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अक्षय कुमार का खतरनाक अवतार लीक? ‘हैवान’ की तस्वीर ने मचाया सोशल मीडिया पर तहलका

मुंबई बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार एक बार फिर अपने ट्रांसफॉर्मेशन से सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है निर्देशक प्रियदर्शन की अपकमिंग थ्रिलर फिल्म 'हैवान', जिसमें अक्षय कुमार और सैफ अली खान पहली बार इस अंदाज में आमने-सामने नजर आने वाले हैं। हाल ही में फिल्म से अक्षय कुमार का एक लीक लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने फैंस के बीच जबरदस्त हलचल मचा दी है। हल्के-फुल्के कॉमेडी से बिल्कुल अलग अंदाज प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी को दर्शक अब तक कॉमेडी फिल्मों के लिए जानते आए हैं। 'हेरा फेरी', 'गरम मसाला' और 'भागम भाग' जैसी फिल्मों ने इस जोड़ी को यादगार बना दिया। लेकिन हैवान में दोनों का रिश्ता पूरी तरह बदलता दिख रहा है। इस फिल्म में अक्षय न तो हंसी का तड़का लगाते नजर आएंगे और न ही हल्के-फुल्के अंदाज में दिखेंगे, बल्कि वह एक गंभीर, रहस्यमयी और खौफ पैदा करने वाले किरदार में नजर आने वाले हैं। लीक लुक ने मचाया सोशल मीडिया पर तूफान सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर में अक्षय कुमार का लुक बेहद रफ और इंटेंस दिखाई दे रहा है। घनी दाढ़ी-मूंछ, आधी बंधी हुई पोनीटेल, लेदर जैकेट- ये सब मिलकर उनके किरदार को डरावना और प्रभावशाली बनाता है। फैंस का मानना है कि यह लुक किसी आम किरदार का नहीं, बल्कि एक ऐसा शख्स है जिसके इरादे समझ पाना आसान नहीं होगा। तस्वीर सामने आने के बाद कमेंट सेक्शन में फैंस की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। 'हैवान' में क्यों खास है अक्षय का रोल खबरों के मुताबिक हैवान एक एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जिसमें कहानी सस्पेंस और मनोवैज्ञानिक टकराव के इर्द-गिर्द घूमती है। बताया जा रहा है कि फिल्म 2016 की एक चर्चित साउथ फिल्म से प्रेरित है, जिसे हिंदी दर्शकों के हिसाब से नए अंदाज में पेश किया जाएगा। इस बार अक्षय कुमार को नकारात्मक या ग्रे शेड वाले किरदार में देखा जा सकता है, जो उनके फैंस के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है। सैफ अली खान के साथ दमदार टक्कर फिल्म में सैफ अली खान भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। सैफ पहले ही ओमकारा, लाल कप्तान और विक्रम वेधा जैसी फिल्मों में अपने गंभीर अभिनय से तारीफें बटोर चुके हैं। ऐसे में अक्षय और सैफ के बीच ऑन-स्क्रीन टकराव फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। 2026 में रिलीज होगी फिल्म? 'हैवान' को बड़े पैमाने पर तैयार किया जा रहा है और यह 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में समुथिरकानी, सैयामी खेर, श्रेया पिलगांवकर, असरानी और अन्य कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिलहाल लीक लुक ने ही फिल्म को जबरदस्त चर्चा में ला दिया है। इतना तय है कि हैवान में अक्षय कुमार का यह नया अवतार दर्शकों के लिए कुछ अलग, डरावना और यादगार साबित हो सकता है।

टेस्ट क्रिकेट के 148 सालों में पहली दफा हुआ ऐसा कारनामा, कॉनवे–लैथम की साझेदारी ने बदली रिकॉर्ड बुक

नई दिल्ली  न्यूजीलैंड वर्सेस वेस्टइंडीज तीसरा टेस्ट माउंट माउंगानुई के बे ओवल मैदान पर खेला जा रहा है। इस मैच में न्यूजीलैंड की सलामी जोड़ी -डेवोन कॉनवे और टॉम लाथम- ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की जो टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के इतिहास में इससे पहले कोई नहीं कर पाया। न्यूजीलैंड ने तीसरा टेस्ट जीतने के लिए वेस्टइंडीज के सामने 462 रनों का टारगेट रखा है। चौथे दिन के अंत तक वेस्टइंडीज ने बिना विकेट खोए 43 रन बना लिए हैं। जिस तरह यह विकेट खेल रही है, उसे देखकर उम्मीद लगाई जा सकती है कि वेस्टइंडीज आखिरी दिन 419 रनों का पीछा करने जरूर जाएगी। बता दें, तीन मैच की इस सीरीज में न्यूजीलैंड 1-0 से आगे है। पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था।   टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे की जोड़ी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली पारी में शतक जड़ते हुए क्रमश: 137 और 227 रनों की शानदार पारियां खेली थी। इनके दम पर ही न्यूजीलैंड 575 के स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रहा था। वेस्टइंडीज को 420 रनों पर समेट जब न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी में बैटिंग करने उतरा तो फिर टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे ने शतक जड़ दिए। इस बार लैथम ने 101 तो कॉनवे ने 100 रन बनाए। इसी के साथ 148 साल के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में डेवोन कॉनवे और टॉम लैथम की जोड़ी एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाली पहली ओपनिंग जोड़ी बन गई है। डेवोन कॉनवे ने इसी के साथ न्यूजीलैंड के लिए एक और इतिहास रचा। वह न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिसने एक टेस्ट में दोहरा शतक और शतक जड़ा हो। यह टेस्ट मैच सही में न्यूजीलैंड के लिए ऐतिहासिक रहा है। आखिरी दिन उन्हें सीरीज अपने नाम करने के लिए 419 रनों को डिफेंड करना होगा।  

सांस लेना हुआ मुश्किल: जहरीली हवा का कहर जारी, फिलहाल राहत नहीं

नई दिल्ली राजधानी में स्थानीय कारकों के चलते प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में हवा की गति धीमी होने के चलते लगातार छठे दिन भी हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, रविवार सुबह राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 393 दर्ज किया गया है। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इससे पहले शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 398 दर्ज किया गया। रविवार को यानी आज हवा के गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सुबह आठ बजे के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली के अलीपुर में एक्यूआई 375, आनंद विहार में एक्यूआई 426, अशोक विहार में 425, आया नगर में 309, बवाना में 439, बुराड़ी में 378, चांदनी चौक इलाके में 448 एक्यूआई दर्ज किया गया है। वहीं, डीटीयू में 433, द्वारका सेक्टर 8 इलाके में 408, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 इलाके में 332, आईटीओ में 393, जहांगीरपुरी में 438, लोधी रोड 357, मुंडका 433, नजफगढ़ में 371, पंजाबी बाग में 420,  आरकेपुरम 394, रोहिणी 433, सोनिया विहार 410, विवेक विहार 413,  वजीरपुर में 443 दर्ज किया गया है। बीते आठ साल में सबसे प्रदूषित रहा दिसंबर दिल्ली में दिसंबर की ठंड के साथ इस बार जहरीली हवा ने भी लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि राजधानी में सांस लेना भी चुनौती जैसा महसूस हो रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि दिसंबर की शुरुआत से ही दिल्ली की हवा लगातार खराब बनी हुई है और पहले 18 दिनों में ही इसने बीते आठ साल की सबसे खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दर्ज किया। महीने की शुरुआत से ही हालात ऐसे रहे कि ज्यादातर दिनों में हवा बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में बनी रही। दिसंबर के पहले आठ दिनों तक लगातार एक्यूआई 300 से ऊपर रहा जिससे पूरे महीने का औसत एक्यूआई करीब 343 तक पहुंच गया। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 14 दिसंबर को एक्यूआई 461 दर्ज किया गया, जो बीते आठ वर्षों में दिसंबर महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। हवा के बिगड़ते हालात को देखते हुए 13 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) का सबसे सख्त चरण, यानी स्टेज-चार लागू करना पड़ा।

वीजा संकट: भारत में H-1B अपॉइंटमेंट कैंसिल, प्रोसेस में लगेंगे कई महीने

नई दिल्ली भारत में बड़े पैमाने पर पहले से शेड्यूल एच-1बी वीजा अपॉइंटमेंट्स रद्द की गई हैं। इसके चलते अमेरिका जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जो अपॉइंटमेंट रद्द की गई हैं, वे पहले दिसंबर में तय थीं, लेकिन अब उन्हें कई महीनों बाद के लिए शेड्यूल किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सरकार के सख्त नियमों और सोशल मीडिया की निगरानी के लिए ये अपॉइंटमेंट्स रद्द किए गए हैं। दूतावास ने जारी किया बयान जिन आवेदकों की वीजा अपॉइंटमेंट्स 15 दिसंबर के बाद तय थी, वे नए निर्देश से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और इनमें से कुछ इंटरव्यू अब अक्तूबर 2026 के लिए शेड्यूल कर दिए गए हैं। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने वीजा आवेदकों से अपील की है कि वे अपने पहले से तय इंटरव्यू तारीख के लिए काउंसलर ऑफिस न आएं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी दूतावास ने लिखा, 'अगर आपको एक ईमेल मिला है, जिसमें बताया गया है कि आपकी वीजा अपॉइंटमेंट री-शेड्यूल कर दी गई है और आपको नई तारीख दी गई है तो अगर आप फिर भी पुराने शेड्यूल पर इंटरव्यू के लिए आते हैं तो आपको दूतावास में एंट्री नहीं मिलेगी।' कंपनियों और नियोक्ताओं के लिए बढ़ी चुनौती अमेरिका की ट्रंप सरकार ने वीजा नियमों में सख्ती बढ़ाई है, जिसके चलते वीजा प्रक्रिया में लंबा समय लग रहा है। इसके चलते वे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जो इंटरव्यू के लिए भारत में हैं। अब नया वीजा जारी होने तक वे वापस अमेरिका अपनी नौकरी पर नहीं जा पाएंगे। एच-1बी वीजा कैटेगरी के अलावा कई अन्य कैटेगरी के वीजा आवेदन भी अटक गए हैं। अमेरिका के अप्रवासन संबंधी वकील ने एच-1बी वीजा के अपॉइंटमेंट बड़े पैमाने पर रद्द करने के अमेरिकी सरकार के फैसले की आलोचना की है और कहा है कि इससे अमेरिका में कंपनियों और नियोक्ताओं के लिए चुनौतियां बढ़ेंगी।

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में खूनी वारदात, राहगीरों पर अंधाधुंध गोलीबारी; 10 लोगों की जान गई

जोहान्सबर्ग दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग के पास हुई गोलीबारी की घटना में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 10 अन्य घायल होने की खबर है। इनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। एएफपी ने पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी है। एजेंसी ने बताया कि एक अज्ञात बंदूकधारी ने जोहान्सबर्ग के पास एक गांव में गोलीबारी की। पुलिस के अनुसार हमलावर के मकसद का अभी भी पता नहीं चला है। पुलिस ने कहा कि गोलीबारी की यह घटना जोहान्सबर्ग से 40 किलोमीटर की दूरी पर हुई। पुलिस ने बताया कि हमलावर ने अचानक रास्ते में आने-जाने वालों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में वहां चीख-पुकार मच गई। 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कम से कम 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी की घटना शराबखाने के पास हुई। यहां आसपास सोने की खदाने हैं और बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि उस इलाके में अवैध शराब का धंधा होता है। गोतेंग के कार्यवाहक पुलिस कमिश्नर ने बताया कि लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। मौके पर अपराध और खुफिया विभाग की टीमें भी पहुंची हैं। दक्षिण अफ्रीका में आम हो गई गोलीबारी दक्षिण अफ्रीका में हाल ही में गोलीबारी की कई घटनाएं सामने आई हैं। 6 दिसंबर को कुछ बंदूकधारियों ने एक हॉस्टल पर हमला कर दिया था। इसमें कम से कम 12 लोग मारे गए थे। दक्षिण अफ्रीका में शराब का अवैध कारोबार भी चरम पर है।  

पठानकोट बॉर्डर से घुसपैठ की फिराक में पाक आतंकी, नए साल पर सैन्य ठिकानों पर हमले का प्लान

पठानकोट पाकिस्तान एक बार फिर नए साल पर पंजाब में दहशत फैलाने की योजना बना रहा है। उसने पंजाब के रास्ते घुसपैठ कराने के लिए आतंकियों को तैयार कर लिया है और उनकी मदद के लिए सीमा क्षेत्र के अपने स्लीपर सैल एक्टिवेट कर दिए हैं। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर पंजाब पुलिस ने गंदला लाहड़ी क्षेत्र से आतंकियों के संदिग्ध मददगार बिल्लू गुज्जर को हिरासत में लिया है। दूसरा व्यक्ति नजाकत हुसैन फिलहाल लापता है। उसकी तलाश की जा रही है। एसएसपी दलजिंदर सिंह ने बताया कि बिल्लू को संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। फिलहाल अन्य आरोपों के संबंध में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन एक बार फिर पठानकोट में बड़ा हमला करने की साजिश रच रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के मुताबिक कुछ आतंकी जम्मू कश्मीर और पठानकोट में घुसपैठ करने की फिराक में हैं। साजिश का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी नागरिक मुजफ्फर अहमद इन आतंकियों का उद्देश्य पठानकोट एयरबेस, रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर हमला करना है। इस साजिश का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी नागरिक मुजफ्फर अहमद हैं, जो पठानकोट में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकी नेटवर्क चला रहे हैं।  एजेंसियों को यह इनपुट भी प्राप्त हुआ है कि यह हमला नए साल की पूर्व संध्या यानी 25-31 दिसंबर के बीच हो सकता है। इन आतंकियों ने संचार के लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल किया है, जिससे उनकी पहचान में मुश्किलें आ रही हैं।   पठानकोट एयरबेस और अन्य स्थानों पर नजर खुफिया एजेंसियों ने दो प्रमुख इनपुट साझा किए हैं। पहली जानकारी में बताया गया था कि 17-18 दिसंबर की रात तीन आतंकी अपने स्थानीय मददगारों बिल्लू गुज्जर और नजाकत हुसैन की मदद से पठानकोट में घुसपैठ करेंगे। इन आतंकियों का उद्देश्य पठानकोट के सैन्य ठिकानों और एयरबेस पर हमला करना है। सुरक्षा बढ़ाते हुए जिला पठानकोट में पुलिस, सेना और विशेष कमांडो की तैनाती की गई है। एक अन्य खुफिया सूचना में सामने आया है कि पठानकोट के एक धर्मशाला में कुछ स्लीपर सैल ठहरे हुए हैं जो इलाके की रेकी कर रहे हैं। सुरक्षा बलों हुए अलर्ट पठानकोट जिले के संवेदनशील क्षेत्रों जैसे डमटाल, ढांगू, भदरोया और मीलवां में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एसएसपी दलजिंदर सिंह ने बताया कि रात के समय सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है और पूरी रात विशेष चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इंटरस्टेट नाकों पर सख्त जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को शहर में प्रवेश न करने दिया जाए।   पठानकोट एयरबेस पर हुआ था हमला पठानकोट में आतंकी घटनाओं का इतिहास भी रहा है। एक जनवरी 2016 को पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में छह आतंकियों ने भारतीय सेना की वर्दी पहनकर एयरबेस की सुरक्षा में सेंध लगाई थी। यह हमला भी नए साल से पहले हुआ था, जो पठानकोट में आतंकी गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाता है। पठानकोट के संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे चौकसी और गश्त बढ़ाई गई है। सुरक्षा बलों ने विशेष निगरानी हेतु अतिरिक्त फोर्स तैनात की है।  

निकाय चुनाव में BJP गठबंधन की बड़ी बढ़त, शिवसेना-NCP संग 200 से ज्यादा सीटों पर आगे

मुंबई महाराष्ट्र की 23 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के साथ-साथ इन स्थानीय निकायों में रिक्त सदस्य के 143 पदों के लिए मतदान शनिवार को संपन्न हुआ। पहले चरण में 263 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। आज सभी 286 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मतों की गिनती हो रही है। शुरुआती रुझानों में राज्य की सत्ता में काबिज महायुति गठबंधन को बढ़त दिख रही है। दोपहर 12:10 बजे के आंकड़े के मुताबिक, नगर परिषद में अकेली भाजपा 99 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा शिवसेना 42 और एनसीपी 31 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है। वहीं, नगर पंचायत में भाजपा 25, शिवसेना 7 और एनसीपी 2 सीटों पर आगे चल रही है। सुबह 11:15 बजे तक के आंकड़े के मुताबिक, नगर परिषद की 246 सीटों में से भाजपा 86, शिवसेना 47 और अजीत पवार की एनसीपी 31 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना यूबीटी सिर्फ 8, एनसीपी (शरद पवार) 12 और कांग्रेस 27 पर बढ़त बनाए हुए। अन्य के खाते में 23 सीटें जाती दिख रही हैं। इसी तरह नगर पंचायत की 42 सीटें में से भाजपा 24, शिवसेना 6 औप एनसीपी 3 सीटें पर आगे चल रही है। शिवसेना (यूबीटी) एक, एनसीपी (एसपी) शून्य और कांग्रेस 4 पर बढ़त बनाए हुए हैं। अन्य के खाते में एक सीट जाती दिख रही है। नगर परिषद की बात करें तो शुरुआती रुझानों में 243 में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 84 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 41 पर बढ़त बनाए हुई हैं। महायुति में शामिल अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को 29 सीटों पर बढ़त है। वहीं, विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) का प्रदर्शन निराशाजनक दिख रहा है। शिवसेना (यूबीटूी) 9, एनसीपी (शरद पवार) 12 और कांग्रेस 14 सीटों पर आगे चल रही है। महाराष्ट्र में 42 नगर पंचायत पर हुए चुनाव के लिए भी गिनती जारी है। इनमें से भी भाजपा गठबंधन का शानदार प्रदर्शन दिख रहा है। भाजपा 23, शिवसेना 5 और एनसीपी 3 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) 1 और कांग्रेस 4 सीटों पर बढ़त बनाए हुई है।

दिल्ली से राजस्थान तक अरावली को लेकर टकराव, आखिर किस बात का है विवाद?

 गुरुग्राम अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा ने दिल्ली से राजस्थान तक विरोध के सुर तेज कर दिए हैं। पर्यावरण कार्यकर्ताओं को डर है कि बदली हुई परिभाषा देश की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक अरावली के इकोलॉजिकल संतुलन को बिगाड़ सकती है। नई परिभाषा के अनुसार केवल उसी भू-आकृति को अरावली पहाड़ियों में शामिल किया जाएगा, जो अपने स्थानीय धरातल से कम से कम 100 मीटर ऊंची हो। अरावली रेंज ऐसी दो या दो से ज्यादा पहाड़ियों का समूह है जो एक-दूसरे से 500 मीटर की दूरी पर हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में शनिवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के सदस्यों और स्थानीय लोगों हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के घर के बाहर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बैनर और तख्तियां लिए हुए थे। वे "अरावली बचाओ, भविष्य बचाओ" और "अरावली नहीं तो जीवन नहीं" जैसे नारे लगा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने नई परिभाषा को मंजूरी देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी गहरी चिंता व्यक्त जताई। अरावली की नई परिभाषा के बारे में क्या कहते हैं एक्टिविस्ट? पीटीआई की एक रिपोर्ट में बताए गए एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, नई परिभाषा से माइनिंग, कंस्ट्रक्शन और कमर्शियल एक्टिविटीज को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे अरावली रेंज की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट होने का खतरा बढ़ जाएगा। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि हमारा मानना ​​है कि यह फैसला इसके इकोलॉजिकल संतुलन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक्टिविस्ट्स का कहना है कि अरावली पर्वत श्रृंखला दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करती है, जो प्रदूषण, रेगिस्तान बनने और पानी के संकट को रोकने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने मांग की कि सरकार अरावली को पूरी तरह से संरक्षित क्षेत्र घोषित करे और एक सख्त और स्पष्ट संरक्षण नीति लागू करे। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "विकास के नाम पर प्रकृति से समझौता नहीं किया जा सकता, क्योंकि अरावली का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा है। हवा में जहर धीरे-धीरे फैलता जा रहा है।'' राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने शनिवार को केंद्र सरकार के अरावली रेंज को फिर से परिभाषित करने के कदम की आलोचना की, जिससे 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों वाले इलाकों में माइनिंग की इजाजत मिल जाएगी। जूली ने चेतावनी दी कि इससे बड़े पैमाने पर इकोलॉजिकल नुकसान होने के साथ ही रेगिस्तान बन सकता है, क्योंकि अरावली रेंज रेगिस्तान बनने से रोकने और ग्राउंडवॉटर लेवल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। जूली ने एएनआई को बताया, "एक तरफ आप 'एक पेड़ मां के नाम' नाम से कैंपेन चला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आप अपने दोस्तों के लिए लाखों पेड़ काट रहे हैं। यह गलत है… अरावली राजस्थान की जीवनरेखा है। यह अरावली ही रेगिस्तान को रोकती है… वैज्ञानिकों ने भी माना है कि अगर अरावली पर्वत श्रृंखला नहीं होती, तो दिल्ली तक का पूरा इलाका रेगिस्तान बन गया होता।" सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक कमेटी की अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की परिभाषा संबंधी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था। अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा तय किए जाने के विरोध में शानिवार को राजस्थान के उदयपुर में बड़ी संख्या में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया।इन वकीलों ने अरावली पर्वतमाला की ऊंचाई पर आधारित नई परिभाषा पर चिंता जताई। वकीलों ने नारेबाजी करते हुए न्यायालय परिसर से जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। वहां उन्होंने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

कियारा आडवाणी का ‘टॉक्सिक’ लुक हुआ रिलीज, ऑफ-शोल्डर गाउन में बिखेरा ग्लैमर

मुंबई यश, नयनतारा और कियारा आडवाणी की नई फिल्म 'टॉक्सिक' आ रही है। इसका निर्देशन गीतू मोहनदास कर रहे हैं। मेकर्स ने फिल्म से कियारा आडवाणी का पहला लुक जारी किया है। अभिनेत्री का लुक यूजर्स को काफी पसंद आ रहा है। वह इस पर रिएक्शन दे रहे हैं। मेकर्स ने इस फिल्म का मार्च 2025 में पहला पोस्टर जारी किया था। रोती हुई नजर आईं कियारा आडवाणी अभिनेता यश ने इंस्टाग्राम पर फिल्म से कियारा आडवाणी का पहला लुक जारी किया है। इसमें देखा जा सकता है कि कियारा आडवाणी रैंप पर वॉक कर रही हैं। उन्होंने ऑफ शोल्डर हाई स्लिट गाउन पहना हुआ है। रैंप वॉक करते हुए वह रो रही हैं। उनके चेहरे पर आंसू के निशान हैं। हालांकि उनके पीछे जश्न का माहौल है। पोस्टर शेयर करते हुए यश ने लिखा है 'टॉक्सिक- फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स में नादिया के रूप में कियारा आडवाणी।' कियारा आडवाणी के लुक पर कई यूजर्स कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है 'फिल्म के टीजर का इंतजार है।' एक और यूजर ने लिखा है 'ओह माय गॉड'। एक और यूजर ने लिखा है 'क्रेजी बॉस और नादिया।' एक और यूजर ने लिखा है 'भारत की सबसे बड़ी फिल्म।' फिल्म के बारे में यश की अदाकारी वाली फिल्म 'टॉक्सिक- फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' की लेखक और प्रोडक्शन टीम में यश शामिल हैं। मार्च 2025 में इस फिल्म का पोस्टर जारी किया गया था, जिसमें यश शानदार लुक में नजर आए थे। यह फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी।

उस्मान हादी का दफन भारी तनाव के बीच, इंकलाब मंच का यूनुस सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम

 ढाका बांग्लादेश की राजधानी ढाका में प्रमुख युवा नेता और 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी को शनिवार को राष्ट्रीय कवि काजी नजरूल इस्लाम की कब्र के बगल में दफनाया गया। हादी की पार्टी ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी कर उनकी (हादी की) हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की दिशा में "स्पष्ट प्रगति" की मांग की। इससे पहले, ढाका में कड़ी सुरक्षा के बीच हादी के जनाजे की नमाज अदा की गई, जिसके लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस अपनी सलाहकार परिषद के सदस्यों और सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमां के साथ माणिक मिया एवेन्यू स्थित संसद भवन परिसर के ‘साउथ प्लाजा’ में 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता हादी (32) के जनाजे की नमाज में शामिल हुए। यूनुस ने जनाजे की नमाज से पहले संक्षिप्त बयान दिया। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), जमात-ए-इस्लामी और छात्रों के नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के नेताओं ने भी जनाजे की नमाज में हिस्सा लिया। हादी पिछले साल छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शनों में शामिल प्रमुख नेताओं में से एक थे। इन विरोध-प्रदर्शनों की वजह से तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। वह 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार थे। नकाबपोश बंदूकधारियों ने 12 दिसंबर को मध्य ढाका के विजयनगर इलाके में हादी के सिर में उस समय गोली मार दी थी, जब वह अपना चुनाव प्रचार शुरू कर रहे थे। बाद में सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हादी की मौत के बाद देश में अशांति फैल गई है। उनकी मौत के बाद बांग्लादेश में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया था। हादी की पार्टी के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जबीर ने शाहबाग में आयोजित एक विरोध रैली के मंच से कहा, "अगर सरकार कल शाम 5:15 बजे तक शरीफ उस्मान हादी के हत्यारों की गिरफ्तारी के संबंध में जवाब नहीं देती है, तो हम अपना विरोध-प्रदर्शन फिर से शुरू कर देंगे।" लगभग तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग खाली कर दिया, जिसके बाद आसपास के इलाकों में यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो गया टेलीविजन चैनल पर प्रसारित दृश्यों में देखा जा सकता है कि हादी के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद सरकारी सुह्रावर्दी अस्पताल से लाए जाने के बाद जनाजे की नमाज अदा की गई। हादी के बड़े भाई अबू बकर ने जनाजे की नमाज अदा करवाई और फिर शव की अंत्येष्टि के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ढाका विश्वविद्यालय परिसर लाया गया एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "केवल चुनिंदा लोगों को ही अंतिम संस्कार में शामिल की अनुमति दी गई।" पुलिस ने हजारों लोगों को जनाजे की नमाज में हिस्सा लेने की इजाजत दी थी। नमाज से पहले लोगों ने "दिल्ली या ढाका-ढाका, ढाका" और "भाई हादी का खून जाया नहीं जाने दिया जाएगा" जैसे भारत-विरोधी नारे लगाए। गुरुवार को यूनुस द्वारा हादी की मौत की पुष्टि करने के बाद ढाका और कई अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए। देश के विभिन्न हिस्सों में हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, जिनमें चटगांव में सहायक भारतीय उच्चायुक्त के आवास पर पथराव, प्रमुख समाचार पत्रों डेली स्टार और प्रोथोम आलो के कार्यालयों पर हमले तथा बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम में तोड़फोड़ शामिल है। मयमनसिंह शहर में ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू व्यक्ति की पीटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को जला दिया गया। मृतक की पहचान 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो शहर में एक कारखाने में काम करता था। राजधानी में नये सिरे से अशांति फैलने के बीच, जब हादी का शव सिंगापुर से ढाका लाया गया, तो अंतरिम सरकार ने शुक्रवार को नागरिकों से "अराजक तत्वों" द्वारा की जा रही हिंसा का विरोध करने की अपील की। पुलिस ने बताया कि हादी का शव ढाका लाए जाने के कुछ ही समय बाद कथित दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने राजधानी में वामपंथी झुकाव वाले उदिची शिल्पीगोष्ठी के मुख्य कार्यालय में आग लगा दी।