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प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: गड़बड़ी मिलने पर दो राशन दुकानों का संचालन बंद

रायपुर  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण कर राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। अधिकारियों की टीम ने जांच के दौरान कुछ उचित मूल्य दुकानों में अनियमितताएं पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की। दो दुकानों का संचालन समाप्त किया गया। वहीं एक दुकान संचालक पर अर्थदंड लगाया गया। हितग्राही अपने राशन प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन कर सामग्री का उठाव कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होती है। इस व्यवस्था के माध्यम से वास्तविक पात्रों तक ही खाद्यान्न की आपूर्ति पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय द्वारा उचित मूल्य दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। इन टीमों ने विभिन्न उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण एवं जांच कार्य किया। निरीक्षण के दौरान वितरण प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण तथा आधार प्रमाणीकरण की स्थिति का विशेष रूप से परीक्षण किया गया। जांच के दौरान कुछ उचित मूल्य दुकानों में अनियमितताएँ पाई गईं। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दुकान संचालकों के विरुद्ध नियंत्रक प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई की गई। खाद्य नियंत्रक, जिला रायपुर ने आईडी क्रमांक 441001314 “मां भगवती खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति, बैरन बाजार” तथा आईडी क्रमांक 441001256 “श्री जय शीतला काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, बढ़ईपारा” से दुकान संचालन का अधिकार समाप्त कर उन्हें अन्य उचित मूल्य दुकानों में संलग्न किया गया है। इसके अतिरिक्त आईडी क्रमांक 441001148 “दूधाधारी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक-62” को अनियमितता पाए जाने पर ₹7000 का अर्थदंड अधिरोपित कर कड़ी चेतावनी दी गई। खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राज्य की किसी भी उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत कड़ी एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं लाभार्थी-केंद्रित खाद्यान्न वितरण प्रणाली के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह- 2026 के लिए तय किया गया ‘जीरो फेटेलिटी’ का लक्ष्य

परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज और सूचना विभाग समन्वित रूप से चलाएगा प्रदेशव्यापी अभियान नो हेलमेट, नो फ्यूल का चलेगा प्रदेशव्यापी अभियान, दोपहिया वाहन चालकों को किया जाएगा जागरूक लखनऊ- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य करने के लक्ष्य के साथ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को ‘जीरो फेटेलिटी माह’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह- 2026, 01 जनवरी से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलेगा । इस दौरान प्रदेश का परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज और सूचना विभाग सहित सभी संबंधित स्टेकहोल्डर विभागों को समन्वित रूप से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस क्रम में प्रदेश के सभी जनपदों में 25 दिसंबर से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सड़क सुरक्षा माह के दौरान चलाये जाने वाले विशेष अभियानों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्रदेश में 363 हाई रिस्क कॉरिडोर चिह्नित, होगी सख्त प्रवर्तन कार्रवाई सीएम के विजन के अनुरूप राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में जीरो फेटेलिटी के लक्ष्य को पाने के उद्देश्य से प्रदेश के परिवहन एवं पुलिस विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस क्रम में प्रदेश में 363 हाई रिस्क कॉरिडोर चिह्नित किये हैं, जहां सख्त प्रवर्तन अभियान चलाये जाएंगे। इसके साथ ही पहले से चल रही जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत चुने गये 20 जनपदों में 233 क्रिटिकल पुलिस थाना क्षेत्रों का चयन किया गया है। जिनमें विशेष अभियान चलाकर दुर्घटनाओं पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, लेन उल्लंघन, गलत दिशा में वाहन चलाने, हेलमेट व सीट-बेल्ट न पहनने, रिफ्लेक्टर टेप, फॉग लाइट, बिना परमिट व बिना फिटनेस संचालित वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। स्वास्थ्य विभाग कर रहा इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल में सुधार   जनवरी माह में “नो हेलमेट, नो फ्यूल” का प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा, ताकि दोपहिया चालकों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित की जा सके। रोड एक्सीडेंट से होने वाली मौतों की संख्या में कमी लायी जा सके। लोक निर्माण विभाग व अन्य रोड ओनिंग एजेंसियों को चिह्नित किये गये 1484 ब्लैक स्पॉट्स पर अल्पकालिक सुधार कार्यों जैसे- रोड मार्किंग, साइनेज और क्रैश बैरियर लगाने का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल सुधारने, एएलएस एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने तथा ट्रॉमा केयर सेंटरों में गैप, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर की कमी दूर करने के जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं। शिक्षा और सूचना विभाग चलायेगा जागरूकता अभियान पंचायती राज विभाग, प्रत्येक ग्राम सभा में सड़क सुरक्षा पर बैठकें आयोजित करेगा, जो ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ने वाली सड़कों पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के जरूरी इंतजाम को सुनिश्चित करेगीं। तो वहीं शिक्षा विभाग स्कूलों में चित्रकला, भाषण और नाटक प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा, जबकि सूचना विभाग परिवहन विभाग के साथ मिलकर यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार का कार्य को अंजाम देगा। सरकार का लक्ष्य है कि इन समन्वित प्रयासों से विशेषकर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह, जनवरी 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जाए और सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो फेटेलिटी’ के सपने को साकार किया जा सके। साथ ही इस अभियान को आगे भी लागू किया जाएगा।

3 साल की बच्ची की मासूम शिकायत ने जीता दिल, थाने पहुंचते ही पुलिस हरकत में आई

शाजापुर जिले के शुजालपुर में एक रोचक मामला सामने आया है, जहां स्कूल में पढ़ने वाली एक 3 साल की मासूम छात्रा चेरी का स्कूल बैग गुम हो गया. मासूम बच्ची इसकी शिकायत लेकर अपने पिता के साथ पुलिस तक पहुंच गई और पुलिस को अपनी परेशानी बताई. बच्ची ने कहा कि उसका स्कूल बैग गुम हो गया है और स्कूल बैग ना होने से मैं अपना होमवर्क कैसे करूंगी ? नन्ही चेरी के आंसू और स्कूल की नोट बुक्स, बॉटल के लिए उसका लगाव देखकर पुलिस तुरंत हरकत में आई और स्कूल बैग की तलाश शुरू कर दी. पूछताछ में पता चला कि मासूम छात्रा अपने परिजनों के साथ ऑटो रिक्शा में घर लौट रही थी. इसी दौरान स्कूल बैग ऑटो रिक्शा में छूट गया. इसके लिए पुलिस ने शहर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे तलाशे. इसी दौरान शहर के पुलिस चौकी चौराहा से बच्ची और उसके परिजनों को सवारी ऑटो में बैठते हुए सीसीटीवी कैमरा फुटेज पुलिस को मिल गया. बस फिर क्या था पुलिस ने उस ऑटो की तलाश शुरू कर दी. ऐसे मिला मासूम का बैग वीडियो के आधार पर ऑटो को पुलिस सहायक उप निरीक्षक धर्मेंद्र परस्ते, यातायात पुलिस प्रधान आरक्षक सुनील ने ढूंढने कोशिश की, लेकिन वाहन पर नंबर नहीं होने से दिक्कत आई. हालांकि वाहन के आगे लिखे नाम और ऊपर लगे लोहे के स्टैंड से आखिरकार खासी मशक्कत के बाद पुलिस इस ऑटो तक पहुंच ही गई. फिर ऑटो ड्राइवर परवेज खान से शुजालपुर सिटी ने स्कूल बैग जब्त किया. मासूम छात्रा का स्कूल बैग मिलते ही उसे एसडीओपी कार्यालय शुजालपुर पहुंचाया गया, जहां शुजालपुर एसडीओपी निमिष देशमुख ने मासूम छात्रा और उसके परिवार वालों को बुलाकर उसका स्कूल बैग सौंपा. पुलिस अंकल को थैंक्स अपना स्कूल बैग पाकर मासूम बेहद खुश नजर आई और उसने कहा कि बैग गुम होने से वह टेंशन में थी कि अब होमवर्क कैसे करेगी. सब वर्कबुक भी बेग में थी. मैंने पुलिस अंकल को बताया और उन्होंने बैग लाकर दिया, पुलिस अंकल को थैंक्स. यातायात पुलिस ने बच्ची के कंधों पर बेग टांगकर उसे घर रवाना किया, परिवार के आग्रह पर पुलिस ने ऑटो चालक को भी समझाइश देकर छोड़ दिया कि आगे से कोई भी बैग, सामान यात्री भूले तो तत्काल पुलिस को सौंपे. क्या बोले अधिकारी? एसडीओपी निमिष देशमुख ने बताया कि बच्ची का अपने स्कूल बैग के लिए लगाव देखकर पुलिस ने प्रयास किया और कैमरे फुटेज की मदद से बैग सौंपा. साथ ही उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि अगर किसी का कोई सामान वाहन में छूट जाए तो उस सामान को पुलिस को सौंपकर सामाजिक जिम्मेदारी निर्वाह करना चाहिए, बच्ची के दादा, पिता ने भी पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया.

शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई: ED ने दाखिल किया 29,000+ पन्नों का अंतिम चालान, 82 आरोपी कटघरे में

रायपुर छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED ने आज कोर्ट में लगभग 29 हजार 800 से अधिक पन्नों का अंतिम चालान पेश किया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 82 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है. अब मामले का ट्रायल शुरू होगा. क्या है शराब घोटाला ? छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है. ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है. दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है. इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है. ED ने अपनी जांच में पाया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था. अब तक इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, सौम्य चौरसिया शामिल हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

भीड़ नियंत्रण की नई व्यवस्था: बांके बिहारी मंदिर में अब एक समय में 200 श्रद्धालु ही कर सकेंगे दर्शन

नई दिल्ली  ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को सुव्यवस्थित करने के लिए रेलिंग लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने निर्णय लिया है कि मंदिर के चबूतरे से ही रेलिंग की व्यवस्था की जाएगी, जो गर्भगृह के सामने से होते हुए निकास द्वार तक जाएगी। इसके तहत श्रद्धालु निर्धारित रेलिंग के भीतर चलते हुए दर्शन करेंगे और दर्शन के बाद सीधे बाहर निकल सकेंगे, जिससे मंदिर परिसर में रुकने और अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनेगी। नई व्यवस्था के अनुसार एक रेलिंग के भीतर तीन कतारें बनाई जाएंगी, जिनमें एक समय में लगभग 200 श्रद्धालु प्रवेश से लेकर निकास द्वार तक रहेंगे। समिति के अनुसार श्रद्धालुओं को दर्शन में करीब तीन से चार मिनट का समय लगेगा। रेलिंग निर्माण की जिम्मेदारी मेरठ की कनिका कंस्ट्रक्शन को सौंपी गई है और दावा किया जा रहा है कि नए वर्ष से श्रद्धालु इसी व्यवस्था के तहत दर्शन कर सकेंगे। वर्तमान में मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं के ठहराव के कारण भीड़ नियंत्रण में कठिनाई आ रही है। इसी समस्या को देखते हुए समिति ने कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। तय डिजाइन के अनुसार गेट संख्या तीन और दो से श्रद्धालुओं को रेलिंग के जरिए मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। गेट संख्या तीन से प्रवेश करने वाली रेलिंग में तीन कतारें होंगी, जिनमें एक कतार महिलाओं के लिए और दो कतारें पुरुष श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित रहेंगी। यहां से श्रद्धालु गर्भगृह के सामने दर्शन कर निकास द्वार संख्या चार से बाहर निकलेंगे। वहीं गेट संख्या दो के बाहर चबूतरे से शुरू होने वाली रेलिंग में भी तीन कतारें होंगी। इनमें एक कतार महिलाओं, एक पुरुषों और तीसरी वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित की गई है। इस मार्ग से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु ठाकुरजी के दर्शन कर जगमोहन के सामने से घूमते हुए गेट संख्या एक से बाहर निकलेंगे। दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। उन्हें गेट संख्या पांच से प्रवेश दिया जाएगा और वे गेट संख्या तीन की ओर से बनाई गई रेलिंग के सहारे गर्भगृह तक पहुंचकर दर्शन करने के बाद गेट संख्या चार से बाहर निकल सकेंगे। रेलिंग की डिजाइन विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों द्वारा तैयार की गई है। इन्हें दस गेज मोटी चादर से बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि आवश्यकता पड़ने पर इन रेलिंगों को एक-दो दिन के लिए फोल्ड कर हटाया भी जा सकेगा और बाद में दोबारा लगाया जा सकेगा।  

MCG पर गेंदबाजों का कहर: पहले दिन ही गिरे 20 विकेट, ICC के हस्तक्षेप की आशंका

मेलबर्न किसी टेस्ट मैच के पहले दिन अगर 20 विकेट गिर जाएं तो जाहिर है कि आप उस पिच को अच्छा नहीं कहेंगे। हालांकि, कई बार देखने को मिलता है कि अगर किसी एशियाई देश खासकर भारत की पिच पर पहले दिन 20 विकेट गिर जाते हैं तो हाय-तौबा मच जाती है। यहां तक कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी भी पिच को खराब रेटिंग देती है। हालांकि, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ऐसा देखने को नहीं मिलता, लेकिन इस बार शायद ऐसा नहीं होगा। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न के एमसीजी में एशेज सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जा रहा है। ये बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच है। शुक्रवार 26 दिसंबर को मुकाबले का पहला दिन था और पहले ही दिन आधा मैच खत्म हो गया, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की एक-एक पारी समाप्त हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया ने 152 रन और इंग्लैंड ने महज 110 रन पर अपने सभी विकेट खो दिए। ऐसे में पिच की आलोचना बनती है, क्योंकि यहां गेंद और बल्ले में अच्छी लड़ाई नहीं थी। तमाम दिग्गज एमसीजी की पिच की आलोचना कर चुके हैं, जिनमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच डैरेन लेहमन भी शामिल हैं। माइकल वॉन ने बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल में कहा है कि बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के पहले दिन की पिच हैरान करने वाली थी। वहीं, डैरेन लेहमन का दावा था कि मेलबर्न की पिच घटिया थी। उन्होंन एसईएन रेडियो पर कहा कि इस तरह की सीम मोमेंट तेज गेंदबाजों को लिए नहीं होनी चाहिए, जो काफी खतरनाक होती है। इन सभी के बीच एक बात उठती है कि क्या आईसीसी एमसीजी की पिच की आलोचना के बाद रेटिंग अच्छी देगी? इसका जवाब है कि इस बार शायद आईसीसी का रुख अलग हो, क्योंकि 300 रनों से भी भीतर 20 विकेट पहले दिन गिर जाते हैं और 21वां भी विकेट गिर ही गया था, लेकिन गेंद कैरी नहीं की। ऐसे में आईसीसी क्या सजा एमएसजी को दे सकती है? इसका जवाब है कि आईसीसी के पास टेस्ट मैच की पिचों के लिए चार तरह की रेटिग है, जिनमें दो बढ़िया और दो घटिया कैटेगरी में हैं। क्या और कैसी होती है पिच रेटिंग? नंबर 1 – वेरी गुड, नंबर 2 सेटिस्फेक्ट्री…जाहिर है कि दोनों से किसी भी ग्राउंड को कोई दिक्कत नहीं होती। नंबर 3 पर आती है अनसेटिस्फेक्ट्री और चौथे पर अनफिट…जाहिर है कि इनमें सजा का प्रावधान है। हालांकि, अनसेटिस्फेक्ट्री में फिर भी थोड़ी सी नरमी ग्राउंड के प्रति बरती जाती है, लेकिन अनफिट में नहीं। अनफिट तो ये पिच नहीं कही जाएगी, क्योंकि वह पिच अनफिट मानी जाती है, जो बहुत ज्यादा खतरनाक हो। ऐसे में एमएसजी की पिच को अनसेटिस्फेक्ट्री की रेटिंग दी जा सकती है, जिसमें एक डिमेरिट पॉइंट ग्राउंड के खाते में जोड़ा जाता है, जिससे ज्यादा असर ग्राउंड पर नहीं पड़ता। इतनी ही सजा एमएसजी को मिल सकती है। इसी सीरीज के पहले मैच के पहले दिन 19 विकेट गिरे थे, लेकिन फिर भी पिच को वेरी गुड रेटिंग मिली।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यमुना, ईस्टर्न पेरिफेरल और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

  RRTS और रेल नेटवर्क से दिल्ली–हावड़ा व दिल्ली–मुंबई कॉरिडोर से सीधा जुड़ाव ग्रीन एनर्जी, ईवी और सोलर सेक्टर में निवेश से रोजगार और निर्यात को नई रफ्तार लखनऊ/नोएडा,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र को देश के सबसे महत्वाकांक्षी मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के रूप में विकसित कर रही है। इस समग्र योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को निवेश, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इस पूरे विजन का केंद्र नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर है, जो पूर्ण होने के बाद उत्तर भारत का सबसे बड़ा एविएशन और लॉजिस्टिक्स गेटवे बनेगा। निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर फोकस यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि एयर, रोड, रेल, आरआरटीएस और एक्सप्रेसवे—पांचों माध्यमों से निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाए। इसके तहत 8 लेन एक्सेस कंट्रोल यमुना एक्सप्रेसवे को एयरपोर्ट से सीधे जोड़ा गया है, जिससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक तेज आवाजाही संभव होगी। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से हरियाणा और उत्तराखंड की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जबकि दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे बल्लभगढ़ इंटरचेंज के जरिए जेवर एयरपोर्ट से जुड़कर देश के सबसे बड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक कॉरिडोर को सीधा लाभ पहुंचाएगा। नॉर्थ और ईस्ट डेडिकेटेड एक्सेस रोड विकसित करने की योजना लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने एयर कार्गो हेतु नॉर्थ और ईस्ट डेडिकेटेड एक्सेस रोड विकसित करने की योजना बनाई है, जिससे भारी मालवाहक वाहनों को शहरों में प्रवेश किए बिना एयरपोर्ट तक सीधा रास्ता मिलेगा। इसके साथ ही भविष्य में गंगा एक्सप्रेसवे और NH-34 को YEIDA सेक्टर और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी है, जिससे पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। RRTS नेटवर्क से दिल्ली और एनसीआर से जुड़ेगा YEIDA सेक्टर शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में प्रस्तावित RRTS नेटवर्क के जरिए दिल्ली और एनसीआर से YEIDA सेक्टर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने की योजना है। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों और एयरपोर्ट के लिए रेल कनेक्टिविटी भी विकसित की जा रही है, जिसमें दिल्ली–हावड़ा और दिल्ली–मुंबई रेल कॉरिडोर से सीधा जुड़ाव शामिल है। इससे माल परिवहन की लागत कम होगी और निर्यात को नई गति मिलेगी। EMC पार्क में बड़े पैमाने पर हो रहा निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ योगी सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों का असर यह है कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र और EMC पार्क में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एचसीएल–फॉक्सकॉन समूह की वामा सुंदरी इन्वेस्टमेंट द्वारा सेमीकंडक्टर टेस्टिंग सुविधा, हैवेल्स इंडिया की एंकर यूनिट, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, एडिटेक सेमीकंडक्टर्स, एसेंट के सर्किट जैसी कंपनियां इस क्षेत्र को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बना रही हैं। ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में भारी निवेश इसके अतिरिक्त ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में एस्कॉर्ट कुबोटा, मिंडा कॉर्पोरेशन, नीनजास इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों के निवेश से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सैल सोलर, एंबर एंटरप्राइजेज और इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स वेलफेयर ट्रस्ट जैसी इकाइयों की मौजूदगी उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं पाइन वैली वेंचर और डेकी इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रोजेक्ट्स टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स सेक्टर को मजबूती दे रहे हैं। लाखों युवाओं के लिए उपलब्ध हो रहे रोजगार के अवसर सरकार का मानना है कि मजबूत कनेक्टिविटी, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और उद्योगों के अनुकूल वातावरण से YEIDA क्षेत्र लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

शतरंज में नई नायिका दिव्या देशमुख, लेकिन गुकेश का साल रहा फीका

नई दिल्ली  भारत के लिए शतरंज के क्षेत्र में साल 2025 बेहद यादगार रहा है। भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया है। विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल फॉर्मेट में पहली बार हराया। आर. प्रज्ञानंदा के लिए साल 2025 शानदार रहा। प्रज्ञानंदा ने डी. गुकेश को हराकर टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट 2025 का खिताब जीता। प्रज्ञानंदा ने सुपरबेट चेस क्लासिक रोमानिया, उजचेस कप और लंदन चेस क्लासिक में मजबूत प्रदर्शन के साथ उन्होंने फीडे सर्किट 2025 जीतकर 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। प्रज्ञानंदा पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने जो सर्किट जीतकर कैंडिडेट्स में पहुंचे। महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने बातूमी में महिला विश्व कप जीता। दिव्या फिडे महिला विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई। उन्होंने प्रतिष्ठित ग्रैंडमास्टर खिताब जीता और 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। इस साल भारत की शतरंज में ये तीन बड़ी सफलताएं रहीं। फिडे विश्व कप 2025 का आयोजन गोवा में हुआ था। इस इवेंट में डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानंदा, विदित गुजराती और दिव्या देशमुख में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन इनमें से कोई भी अंतिम राउंड तक नहीं पहुंच सका। भारत में हुए विश्व कप में किसी भी भारतीय का अंतिम चरण तक न पहुंचना निश्चित रूप से निराशाजनक रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने निश्चित तौर पर भविष्य के लिए उम्मीदें जगाई हैं। आने वाले साल में हमें शतरंज के क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों से बड़ी उपलब्धि देखने को मिल सकती है। भारत शतरंज के क्षेत्र में निश्चित तौर पर बहुत तेजी से एक मजबूत वैश्विक ताकत के रूप में उभर रहा है। विश्वनाथन आनंद 1988 में पहले भारतीय ग्रैंडमास्टर बने थे, मौजूदा समय में 91 ग्रैंडमास्टर हैं। यह संख्या शतरंज के क्षेत्र में बढ़ती हमारी ताकत का प्रमाण है। 

कॉलेज-स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों की मॉनिटरिंग अनिवार्य, शिक्षकों को जल्द सौंपनी होगी रिपोर्ट

चंडीगढ़  सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हरियाणा के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को परिसर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से आए आदेशों में कहा गया है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय, कॉलेज और स्कूल में एक प्रोफेसर या शिक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो कुत्तों की निगरानी और जोखिम की स्थिति में स्थानीय प्रशासन या नगर निगम को सूचित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके तहत रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, हिसार, कैथल सहित अन्य जिलों के स्कूलों में खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेजे जा चुके हैं। हर स्कूल में नोडल अधिकारी का नाम, पद और मोबाइल नंबर परिसर में प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही इस कार्य की रिपोर्ट शुक्रवार तक मांगे जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। हसला ने जताई नाराजगी हालांकि, इस आदेश के बाद शिक्षक संगठनों ने नाराजगी जाहिर की है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (HASLA) के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने कहा कि शिक्षक पहले ही शिक्षण कार्य के अतिरिक्त 20 से अधिक गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। अब कुत्तों की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं सौंपना बिल्कुल अनुचित है।   आदेश तुरंत रद्द किए जाऐं उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मूल भूमिका विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, न कि पशु नियंत्रण से जुड़े कार्य करना। आवारा पशुओं व कुत्तों को नियंत्रित करना नगर निगम, पशुपालन विभाग और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसे शिक्षकों पर थोपना शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करेगा। शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि यह आदेश तुरंत रद्द किया जाए और आवारा कुत्तों के प्रबंधन का दायित्व संबंधित विभागों को ही सौंपा जाए।

31 दिसंबर को मनाई जाएगी श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ

27 दिसंबर से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान, 2 जनवरी तक चलेंगे कार्यक्रम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे मुख्य अतिथि, सीएम योगी की भी रहेगी उपस्थिति मां अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण, प्रतिष्ठा द्वादशी में विशिष्ट सहभागिता अयोध्या,  रामनगरी अयोध्या में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ आगामी 31 दिसंबर 2025 को श्रद्धा, भव्यता और धार्मिक उल्लास के साथ मनाई जाएगी। श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को संपन्न हुई थी, लेकिन वर्षगांठ का निर्धारण हिंदू पंचांग के अनुसार किया जा रहा है। इसी परंपरा के तहत पहली वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को मनाई गई थी। दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत 27 दिसंबर 2025 से होगी। मुख्य समारोह 31 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा, जबकि पूजन-अनुष्ठान और अन्य धार्मिक कार्यक्रम 2 जनवरी 2026 तक चलते रहेंगे। इस भव्य आयोजन में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। पूजन-अनुष्ठान जगद्गुरु मध्वाचार्य जी की देखरेख में संपन्न कराए जाएंगे। कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत 29 दिसंबर से सांस्कृतिक आयोजनों की शुरुआत होगी, जिसमें विविध धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।श्रद्धालुओं की सुविधा और सुव्यवस्थित आवागमन को ध्यान में रखते हुए अंगद टीला तक पहुंचने के लिए सुग्रीव पथ से आने-जाने की व्यवस्था की गई है।इसी क्रम में 31 दिसंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण भी करेंगे। वे प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ उपस्थित रहेंगे। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े गोपाल जी ने आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में इन कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रामनगरी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत और सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।