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दो दिन की बैटरी लाइफ का वादा! Realme ने उतारे 7000mAh बैटरी वाले 2 स्मार्टफोन

नई दिल्ली Realme Narzo 90 Series के दो स्मार्टफोन Narzo 90x और Narzo 90 भारतीय बाजार में लॉन्च हो गए हैं। फोन्स में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले दिया गया है। इससे यूजर्स को फोन्स के साथ स्मूथ स्क्रॉलिंग और गेमिंग का एक्सपीरियंस मिलेगा। रियलमी के इन दोनों फोन्स में 50MP का मेन कैमरा दिया गया है। कंपनी ने हैंडसेट्स में 7000mAh की तगड़ी बैटरी दी है। स्मार्टफोन पहली सेल में डिस्काउंट के साथ उपलब्ध होंगे। इनकी कीमत 13,999 रुपये से शुरू है। फोन्स को कई वेरिएंट में लाया गया है। Realme Narzo 90x में मिलती है बड़ी स्क्रीन रियलमी के इस फोन में 6.8 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है। इसका रिफ्रेश रेट 144Hz, पीक ब्राइटनेस 1200 निट्स है। इस फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर लगा है, जो VC कूलिंग के साथ आता है। VC कूलिंग का मतलब है कि फोन गेमिंग के समय में भी ज्यादा गर्म नहीं होगा। फोन का खास फीचर स्मार्टफोन में 8GB तक की रैम के साथ 10GB तक की डायनामिक रैम भी मिलती है। डायनामिक रैम का मतलब है कि फोन जरूरत पड़ने पर स्टोरेज का कुछ हिस्सा रैम की तरह इस्तेमाल कर सकता है, जिससे परफॉर्मेंस और बेहतर हो जाती है। AI Edit Genie के साथ आया फोन कैमरे की बात करें तो Narzo 90x में 50MP का मेन रियर कैमरा है। इसमें AI एडिट जिनी (AI Edit Genie) जैसा फीचर भी हैं, जो आपकी तस्वीरों को बेहतर बनाने में मदद करता है। फोन में सेल्फी के लिए 8MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन IP69 रेटिंग के साथ आता है। Realme Narzo 90 है पतला और स्टाइलिश Realme Narzo 90 में 6.57 इंच की FHD+ AMOLED स्क्रीन दी गई है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। यह फोन MediaTek Dimensity 6400 Max 5G चिपसेट के साथ आता है। इसमें 6050mm² का बड़ा एयरफ्लो VC कूलिंग सिस्टम दिया गया है। फोन IP65 रेटिंग के साथ आता है। इसकी मोटाई सिर्फ 7.79mm है। फोन में मिलते हैं तीन कैमरे इसमें 50MP का मेन रियर कैमरा और 2MP का सेकेंडरी कैमरा भी लगा है। सेल्फी के लिए इसमें 50MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। यह फोन कई AI फीचर्स के साथ आता है। इसमें AI एडिट जिनी, AI स्नैप मोड, AI लैंडस्केप, AI इरेजर और AI स्मार्ट इमेज मैटिन शामिल हैं। एक चार्ज पर दो दिन चलेगी बैटरी दोनों फोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर 2 दिन तक चल सकती है। इनमें 60W की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। साथ ही, Narzo 90x में 6.5W की रिवर्स वायर्ड चार्जिंग के साथ आता है। फोन में सिंगल बॉटम-पोर्टेड स्पीकर है। एक ही ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं दोनो फोन्स रियलमी के ये दोनों स्मार्टफोन्स Android 15 पर बेस्ड realme UI 6.0 पर चलते हैं। इसके साथ 3 एंड्रॉइड OS अपडेट और 4 साल के सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे। फोन्स के अन्य फीचर्स दोनों स्मार्टफोन्स में कनेक्टिविटी के लिए डुअल 4G VoLTE, Wi-Fi 802.11 ac (2.4GHz + 5GHz), ब्लूटूथ 5.3, GPS, GLONASS, Galileo, QZSS, USB Type-C जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इनमें फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है। Realme Narzo 90x 5G की कीमत फोन के 6GB + 128 GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 13,999 रुपये है। 8GB + 128 GB वेरिएंट वाले की कीमत 15,499 रुपये है। इस फोन की सेल 23 दिसंबर से शुरू हो जाएगी। Realme Narzo 90 5G की कीमत इस फोन के 6GB + 128 GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 16,999 रुपये और 8GB + 128 GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 18,499 रुपये है। यह फोन 24 दिसंबर से खरीदा जा सकेगा। पहली सेल में मिलेगा तगड़ा डिस्काउंट Realme Narzo 90x पर पहली सेल में 2000 रुपये का बैंक डिस्काउंट मिलेगा। वहीं, Realme Nazo 90 पर 1000 रुपये का बैंक डिस्काउंट होगा। दोनों फोन्स को realme.com और अमेजन से खरीद पाएंगे।

बड़ा हादसा टला: तेज झटके से रुकी केबल कार, 15 पर्यटक घायल, मौके पर अफरा-तफरी

सैन फ्रांसिस्को  सैन फ्रांसिस्को में केबल कार अचानक रुकी, 15 लोग घायल सैन फ्रांसिस्को, 16 दिसंबर (एपी) अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में सोमवार को एक केबल कार के अचानक रुक जाने से उसमें सवार कम से कम 15 लोग घायल हो गए। सैन फ्रांसिस्को के अग्निशमन विभाग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि घायलों में से दो को ज्यादा चोटें आईं, जिसके चलते उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया, जबकि 11 अन्य को “मामूली दर्द और खिंचाव” की शिकायत थी, जिसके मद्देनजर उन्हें मौके पर ही जरूरी उपचार प्रदान किया गया। केबल कार का संचालन करने वाली सैन फ्रांसिस्को नगर परिवहन एजेंसी (एसएफएमटीए) ने कहा कि वह घटना की सक्रिय रूप से जांच कर रही है। हालांकि, एजेंसी ने केबल कार के अचानक रुक जाने के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की। एसएफएमटीए ने एक बयान में कहा, “केबल कार से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हम घटना की गहन जांच करेंगे।” 

खरमास में जहां उत्तर भारत में रुकते हैं शुभ काम, वहीं दक्षिण में क्यों नहीं? जानिए वजह

पंचांग के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 से खरमास का आरंभ होता है और यह पूरे एक महीने यानी 14 जनवरी तक चलता है, तब देश के एक हिस्से में मांगलिक और शुभ कार्य थम जाते हैं, तो वहीं दूसरे हिस्से में भक्ति और आध्यात्म का एक पवित्र महीना शुरू हो जाता है. उत्तर भारत और दक्षिण भारत की परंपराएं इस एक महीने की अवधि को लेकर पूरी तरह से विपरीत रुख रखती हैं. आइए विस्तार से जानते हैं कि जब उत्तर भारत में खरमास के कारण शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है, तब दक्षिण का रिवाज क्या कहता है और क्यों यह अवधि वहां ‘सबसे पवित्र’ मानी जाती है. उत्तर भारत: खरमास की परंपरा और शुभ कार्यों पर प्रतिबंध खरमास की परंपरा मुख्य रूप से उत्तर भारत के कुछ हिस्सों, जैसे बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रचलित है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब सूर्य देव धनु राशि (धनु संक्रांति) या मीन राशि (मीन संक्रांति) में प्रवेश करते हैं, तो उस पूरे एक महीने की अवधि को ‘खरमास’ या ‘मलमास’ कहा जाता है. ऐसा माना जाता है कि सूर्य का बृहस्पति (धनु और मीन राशि के स्वामी) की राशियों में प्रवेश करने से उनका प्रभाव कम हो जाता है, जिससे ऊर्जा और शुभता में कमी आती है. इस अवधि में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नई संपत्ति की खरीद या बड़े व्यापार की शुरुआत जैसे मांगलिक और शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है. दक्षिण भारत: मार्गज़ी का पवित्र महीना उत्तर भारत के विपरीत, दक्षिण भारत की परंपरा खरमास को उस रूप में नहीं मानती है और न ही शुभ कार्यों पर उस तरह का कोई प्रतिबंध लगाती है. दक्षिण भारत (विशेषकर तमिलनाडु) में यह अवधि एक अलग नाम और अत्यंत पवित्र महत्व के साथ जानी जाती है. दक्षिण भारत के कैलेंडर में, 16 दिसंबर से शुरू होने वाली इस अवधि को ‘मार्गज़ी’ महीने के रूप में जाना जाता है. मार्गज़ी महीने को दक्षिण भारत में भगवान की आराधना के लिए और मांगलिक कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है. क्या दक्षिण भारत में शुभ कार्यों पर रोक होती है? दक्षिण भारत में खरमास के कारण शादी-विवाह या अन्य शुभ कार्यों पर कोई धार्मिक प्रतिबंध नहीं होता है. हालांकि, कुछ समुदाय अपनी परंपरा के अनुसार मुहूर्त देखते हैं, लेकिन इसे अशुभ काल नहीं माना जाता है. इसलिए भारतीय परंपराओं में, एक ही खगोलीय घटना को लेकर दो भिन्न दृष्टिकोण देखने को मिलते हैं, उत्तर भारत में लोग इस अवधि को ‘अशुभ’ मानकर शुभ कार्यों को टाल देते हैं. वहीं, दक्षिण भारत में इसे शुभ और ईश्वर को समर्पित महीना मानकर भक्ति और आध्यात्म में लीन हो जाते हैं.

रेलूराम परिवार हत्याकांड में नया मोड़: दोनों अपराधियों की रिहाई के बाद भतीजे ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार

हिसार घरेलू राम हत्याकांड मामले में ही मनाने के दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। रेलूराम पूनिया के भतीजे जितेंद्र ने कहा कि सोनिया व संजीव ने 2001 वे जो हत्या नहीं की थी उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। देरी होने की वजह से इनकी फाँसी की सज़ा टाल दी गई थी अब इन्हें दो महीने की रिहाई दी गई है। जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं जिसका हमें डर है। हमारे परिवार के ऊपर ये हमला कर सकते हैं। जितेंद्र ने कहा कि अब हम सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे हम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हैं कि हमें सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि कल हमारे घर के पास लोगों से भरी हुई दो गाड़ियां आयी थी जिसमें हथियार रखे हुए थे। हिसार के पुलिस अधीक्षक से मिलकर हम सुरक्षा की माँग करेंगे। एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि प्रभुवाला ग्राम हत्याकांड मामला 23 अगस्त 2001 का है जिसमें तत्कालीन विधायक रेलु राम की बेटी व दामाद ने रेलु राम उनकी पत्नी सहित आठ लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस केस की सुनवाई हिसार की ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई थी जहाँ उन्होंने उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। संजीव पर सोनिया ने अपनी फाँसी के लिए दया याचिका दाख़िल की थी जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल का प्रणब मुखर्जी ने ख़ारिज कर दिया था। दया याचिका में देरी होने को कारण मानते हुए सुप्रीम कोर्टने फाँसी को उम्रक़ैद में बदल दिया था।  लाल बहादुर कोवान ने बताया कि दोनों अपराधियों ने जेल में रहते हुए भी अनेक अपराध किए हैं इसकी वजह से इनके ऊपर एफ़आइआर भी दर्ज की गई थी। 2024 में दोनों ही अपराधियों ने हाईकोर्ट में प्रीमैच्योर रिहाई के लिए पिटीशन दायर की थी। ।उसमें अब दोनों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। अब परिवार की तरफ़ से सुप्रीम कोर्ट में SLP डालने की तैयारी की जा रही है। एडवोकेट लाल बहादुर को वाल ने कहा कि परिवार की तरफ़ से बताया गया है कि कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ दो गाड़ियों में बैठकर घर तक पहुँचे थे।यह एक बड़ा गंभीर मामला है और उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत मिली हैं।दो महीने बाद पाँच लोगों की कमेटी फ़ैसला लेगी कि इन्हें पूर्ण रिहाई दी जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि रेल व हत्याकांड मामले को लेकर लोगों में 2001 में भी रोष था और आज भी रोष है।

तनाव की जड़ कहीं घर का क्लटर तो नहीं? जानें सरल वास्तु टिप्स

हमारा घर हमारी ऊर्जा का दर्पण होता है। जब घर में अनचाही वस्तुओं का ढेर लग जाता है, जिसे हम क्लटर या कबाड़ कहते हैं तो वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह घर की सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोक देता है। इससे मानसिक शांति भंग होती है, तनाव बढ़ता है और आर्थिक प्रगति में बाधाएं आने लगती हैं। तो आइए जानते हैं घर को क्लटर मुक्त करने के लिए कौन से वास्तु उपाय अपनाने चाहिए। प्रवेश द्वार को रखें स्वच्छ और खाली रखें मुख्य द्वार को घर का 'मुख' माना जाता है, जहां से सुख-समृद्धि और अवसर प्रवेश करते हैं। दरवाज़े के ठीक सामने टूटे गमले, पुराने जूते-चप्पल, या बेकार के फर्नीचर का ढेर नहीं रखना चाहिए। उपाय: प्रवेश द्वार के पास से हर तरह का क्लटर हटाएं। सुनिश्चित करें कि दरवाज़ा बिना किसी रुकावट के पूरी तरह खुल सके। दरवाज़े के पास कभी भी टूटी हुई या बंद पड़ी वस्तुएं न रखें। यह अवसर और धन के प्रवेश में सीधे बाधा डालता है। टूटी और ख़राब वस्तुओं को तुरंत बाहर करें घर में ख़राब पड़ी वस्तुएं जीवन में ठहराव और निष्क्रियता को दर्शाती हैं, जो प्रगति में बाधा डालती हैं। बंद घड़ियां, फूटे कांच के बर्तन, खराब इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स या फटे हुए कपड़े घर में नहीं रखने चाहिए। उपाय: अगर कोई वस्तु एक सप्ताह से अधिक समय से टूटी हुई है और उसे ठीक नहीं किया जा सकता, तो उसे तुरंत फेंक दें या दान कर दें। विशेष रूप से बंद पड़ी घड़ियां प्रगति को रोकती हैं। उन्हें या तो चालू करें या हटा दें। बिस्तर के नीचे और कोनों को खाली रखें घर के कोने और सोने का स्थान ऊर्जा को सबसे अधिक अवशोषित करते हैं। बिस्तर के नीचे जूते, बक्से, या पुरानी किताबें और कमरों के कोनों में जमे धूल भरे सामान रखने से बचें। उपाय: बेडरूम में बिस्तर के नीचे कुछ भी स्टोर करने से बचें। यह नींद की गुणवत्ता और रिश्तों को प्रभावित करता है। कोनों में जमा सामान हटाएँ। कोनों में हल्की रोशनी की व्यवस्था करें, क्योंकि अंधेरे कोने नकारात्मक ऊर्जा का घर बन जाते हैं। पुराने कागजात और रद्दी का प्रबंधन कागजों का ढेर मानसिक बोझ और अनसुलझे मामलों को दर्शाता है। डेस्क पर, डाइनिंग टेबल पर या ड्रॉअर में जमा हुए पुराने बिल, मैगजीन, और उपयोग न किए गए दस्तावेज़ के तुरंत घर से हटा दें। उपाय: सप्ताह में एक बार कागजातों की छंटनी करें। जो बिल या दस्तावेज़ अब आवश्यक नहीं हैं, उन्हें तुरंत नष्ट कर दें महत्वपूर्ण कागजातों के लिए व्यवस्थित फाइलिंग सिस्टम बनाएं ताकि वित्तीय और कानूनी क्लटर दूर हो।

गुरुघर परिसर में हंगामा, निहंग सिंहों के बीच हुआ पंगा, मचा तनाव

फतेहगढ़ साहिब कल देर रात गुरुद्वारा श्री ज्योति सरूप साहिब के पास कुछ निहंग सिंहों पर हरियाणा पुलिस के एक SPO की गाड़ी में तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप लगा है, जिसकी मौके पर पहुंची पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, उक्त कर्मचारी की गाड़ी निहंग सिंह से टकरा गई थी, जिसके बाद यह झगड़ा शुरू हुआ। हरियाणा पुलिस के SPO के पद पर तैनात मोहन लाल नाम के जवान ने बताया कि वह अपने बेटे और भाई के साथ यहां से गुजर रहा था, तभी एक निहंग सिंह साइड में गिर गया, जिसके बाद उसके साथी निहंगों ने उस पर हमला कर दिया और जहां उसकी गाड़ी में बुरी तरह तोड़फोड़ की, वहीं उसे गंभीर चोटें भी पहुंचाईं। उसने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, मौके पर पहुंचे फतेहगढ़ साहिब थाने के SHO इंदरजीत सिंह ने बताया कि मोहन लाल की गाड़ी यहां खड़ी थी और उसे डंडों आदि से नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि यह घटना एक निहंग सिंह को गाड़ी से टक्कर लगने के बाद हुई। जांच चल रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। 

मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक हैं श्रमिक, विकास की बुनियाद उनकी मेहनत: सीएम डॉ. यादव

श्रमिक मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक, इनकी मेहनत ही विकास की है बुनियाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ प्रदेश के 7227 श्रमिक हितग्राहियों को दिया 160 करोड़ रुपए का संबल मुख्यमंत्री ने अनुग्रह सहायता राशि श्रमिकों के बैंक खाते में की अंतरित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार हर उस जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है, जो इसके वास्तविक हकदार हैं। हमारी सरकार गरीब, लाचार, श्रमिक, निराश्रित और जरूरतमंद नागरिकों को स्नेह, अपनत्व, स्वावलंबन और आर्थिक सहायता का संबल देती रहेगी। प्रदेश की जनता के सुख-दुख में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण (सम्बल 2.0) योजना के तहत सहायता राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 55 जिलों के 7227 सम्बल हितग्राहियों के बैंक खाते में 160 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस योजना के प्रारंभ वर्ष 2018 से लेकर अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7383 करोड़ रुपए की सहायता राशि जरूरतमंद हितग्राहियों को दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना श्रमिकों के कठिन समय की सच्ची साथी है। सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ी है। संबल योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का जरिया ही नहीं, यह सरकार और श्रमिकों के बीच आपसी भरोसे का रिश्ता भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ श्रम के स्वरूप भी बदले हैं। हमारी सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक का दर्जा दिया है। एक मार्च 2024 से इन्हें भी संबल योजना के दायरे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 1400 से अधिक गिग वर्कर्स पंजीकृत किए गए हैं। गरीबों और श्रमिकों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए हमने संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ दिया है। इससे उन्हें भी 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। साथ ही 25 लाख से अधिक नए ई-श्रमिक परिवारों को राशन पात्रता देकर उन्हें भी निःशुल्क राशन का लाभ दिया गया है। गर्भवती बहनों के लिए भी सरकार बेहद संवेदनशील है। गर्भावस्था के दौरान उन्हें काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण की कमी न हो, इसी उद्देश्य से ऐसी बहनों को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़ अचार बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले मजदूर या तेंदूपत्ता बीनने वाले सभी श्रमिक और उनके परिवार इस योजना से जुड़कर आर्थिक मदद पा रहे हैं। साथ ही प्रदेश की कुशल श्रम शक्ति को सहकारिता के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए हमने "श्रमणा" जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं, जिससे श्रमिक वर्ग आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर गरीब और श्रमिक वर्ग के साथ हर कदम पर खड़ी है। कोई भी श्रमिक परिवार खुद को असहाय न समझे। श्रमिक भाई सरकार की सभी सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कठिनाई कभी बताकर नहीं आती। ऐसी स्थिति में जमा-पूंजी (पैसा) ही हमें संबल देता है। राज्य सरकार सभी श्रमिक परिवारों के हर मुश्किल वक्त में साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि संबल योजना सभी को एक माला की तरह साथ जोड़कर रखती है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल कार्यक्रम में अमरकंटक से वर्चुअल शामिल होकर कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आज संबल योजना के अंतर्गत 7वीं बार हितग्राही परिवारों को राशि अंतरित की जा रही है। संबल योजना के अंतर्गत अब तक 1.83 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन कराया है, जबकि संबल 2.0 में 43 लाख लोगों ने पंजीयन किया है। राज्य सरकार ने पूर्व की सरकार का बैकलॉग भी खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब श्रम विभाग इस स्थिति में आ चुका है कि किसी भी संबल प्रकरण में हम मात्र 60 दिन के अंदर हितग्राही को भुगतान कर सकते हैं। यही हमारी दो साल की बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मुख्यमंत्री आलोक सिंह, सचिव श्रम रघुराज एम.आर., सचिव म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल बंसत कुर्रे सहित अधिकारी उपस्थित थे। जिलों से जनप्रतिनिधि एवं संबल हितग्रहियों ने वीसी के माध्यम से कार्यक्रम में शिरकत की। उल्लेखनीय है कि सम्बल योजना श्रमिक एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है। योजना के तहत महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपए दिए जाते हैं, वहीं श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा शिक्षण शुल्क भी राज्य सरकार वहन करती है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने वाली इस योजना ने लाखों परिवारों की जिंदगी में भरोसे की रोशनी जगाई है। संबल योजना के सभी पंजीकृत हितग्राही 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज भी प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना आज आर्थिक सहायता का माध्यम होने के साथ श्रमिक परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भरोसा भी बन चुकी है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना से भुगतान पाने वाले हितग्राही क्रं संचालित योजनाएं दी जाने वाली सहायता राशि (प्रति प्रकरण रूपए में) हितग्राहियों की संख्या 1. अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु पर) दो लाख 6390 2. अनुग्रह सहायता (दुर्घटना मृत्यु पर) 4 लाख 790 3. अनुग्रह सहायता (आंशिक स्थायी अपंगता) एक लाख 34 4. अनुग्रह सहायता (स्थायी अपंगता होने पर) दो लाख 13 महायोग 7,227    

मुकेश अंबानी की कमाई सबसे अधिक, अडानी तीसरे स्थान पर, दूसरे नंबर पर कौन?

मुंबई  साल 2025 में दलाल स्ट्रीट पर देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस के शेयर (Reliance Share) ने कमाल किया है. इस शेयर की वैल्यू में अब तक 27 फीसदी का जोरदार उछाल आ चुका है और इसका सीधा असर रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी की संपत्ति (Mukesh Ambani Networth) पर दिखा है. RIL Stock में तेजी की वजह से इसमें 15 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और अंबानी 100 अरब डॉलर क्लब में बने हुए हैं. इस साल कमाई के मामले में जहां मुकेश अंबानी नंबर-1 पायदान पर काबिज हैं, तो वहीं Gautam Adani नंबर तीन पर खिसक गए हैं. आइए जानते हैं कमाई करने में दूसरे पायदान पर कौन से भारतीय अरबपति हैं. RIL छठा बेस्ट परफॉर्मिंग स्टॉक   Reliance Share में इस साल जोरदार तेजी आई है और मुकेश अंबानी का ये शेयर इस साल अब तक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) पर छठा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला शेयर बनकर उभरा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह वैल्यू अनलॉकिंग को लेकर बना पॉजिटिव सेंटीमेंट है. 2026 में रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की उम्मीदें और एनालिस्ट की सकारात्मक टिप्पणियां शेयर फ्यूचर को लगातार समर्थन दे रही हैं.  मुकेश अंबानी की दौलत में इतना इजाफा देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस के शेयर में इस साल अब तक आई 27 फीसदी की धुआंधार तेजी के चलते मुकेश अंबानी की संपत्ति में सीधे 15.3 अरब डॉलर (करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये) का उछाल दर्ज किया गया है. इसके साथ ही वे 2025 में भारतीय अरबपतियों में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले व्यक्ति और ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स में एकमात्र भारतीय सेंटिबिलियनेयर बनकर उभरे हैं.  Bloomberg Billionaires Index के मुताबिक, मुकेश अंबानी की नेटवर्थ बढ़कर अब 106 बिलियन डॉलर हो गई है. संपत्ति के इस आंकड़े के साथ दुनिया के टॉप अरबपतियों की लिस्ट में मुकेश अंबानी अब 18वें पायदान पर हैं. हालांकि, बीते 24 घंटे की बात करें, तो उन्हें 431 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है.  कमाई में अडानी नहीं, ये हैं नंबर-2 इस साल अरबपतियों के कमाई के आंकड़े पर नजर डालें, देश के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी हैं, लेकिन कमाई के मामले में 2025 में मुकेश अंबानी के बाद नंबर-2 पर वे नहीं हैं. दरअसल, ब्लूमबर्ग के मुताबिक दूसरे सबसे बड़े भारतीय लाभार्थी लक्ष्मी मित्तल (Lakshmi Mittal) हैं, जो लक्ज़मबर्ग स्थित ग्लोबल स्टील एंड माइनिंग कंपनी आर्सेलरमित्तल के मालिक हैं. मित्तल की संपत्ति में 11.7 अरब डॉलर की वृद्धि हुई और अब यह बढ़कर 31.40 अरब डॉलर हो गई है. बात Gautam Adani Networth की करें, तो कमाई के मामले में गौतम अडानी तीसरे स्थान पर रहे. उनकी संपत्ति इस कैलेंडर ईयर में 6.52 अरब डॉलर बढ़कर 85.2 अरब डॉलर हो गई. अडानी पावर लिमिटेड, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड और अडानी पोर्ट्स लिमिटेड जैसी अडानी कंपनियों के शेयरों में 2025 में अब तक 23-36 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एसीसी लिमिटेड, एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस , अडानी टोटल गैस लिमिटेड और एनडीटीवी के शेयरों में 13-35 फीसदी की गिरावट आई.

विदेशों तक गूंजा पंजाब की यूनिवर्सिटी का रिसर्च, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छाया भारत

अमृतसर  क्या बहुत कम दबाव और तापमान के बदलाव को भी बहुत सटीक तरीके से मापा जा सकता है? गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. हरप्रीत सिंह ने उप-कुलपति प्रो. (डा.) करमजीत सिंह के नेतृत्व में बने अच्छे शोध माहौल में काम करते हुए इस सवाल का वैज्ञानिक जवाब दिया है। उनकी टीम ने एक ऐसा क्वांटम सैंसर बनाया है, जो हीरे आधारित सैंसरों से करीब 1200 गुणा ज्यादा संवेदनशील है। यह महत्वपूर्ण खोज क्वांटम सेंसिंग के क्षेत्र में बड़ी सफलता मानी जा रही है। इसमें दबाव, तापमान और अन्य भौतिक चीजों को क्वांटम गुणों की मदद से बहुत सटीक तरीके से मापा जाता है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर यह खोज की है। इस नए सैंसर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हीरे की जगह नरम ऑर्गेनिक क्रिस्टल-पेंटासीन से डोप किया हुआ पी-टरफिनाइल का इस्तेमाल किया गया है। ये क्रिस्टल नरम होने की वजह से बहुत छोटे दबाव या तापमान के बदलाव से भी इनके क्वांटम गुणों में बड़ा बदलाव आ जाता है, जो इस सैंसर को बेहद संवेदनशील बनाता है। इस ज़रूरी खोज को क्वांटम सेंसिंग के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिसमें क्वांटम प्रॉपर्टीज की मदद से प्रेशर, टेम्परेचर और दूसरी फिजिकल क्वांटिटीज को बहुत ज़्यादा सटीकता से मापा जाता है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने यह रिसर्च USA के बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया के साइंटिस्ट्स के साथ मिलकर की है। इस नए सेंसर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें डायमंड की जगह एक सॉफ्ट ऑर्गेनिक क्रिस्टल- पेंटासीन से डोप किया हुआ पी-टेरफेनिल- का इस्तेमाल किया गया है। क्योंकि ये क्रिस्टल सॉफ्ट होते हैं, इसलिए बहुत हल्का सा प्रेशर या टेम्परेचर में बदलाव भी इनकी क्वांटम प्रॉपर्टीज में बड़ा बदलाव लाता है, जिससे यह सेंसर बहुत ज़्यादा सेंसिटिव हो जाता है। वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह ने डॉ. हरप्रीत सिंह और उनकी टीम को इस कामयाबी पर बधाई दी और कहा कि यह रिसर्च गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के लिए एक साइंटिफिक ऐतिहासिक पल है। उन्होंने कहा कि यह काम न सिर्फ़ यूनिवर्सिटी को दुनिया भर में पहचान दिलाता है बल्कि भारत को अगली पीढ़ी की क्वांटम टेक्नोलॉजी में आगे रहने वाले देशों में भी शामिल करता है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने कहा कि यह सेंसर बहुत कम प्रेशर और टेम्परेचर में बदलाव को बहुत सटीकता से माप सकता है और डायमंड-बेस्ड सेंसर की तुलना में बहुत कम खर्चीला है। उनके अनुसार, इसका इस्तेमाल मेडिकल डिवाइस, मटीरियल टेस्टिंग, स्पेस रिसर्च और भविष्य की क्वांटम टेक्नोलॉजी में किया जा सकता है।   यह रिसर्च दुनिया की लीडिंग साइंटिफिक जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस (वॉल्यूम 16, आर्टिकल नंबर 10530, 2025) में पब्लिश हुई है, जिससे यह साफ होता है कि नॉर्मल लैबोरेटरी कंडीशन में भी ऑर्गेनिक क्रिस्टल डायमंड से ज़्यादा असरदार क्वांटम सेंसिंग करने में सक्षम हैं। इस मौके पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. पलविंदर सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. के.एस. चहल और फिजिक्स डिपार्टमेंट के हेड प्रो. अमन महाजन ने भी डॉ. हरप्रीत सिंह और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह अचीवमेंट यूनिवर्सिटी में हो रहे हाई-लेवल साइंटिफिक रिसर्च का साफ सबूत है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने आभार जताते हुए कहा कि वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह की लीडरशिप में बनाया गया एकेडमिक और रिसर्च का माहौल ऐसी इंटरनेशनल लेवल की रिसर्च को मुमकिन बनाता है और इस रिसर्च से गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी का नाम वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी में गिना जाएगा। 

मेकर्स पर लगाए थे गंभीर आरोप, फिर ‘भाभी जी…’ में शिल्पा शिंदे की वापसी क्यों?

मुंबई  पॉपुलर एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे टीवी शो 'भाभी जी घर पर हैं' में अंगूरी भाभी बनकर फिर से लौट चुकी हैं. 9 साल बाद शो में उनके कमबैक ने फैंस को खुश कर दिया है. सालों बाद शो में लौटना शिल्पा के लिए भी किसी सपने के सच होने से कम नहीं है. अब उन्होंने इस बारे में बात की है और शो से जुड़े अपने पुराने विवादों का भी सच बताया है.  शो में लौटने पर क्या बोलीं शिल्पा शिंदे? शिल्पा शिंदे ने ईटाइम्स संग बातचीत में कहा- ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं शो में वापसी करूंगी. शो से मेरे निकलने के बाद काफी गलतफहमियां हो गई थीं. वक्त के साथ रिश्ते भी बने और मुझे लगता है कि ये किस्मत में था. झगड़े तो परिवार में ही होते हैं. एक बार हां कहने के बाद मैंने एक्शन और रिएक्शन के बारे में नहीं सोचा. मैंने हमेशा अपने दिल की सुनी.  शिल्पा शिंदे ने जब शो छोड़ा था तब उन्होंने प्रोड्यूसर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए थे. उन्होंने प्रोड्यूसर के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई थी. मेकर्स ने भी शिल्पा पर अनप्रोफेशनलिज्म समेत कई आरोप लगाए थे. ऐसे में शिल्पा से पूछा गया कि इतने विवादों के बाद शो में फिर से लौटने पर लोग उनके फैसले पर सवाल उठा सकते हैं.  इसपर शिल्पा ने जवाब दिया- उस समय चैनल की तरफ से थर्ड पार्टी भी शामिल थी. उन्होंने ही गलत अफवाहें फैलाई थीं, जिन्हें सच मान लिया गया था. कॉन्ट्रैक्ट के जरिए एक शख्स ने मुझे कंट्रोल करने की कोशिश की थी. मुझे कहीं भी ज्यादा काम करने की आजादी नहीं थी. सालों तक कड़ी मेहनत करके करियर बनाने के बाद जब किरदार पर सवाल उठाए जाते हैं तो वो बर्दाश्त करना काफी मुश्किल होता है.  शिल्पा आगे बोलीं- मेरा मानना है कि जब दो लोग किसी चीज का हिस्सा होते हैं और फिर जब उसमें थर्ड पार्टी की एंट्री होती है तो ऐसी चीजें हो जाती हैं. जो लोग इस चीज में शामिल थे उन्हें पता है कि क्या हुआ था और किसने क्या किया था. इससे बड़ी बात क्या ही होगी कि इतना सब होने के बाद फिर से मैं इस शो में हूं. अगर आज उसी इज्जत के साथ मेरा वेलकम हो रहा है तो उनको भी पता है ना कि मैं खराब नहीं थी, क्योंकि शो तो चल ही रहा था.  शिल्पा ने की शुभांगी अत्रे की तारीफ शिल्पा शिंदे के शो छोड़ने के बाद शुभांगी अत्रे ने 10 साल तक अंगूरी भाभी का किरदार निभाया. उनके बारे में बात करते हुए शिल्पा ने कहा- ये अच्छी बात है कि उन्होंने 10 साल तक ये किरदार निभाया. इतने लंबे समय तक डेली शो को बनाए रखना आसान नहीं है. इतने सालों तक शो करने पर उन्हें मेरा सलाम. अब मैं शो में लौट चुकी हूं.