samacharsecretary.com

ठंड–कोहरे से बच्चों की सुरक्षा पर फोकस, पंजाब में स्कूल टाइमिंग बदलने की तैयारी

पंजाब  पंजाब सरकार द्वारा कड़ाके की इस ठंड और घने कोहरे के बावजूद स्कूल के समय में अब तक कोई राहत भरा बदलाव नहीं किया गया है।  वर्तमान स्कूल सुबह 9 बजे ही लग रहे हैं जो घने कोहरे का सबसे खतरनाक समय होता है। अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक बजे किया जाना चाहिए।  अभिभावकों का तर्क है कि जब तक सूरज की थोड़ी तपिश नहीं आती, तब तक छोटे बच्चों को घर से बाहर निकालना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। यदि प्रशासन जल्द ही समय सारिणी में बदलाव का फैसला नहीं लेता, तो कोहरे के कारण होने वाले सड़क हादसों का खतरा और बढ़ सकता है। बता दें कि  पूरा पंजाब इन दिनों बर्फीली हवाओं और 'व्हाइट आऊट' (घने कोहरे) की गिरफ्त में है। शहर की सड़कें जो कभी सुबह 7 बजे शोर से गुलजार रहती थीं, अब कोहरे की सफेद चादर में लिपटी खामोश नजर आती हैं। हिमालय की पहाड़ियों से आ रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने समूचे जिले को एक 'कोल्ड चैम्बर' में तबदील कर दिया है। सुबह के वक्त आलम यह होता है कि सूरज की किरणें घने कोहरे की मोटी दीवार को भेदने में नाकाम साबित हो रही हैं जिससे दृश्यता शून्य तक पहुंच गई है। शहर की व्यस्त सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों के खुले मैदानों तक, हर तरफ केवल सफेद धुंध का राज है। इस भीषण शीत लहर का सबसे मार्मिक और चुनौतीपूर्ण प्रभाव शिक्षा क्षेत्र पर पड़ा है। जहां एक ओर मासूम बच्चे भारी बस्तों के साथ हाड़ कंपा देने वाली ठंड में स्कूल की दहलीज पर पहुंचने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित अध्यापक जान जोखिम में डालकर कोहरे को चीरते हुए मंजिलों तक पहुंच रहे हैं। यह केवल एक मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और अध्यापकों के धैर्य की परीक्षा बन गया है।  

झारखंड में बिजली महंगी होने वाली, JBVNL का प्रस्ताव सार्वजनिक

रांची झारखंड में नए साल में बिजली महंगी हो सकती है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के सामने बिजली की कीमतों में 60 प्रतिशत तक इजाफे का प्रस्ताव रखा है जिससे प्रति यूनिट 3.50 रुपए तक का इजाफा हो सकता है। एक अप्रैल से लागू होती हैं नई दरें राज्य विद्युत नियामक आयोग अब प्रमंडलों में जनसुनवाई कर आपत्तियां और सुझाव लेगा। उसके बाद स्टेक होल्डर्स की बैठक में सभी पक्षों को सुनने के बाद नई दर पर आदेश देगा। आमतौर पर नई दरें एक अप्रैल से लागू होती हैं। चालू वर्ष में नई दरें एक मई से लागू की गईं। जेबीवीएनएल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिजली खरीद पर 8,726 करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान लगाया है। इसमें थर्मल, हाइड्रो और अन्य स्रोतों से खरीदी जाने वाली बिजली शामिल है। इससे पहले 1 मई 2025 से ग्रामीण घरेलू बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट और शहरी घरेलू बिजली 20 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई थी, जबकि किसानों को राहत दी गई थी।  

डिजिटल सुविधा का विस्तार: भोपाल में ऑनलाइन मिलेगा मैरिज सर्टिफिकेट, नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर

भोपाल राजधानीवासियों को अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे न ही किसी दलाल को रिश्वत देकर सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत पड़ेगी। क्योंकि अब यह काम ऑनलाइन होगा। टीएल की बैठक के दौरान निगमायुक्त संस्कृति जैन ने नागरिक सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। शहर के नागरिक निगम की वेबसाइट पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वार्ड में पदस्थ निगम कर्मचारी अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर मौके पर पंचनामा तैयार करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित व्यक्ति डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। निगम आयुक्त ने ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने की पूरी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। चेतावनी: 50 दिन से ज्यादा कोई भी शिकायत लंबित न रहे बैठक के दौरान समय-सीमा की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निगमायुक्त अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 50 दिनों तक कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित अवधि में शिकायतों का निराकरण कर उन्हें विलोपित कराया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।    बड़े बकायादरों पर करें सख्ती राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निगम आयुक्त ने संपत्तिकर और बकाया करों की प्रभावी वसूली के निर्देश दिए, विशेष रूप से बड़े बकायादारों से सख्ती से कर वसूली करने को कहा। साथ ही लीज रेंट की राशि भी अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश: बिहार के स्कूलों का समय बदल गया

पटना घने कोहरे, गिरते तापमान और बढ़ती ठंड के कारण पटना जिले में आम जनजीवन के साथ-साथ बच्चों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। सुबह के समय कम दृश्यता और शीतलहर जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के सभी विद्यालयों के संचालन समय में एहतियातन बदलाव किया। 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा यह आदेश पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने आदेश जारी करके कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ प्री-प्राइमरी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र अब सुबह 10 बजे से अपराह्न 3.30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। उन्होंने आदेश में कहा कि निर्धारित समय से पहले या बाद में किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन के अनुसार, सुबह और देर शाम की ठंड बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन के अनुसार यह आदेश 20 दिसंबर से 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित विशेष कक्षाएं और निर्धारित परीक्षाएं इस आदेश से मुक्त रहेंगी, ताकि परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित ना हो। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 10 दिसंबर को विद्यालयों के समय में बदलाव किया गया था। उस दौरान आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय का समय सुबह 8.30 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया था, जो 11 से 18 दिसंबर तक लागू रहा। हालांकि मौसम के और अधिक सर्द होने तथा न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज होने के बाद अब सभी कक्षाओं के लिए एक समान समय तय किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: हरियाणा का यह रेलवे स्टेशन बनेगा हाईटेक, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

हिसार रेलवे प्रशासन ने हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाया है। स्टेशन को पूरी सुरक्षा में लाने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है और कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल बनाने का निर्णय लिया है। यह दीवार स्टेशन को बाहरी और अनधिकृत लोगों से सुरक्षित रखेगी। हिसार रेलवे स्टेशन की 2200 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। दीवार बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश केवल निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्गों से संभव होगा। इससे यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित होगी और सुरक्षा कर्मियों के लिए निगरानी करना भी आसान हो जाएगा।

सेहत पर संकट: मध्यप्रदेश में बच्चों और महिलाओं को तेजी से घेर रहा एनीमिया

भोपाल मध्यप्रदेश में पोषण और सेहत को लेकर एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम 2025-26 की ताजा स्क्रीनिंग रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के हर 10 में से पांच बच्चे (50%) और हर 10 में से तीन महिलाएं (30%) एनीमिया से पीड़ित हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि बड़ी आबादी अब भी कुपोषण और खराब खान-पान की समस्या से जूझ रही है। हालांकि, इस चिंताजनक तस्वीर के बीच एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया है। मध्यप्रदेश ‘एनीमिया मुक्त भारत’ अभियान के क्रियान्वयन में लगातार छह माह से देशभर में प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इसका श्रेय हेल्थ वर्कर्स, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है, जो समय रहते मरीजों की पहचान कर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसे स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता और टीमवर्क का परिणाम बताया है।   70 लाख बच्चों की हुई डिजिटल जांच वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ‘दस्तक अभियान’ के तहत 70.62 लाख बच्चों की डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से जांच की गई। इनमें से 35.21 लाख बच्चों में एनीमिया की पुष्टि हुई, जिनका उपचार शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही 9.42 लाख गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग में 3 लाख से अधिक महिलाएं मध्यम से गंभीर एनीमिया से ग्रसित पाई गईं, जिन्हें आयरन सुक्रोज और रक्ताधान जैसी सुविधाएं दी गईं। एनीमिया केवल थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक विकास में भी बड़ी बाधा बनता है। सरकार का लक्ष्य उपचार और जागरूकता के माध्यम से प्रदेश को पूरी तरह एनीमिया मुक्त बनाना है। बचाव के लिए क्या करें? पालक : आयरन और फोलेट का समृद्ध स्रोत। अंजीर व चुकंदर : रोजाना सेवन से खून बढ़ाने में सहायक। केला व शकरकंद : ऊर्जा के साथ पोटैशियम और मैग्नीशियम की पूर्ति। लौकी : विटामिन और मिनरल से भरपूर, कोलेस्ट्राल नियंत्रित रखने में मददगार।

हरित ऊर्जा की पहल: पंजाब के इस जिले में छात्रों के घरों पर निःशुल्क सोलर सिस्टम

होशियारपुर  जिले के भविष्य को ऊर्जा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभों पर खड़ा करने की दिशा में जिला प्रशासन ने चढ़दा सूरज अभियान के तहत एक प्रेरक और दूरदर्शी पहल की है। इस अभियान के केंद्र में जहां 600 टॉपर विद्यार्थियों के घरों पर 1-1 किलोवाट का निःशुल्क रूफ टॉप सोलर सिस्टम है, वहीं इसके साथ-साथ विशेष बच्चों के लिए रोजगार और ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका से जुड़े दो अन्य प्रोजैक्ट भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। डी.सी. आशिका जैन की अध्यक्षता में जिले में कार्यरत विभिन्न एन.जी.ओज के साथ आयोजित बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि विकास तभी टिकाऊ होगा, जब प्रशासन और समाज मिलकर आगे बढ़ें। डी.सी. ने कहा कि यह पूरा अभियान जिला प्रशासन की ओर से रैडक्रास सोसायटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें एन.जी.ओज को परिवर्तन का सशक्त माध्यम माना गया है। डी.सी. आशिका जैन ने कहा कि चढ़दा सूरज अभियान की सबसे प्रभावशाली कड़ी “गो सोलर अभियान” है। उन्होंने घोषणा की कि सी.एस.आर. सहयोग से वर्ष 2024-25 के 10वीं कक्षा के 600 टॉपर विद्यार्थियों के घरों पर 1 किलोवाट तक का रूफ टॉप सोलर सिस्टम पूरी तरह निःशुल्क लगाया जाएगा। यह पहल न केवल मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि उनके परिवारों के माध्यम से पूरे समाज को स्वच्छ और सस्ती सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने का सशक्त संदेश भी देती है।   डी.सी. आशिका जैन ने एन.जी.ओज से अपील की कि वे इस योजना को जन-जन तक पहुंचाएं, ताकि लोग समझ सकें कि सोलर ऊर्जा बिजली बिल में राहत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम है। इसी क्रम में यह भी घोषणा की गई कि जो एन.जी.ओ. 28 फरवरी 2026 तक 25 सोलर पैनल स्थापित करवाएगी, उसे जिला प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपए का रिवार्ड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चढ़दा सूरज अभियान के अंतर्गत “विंग्ज प्रोजेक्ट” समाज के उस वर्ग के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है, जिसे अक्सर मुख्यधारा से दूर समझा जाता है। इस परियोजना के तहत होशियारपुर में 7 स्थानों पर कैंटीन स्थापित कर 16 विशेष बच्चों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया गया है। डी.सी. आशिका जैन ने एन.जी.ओज से आग्रह किया कि वे आगे आकर ऐसे बच्चों की पहचान करें और विंग्ज प्रोजैक्ट के विस्तार में भागीदार बनें। उन्होंने एन.जी.ओ. को प्रोजैक्ट के अंतर्गत अपने स्तर पर कैंटीन खोलने के लिए भी प्रेरित किया औ कहा कि कि जिला प्रशासन और रैडक्रास की ओर से हर तरह का पूरा सहयोग दिया जाएगा, जबकि संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी एन.जी.ओ. संभालेंगी। डी.सी. आशिका जैन ने कहा कि तीसरी महत्वपूर्ण पहल “सुई धागा” प्रोजैक्ट है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण जरूरतमंद महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से स्थायी आजीविका देना है। इस प्रोजैक्ट के तहत गांवों, तहसीलों और ब्लॉकों में सिलाई केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि मशीनरी और उपकरण रैडक्रास सोसायटी उपलब्ध कराएगी, जबकि संचालन मनरेगा फ्रेमवर्क के तहत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एन.जी.ओज से अपेक्षा है कि वे उपयुक्त स्थानों और इच्छुक महिलाओं की पहचान कर सामुदायिक लामबंदी में सहयोग दें। डी.सी. आशिका जैन ने विश्वास जताया कि एन.जी.ओज की सक्रिय भागीदारी से चढ़दा सूरज अभियान सामाजिक सशक्तिकरण, स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल बनेगा, जिसकी गूंज आने वाले वर्षों तक जिले की प्रगति में सुनाई देगी। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, सहायक कमिश्नर ओएशी मंडल, सचिव जिला रैडक्रास सोसायटी मंगेश सूद व संयुक्त सचिव आदित्य राणा भी में मौजूद रहे।

क्रिकेट का महामुकाबला! U19 एशिया कप 2025 फाइनल में भारत vs पाकिस्तान, कब और कहां होगा मैच

दुबई भारतीय अंडर-19 टीम रविवार को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अंडर-19 एशिया कप 2025 के फाइनल में उतरेगी। यह बहुप्रतीक्षित मुकाबला दुबई स्थित ICC अकादमी ग्राउंड, दुबई में खेला जाएगा। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को मात देकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में भारत का शानदार प्रदर्शन भारत ने सेमीफाइनल में शानदार गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका को सिर्फ 138 रन पर समेट दिया। बारिश के कारण यह मैच 20-20 ओवर का कर दिया गया था। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत लड़खड़ाई और आयुष म्हात्रे (7 रन) व वैभव सूर्यवंशी (6 गेंदों में 9 रन) जल्दी आउट हो गए। इसके बाद आरोन जॉर्ज और विहान मल्होत्रा ने पारी संभाली। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 114 रनों की नाबाद साझेदारी हुई। जॉर्ज 49 गेंदों में 58 रन और मल्होत्रा 45 गेंदों में 61 रन बनाकर नाबाद लौटे। पाकिस्तान का सेमीफाइनल सफर दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 121 रन पर ऑलआउट कर दिया और 16.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। गीले आउटफील्ड के कारण यह मैच 27 ओवर का कर दिया गया था। ग्रुप स्टेज में भारत का दबदबा ग्रुप चरण में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत में टीम इंडिया ने 90 रन से बड़ी जीत दर्ज की थी। उस मैच में भारत ने 240 रन बनाए थे, जिसमें आरोन जॉर्ज और कनिष्क चौहान ने अहम योगदान दिया। गेंदबाजी में कनिष्क चौहान और दीपेश देवेंद्रन ने तीन-तीन विकेट लेकर पाकिस्तान को 150 रन पर रोक दिया था। मैच से जुड़ी अहम जानकारी मैच: भारत U19 बनाम पाकिस्तान U19, फाइनल तारीख: 21 दिसंबर 2025 समय: सुबह 9:00 बजे (स्थानीय समय) / 10:30 बजे IST (भारतीय समय) स्थान: ICC अकादमी ग्राउंड, दुबई लाइव प्रसारण और स्ट्रीमिंग अंडर-19 एशिया कप फाइनल का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, SonyLIV ऐप पर मैच की लाइव स्ट्रीमिंग सुबह 10:30 बजे (IST) से उपलब्ध होगी। टीमें: भारत: आयुष म्हात्रे (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, आरोन जॉर्ज, विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), कनिष्क चौहान, हेनिल पटेल, खिलान पटेल, दीपेश देवेंद्रन, किशन कुमार सिंह, उधव मोहन, नमन पुष्पक, हरवंश पांगलिया, युवराज गोहिल। पाकिस्तान: समीर मिन्हास, हमजा जहूर (विकेटकीपर), उस्मान खान, अहमद हुसैन, फरहान यूसुफ (कप्तान), हुजैफा अहसन, दानियाल अली खान, मोहम्मद शायान, अब्दुल सुभान, मोहम्मद सैयाम, अली रजा, मोमिन कमर, अली हसन बलोच, निकाब शफीक, मोहम्मद हुजैफा।  

परीक्षा पर चर्चा 2026: टेंशन नहीं टैलेंट पर होगी बात, पीएम मोदी से संवाद का मौका; ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली  PPC 2026: बोर्ड परीक्षा की तैयारी, तनाव और भविष्य की उलझनों को कम करने के लिए ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ एक बार फिर युवाओं की उम्मीद बनकर उभरा है। इस बार आयोजन ने रजिस्ट्रेशन के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। करोड़ों छात्र, शिक्षक और अभिभावक पीएम मोदी के इस इवेंट से जुड़कर अपनी बात रखने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा (PPC) 2026 के नौवें संस्करण में अब तक कुल 1,27,38,536 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 1,18,22,663 छात्र, 8,04,094 शिक्षक, और 1,11,779 अभिभावक शामिल हैं। PPC 2026: कौन कर सकता है रजिस्ट्रेशन? PPC 2026 में भाग लेने के लिए कक्षा 6 से 12 तक के छात्र, स्कूल शिक्षक, और अभिभावक पात्र हैं। इच्छुक प्रतिभागी 11 जनवरी 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। सभी रजिस्टर्ड प्रतिभागियों को Participation Certificate भी दिया जाएगा। छात्र दो तरीकों से PPC 2026 में हिस्सा ले सकते हैं। पहले स्वयं रजिस्ट्रेशन के जरिए। दूसरा टीचर लॉगिन के माध्यम से, जिसमें छात्र अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कर सकते हैं। इस व्यवस्था का मकसद ज्यादा से ज्यादा छात्रों को इस संवाद से जोड़ना है। PPC 2026: आपका सवाल बन सकता है चर्चा का हिस्सा PPC 2026 में सवाल पूछने का मौका भी बेहद खास है। सरकार MCQ आधारित प्रतियोगिता के जरिए प्रतिभागियों का चयन करेगी। यह प्रतियोगिता MyGov पोर्टल पर 11 जनवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है। छात्र, शिक्षक और अभिभावक इसी मंच पर अपने सवाल भेज सकते हैं। चुने गए सवालों को सीधे परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। PPC 2026: जनवरी 2026 में होगा आयोजन प्रधानमंत्री का यह अनोखा इंटरएक्टिव कार्यक्रम जनवरी 2026 में आयोजित किया जाएगा। इसमें पीएम मोदी छात्रों से परीक्षा के तनाव, समय प्रबंधन, करियर और जीवन से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करेंगे। PPC 2026: परीक्षा पे चर्चा के बारे में ‘परीक्षा पे चर्चा’ एक वार्षिक आयोजन है, जिसकी शुरुआत फरवरी 2018 में नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से हुई थी। तब से लेकर अब तक यह कार्यक्रम छात्रों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती का बड़ा स्रोत बन चुका है।

रसोई बजट होगा हल्का: गैस सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी, जानिए कौन उठा सकेगा फायदा

नई दिल्ली  केंद्र सरकार की कई योजनाएं हैं जिससे एक बड़ा वर्ग लाभान्वित हो रहा है। ऐसी ही एक योजना- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को सामान्य ग्राहक के मुकाबले 300 रुपये कम कीमत पर भरे हुए एलपीजी सिलेंडर मिलते हैं। उदाहरण के लिए देश की राजधानी दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत सामान्य ग्राहकों के लिए 853 रुपये है तो लाभार्थियों के लिए 553 रुपये है। कहने का मतलब है कि ग्राहकों को 300 रुपये सस्ती कीमत पर सिलेंडर मिल जाएगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मई 2016 में इस योजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में रहने वाले उन परिवारों को एलपीजी कनेक्शन देना था,। योजना के तहत मार्च 2020 तक 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे सितंबर 2019 में पूरा कर लिया गया। इसके बाद सरकार ने उज्ज्वला 2.0 की शुरुआत की, जिसके तहत विशेष रूप से प्रवासी परिवारों को ध्यान में रखते हुए 1.6 करोड़ अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन देने का प्रावधान किया गया। यह लक्ष्य दिसंबर 2022 में पूरा हुआ, जिससे योजना के तहत कुल कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 9.6 करोड़ हो गई। आगे चलकर उज्ज्वला 2.0 के तहत वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच 75 लाख और कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया, जिसे जुलाई 2024 में ही पूरा कर लिया गया। इसके साथ ही कुल एलपीजी कनेक्शन की संख्या 10.35 करोड़ तक पहुंच गई। अब सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना का कुल लक्ष्य बढ़कर 10.6 करोड़ कनेक्शन हो गया है। फिलहाल इन नए कनेक्शनों को जारी करने की प्रक्रिया जारी है। 3.13 करोड़ टन हो गई एलपीजी खपत क्रिसिल इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में एलपीजी खपत बढ़कर लगभग 3.13 करोड़ टन हो गई, जो वित्त वर्ष 2016-17 के 2.16 करोड़ टन से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 3.3 से 3.4 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया कि घरेलू खपत में भी लगातार वृद्धि हो रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं का औसत वार्षिक रिफिल 2016-17 के 3.9 सिलेंडर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 4.5 सिलेंडर हो गया है। गैर-उज्ज्वला योजना परिवारों ने पिछले पांच वर्षों में प्रति वर्ष 6-7 सिलेंडर के स्थिर रीफिल स्तर को बनाए रखा है।