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तेज मुनाफे का लालच बना ठगी की वजह, डेढ़ महीने में 65 लाख हड़पे, आरोपी पकड़ा गया

भानुप्रतापपुर खुद की कंपनी में पैसा लगाकर डेढ़ महीने में दोगुना करने का लालच देकर 65,18,400 रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को भानुप्रतापपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं. आरोपी जैविक खाद का प्रचार-प्रसार करता था. पीड़िता कामेश्वरी नाग ने थाना भानुप्रतापपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई की कि आरोपी विनोद कुमार पांडे जैविक खाद का प्रचार-प्रसार करता था. प्रार्थिया का वर्ष 2023 में आरोपी विनोद कुमार पांडे से परिचय हुआ था. आरोपी ने प्रार्थिया को WFT कंपनी में पैसा इन्वेस्ट करने से डेढ़ माह में पैसा दोगुना मिलेगा, और कंपनी को खुद के द्वारा संचालित करना बताया था. कंपनी में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ते हुए उसके खाता में पैसा जमा करने की बात कहते हुए प्रार्थिया एवं अन्य लोगों से 65,18,400 रुपए लेकर धोखाधड़ी की. प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना भानुप्रतापपुर में अपराध कायम कर विवेचना में लिया. थाना प्रभारी रामेश्वर प्रसाद देशमुख द्वारा टीम गठित कर आरोपी की तलाश के लिए बिलासपुर जिला भेजा गया. जहाँ आरोपी को घेराबंदी कर हिरासत में लेकर थाना भानुप्रतापपुर लाया गया. पूछताछ करने पर आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है.

भजन पर पाबंदी की कोशिश पड़ी भारी, सिंगर लगनाजिता चक्रवर्ती को रोकने वाला आरोपी गिरफ्तार

कोलकाता पश्चिम बंगाल की सिंगर लगनाजिता चक्रवर्ती को परेशान करने के आरोप में एक आदमी को गिरफ्तार किया गया है। सिंगर ने आरोप लगाया कि आरोपी महबूब मलिक ने ईस्ट मिदनापुर के भगवानपुर के एक प्राइवेट स्कूल में उनके लाइव शो के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की और उन पर हमला करने की कोशिश की। बंगाली गाने ‘बसंतो एशे गेछे’ से मशहूर हुईं लगनाजिता चक्रवर्ती ने बताया कि वह एक बंगाली धार्मिक गाना, ‘जागो मां’गा रही थीं, तभी मलिक स्टेज पर आया और उसने उन पर शारीरिक हमला करने की कोशिश की। लगनाजिता चक्रवर्ती ने पुलिस शिकायत में कहा, “वह मुझे मारना चाहता था। ” उन्होंने बताया कि वह उन पर चिल्ला रहा था और कह रहा था, “बहुत हो गया जागो मां, अब कुछ सेक्युलर गाना गाओ।” पश्चिम बंगाल के कोलकाता में माता के भजन को लेकर विवाद हो गया। आयोजक ने आपत्ति जताई और कहा कि ‘ई ना चोलबे’। पुलिस ने आरोपी महबूब मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद इलाके में तनाव है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आयोजक का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है। सीनियर पुलिस अधिकारी मिथुन डे ने बताया कि महबूब मलिक इस इवेंट का मुख्य आयोजक और स्कूल का मालिक था। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि मलिक सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के सदस्य हैं। BJP के शंकुदेब पांडा ने कहा, “पश्चिम बंगाल जिहादियों के हाथ में है। वे सिंगर को बता रहे हैं कि उसे कौन सा गाना गाना चाहिए। यह हिंदू विरोधी रवैया था।” उन्होंने आरोप लगाया, “जब वह (लगनाजिता चक्रवर्ती) पुलिस स्टेशन गई थीं, तो ममता बनर्जी की पुलिस ने पुलिस शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया।” हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। सिंगर ने यह भी आरोप लगाया कि भगवानपुर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अधिकारी ने केस दर्ज करने से मना कर दिया। बाद में केस दर्ज किया गया और मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारी मिथुन डे ने कहा, “भगवानपुर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज और एक और अधिकारी के खिलाफ डिपार्टमेंटल जांच शुरू की गई है। हम उनकी लापरवाही के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।”

घरेलू हिंसा पीड़ित और संकटग्रस्त महिलाओं को मिल रहा है संरक्षित आश्रय

लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मिशन शक्ति के अंतर्गत चलाई जा रही शक्ति सदन योजना के क्रियान्वयन में तेजी आई है। मिशन शक्ति योजना की उप योजना सामर्थ्य के अंतर्गत शक्ति सदन की व्यवस्था को 11 जिलों में विस्तार दिया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से घरेलू हिंसा, पारिवारिक संकट और अन्य विषम परिस्थितियों से गुजर रही महिलाओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।  10 जनपदों में एक-एक, मथुरा में चार शक्ति सदन संकटग्रस्त महिलाओं के लिए प्रदेश में कुल 14 शक्ति सदन की व्यवस्था की गई  है। वर्तमान में मिर्जापुर, सहारनपुर, कानपुर देहात, चित्रकूट, गोंडा और बस्ती में संकटग्रस्ट महिलाएं आसरा पा रही हैं। योजना के अंतर्गत अलीगढ़, आजमगढ़, कानपुर नगर, चित्रकूट, झांसी, गोंडा, बस्ती, मिर्जापुर, वाराणसी और सहारनपुर जनपदों में एक-एक शक्ति सदन जबकि मथुरा जनपद में चार शक्ति सदन की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शक्ति सदन की क्षमता 50 महिलाओं की निर्धारित की गई है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 1 करोड़ 75 लाख की पहली किश्त प्रशासनिक स्तर पर भवन, संचालन और संसाधनों से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए जारी हो गई है।   11 जिलों में सक्रिय व्यवस्था, पुनर्वास पर जोर शक्ति सदन योजना के सुचारु संचालन के लिए सरकार वित्तीय स्तर पर समस्त सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। यहां घरेलू हिंसा से पीड़ित, भूली-भटकी, जेल से मुक्त तथा पारिवारिक विवाद से ग्रस्त महिलाओं को अस्थायी संरक्षण दिया जा रहा है। उन्हें काउंसिलिंग के माध्यम से मानसिक, सामाजिक संबल प्रदान कर परिवार में पुनर्वास के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।   महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता योगी आदित्यनाथ सरकार का मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सामाजिक दायित्व है। शक्ति सदन जैसी व्यवस्थाएं यह दर्शाती हैं कि योगी सरकार महिला कल्याण को लेकर संवेदनशील और सक्रिय है। मिशन शक्ति के माध्यम से प्रदेश में महिला संरक्षण की नीतियों को व्यवहारिक स्वरूप दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- विकास में कोई कमी नहीं रखेंगे, हम सब मिलकर प्रदेश को बनायेंगे समृद्ध

शाजापुर में बनेगा मेडिकल कॉलेज, शुजालपुर को मिलेगा आयुर्वेदिक कॉलेज दो साल में शाजापुर जिले को मिली कई सौगातें मुख्यमंत्री निवास में हुआ अभिनंदन एवं आभार कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपनेपन से कुछ और बेहतर करने की नई ऊर्जा मिलती है। शाजापुर जिले ने प्रदेश को विचारों की दिशा दी है। इसलिए विकास में पहला हक भी शाजापुर का है। हम शाजापुर जिले के विकास में कोई कमी नहीं रखेंगे। मक्सी के साथ-साथ अब शाजापुर में भी बदलाव की बयार बह रही है। हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को एक विकसित और समृद्ध प्रदेश बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शाजापुर जिले के जनप्रतिनिधियों, उद्योग संघ, डाक्टर्स एसोशिएशन, कर्मचारी संघ, अधिवक्ता संघ, उद्योग भारती के गणमान्य जनों एवं कार्यकर्ताओं ने पुष्पहारों के साथ अंगवस्त्रम ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री निवास पर अभिनन्दन कर आभार व्यक्त किया। बीते 2 साल के दौरान शाजापुर जिले को विकास की विभिन्न सौगातें देने के लिए आयोजित इस अभिनंदन समारोह में जिले के जनप्रतिनिधियों ने बीते दो साल की उपलब्धियों का हर्षित होकर जिक्र किया और समवेत् स्वर में 2 साल-बेमिसाल का उद्घोष किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 मेट्रोपोलिटन एरिया के बीच में शाजापुर सबसे अच्छी जगह है। शाजापुर 2 मेट्रोपोलिटन का केन्द्र बिन्दु है। शाजापुर में जल्द ही मेडिकल कॉलेज बनेगा। वहीं शुजालपुर में भी आयुर्वेदिक कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। मक्सी बहुत पहले औद्योगिक केन्द्र बन गया था लेकिन उसका विकास रूका हुआ था। अब मक्सी भी विकास की नई राह पर है। शाजापुर में भी विकास के कई काम हो रहे हैं। उन्होंने शाजापुर जिले के नागरिकों से कहा कि हम आपके लिए वो सब कुछ करेंगे, जो आप चाहेंगे। शाजापुर के विधायक श्री अरुण भीमावद ने कहा कि मुख्यंमत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश का गौरव हैं। दो साल की अल्प अवधि में भी मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की काया पलट दी है। शाजापुर जिले को तो सबसे अधिक सौगातें मिली हैं। इसलिए यहां के नागरिक अभिभूत हैं। हम सब हमेशा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के ऋणी रहेंगे। विधायक श्री भीमावद ने कहा कि इन्दौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन रीजन के प्रस्तावित क्षेत्र में शाजापुर जिले के अधिकांश हिस्सा को इस रीजन के दायरे में ले लिया गया है। इससे संपूर्ण जिलेवासियों में हर्ष का माहौल है, क्योंकि अब इस क्षेत्र के विकास की नई गति मिलेगी। विधायक श्री भीमावद ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर विधानसभा के मक्सी क्षेत्र में 8000 करोड़ रुपये निवेश वाली सोलर प्लेट बनाने वाले उद्योग की सौगात दी है। इसका भूमि-पूजन भी हो चुका है। इससे जिले के विकास को नये पंख मिल गये हैं। उन्होंने बताया कि शाजापुर जिला 2 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं (पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना एवं नर्मदा-कालीसिंध परियोजना) से लाभान्वित हुआ। शाजापुर में मेडिकल कॉलेज की सौगात, आलू-प्याज की मंडी को मंजूरी, शाजापुर शहर का एबी रोज-4 लेन, मक्सी से मोहन बड़ौदिया बायपास निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इन सभी सौगातों से जिले के सभी नागरिक बेहद खुश और अभिभूत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार व्यक्त किया। कालापीपल विधायक श्री घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि 2 साल में कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में भी विकास के कई काम मंजूर होकर प्रारंभ हो गए हैं। कालापीपल क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुप्रतीक्षित रोड का न केवल भूमिपूजन हो गया है, बल्कि उसका निर्माण कार्य भी अब प्रारंभ हो गया है। उन्होंने इस बड़ी सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया। इस अवसर पर शाजापुर जिले से आए श्री हेमराज सिंह सिसौदिया, श्री दिनेश तिवारी, अन्य जनप्रतिनिधि, डॉक्टर्स, व्यापारी, उद्योगपति और बड़ी संख्या में नागरिकगण भी उपस्थित थे।  

डिब्रूगढ़ से पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला: असम में बांग्लादेशी घुसपैठ पर कही बड़ी बात, यूरिया प्लांट का लोकार्पण

गुवाहाटी पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय असम के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी स्थित ‘स्वाहिद स्मारक क्षेत्र’ में असम आंदोलन के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद डिब्रूगढ़ में अमोनिया-यूरिया प्लांट का उद्घाटन किया, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 12.7 लाख टन होगी। यह यूनिट 2030 तक चालू हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ती थीं। जो काम कांग्रेस को उस समय करना था, उसने नहीं किया। इसलिए मुझे एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ रही है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को कांग्रेस ने ही बसाया है और कांग्रेस ही उन्हें बचा रही है। SIR का विरोध कर रही है। तुष्टिकरण और वोट बैंक के इस कहर से हमें असम को बचाकर रखना है। मैं आपको गारंटी देता हूं कि असम की पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए भाजपा फौलाद बनकर खड़ी है। इससे पहले पीएम ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी में क्रूज पर 25 बच्चों के साथ करीब 45 मिनट परीक्षा पे चर्चा भी की। मोदी ने नामरूप में ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्प लिमिटेड (BVFCL) के मौजूदा परिसर में नए फर्टिलाइजर यूनिट की आधारशिला रखी। ANI के मुताबिक गुवाहाटी दौरे पर परीक्षा पर चर्च कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिसमें प्रधानमंत्री ने असम के 25 प्रतिभाशाली छात्रों से बात करेंगे. यह बातचीत ब्रह्मपुत्र नदी में चल रहे एक क्रूज पर आयोजित की जाएगी. असम आंदोलन (1979-1985) ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और ऑल असम गण संग्राम परिषद के नेतृत्व में चला था. इसका मुख्य उद्देश्य अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें राज्य से बाहर करना था. इस आंदोलन के दौरान व्यापक प्रदर्शन, हड़तालें और पुलिस कार्रवाई हुईं, जिसमें सैकड़ों लोग शहीद हो गए. आंदोलन का समापन 1985 में असम समझौते के साथ हुआ, जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने हस्ताक्षर किए थे.

पं. धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा भिलाई में शुरू, दिव्य दरबार और पर्ची वितरण को लेकर बड़ा अपडेट

रायपुर कथावाचक पं. धीरेंद्र शास्त्री की श्री हनुमंत कथा 25 से 29 दिसंबर तक भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास आयोजित की जाएगी. इस कथा में लगभग 100 समाजों के स्वागत द्वार लगाए जाएंगे, जिन पर समाज के प्रमुखों की तस्वीरें और सामाजिक परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा. पांच दिवसीय कथा का आयोजन सेवा समर्पण समिति, दुर्ग के तत्वावधान में होगा. कथा के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, पेयजल, शौचालय और वाहन पार्किंग की व्यवस्था शामिल है. इसके अलावा, सुरक्षा के लिए विशेष बैरिकेडिंग और मेडिकल कैंप भी स्थापित किए जाएंगे. कथा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए वालंटियर कार्ड भी बनाए जाएंगे, जिसके लिए आधार कार्ड की फोटो कॉपी और एक फोटो जमा करना होगा. आगामी दिनों में ध्वज पूजन कार्यक्रम भी किया जाएगा. उन्होंने बताया कि कथा के दौरान 27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार का आयोजन होगा, जिसमें पंडित शास्त्री श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर समस्याओं के समाधान के लिए मार्गदर्शन करेंगे.

जवानों ने नाकाम की बड़ी नक्सली साजिश, छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से IED बनाने का सामान और बंदूक जब्त

गरियाबंद छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का अंत दहलीज के करीब है. छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर जवानों ने विशेष अभियान चलाकर नक्सलियों के नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया है. गरियाबंद जिले के दडईपानी के पहाड़ी क्षेत्र में सीआरपीएफ, ई-30, एसटीएफ, 207 कोबरा और 16 बटा. सीएएफ की संयुक्त टीम को अभियान के दौरान करते नक्सली डंप मिला. जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने यहां कई सामन छुपा रखे थे. जिसमें आईईडी बनाने के सामाग्री, भरमार बन्दूक समेत कई विस्फोटक सामान बरामद किया गया. दरअसल, थाना मैनपुर अंतर्गत पहाडियों में स्थित ग्राम क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों की आसूचना पर जवानों की संयुक्त पार्टीयों ने उक्त क्षेत्र में 19 दिसंबर को विशेष अभियान चलाया. अभियान के दौरान शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन डीजीएन (DGN) डिवीजन के माओवादियों द्वारा पुलिस पार्टी को विस्फोटक पदार्थो से आईईडी निर्मित कर नुकसान पहुंचाने और पुलिस ग्रुप को मोर्टार से हमला करने के उद्देश्य से थाना ओडिसा सीमा पर स्थित ग्राम दडईपानी के पहाडियों में संदिग्ध डंप की सूचना मिली.  पहाडी के तराई को सर्च के दौरान सफलता मिली. डीजीएन डिवीजन में सक्रिय नक्सलियों ने चट्टानों के अंदर प्लास्टिक ड्रम और स्टील डिब्बो में 1 भरमार बंदूक नग कंपनी निर्मित मोर्टार, 22 नग मोर्टार सेल, 150 नग डेटोनेटर, 18 नग तीर बम्ब और अन्य सामग्रियों छिपा रखा था, जिसे जवानों ने अभियान के दौरान बरामद किया है. इस कार्रवाई से नक्सलियों के साजिश नाकाम हो गई.

खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025: देश में पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर करेंगे ऐतिहासिक आयोजन

पहली बार पारंपरिक खेलों और क्रिकेट को किया गया शामिल यूथ गेम्स के प्रतिभागियों को राज्य टीम में मिलेगी प्राथमिकता भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को “खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” के आयोजन को लेकर प्रेसवार्ता को संबोधित किया। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह देश में पहली बार ऐसा होगा, जिसमें खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से प्रतियोगिताओं का संचालन करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने जानकारी दी कि खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक संपन्न होगा। चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होगी, जिसमें ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 10 से 15 जनवरी, जिला स्तरीय 16 से 20 जनवरी, संभाग स्तरीय 21 से 25 जनवरी एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यूथ गेम्स में भाग लेने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य में राज्य टीम के चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। खेल संघों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा समन्वय अधिकारी भी नियुक्त किये गये हैं। खेलों के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उद्घाटन एवं समापन समारोह में खेल प्रेमियों को आमंत्रित किया जायेगा तथा राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों को भी अतिथि के रूप में आमंत्रण दिया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025 में कुल 27 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। प्रयास यह रहेगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहाँ उन्हीं स्थानों पर संबंधित प्रतियोगिताएँ करायी जाएँ। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बना खेलों के लिये सकारात्मक माहौल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के लिये देश में सकारात्मक माहौल बना है, इसी का परिणाम है कि विश्व पटल पर खेलों के माध्मय से देश का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदानों के उन्नयन के हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। खेल विभाग विशेषकर युवाओं को खेलों के प्रति आकर्षित करन के लिये विभिन्न कार्यक्रम कर रहा है। पारंपरिक खेलों को पहली बार किया गया शामिल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि “खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025- मध्यप्रदेश का ओलंपिक” में पहली बार पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है। इस बार पिट्टू और रस्साकशी को भी यूथ गेम्स में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि क्रिकेट की युवाओं में लोकप्रियता को देखते हुए इसबार महिला और पुरूष क्रिकेट भी यूथ गेम्स का हिस्सा होंगे। सभी खेल संघों के साथ किया गया समन्वय मंत्री श्री सारंग ने बताया कि पहले यूथ गेम्स और खेल संघों के आयोजन अलग-अलग होते थे। दोनों की ही चयन प्रक्रिया अलग हुआ करती थी, लेकिन पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर यूथ गेम्स का आयोजन कर रहे हैं। इससे आयोजन का विस्तार होने के साथ ही खिलाड़ियों को भी यूथ गेम्स में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी खेल संघों के साथ समन्वय कर यूथ गेम्स का फोर्मेट तैयार किया गया है। जिससे राज्य स्तर की टीम में खिलाड़ियों को अवसर मिल सके। ब्लॉक स्तर से होगी चयन प्रक्रिया मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस आयोजन में ब्लॉक स्तर से चयन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की भागीदारी होगी तथा राज्य स्तर पर भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन एवं शहडोल प्रदेश के 08 संभागों की टीमें सहभागिता करेंगी। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि तीन चरणों (ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर) में 14 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, जूडो, खो-खो, मल्लखम्ब, तैराकी, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस, योगासन, टेनिस एवं शतरंज शामिल हैं। वहीं चार चरणों (ब्लॉक, जिला, संभाग एवं राज्य स्तर) में 7 खेलों-बास्केटबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, व्हॉलीबॉल, क्रिकेट, पारंपरिक खेल पिट्टू एवं रस्साकस्सी की प्रतियोगिताएँ होंगी। इसके अतिरिक्त 6 खेलों-ताईक्वांडो, फेंसिंग, रोईंग, क्याकिंग-कैनोईंग, शूटिंग एवं आर्चरी की प्रतिस्पर्धाएँ सीधे राज्य स्तर पर आयोजित की जाएँगी। इन जिलों में होंगे विभिन्न खेलों के आयोजन भोपाल में एथलेटिक्स, फेंसिंग, पुरुष क्रिकेट, क्याकिंग-कैनोईंग, रोईंग, तैराकी, शूटिंग, पुरुष हॉकी एवं बॉक्सिंग प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इंदौर में बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेबल टेनिस एवं टेनिस, शिवपुरी में महिला क्रिकेट, ग्वालियर में महिला हॉकी, पिट्टू एवं बैडमिंटन, उज्जैन में मल्लखम्ब, योगासन, कबड्डी, रस्साकशी एवं कुश्ती, जबलपुर में खो-खो एवं आर्चरी, रीवा में फुटबॉल एवं जूडो, नर्मदापुरम में ताईक्वांडो एवं शतरंज तथा सागर में व्हॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स–2025 राज्य के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा और एमपी को खेलों के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  

योगी सरकार की मंशा के अनुरूप जन-जन तक आयुष चिकित्सा पद्धति को पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा कदम

स्वास्थ्य सेवाओं में आएगी पारदर्शिता, सीनियर सिटीजन को मिलेगी काफी राहत  लखनऊ योगी सरकार आयुष चिकित्सा पद्धतियां विश्व पटल पर पहचान दिलाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आयुष विभाग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। दरअसल, आयुष विभाग आईआईटी कानपुर के सहयोग से एक अत्याधुनिक आयुष एप विकसित करेगा। इससे मरीजों को ऑनलाइन ओपीडी की सुविधा मिलेगी। साथ ही एप पर आयुष विभाग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। योगी सरकार के इस कदम से न केवल आयुष चिकित्सा पद्धतियां आम जनता तक आसानी से पहुंचेंगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता भी आएगी। एप से सीनियर सिटीजन, महिलाओं और दूर-दराज के लोगों को मिलेगी काफी राहत आयुष प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन-जन तक आयुष चिकित्सा पद्धतियों को पहुंचाना चाहते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आयुष एप बनाने के लिए आईआईटी कानपुर से बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि एप लांच होने के बाद मरीजों को अस्पताल और आयुष केंद्रों में ओपीडी पंजीकरण के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीज अपने मोबाइल के माध्यम से घर बैठे ही डॉक्टर से मिलने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और अस्पतालों में भीड़ भी कम होगी। इस सुविधा से विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी। एप के जरिए मरीजों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी आयुष चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मिलेगी। एप पर विभिन्न बीमारियों के लिए उपलब्ध उपचार, दवाओं की जानकारी, नजदीकी आयुष अस्पताल और डिस्पेंसरी की सूची, डॉक्टरों का विवरण और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी एप पर मिलेगी। भविष्य में टेली परामर्श, ऑनलाइन रिपोर्ट जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी एप को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि आम नागरिक आसानी से इस्तेमाल कर सकेगा। एप को सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाया जाएगा, ताकि मरीजों का डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसमें भविष्य में और भी नई सुविधाएं जोड़ने की योजना है। वहीं, आने वाले समय में एप के माध्यम से टेली-परामर्श, ऑनलाइन रिपोर्ट और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। इससे मरीजों को घर बैठे ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सकेगी। साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धतियों पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

गायों से लदा कंटेनर पलटा, 50 से अधिक मवेशियों की मौत, ग्रामीणों ने जताया रोष

जगदलपुर कोटपाड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत घुमर गांव के पास मवेशियों से भरा एक कंटेनर हादसे का शिकार हो गया. दुर्घटना में कंटेनर में मौजूद 50 से अधिक गायों की मौके पर ही मौत हो गई. कंटेनर के जरिए देर रात कोटपाड़ क्षेत्र से घुमर मार्ग होते हुए मवेशियों को अवैध तरीके से आंध्रप्रदेश ले जाया जा रहा था. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में मवेशी के होने से कंटेनर चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते कंटेनर सड़क किनारे पलट गया. हादसा इतना भीषण था कि कंटेनर में मौजूद अधिकांश गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. दुर्घटना की खबर मिलते ही घुमर गांव सहित आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना दी. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक 50 से अधिक गायों की जान जा चुकी थी. ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना मवेशियों की तस्करी की जा रही है. ग्रामीणों द्वारा बार-बार विरोध किए जाने के बावजूद अवैध गो-चालान का सिलसिला थम नहीं रहा है. आए दिन हो रही छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं में कई बेकसूर मवेशियों की जान जा रही है. एक साथ 50 से अधिक गायों की मौत से घुमर गांव में गहरा शोक और आक्रोश है.