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पंजाब में मान सरकार का बड़ा ऐलान, इन लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के हर वर्ग की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सरकार आश्रित और अनाथ बच्चों की सुरक्षित, सम्मानजनक और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए लगातार उचित कदम उठा रही है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार ने अब तक राज्य के आश्रित और अनाथ बच्चों के लिए 314.22 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है, जिससे हजारों बच्चों के जीवन में सुरक्षा और स्थिरता आई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत राज्य के 2 लाख 37 हजार 406 आश्रित और अनाथ बच्चों को नियमित वित्तीय सहायता दी जा रही है ताकि ये बच्चे वित्तीय सहायता से पढ़-लिखकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आश्रित और अनाथ बच्चे सिर्फ सरकारी आंकड़े नहीं हैं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा कि मान सरकार यह पक्का कर रही है कि कोई भी बच्चा मजबूरी, अनदेखी या आर्थिक कमजोरी की वजह से अपनी पढ़ाई और सपनों से दूर न रहे। पंजाब सरकार ऐसे हर बच्चे के साथ संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी के साथ खड़ी है। कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि इस स्कीम का फ़ायदा वे बच्चे उठा सकते हैं जिनकी उम्र 21 साल से कम है और जिनके माता-पिता या तो दोनों गुज़र चुके हैं या दोनों घर से दूर हैं या शारीरिक और मानसिक विकलांगता की वजह से परिवार की देखभाल करने में असमर्थ हैं। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मान सरकार की यह पहल सिर्फ़ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानित और उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने का साफ़ और पक्का वादा दिखाती है। 

‘हत्याओं को इग्नोर नहीं किया जा सकता’: MEA ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को लेकर यूनुस राज पर जताई चिंता

नई दिल्ली बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को लेकर भारत का रुख अब बहुत आक्रामक है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि भारत विरोधी झूठे नैरेटिव को भारत पहले ही खारिज कर चुका है. कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना पूरी तरह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है. भारत हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी शत्रुता पर गहरी चिंता जताता है. MEA ने मयमनसिंह में एक हिंदू युवक की हालिया हत्या की निंदा करते हुए कहा कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2900 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन घटनाओं को मीडिया की अतिशयोक्ति या महज राजनीतिक हिंसा बताकर खारिज नहीं किया जा सकता. जायसवाल ने कहा कि ये घटनाएं कोई मीडिया का बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया आंकड़ा नहीं है. यह एक कड़वी हकीकत है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता. इसके साथ ही अमेरिका में H-1B वीजा के संकट को लेकर भी भारत ने वॉशिंगटन में आवाज उठाई है. कई भारतीयों की नौकरी और पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा है. सरकार ने साफ किया है कि वह अपने नागरिकों के हितों के साथ समझौता नहीं करेगी. क्या बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार को झुठला रही है यूनुस सरकार? बांग्लादेश में हालात बद से बदतर हो चुके हैं. हिंदुओं के साथ ईसाई और बौद्ध भी वहां असुरक्षित हैं. जायसवाल ने साफ कहा कि सुरक्षा देना अंतरिम सरकार का काम है. 2900+ घटनाओं का सबूत अब दुनिया के सामने है. इसे राजनीतिक हिंसा बताकर टालना बिल्कुल गलत है. भारत वहां की हर पल की खबर ले रहा है. अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाना बंद होना चाहिए. दोषियों को कड़ी सजा दिलाना वहां की सरकार की जिम्मेदारी है. भारत ने स्पष्ट किया कि इसे मीडिया का बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला नहीं कहा जा सकता. यह सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का समर्थन, तारिक रहमान की वापसी को उसी नजरिए से देखने की अपील बांग्लादेश की राजनीति से जुड़ी एक अन्य अहम घटना पर MEA ने कहा कि भारत वहां स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है. BNP नेता तारिक रहमान की वापसी को भी इसी व्यापक लोकतांत्रिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए. भारत का जोर इस बात पर है कि बांग्लादेश में स्थिरता, समावेश और कानून का राज कायम रहे. बॉन्डी बीच आतंकी हमले पर ऑस्ट्रेलिया से संपर्क में भारत एक अलग प्रेस ब्रीफिंग में MEA प्रवक्ता ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच आतंकी हमले से जुड़े जिम्मेदार लोगों को लेकर आई रिपोर्ट्स की जानकारी भारत को है. ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी इस मामले में भारतीय एजेंसियों के संपर्क में हैं. भारत अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और सूचना साझा करने को बेहद अहम मानता है. H-1B वीजा अपॉइंटमेंट रद्द होने से भारतीयों की मुश्किलें, अमेरिका से उठाया मुद्दा H-1B वीजा अपॉइंटमेंट कैंसिलेशन के सवाल पर MEA ने बताया कि कई भारतीय नागरिकों ने वीजा शेड्यूल और री-शेड्यूल में देरी को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं. वीजा जारी करना संबंधित देश का संप्रभु अधिकार है, फिर भी भारत ने नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी अधिकारियों के सामने यह चिंता उठाई है. MEA के अनुसार, देरी के चलते पढ़ाई और पारिवारिक जीवन पर असर पड़ा है. सरकार अमेरिकी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है ताकि भारतीय नागरिकों पर पड़ रहे प्रभाव को कम किया जा सके.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आईटी सेक्टर को मिला नया विस्तार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख आईटी और डिजिटल हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की गई नीतियों और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था का असर अब धरातल स्टार पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। प्रदेश में आईटी कंपनियों का लगातार विस्तार हो रहा है, जो रोजगार सृजन निवेश और तकनीकी नवाचार के नए अवसर पैदा कर रही हैं। इनमें से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 400 आईटी कंपनियां पंजीकृत हैं।    उत्तर प्रदेश में संचालित आईटी कंपनियों में स्टार्टअप्स, मध्यम उद्यम और वैश्विक स्तर की बड़ी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटीईएस, क्लाउड सर्विसेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सेवाओं पर कार्य कर रही हैं। आईटी विशेषज्ञ प्रदीप यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने विज़न से आईटी कंपनियों का उत्तर प्रदेश की ओर रुझान बढ़ रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े आईटी गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुके हैं। जो डेटा सेंटर और नई तकनीकों पर आधारित सेवाएं प्रदान करने का काम कर रही हैं। इसके अलावा कानपुर और वाराणसी जैसे शहर भी तेजी से उभरते डिजिटल केंद्र बन रहे हैं, जिससे प्रदेश के संतुलित विकास को मजबूती मिल रही है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 400 इकाइयां पंजीकृत हैं। ये इकाइयां आईटी निर्यात में अहम भूमिका निभा रही हैं। आईटी विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ष 2026  तक प्रदेश में एसटीपीआई पंजीकृत इकाइयों की संख्या 500 से अधिक हो जाएगी। उत्तर प्रदेश में माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, एचसीएल, विप्रो, इंफोसिस, पेटीएम और एडोब जैसी प्रमुख कंपनियां बड़े स्तर पर संचालन कर रही हैं। इसके साथ ही लगभग 90 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) स्थापित किए जा चुके हैं, जहां रिसर्च और उच्च स्तरीय सेवाओं पर काम हो रहा है। इन कंपनियों की मौजूदगी से प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर काम करने का अवसर मिल रहा है। सरकार की स्किल डेवलपमेंट योजनाओं के अंतर्गत युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

PAK ने LoC के पास लगाया काउंटर-ड्रोन सिस्टम, ऑपरेशन सिंदूर का असर अभी भी महसूस

 नई दिल्ली भारत की ऑपरेशन सिंदूर में हुई सटीक ड्रोन हमलों से घबराया पाकिस्तान अब नियंत्रण रेखा (LoC) के साथ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के आगे के इलाकों में बड़े पैमाने पर काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैनात कर रहा है. पाकिस्तान को 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' का डर सता रहा है, इसलिए उसने रावलाकोट, कोटली और भिंबर सेक्टरों के सामने नए एंटी-ड्रोन उपकरण लगाए हैं. 30 से ज्यादा एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात LoC के साथ पाकिस्तान ने 30 से अधिक विशेष एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात की हैं. यह काम मुख्य रूप से 12वीं इन्फैंट्री डिवीजन (मुर्री मुख्यालय) और 23वीं इन्फैंट्री डिवीजन के सैनिक कर रहे हैं. कोटली-भिंबर इलाके में 23वीं डिवीजन की ब्रिगेड काम संभाल रही हैं. इसका मकसद LoC के पास हवाई निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर को मजबूत करना है. सेक्टर के हिसाब से तैनाती     रावलाकोट सेक्टर: यहां 2nd आजाद कश्मीर ब्रिगेड जिम्मेदार है, जो पूंछ सेक्टर के सामने भारतीय चौकियों को देखती है.     कोटली सेक्टर: 3rd आजाद कश्मीर ब्रिगेड संभाल रही है, जिसका इलाका राजौरी, पूंछ, नौशेरा और सुंदरबनी के सामने है.     भिंबर सेक्टर: 7th आजाद कश्मीर ब्रिगेड यहां तैनात है. पाकिस्तान ने लगाए ये हथियार पाकिस्तान ने इलेक्ट्रॉनिक और हथियारों वाले दोनों तरह के काउंटर-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं…     स्पाइडर काउंटर-UAS सिस्टम: यह रेडियो फ्रीक्वेंसी से ड्रोन का पता लगाता है. 10 किलोमीटर तक छोटे-बड़े ड्रोन को डिटेक्ट कर सकता है.     सफरा एंटी-UAV जैमिंग गन: यह कंधे पर रखकर चलाई जाने वाली बंदूक है, जो 1.5 किलोमीटर दूर तक ड्रोन का कंट्रोल, वीडियो और GPS सिग्नल जाम कर देती है. इसके अलावा पुराने हवाई रक्षा हथियार भी इस्तेमाल हो रहे हैं…     ओर्लिकॉन GDF 35 mm ट्विन बैरल एंटी-एयरक्राफ्ट गन (रडार के साथ).     अंजा Mk-II और Mk-III MANPADS – ये धीमे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन को मार गिरा सकते हैं. तुर्की और चीन से नई खरीदारी की कोशिश पाकिस्तान तुर्की और चीन से नए ड्रोन और रक्षा सिस्टम खरीदने की बातचीत कर रहा है. लेकिन अभी भारत की आक्रामक सैन्य तैयारी से डरा हुआ है. भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना पश्चिमी सीमा पर लगातार युद्धाभ्यास कर रही हैं, जिससे पाकिस्तान में घबराहट बढ़ गई है. यह तैनाती साफ बताती है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान अब भारतीय ड्रोन हमलों से बेहद डरा हुआ है. LoC पर अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने में जुट गया है.  

जब भ्रम टूटा और सच्चाई जीती: राजस्थान पुलिस ने कायम की भरोसे की मिसाल

जयपुर राजस्थान की वीर धरा पर 'खाकी' केवल एक वर्दी नहीं, बल्कि लाखों युवाओं का स्वाभिमान और प्रदेश की सेवा का संकल्प है। जब एक युवा पुलिस मुख्यालय की सीढ़ियां चढ़ने का सपना देखता है, तो उसके पीछे सालों की तपस्या, माता-पिता की उम्मीदें और एक निष्पक्ष व्यवस्था का भरोसा होता है। हाल ही में राजस्थान पुलिस दूरसंचार विभाग द्वारा कांस्टेबल (ऑपरेटर/चालक) भर्ती-2025 के जो परिणाम जारी किए गए हैं, वे इसी अटूट विश्वास और अटूट पारदर्शिता की एक जीवंत मिसाल बनकर उभरे हैं। ​ भ्रामक खबरों का अंत: केवल योग्यता को सलाम ​अक्सर देखा गया है कि जब भी कोई बड़ी भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम चरणों में होती है, तो कुछ स्वार्थी तत्व और अफवाहों के सौदागर प्रक्रिया को धूमिल करने की कोशिश करते हैं। लेकिन राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि "न्याय केवल तथ्यों और योग्यता के आधार पर होगा, न कि धारणाओं के आधार पर।" ​ पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि विभाग हर एक पहलू पर पैनी नज़र बनाए हुए है। विभाग ने उन चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिणाम 'अस्थाई' (Tentative) है। इसका अर्थ यह है कि अभी केवल लिखित और शारीरिक दक्षता के अंकों के आधार पर एक सूची तैयार हुई है, लेकिन अंतिम चयन की अग्निपरीक्षा अभी बाकी है। ​ दस्तावेज़ सत्यापन: जहां दूध का दूध और पानी का पानी होगा ​राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया (Multi-layered verification) है। विभाग ने यह साफ कर दिया है कि 26 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 तक चलने वाले दस्तावेज सत्यापन (DV) में एक-एक कागज़ की बारीकी से जांच की जाएगी। ​विशेष संज्ञान: विभाग के ध्यान में यह बात आई है कि कुछ अभ्यर्थियों ने अपनी मूल कैटेगरी के अलावा अन्य कैटेगरी (जैसे OBC से MBC) में फॉर्म भरे हैं। यहां पुलिस का रुख बेहद सख्त और स्पष्ट है—"मात्र सूची में नाम आने से नियुक्ति नहीं मिलेगी।" ​ यह कदम उन मेहनती अभ्यर्थियों के लिए एक सुरक्षा कवच है, जिन्हें डर था कि गलत जानकारी देकर कोई उनकी सीट छीन लेगा। राजस्थान पुलिस ने वचन दिया है कि मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही श्रेणी का अंतिम निर्धारण होगा। यदि कोई अभ्यर्थी गलत पाया जाता है, तो उसे तुरंत अयोग्य घोषित कर मेरिट के आधार पर अगले पात्र उम्मीदवार को अवसर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया दर्शाती है कि यहाँ "सिफारिश नहीं, केवल सर्टिफिकेट और सच्चाई" चलती है। ​ एक भावुक कहानी: पसीने की बूंद और खाकी का सम्मान ​कल्पना कीजिए शेखावाटी की तपती रेत में सुबह 4 बजे दौड़ने वाले उस युवा की, जिसके पिता मजदूरी करते हैं ताकि बेटा पुलिस में भर्ती हो सके। या उस बेटी की, जिसने गृहस्थी संभालते हुए रातों को जागकर ऑपरेटर परीक्षा की तैयारी की। इन युवाओं के लिए पुलिस विभाग केवल एक नियोक्ता नहीं, बल्कि एक 'अभिभावक' है। राजस्थान पुलिस ने इन भावनाओं को समझा है। इसीलिए प्रेस नोट में यह संवेदना झलकती है कि विभाग अभ्यर्थियों की 'कड़ी मेहनत और प्रयास' का सम्मान करता है। पुलिस विभाग जानता है कि एक भी गलत चयन हज़ारों मेहनती युवाओं का मनोबल तोड़ सकता है। इसीलिए, मेडिकल परीक्षण, चरित्र सत्यापन और शैक्षणिक योग्यता की जांच को इतना कठोर बनाया गया है कि कोई भी 'अपात्र' व्यक्ति सिस्टम में सेंध न लगा सके। ​ कानूनी और नैतिक पक्ष: क्यों निराधार हैं सवाल? ​किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सवाल उठाना आसान है, लेकिन व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखना चुनौतीपूर्ण। राजस्थान पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार किया है। कानूनी दृष्टि से देखें तो विभाग ने अपनी हर कार्रवाई को नियमों के दायरे में रखा है। ​अस्थाई सूची: यह फाइनल सिलेक्शन नहीं है, अतः किसी के अधिकारों का हनन नहीं हुआ। ​सत्यापन का अवसर: सभी को अपने दस्तावेज पेश करने का समान अवसर दिया गया है। ​पारदर्शिता: आधिकारिक वेबसाइट पर सूचनाएं साझा कर विभाग ने 'सूचना के अधिकार' और 'न्यायिक सुचिता' का पालन किया है। आमजन को संदेश: अफवाहों से बचें, खाकी पर भरोसा रखें ​इस डिजिटल युग में 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी' के दावों पर यकीन करने से बेहतर है कि हम उस विभाग पर भरोसा करें जो दिन-रात हमारी सुरक्षा में तैनात है। राजस्थान पुलिस की भर्ती सेल ने आधुनिक तकनीक और निष्पक्ष जांच के तालमेल से यह सुनिश्चित किया है कि "मेहनत करने वाला कभी हारेगा नहीं, और धोखाधड़ी करने वाला कभी जीतेगा नहीं।" यह परीक्षा केवल अंकों की नहीं थी, बल्कि राजस्थान पुलिस की ईमानदारी की भी थी, जिसमें वह शत-प्रतिशत सफल रही है। विभाग का यह कहना कि "हम आपकी मेहनत और भरोसे के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे," हर अभ्यर्थी के दिल में सुरक्षा का भाव पैदा करता है। सुशासन और पारदर्शिता का नया अध्याय ​अंत में, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि राजस्थान पुलिस ने इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सुशासन (Good Governance) का एक नया मानक स्थापित किया है। चयन प्रक्रिया के हर पड़ाव पर पारदर्शिता का पहरा है। यह उन सभी के लिए करारा जवाब है जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह करते थे। ​राजस्थान के युवाओं को अब निश्चिंत होकर अपने अगले पड़ाव की तैयारी करनी चाहिए, क्योंकि उनकी खाकी, उनकी मेहनत और उनकी ईमानदारी का रक्षक स्वयं राजस्थान पुलिस मुख्यालय है।  

फतेहाबाद में महिला का गुस्सा फूटा, मेडिकल स्टोर संचालक पर बेटी से गलत हरकत का आरोप

फतेहाबाद  हरियाणा के फतेहाबाद में एक मेडिकल स्टोर संचालक की महिला ने जमकर पिटाई कर दी। गुस्साई महिला ने जमकर थप्पड़ मारे व लात भी मारी। चप्पल से पिटाई कर कुर्सी उठाकर भी मारने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि उसने बेटी पेट दर्द की दवा लेने मेडिकल स्टोर पर भेजा था। स्टोर संचालक ने इंजेक्शन लगाने के लिए कहा। इसी दौरान उसने गलत हरकत की। को मेडिकल स्टोर पर दवाई लेने भेजा था। मेडिकल संचालक ने उसकी बेटी से गलत हरकत की। बेटी ने घर आकर यह बात परिजनों को बताई। यह भी आरोप है कि जब मेडिकल स्टोर संचालक से इस बारे में पूछा गया तो माफी मांगने की बजाय उनके साथ ही अभद्रता की। इससे महिला का गुस्सा भड़क गया। हालांकि मेडिकल स्टोर संचालक पुलिस को बुलाने के लिए कहता रहा, लेकिन महिला ने उसकी एक नहीं सुनी। मामले में अभी तक पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें महिला मेडिकल स्टोर में हंगामा करती दिख रही है।

सोनीपत के गांव सलीमसर ट्राली में दिनदहाड़े आंगनबाड़ी वर्कर की बड़ी बेरहमी हत्या का सनसनीखेज मामला आया सामने

सोनीपत  सोनीपत के गांव सलीमसर ट्राली में दिनदहाड़े आंगनबाड़ी वर्कर की बड़ी बेरहमी हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लूट के बाद हत्या हुई है। आंगनवाड़ी वर्कर उषा अपने घर के पास एक मकान में आटा पिसाई करने गई थी, तभी इस वारदात को अंजाम दिया गया।  बताया जा रहा है कि ऊषा के दोनों हाथ टूटे हुए और साथ में शरीर पर तेजधार हथियार से कई वार के निशान मौजूद हैं। मृतक आंगनवाड़ी वर्कर उषा के शरीर से उसके पहने हुए गहने गायब मिले। उषा के शव का पोस्टमार्टम सोनीपत खानपुर पीजीआई में होगा। सोनीपत पुलिस की कई टीमें जघन्य हत्याकांड की गंभीरता से जांच कर रही हैं। 

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी: पंजाब में तापमान गिरा, फरीदकोट में सबसे ज्यादा सर्दी

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में सर्दी ने अब अपना असली असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में सुबह की शुरुआत ठंडी हवाओं और घने कोहरे की चादर के साथ हुई। हालांकि दोपहर के समय कुछ इलाकों में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन तापमान में आई गिरावट और ठंडी हवाओं ने घर से बाहर निकलने वालों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मौसम विभाग चंडीगढ़ द्वारा 25 दिसंबर को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा, लेकिन तापमान में गिरावट से ठंड और तेज हो गई। गुरदासपुर, पठानकोट और बल्लोवाल सौंखड़ी में घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि आदमपुर में शीत लहर देखने को मिली। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में औसतन अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इस समय फरीदकोट जिला ठंड का केंद्र बना हुआ है, जहां राज्य का सबसे कम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि दिन के समय सबसे अधिक तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस भी फरीदकोट में ही दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर पटियाला में दिन के समय काफी ठंड महसूस की गई, जहां अधिकतम तापमान मात्र 14.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से काफी कम है। इसके अलावा अमृतसर में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री, लुधियाना और पटियाला में 6.4 डिग्री, गुरदासपुर में 5.5 डिग्री, होशियारपुर में 5.1 डिग्री और बठिंडा (एयरपोर्ट) में 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 दिनों तक घने कोहरे और शीत लहर की चेतावनी पंजाब के लोगों को आने वाले दिनों में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के लिए तैयार रहना होगा। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी जारी की है। 26 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच पंजाब के कई हिस्सों में ‘घने से बहुत घने कोहरे’ के साथ शीत लहर चलने की संभावना है। वहीं ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) में भी अगले 5 दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने के साथ घना कोहरा रहने की उम्मीद है। चंडीगढ़ शहर में अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय महत्व के विषयों संग हरियाणा की आवाज़ को मिली प्राथमिकता

चंडीगढ़ हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि शीतकालीन सत्र कई दृष्टि से लाभकारी रहा। सत्र के दौरान प्रदेश की जनता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई तथा 16 विधेयक पारित किये गए। चुनाव सुधार से उत्पन्न हुई स्थिति और वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। तीन दिन में आयोजित 4 बैठकों में कुल 23 घंटे 45 मिनट कार्यवाही चली, जिसकी कार्य उत्पादकता 100 प्रतिशत से अधिक रही। सत्र के दौरान सभी 74 विधायकों ने शिरकत की, इसमें मुख्यमंत्री, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मंत्रियों की संख्या अलग से है। 18 से 22 दिसंबर तक चले सत्र के दौरान विधायकों की सक्रियता दिखाई दी। विधायकों की ओर से अध्यादेशों को निरस्त करने तथा संशोधन के नोटिस प्राप्त हुए। विपक्ष की ओर से उठाए गए प्रत्येक विषय पर किसी न किसी रूप में चर्चा की गई। सत्र का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ तथा समापन राज्यगीत और राष्ट्रगीत के साथ हुआ। विस अध्यक्ष ने बताया कि शून्यकाल की कार्यवाही तीन दिन रही जो 3 घंटे 18 मिनट चली। इस कार्यवाही में 70 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिनमें कांग्रेस के 33 सदस्य 94 मिनट तक बोले। भाजपा के 32 सदस्यों ने 91 मिनट तक अपनी बात रखी, इनेलो के 2 सदस्यों ने 6 मिनट तथा तीन निर्दलीय विधायकों ने 7 मिनट तक बात रखी। तीन दिन में प्रश्नकाल के दौरान 81 तारांकित प्रश्न स्वीकृत किए गए जिनमे से ड्रा की प्रक्रिया के बाद 47 प्रश्नों के मौखिक जवाब कार्यवाही के दौरान दिए गए। इनमें कांग्रेस के 22, भाजपा के 14, इनेलो के 2 तथा 2 निर्दलीय विधायकों के प्रश्न थे। वहीं, 30 अतारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए जिनके जवाब सदन पटल पर दिए गए। कांग्रेस के 33 विधायकों की ओर से नियम 65 के तहत प्रदेश सरकार के विरुद्ध अनेक विषयों पर आधारित अविश्वास प्रस्ताव आया। इस प्रस्ताव पर 19 दिसंबर को चर्चा करवाई गई। 4 घंटे 40 मिनट चली इस चर्चा में 17 विधायकों ने भाग लिया। कांग्रेस के 8 विधायकों ने 87 मिनट तक विस्तार से अपनी बात रखी। भाजपा के 6 सदस्य 69 मिनट बोले जबकि सरकार की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह ने 109 मिनट में जवाब दिया। इनेलो के 2 सदस्य 15 मिनट बोले। इनेलो की तरफ से एक ध्यानाकर्षण सूचना को स्वीकार किया गया। प्रदेश के स्कूलों/ प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षित शिक्षकों/अनुदेशकों की कमी बारे इस नोटिस पर 18 दिसंबर को चर्चा की गई। नेता प्रतिपक्ष के रूप में भूपेंद्र हुड्डा की नियुक्ति उपरांत विधान सभा में मान्यता मिलने की सूचना भी सदन में दी गई। संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा की ओर से 18 दिसंबर को पेश किए गए सरकारी प्रस्ताव में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में चर्चा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के स्वीकार करने पर उसी दिन इस पर विस्तृत चर्चा करवाई। भाजपा विधायक घनश्याम दास और योगेन्द्र राणा की ओर से नियम 84 के तहत प्रस्तुत प्रस्ताव में ‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्’ पर तथा भाजपा मुख्य सचेतक राम कुमार कश्यप और विधायक योगेन्द्र राणा की ओर से ‘मतदाता सूची बनाने से संबंधित चल रहे चुनाव सुधारों से उत्पन्न स्थिति’ पर क्रमशः 19 और 22 दिसंबर को चर्चा हुई। इन चुनाव सुधारों से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार किया। इस मामले में संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा की ओर से प्रस्तुत निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। सत्र के दौरान कुल 1058 दर्शक विधान सभा देखने पहुंचे, जिनमें 588 विद्यार्थी, 201 स्पीकर गैलरी और 269 दर्शक दीर्घा में थे।

भारत की सख्ती से सहमा पाकिस्तान, ऑपरेशन सिंदूर के डर से बॉर्डर पर लगाए एंटी-ड्रोन उपकरण

नई दिल्ली  ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान पर कई हवाई हमले करते हुए उसे बुरी तरह पराजित किया था। उस हार का भय पाकिस्तान के मन से जा नहीं रहा है। अब उसने एलओसी के पास एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती बढ़ा दी है, जिससे भारत अगली बार हवाई हमले करता है तो उसे कुछ सोचने-समझने का समय मिल सके। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान के चीनी एंट्री ड्रोन सिस्टम बिल्कुल काम नहीं किए थे और भारत ने जहां चाहा था, वहां हमला किया था। मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान ने एलओसी के पास पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के आगे वाले इलाकों में एंट्री ड्रोन की तैनाती को बढ़ाया है। उसने रावलकोट, कोटली, भीमबर सेक्टर पर नए काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) लगाए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने 30 डेडीकेटेड एंटी-ड्रोन सिस्टम्स लगाए हैं। इसके जरिए पाकिस्तान अपने एयरस्पेस को बेहतर करने में लगा हुआ है। पाकिस्तानी सेना ने इलेक्ट्रॉनिक और काइनेटिक काउंटर यूएएस सिस्टम का मिक्स लगाया है। इसको लेकर दावा किया जाता है कि यह दस किलोमीटर की रेंज में आने वाले छोटे या फिर बड़े ड्रोन का पता लगा सकता है। हालांकि, यह युद्ध के समय कितना काम आएगा, यह तो समय पर ही पता चलेगा। वहीं, पाकिस्तान सफराह एंटी यूएवी जैमिंग गन का भी इस्तेमाल करता है, जिसे कंधे से चलाया जाता है और आसानी से डेढ़ किलोमीटर की रेंज में आने वाले ड्रोन को मार गिराया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है अप्रैल महीने में पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला करके कई पर्यटकों की जान ले ली थी। इसके बाद भारत ने मई के शुरुआत में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पीओके से लेकर पाकिस्तान तक, लश्कर, जैश जैसे आतंकियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसमें बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए। पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की और जम्मू-कश्मीर से गुजरात तक बॉर्डर के इलाकों में तुर्की ड्रोन के जरिए हमले की नाकाम कोशिश की। भारत ने फिर जवाब देते हुए पाकिस्तान के कई एयरबेस को तबाह कर दिया था। हालांकि, बाद में दोनों देशों के बीच युद्धविराम की घोषणा हो गई, लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है और यह अब भी जारी है। अगर पाकिस्तान की ओर से आगे कोई भी हमला किया गया तो उसे 'एक्ट ऑफ वॉर' माना जाएगा।