samacharsecretary.com

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग से पहले रेलवे ने शुरू की अहम कवायद

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे आने वाले समय में आठवें वेतन आयोग से बढ़ने वाले वेतन बोझ को संभालने की तैयारी में जुट गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे मेंटेनेंस, खरीद और एनर्जी जैसे सेक्टर में खर्च घटाने के उपाय अपना रहा है, ताकि भविष्य में वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रहे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मकसद यह है कि जब नया वेतनमान लागू हो, तब उस अतिरिक्त खर्च को आसानी से झेला जा सके और रेलवे की कमाई पर ज्यादा दबाव न पड़े। आठवां केंद्रीय वेतन आयोग जनवरी 2024 में गठित किया गया था। इसकी अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। यह आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करेगा। आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी, जिनमें रक्षा कर्मी भी शामिल हैं, और लगभग 69 लाख पेंशनर्स प्रभावित होंगे। आयोग को 18 महीनों में अपनी रिपोर्ट देनी है, हालांकि जरूरत पड़ने पर अंतरिम रिपोर्ट भी सौंपी जा सकती है। क्या कहते हैं रेलवे के आंकड़े रेलवे के वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो (OR) 98.90% रहा, जिससे उसे करीब ₹1,341 करोड़ की शुद्ध आय हुई। 2025-26 के लिए रेलवे ने OR को घटाकर 98.42% तक लाने का लक्ष्य रखा है, जिससे अनुमानित नेट रेवेन्यू ₹3,041 करोड़ तक पहुंच सकता है। अच्छी बात यह भी है कि 2027-28 से रेलवे को IRFC को किए जाने वाले सालाना भुगतान में कमी आने की उम्मीद है, क्योंकि हाल के वर्षों में पूंजीगत खर्च सरकार की बजटीय सहायता (GBS) से किया गया है। अधिकारियों ने क्या कहा रेलवे अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल नए शॉर्ट-टर्म कर्ज लेने की कोई योजना नहीं है। उनका कहना है कि जब 2027-28 में नए वेतन का असर पड़ेगा, तब तक फ्रेट से होने वाली सालाना कमाई में करीब ₹15,000 करोड़ की बढ़ोतरी हो जाएगी। इससे बढ़े हुए वेतन खर्च को संभालने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि इससे पहले 7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में बना था और उसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। आमतौर पर हर 10 साल में वेतन आयोग बनता है। कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई भत्ता (DA) भी दिया जाता है, जिसे हर छह महीने में महंगाई दर के आधार पर बढ़ाया जाता है।  

संजय दत्त को IPS ने सरेआम जड़ा थप्पड़, बाल पकड़कर घसीटा; पिता सुनील दत्त के सामने टूट गए ‘संजू बाबा’

मुंबई  मुंबई में 1993 में हुए ब्लास्ट में संजय दत्त का नाम गैरकानूनी हथियार रखने में आया था। इस केस की जांच करने वाले आईपीएस अफसर संजय मारिया ने एक बार फिर से उस घटना को याद किया। राकेश ने बताया कि संजय दत्त का नाम आया तो वह मुंबई से बाहर थे। लौटे तो उन्हें एयरपोर्ट से ही उठा लिया गया था। जब संजय ने गुनाह नहीं कुबूला तो राकेश ने उनके जोर का थप्पड़ मारा और बाल पकड़कर खींचे थे। यह भी बताया कि जब सुनील दत्त मिलने आए तो क्या हुआ। देसी स्टूडियोज से बातचीत में राकेश मारिया बताते हैं कि केस में संजय दत्त का नाम बांद्रा के एक फेमस रेस्ट्रॉन्ट के मालिक हनीफ कड़ावाला और समीर हिंगोरा की वजह से आया था। समीर उस वक्त इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट थे। राकेश बताते हैं, 'उन्होंने खुद पर लगे आरोपों से इन्कार कर दिया, उनसे मुझसे बात करने को कहा गया तो पहली चीज वे बोले, 'आप बड़े लोगों को अरेस्ट क्यों नहीं करते हैं?' मैंने पूछा, कौन से बड़े लोगों को मैंने अरेस्ट नहीं किया? उन्होंने बताया संजू बाबा, मुझे लगा कि संजय दत्त का इससे क्या लेना-देना?' संजय को आ चुका था फोन राकेश ने बताया कि हनीफ और समीर ने उन्हें बताया कि अपराधी हथियार किसी सुरक्षित जगह ले जाना चाहते थे और उन्होंने इसके लिए संजय दत्त का घर सेफ बताया था। ये हथियार 1993 के मुंबई ब्लास्ट में यूज हुए थे। राकेश बोले, 'वे लोग संजय दत्त के घर आए। संजय के पास पहले ही कॉल आ चुका था। संजय ने उनसे कहा कि कार यहां पार्क करें और सामान अनलोड कर दें।' संजय ने रख लिए थे कुछ हथियार राकेश ने बताया कि संजय ने कुछ हथियार अपने लिए रख लिए थे लेकिन बाद में ज्यादातर उन आतंकियों को लौटा दिए जो अटैक प्लान कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब पता लगा कि संजय इसमें शामिल हैं तो वह उन्हें पूछताछ के लिए लाना चाहते थे लेकिन वह मॉरिशस में शूटिंग कर रहे थे। फिर संजय दत्त के भारत लौटने का इंतजार किया गया। राकेश ने बताया कि वह संजय दत्त को एयरपोर्ट से ही पूछताछ के लिए उठा ले गए थे। संजय दत्त को मुंबई क्राइम ब्रांच के एक कमरे में रखा गया। उनके साथ दो कॉन्सटेबल छोड़े गए और उन्हें मना किया गया कि कोई संजय को सिगरेट नहीं देगा। उन्हें किसी को फोन करने की अनुमति नहीं थी।   राकेश ने बताया कि संजय से कैसे पूछताछ की थी। वह बोले, 'वह रात में 2:30 पर कमरे में बैठे थे, मैं सुबह करीब 8 बजे कमरे में दाखिल हुआ। मैंने उनसे पूछा, क्या आप मुझे अपनी कहानी बताएंगे या मैं आपका रोल बताऊं?' वह बोले, संजय ने जवाब दिया कि वह बेगुनाह हैं और इसमें शामिल नहीं हैं। इतने दिनों का दबा हुआ गुस्सा और बीते कुछ दिनों का तनाव एकदम से मुझ पर सवार हो गया। वह मेरे सामने कुर्सी पर बैठे थे। मैं उनके पास गया, उनके बाल लंबे थे। मैं एक जोर का थप्पड़ दिया वह थोड़ा पीछे हो गए और मैंने उनके बाल पकड़े और खींचा। मैंने पूछा, 'चाहते हो कि शराफत से बात करूं या फिर?' इसके बाद संजय ने कहा कि अकेले में बात करना चाहता है। फिर सब कुछ बताया। संजय ने की पिता को ना बताने की रिक्वेस्ट राकेश आगे बताते हैं, वह बोला, 'मुझसे गलती हो गई प्लीज मेरे डैड को मत बताना।' मैंने जवाब दिया, 'तुम्हारे पिता को कैसै ना बताऊं? तुमने गलती की है, मर्द बनो।' राकेश ने बताया कि सुनील दत्त उनसे मिलने राजेंद्र कुमार, महेश भट्ट, यश जौहर और बलदेव खोसला नाम के एक पॉलिटीशियन को लेकर आए। कहा कि संजय बेगुनाह हैं ऐसा नहीं कर सकता। जब सुनील दत्त के पैरों पर गिरे संजय दत्त राकेश ने बताया कि संजय दत्त ने इस अपराध के बाद जब पहली बार अपने पिता को फेस किया तो क्या सीन था। वह बोले, 'संजय दत्त को कमरे में लाया गया, उसने अपने पिता को देखा, वह बच्चे की तरह रोने लगा और उनके पैरों पर गिरकर बोला, पापा गलती हो गई मेरे से। मैं नहीं चाहता कि ऐसा कभी किसी पिता के साथ हो। सुनील का चेहरा पीला पड़ गया था।'

रीमैरेज पर खुलकर बोलीं महिमा चौधरी, तलाक और बेटी को लेकर कही बड़ी बात

नई दिल्ली एक्ट्रेस महिमा चौधरी की हाल ही में दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी रिलीज हुई. फिल्म को भले ही बॉक्स ऑफिस पर खास रिस्पॉन्स नहीं मिला, लेकिन कहानी की खूब तारीफ हुई. फिल्म में 52 साल की महिमा की दूसरी शादी होती है. लेकिन रियल लाइफ की बात करें तो एक्ट्रेस असल में दूसरी बार घर बसाने को तैयार हैं. हाल ही में उन्होंने इस बारे में बात की.  शादी में है गहरा विश्वास महिमा की एक बेटी है- अरियाना चौधरी. उन्होंने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर वो जरूर दूसरी शादी के बारे में सोचती हैं. वो भी तब जब वो लोगों की आंखों में फिल्म देखने के बाद एक अलग उम्मीद देख रही हैं. इस बारे में चर्चा होती देख रही हैं. महिमा बताती हैं कि भले ही उनकी पहली शादी चल नहीं पाई लेकिन उनका इस बंधन पर से विश्वास नहीं उठा है. उन्हें मौका मिला तो वो जरूर ये करना चाहेंगी. लेकिन इस मामले में अब भी एक अड़चन है.    एनबीटी से बातचीत में महिमा ने शादी को लेकर बात की और कहा- मैंने अपने माता-पिता की लंबी शादी देखी थी और उसमें इतना प्रेम था, तो मैं तलाक के बारे में सोचती ही नहीं थी. मैं जब भी किसी के ड‍िवोर्स के बारे में सुनती थी, तो मुझे लगता शायद किसी एक ने इस शादी को बचाने की उतनी कोशिश नहीं की होगी. मैं इनकी जगह होती तो बहुत ट्राई करती. मगर जब मुझ पर बीती तो अहसास हुआ. 'मैं तब उतनी मजबूत नहीं थी, मगर हां, मेरे पास एक सपोर्टिव फैमिली थी. मेरी मां ने मुझे सपोर्ट किया. मेरी नानी ने मुझे हिम्मत दी. वो बोलीं कि ठीक है, बच्चे हम पाल लेंगे.' सिंगल पेरेंट होने का दर्द   महिमा ने आगे बताया कि वो शादी करना चाहती हैं लेकिन इसमें एक रुकावट है. वो बोलीं- अभी तक मेरा तलाक नहीं हुआ है. मेरा डिवोर्स पेंडिंग है. मगर दोबारा शादी करने के बारे में बिलकुल सोचती हूं मैं, और अब तो और ज्यादा सोच रही हूं, जबसे मेरी इस फिल्म की शादी वाला फोटो वायरल हुआ है. लोग मेरी दूसरी शादी की उम्मीद कर रहे हैं. मैं उन लोगों में से हूं, जो एक बार में हार नहीं मानते. मैं शादी के बंधन में यकीन करती हूं. मेरा मानना है कि दो लोग मिलकर जिंदगी को खुशनुमा बना सकते हैं. ये सपोर्ट सिस्टम जरूरी होता है, होना चाहिए. सिंगल पेरेंट होने के नाते महिमा को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस पर एक्ट्रेस ने कहा- चुनौतियां तो होती हैं, मगर मेरी बेटी अरियाना अपने ग्रैंड पैरेंट्स के साथ पली-बढ़ी है, तो उसकी इतनी डिमांड्स नहीं होती. वो बचपन से ही समझदार और संवेदनशील है. उसने मुझे कभी किसी मुश्किल सिचुएशन में नहीं पड़ने दिया. महिमा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ चुकी हैं. उन्होंने परदेस फिल्म से डेब्यू किया था.

महंगाई के आंकड़ों पर टिकी बाजार की नजर, इस हफ्ते बदल सकती है शेयरों की रंगत

मुंबई  घरेलू शेयर बाजारों में लगातार दूसरी साप्ताहिक गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में बाजार पर महंगाई के आंकड़ों के साथ ग्लोबल कारकों का असर भी दिख सकता है। घरेलू स्तर पर रिटेल महंगाई के आंकड़े शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए थे। थोक महंगाई के आंकड़े सोमवार को जारी होने हैं। बाजार पर वैश्विक कारकों का असर भी दिखेगा। पिछले सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक पहले तीन दिन की गिरावट के बाद अंतिम दो दिन बढ़त में रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 444.71 अंक (0.52 प्रतिशत) टूटकर सप्ताहांत पर 85,267.66 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 139.50 अंक यानी 054 प्रतिशत गिरकर 26,046.95 अंक पर रहा। एनएसई का मिडकैप-50 सूचकांक 0.61 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.67 फीसदी की साप्ताहिक गिरावट में बंद हुआ।   सप्ताह के दौरान सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 18 के शेयर लाल निशान में और अन्य 12 के हरे निशान में रहे। एशियन पेंट्स में सबसे अधिक 6.80 प्रतिशत की गिरावट रही। बीईएल का शेयर 4.25 फीसदी, हिंदुस्तान यूनीलिवर का 3.33, बजाज फाइनेंस का 2.96, ट्रेंट का 2.78 और पावर ग्रिड का 2.28 प्रतिशत टूट गया। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.87 फीसदी, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का 1.71, भारती एयरटेल 1.16, इंफोसिस तथा आईटीसी दोनों के 1.06, और महिंद्रा एंड महिंद्रा का 1.01 प्रतिशत उतर गया। इनके अलावा, भारतीय स्टेट बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, सनफार्मा, टीसीएस, बजाज फिनसर्व और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी लाल निशान में रहे।   टाटा स्टील का शेयर सबसे अधिक 2.87 प्रतिशत चढ़ा। इटरनल में 1.92 फीसदी, टाइटन में 1.73, मारुति सुजुकी में 1.50, अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.08 और कोटक महिंद्रा बैंक में 1.02 प्रतिशत की तेजी रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा एनटीपीसी और एक्सिस बैंक के शेयर भी साप्ताहिक बढ़त में रहे।

स्वदेशी उन्नत नस्ल के 25 गोवंश से डेयरी लगाने पर परियोजना लागत का मिलता है 50 प्रतिशत अनुदान

25 साहीवाल गाय खरीदकर इंदु चला रहीं डेयरी, 200 लीटर रोज दूध उत्पादन जल्द ही दुग्ध प्रसंस्करण का कार्य भी शुरू करेंगी इंदु सिंह गोरखपुर योगी सरकार की नंदिनी कृषक समृद्धि योजना गोसंवर्धन के साथ इसके लाभार्थी कृषक-पशुपालक को समृद्धि की राह दिखा रही है। पिपराइच ब्लॉक के बहरामपुर की इंदु सिंह ने इस योजना से जुड़कर सफलता की नई कहानी लिख दी है। पहले से पशुपालन से जुड़ी इंदु, योगी सरकार से 50 फीसदी अनुदान प्राप्त कर साहीवाल नस्ल की 25 गायों की डेयरी संचालित कर रही हैं। यहां रोज 200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है तो कीमत भी सौ रुपये प्रति लीटर मिल रही है। इंदु जल्द ही दुग्ध प्रसंस्करण का कार्य भी शुरू करने वाली हैं। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, गोसंरक्षण और गोसंवर्धन सरकार के प्रयासों के तहत नंद बाबा मिशन का ही हिस्सा है। इस योजना में 25 स्वदेशी उन्नत नस्ल (गिर, साहीवाल, थारपारकर, गंगातीरी) के गोवंश क्रय कर डेयरी यूनिट लगाने पर सरकार परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान देती है। इस योजना से जुड़कर पिपराइच ब्लॉक के बहरामपुर की प्रगतिशील पशुपालक इंदु सिंह ने गोसंवर्धन के साथ आय वृद्धि की नजीर पेश की है। ई लॉटरी से वित्तीय वर्ष 2023-24 में नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की लाभार्थी बनीं इंदु ने 25 साहीवाल गोवंश क्रय कर डेयरी खोली। इस परियोजना पर 62.55 लाख रुपये की लागत आई। उन्हें योजना व्यय पर सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी (31.25 लाख रुपये) दे रही है। इसमें आधी धनराशि उन्हें मिल गई है और शेष भी जल्द मिल जाएगी। सरकार के सहयोग से लागत आधी रह गई।  साहीवाल नस्ल की गायों की इस डेयरी में प्रतिदिन करीब 200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। उन्नत साहीवाल नस्ल की गाय का दूध होने से यह 100 रुपये लीटर की दर से बिक जाता है। इंदु सिंह बताती हैं कि आय तो अच्छी हो ही रही है, उन्हें इस बात की भी खुशी है कि डेयरी से चार लोगों को रोजगार भी मिल गया है, गोसेवा का सुख बोनस जैसा है। गोरखपुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र पांडेय बताते हैं कि नंदिनी कृषक समृद्धि योजना से स्थापित डेयरी में कृत्रिम गर्भाधान सेक्स सॉर्टेड सीमेन से किया जाता है। इससे केवल बछिया पैदा होंगी जिससे आय में और वृद्धि होना तय है।  कृषक समृद्धि योजना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए डेयरी संचालक इंदु सिंह का कहना है कि वह आने वाले समय में वह डेयरी में उत्पादित दूध से दूध प्रसंस्करण का कार्य भी शुरू करेगी। यानी उनकी यूनिट में पनीर, खोया, मक्खन भी बनेगा। इसके साथ ही गोबर और गोमूत्र के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लेकर इस दिशा में भी कार्य करेंगी। उनकी मंशा डेयरी को अन्य पशुपालकों के लिए मॉडल डेयरी बनाने की है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में नवीन एमवाय अस्पताल भवन के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में देश और प्रदेश की स्वास्थ सुविधाओं में पिछले 11 वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है। मध्य प्रदेश में नए-नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज कॉलेज खोले जा रहे हैं। प्रदेश सरकार नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में कुल 773.07 करोड रुपए लागत से निर्मित होने वाले 1450 बिस्तरीय अस्पताल के नवीन भवन निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि जिस तरह इंदौर शहर हमारे प्रदेश का गौरव है, उसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल की भी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि इंदौर में 1450 बिस्तरीय अस्पताल बन जाने से न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि हमारे पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी यहां बेहतर स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को मिलाकर इस विभाग को और सशक्त बनाया गया है। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि इंदौर के एमवाय अस्पताल में बोनमेरो ट्रांसप्लांट और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को नए अस्पताल भवन के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक कान गला विभाग में कुल 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में कुल 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी। नए अस्पताल भवन में कुल 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड रुपए व्यय किए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड रुपए तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं वाटर सप्लाई संबंधी कार्यों कार्य पर लगभग 10 करोड रुपए लागत आएगी। इसे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्वागत उद्बोधन विधायक श्री गोलू शुक्ला ने दिया। कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी, इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायक श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण भी मौजूद थे 

योगी आदित्यनाथ सरकार की कनेक्टिविटी क्रांति से बदलेगा स्टार्टअप मूवमेंट

लखनऊ कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद यह मार्ग स्टार्टअप विकास का प्रमुख इंजन बनने जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद लखनऊ नवाचार और उद्यमिता के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी और तेज आवागमन से यह पूरा क्षेत्र स्टार्टअप गतिविधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) के चेयरमैन, दीपक मैनी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में जिस गति से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है, उससे स्टार्टअप और नवाचार को नयी दिशा मिलेगी।  कनेक्टिविटी में क्रांति से बदलेगा स्टार्टअप मूवमेंट… एक्सप्रेस-वे बनने के बाद कानपुर और लखनऊ के बीच यात्रा समय 2 घंटे से घटकर कुछ मिनटों तक सीमित हो जायेगा। इससे स्टार्टअप्स के लिए बिजनेस मीटिंग, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स पहले से कहीं अधिक सुगम होंगे। यह मार्ग एक संभावित आर्थिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा जो उद्योग शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। आईआईटी कानपुर और लखनऊ के इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम का होगा सीधा तालमेल… एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद आईआईटी कानपुर और लखनऊ के प्रमुख शैक्षणिक और प्रबंधन संस्थानों के बीच सहयोग और मजबूत होने की संभावना है। डीप टेक आईओटी और उन्नत तकनीक आधारित स्टार्टअप्स के लिए संयुक्त कार्यक्रमों को गति मिलेगी। इससे नए उद्यमियों को मेंटरशिप निवेश और तकनीकी संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर के आसपास विकसित होंगे स्टार्टअप हब… कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर के आसपास मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स आधारित क्लस्टर्स विकसित किए जाने की योजना है। भविष्य में इस क्षेत्र में आईटी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र और औद्योगिक नोड्स स्थापित होंगे। इससे टेक मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में स्टार्टअप्स को तेजी से विस्तार का अवसर मिलेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति से बढ़ रहा है निवेशकों का भरोसा… योगी आदित्यनाथ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रित नीतियों के चलते एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद निवेशकों का भरोसा और मजबूत होने की संभावना है। लखनऊ को उत्तर भारत के एक प्रमुख स्टार्टअप डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स और उच्च वेतन वाली नौकरियों के सृजन को गति मिलेगी।

UDF की केरल में जीत पर राहुल गांधी का संदेश, भाजपा ने कसा सियासी तंज

केरल  केरल में नगर निकाय चुनाव के नतीजों का कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वागत किया। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन के लिए यूडीएफ को बधाई भी दी। राहुल गांधी के इस बधाई संदेश को लेकर भाजपा नेता अमित मालवीय ने बिना किसी सबूत के चुनाव नतीजों पर सवाल उठाने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की। मालवीय ने लिखा कि जब भी किसी राज्य के चुनाव परिणाम राहुल गांधी के पक्ष में नहीं आते हैं तो राहुल गांधी ईवीएम पर सवाल उठाते हैं, वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, लेकिन जब कांग्रेस जीत जाती है, तो इसी प्रक्रिया का स्वागत किया जाता है। केरल निकाय चुनाव जीत में राहुल गांधी के पोस्ट को रिट्वीट करते हुए मालवीय ने लिखा कि लोकतंत्र किसी एक चयनात्मक भरोसे पर नहीं चल सकता। कोई भी नेता एक ही चुनावी प्रणाली के तहत जीत का जश्न मनाए और हार के बाद उसी प्रणाली को बदनाम करे, यह सही नहीं है। ऐसा रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की जगह पर जनता के विश्वास को कमजोर करती है। मालवीय ने लिखा, "अगर भारत में विपक्ष एक विश्वसनीय विकल्प बनना चाहता है, तो उसे निरंतरता और जवाबदेही प्रदर्शित करनी होगी। बार-बार उसी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के बाद बिना किसी सबूत के उस पर सवाल उठाना राजनीतिक निष्ठा और लोकतांत्रिक नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।" उन्होंने लिखा, "यह किसी नेता या किसी एक पार्टी की बात नहीं है। विपक्ष के लिए यह विश्वसनीयता, जिम्मेदारी और ईमानदारी राजनीतिक आत्मनिरीक्षण का समय है। लोकतंत्र को बहाने से कहीं अधिक की आवश्यकता होती है। एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता, जो हार के बाद भी संस्थाओं का सम्मान करे।" क्या कहा था गांधी ने ? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल निकाय चुनावों में पार्टी के नेतृत्व वाले यूडीएफ के प्रदर्शन का स्वागत करते हुए केरल की जनता को विश्वास जताने के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने लिखा, "चुनावी नतीजे राज्य में यूडीएफ पर बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। यह नतीजे आगामी विधानसभा में गठबंधन की बड़ी जीत की ओर इशारा करते हैं। गांधी की जनता एक जवाब देह शासन चाहती है, एक ऐसा शासन जो प्रतिक्रिया देता हो और परिणाम देता हो।" आपको बता दें दोनों नेताओं के बीच में सोशल मीडिया पर यह संवाद ऐसे समय में हुआ है, जब संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस पार्टी लगातार वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। पार्टी की तरफ से बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक में वोट चोरी के आरोप लगाए गए थे। चुनाव आयोग की तरफ से की जा रही, एसआईआर प्रणाली पर भी विपक्ष ने जमकर सवाल उठाए हैं।  

थाइलैंड में छिपे लूथरा ब्रदर्स पर शिकंजा, गोवा अग्निकांड केस में 24 घंटे में भारत लाने की तैयारी

गोवा  गोवा में बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को अगले 24 से 48 घंटे में भारत लाया जा सकता है। नाइटक्लब में अग्निकांड के बाद ही दोनों भाई थाइलैंड भाग गए थे। 6 दिसंबर को लगी इस आग में कम से कम 25 लोग मारे गए थे जिनमे से कई क्लब के कर्मचारी भी थे। पिछले रविवार दिल्ली से इंडिगो फ्लाइट पकड़कर वे फुकेट चले गए थे।   सरकारी सूत्रों के मुताबिक उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो गई है और रविवार को उन्हें भारत लाया जा सकता है। इस संबंध में मजिस्ट्रेट जांच समिति ने शनिवार देर रात तक जमीन के मूल मालिक प्रदीप घाडी अमोणकर और आरपोरा-नागोवा के सरपंच रोशन रेडकर से पूछताछ की। अग्निकांड की जांच जिलाधिकारी अंकित यादव की अध्यक्षता वाली समिति कर रही है। अमोणकर के वकील प्रसेनजीत ढगे ने बताया कि उनके मुवक्किल से अपराह्न साढ़े तीन बजे से रात 10:30 बजे तक गहन पूछताछ की गई। सरपंच रेडकर ने भी समिति के सवालों के जवाब दिए, जो इस मामले में पहले ही अग्रिम जमानत ले चुके हैं। गोवा पुलिस ने क्लब के पांच प्रबंधकों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि सह-मालिक गौरव और सौरभ लूथरा को थाइलंड से भारत लाया जाना है। विदेश मंत्रालय ने लूथरा भाइयों के पासपोर्ट कैंसल कर दिए थे। उनके खइलाफ इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। रविवार को पुलिस ने उनके दिल्ली स्थित घर पर भी छापा मारा। दिल्ली की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें डर है कि गोवा में उनकी पीट-पीटकर हत्या की जा सकती है।  

हिंदू मंदिर पर टूटा कहर: चार मंजिला इमारत ढही, कई श्रद्धालकों की जान गई

दक्षिण अफ्रीका दक्षिण अफ्रीका के एक भारतीय कस्बे में स्थित रेडक्लिफ पहाड़ी पर बने एक चार मंजिला मंदिर के निर्माणाधीन हिस्से के गिरने से कई लोगों की मौत हो गई है। अहोबिलम मंदिर के नाम से स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय इस मंदिर में शुक्रवार को हुए हादसे के बाद से लगातार बचाव अभियान जारी है। अभी तक चार शवों को बरामद किया गया है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक बचावकर्मियों को एक और शव का पता चला है, लेकिन खराब मौसम की वजह से बचाव कार्य बंद करना पड़ गया। अभी भी कई टन मलबे के नीचे कितने लोग और दबे हुए हैं इसको लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।   दक्षिण अफ्रीका के क्वाज़ुलु-नटाल प्रांत यह अहोबिलम मंदिर रेडक्लिफ इलाके में खड़ी पहाड़ी पर बना हुआ था। इसी के एक हिस्से को आगे बढ़ाने का काम जारी था। इसी दौरान निर्माणाधीन हिस्सा बाकी के मंदिर के ऊपर भी गिर गया, जिसकी वजह से वहां काम कर रहे मजदूर और कई अन्य लोग दब गए। एक व्यक्ति के फोन के आधार पर बचाव दल अपना काम कर रहा था, लेकिन शाम होने तक उससे भी संपर्क टूट गया। दक्षिण अफ्रीका रिस्पॉन्स इकाई के प्रवक्ता प्रेम बलराम की तरफ से स्थानीय मीडिया को बताया गया कि बचाव अभियान फिलहाल जारी है। चार शवों में से अभी एक की पहचान विक्की जयराज पांडे (52) के रूप में हुई है, जो पिछले दो साल से मंदिर की स्थापना के बाद से इसमें सेवा दे रहे थे। पांडे की मृत्यु की पुष्टि में मंदिर से संबंध धर्मार्थ संस्था 'फूड फॉर लव' के निदेशक सनवीर महाराज ने भी की है। उन्होंने बताया कि पांडे पिछले दो साल से मंदिर के कार्यकारी सदस्य और निर्माण परियोजना के प्रबंधक थे। वहीं, दूसरी तरफ जब इस बारे में इथेक्विनी (पूर्व में डरबन) की नगर पालिका से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर इस जगह को मंदिर बनाने के लिए कोई स्वीकृति नहीं मिली थी। इस आधार पर यह एक अवैध निर्माण था। गौरतलब है कि अहोबिलम मंदिर के नाम से पहचाने जाने वाले इस मंदिर के स्थानीय समुदाय द्वारा बनवाया गया था। इसको एक गुफा के रूप में बनाया जा रहा था, इसका निर्माण कार्य अभी भी जारी था। इस मंदिर में स्थानीय पत्थरों के अलावा भारत से ले जाए गए पत्थरों का भी उपयोग किया गया था। मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे परिवार ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग दो साल पहले शुरू हुआ था और इसमें भगवान नरसिंहदेव की दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित किए जाने का कार्यक्रम था।