे. मार्करम ने इस मैच में 110 रन बनाए. रवींद्र जडेजा वैसे तो चपल फील्डर माने जाते हैं, लेकिन 2 मौके ऐसे आए, जब उन्होंने चूक की और विपक्षी टीम को 4-4 रन मिले. भारतीय फील्डर्स ने और भी कुछ मौके गंवाए, जिसने साउथ अफ्रीकी टीम का काम आसान कर दिया. ♦ भारतीय टीम की गेंदबाजी तो काफी साधारण रही. प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 विकेट तो लिए, लेकिन इसके लिए उन्होंने 85 रन खर्च कर दिए. तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर कुलदीप यादव भी काफी महंगे साबित हुए. हर्षित ने 70 और कुलदीप ने 78 रन लुटाए. रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने 11 ओवरों की गेंदबाजी में 69 रन खर्च किए, मगर कोई विकेट नहीं मिला. अर्शदीप सिंह जरूर असरदार साबित हुए और 54 रन देकर दो विकेट झटके, हाालंकि ये जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे. ♦ मुकाबले में भारतीय टीम टॉस नहीं जीत पाई, जो एक निगेटिव प्वाइंट रहा. टॉस हारने के चलते भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करने पड़ी. भारत ने अच्छा स्कोर बनाया, लेकिन मैच की दूसरी पारी में ओस के चलते रनचेज आसान हो गया था. गेंद काफी गीली हो जा रही थी, ऐसे में गेंदबाजी आसान नहीं रही. वैसे भी आजकल टॉस के साथ भारतीय टीम की किस्मत खोटी चल रही है. भारतीय टीम वनडे क्रिकेट में लगातार 20 मैचों में टॉस गंवा चुकी है, जो चौंकाने वाला आंकड़ा है. ♦ भारतीय टीम का स्कोर 40 ओवरों के बाद चार विकेट के नुकसान पर 284 रन था. यहां से भारतीय टीम कम से कम 375 रनों के स्कोर तक तो पहुंच ही सकती थी. लेकिन साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने आखिरी 10 ओवरों में अच्छी गेंदबाजी की, जिसके चलते भारतीय टीम इस दौरान 74 रन ही बटोर सकी. भारतीय टीम ने 20-30 रन और ज्यादा बनाए होते, तो मैच का नतीजा कुछ और होता. ♦ एडेन मार्करम ने साउथ अफ्रीका के लिए जरूर इस मुकाबले में शतक लगाया, लेकिन मेहमान टीम के लिए सबसे कारगर इनिंग्स खेली डेवाल्ड ब्रेविस ने. ब्रेविसन ने 5 छक्के और एक चौके की मदद से 34 बॉल पर 54 रन बनाए. ब्रेविस का विकेट यदि भारतीय टीम जल्द चटका लेती तो मुकाबला उसके पक्ष में जा सकता था.

आतंकी नेटवर्क पर NIA की कड़ी मार, दो राज्यों में चला एक साथ सर्च ऑपरेशन

 नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए बिहार और हरियाणा में एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया है. यह मामला आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) और अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़ी चल रही आतंकी साजिश की जांच से संबंधित है. इस मामले को एनआईए की पटना शाखा ने दर्ज किया था. यह जांच भारत में आतंकवादी कृत्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कट्टरता, भर्ती और फंडिंग गतिविधियों पर केंद्रित है.  केस 2025 की शुरुआत में शुरू किया गया था, जिसमें एफआईआर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की प्रासंगिक धाराओं के तहत दर्ज की गई थी. एनआईए ने हरियाणा और बिहार को मिलाकर कुल 22 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. तलाशी का मकसद मामले से जुड़े सबूत और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना था. एफआईआर आतंकवाद को बढ़ावा देने और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी. अहम सामग्री मिलने की संभावना… तलाशी के दौरान एनआईए को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री मिलने की संभावना है. ये वस्तुएं आईएसआईएस से जुड़े इस आतंकी साजिश की जांच में महत्वपूर्ण सबूत प्रदान कर सकती हैं, जिससे कट्टरता, भर्ती और फंडिंग नेटवर्क को समझने में मदद मिलेगी.

घने कोहरे और बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, झारखंड में जनजीवन बेहाल

रांची झारखंड में दिसंबर के दस्तक के देने के साथ ही ठंड ने अचानक जोर पकड़ लिया है। बर्फीली हवाओं और तेजी से गिरते तापमान ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। खूंटी जिले में पिछले 24 घंटों में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि आंशिक बादल और हल्की धूप के बावजूद ठिठुरन से कोई राहत नहीं मिली। दोपहर की हल्की फुहार ने सर्दी को और भयावह बना दिया। यहां न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस तक फिसल गया।       मौसम विभाग के अनुसार, आज पूरे राज्य में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। दोपहर में धूप तो तेज दिखेगी, लेकिन उत्तरी दिशा से आ रही बर्फीली हवाएं इसका पूरा असर खत्म कर देंगी। बादल छंटने से रात का तापमान 4-5 डिग्री तक गिर सकता है। रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गुमला, गढ़वा, हजारीबाग और कोडरमा में न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 6 डिग्री की गिरावट से मौसम में जबरदस्त बदलाव महसूस हो रहा है। रांची में अगले एक सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। सुबह कोहरा और ठंड से दिन की शुरुआत होगी। पहले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री तक की और गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे रातें बेहद सर्द गुजरेंगी। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य 24-25 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन हवाओं से ठंडक बनी रहेगी। मौसम विभाग ने पलामू, गुमला जैसे जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। सुबह-शाम की शीतलहर लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह 7 बजे से पहले और शाम 6 बजे के बाद तेज शीतलहर चलेगी। धुंध और बर्फीली हवाएं स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती हैं। सर्दी से प्रभावित होने वाले बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े, अलाव और गर्म भोजन का सहारा लें। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं ठंड की वजह से रेलवे पर भी असर पड़ा है। कुहासा और धुंध के कारण कई ट्रेनों को तुरंत करना पड़ रहा है। यह सर्दी का पहला बड़ा दौर है, जो नवंबर से चली आ रही शीतलहर को और तेज कर रहा है। राज्यभर में सड़कों पर धुंध का साया छा गया है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी ठंडी हवाओं का असर कुछ दिनों तक बना रहेगा। लोग घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें।  

कलेक्टर बोले—उद्योगों की जरूरतें ध्यान में रखते हुए आईटीआई में नये कोर्स शुरू हों

उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुसार आईटीआई में शुरू किये जायें नये ट्रेड जिला कौशल समिति की बैठक में कलेक्‍टर ने दिये निर्देश. जबलपुर  कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने उद्योगों की वर्तमान जरूरतों को देखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थाओं में इलेक्ट्रिकल व्‍हीकल, स्‍मार्ट फोन रिपेयरिंग, फूड प्रोसेसिंग, हाउस कीपिंग एवं हॉस्पिटेलिटी जैसे नए ट्रेड शुरू करने के निर्देश दिये हैं, ताकि युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सके। आज बुधवार को आयोजित ‍जिला कौशल समिति की बैठक को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने जिले के उद्योग संगठनों से संपर्क कर पीएम विश्‍वकर्मा योजना के अंतर्गत आने वाले शॉर्ट टर्म कोर्सिस का व्‍यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। कलेक्‍टर कार्यालय में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत, संयुक्‍त संचालक कौशल विकास बी एस पनिका, जिला व्‍यापार उद्योग केन्‍द्र के महा प्रबंधक विनीत रजक, संभागीय आईटीआई के प्राचार्य अर्पित शुक्‍ला एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि के तौर पर हिमांशु खरे, दीपक जैन एवं गौरव अग्रवाल मौजूद थे। कलेक्‍टर श्री सिंह ने बैठक में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थानों में प्रशिक्षण प्राप्‍त कर रहे युवाओं को औद्योगिक इकाईयों का भ्रमण कराने के निर्देश भी दिये। उन्‍होंने कहा कि इससे युवाओं को अत्‍याधुनिक मशीनों से अवगत होने का अवसर मिलेगा और वे उद्योगों की वर्तमान जरूरतों को जान सकेंगे। उन्‍होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थानों में वर्तमान में युवाओं को प्रशिक्षण देने में इस्‍तेमाल की जा रही मशीनों को उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक अपग्रेड करने पर भी जोर दिया।  बैठक में युवा संगम के माध्‍यम से युवाओं को उपलब्‍ध कराये जा रहे रोजगार पर भी चर्चा की गई। कलेक्‍टर श्री सिंह ने कहा कि युवा संगम या जॉब फेयर के माध्‍यम से निजि कंपनियों द्वारा रोजगार के लिए चयनित किये गये युवाओं की ट्रेकिंग की जाये और देखा जाये कि वे वहां वास्‍तव में काम कर रहे हैं या नहीं। कलेक्‍टर ने कौशल विकास समिति की बैठक हर माह आयोजित करने के निर्देश भी दिये।  बैठक के प्रारंभ में प्राचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍था अर्पित शुक्‍ला ने आईटीआई में संचालित विभिन्‍न ट्रेडों एवं कौशल विकास के अंतर्गत आने वाली योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। मुख्‍यमंत्री सीखो कमाओ योजना, प्रधानमंत्री विश्‍वकर्मा योजना एवं नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रोत्‍साहन योजना के तहत प्राप्‍त उपलब्धियों तथा युवा संगम के माध्‍यम से प्‍लेसमेंट पर प्रजेंटेशन दिया गया।

खरमास कब होगा शुरू —15 या 16 दिसंबर? जानिए सही तारीख और पूरी जानकारी

हिंदू धर्म में खरमास  को एक ऐसा समय माना जाता है जब लगभग एक महीने तक सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. साल 2025 का आखिरी महीना दिसंबर जल्द ही शुरू होने वाला है, और इसके साथ ही लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि खरमास की शुरुआत 15 दिसंबर को होगी या 16 दिसंबर को? अगर आपके मन में भी यही उलझन है, तो यहां पंचांग और ज्योतिषीय गणना के आधार पर हम आपकी यह कन्फ्यूजन दूर कर रहे हैं. खरमास 2025 कब से हो रहा है शुरू?     पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2025 में खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर 2025 से होगी.     खरमास शुरू होने की तिथि: 16 दिसंबर 2025, मंगलवार     समापन की तिथि: 14 जनवरी 2026, बुधवार (मकर संक्रांति के दिन)     अवधि: लगभग 30 दिन खरमास की शुरुआत धनु संक्रांति के साथ होगी. इस दिन सूर्य देव वृश्चिक राशि से निकलकर अपने मित्र ग्रह बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करेंगे. सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास शुरू हो जाएगा. वहीं खरमास का समापन 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के दिन होगी, जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसके साथ ही एक बार फिर विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की रौनक लौट आएगी. खरमास को अशुभ क्यों माना जाता है? मान्यताओं के अनुसार, खरमास का समय ज्योतिष शास्त्र में मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन संस्कार आदि के लिए शुभ नहीं माना जाता है. इसके पीछे मुख्य ज्योतिषीय कारण हैं: सूर्य का धनु राशि में गोचर: सूर्य जब गुरु (बृहस्पति) की राशियों (धनु और मीन) में प्रवेश करते हैं, तो उस काल को खरमास कहा जाता है. गुरु का प्रभाव कमजोर होना: ज्योतिष के अनुसार, बृहस्पति को शुभ कार्यों का कारक माना जाता है. जब सूर्य, धनु राशि (जिसके स्वामी गुरु हैं) में गोचर करते हैं, तो सूर्य के तेज के कारण गुरु का प्रभाव कुछ कम हो जाता है. इस कारण मांगलिक कार्यों में शुभ फल की कमी मानी जाती है. सूर्य की धीमी गति: इस दौरान सूर्य की चाल भी धीमी हो जाती है, जिसे मलमास भी कहा जाता है. नए कार्यों या बड़े आयोजनों को शुरू करने के लिए यह समय अनुकूल नहीं माना जाता. खरमास में कौन से कार्य वर्जित हैं? विवाह और सगाई: शादी-विवाह और सगाई जैसे समारोहों को पूरी तरह से वर्जित माना जाता है. गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश (गृह प्रवेश) या किसी भी नए निर्माण कार्य की शुरुआत करना. मुंडन और कर्णवेध: बच्चों के मुंडन संस्कार या कान छेदन जैसे संस्कार. नया व्यापार या नौकरी: किसी भी बड़े नए व्यापार या व्यवसाय की शुरुआत करना. जनेऊ संस्कार (उपनयन संस्कार): यह संस्कार भी इस दौरान नहीं किया जाता है. खरमास में क्या करना शुभ होता है? खरमास का समय धार्मिक और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इस अवधि में आप निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं: पूजा-पाठ: भगवान सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करना बहुत फलदायी होता है. दान: गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना शुभ माना जाता है. तीर्थ यात्रा: पवित्र नदियों में स्नान और तीर्थ यात्रा करना इस दौरान बहुत ही पुण्यकारी माना गया है. मंत्र जाप: ध्यान, जप और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना.

मध्यप्रदेश की अनूठी धरोहर को जीआई टैग की मान्यता

मध्यप्रदेश की विरासत को मिला जीआई टैग भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार मध्यप्रदेश की सम्पदा खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, छतरपुर फर्नीचर, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे क्रॉफ्ट को मिला जी आई टैग मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री  काश्यप ने माना आभार और अधिकारियों को दी बधाई  पद्म रजनीकांत ने बताया ऐतिहासिक पल भोपाल  भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश की 5 बहुत ही प्राचीन शिल्प कला को जीआई टैग के द्वारा भारत की बौद्धिक संपदा अधिकार में शुमार होने का गौरव प्राप्त हुआ है। एमएसएमई मंत्री  चैतन्य कुमार काश्यप ने मध्यप्रदेश की विरासत को मिली इस ऐतिहासिक पहचान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। इस उपलब्धि को जीआई मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रख्यात पद्म डॉ. रजनी कांत ने  अत्यंत गर्व का पल बताया है। जीआई रजिस्ट्री चेन्नई के वेबसाइट पर इन उत्पादों के सामने रजिस्टर्ड का स्टेटस आते ही संबंधित शिल्पियों में खुशी की लहर दौड़ गई और मध्यप्रदेश के लिए यह पहल करने वाले सूक्ष्म,लघु,मध्यम उद्यम विभाग सहित अन्य विभागों में भी नई चेतना आ गईं है। लगभग एक वर्ष पूर्व ही इन सभी के लिए जीआई का आवेदन खजुराहो स्टोन क्रॉफ्ट, बैतूल भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, ग्वालियर पत्थर शिल्प और ग्वालियर पेपर मैशे के लिए नाबार्ड, मध्यप्रदेश ने और छतरपुर फर्नीचर के लिए सिडबी मध्यप्रदेश ने वित्तीय सहयोग प्रदान किया था। एमएसएमई विभाग मध्यप्रदेश के प्रयास से स्थानीय शिल्पियों की संबंधित संस्थाओं द्वारा यह सभी जीआई एप्लिकेशन पद्म डॉ. रजनीकांत के तकनीकी सहयोग से भेजे गए थे। नवम्बर माह में ही पन्ना डायमंड को जीआई टैग प्राप्त हुआ है और लगभग 25 उत्पादों की जीआई मिलने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।  

सीएम डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को दिया MP में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का निमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से की भेंट मध्य प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों के भूमि पूजन का दिया आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जेपी नड्डा से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा से मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर प्रारंभ होने वाले चार मेडिकल कॉलेज के भूमि-पूजन के लिए आमंत्रण दिया। यह कार्यक्रम इस माह प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि मध्यप्रदेश में अन्य क्षेत्रों के साथ स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर जन सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। अभी और चार नए मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आंमत्रण को स्वीकार करते हुए सहमति प्रदान की है। शीघ्र ही तिथि निर्धारित कर 4 नये मेडिकल कॉलेजों का भूमि-पूजन किया जायेगा।  

अब घर बैठे बदलें आधार में मोबाइल नंबर, ये है पूरा ऑनलाइन प्रोसेस

नई दिल्ली आधार कार्ड आज हर भारतवासी के लिए उनकी पहचान बताने का सबसे जरूरी दस्तावेज है। आपको चाहे बैंक से जुड़ा कोई काम करवाना हो या कोई सरकारी काम करवाना हो, हर जगह आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है। अगर आपके आधार कार्ड में मोबाइल नंबर गलत प्रिंट हो गया तो आप ये सब काम घर बैठे आसानी से कर सकते हैं। दरअसल, UIDAI ने आधार से संबंधित कई सेवाओं को और आसान बना दिया है। अब आप घर बैठे आधार कार्ड पर मोबाइल नंबर बदल सकेंगे। सरकार ने नए आधार ऐप में इस सुविधा को शुरू कर दिया है। UIDAI ने इसकी घोषणा की है। इन बदलावों के लिए आधार कार्डधारक को किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। बस आधार ऐप पर OTP वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन से मोबाइल नंबर चेंज हो जाएगा। यूजर अपना चेहरा स्कैन करते ही ऐप के भीतर से आधार से लिंक मोबाइल नंबर को खुद अपडेट कर पाएंगे। ऐसे बदले मोबाइल नंबर     सबसे पहले यूजर्स AADHAAR ऐप डाउनलोड करें।     फिर अपना 12-डिजिट आधार नंबर और नया मोबाइल नंबर डालना होगा।     रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP जाएगा, वेरिफिकेशन करना होगा।     फिर फेस स्मार्टफोन कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा।     अब आपको 75 रुपये की पेमेंट करनी होगी और प्रोसेस पूरी हो जाएगी। बदलाव का उद्देश्य UIDAI के अनुसार, इन नए नियमों का मकसद आधार सेवाओं को डिजिटल, तेज और अधिक सुलभ बनाना है ताकि हर नागरिक अपने दस्तावेज़ों को बिना किसी परेशानी के अपडेट कर सके। वहीं, पता, नाम और ईमेल आईडी भी अपडेट करने की सुविधा जल्द शुरू होगी।

शेयर बाजार में गिरावट पर लगा ब्रेक, चौथे कारोबारी दिन Sensex-Nifty ने दिखाई मजबूती

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में बीते कुछ दिनों से गिरावट का सिलसिला जारी था और सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भी दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. कुछ देर रेड जोन में कारोबार करने के बाद अचानक बाजी पलटी नजर आई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की 30 शेयरों वाला Sensex गिरावट के साथ ओपन होने के बाद एकदम से 180 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार करने लगा, तो वहीं नेशनल स्ट़ॉक एक्सचेंज की निफ्टी-50 (Nifty) भी 50 अंक की उछाल के साथ ट्रेड कर रहा था. आईटी कंपनियों के शेयरों में आया उछाल बाजार को सपोर्ट करता नजर आया.  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  गुरुवार को शेयर मार्केट में जब कारोबार की शुरुआत हुई, तो बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 85,106 की तुलना में 119 अंकों की गिरावट लेकर 84,987 के लेवल पर खुला और कुछ देर रेड जोन में ही कारोबार करता दिखा. लेकिन करीब आधे घंटे के कारोबार के बाद अचानक इसकी चाल बदल गई और ये इंडेक्स रेड से ग्रीन जोन में आ पहुंचा. खबर लिखे जाने तक BSE Sensex 180 अंक चढ़कर 85,297 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था.  बात एनएसई के निफ्टी इंडेक्स की करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई. अपने बुधवार के बंद 25,986 के मुकाबले मामूली गिरावट लेकर 25,981 पर खुले NSE Nifty ने पहले 25,938 तक गोता लगाया, फिर अचानक से इसकी रफ्तार तेज होती चली गई और ये इंडेक्स उछलकर 26,026 के लेवल पर जा पहुंचा.  IT समेत इन Stocks ने दिखाया दम  शेयर बाजार में अचानक लौटी के तेजी सबसे बड़ा हाथ आईटी कंपनियों के शेयरों का रहा, जिनमें गुरुवार को अच्छी तेजी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी के साथ भागने वाले शेयरों में बीएसई लार्जकैप में TCS Share (1.92%), Tech Mahindra Share (1.90%), HCL Tech Share (1.60%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप सेक्शन में शामिल Petronet Share (3.70%), LTTS Share (2.61%), Coforge Share (2%) और KPI Tech Share (1.90%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में  Mukka Protine Share (14.10%), Neclife Share (13.11%) और Laxmi Dental Share (9%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे.  इन शेयरों में आई गिरावट बात गिरावट के साथ कारोबार करने वाले शेयरों की करें, तो लार्जकैप में Eternal Share (1.44%), Maruti Share करीब 1 फीसदी फिसलकर कारोबार कर रहा था. तो मिडकैप में Biocon Share (3.63%), Kaynes Share (2.81%), Power India Share (2.50%) और Ola Electric Share 1.84% की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. 

सीएम योगी ने बच्चों को देखकर किया औचक मुलाकात का फैसला

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बालप्रेम जगजाहिर है। जब भी वह बच्चों को अपने आसपास देखते हैं, उन पर स्नेह और प्यार लुटाते हैं। बुधवार को गोरखपुर सर्किट हाउस परिसर में हेलिपैड से उतरते ही उनकी नजर जब समीप के पार्क के गेट पर बच्चों के समूह पर गई तो वह खुद उनसे मिलने उनके पास पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बात की और चॉकलेट दिया।  गोला के मदरिया सिद्धपीठ से होकर मुख्यमंत्री जब हेलीकॉप्टर से सर्किट हाउस परिसर के  हेलिपैड पर उतरे तो उस समय बगल के अंबेडकर पार्क में बच्चे ताइक्वांडो की प्रैक्टिस कर रहे थे। हेलीकाप्टर की गड़गड़ाहट सुनकर बच्चे गेट के पास आकर देखने लगे। सीएम योगी को देखते ही बच्चों ने जयकारा लगाकर उनका अभिवादन किया। बच्चों को देखकर सीएम खुद को रोक नहीं पाए और पहले पार्क के पिछले गेट की ओर गए। गेट के दूसरी ओर खड़े बच्चों से दुलारा। उनसे बात की। सीएम ने पूछा कि क्या कर रहे हो तो बच्चों ने कहा कि ताइक्वांडो की प्रैक्टिस। सीएम ने उन्हें चाकलेट भी दिया।