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एमपी में अमित शाह का हाई-प्रोफाइल विजिट: दो दिन अलर्ट मोड पर रहेगा प्रशासन, चप्पे-चप्पे पर पहरा

ग्वालियर  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 24 दिसंबर को मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंच सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, शाह यहां रात्रि विश्राम भी करेंगे और उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। इस यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। जिस वीआईपी होटल में गृह मंत्री ठहरेंगे, उसे पुलिस ने पहले ही घेरे में ले लिया है। शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों ने होटल का दौरा कर सुरक्षा का पूरा खाका तैयार किया। राजनीतिक हलचल बढ़ी, कांग्रेस की नजर भी बैठक पर अमित शाह के ग्वालियर में रात्रि विश्राम करने की खबर से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। भाजपा नेताओं का मानना है कि गृह मंत्री मुख्यमंत्री के साथ ग्वालियर-चंबल अंचल के प्रमुख भाजपा नेताओं और दिग्गजों के साथ बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। चंबल क्षेत्र में पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। अहम मानी जा रही बैठक यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि चंबल अंचल भाजपा के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। अगले दिन यानी 25 दिसंबर को अमित शाह ग्वालियर के मेला मैदान में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। मेला मैदान में तीन विशाल डोम लगाए जा रहे हैं, जिनमें करीब 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। नो मैन्स जोन घोषित सुरक्षा के लिहाज से पूरे आयोजन स्थल को नो मैन्स जोन घोषित किया जाएगा। डोम के अंदर-बाहर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। कार्यक्रम स्थल तक आने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगाए जाएंगे, ताकि किसी तरह की असुरक्षा की गुंजाइश न रहे।   अमित शाह की यह यात्रा सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं लग रही। रात्रि विश्राम और संभावित बैठकों ने इसे राजनीतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। भाजपा के स्थानीय नेता इसे पार्टी के लिए सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्षी खेमे में भी इस पर नजर टिकी हुई है। कुल मिलाकर, ग्वालियर इस क्रिसमस पर राजनीतिक गहमागहमी का केंद्र बनने जा रहा है।

सरकारी नौकरी करने वालों के लिए राहत की उम्मीद? एमपी में 5-डे वर्किंग पर नए संकेत

भोपाल  मध्यप्रदेश में कोरोना काल के दौरान से सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग का कल्चर लागू है। शनिवार और रविवार को अवकाश रहता है। पूर्व में कई बार 5-डे वर्किंग के आदेश को आगे बढ़ाकर जारी रखा गया है लेकिन क्या नए साल यानी जनवरी 2026 से सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग का कल्चर बंद हो जाएगा ये अटकलें बीते कुछ दिनों से तेजी से चल रही थीं। लेकिन अब सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है वो सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी है। 5-डे वर्किंग को लेकर नए संकेत प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में 5-डे वर्किंग को लेकर सूत्रों से खबर मिल रही है कि सरकार 5-डे वर्किंग की व्यवस्था सरकारी दफ्तरों में जारी रख सकती है। ये खबर प्रदेश के सात लाख से ज्यादा सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए राहत भरी है। छुट्टियों पर पुनर्विचार के लिए सामान्य प्रशासन, वित्त, गृह और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई गई है इसका उद्देश्य स्वैच्छिक सहित कर्मचारियों को प्रति वर्ष मिलने वाले अन्य अवकाश पर पुनर्विचार करना है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसमें 5-डे वर्किंग के कल्चर को खत्म कर 6-डे वर्किंग कल्चर की व्यवस्था लागू करना शामिल नहीं है।   जयंतियों पर मिलने वाले अवकाश कम किए जाएं- कर्मचारी संघ 5-डे वर्किंग की व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि सरकार द्वारा अन्य महापुरुषों की जयंती के नाम पर जो अवकाश घोषित किए जा रहे हैं। उनको भले ही कम कर दिया जाए लेकिन प्रत्येक शनिवार का अवकाश लागू रहने दिया जाए। प्रदेश के कर्मचारी इस व्यवस्था में रच गए हैं और इससे सरकार को 400 करोड़ की बचत भी हो रही है। उमाशंकर तिवारी ने आगे कहा कि जब सरकार आनंद विभाग बनाकर कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखने की कोशिश कर रही है तो फिर यह शनिवार का अवकाश निरस्त नहीं होना चाहिए।

पैसों के सौदे से रिश्ते तक: युवती से जबरन विवाह, फिर दूल्हे के साथ सनसनीखेज घटना

देवरिया  यूपी के देवरिया से न्यूड वीडियो, जबरन शादी और फिर दूल्हे के साथ दुल्हन द्वारा बड़ा कांड कर दिए जाने का मामला सामने आया है। यहां की एक लड़की द्वारा आंध्र प्रदेश के रहने वाले एक लड़के को एक्स पर मैसेज भेजा गया। संपर्क होने पर लड़की ने अपना मुंह छिपाकर एक हजार रुपए में 10 मिनट तक अपने प्राइवेट पार्ट्स (न्यूज वीडियो) दिखाने की पेशकश की। लड़का इस झांसे में आ गया। उसने लड़की का न्यूड वीडियो देखा। इस दौरान लड़की ने स्क्रीनशॉट लेकर लड़के को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे लाखों रुपए वसूल लिए। लड़के का कहना है कि ब्लैकमेलिंग के तहत ही उसने शादी की शर्त रख दी। 2021 में गोरखपुर और लखनऊ में उसने मुलाकात की। 2023 में वह हैदराबाद पहुंच गई और आत्महत्या की धमकी देकर शादी के लिए मजबूर कर दिया। मार्च 2025 में दोनों ने मंदिर में शादी की। कोर्ट में शादी को रजिस्टर भी कराया। आरोप है कि शादी के दो महीने बाद लड़की चार लाख रुपए नकद और जेवर लेकर फरार हो गई। लड़के का कहना है कि शादी के बाद भी वह किसी अन्य युवक से फोन पर बात करती रहती थी। उसने 40 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए। बाद में पता चला कि वह युवक उसका दूसरा पति था। यह जानकर युवक हैरान रह गया कि उसके साथ लड़की ने तीसरी शादी की है। लड़के के अनुसार लड़की देवरिया की ही रहने वाली है और वह फरार होकर यहीं आई है। आंध्र का ये युवक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता है। उसने देवरिया में एडिशनल एसपी से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। बाद में महिला थाना पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। लड़के का कहना है कि उसके साथ धोखा करने वाली लड़की का यही धंधा है। वह सोशल मीडिया पर लोगों को फंसाती, उनसे शादी करती और फिर ब्लैकमेलिंग कर रुपए ऐंठती है। उसने देवरिया पुलिस से लड़की को ढूंढकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

तिहाड़ जेल का नया नियम: खतरनाक कैदियों को मोबाइल देने की तैयारी, सुरक्षा के बीच क्या है वजह?

नई दिल्ली  दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैदियों से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।आमतौर पर सख्त नियमों और पाबंदियों के लिए जानी जाने वाली तिहाड़ जेल में प्रशासन अब अच्छे आचरण वाले कैदियों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति देने की तैयारी कर रहा है। इसे जेल सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ओपन जेल में रह रहे कैदियों को इस फेसिलिटी से परिवार और कामकाज से जुड़े रहने में मदद मिलेगी। हालांकि यह सुविधा पूरी तरह नियमों और देखरेख के दायरे में दी जाएगी। इसके लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जा रही है। जेल अधिकारियों का कहना है कि इससे कैदियों को दोबारा समाज में घुलने-मिलने में मदद मिलेगी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद लिया गया फैसला इस बदलाव की शुरुआत दिल्ली हाईकोर्ट के अक्टूबर में दिए हुए निर्देश देने के बाद हुई। कोर्ट ने जेल प्रशासन को ओपन जेल के कैदियों के लिए मोबाइल एक्सेस की संभावनाओं पर सोचने को कहा गया था। अदालत का कहना था कि सेफ्टी के साथ समझौता किए बिना कैदियों के पुनर्वास की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम हो सकता है। यह मोबाइल उन कैदियों को देने का बात की जा रही है, जिनको 20 साल से ज्यादा या आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है और जेल में उनका आचरण सही हो गया है।   ओपन जेल क्या होती है? ओपन जेल की फेसिलिटी को सुधार की एक खास व्यवस्था मानी जाती है। यहां पर उन्हीं कैदियों को रखा जाता है, जिनका आचरण अच्छा होता है और जिन्हें समाज के लिए ज्यादा खतरा नहीं माना जाता है। ओपन जेल में रहने वाले लोग दिन के समय काम करने के लिए बाहर जाते हैं और शाम को निर्धारित समय तक वापस आ जाते हैं। तिहाड़ की ओपन जेल को साल 2026 में दस साल होने वाले हैं। अभी यहां सिर्फ 3 कैदी रह रहे हैं, जबकि यहां पर 25 से 30 कैदियों के रहने की व्यवस्था है। इस तरह की जेल का मकसद कैदियों को सजा के साथ धीरे-धीरे बाहर की नॉर्मल जिंदगी के लिए तैयार करना होता है। पहले यहां जेसिका लाल हत्याकांड के दोषी मनु शर्मा और अपनी पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पूर्व कांग्रेस नेता सुशील शर्मा जैसे कैदी भी रह चुके हैं। मोबाइल इस्तेमाल को लेकर क्या होंगे नियम? जेल अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन की अनुमति सख्त नियमों के साथ दी जाएगी। इसके लिए तिहाड़ जेल का लीगल सेल एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार कर रहा है, जो तैयार होने वाला है और अब अंतिम चरण में है। अधिकारियों के अनुसार कैदी सिर्फ उन्हीं मोबाइल नंबरों पर बात कर सकेंगे, जो पहले से जेल प्रशासन के पास रजिस्टर हैं और वेरिफाई किया हुए हैं। इसके अलावा मोबाइल इस्तेमाल करने की लिमिट भी तय रहेगी। सुबह काम पर निकलते समय उन्हें फोन दिया जाएगा और शाम को वापस आते ही फोन अधिकारियों को जमा कराना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाएगा कि इस सुविधा का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा।

iPhone Fold का नया डिज़ाइन: लंबाई कम, चौड़ाई ज्यादा, और iPad Mini जैसा स्क्रीन

नई दिल्ली ऐपल के फोल्ड होने वाले iPhone की डिटेल्स सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि फोल्डेबल आईफोन लंबा नहीं बल्कि चौड़ा होगा। फिलहाल ज्यादातर फोल्डिंग स्मार्टफोन लंबे आते हैं। वहीं फोल्डेबल आईफोन चौड़ा ज्यादा होगा। इसके अलावा यह खुलने पर कुछ-कुछ iPad Mini जैसा लगेगा और पतलेपन में iPhone Air को भी मात दे सकता है। बहुत जल्द ऐपल का फोल्डेबल आईफोन आने वाला है और इसे लेकर अब नई-नई जानकारी रोज सामने आने लगी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक,(REF.) ऐपल का यह फोल्डेबल फोन मौजूदा फोल्डेबल स्मार्टफोन्स से बिल्कुल अलग सोच के साथ आ सकता है। हालांकि इस जानकारी को पूरी तरह पक्का नहीं माना जा सकता, फिर भी जो डिजाइन सामने आया है वह काफी दिलचस्प और लॉजिक से भरपूर है। अगर फोल्डेबल आईफोन को लेकर सामने आई जानकारी सही साबित होती है, तो ऐपल फोल्डेबल स्मार्टफोन्स की दुनिया में एक नया ट्रेंड सेट कर सकता है। कैसा हो सकता है ऐपल फोल्डेबल फोन का डिजाइन फोल्ड होने वाले आईफोन के लीक हुए कुछ स्केच के अनुसार, ऐपल का फोल्डेबल आईफोन फोल्ड होने पर लंबाई में छोटा लेकिन चौड़ाई में ज्यादा होगा। इसका साइज 120.6mm लंबा और 83.8mm चौड़ा बताया गया है। हालांकि इसकी मोटाई सिर्फ 9.6mm हो सकती है। गौर करने वाली बात है कि यह डिजाइन मौजूदा बुक-स्टाइल फोल्डेबल फोन से अलग है, जो आमतौर पर काफी लंबे होते हैं। यह फोन OPPO Find N जैसे कॉम्पैक्ट फोल्डेबल की याद दिलाता है, लेकिन इसे Oppo के उस फोन से भी ज्यादा चौड़ा बताया जा रहा है। इस फोल्डेबल आईफोन की बाहर की स्क्रीन 5.5 इंच के आसपास हो सकती है, जिसका रेजोल्यूशन 2088 x 1422 पिक्सल बताया गया है। खुलने पर iPad Mini जैसा दिख सकता है फोल्‍डेबल आईफोन की सामने आई डिटेल्स के मुताबिक यह फोन खुलने के बाद एक iPad Mini जैसा दिख सकता है। लीक के मुताबिक, अनफोल्ड होने पर इसका स्क्रीन साइज करीब 7.76 इंच तक हो सकता है। इनर डिस्प्ले का रेजोल्यूशन 2713 x 1920 पिक्सल का बताया जा रहा है। खास बात यह है कि खुलने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.8mm हो सकती है, जो इसे बेहद पतला और प्रीमियम फील देगा। यह साइज वीडियो देखने, गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए काफी बेहतर माना जा रहा है। क्यों ज्यादा बेहतर है ये डिजाइन ऐपल अगर अपना फोल्ड होने वाला आईफोन इस डिजाइन के साथ लाता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह टीवी रिमोट की तरह ज्यादा लंबा नहीं लगेगा। वहीं अनफोल्ड होने पर इसका लैंडस्केप ओरिएंटेशन वीडियो देखने और कंटेंट कंजम्पशन के लिए शानदार होगा। इस फोन को वर्टिकली पकड़ने पर यह एक बड़े रेगुलर फोन जैसा फील देगा। पीछे की तरफ से इसका कैमरा डिजाइन Google Pixel Fold जैसा हो सकता है। माना जा रहा है कि यह “iPhone Fold” अगले साल पेश किया जा सकता है, हालांकि इसकी बिक्री 2027 तक टल भी सकती है।

Weather Update: Western Disturbance के असर से 7 दिन तक शीतलहर, इन राज्यों में कंपकंपाती ठंड

नई दिल्ली देश के विभिन्न हिस्सों में ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ राज्यों में लोग अब सुबह और रात के समय ही ठंड का अनुभव कर रहे हैं, जबकि कुछ राज्यों में कड़ाके की सर्दी ने लोगों को कंपकंपी में डाल दिया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दिनों एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिससे इस बार सर्दी अपने चरम पर पहुंच सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के लिए कई राज्यों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम भारत उत्तर-पश्चिमी राज्यों में ठंड की मार अगले हफ्ते और तेज होने वाली है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में शीतलहर के कारण ठंड का प्रकोप रहेगा। इसके अलावा, सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी ठंड और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी और मध्य भारत मध्य और पूर्वी राज्यों में भी अगले सात दिनों में ठंड बढ़ने वाली है। मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर से ठिठुरन बढ़ेगी। मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। पश्चिमी भारत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से महाराष्ट्र के मध्य जिलों में भी अगले सप्ताह शीतलहर के असर की संभावना है। इससे वहां के तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ेगी। दक्षिण भारत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी ठंड के बढ़ने का अनुमान है। कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक इलाकों और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में शीतलहर के कारण लोगों को ठंड का अनुभव अधिक होगा। उत्तरी-पूर्वी भारत उत्तरी-पूर्वी राज्यों में सुबह के समय घना कोहरा और ठंड का प्रभाव देखा जाएगा। मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सात दिन कई राज्यों में सर्दी के चरम अनुभव के संकेत दे रहे हैं, इसलिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।  

इंदौरवासियों के लिए खुशखबरी: मेट्रो की अंडरग्राउंड बाधा खत्म, रेडिसन तक सफर तय

इंदौर वर्ष 2025 में इंदौर को प्रदेश की पहली मेट्रो चली और हजारों शहरवासियों ने मेट्रो में सफर का आनंद भी लिया। सुपर प्रायोरिटी कारिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाने के पूर्व वर्ष के शुरुआत में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने निरीक्षण कर इंदौर के मेट्रो ट्रेक को सुरक्षित बताया। इसके बाद मई माह में इस सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो की शुरुआत हुई। मेट्रो की शुरुआत में लोगों को निशुल्क सफर का ऑफर दिया गया। इसका लाभ भी शहरवासियों ने बढ़ चढ़कर लिया। निशुल्क व रियायती दरों पर टिकट के साथ इंदौरवासियों ने अपने परिवार व मित्रों के साथ शहर की पहली मेट्रो में बैठकर सफर किया। मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी यह वर्ष मेट्रो के लिए चुनौती थी कि बंगाली व खजराना के बीच मेट्रो अंडर ग्राउंड होगी या नहीं। वर्ष के समाप्त होते-होते दिसंबर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि इस हिस्से में मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाएगा और इस कार्य पर 865 करोड़ का जो खर्च आएगा उसे राज्य शासन वहन करेगी। इस तरह इस वर्ष मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी। मेट्रो प्रोजेक्ट में वर्ष 2026 का शहरवासियों के लिए उम्मीद भरा होने वाला है। मार्च तक शहरवासी सुपर कारिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो में बैठ सफर का लुत्फ ले पाएंगे। अंडरग्राउंड मेट्रो के निर्माण के लिए एजेंसी हुई तय इंदौर में 31.32 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो की रिंग तैयार होना है। पूर्व में इसमें से 22.62 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड था और 8.7 किमी हिस्सा अंडर ग्राउंड था। अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण के लिए इस वर्ष फरवरी माह में हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लि., टाटा प्रोजेक्ट लि. के संयुक्त उपक्रम को 2190.91 करोड़ में निर्माण को ठेका मिला। गौरतलब है कि अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण हिस्से में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा 1600 करोड़ का लोन दिया जा रहा है। फिलहाल निर्माण एजेंसी ने एयरपोर्ट, रानी सराय सहित मेट्रो के अन्य प्रस्तावित सात अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए सर्वे कार्य शुरु कर दिया है। अंडरग्राउंड हिस्से में छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन को लेकर इस क्षेत्र रहवासियों ने विरोध भी किया। मंत्री विजयवर्गीय ने एक दीपावली मिलन समारोह के कार्यक्रम में कहा कि यह स्टेशन नहीं बनेगा लेकिन बाद में अधिकारियों ने कहा कि छोटा गणपति पर नेटम तकनीक से जमीन के नीचे ब्लास्टिंग कर सुरंग तैयार की जाएगी। इससे जमीन के ऊपर की इमारतों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। वही मेट्रो के अंडरग्राउंड मुद्दे पर हाई कोर्ट में एक सुनवाई भी जारी है। इंदौर से उज्जैन व पीथमपुर तक मेट्रो चलाने का रास्ता हुआ साफ इस वर्ष इंदौर से उज्जैन व इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो चलाने की योजना पर भी राज्य सरकार ने मुहर लगाई। दिल्ली मेट्रो रेल कापोर्ररेशन ने इसकी डीपीआर भी तैयार कर ली है। नए साल में मेट्रो के अधिकारियों के समक्ष और केबिनेट के सामने इस प्रोजेक्ट को रखा जाएगा। इन कमियों ने भी मेट्रो निर्माण कार्य पर उठाया सवाल     एक्सपेंशन ज्वाइंट हुए चोरी: मेट्रो के सात किलोमीटर हिस्से एल-की से 71 स्थानों तांबे के एक्सपेंशन ज्वाइंट चोरी होने के मामला मार्च में सामाने आया और निर्माण एजेंसी ने पुलिस थाने में चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई। निर्माण कार्य के दौरान ही सुरक्षा पर सवाल उठे।     स्टेशन पर गिरी फाल सीलिंग: मई में सुपर कारिडोर पर मेट्रो के शुभारंभ के पहले जब मेट्रो के एमडी निरीक्षण के लिए इंदौर आए थे। उसी दौरान एक स्टेशन पर फाल सीलिंग गिरने की घटना हुई। जांच कमेटी बनी और पांच स्टेशनों पर उसे खामियां भी मिली। शुभारंभ के ठीक पहले बदले मेट्रो स्टेशन के नाम: मेट्रो के शुभारंभ के ठीक एक दिन पहले स्थानीय नेताओं सुपर कारिडोर के पांचो स्टेशन के वीरांगनाओं के नाम पर करने निर्देश दिए और अफसरों को भागते दौड़ते स्टेशन के नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करना पड़ी। नहीं शुरु हो पाया बार कोड स्कैन टिकटिंग सिस्टम: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मिसाइल व ड्रोन में तकनीकी सहयोग देने वाली तुर्किये की कंपनी से जुड़ी कंपनी को इंदौर मेट्रो को बार कोड स्कैनर का जुड़ाव पाने पर कंपनी का ठेका कैंसिल किया गया। इसके स्थान पर मेट्रो में मैन्युअल टिकटिंग की व्यवस्था को लागू किया गया।

कैसे भारत बनेगा AI का केंद्र: 2030 तक लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को बताया कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में स्किल्स के मामले में दुनिया के सबसे अच्छे देशों में शामिल है। उन्होंने स्टैनफोर्ड AI इंडेक्स रिपोर्ट 2025 का हवाला देते हुए कहा कि भारत AI प्रतिभा को अपनी ओर खींचने में पूरी दुनिया में पहले नंबर पर है। हर साल भारत में AI से जुड़ी नौकरियों में करीब 33% की बढ़ोतरी हो रही है। साल 2016 से अब तक भारत में AI प्रतिभा की संख्या तीन गुना से ज्यादा हो गई है। सरकार का मानना है कि AI से भारत मजबूत बनेगा और हर क्षेत्र में फायदा होगा। सरकार की एआई को लेकर प्लानिंग ANI की रिपोर्ट (Ref.) के मुताबिक, मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत सरकार इस बात को अच्छी तरह समझती है कि जैसे-जैसे अलग-अलग क्षेत्र में AI का इस्तेमाल होगा, वैसे-वैसे अधिक स्किल वाले लोगों की जरूरत होगी। सरकार अपनी AI योजनाओं को इसी दिशा में बना रही है। दुनिया भर की रिपोर्ट्स भी भारत के AI कर्मचारियों की तारीफ कर रही हैं। 2027 तक दोगुना होगा एआई टैलेंट बेस अनुमान है कि भारत में AI का टैलेंट बेस 2027 तक दोगुने से ज्यादा हो जाएगा। हर साल करीब 15 प्रतिशत की दर से यह बढ़ोतरी होगी। भारत के AI एक्सपर्ट्स की बढ़ती संख्या का असर दुनिया भर में दिख रहा है। गिटहब पर AI प्रोजेक्ट्स में भारत का योगदान 2024 में दूसरा सबसे बड़ा था, जो कुल प्रोजेक्ट्स का 19.9 प्रतिशत था। इससे साफ पता चलता है कि भारत के AI डेवलपर्स कितने मजबूत हैं। भारत का IndiaAI मिशन मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये आंकड़े भारत सरकार के बड़े स्तर पर AI कौशल, रिसर्च और नवाचार पर ध्यान देने का नतीजा हैं। IndiaAI मिशन के तहत सरकार कई बड़े कदम उठा रही है। इसमें 500 पीएचडी विद्वानों, 5,000 पोस्टग्रेजुएट और 8,000 ग्रेजुएट छात्रों को AI से जुड़े काम के लिए मदद दी जा रही है। छोटे शहरों में 27 IndiaAI डेटा और AI लैब्स बनाए गए हैं, जहां डेटा तैयार करने करने जैसे कोर्स चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 174 आईटीआई और पॉलिटेक्निक में भी ऐसे लैब्स बनाए जा रहे हैं। ये सब काम दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में हो रहा है ताकि हर जगह के युवाओं को मौका मिले। 2030 तक 1 करोड़ लोग एआई से जुड़े का करेंगे सरकार नासकॉम के साथ मिलकर युवाओं को AI, बिग डेटा और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी नई स्किल्स की ट्रेनिंग दे रही है। ये कोर्स राष्ट्रीय कौशल मानकों से जुड़े हैं। प्लेटफॉर्म पर 500 से ज्यादा कोर्स हैं। अब तक 16 लाख से ज्यादा लोग इन कोर्स में नामांकन कर चुके हैं या ट्रेनिंग ले चुके हैं। इसके अलावा एक फ्री नेशनल कोर्स 'युवा AI फॉर ऑल' शुरू किया गया है, जो हर किसी को AI की बेसिक जानकारी देता है। नासकॉम की रिपोर्ट कहती है कि भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कौशल वाला टैलेंट पूल है। साल 2030 तक भारत 80 से 100 लाख लोगों को AI से जुड़े कामों के लिए तैयार कर सकता है।

सर्दी में लापरवाही पड़ सकती है भारी—रूम हीटर से आग का खतरा, BIS ने बताए सेफ्टी नियम

नई दिल्ली सर्दियों में रूम हीटर की जरूरत हर किसी को पड़ती है। रूम हीटर खरीदते समय लोगों को कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आप अपने कमरे के लिए नया रूम हीटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो बजट के साथ-साथ सुरक्षा फीचर्स पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है। भारत सरकार के ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने हीटरों को सुरक्षित बनाने के लिए कई कड़े नियम बनाए हैं, क्योंकि अक्सर सर्दियों के सीजन में हीटर के कारण बहुत हादसे होते हैं। कभी कमरे में आग लगना तो कहीं करंट लगने से जान जाने जैसे मामले सामने आते रहते हैं। BIS यह सुनिश्चित करता है कि हीटर घर में इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हों। ISI मार्क वाले सभी हीटरों पर कई टेस्ट किए जाते हैं ताकि वह लोगों के लिए नुकसानदायक ना हों। हीटर खरीदते समय सुरक्षा फीचर्स को जरूर जांच लेना चाहिए। आइये, BIS द्वारा बताए गए सुरक्षा फीचर्स के बारे में जानते हैं। सबसे पहले ISI सर्टिफिकेशन देखें आपकी जानकारी के लिए बता दें कि BIS के अनुसार, हीटर खरीदते समय सबसे पहले ISI सर्टिफिकेशन का मार्क देखें। यह मार्क बताता है कि हीटर को बिजली और मैकेनिकल सुरक्षा के कई टेस्ट से गुजारा गया है। इस मार्क से पता चलता है कि सुरक्षा के नजरिए से हीटर एकदम सही है। इन टेस्ट में अर्थ कंटिन्यूटी, इलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ और लाइव पार्ट्स तक पहुंच शामिल हैं। टेस्ट का मकसद बिजली के झटके और अंदरूनी पुर्जों के खराब होने के खतरे को कम करना है। ऑटोमेटिक कट-ऑफ प्रोटेक्शन है बहुत काम का सरकार का कहना यह भी है कि हीटरों में ऑटोमेटिक कट-ऑफ प्रोटेक्शन होना बहुत जरूरी है। इसका मतलब है कि अगर हीटर ज्यादा गर्म हो जाता है या गलती से गिर जाता है, तो वह अपने आप बंद हो जाएगा। इससे आग लगने का खतरा काफी कम हो जाता है। इस कारण हीटर खरीदते समय ऑटोमेटिक कट-ऑफ प्रोटेक्शन फीचर पर जरूर ध्यान दें। कमरे के आकार के अनुसार ही हीटर खरीदें अगर आपको नहीं पता तो बता दें कि हीटर की पावर इनपुट और वॉट की सटीकता के लिए भी सर्टिफिकेशन जांच होती है। BIS की चेतावनी है कि कमरे के आकार के हिसाब से गलत वॉट का हीटर चुनने से वह ज्यादा गर्म हो सकता है और बिजली की खपत भी बढ़ सकती है। इससे आग लगने का खतरा भी रहता है। बिना ब्रैंड वाला हीटर खरीदने से हो सकती है मुश्किल सर्टिफाइड हीटरों में सही अर्थिंग की व्यवस्था होती है। साथ ही, उनमें अच्छी क्वालिटी का इंसुलेशन होता है। इससे शॉर्ट सर्किट का खतरा नहीं रहता। BIS की चेतावनी में बताया है कि आपकी छोटी सी गलती जैसे बिना सर्टिफिकेशन वाला हीटर खरीदना, आपके घर को खतरे में डाल सकती है। खरीदारों से आग्रह किया जाता है कि वे बिना ब्रांड वाले हीटरों से बचें। इस्तेमाल से पहले कॉर्ड की जांच करें। इन सुरक्षा फीचर्स को जांचकर, उपभोक्ता बिजली से जुड़े खतरों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

क्या Rum सच में सर्दी में राहत देती है? जानिए कैंसर सर्जन की एक्सपर्ट राय

ठंड का मौसम आते ही कई लोग यह मानने लगते हैं कि रम पीने से शरीर में गर्मी आती है और सर्दी-खांसी या दर्द में आराम मिलता है। इसी वजह से इंटरनेट पर भी लोग अक्सर यह सर्च करते हैं कि क्या रम पीना फायदेमंद है या सर्दी-जुकाम में कौन-सी शराब बेहतर रहती है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस सोच को पूरी तरह गलत बताते हैं। एक कैंसर सर्जन के अनुसार, रम या किसी भी तरह की शराब को दवा मानना एक बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि अगर रम दवा होती, तो उसकी बोतल पर साफ-साफ यह चेतावनी नहीं लिखी होती कि शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। रम से कुछ लोगों को जो राहत महसूस होती है, वह अस्थायी होती है और इसका बीमारी ठीक होने से कोई सीधा संबंध नहीं है। डॉ. बताते हैं कि अल्कोहल पीने से शरीर में तुरंत एक अलग तरह की फीलिंग आती है और मूड में बदलाव होता है। इसी वजह से व्यक्ति को थोड़ी देर के लिए सर्दी-खांसी या दर्द से राहत जैसा एहसास हो सकता है। लेकिन असल में शराब शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाती है। इसके सेवन से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, क्योंकि अल्कोहल शरीर से पानी खींच लेता है। साथ ही, इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि रम जैसी शराब में अल्कोहल की मात्रा ज्यादा होती है और कई शोधों में यह साबित हो चुका है कि शराब पीने से कैंसर का खतरा बढ़ता है। चाहे रम हो या कोई दूसरी शराब, इससे स्वास्थ्य को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान ही होता है। लंबे समय तक शराब का सेवन लिवर, किडनी और अन्य अंगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। डॉ. का कहना है कि वह पिछले 20 वर्षों से कैंसर मरीजों का इलाज कर रहे हैं और उनके अनुभव में शराब या सिगरेट कभी भी दवा नहीं हो सकती। यह केवल एक भ्रम है कि शराब पीने से बीमारी ठीक हो जाती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे शराब को दवा समझने की गलती न करें और सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं के लिए सही मेडिकल सलाह और उपचार अपनाएं।