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रायपुर : मंत्री अग्रवाल ने लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना एवं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की

रायपुर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे लुंड्रा विधायक  प्रबोध मिंज से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मंत्री  अग्रवाल ने विधायक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।  इस मुलाकात के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल और महिला बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े भी मौजूद थे। उन्होंने विधायक प्रबोध मिंज के स्वास्थ्य सुधार की प्रक्रिया पर डॉक्टरों से चर्चा की और उनके शीघ्र स्वस्थ होकर विधानसभा में लौटने की कामना की है।

मुजफ्फरनगर के यहियापुर गांव में बुधवार को लगी ‘कृषि चौपाल’

उत्तर प्रदेश की शान बने ‘खुशहाल किसान’ मुजफ्फरनगर के यहियापुर गांव में बुधवार को लगी ‘कृषि चौपाल’ चौपाल में शामिल हुए 500 से अधिक किसान, कहा- हमें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने उठाया अभूतपूर्व कदम  सभी जनपदों को समान रूप से बिजली-पानी उपलब्ध करा रही योगी सरकार  अन्नदाताओं ने योजनाओं के क्रियान्वयन, एमएसपी, समय से भुगतान और गन्ना मूल्य में वृद्धि के लिए योगी सरकार के प्रति जताया आभार   मुजफ्फरनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अन्नदाता किसानों के जीवन में खुशहाली लाई। किसान अब आत्महत्या नहीं करते, बल्कि खुशहाली का जीवन व्यतीत कर परिवार की तरक्की और उत्तर प्रदेश की समृद्धि में योगदान दे रहे हैं। किसानों को फसल का उचित दाम मिल रहा, उन्हें किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना, एमएसपी के साथ ही समान रूप से हर जनपद को बिजली, सड़क, पानी की सुविधाएं मिल रही हैं। इससे खेती करने और फसल को बाजार तक पहुंचाने में आसानी हो रही है। यहियापुर गांव में बुधवार को लगी कृषि चौपाल में उपस्थित 500 से अधिक किसानों ने यह विचार रखे। सभी ने साढ़े आठ वर्ष में सरकार के सकारात्मक कदम के कारण किसानों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का भी जिक्र किया।  विकसित कृषि संकल्प अभियान बना कारगर, सरकार ने सीधे किसानों से किया संवाद  विकसित कृषि संकल्प अभियान के जरिए मुख्यमंत्री, केंद्र-राज्य सरकार के मंत्रियों समेत जनप्रतिनिधियों ने किसानों से संवाद किया। 15 दिन में प्रदेश के 14,170 गांवों में हुए कार्यक्रमों में 23 लाख से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया। किसान बिराम सिंह ने कहा कि मेरे सहित कई किसान इस अभियान में शामिल हुए। यहां हमने स्वायल कॉर्ड, भूमि सुधार, सिंचन क्षमता आदि से लेकर खेतीबाड़ी में सुधार को लेकर नई-नई जानकारी ली। इसके बाद विशेषज्ञों/अधिकारियों से संपर्क कर अपनी खेती में और सुधार किया।  तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए निःशुल्क मिनीकिट का वितरण  किसान अमरीश वालिया ने कहा कि सरकार कृषि विभाग के माध्यम से तिलहन-दहलन के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निःशुल्क मिनीकिट भी वितरित कर रही है। गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, तोरिया, राई-सरसो, अलसी फसलों के लिए अनुदान पर बीज भी उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे एक तरफ हमें आसानी से बीज भी मिलते हैं तो दूसरी तरफ खेती में इसका प्रयोग कर उत्पादकता बढ़ाने और विषमुक्त खेती की तरफ भी किसान कदम बढ़ाते हैं।  खेती में सहायक हो रहे अनुदान पर मिल रहे कृषि यंत्र किसान गंगाशरण कहते हैं कि खेती में सहायता के लिए किसानों को कृषि यंत्र की आवश्यकता पड़ती है। कृषि विभाग अनुदान पर किसानों को विभिन्न कृषि यंत्र उपलब्ध भी कराता है। कृषि यंत्र खेती में सहायक हो रहे हैं। योगी सरकार की मंशा से 5000 से अधिक कृषि यंत्र बैंक भी स्थापित किए गए हैं, जिससे मेरे जैसे हजारों-लाखों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। जनपदों में निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए ई-लॉटरी निकलती है और किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र मिलता है।  किसान पाठशाला के जरिए नवीन जानकारियों से किया जा रहा अपडेट  किसान वेदपाल ने किसान पाठशाला की सकारात्मकता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके जरिए खेती से अलग किसानों में तकनीकी क्षमता भी विकसित की जा रही है। किसान फसलों के उत्पादन व उत्पादकता में वृद्धि के लिए नवीनतम तकनीकों को जान रहे हैं। हम कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर कई समाधान भी पा जाते हैं। उन्नत कृषि से संबंधित व्यावहारिक व व्यापारिक समझ का विकास कर रहे हैं। कृषि विभाग की संचालित योजनाओं के बारे में भी जानकारी मिलती है।     गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी किसानों के लिए वरदान  किसान कंवर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि कर गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा दिया था। योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 370 से बढ़ाकर 400 रुपये और सामान्य प्रजाति का 360 रुपये से 390 रुपये प्रति क्विंटल किया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी हो रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में यह वृद्धि किसानों को मिला सम्मान है।  कृषि चौपाल में सुनील प्रधान, कंवरपाल सिंह, मो. फसी, निर्दोष त्यागी, मनोज चौधरी, नूर मोहम्मद, शिवेश कुमार, कंवर सिंह, सुभाष राठी, शेर सिंह, जगमेर सैनी, पद्म सिंह, देवेंद्र कुमार, हरपाल, जयप्रकाश, नरेश पाल आदि किसान मौजूद रहे।  बृहस्पतिवार को दाहोद गांव में लगेगी ‘कृषि चौपाल’  1 से 11 दिसंबर तक पश्चिम उत्तर प्रदेश के चार जनपदों में ‘कृषि चौपाल’ का आयोजन हो रहा है। बागपत, हापुड़ और शामली में ‘कृषि चौपाल’ हो चुकी है। बुधवार को मुजफ्फरनगर के यहियापुर गांव में किसानों ने संवाद किया। 11 दिसंबर (गुरुवार) को दाहोद गांव में ‘कृषि चौपाल’ लगाई जाएगी।

यूपी भाजपा अध्यक्ष पद की रेस तेज: नया चेहरा चुनने से पहले पार्टी रख रही है ये अहम शर्तें

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मंथन तेज हो गया है। सूत्रों की मानें तो जातीय समीकरण और संगठनात्मक अनुभव के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार के साथ मजबूत तालमेल इस बार चयन की सबसे अहम शर्त मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इस बार चेहरा चुनने में सावधानी बरत रही है जो संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधते हुए 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत तैयारी सुनिश्चित कर सके, जहां पार्टी का सामना आक्रामक समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी कांग्रेस से होगा। 2024 लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा की सीटें 62 से घटकर 33 होने के बाद संगठन बनाम सरकार की कथित खींचतान और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का 'संगठन सरकार से ऊपर' वाला बयान सुर्खियों में रहा था। पार्टी का आकलन है कि संगठन और सरकार के बीच किसी भी तरह की दूरी 'कार्यकर्ताओं की अनदेखी' जैसे नैरेटिव को हवा देने का मौका दे सकती है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेता और वर्तमान सांसद के अनुसार, नेतृत्व इस बार यह सुनिश्चित करना चाहता है कि न तो संगठन सरकार पर हावी दिखे और न ही सरकार संगठन के ऊपर। दोनों के बीच तालमेल की कमी को जड़ स्तर पर गुटबाजी का कारण माना जा रहा है, जो चुनावी प्रदर्शन पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। सूत्रों ने संकेत दिया कि नया प्रदेश अध्यक्ष ऐसा होना चाहिए जो योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली का 'पूरक' बने, न कि उनके समानांतर कोई शक्ति केंद्र। इसलिए माना जा रहा है कि पार्टी अपने अगले प्रदेश अध्यक्ष से सरकारी योजनाओं की जमीनी स्तर पर सुचारु क्रियान्वयन और संगठन को मजबूत करने की दोहरी भूमिका निभाने की अपेक्षा रखती है। विशेषकर तब, जब निकट भविष्य में पंचायत चुनाव और उसके बाद 2027 के विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा के एक सांसद कहते हैं कि, 'हालांकि जोखिम भी मौजूद है। अगर नया अध्यक्ष अत्यधिक सरकार-झुकाव वाला हुआ तो कार्यकर्ताओं में शीर्ष-से-नीचे नियंत्रण का डर बन सकता है। दूसरी ओर, कमजोर तालमेल संगठन-सरकार के पुराने तनाव को फिर उभार सकता है।' सांसद ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए भाजपा ऐसे 'मूल कार्यकर्ता' को आगे लाने की भी इच्छुक है, जिसका लंबा संगठनात्मक अनुभव, आरएसएस पृष्ठभूमि और पार्टी से मूलभूत जुड़ाव रहा हो। विश्लेषकों का मानना है कि यह संदेश देने का प्रयास है कि 'जमीनी कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ है।' भाजपा सांसद ने कहा, 'चुनाव रणनीति को देखते हुए जातीय समीकरणों पर भी गहन मंथन चल रहा है। बीजेपी ऐसा चेहरा सामने लाना चाहती है जो समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडा का प्रभावी जवाब दे सके। 2024 में हुए वोट शिफ्टिंग-खासतौर पर गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वर्ग में-को पार्टी गंभीरता से ले रही है।' हालांकि भाजपा ब्राह्मण, ओबीसी और दलित सभी प्रमुख सामाजिक वर्गों पर विचार कर रही है। अंतिम चयन इस संतुलन पर निर्भर करेगा कि कौन-सा चेहरा संगठन को ऊर्जा दे सके और सरकार के साथ मजबूत तालमेल रखते हुए आगामी चुनावी चुनौतियों में पार्टी को बढ़त दिला सके।  

रॉकस्टार वाइब्स और पागल होती भीड़—हार्दिक पांड्या ने खोला प्रेरणा का सीक्रेट

नई दिल्ली  भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का मानना है कि चोटिल होने के कारण बाहर हो जाने के बाद वह सकारात्मक मानसिकता से ही ‘दमदार और बेहतर वापसी’ करने में सफल रहे। रॉकस्टार का उदाहरण देकर उन्होंने ये भी बताया कि उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा क्या है। एशिया कप के दौरान चोटिल होने वाले इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने भारतीय टीम में शानदार वापसी करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 28 गेंद पर नाबाद 59 रन की तूफानी पारी खेली और फिर 16 रन देकर एक विकेट लिया। भारत ने इस मैच में 101 रन से बड़ी जीत हासिल की। हार्दिक ने बीसीसीआई टीवी पर जारी किए गए एक वीडियो में कहा, ‘मेरी सोच यह थी कि मैं पहले की तुलना में अधिक दमदार और बेहतर वापसी करूं। चोटें मानसिक रूप से आपकी परीक्षा लेती हैं और साथ ही कई तरह के संदेह भी पैदा करती हैं। इससे उबरने में अपने करीबी लोगों का भी बड़ा योगदान होता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने खुद को मजबूत बनाए रखा जिससे मुझे अधिक आत्मविश्वास मिला तथा खुद पर भरोसा करने और अपनी क्षमताओं पर पूरी तरह से विश्वास करने में मदद मिली है। मुझे एक खिलाड़ी के रूप में खुद पर पूरा भरोसा है। मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि अगर आप खुद पर विश्वास नहीं करते हैं, तो दूसरे आप पर कैसे विश्वास करेंगे।’ वह खिलाड़ियों को बेस्ट के लिए प्रेरित करते हैं; सूर्या पर फिदा हुए डेल स्टेन टी20 विश्व कप में भारतीय अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी हार्दिक ने कहा कि वह ऐसे इंसान हैं जो आत्मविश्वास अपने भीतर से प्राप्त करता है और लोग क्या सोच रहे हैं इसकी ज्यादा परवाह नहीं करता है उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैं जीवन में बेहद ईमानदार और यथार्थवादी इंसान रहा हूं जिससे मुझे बहुत मदद मिली है। मुझे घुमा फिरा कर बात करना पसंद नहीं है। मैं इसकी परवाह नहीं करता कि अन्य लोग मेरे बारे में क्या सोच रहे हैं। मैं हमेशा इस पर ध्यान देता हूं कि मैं खुद के बारे में क्या सोच रहा हूं।’ हार्दिक ने कहा, ‘अब वो समय आ गया है जब हार्दिक पांड्या सिर्फ खेल खेलना चाहता है, मैदान पर हर पल का आनंद लेना चाहता है। अब बड़ा और बेहतर बनना ही मेरे जीवन का ध्येय है।’ पांड्या का कहना है कि दर्शकों के समर्थन से उन्हें नई ऊर्जा मिलती है, जो उन्हें उम्मीदों पर खरा उतरने में मदद करती है। उन्होंने कहा, ‘आपको एक रॉकस्टार होना चाहिए। आप आते हैं, 10 मिनट तक परफॉर्म करते हैं और भीड़ पागल हो जाती है, मुझे लगता है कि यही मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही है। मैंने जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया और उनसे सबक लिया। इसलिए जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं तो मुझे लगता है कि दर्शक बस मेरा ही इंतजार कर रहे हैं। वे मुझे बल्लेबाजी करते हुए देखने के लिए ही इंतजार कर रहे हैं।'

पंजाब में ड्रग मनी की पड़ताल हाई कोर्ट की निगरानी में हो—BJP ने CM मान पर डाला दबाव

चंडीगढ़  भ्रष्टाचार को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए पंजाब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से राज्य के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की जांच कराने की मांग की है, साथ ही यह पता लगाने का आग्रह किया कि क्या किसी को भ्रष्ट गतिविधियों से धन प्राप्त हुआ है. पूर्व कांग्रेस विधायक नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों के बाद कांग्रेस में मचे घमासान के बीच, सुनील जाखड़ ने भगवंत मान को उनके 16 जून को लिखे पत्र की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने ड्रग मनी ट्रेल की जांच पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब के कई राजनेताओं की किस्मत बदल गई है, जिसे महज संयोग कहकर खारिज नहीं किया जा सकता.उन्होंने कहा कि कई कि विधायक जो साइकिल से आते थे, अब उनके पास लग्जरी कारें हैं और कई के पास फार्महाउस हैं.इतनी बड़ी मात्रा में पैसा कहां से आया, इसकी जांच जरूरी है. ‘भ्रष्टाचार समाज में नासूर बन गया’ मंगलवार को जाखड़ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जिसमें कांग्रेस और नवजोत कौर सिद्धू द्वारा लगाए गए आरोपों का ज़िक्र किए बिना लिखा, ‘इस समय भ्रष्टाचार समाज में नासूर बन गया है. अब तो 70 साल तक देश पर राज करने वाली पार्टी के वरिष्ठ नेता भी एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं’. ‘सभी दलों के नेताओं की हो जांच’ जाखड़ ने पोस्ट में कहा, ‘भगवंत मान जी, आपने इस भ्रष्टाचार को कैंसर कहा था. आपने यह भी कहा था कि आपके पास फाइलें हैं, तो आप उन फाइलों को क्यों नहीं खोलते? मैंने आपको पहले भी लिखा था और मैं फिर से मांग करता हूं कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में सभी दलों के नेताओं (जिनमें मैं भी शामिल हूं) की समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पता चले कि भ्रष्टाचारों से पैसा किसने प्राप्त किया है’. उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है अगर आपकी सरकार ड्रग्स के खिलाफ अपनी लड़ाई में अपनी विश्वसनीयता और दृढ़ संकल्प स्थापित करना चाहती है’. 16 जून को लिखे अपने पत्र में बीजेपी नेता ने मांग की थी कि ‘ड्रग-धन के मामले में ताकतवर और प्रभावशाली लाभार्थियों का पता लगाने के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू की निगरानी में जांच की जाए’. ‘धन का पता लगाना जरूरी’ जाखड़ ने आगे कहा ‘यह उचित होगा कि आप, मुख्यमंत्री के रूप में, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर, उनकी निगरानी में एक विश्वसनीय एजेंसी या यहां तक कि एकएजेंसी जांच द्वारा समयबद्ध जांच स्थापित करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध करें ताकि ड्रग-धन के जाल में अंतिम लाभार्थियों का पता लगाया जा सके’. उन्होंने कहा कि ड्रग-धन के जाल में धन का पता लगाना जरूरी है, जिसके बिना पंजाब से ड्रग्स को जड़ से उखाड़ने की कवायद न केवल निरर्थक है, बल्कि एक दिखावा भी है. ‘छोटे कारोबारियों को गिरफ्तार करने से कुछ नहीं होगा’ उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हज़ारों नशेड़ियों और छोटे कारोबारियों को गिरफ्तार करने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बड़ी मछलियों को पकड़ने और अंतिम लाभार्थियों को गिरफ्तार करने के लिए धन का प्रवाह स्थापित करना होगा, चाहे वे विभिन्न दलों के राजनेता हों या अधिकारी. उन्होंने कहा कि पंजाब में ड्रग कार्टेल किसी न किसी तरह के संरक्षण के बिना फल-फूल नहीं सकते. उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के कारोबार में पैसे का पता लगाना ज़रूरी है, क्योंकि इसके बिना पंजाब से नशीली दवाओं को जड़ से उखाड़ने की कोशिश न केवल निरर्थक है, बल्कि एक दिखावा भी है.  

यह वाकई बड़ा संकट! इंडिगो मामले में अदालत की फटकार, केंद्र की भूमिका पर उठे सवाल

नई दिल्ली  पिछले कुछ दिनों में देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की हजारों उड़ानें रद्द होने के मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं। इस मामले में दायर एक जनहित याचिका पर विचार करते हुए अदालत ने इसे एक संकट करार दिया और केंद्र सरकार को यह बताने को कहा कि स्थिति अचानक क्यों बिगड़ी? लाइव लॉ के मुताबिक अदालत ने कहा, 'सवाल यह है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न ही क्यों हुई? जिम्मेदार कौन है?' चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने कहा कि फंसे हुए यात्रियों को हुई परेशानी के अलावा यह देश की अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान का भी सवाल है। जनहित याचिका में मांग की गई है कि प्रभावित यात्रियों को सहायता और रिफंड उपलब्ध कराने के लिए केंद्र को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। मौके का फायदा उठाए जाने से अदालत हैरान बेंच ने इस बात पर भी हैरानी जाहिर की कि दूसरी कंपनियों ने इस मौके के फायदा उठाने की कोशिश की। अदालत ने कहा, 'दूसरी विमानन कंपनियां इस स्थिति का फायदा कैसे उठा सकती हैं और टिकट के लिए भारी रकम कैसे वसूल सकती हैं?' केंद्र सरकार ने अदालत से क्या कहा? सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया कि विधिक प्रावधान पूरी तरह लागू हैं और इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। यह भी कहा गया कि विमानन कंपनी ने काफी क्षमायाचना की है। सरकार के वकील ने यह भी कहा कि संकट विभिन्न नियम उल्लंघनों की वजह से पैदा हुआ है, जिनमें समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन न करना शामिल है। खासकर क्रू सदस्यों के फ्लाइट ड्यूटी घंटों से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया गया।

ICC रैंकिंग में ROKO का दबदबा, बुमराह-अभिषेक की शानदार जगह, नंबर 1 और 2 पर है कब्जा

 दुबई ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल) की बुधवार (12 द‍िसंबर) को ताजा रैकिंग सामने आई. जिसमें 38 साल के रोहित शर्मा और 37 साल के विराट कोहली क्रमश: नंबर 1 और नंबर 2 बल्लेबाज बने हुए हैं. वहीं म‍िचेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 गेंदबाज बन गए हैं. एशेज के दो शुरुआती टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं.  विराट कोहली अप्रैल 2021 से ODI बल्लेबाजों की नंबर 1 रैंकिंग पर नहीं हैं, तब उनको पाकिस्तान के बाबर आजम ने उन्हें पीछे छोड़ा था. लेकिन अब कोहली फिर से टॉप स्थान के बेहद करीब पहुंच गए हैं, क्योंकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में हुई तीन मैचों की ODI सीरीज में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.  37 साल के कोहली को तीनों मैचों में कुल 302 रन बनाने के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया था. उनकी इस शानदार प्रदर्शन का असर ICC की ताजा रैंकिंग में भी दिखा, जहां वह दो पायदान ऊपर चढ़कर दूसरे नंबर पर पहुंच गए. उनके आगे सिर्फ रोहित शर्मा हैं.  रोहित ने इस सीरीज में 146 रन बनाए और नंबर 1 की अपनी पोजीशन बरकरार रखी. वहीं विशाखापट्टनम में खेले गए आखिरी मैच में कोहली की नाबाद 65 रनों की पारी की बदौलत वह अब रोहित से सिर्फ 8 रेटिंग पॉइंट पीछे रह गए हैं.  भारत अब अगला वनडे मुकाबला 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू सीरीज में खेलेगा. इस दौरान सभी की नजरें रोहित शर्मा और विराट कोहली पर होंगी, क्योंकि दोनों के बीच ODI बल्लेबाजों की नंबर 1 रैंकिंग की दौड़ और तेज है.  कोहली ही नहीं, इस हफ्ते जारी नई रैंकिंग में कई और भारतीय खिलाड़ियों ने भी बड़ी छलांग लगाई है. विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल दो पायदान ऊपर चढ़कर 12वें नंबर पर पहुंच गए हैं. वहीं गेंदबाज़ों की रैंकिंग में बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव बड़ा फायदा पाते हुए तीन स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं.  कटक टी20 के बाद बदली टी20 रैकिंग  कटक में भारत की 101 रन की धमाकेदार जीत के बाद T20I गेंदबाजों की नई रैंकिंग में तीन भारतीय खिलाड़ियों को फायदा मिला है. अक्षर पटेल दो स्थान चढ़कर 13वें नंबर पर, अर्शदीप सिंह तीन पायदान बढ़कर 20वें नंबर पर और जसप्रीत बुमराह छह स्थान ऊपर उठकर 25वें नंबर पर पहुंच गए हैं.  म‍िचेल स्टार्क बने नंबर 3 टेस्ट गेंदबाज  इधर टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क की बड़ी छलांग कोई हैरानी की बात नहीं है. इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो एशेज टेस्ट में लगातार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद स्टार्क तीन स्थान ऊपर चढ़कर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों के खराब प्रदर्शन का असर टेस्ट रैंकिंग पर भी पड़ा है. हैरी ब्रूक दो स्थान गिरकर चौथे नंबर पर आ गए हैं. वहीं केन विलियमसन और स्टीव स्मिथ, दोनों एक-एक स्थान ऊपर बढ़े हैं और अब टॉप पर मौजूद जो रूट के पीछे क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं.  कौन से भारतीय ICC रैकिंग में नंबर 1 पर कायम?  टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में अभिषेक शर्मा (913)  टॉप पर हैं. टी20 की ही गेंदबाजी रैंकिंग की बात करें तो वरुण चक्रवर्ती (782) टॉप पर हैं. टेस्ट ऑलराउंडर की श्रेणी में रवींद्र जडेजा का जादू चल रहा है. वह 455 अंक के साथ शीर्ष पर हैं.

IndiGo की मुश्किलें बढ़ीं, 10% के एक्शन से मार्केट शेयर में गिरावट, दूसरी एयरलाइंस को मिलेगा लाभ

 नई दिल्ली इंडिगो संकट (IndiGo Crisis) जारी है और तमाम कोशिशों व दावों के बाद भी एयरलाइन का संचालन ठीक तरह से सुचारू नहीं हो सका है. बीते आठ दिनों से इस IndiGo Airline के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच सरकार ने सख्ती दिखाते हुए इंडिगो की 10% फ्लाइट में कटौती का निर्देश जारी किया था, तो अब एक और बड़ा फैसला लिया गया है. सरकारी सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि IndiGo की कम की गई इन उड़ानों को दूसरे एयर ऑपरेटर्स को रीडिस्ट्रिब्यूट किया जाएगा, जो संकट में फंस इंडिगो के लिए एक और बड़ा झटका होगा और सीधा असर इसके मार्केट शेयर पर देखने को मिलेगा.   सरकार की सख्ती से मिलेगा सबक सरकार द्वारा 10% कटौती वाले निर्देश के बाद अब सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो की कम की गई उड़ानों को दूसरी एयरलाइंस को दिया जाएगा, यानी अन्य एयर ऑपरेटर्स को स्पेस मिलेगा. सरकार के इस रीडिस्ट्रिब्यूशन के फैसले से दरअसल, सभी एयरलाइन को एक कड़ा मैसेज जाएगा कि यात्रियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है और इंडिगो जैसी स्थिति में सीधे उस एयरलाइन के मार्केट शेयर पर भी असर पड़ सकता है.  उड़ानें री-डिस्ट्रिब्यूट क्यों? इंडिगो की काटी गई उड़ानों को री-डिस्ट्रिब्यूट करने से यह असर होगा, कि यात्कियों के पास हवाई यात्रा करने के अधिक ऑप्शन होंगे और IndiGo के कैंसिलेशन के सिलसिले पर भी ब्रेक लगेगा. तरीके की बात करें, तो इंडिगो का 10% ऑप्स शेयर एयर इंडिया, स्पाइसजेट, अकासा और दूसरे भरोसेमंद ऑपरेटर्स को उनकी कैपेसिटी, फ्लीट कैपेसिटी और मौजूदा रिसोर्स के आधार पर दिया जा सकता है. सरकार के इस फैसले से एयरलाइन को 4 बड़े झटके लगेंगे. पहला झटका- रोज 220 फ्लाइट्स कट  विमानन मंत्रालय ने मंगलवार की शाम हुई बैठक में इंडिगो एयरलाइन की 10% फ्लाइट्स में कटौती का निर्देश जारी किया था. इसमें IndiGo CEO पीटर एल्बर्स को तलब किया गया था. सरकार के इस फैसले से पड़ने वाले पहले बुरे असर की बात करें, तो मंत्रालय के इस फैसले का सीधा असर इंडिगो की रोजना उड़ने वाली करीब 2200 फ्लाइट्स पर पड़ेगा. यानी लगभग 220 फ्लाइट्स घट जाएंगी. दूसरा झटका- मार्केट शेयर पर होगा असर बीते आठ दिनों से जारी IndiGo संकट ने पहले ही एयरलाइन की साख को कमजोर करने का काम किया है, वहीं दूसरी ओर सरकार के सख्त फैसलों का सीधा असर उसके मार्केट शेयर पर भी देखने को मिल सकता है. दरअसल, इंडिगो एयरलाइन भारतीय एविएशन मार्केट में 65 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा प्लेयर है, लेकिन MoCA के फ्लाइट कट और री-डिस्ट्रिब्यूशन के फैसले से इंडिगो ऑपरेशस का 55-57% मार्केट शेयर प्रभावित होगा या करें घट जाएगा.  तीसरा असर- एयरलाइन की इनकम पर असर  सबसे ज्यादा मार्केट हिस्सेदारी के साथ भारतीय एविएशन सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी इंडिगो एयरलाइन कमाई के मामले में भी हमेशा से आगे रही है, लेकिन हालिया संकट और फ्लाइट कटौती के सरकार के फैसले से सीधे इसकी कमाई पर असर देखने को मिलेगा. हर दिन 220 फ्लाइट्स कट और इन उड़ानों को दूसरे एयरलाइंस को दिया जाना IndiGo के लिए बड़ा झटका है.  चौथा असर- शेयर में आ सकती है और गिरावट इंडिगो में आठ दिन से जारी संकट का असर पहले से ही इसकी पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के शेयर पर देखने को मिल रहा है और बीते 5 कारोबारी दिनों में ही ये 12 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है और इसका मार्केट कैप 1.89 लाख करोड़ रुपये तक आ गया. अब सरकार की सख्ती बढ़ने से इसमें और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे IndiGo Share में पैसे लगाने वाले भी प्रभावित होंगे.

उत्तर बस्तर कांकेर : ग्राम पंचायत चारगांव में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर 12 दिसम्बर को

उत्तर बस्तर कांकेर  कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार जिले के आम नागरिकों की आवश्यकताओं, शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आगामी 12 दिसम्बर शुक्रवार को कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत चारगांव में जनसमस्या निवारण शिविर शिविर लगाई जाएगी, जिसमें ग्राम पंचायत चारगांव, छोटेबोदेली, पोरोण्डी, सिकसोड़, सुलंगी, तुरसानी और बदरंगी इत्यादि ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल होंगे। शिविर में शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाएगा, साथ ही योजनाओं का लाभ उठाने में कोई कठिनाई आ रही हो तो उसका समाधान भी शिविर में किया जाएगा। कलेक्टर ने जनसमस्या निवारण शिविर में सभी जिला स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय एवं क्लस्टर स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी–प्राइवेट अस्पतालों के लिए बड़ी गाइडलाइन जारी, बकाया बिल विवाद पर सरकार का स्पष्ट आदेश

चंडीगढ़  पंजाब में अब निजी या सरकारी अस्पताल बकाया बिल के कारण किसी भी शव को परिजनों को सौंपने से इनकार नहीं कर सकेंगे। साथ ही, अज्ञात शव को 72 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में रखने की भी अनुमति नहीं होगी। पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पंजाब में मृतकों की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि मृतक से संबंधित कोई बकाया राशि होती भी है, तो अस्पताल बाद में कानूनी तरीके से बिल की वसूली कर सकता है, लेकिन शव को बिना देरी किए परिजनों को सौंपना अनिवार्य होगा। बिल का भुगतान न करने की स्थिति में परिजनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। मानवाधिकार आयोग ने अस्पतालों में मरीजों के बेड की संख्या को ध्यान में रखते हुए शवों की संभाल से संबंधित विशेष प्रोटोकॉल भी तय किए हैं। आयोग के संज्ञान में फगवाड़ा अस्पताल का एक मामला भी आया था, जहां शवों को कूड़ा ले जाने वाले वाहन में ले जाया गया था। सभी अस्पतालों को करनी होगी मॉर्चरी वैन की व्यवस्था आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने सभी अस्पतालों को मॉर्चरी वैन (शव वाहन) की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अस्पतालों और अन्य स्थानों पर मॉर्चरी वैन से जुड़े संपर्क नंबर और नि:शुल्क अंतिम संस्कार योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा। इस जानकारी में मॉर्चरी वैन चालकों के संपर्क नंबर और लावारिस शवों के प्रबंधन के लिए हेल्पडेस्क नंबर शामिल होंगे। आयोग ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि जब अस्पताल में कोई लावारिस शव होता है, तो उसकी पहचान कराने के नाम पर अस्पताल और पुलिस उसे लंबे समय तक मॉर्चरी में रख देते हैं। अब भविष्य में ऐसा नहीं किया जाएगा। कोई भी अस्पताल 72 घंटे से अधिक समय तक लावारिस शव नहीं रख सकेगा। ऐसे लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के लिए मॉर्चरी वैन नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं जिन परिवारों के पास अंतिम संस्कार की व्यवस्था नहीं है, उनकी सहायता अस्पताल द्वारा की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल इस जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकेंगे।