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ठंड और कोहरे का साया: प्रदेश के 38 जिलों में मौसम ने दिखाई करवट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ठंड अपने पूरे रंग में है। सोमवार को प्रदेश में ठंडी पछुआ हवाएं चलीं जिसकी वजह से गलन और ठिठुरन बढ़ गई। वहीं आगरा, बरेली, प्रयागराज और मुरादाबाद में अत्यधिक घने कोहरे की वजह से दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। आगरा में तो दोपहर तक कोहरे का प्रकोप बना रहा। वाराणसी, अलीगढ़, इटावा में दृश्यता 50 मीटर तक दर्ज हुई। मंगलवार को दिन की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई है। कोहरे के साथ गलन और ठिठुरन का भी एहसास है। माैसम विभाग की ओर से मंगलवार को प्रयागराज, मिर्जापुर, आगरा, इटावा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली व आसपास के इलाकों में अत्यधिक घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं यूपी के अन्य 38 जिलों के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट है। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यूपी में हवा रूख बदल कर फिर से पछुआ हो गई है। इससे गलन में इजाफा हुआ है। दो दिनों में पछुआ की रफ्तार क्रमश: बढ़ेगी और पारे में गिरावट के साथ ही कोहरे का असर कम होगा। मौसम विभाग के अनुसार दो से चार डिग्री तक पारे में गिरावट आ सकती है। इन जिलों में होगा घना कोहरा कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, फिरोजाबाद, मैनपुरी, औरेया, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में कोहरा घना होगा।

ज्वेलर ने DSP पर लगाए सनसनीखेज आरोप, ACB में दी शिकायत, जान का खतरा बताया

फतेहाबाद फतेहाबाद के व्हिसल ब्लोअर ज्वेलर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने डीएसपी व उसके रीडर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी है। आरोप है कि पुलिस उसके घर व दुकान की रैकी कर रही है। उसे डरा रहे है कि पुलिस कभी भी मरवा सकती है। मीडिया से बातचीत में भूना निवासी ज्वेलर नरेश सोनी ने बताया कि डीएसपी की तरफ से उसके पास नोटिस आया कि आपके खिलाफ भागुराम ने शिकायत दे रखी है। यह शिकायत उस मामले को दबाने के लिए दिलवाई गई है, जिसमें उन्होंने डीएसपी संजय बिश्नोई के भ्रष्टाचार का मामला उठाया था।   उस मामले को दबाने के लिए पुलिस ऐसे फर्जी शिकायतें लेकर उसको परेशान कर रही है। जिसने शिकायत दी है, उसी ने डीएसपी के रीडर तक पैसे पहुंचाए थे। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो थाने में रीडर पर केस भी दर्ज हो चुका है। इस मामले की हाईकोर्ट में 18 दिसंबर को सुनवाई है। उससे पहले उस पर दबाव डालकर मामला निपटाने की कोशिश की जा रही है। सिलसिलेवार जानिए नरेश सोनी और पुलिस में खींचतान के मामले  राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को शिकायत दी: 17 अप्रैल 2023 को भूना निवासी ज्वेलर नरेश सोनी के खिलाफ क्रिकेट मैच सट्‌टा बुकी चलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद इस केस को चैलेंज करते हुए नरेश सोनी ने राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को शिकायत की थी। उस मामले की जांच के बाद प्राधिकरण ने तत्कालीन सीआईए इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। इन पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की सिफारिश: प्राधिकरण ने डीएसपी को चेतावनी जारी करने की सिफारिश का फैसला सुनाया था। प्राधिकरण ने तत्कालीन सीआईए इंस्पेक्टर कपिल सिहाग, एएसआई प्रवीण कुमार, एएसआई रामअवतार, एचसी गुरपान सिंह, एचसी रोहताश कुमार, ईएचसी सुभाष चंद्र, कॉन्स्टेबल कमलदीप व कॉन्स्टेबल सतीश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। डीएसपी व रीडर पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप ज्वेलर नरेश सोनी ने एससी-एसटी एक्ट का केस रद्द करने के लिए डीएसपी संजय बिश्नोई और उनके रीडर दर्शन लाल पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए थे। इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी थी। इस मामले में एसीबी के हिसार थाने में रीडर दर्शनलाल पर केस दर्ज हुआ था। डीएसपी संजय बिश्नोई से भी पूछताछ की गई थी। एक महीने पहले किया था सोनी पर केस दर्ज वहीं, भूना पुलिस ने करीब तीन साल पुरानी शिकायत के आधार पर एक महीने पहले नरेश सोनी के खिलाफ गैंबलिंग एक्ट में केस दर्ज कर लिया। इसके बाद स्वर्णकार समाज ने भूना थाने पहुंच कर रोष भी जताया था। एफआईआर रद्द करने की मांग उठाई गई थी।  

एम्स का निरीक्षण: राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ली व्यवस्थाओं की जानकारी

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने किया एम्स का भ्रमण राज्यपाल ने व्यवस्थाओं की जानकारी ली, रोगियों की कुशल क्षेम पूछी भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का भ्रमण किया। अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रोगियों एवं उनके परिजनों से चर्चा कर कुशल क्षेम जाना। राज्यपाल पटेल ने एम्स परिसर में स्वयं द्वारा पूर्व में रोपे गए पीपल के पेड़ के विकास पर हर्ष व्यक्त कर पौधे को पानी भी दिया। राज्यपाल पटेल ने वर्ष 2022 में एम्स परिसर में पीपल का पौधा लगाया था। एम्स भ्रमण के दौरान वे हमेशा पौधे के रख-रखाव की जानकारी प्राप्त करते रहे। हैं। पौधे को पानी भी देते रहे हैं।  

‘हरियाणा को मिले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की सह-मेज़बानी’—संसद में सांसदों ने उठाई मांग

नई दिल्ली देश में खेलों का पावरहाउस माने जाने वाले हरियाणा को कॉमनवेल्थ खेल 2030 का सह-मेज़बान राज्य (Co-host state) बनाने की मांग को लेकर आज संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन हुआ। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में, हरियाणा के कई सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से खेल आयोजन में हरियाणा की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदर्शन में उनके साथ सांसद जय प्रकाश, सांसद वरुण मुलाना, और सांसद श्रवण कुमार ब्रह्मचारी भी शामिल थे। इस दौरान मांग की गई कि  कॉमनवेल्थ खेल 2030, जिसकी मेजबानी हाल ही में भारत को मिली है, उसमें हरियाणा को सह-मेज़बान राज्य के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही, राज्य के खेल अवसंरचना (Sports Infrastructure) को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए।   सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा में भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि हरियाणा देश की कुल आबादी का मात्र तीन फीसदी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय खेलों में यह भारत के लिए लगभग 50 प्रतिशत मेडल दिलाता है। उन्होंने इस आयोजन की मेज़बानी से हरियाणा को बाहर रखने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे राज्य के खिलाड़ियों के साथ "अन्याय और उनके अद्वितीय योगदान का अपमान" बताया।   यह मांग ऐसे समय में आई है जब भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिली है, जिसके लिए अहमदाबाद को प्रमुख मेज़बान शहर के रूप में औपचारिक मंजूरी मिली है। हरियाणा के सांसदों का कहना है कि राज्य की खेल प्रतिभा और मौजूदा खेल सुविधाओं को देखते हुए, उसे सह-मेज़बान बनाना देश के हित में होगा।

रैकेट की बजाय सोशल मीडिया की गूंज से सुर्खियों में ओशियान डोडिन, जानिए कमाई का तरीका

पेरिस  टेनिस की दुनिया में वापसी आमतौर पर रैकेट की गूंज से होती है, लेकिन ओशियान डोडिन की वापसी ने सुर्खियों, कैमरों और सोशल मीडिया पर अलग ही शोर मचा दिया. 29 साल की फ्रेंच टेनिस खिलाड़ी ने न सिर्फ कोर्ट पर लौटकर सबको चौंकाया, बल्कि करियर के बीच लिए गए अपने निजी फैसलों से भी खेल जगत में नई बहस छेड़ दी        2024 के अंत में इनर-ईयर कंडीशन के चलते डोडिन को टेनिस से लंबा ब्रेक लेना पड़ा. चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी WTA सिंगल्स रैंकिंग गिरकर 744 तक पहुंच गई. बड़े टूर्नामेंट्स से दूर, वह महीनों तक प्रतिस्पर्धी टेनिस से बाहर रहीं.  इसी खामोशी भरे दौर में डोडिन ने वह किया, जो वह लंबे समय से चाहती थीं- मिड-करियर ब्रेस्ट एन्हांसमेंट सर्जरी. सितंबर में जब उन्होंने ITF टूर्नामेंट के जरिए वापसी की, तो टेनिस की दुनिया ने उन्हें एक नए अंदाज में देखा. फ्रांस में दिए गए इंटरव्यू में डोडिन ने बिना किसी झिझक के अपने फैसले पर बात की. उन्होंने कहा, अगर मुझे छह महीने रुकना ही था, तो मैंने सोचा कि क्यों न वही करूं जो मैं सच में चाहती हूं. मैं 40 की उम्र में यह करने से बेहतर अभी करना चाहती थी.'  उनकी साफगोई ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया. डोडिन पहली सक्रिय टेनिस खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने खुले तौर पर मिड-करियर कॉस्मेटिक सर्जरी की बात स्वीकार की. कुछ ने तारीफ की, कुछ ने सवाल उठाए- लेकिन चर्चा थमी नहीं. अब, तीन महीने बाद, डोडिन ने एक और बड़ा कदम उठाया है. वह OnlyFans से जुड़ गई हैं. OnlyFans एक सब्सक्रिप्शन-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां क्रिएटर्स अपने फैन्स के लिए एक्सक्लूसिव कंटेंट साझा करते हैं. हालांकि यहां फिटनेस, लाइफस्टाइल और स्पोर्ट्स कंटेंट भी मौजूद हैं. हाल के वर्षों में कई खिलाड़ी और सेलेब्रिटी पारंपरिक कमाई से अलग सीधी कमाई के लिए इस प्लेटफॉर्म का रुख कर चुके हैं.  डोडिन भी सचिया विकरी और निक किर्गियोस जैसे टेनिस खिलाड़ियों की राह पर चल पड़ी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह OnlyFans से एक साल में अपने पूरे टेनिस करियर (करीब 2.85 मिलियन डॉलर) से ज्यादा कमाई कर सकती हैं. डोडिन का कहना है कि वह सिर्फ टेनिस तक सीमित होकर नहीं जीना चाहतीं. 'हम खिलाड़ी हैं, लेकिन सामान्य लोग भी हैं. हमारी निजी जिंदगी है, हमारी पसंद है.' उनके फैसले को लेकर चेतावनियां भी मिलीं- यहां तक कहा गया कि वह अब खेल नहीं पाएंगी. 

दिल्ली की जहरीली हवा ने छीने 2 साल! RBI ने 4 साल के आंकड़ों से खोली सच्चाई

नई दिल्ली  उत्तर भारत के शहरों में सांस लेना अब महंगा पड़ रहा है। दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में प्रदूषण की वजह से लोगों की औसत आयु लगातार घट रही है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार वर्षों में दिल्ली में लोगों की औसत आयु 1.7 साल कम हो गई है। विशेषज्ञ प्रदूषण के साथ पानी और बदलती जीवनशैली को इसका मुख्य दोषी मान रहे हैं। वहीं, कुछ राज्यों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और सुधरी जीवनशैली ने जीवन प्रत्याशा बढ़ाई है। हाल में केंद्रीय बैंक ने सांख्यिकी पुस्तिका 2024-25 में औसत आयु से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015-19 के मुकाबले 2019-23 में दिल्ली में 1.7 साल और पंजाब में दो साल औसत आयु कम हुई। वहीं, हरियाणा में औसत उम्र 1.1 वर्ष कम हो गई। इस तरह, औसत आयु में गिरावट के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर दिल्ली है। हालांकि, इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर औसत आयु 0.6 साल बढ़ गई है। राष्ट्रीय स्तर पर औसत आयु 70.3 वर्ष की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने और जीवनशैली में सुधार से यूपी, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में औसत आयु में वृद्धि दर्ज की गई है। केरल में औसत आयु बेहतर : रिपोर्ट के अनुसार, केरल में औसत आयु सबसे अधिक 75.1 वर्ष है। सबसे कम औसत आयु छत्तीसगढ़ में 64.6 वर्ष है। हालांकि, 2019 के बाद से लगातार औसत आयु में गिरावट के बाद भी दिल्ली में लोगों की उम्र यूपी, पंजाब समेत अन्य राज्यों से अधिक है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि बीते पांच-छह वर्षों से लगातार औसत उम्र कम हो रही है। हरियाणा में पांच वर्षों में बढ़ोतरी हुई आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में वर्ष 2019-22 के बीच औसत आयु 68.6 वर्ष की थी, जो वर्ष 2019-23 में 68.8 वर्ष हो गई। यानी बीते पांच वर्षों में हरियाणा में लोगों की औसत आयु में 0.2 वर्ष की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यूपी में औसत आयु सबसे अधिक बढ़ी उत्तर प्रदेश के लोगों की औसत आयु 65.6 वर्ष से बढ़कर 68.0 वर्ष हो गई है। यह पूरे देश में सबसे अधिक है। उत्तर प्रदेश में 2015-2019 से वर्ष 2019-2023 के बीच औसत आयु 2.4 वर्ष बढ़ी है। उत्तराखंड में 70.6 वर्ष से बढ़कर 71.3 वर्ष हो गई है। बिहार में औसत आयु 69.2 से बढ़कर 69.3 वर्ष हो गई है। कई अन्य रिपोर्ट में दावा हाल में जारी शिकागो विश्वविद्यालय की 2025 की रिपोर्ट में भी दावा किया गया है कि भारत में वायु प्रदूषण से औसत उम्र 3.5 साल तक घट रही है। अधिकांश आबादी विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से ज्यादा प्रदूषित हवा में रहती है। इससे हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारियां, कैंसर का खतरा बढ़ता है। प्रदूषण कम हो तो जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है, खासकर दिल्ली जैसे शहरों में जो जहरीली हवा से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। डॉ. संजय राय, प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन, एम्स, ''मौजूदा दौर में जीवनशैली के साथ हवा, भोजन-पानी सब प्रदूषित हो चुका है। हवा और पानी में ऐसे कैंसर कारक तत्व मिले हैं, जिसे कम उम्र में कैंसर हो रहा है। इसलिए प्रदूषण भी जीवन प्रत्याशा कम होने का कारण हो सकता है।''

यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप ने BBC के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया, 10 बिलियन डॉलर का दावा

वॉशिंगटन .यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने BBC से $10 बिलियन के हर्जाने के लिए केस किया. इसमें ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर पर मानहानि के साथ-साथ गुमराह करने वाले और गलत ट्रेड प्रैक्टिस का आरोप लगाया गया. 33 पेज के मुकदमे में BBC पर प्रेसिडेंट ट्रंप की "झूठी, बदनाम करने वाली, गुमराह करने वाली, बेइज्जत करने वाली, भड़काऊ और गलत इरादे से की गई तस्वीर" दिखाने का आरोप है. इसके साथ ही इसे 2024 के अमेरिकी प्रेसिडेंशियल इलेक्शन में "दखल देने और उसे प्रभावित करने की खुली कोशिश" बताया गया है.     इसमें BBC पर "प्रेसिडेंट ट्रंप के 6 जनवरी, 2021 के भाषण के दो बिल्कुल अलग हिस्सों को एक साथ जोड़ने" का आरोप लगाया गया है, ताकि "जानबूझकर प्रेसिडेंट ट्रंप ने जो कहा उसका मतलब गलत तरीके से पेश किया जा सके."BBC ने पिछले महीने 6 जनवरी के भाषण में बदलाव को लेकर ट्रंप से माफी मांगी थी. लेकिन ट्रंप के कानूनी कार्रवाई की धमकी देने के बाद, पब्लिक फंडेड ब्रॉडकास्टर ने उन दावों को खारिज कर दिया कि उसने ट्रंप की बदनामी की है.इसको लेकर BBC के चेयरमैन समीर शाह ने इसे "फैसले की गलती" कहा था. इसके कारण BBC के टॉप एग्जीक्यूटिव और उसके न्यूज हेड ने इस्तीफा दे दिया था. यह भाषण ट्रंप के कुछ सपोर्टर्स के U.S. कैपिटल पर धावा बोलने से पहले हुआ था, जब कांग्रेस 2020 के चुनाव में प्रेसिडेंट-इलेक्ट जो बाइडन की जीत को सर्टिफाई करने वाली थी, जिसके बारे में ट्रंप ने झूठा आरोप लगाया था कि वह उनसे चुराई गई थी. BBC ने 2024 के U.S. प्रेसिडेंशियल चुनाव से कुछ दिन पहले एक घंटे की डॉक्यूमेंट्री, जिसका टाइटल "ट्रंप: ए सेकंड चांस?" था, ब्रॉडकास्ट की थी. इसमें 2021 के भाषण के दो हिस्सों से तीन कोट्स को एक साथ जोड़ा गया था, जो लगभग एक घंटे के अंतर पर दिए गए थे, जो एक ऐसा कोट लग रहा था, जिसमें ट्रंप ने सपोर्टर्स से उनके साथ मार्च करने और "पूरी ताकत से लड़ने" की अपील की थी. काटे गए हिस्सों में एक हिस्सा ऐसा भी था, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि वह चाहते हैं कि सपोर्टर्स शांति से प्रदर्शन करें. ट्रंप ने मुकदमें में क्या-क्या लगाए आरोप? मांफी मांगने लेकिन मानहानि की बात खारिज करने को लेकर ट्रंप बीबीसी पर भड़क गए और उन्होंने कंपनी पर मानहानि का मुकदमा कर दिया है। बीबीसी पर 33 पन्नों के इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने ट्रंप का झूठा, मानहानिकारक, भ्रामक, अपमानजनक, भड़काऊ और दुर्भावनापूर्ण चित्रण किया। इसके अलावा मुकदमें यह भी आरोप लगाया गया है कि 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कंपनी ने हस्तक्षेप करने तथा उसे प्रभावित करने की निर्लज्ज कोशिश की थी। मुकदमें मे बीबीसी पर राष्ट्रपति ट्रंप के छह जनवरी, 2021 के भाषण के दो पूरी तरह से अलग-अलग अंशों को एक साथ जोड़कर प्रसारित करने का आरोप भी लगाया गया। बातों का अर्थ गलत तरीके से पेश करने की कोशिश मानहानि के इस केस में दावा किया गया कि ट्रंप के भाषण की एडिटिंग इसलिए की गई, जिससे उनके बातों का अर्थ गलत तरीके से पेश किया जा सके और उनकी छवि का नुकसान पहुंचाया जा सके। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि ट्रंप ने सोमवार से पहले ही यह कह दिया था कि वे बीबीसी पर उनके मुंह में अपने शब्द डालने की वजह से उसके खिलाफ मुकदमा कर रहे हैं। कौन से भाषण को लेकर है सबसे ज्यादा विवाद? बीबीसी पर ट्रंप के जिस भाषण को एडिट करके छवि खराब करने का आरोप है, ट्रंप ने वह भाषण उस समय दिया था, जब राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद उनके समर्थकों ने यूएस कैपिटल पर हमला बोल दिया था। यह वह समय था, जब अमेरिकी कांग्रेस राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को घोषित करते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी जो बाइडन को आधिकारिक विजेता बताने वाली थी। दूसरी ओर ट्रंप ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे और गलत तरीके से चुनाव के चोरी हो जाने की बात भी कही थी। 2024 के चुनाव से पहले रिलीज हुई थी डॉक्यूमेंट्री खास बात यह है कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले बीबीसी ने एक डॉक्यूमेंट्री प्रसारित की थी। इसका टाइटल ‘ट्रंप: ए सेकेंड चांस?’ रखा गया था। इसमें ट्रंप के 2021 के तीन अलग-अलग भाषणों के हिस्सों को एक साथ जोड़कर पेश किया गया था। ये सभी भाषण के हिस्से कैपिटल हिल की हिंसा से संबंधित थे। इस एडिटिंग में बीबीसी द्वारा वो हिस्सा हटा दिया गया, जिसमें वे कैपिटल हिंसा को लेकर अपने समर्थकों से शांति की अपील कर रहे थे। कैपिटल हिल हिंसा का मामला क्या है? कैपिटल हिल हिंसा की बात करें तो ये मामला 6 जनवरी, 2021 का है। इस दिन रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की भीड़ ने अमेरिका की राजधानी में तोड़फोड़ कर दी थी। इसके चलते अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को बाधित कर दिया, जिसे चुनाव परिणामों को प्रमाणित करने के लिए बुलाया गया था। 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन से हार गए थे। इस हमले का उद्देश्य एक वैध निर्वाचित राष्ट्रपति को पदभार ग्रहण करने से रोकना था, इसलिए इसे व्यापक रूप से विद्रोह या तख्तापलट का प्रयास माना गया था।  

बढ़ते प्रदूषण पर सख्ती: दिल्ली में बिना वैध PUCC वाहनों को पेट्रोल पर रोक

 नई दिल्ली दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बीजेपी सरकार ने कई सख्त फैसलों का ऐलान किया है, जिनका असर आम लोगों से लेकर वाहन चालकों और निर्माण क्षेत्र तक पड़ेगा. दिल्ली के पर्यावरण संरक्षण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इन कदमों का मकसद राजधानी की हवा को साफ करना और लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है. पर्यावरण मंत्री मनजींदर सिंह सिरसा ने घोषणा की है कि 18 दिसंबर से पेट्रोल पंपों पर उन वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा, जिनके पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) सर्टिफिकेट नहीं होगा. इस नियम की निगरानी कैमरों के जरिए की जाएगी, ताकि कोई उल्लंघन ना हो सके. नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित वाहन मालिकों और पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या में कमी आएगी. इसके अलावा दिल्ली के बाहर से आने वाले निजी वाहनों को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं. दूसरे राज्यों में रजिस्टर, बीएस-VI उत्सर्जन मानकों से नीचे के निजी वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह फैसला खासतौर पर उन वाहनों पर लागू होगा, जो अधिक धुआं छोड़कर वायु प्रदूषण बढ़ाते हैं. दिल्ली की सीमाओं पर तैनात एजेंसियों को इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण पर भी सरकार ने सख्ती दिखाई है. दिल्ली में ईंट, रेत, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्रियों के ​परिवहन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पर्यावरण मंत्री सिरसा ने दिल्ली वालों से मांगी माफी पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए मंत्री सिरसा ने कहा कि मौजूदा सरकार को 'प्रदूषण की बीमारी विरासत में मिली है'. उन्होंने कहा, 'जिन लोगों ने दिल्ली में प्रदूषण फैलाया, वही आज विरोध कर रहे हैं.' बीजेपी सरकार द्वारा दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि राजधानी के लैंडफिल साइट्स की ऊंचाई में करीब 15 मीटर की कमी आई है और लगभग 8,000 उद्योगों को कड़े प्रदूषण नियंत्रण मानकों के दायरे में लाया गया है. प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर अब तक 9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि लकड़ी जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने 10,000 हीटर वितरित किए हैं. इसके अलावा, बैंक्वेट हॉल्स में डीजे के उपयोग को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री सिरसा ने स्वीकार किया कि दिल्ली में प्रदूषण पर पूरी तरह काबू पाना इतने कम समय में संभव नहीं है. उन्होंने कहा, 'मैं दिल्ली के लोगों से माफी मांगता हूं, लेकिन सात-आठ महीनों में प्रदूषण को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है.' साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी तंज कसते हुए आरोप लगाया कि पिछले वर्ष इसी अवधि में उन्होंने मास्क नहीं पहने थे, लेकिन अब मास्क पहनकर घूम रहे हैं. प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने उठाए कई कदम पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि शहर में 62 पॉल्यूशन हॉटस्पॉट की पहचान की है, जिनमें से 13 क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में प्रदूषण का स्तर कम दर्ज किया गया है. इसके अलावा, 3,427 इलेक्ट्रिक बसों को डीटीसी में शामिल किया गया है ताकि वाहनों से होने वाले ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम किया जा सके. सिरसा ने यह भी बताया कि वैज्ञानिकों की एक समिति गठित की गई है, जो नियमित रूप से बैठक कर प्रदूषण के रुझानों का अध्ययन कर रही है और आगे के उपायों की सिफारिश कर रही है. दिल्ली में इस समय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है. 16 दिसंबर 2025 को सुबह के समय AQI 380 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है. सर्दियों का मौसम आते ही धुंध और स्मॉग की मोटी चादर छा जाने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है. वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण स्थलों से उड़ती धूल प्रदूषण को बढ़ाने में सहयोग कर रही है. सरकार का मानना है कि वाहनों से होने वाला प्रदूषण दिल्ली की हवा को खराब करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है. इसलिए PUCC चेक को अनिवार्य बनाकर पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगाम लगाई जा रही है. लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपयोग करने की अपील दिल्ली सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें, सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें और अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें. दिल्ली सरकार का कहना है कि ये कदम अस्थायी जरूर हैं, लेकिन जनता के स्वास्थ्य को देखते हुए बेहद जरूरी हैं. आने वाले दिनों में प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा कर आगे और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं. पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा कि ये कदम दिल्ली को स्वच्छ हवा देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि ये उपाय 18 दिसंबर से लागू हो रहे हैं. उन्होंने नगारिकों से नियमों का पालन करने का अनुरोध किया.

भारत की 8% विकास दर, पीएम मोदी ने इनोवेशन संचालित नीतियों को श्रेय दिया

अम्मान   भारत-जॉर्डन बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ बढ़ रहा है और देश की वृद्धि दर 8 प्रतिशत से अधिक है। यह उत्पादकता संचालित शासन और इनोवेशन संचालित नीतियों का नतीजा है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा समय में भारत में जॉर्डन के निवेशकों के लिए अवसर के नए दरवाजे खुले रहे हैं और यहां के निवेशक भारत में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन के बीच फार्मा और मेडिकल उपकरण क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। आज हेल्थकेयर केवल एक सेक्टर नहीं रह गया है, बल्कि एक रणनीतिक प्राथमिकता बन गया है। अगर भारतीय कंपनियां जॉर्डन में दवाएं और मेडिकल उपकरण बनाती हैं, तो इससे जॉर्डन के लोगों को तो फायदा होगी, बल्कि जॉर्डन अफ्रीका और पश्चिम एशिया के भी एक भरोसेमंद हब बन सकता है। निवेशक भारत में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा समय में भारत में जॉर्डन के निवेशकों के लिए अवसर के नए दरवाजे खुले रहे हैं और यहां के निवेशक भारत में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं। भारत और जॉर्डन के बीच फार्मा और मेडिकल उपकरण क्षेत्र में अपार संभावनाएं पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन के बीच फार्मा और मेडिकल उपकरण क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। आज हेल्थकेयर केवल एक सेक्टर नहीं रह गया है, बल्कि एक रणनीतिक प्राथमिकता बन गया है। अगर भारतीय कंपनियां जॉर्डन में दवाएं और मेडिकल उपकरण बनाती हैं, तो इससे जॉर्डन के लोगों को तो फायदा होगी, बल्कि जॉर्डन अफ्रीका और पश्चिम एशिया के भी एक भरोसेमंद हब बन सकता है। आज की दुनिया ग्रीन ग्रोथ के बिना आगे नहीं बढ़ सकती रिन्यूएबल एनर्जी में देश में हुए विकास पर पीएम मोदी ने कहा कि आज की दुनिया ग्रीन ग्रोथ के बिना आगे नहीं बढ़ सकती है, क्योंकि क्लीन एनर्जी अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि भारत सोलर, विंड, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज में भारत एक बड़े निवेशक के रूप में काम रहा है। जॉर्डन के पास भी इस सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं, जिसे हम अनलॉक कर सकते हैं। साथ ही कहा कि इस प्रकार ऑटोमोबाइल और ईवी में भी कई संभावनाएं हैं और भारत किफायती ईवी और दोपहिया एवं सीएनजी मोबिलिटी में शीर्ष देशों में एक है और हमें ज्यादा से ज्यादा काम मिलकर करना चाहिए। रिन्यूएबल एनर्जी में देश में हुए विकास पर पीएम मोदी ने कहा कि आज की दुनिया ग्रीन ग्रोथ के बिना आगे नहीं बढ़ सकती है, क्योंकि क्लीन एनर्जी अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि भारत सोलर, विंड, ग्रीन हाइड्रोजन और एनर्जी स्टोरेज में भारत एक बड़े निवेशक के रूप में काम रहा है। जॉर्डन के पास भी इस सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं, जिसे हम अनलॉक कर सकते हैं। साथ ही कहा कि इस प्रकार ऑटोमोबाइल और ईवी में भी कई संभावनाएं हैं और भारत किफायती ईवी और दोपहिया एवं सीएनजी मोबिलिटी में शीर्ष देशों में एक है और हमें ज्यादा से ज्यादा काम मिलकर करना चाहिए। दोनों देश की मजबूत विरासत पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन दोनों देश अपने कल्चर, अपनी हेरिटेज पर बहुत गर्व करते हैं। कल्चर और हेरिटेज टूरिज्म के लिए दोनों देशों में बहुत स्कोप है। दोनों देशों के इन्वेस्टर्स को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। भारत में इतनी सारी फिल्में बनती हैं, उन फिल्मों की शूटिंग जॉर्डन में हो सकती है। ज्वाइंट फिल्म फेस्टिवल हों, इसके लिए भी जरूरी प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं। दोनों देश की मजबूत विरासत पर पीएम मोदी ने कही यह बात दोनों देश की मजबूत विरासत पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जॉर्डन दोनों देश अपने कल्चर, अपनी हेरिटेज पर बहुत गर्व करते हैं। कल्चर और हेरिटेज टूरिज्म के लिए दोनों देशों में बहुत स्कोप है। दोनों देशों के इन्वेस्टर्स को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। भारत में इतनी सारी फिल्में बनती हैं, उन फिल्मों की शूटिंग जॉर्डन में हो सकती है। ज्वाइंट फिल्म फेस्टिवल हों, इसके लिए भी जरूरी प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं। (इनपुट-एजेंसी) 

मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए

डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का संपूर्ण जीवन रामकाज को समर्पित रहा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए अयोध्या स्थित हिंदू धाम आश्रम पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने वेदांती जी महाराज के शिष्यों व अनुयायियों से की निरंतर रामकाज से जुड़े रहने की कामना अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या स्थित हिंदू धाम आश्रम पहुंचकर वशिष्ठ भवन के ब्रह्मलीन महंत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के वरिष्ठ सदस्य तथा वशिष्ठ भवन, अयोध्या के महंत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज भौतिक रूप से आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संपूर्ण जीवन अयोध्या धाम के विकास और रामलला के भव्य मंदिर निर्माण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेदांती जी महाराज का पूरा जीवन ही रामकाज को समर्पित था। यह भी एक संयोग है कि प्रभु श्रीराम की पावन कथा का वाचन करते हुए उन्होंने नश्वर देह का त्यागकर साकेतवास किया।  प्रभु श्रीराम से जुड़े हर कार्य में रही वेदांती जी महाराज की सक्रिय सहभागिता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती जी महाराज के योगदान को याद करते हुए कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के प्रारंभिक दौर से लेकर उसके मूर्त रूप लेने और आंदोलन के सफल परिणाम को देखने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को श्रीरामजन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण के समारोह में भी वेदांती जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह उनके समर्पण और निरंतर सहभागिता का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1983 में श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति अभियान के आरंभ से लेकर अब तक आयोजित प्रत्येक आंदोलन और कार्यक्रम में वेदांती जी महाराज की सक्रिय भूमिका रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती जी महाराज को याद करते हुए कहा कि आज भले ही वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साकेतवासी होने पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके शिष्यों व आश्रमवासियों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए मैं अयोध्या आया हूं । गोरक्षपीठ से रहा गहरा जुड़ाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ से वेदांती जी महाराज का अत्यंत निकट और आत्मीय संबंध रहा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1949 में अयोध्या धाम में श्रीरामजन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम के विग्रह के प्रकटीकरण के समय गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर पूज्य महंत श्री दिग्विजयनाथ जी महाराज तथा वेदांती जी महाराज के पूज्य गुरु बाबा अभिराम दास जी उस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा थे। मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि वर्ष 1983 में जब श्रीरामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति का गठन हुआ और उनके पूज्य गुरुदेव, गोरक्षपीठाधीश्वर पूज्य महंत श्री अवेद्यनाथ जी महाराज उस समिति के अध्यक्ष बने, तब से डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज वरिष्ठ सदस्य के रूप में निरंतर इस आंदोलन से जुड़े रहे। प्रभु श्रीराम से की श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम के पवित्र मंदिर से जुड़े सभी ऐतिहासिक कार्यक्रमों, 5 अगस्त 2020 को मंदिर के शिलान्यास, 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा तथा 25 नवंबर 2025 को धर्मध्वजा आरोहण के वेदांती जी महाराज साक्षी रहे। यह उनके जीवन की साधना और संकल्प का ही परिणाम था कि वे रामलला को विराजमान होते, भव्य मंदिर का निर्माण होते और दिव्य-भव्य अयोध्या को साकार रूप में देखते हुए तथा रामकथा का गायन करते हुए इस लोक से विदा हुए। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि वे वेदांती जी महाराज को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वे विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी स्मृतियों को नमन करते हैं और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि वेदांती जी महाराज के आदर्शों का अनुसरण करते हुए उनके आश्रम के शिष्य और अनुयायी निरंतर रामकाज के अभियान से जुड़े रहेंगे। उल्लेखनीय है कि डॉ. रामविलास वेदांती जी मध्य प्रदेश के लालगांव के समीप स्थित भठवा गांव में रामकथा का वाचन कर रहे थे। कथा का आयोजन 17 दिसंबर तक निर्धारित था, लेकिन शनिवार की रात सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद उन्हें उपचार के लिए रीवा लाया गया। वहां एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उनका साकेतवास हो गया।