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मजदूरों को राहत, वर्क फ्रॉम होम पर नया निर्णय और वाहनों के लिए कड़ा फैसला — रेखा गुप्ता सरकार

नई दिल्ली दिल्‍ली में एयर पॉल्‍यूशन से हालात काफी गंभीर हो चुके हैं. अब मुख्‍यमंत्री रेखा गुप्‍ता की सरकार ने इसको लेकर बड़ा ऐलान किया है. मजदूरों से लेकर वाहन चालकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए घोषणाएं की गई हैं. दिल्‍ली की रेखा गुप्‍ता सरकार अब एयर पॉल्‍यूशन से निपटने के लिए युद्धस्‍तर पर काम करने में जुट गई है. वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्‍ली सरकार की ओर से कई महत्‍वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. दिल्‍ली सरकार ने प्रभावित होने वाले मजदूरों को ₹10000 का मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही नौकरीपेशा लोगों के लिए भी महत्‍वपूर्ण घोषणा की गई है. सरकार ने 50 फीसद स्‍टाफ के साथ ही ऑफिस चलाने का निर्देश दिया है. 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से ही काम करने (Work From Home – वर्क फ्रॉम होम) का निर्देश दिया गया है. वाहनों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. दिल्‍ली सरकार के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने वायु प्रदूषण से निपटने को लेकर बुधवार 17 दिसंबर 2025 को बड़ा ऐलान किया है. उन्‍होंने कहा कि इस गंभीर समस्‍या से निजात पाने के लिए कुछ कड़े निर्णय लिए गए हैं. कपिल मिश्रा ने कहा, ‘GRAP-3 के चलते कंस्ट्रक्शन वर्कर्स का काम बंद था, जिससे उनकी माली हालत पर फर्क पड़ा. सभी रजिस्‍टर्ड मजदूरों के बैंक खाते में दस हजार रुपये DBT के माध्‍यम से ट्रांसफर किए जाएंगे. ये अभी सोलह दिन का है.’ कपिल मिश्रा ने आगे बताया कि GRAP-4 का भी इन मजदूरों को पैसा दिया जाएगा. दिल्‍ली में वर्क फ्रॉम होम देश की राजधानी दिल्‍ली की सरकार ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ा फैसला किया है. कपिल मिश्रा ने कहा, ‘⁠दूसरा निर्णय ऑफिस जानेवालों के लिए है. सभी प्रतिष्ठान (सरकारी और प्राइवेट) केवल 50 परसेंट अटेंडेंस के साथ ही चलेंगे. स्‍वास्‍थ्‍य, बिजली, पानी, डिजास्‍टर मैनेजमेंट और पर्यावरण विभाग पर यह 50 फीसद का फॉर्मूला लागू नहीं होगा.’ कपिल मिश्रा ने वर्किंग आवर्स को फ्लेक्सिबल करने की भी अपील की है. बता दें कि दिल्‍ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए सर्दियों के मौसम में वर्क फ्रॉम होम के फॉर्मूले का अक्‍सर इस्‍तेमाल किया जाता है. इसके अलावा कार पूलिंग का यूज करने की सलाह भी दी गई है. नहीं मानी बात तो जुर्माना मंत्री कपिल मिश्रा ने साफ कर दिया कि निर्देशों की अवहेलना होने की स्थिति में जुर्माना लगाया जाएगा. दिल्‍ली में एयर पॉल्‍यूशन पर कपिल मिश्रा ने कहा कि हमसे एक गलती तो हुई है. हमने 30 साल का पॉल्‍यूशन को 5 महीने में खत्‍म नहीं कर पाए. उन्‍होंने कहा कि आप सरकार ने कुछ नहीं किया. ये जो भी आप देख रहे हैं ये सब 12 साल के हैं. प्रदूषण हमें विरासत में मिला है. बता दें कि सर्दियों के मौसम में हर साल एयर पॉल्‍यूशन की हालत गंभीर हो जाती है. एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स बेहद ही गंभीर कैटेगरी में पहुंच जाता है, जिसके चलते खुली हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है.

‘संदेशे आते हैं’ का नया अवतार: बॉर्डर-2 के लिए रीमेक पर बोले भूषण कुमार

मुंबई साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म बॉर्डर की कहानी से लेकर म्यूजिक तक सब कुछ सुपरहिट रहा था। फिल्म में सोनू निगम का गाया एक सॉन्ग था 'संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं', यह गाना हर किसी के दिल को छू गया। सीमा पर तैनात जवानों से लेकर आम लोगों तक ने इस गाने को इतना प्यार दिया कि आज भी यह लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल है। सोनू निगम के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर इस गाने को अभी तक 3 करोड़ 70 लाख बार सुना जा चुका है और अल्ट्रा बॉलीवुड यूट्यूब चैनल पर इसके 2 करोड़ व्यूज है। खुशखबरी यह है कि बॉर्डर-2 के लिए मेकर्स इस गाने को रीमेक करेंगे। बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक भूषण कुमार ने बताया कि इस बार गाने में कुछ बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने बताया, "इस बार 'संदेशे आते हैं' के लिए हमने अन्य गायकों को भी शामिल किया है। हम यह सॉन्ग 2 जनवरी को लोंगेवाला में जवानों के साथ लॉन्च करने जा रहे हैं, क्योंकि यह गाना बहुत खास है। हमने पूरी कोशिश की है कि इसमें पहले गाने जैसा ही इमोशन हो और साथ ही इसमें आज के दौर की धुन भी हो।" बताया जा रहा है कि इस बार लिरिक्स में भी कुछ चेंज किए जा सकते हैं। मालूम हो कि बॉर्डर मूवी का पहला पार्ट 1997 में हुए लोंगेवाला की जंग पर ही आधारित थी। 'सनी सर के बिना बॉर्डर-2 बनाना असंभव' सनी देओल की तारीफ करते हुए प्रोड्यूसर भूषण कुमार ने कहा, "सनी सर के बिना बॉर्डर-2 बनाना असंभव है। इतनी मेहनत और इतना वक्त देने के लिए उनका बहुत-बहुत शुक्रिया। मेरे पास शब्द नहीं हैं।" भूषण कुमार ने बताया कि पिछले पार्ट की तुलना में इस बार वह थोड़े नर्वस हैं क्योंकि लोग मूवी को पिछले पार्ट के साथ कंपेयर करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं इस वक्त बहुत घबरा रहा हूं क्योंकि यह फिल्म हमारे लिए बहुत इमोशनल है। सभी ने बहुत अच्छा काम किया है। जब भी मैं वरुण के पिता (डेविड धवन) से बात करता हूँ, तो मैं उनसे कहता हूं, 'वरुण ने शानदार काम किया है'।” पहले पार्ट की तुलना में कई गुना है बजट साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म 'बॉर्डर' का दूसरा पार्ट 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रहा है। फिल्म का पहला पार्ट महज 10 करोड़ रुपये की लागत में बना था और इसका वर्ल्डवाइड लाइफटाइम कलेक्शन 65 करोड़ 57 लाख रुपये रहा था। अब फिल्म का दूसरा पार्ट जल्द ही आने जा रहा है जिसे बनाने में मेकर्स ने तकरीबन 250 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। फिल्म का टीजर पहले ही रिलीज किया जा चुका है और अब इसके ट्रेलर का इंतजार रहेगा। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर क्या कमाल दिखाती है यह भी जल्द ही पता चल जाएगा।  

आईपीएल नीलामी 2026: करोड़ों की बारिश! सभी 10 टीमों के सबसे महंगे खिलाड़ी कौन बने? पूरी सूची देखें

नई दिल्ली   आईपीएल 2026 से पहले 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में हुई छोटी नीलामी में कुछ विदेशी खिलाड़ियों और भारत के अनकैप्ड खिलाड़ियों पर जमकर पैसों की बारिश हुई। ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन को केकेआर ने 25.2 करोड़ रुपये में खरीदा। वह आईपीएल इतिहास में सबसे महंगे विदेशी और ओवरऑल तीसरे सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए। आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने कुल 77 खिलाड़ियों को खरीदा, जिनमें 29 विदेशी थे। कार्तिक शर्मा और प्रशांत वीर जैसे अनकैप्ड खिलाड़ियों की भी लॉटरी लगी। आइए देखते हैं आईपीएल 2026 मिनी ऑक्शन में हर टीमों के टॉप महंगे खिलाड़ी कौन रहे।   मथीशा पथिराना- 18 करोड़ मुस्तफिजुर रहमान- 9.2 करोड़ चेन्नई सुपर किंग्स कार्तिक शर्मा- 14.2 करोड़ प्रशांत वीर- 14.2 करोड़ राहुल चाहर- 5.2 करोड़ सनराइजर्स हैदराबाद लियाम लिविंगस्टोन- 13 करोड़ जैक एडवर्ड्स- 3 करोड़ सलील अरोड़ा- 1.5 करोड़ लखनऊ सुपर जॉइंट्स जोश इंग्लिस- 8.6 करोड़ मुकुल चौधरी- 2.6 करोड़ अक्षत रघुवंशी- 2.2 करोड़ दिल्ली कैपिटल्स आकिब नबी डार- 8.4 करोड़ पथुम निसांका- 4 करोड़ राजस्थान रॉयल्स रवि बिश्नोई- 7.2 करोड़ एडम मिल्ने- 2.4 करोड़ रवि सिंह- 95 लाख रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वेंकटेश अय्यर- 7 करोड़ मंगेश यादव- 5.2 करोड़ जैकब डफी- 2 करोड़ गुजरात टाइटंस जैसन होल्डर- 7 करोड़ टॉम बैंटन- 2 करोड़ अशोक शर्मा- 90 लाख पंजाब किंग्स बेन ड्वारशुइस- 4.4 करोड़ कूपर कोनोली- 3 करोड़ मुंबई इंडियंस क्विंडटन डि कॉक- 1 करोड़

तैयारी के बीच सुकून का पल: टीम इंडिया ने लखनऊ में थिएटर जाकर फिल्म का आनंद लिया

 लखनऊ भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांच मैचों की सीरीज का चौथा और अहम मुकाबला आज लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ी रिलैक्स मूड में नजर आए. व्यस्त मैच शेड्यूल के बीच भारतीय टीम ने मूवी ब्रेक लिया और रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ देखी. खिलाड़ियों की मौजूदगी से मॉल में हलचल जरूर बढ़ी, लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. लखनऊ में टीम इंडिया ने मैच की तैयारियों के बीच थोड़ा सुकून भरा वक्त बिताया. भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी इकाना स्टेडियम के पास स्थित फीनिक्स पलासियो मॉल पहुंचे, जहां उन्होंने रात 10:30 बजे का शो देखा और रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ का आनंद लिया. खिलाड़ियों की मौजूदगी से हॉल में दिखी उत्सुकता सबसे पहले मॉल पहुंचने वाले खिलाड़ियों में टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा शामिल थे. इसके कुछ समय बाद टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर, अन्य खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भी वहां पहुंचे. खिलाड़ियों की मौजूदगी से मॉल में उत्सुकता और हलचल का माहौल देखने को मिला. सुरक्षा व्यवस्था रही बेहद सख्त हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई थी. सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में पूरी मूवी विजिट शांतिपूर्वक संपन्न हुई और किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई. टीम इंडिया के मूवी ब्रेक की खबर फैलते ही क्रिकेट फैंस के बीच भी खासा उत्साह देखा गया. टीम इंडिया का आज मुकाबला साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला जाना है. इस हाई-वोल्टेज मैच को लेकर लखनऊ में पहले से ही क्रिकेट का माहौल बना हुआ है, जो खिलाड़ियों की इस सार्वजनिक मौजूदगी के बाद और ज्यादा गर्म हो गया है. सुरक्षा कारणों को देखते हुए टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका की टीम को हयात होटल में ठहराया गया है. होटल परिसर में डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की मदद से सुरक्षा जांच की गई है और पूरे इलाके पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

मोहन सरकार का बड़ा फैसला: उज्जैन की लैंड पूलिंग योजना अब नहीं चलेगी

उज्जैन    किसानों और स्थानीय स्तर पर भारी विरोध के बाद आखिरकार सरकार ने उज्जैन के सिंहस्थ क्षेत्र की लैंड पूलिंग योजना को मंगलवार देर रात निरस्त कर दिया। अब सिंहस्थ क्षेत्र में ठीक उसी तरह से व्यवस्था होगी, जैसे अब तक होती आई है।लैंड पूलिंग योजना में सरकार ने सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण के लिए किसानों की भूमि लैंड पूलिंग के तहत लेने का प्रावधान किया था। इसमें किसानों को भूमि का एक हिस्सा विकसित करके दिया जाता और शेष का मुआवजा मिलता लेकिन इसके लिए वे तैयार नहीं थे। शासन ने आदेश को राजपत्र (गजट) में प्रकाशित भी कर दिया है। यह निर्णय भारतीय किसान संघ के 26 दिसंबर से उज्जैन में ‘घेरा डालो–डेरा डालो’ आंदोलन की चेतावनी के बाद लिया गया है। किसान संघ ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक लैंड पूलिंग नीति को पूरी तरह निरस्त करने का लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। आंदोलन की घोषणा के बाद सरकार और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति लगातार गहराती जा रही थी। दरअसल, सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास योजनाओं के अंतर्गत किसानों की भूमि को लैंड पूलिंग के माध्यम से विकसित करने का प्रस्ताव था। इस नीति के तहत जमीनों के अधिग्रहण और पुनर्विकास को लेकर किसानों में भारी असंतोष था। किसान संगठनों का आरोप था कि यह नीति उनकी सहमति के बिना लागू की जा रही है और इससे उनकी जमीनों पर स्थायी असर पड़ेगा। 19 नवंबर का आदेश सिर्फ संशोधन था भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने कहा था कि 19 नवंबर को जारी आदेश केवल संशोधन था, निरस्तीकरण नहीं। इसके बाद प्रदेश के 18 जिलों के किसान प्रतिनिधियों की बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया गया। किसानों ने एलान किया था कि 26 दिसंबर से विक्रमादित्य प्रशासनिक भवन का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। अब शासन द्वारा लैंड पूलिंग योजना को पूरी तरह निरस्त किए जाने को किसान आंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है।   उज्जैन लैंड पूलिंग पॉलिसी यह थी उज्जैन लैंड पूलिंग पॉलिसी दरअसल सिंहस्थ कुंभ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा प्रस्तावित एक शहरी विकास योजना थी। इसके तहत शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी मात्रा में किसानों की निजी जमीन को एक साथ पूल (एकत्र) कर सुनियोजित तरीके से विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था। यानी सरकार जमीनों को अधिग्रहित कर सड़क, सीवर, ड्रेनेज, बिजली, पानी जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास, सिंहस्थ के लिए स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, उज्जैन के विस्तार को मास्टर प्लान के तहत विकसित करना था।  योजना में किसानों को क्या दिया जाना था? किसानों से जमीन लेकर उसे विकसित करने के बाद विकसित भूमि का एक हिस्सा (कम लेकिन अधिक मूल्य वाला) किसान को लौटाने का प्रावधान रखा गया था। शेष भूमि पर शासन/प्राधिकरण द्वारा शहरी विकास में उपयोग की थी।  किसान संगठन क्यों नाराज हुए? भारतीय किसान संघ समेत अन्य किसान संगठनों को जमीन पर स्थायी नियंत्रण खत्म होने का डर था। किसानों का कहना था कि एक बार जमीन लैंड पूलिंग में चली गई तो उस पर उनका  अधिकार कमजोर हो जाएगा। कितनी जमीन लौटेगी, कब लौटेगी और किस कीमत पर इस पर स्पष्ट और कानूनी भरोसा नहीं था। किसानों का तर्क था कि यह अधिग्रहण जैसा ही है, लेकिन बिना सीधा मुआवजा दिए। इसमें आरोप लगे कि कई जगह किसानों की स्पष्ट सहमति के बिना योजना लागू करने की तैयारी थी। किसान संगठनों का कहना था कि सिंहस्थ अस्थायी आयोजन है, लेकिन इसके नाम पर जमीन की स्थायी योजना बनाई जा रही थी।   भाजपा विधायक ने भी किया योजना का विरोध  उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने लैंड पूलिंग योजना को लेकर अपनी ही सरकार के फैसले पर असहमति जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि यह योजना किसानों के हित में नहीं है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। विधायक जैन ने लिखा कि 17 नवंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में योजना वापस लेने का निर्णय लिया गया था, जिसके बाद किसान संघ ने उत्सव रैली भी निकाली थी। इसके बावजूद यदि योजना लागू मानी जा रही है और किसान 26 दिसंबर से आंदोलन करने को मजबूर हैं, तो वे स्वयं भी किसानों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होंगे। विधायक के इस रुख से लैंड पूलिंग योजना को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा था मामला किसान संघ और स्थानीय संगठन सिंहस्थ के नाम पर लैंड पूलिंग के माध्यम से किसानों की जमीन लेने का विरोध कर रहे थे। बात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अधिकारियों के साथ पहुंचे और बैठकों के कई दौर चले। सरकार की ओर से सिहंस्थ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का हवाला देकर व्यवस्था बनाने की बात रखी गई तो अन्य कुंभ का उदाहरण देकर लैंड पूलिंग के बिना व्यवस्था बनाए जाने की बात उठी। उधर, किसान पूरी तरह से लैंड पूलिंग योजना को निरस्त करने पर अड़े थे। सरकार ने पहले प्रयास किया था कि किसानों की सहमति से लैंड पूलिंग की जाए, लेकिन भारतीय किसान संघ का कहना था कि किसानों की भूमि स्थायी निर्माण के लिए लेने से उनकी आजीविका का साधन समाप्त हो जाएगा। यह होता उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में लगभग 2,800 हेक्टेयर भूमि है। इसमें साढ़े आठ सौ हेक्टेयर शासकीय और शेष निजी भूमि है। सरकार बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए यहां जन सुविधा की दृष्टि से स्थायी निर्माण करना चाहती थी। इसके लिए किसानों की भूमि लैंड पूलिंग के तहत लेना प्रस्तावित था। इसमें जिसकी भूमि ली जाती, उसे एक निश्चित क्षेत्र में स्थायी निर्माण करके सरकार देती और बाजार मूल्य से शेष भूमि का भुगतान भी किया जाता। भाजपा विधायक की भी असहमति उज्जैन उत्तर से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने भी योजना से असहमति जताई थी। उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि किसान हित में लैंड पूलिंग योजना निरस्त होनी चाहिए। … Read more

विदेशी धरती पर देशभक्ति का रंग, इथियोपिया में सुनते ही ‘वंदे मातरम्’ पर झूमे PM मोदी

इथियोपिया इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा आयोजित भोज समारोह में मंगलवार शाम एक भावुक कर देने वाला क्षण देखने को मिला, जब इथियोपिया के गायकों की टीम ने ‘वंदे मातरम्’ की मनोहारी प्रस्तुति दी। विदेशी धरती पर भारत के राष्ट्रीय गीत की गूंज ने वहां मौजूद सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने तालियों से गायकों का उत्साह बढ़ाया। पीएम मोदी वीडियो शेयर करते हुए लिखते हैं, ''कल प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा आयोजित बैंक्वेट डिनर में इथियोपियाई गायकों ने वंदे मातरम् का एक शानदार गायन किया। यह एक बहुत ही भावुक पल था, वह भी ऐसे समय में जब हम वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।' आपको बता दें कि भारत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। इसके लिए कई आयोजन किए जा रहे हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भी इस विषय पर चर्चा हुई। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से सम्मानित किया गया। इसके लिए उन्होंने इथियोपियाई सरकार एवं देशवासियों का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स कहा, "कल शाम मुझे 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से सम्मानित करने के लिए इथियोपिया के लोगों और सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री अबी अहमद अली का आभारी हूं। दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यताओं में से एक द्वारा सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। यह सम्मान उन अनगिनत भारतीयों का है जिन्होंने वर्षों से हमारी साझेदारी को मजबूत किया है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने और नए अवसर पैदा करने के लिए इथियोपिया के साथ सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।" उन्होंने दोनों देशों के बीच समझौतों को भारत और इथियोपिया के बीच लंबे समय से चली आ रही और भरोसेमंद साझेदारी में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, "शासन और शांति स्थापना से लेकर डिजिटल क्षमता और शिक्षा तक, हमारा ध्यान अपने लोगों को सशक्त बनाने पर है। ज्ञान, कौशल और नवाचार पर जोर कल के कर्णधारों के रूप में युवाओं में हमारे साझा विश्वास को रेखांकित करता है।" उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवा में सहयोग "मानवीय गरिमा और सबसे कमजोर लोगों की देखभाल के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" प्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में आज सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर ओमान जायेंगे। श्री मोदी की यह ओमान की दूसरी यात्रा होगी। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रही है। इससे पहले दिसंबर 2023 में सुल्तान तारिक की भारत यात्रा पर आए थे।  

छत्तीसगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट: ₹35,000 करोड़ से विकास और भविष्य की मजबूत नींव — ओपी चौधरी

रायपुर : छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट: विकास, अनुशासन और भविष्य की मजबूत नींव – वित्त मंत्री ओ पी चौधरी रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह अनुपूरक बजट केवल संसाधनों की व्यवस्था नहीं, बल्कि निरंतर आर्थिक प्रगति और संतुलित विकास की मजबूत दिशा है। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा विभिन्न बोर्डों और निगमों पर छोड़े गए ₹45,000 करोड़ से अधिक के लंबित ऋण ने इन संस्थानों को लगभग निष्क्रिय स्थिति में पहुँचा दिया था। इस अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार ने मार्कफेड और नान (NAAN) जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को संबल प्रदान करने का गंभीर प्रयास किया है, जो राज्य में धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ हैं। इन संस्थाओं को सुदृढ़ किए बिना किसानों का कल्याण और नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने औद्योगिक विकास को भी समान प्राथमिकता दी है। राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने तथा विभिन्न औद्योगिक विकास एवं प्रोत्साहन योजनाओं को निरंतरता प्रदान करने के लिए अनुपूरक बजट में ₹360 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे निवेश, रोजगार और उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र और संतुलित विकास के लिए केवल राजस्व व्यय पर्याप्त नहीं होता, बल्कि दूरदर्शी पूंजीगत व्यय ही भविष्य की समृद्ध अर्थव्यवस्था और मजबूत अधोसंरचना का आधार बनता है। सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में किया गया निवेश आने वाले दशकों तक विकास के स्थायी स्रोत तैयार करता है। इसी सोच के साथ सरकार ने पूंजीगत व्यय को अपनी विकास रणनीति का केंद्र बनाया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद बीते 25 वर्षों में पूंजीगत व्यय में लगभग 55 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहाँ पूंजीगत व्यय ₹13,320 करोड़ था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर ₹15,419 करोड़ और 2024-25 में ₹20,055 करोड़ तक पहुँचा। मुख्य बजट 2025-26 में पूंजीगत व्यय के लिए ₹26,341 करोड़ का प्रावधान किया गया है, साथ ही अनुपूरक बजट में अतिरिक्त ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट के कुल आकार के अनुपात में भी पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहाँ पूर्व सरकार के समय यह लगभग 3.5 प्रतिशत था, वहीं वर्ष 2025-26 में इसके 4.1 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार दीर्घकालिक विकास और मजबूत अधोसंरचना निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अपने वक्तव्य के समापन में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह सरकार वादों पर नहीं, बल्कि परिणामों पर विश्वास करती है। पूंजीगत व्यय के माध्यम से संकल्पों को कागज से जमीन तक उतारने का कार्य किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सशक्त, अधोसंरचना के दृष्टिकोण से मजबूत और देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है। अनुपूरक बजट में सड़क एवं भवन निर्माण क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के उद्देश्य से अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण सड़क कार्यक्रम (आरआरपी फेज-2) हेतु ₹175 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं राज्य में प्रमुख सड़कों के उन्नयन एवं विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना (एडीबी लोन-3) के अंतर्गत ₹150 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट रेल लाइन परियोजना के लिए ₹86 करोड़ की राशि का प्रावधान कर क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है। अनुपूरक बजट में कृषि विकास एवं किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कृषि उन्नति योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही किसानों को 5 एचपी तक के पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने हेतु ₹1,700 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है, जिससे सिंचाई लागत में कमी आएगी और कृषि उत्पादन को स्थायी बल मिलेगा। किसानों को बिना ब्याज के ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक में ₹187 करोड़ का प्रावधान कर उन्हें वित्तीय संबल प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, फसल जोखिम से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹122 करोड़ का प्रावधान किया गया है, वहीं कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन एवं सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हेतु ₹35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के भवन निर्माण के लिए ₹4 करोड़ का प्रावधान कर राज्य में कृषि आधारित नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई गति देने का प्रयास किया गया है। अनुपूरक बजट में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। पिछली सरकार द्वारा छोड़े गए लंबित भुगतानों के निपटान हेतु अनुपूरक बजट में कुल ₹19,224 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा तंत्र को स्थायित्व प्रदान किया जा सके। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत ₹6,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि पात्र हितग्राहियों को नियमित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही राज्य में धान खरीदी की महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से मार्कफेड को धान खरीदी में हुई हानि के निपटान हेतु ₹12,424 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान से न केवल किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, बल्कि राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा ढांचे को भी दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी, जिससे आम नागरिकों के पोषण एवं खाद्य अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। अनुपूरक बजट में सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने … Read more

कल है पौष माह की मासिक शिवरात्रि, नोट करें पूजा का सही समय, विधि और चमत्कारी मंत्र

मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व है। वर्तमान में पौष माह चल रहा है और पौष मास की मासिक शिवरात्रि 18 दिसंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन रात्रि में भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और शिवजी की कृपा प्राप्त होती है। हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। पौष माह की मासिक शिवरात्रि भी विशेष फलदायी मानी जाती है। पौष मासिक शिवरात्रि 2024: तिथि और शुभ मुहूर्त पौष, कृष्ण चतुर्दशी प्रारम्भ – 02:32 ए एम, दिसम्बर 18 पौष, कृष्ण चतुर्दशी समाप्त – 04:59 ए एम, दिसम्बर 19 पूजा का शुभ मुहूर्त- 11:51 पी एम से 12:45 ए एम, दिसम्बर 19 पूजा विधि सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में दीपक जलाएं। शिवलिंग का गंगाजल, दूध आदि से अभिषेक करें। भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी विधिवत पूजा करें। भगवान गणेश की पूजा अवश्य करें, क्योंकि किसी भी शुभ कार्य से पहले गणपति पूजन आवश्यक माना गया है। पूरे मन से भोलेनाथ का ध्यान करें। भगवान की आरती अवश्य करें। ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। अंत में भगवान शिव को भोग अर्पित करें। पूजा सामग्री की लिस्ट- फूल, पंच फल, पंच मेवा, रत्न, सोना-चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध घी, शहद, गंगाजल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध, रोली, मौली, जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, जौ की बालें, तुलसी दल, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, कपूर, धूप, दीप, रूई, चंदन, शिव और माता पार्वती के श्रृंगार की सामग्री। मासिक शिवरात्रि के उपाय: मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूरे दिन व्रत रखें। प्रदोष काल या रात्रि में भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें तथा ॐ नमः शिवाय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। शिवचालीसा या शिवपुराण का पाठ करें और अंत में भोलेनाथ की आरती करें। मान्यता है कि इन उपायों को करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, मनोकामनाएं पूरी होती हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मंत्र: ॐ नमः शिवाय।- इस मंत्र का मासिक शिवरात्रि के दिन 108 बार जप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे मन की शांति मिलती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

‘सपने सच हो रहे हैं’: ऑस्कर 2026 में शॉर्टलिस्ट हुई ‘होमबाउंड’ पर भावुक हुए करण जौहर

मुंबई  98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में फिल्म होमबाउंड छा गई है. करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन में बनी इस मूवी को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटिगरी में शॉर्टलिस्ट किया गया है. फिल्म को मिली इस सक्सेस से करण जौहर प्राउड फील कर रहे हैं. वो इस लैंडमार्क मोमेंट को सेलिब्रेट कर रहे हैं. होमबाउंड को नीरज घेवान ने डायरेक्ट किया है. इसमें विशाल जेठला, ईशान खट्टर और जाह्नवी कपूर लीड रोल में दिखे.  ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट हुई होमबाउंड 16 दिसंबर को एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंस ने होमबाउंड के शॉर्टलिस्ट होने की जानकारी दी. बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटिगरी में दुनियाभर से आई 86 फिल्मों में से 15 को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिसमें से होमबाउंड भी एक है. इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटिगरी में शॉर्टलिस्ट हुईं ये फिल्में दुनिया भर के सिनेमा की झलक दिखाती है. होमबाउंड की इस कैटिगरी में अर्जेंटीना की बेलेन, ब्राजील की द सीक्रेट एजेंट, फ्रांस की इट वॉज जस्ट ऐन ऐक्सीडेंट, जर्मनी की साउंड ऑफ फॉलिंग, इराक की द प्रेसिडेंट केक, जॉर्डन की ऑल डेट्स लेफ्ट ऑफ यू, जापान की कोकुहो, साउथ कोरिया की नो अदर चॉइस, नॉर्वे की सेंटिमेंटल वैल्यू, स्पेन की सिराट, स्विटजरलैंड की लेट शिफ्ट समेत बाकी फिल्मों से टक्कर होगी.  होमबाउंड के ऑस्कर्स के लिए शॉर्टलिस्ट होने पर करण ने इमोशनल पोस्ट लिखा है. वो कहते हैं- मैं बता नहीं सकता इस वक्त मुझे कितना गर्व महसूस हो रहा है. मैं सातवें आसमान पर हूं. मैंने होमबाउंड की जर्नी देखी है. धर्मा मूवीज और मैं होमबाउंड जैसी मूवी को अपनी फिल्मोग्राफी में पाकर प्राउड हैं. थैंक्यू नीरज घेवान हमारे कई सारे सपनों को सच करने के लिए.कान्स से लेकर ऑस्कर में शॉर्टलिस्ट होने की ये जर्नी जबरदस्त रही. पूरे कास्ट, क्रू और इस खास फिल्म की सभी टीमों को ढेर सारा प्यार. आगे बढ़ते रहो… क्या है फिल्म होमबाउंड की कहानी? मूवी में दो बचपन के दोस्तों (ईशान खट्टर और विशाल जेठवा) की दोस्ती दिखाई गई है. विशाल मूवी में दलित लड़के चंदन कुमार के किरदार में हैं. वहीं ईशान का रोल मुस्लिम लड़के मोहम्मद शोएब का है. बचपन से उन्होंने समाज के तिरस्कार और भेदभाव का सामना किया है. बचपन से गरीबी की मार झेल रहे चंदन और शोएब के सपने बड़े हैं. वो बेहतर जिंदगी चाहते हैं. इसलिए वो अपनी जिंदगी को संवारने के लिए पुलिस सेवा में भर्ती होने का सपना देखते हैं. लेकिन जैसे ही वो अपने गोल के करीब पहुंचते हैं उनकी दोस्ती में दरार आने लगती है. 

कमाई का नया इतिहास: धुरंधर ने 12 दिनों में रचे 12 महा रिकॉर्ड, रणवीर सिंह की मूवी रही सबसे आगे

मुंबई आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी फिल्म धुरंधर ब्लॉकबस्टर हो चुकी है। मूवी रणवीर सिंह के करियर के लिए माइलस्टोन बन गई है। भारत के साथ इंटरनैशनल बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। धुरंधर अब तक कई रिकॉर्ड्स तोड़ चुकी है। इनमें से कई तो खुद रणवीर सिंह की पुरानी ग्रॉसर फिल्मों के हैं। 16 दिसंबर 2025 तक फिल्म ने 12 बड़े रिकॉर्ड्स तोड़े डाले हैं। यहां देखते हैं किन फिल्मों को धुरंधर ने अब तक धूल चटा दी है। धुरंधर को जबरदस्त वर्ड ऑफ माउथ मिल रहा है। इस वजह से हर दिन थिएटर्स में भीड़ जुट रही है। इंट्रेस्टिंग बात ये है कि धुरंधर की रिलीज के बाद दूसरे वीक में कई रिकॉर्ड्स टूटे हैं। आइए पहले इन पर नजर डालते हैं। सेकंड वीक में धुरंधर ने किया धुआं धुरंधर ने 16 दिसंबर तक सिर्फ दूसरे हफ्ते में 204 करोड़ रुपये कमाई की है। यह पहली हिंदी फिल्म है जिसके नाम ये अचीवमेंट है। सबसे बड़ा सेकंड वीकेंड धुरंधर में सेकंड वीकेंड यानी रिलीज होने के बाद दूसरे फ्राइडे से संडे तक 143.50 करोड़ रुपये की कमाई की है। पुष्पा 2 ने 136 करोड़ रुपये कमाए थे। धुरंधर के नाम कमाई के मामले में सबसे बड़े सेकंड वीकेंड का भी रिकॉर्ड है। सबसे बड़ा सेकंड मंडे धुरंधर ने सोमवार को 11वें दिन 31.8 करोड़ रुपये कमाए, इसने बाहुबली 2 के 8 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। बाहुबली की सेकंड मंडे में 16.75 करोड़ रुपये कमाई हुई थी। सबसे बड़ा सेकंड ट्यूजडे 16 दिसंबर को धुरंधर ने करीब 30 करोड़ रुपये कमा लिए जो अब तक किसी भी हिंदी फिल्म के लिए दूसरे मंगलवार की सबसे बड़ी कमाई है। रणवीर सिंह के करियर की सबसे बड़ी हिट रणवीर सिंह की फिल्म पद्मावत का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 585 करोड़ रुपये था। अब धुरंधर इस कलेक्शन को वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर पार कर चुकी है। रणवीर सिंह का सबसे बड़ा ओपनिंग वीक फिल्म ने ओपनिंग वीक में 207.25 करोड़ रुपये कमाए, ये रणवीर सिंह की किसी भी फिल्म के पहले हफ्ते की सबसे ज्यादा कमाई है। सबसे तेज 400 करोड़ कमाने वाली फिल्म धुरंधर ने मात्र 12 दिनों में 400 करोड़ रुपये (भारत में नेट) का आंकड़ा पार किया। ओपनिंग से बड़ा मंडे धुरंधर ने 11वें दिन 31.8 करोड़ रुपये कमाई की। पहले मंडे मूवी का कलेक्शन 28.6 करोड़ था। आदित्य धर की सबसे बड़ी हिट डायरेक्टर आदित्य धर की सबसे बड़ी हिट उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक ने 244 करोड़ रुपये की कमाई की थी। धुरंधर इसका रिकॉर्ड तोड़कर आदित्य धर की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है। 2025 की सबसे बड़ी A रेटेड फिल्म धुरंधर साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 'A' सर्टिफिकेट वाली फिल्म बन गई है। 7वें दिन बड़ी A रेटेड फिल्म धुरंधर ने 7वें दिन 27 करोड़ कमाए। इसके साथ ही यह 7वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली A रेटेड फिल्म बन चुकी है। इन बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे धुरंधर 16 दिसंबर तक दंगल, सालार, टाइगर 3 और सैायारा को पीछे कर चुकी है। दंगल- 387 करोड़ (इंडिया नेट) सालार- 406 करोड़ (इंडिया नेट) टाइगर 3- 462 करोड़ -(वर्ल्डवाइड) सैयारा- 569 करोड़ – (वर्ल्डवाइड) धुरंधर का बजट बता दें कि धुरंधर का बजट 250 करोड़ है और यह ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर हो चुकी है। धुरंधर का सीक्वल 19 मार्च 2026 तक आने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसका टाइटल धुरंधर पार्ट-2 रिवेंज है।