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बीमारी और इंतजार के बाद सक्रिय, शशि थरूर ने CWC मीटिंग में दिखाई तेज़ी

नई दिल्ली कांग्रेस की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की शनिवार को बैठक हो रही है. इंदिरा भवन में हो रही इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शरीक हुए हैं. इस बैठक में शामिल होने के लिए शशि थरूर भी पहुंचे. पार्टी की कई अहम बैठकों से नदारद रहने के बाद थरूर का इस बैठक में पहुंचना खासा चर्चा में है. थरूर यहां भागकर कांग्रेस मुख्यालय यानी इंदिरा भवन में दाखिल होते दिखे. सीडब्लूसी की बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हो रहे हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस मुख्यालय पहुंच चुके हैं. इसके अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा, दिग्विजय सिंह, गौरव गोगोई, कुमारी सैलजा, सचिन पायलट, वीरप्पा मोइली, चरणजीत सिंह चन्नी और अभिषेक मनुसिंघवी भी सीडब्लूसी बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं. कांग्रेस की बैठक से कब-कब दूर रहे थरूर? इसी महीने कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की अहम बैठक हुई थी, जिसकी अध्यक्षता राहुल गांधी ने की थी. इस बैठक में संसद के शीतकालीन सत्र से पहले पार्टी की रणनीति पर चर्चा की गई थी. हालांकि शशि थरूर इसमें शामिल नहीं हुए थे. बाद में थरूर ने सफाई देते हुए कहा था कि वे निजी कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के चलते कोलकाता में थे, जिस वजह से बैठक में शामिल नहीं हो सके. कभी बीमार, कभी बिजी थे थरूर? इसके बाद 30 नवंबर को कांग्रेस की एक और अहम रणनीतिक बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता सोनिया गांधी ने की थी. इस बैठक का मकसद पार्टी की समग्र रणनीति और राजनीतिक दिशा पर मंथन करना था. इस बैठक में भी शशि थरूर अनुपस्थित रहे. थरूर की ओर से बताया गया कि वे उस समय केरल से उड़ान पर थे, और इसी कारण समय पर बैठक में नहीं पहुंच पाए. इससे पहले 18 नवंबर SIR वोटर री-वेरिफिकेशन जैसे मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व की एक अहम बैठक हुई थी. इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, लेकिन शशि थरूर इसमें भी शामिल नहीं हो सके. इस बार उनकी गैरहाजिरी की वजह स्वास्थ्य कारण बताई गई थी. फिर चर्चा में थरूर का बयान इस बीच शशि थरूर एक बयान खूब चर्चा में है. उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि विदेश नीति भाजपा या कांग्रेस नहीं, बल्कि भारत की होती है. अगर प्रधानमंत्री हारते हैं, तो यह पूरे देश की हार है और पीएम मोदी की हार का जश्न मनाना भी भारत की हार का जश्न मनाने जैसा ही है. थरूर ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को दोहराते हुए कहा, ‘अगर भारत मर गया, तो फिर कौन जिंदा रहेगा?’ CWC की बैठक में किन-किन मुद्दों पर चर्चा यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म कर उसकी जगह विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी ‘जी राम जी’ कानून लागू किया है. हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र में यह विधेयक पारित हुआ और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी भी मिल चुकी है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस नए कानून पर कड़ा ऐतराज जताया है. पार्टी का आरोप है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना न सिर्फ गांधी जी का अपमान है, बल्कि ग्रामीण गरीबों के अधिकारों पर भी सीधा हमला है. जी राम जी कानून पर क्या आपत्ति? इस नए कानून के तहत हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है, लेकिन इसमें केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के फंडिंग अनुपात का प्रावधान किया गया है. कांग्रेस का कहना है कि इससे राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और योजना की मूल भावना कमजोर होगी. CWC बैठक में मनरेगा के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ रणनीति को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है. इसके अलावा मौजूदा राजनीतिक हालात और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा होगी. बिहार में हार के बाद CWC की पहली बैठक यह बिहार चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की पहली बैठक है. ऐसे में आत्ममंथन और आगे की रणनीति पर भी गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है. यह बैठक अगले साल होने वाले असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है. पार्टी इन राज्यों में अपनी सियासी दिशा और चुनावी रणनीति को लेकर भी मंथन कर सकती है.  

भोपाल एयरपोर्ट को मिला शीर्ष स्थान, खजुराहो एयरपोर्ट ने भी दिखाया दम

भोपाल  भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट ने राष्ट्रीय ग्राहक संतुष्टि सूचकांक (कस्टमर सेटिस्फेक्शन सर्वे) में लगातार दूसरी बार नंबर एक का दर्जा प्राप्त किया है। देश के 58 हवाई अड्डों पर हुए सर्व में भोपाल अव्वल रहा है। प्रदेश के कम एयर ट्रैफिक वाले खजुराहो एयरपोर्ट को भी पहला स्थान मिला है। ग्वालियर छह एवं जबलपुर एयरपोर्ट सातवें स्थान पर रहा है। इस सर्वे में इंदौर शामिल नहीं था। भोपाल श्रेणी तीन हवाई अड्डा है, जहां यात्री संख्या 15 लाख से अधिक है। एयरपोर्ट कांउसिल द्वारा निर्धारित सर्विस क्वालिटी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट अथारिटी साल में दो बार सीएसआइ इंडेक्स जारी करती है। जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच यात्रियों से सीधे बातचीत के आधार पर हुए सर्वे में भोपाल को लगभग हर पैरामीटर पर पूरे नंबर मिले हैं। ओवरआल रैंकिंग के लिए पांच में 4.99 नंबर मिले हैं। इसी आधार पर भोपाल और खजुराहो को नंबर एक दर्जा मिला है। राजा भोज एयरपोर्ट पर हाल ही में इंटरनेशनल मापदंड के अनुरूप डिजी यात्रा सुविधा मिली है। ग्राउंड हैंडलिंग, चेक इन सेवाओं एवं फ्लाइट स्क्रीन सूचना सेवा को आसान बनाया गया है। हाल में 'आइ हेल्प यू' कांउटर बना है। फ्लाइब्रेरी एवं केटेगरी-2 आइएलएस सिस्टम लगा है इसका असर सर्वे में नजर आया है। कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान राजा भोज एयरपोर्ट का फ्लाइट शेड्यूल पैंसेजर फ्रेंडली है। भोपाल से दिल्ली एवं मुंबई से देश-विदेश की कनेक्टिंग उड़ानें मिलना आसान हैं। इस बिंदु पर यात्रियों ने भोपाल को पांच में से पूरे पांच नंबर दिए हैं। शापिंग सुविधाएं, मनी एक्सचेंज एवं एयरपोर्ट तक ग्राउंड ट्रांसपोर्ट, 24 घंटे पार्किंग सुविधा, चेक इन में प्रतीक्षा समय कम लगना, चेक इन स्टाफ की दक्षता, सिक्युरिटी होल्ड एरिया में खानपान एवं शापिंग सुविधा सहित अधिकांश बिंदुओं पर यात्रियों ने पिछली बार के मुकाबले भोपाल को पूरे नंबर दिए हैं। एयरपोर्ट अथारिटी ने पिछले साल ही लाउंज पर यात्री सहायता काउंटर स्थापित किया था। इस कांउटर पर आने वाले हर यात्री की मदद की जाती है। सीआईएसएफ के जवानों को भी ट्रेंड किया गया है। यात्रियों ने इसी आधार पर भोपाल को भरपूर नंबर दिए हैं। भोपाल के एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी एवं खजुरोहो के एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोषसिंह ने सर्वे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए यात्री सुविधाएं जारी रखने की बात कही है। जो लक्ष्य बनाया था वह पूरा हुआ     हमारे लिए यह बड़ी उपलब्धि है किसर्वेक्षण में यात्रियों ने हमें लगभग हर सुविधा पर पूरे नंबर दिए हैं। मे आई हेल्प यू काउंटर खुलने के बाद पहली बार यात्रा करने वालों को भी कोई परेशानी नहीं होती। लाउंज से सिक्युरिटी होल्ड एरिया तक हर क्षेत्र में सुधार हुआ है। यात्री भी बढ़े हैं। – रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर भोपाल  

कोहली की वापसी? विजय हजारे ट्रॉफी में कर सकते हैं अतिरिक्त मैच

नई दिल्ली टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली की 2025-26 विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार वापसी हुई और इस रोमांच का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्हें इस टूर्नामेंट में सिर्फ दो मैच खेलने थे, जो उन्होंने शुक्रवार को गुजरात के खिलाफ पूरे कर लिए लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक वह एक और मैच खेल सकते हैं. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की तरफ से सभी खिलाड़ियों ये साफ कह दिया गया था कि उनके लिए कम से कम दो घरेलू मैच खेलना जरूरी है. इन रिपोर्ट्स के अनुसार, कोहली अब नए साल के लिए छोटा ब्रेक लेंगे और 6 जनवरी 2026 को अलूर में रेलवे के खिलाफ मैच के लिए उपलब्ध हो सकते हैं. दिल्ली की टीम इससे पहले तीन मैच खेलेगी. सौराष्ट्र के खिलाफ 29 दिसंबर, ओडिशा के खिलाफ 31 दिसंबर और सर्विसेज के खिलाफ 3 जनवरी को टीम मैच खेलने उतरेगी. अंतिम फैसला भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी में होने वाली वनडे सीरीज के शेड्यूल पर निर्भर करेगा. सीरीज अगले साल 11 जनवरी से शुरू हो रही है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सीरीज से पहले एक छोटा कैंप आयोजित कर सकता है, जिसकी टाइमिंग कोहली और अन्य खिलाड़ियों की विजय हजारे ट्रॉफी में भागीदारी को प्रभावित कर सकती है. कोहली लगभग एक दशक बाद विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे हैं. बीसीसीआई के निर्देश के चलते सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना जरूरी है. संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी टूर्नामेंट के बाद के राउंड्स में खेलेंगे. कोहली 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं. उन्होंने आंध्र प्रदेश के खिलाफ पहले मैच में 101 गेंद में 131 रन बनाए और गुजरात के खिलाफ 77 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने, जिससे दिल्ली ने एलीट ग्रुप डी के मैच में सात रन से जीत दर्ज की.  

15 जनवरी तक कांग्रेस की पंचायत-वार्ड टीम तैयार, भोपाल में हरीश चौधरी ने संगठन सुधार पर सवाल उठाए

भोपाल  मध्य प्रदेश कांग्रेस में पार्टी ने जमीनी स्तर की तैयारियां तेज करने का मन बना लिया है। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मास कनेक्ट प्रोग्राम और पंचायत एवं वार्ड कमेटियों के गठन को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने, जनसंपर्क को मजबूत करने एवं आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने की दिशा में  एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि आज की बैठक में मास कनेक्ट प्रोग्राम तथा पंचायत एवं वार्ड कमेटियों के गठन को लेकर गंभीर एवं व्यापक चर्चा हुई।  गांव से बूथ, बूथ से जिला तक पहुंचेगा संगठन बैठक में तय किया गया कि गांव चलो–बूथ चलो अभियान के तहत गांव से कार्यकर्ता बूथ तक पहुंचेंगे। बूथ से मंडल, मंडल से ब्लॉक और ब्लॉक से जिला स्तर तक संगठनात्मक संवाद किया जाएगा। इस दौरान पार्टी के कार्यक्रमों के साथ-साथ भाजपा सरकार की असफलताओं को तथ्यों के साथ जनता के सामने रखा जाएगा। यह अभियान हर छह माह में नियमित रूप से चलाया जाएगा। 65 हजार बीएलए को लेकर सवाल प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने बैठक में कहा- “हमने 65 हजार बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए हैं, अगर उन्हें बुलाएंगे तो क्या वे आएंगे?” सूत्रों के मुताबिक उनका आशय यह था कि नियुक्तियां वास्तविक और सक्रिय हैं या नहीं। संगठन पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पूरा रिकॉर्ड मौजूद है और बुलाने पर सभी बीएलए सक्रिय रहेंगे। चौधरी ने कहा कि SIR की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही और इसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, कई पात्रों के नाम हटाए गए, जबकि कुछ अपात्र नाम अब भी सूची में बने हुए हैं। गांव चलो-बूथ चलो अभियान का ऐलान कांग्रेस ने मतदाता अधिकारों की रक्षा, जनसंपर्क बढ़ाने और सरकार के खिलाफ मुद्दों को उठाने के लिए प्रदेशभर में गांव चलो-बूथ चलो अभियान चलाने का ऐलान किया है। इस अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए प्रदेश प्रभारी के नेतृत्व में प्रदेश और संभाग स्तर की समितियां अगले कुछ दिनों में गठित की जाएंगी। एसआईआर पर सवाल, चुनावी निष्पक्षता पर उठे मुद्दे प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने एसआईआर प्रक्रिया को निष्पक्ष न बताते हुए गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ रही है। साथ ही भाजपा पर संविधान और महात्मा गांधी के विचारों के विपरीत काम करने का आरोप भी लगाया गया। 1 जनवरी से 15 फरवरी तक संगठन सृजन अभियान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक पूरे प्रदेश में पंचायत, वार्ड और मंडल स्तर पर संगठन का पुनर्गठन पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना था कि यह कांग्रेस के इतिहास में पहली बार हुआ है, जब 71 जिला कांग्रेस अध्यक्षों और सभी ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति पारदर्शी संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत एक साथ की गई है। 2023 चुनावों पर बड़ा आरोप जीतू पटवारी ने 2023 विधानसभा चुनावों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करीब 60 विधानसभा सीटों पर जीत के अंतर से कहीं ज्यादा वोट एसआईआर प्रक्रिया में काटे गए, जिससे यह संदेह मजबूत होता है कि चुनाव में वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ हुई। उन्होंने इसे वोट चोरी करार दिया। पटवारी-सिंघार के कार्यकाल की सराहना, संगठन पर भरोसा बैठक के बाद नेताओं ने बताया कि दो साल के कार्यकाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के संगठनात्मक कामकाज की सर्वसम्मति से सराहना की गई। पंचायत और वार्ड कमेटियों के गठन, मास कनेक्ट प्रोग्राम और बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत करने पर सहमति बनी। दिग्विजय सिंह ने रखी गांव-गांव संपर्क की रूपरेखा बैठक में दिग्विजय सिंह ने गांव-गांव चलाए जाने वाले संपर्क कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आमजन से सीधा संवाद बढ़ाना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यकर्ता बूथ तक जाएं। रात्रि विश्राम गांवों में करें। लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनें। भाजपा सरकार की नीतिगत और प्रशासनिक विफलताओं को तथ्यों के साथ रखें। इस प्रस्ताव पर बैठक में सर्वसम्मति बनी। 22 जनवरी तक दावा-आपत्ति में उतरेगा पूरा संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर दिल्ली और प्रदेश कांग्रेस की टीम ने प्रस्तुतीकरण दिया। तय किया गया कि 22 जनवरी तक चलने वाली दावा-आपत्ति प्रक्रिया में वरिष्ठ नेताओं से लेकर कार्यकर्ता तक मैदान में उतरेंगे, हर मतदाता तक पहुंचकर यह जांच की जाएगी कि नाम सही हटाया गया या गलत। 60 सीटों पर वोट चोरी का आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा- “जिन विधानसभा सीटों पर भाजपा को एक लाख, पचास हजार या चालीस हजार वोटों से जीत मिली, उन्हीं सीटों पर सबसे ज्यादा नाम काटे गए।” पटवारी ने दावा किया कि ऐसा करीब 60 विधानसभा सीटों पर हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि 2023 का चुनाव वोट चोरी के जरिए जीता गया। उन्होंने कहा कि न्यायालय जाने सहित सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और कांग्रेस का हर कार्यकर्ता बीएलए के साथ मिलकर मतदाता सूची के सत्यापन में जुटेगा। 2027 की तैयारी अभी से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि “सरकार ऐसे ही नहीं बनेगी। अगले एक साल में संगठन को बूथ स्तर तक जाना होगा। 2027 से सभी को पूरी तरह चुनाव में जुटना होगा।” एसटी-एससी और अल्पसंख्यक साधे तो सरकार तय बैठक में विधायक फूलसिंह बरैया ने कहा- अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग को साधना होगा। यदि ये वर्ग हमारे साथ आ गए, तो सरकार बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।    

Apple का बड़ा फैसला: iPhone SE, MacBook Air M3 सहित लगभग 25 गैजेट्स की बिक्री बंद

नई दिल्ली टेक दिग्‍गज ऐपल ने इस साल अपनी प्रोडक्‍ट लिस्‍ट को काफी छोटा कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी ने 25 से ज्‍यादा डिवाइस और एक्‍सेसरीज को बंद कर दिया, जिसमें 7 आईफोन मॉडल, macbook air m3 समेत कई मैकबुक शामिल हैं। हालांकि इसका मतलब यह कतई नहीं कि इन प्रोडक्‍ट्स को अब खरीदा नहीं जा सकता। दरअसल, ऐपल हमेशा से नए मॉडल आने पर पुराने मॉडल को बंद यानी डिस्‍कंन्‍टीन्‍यू कर देती है। इस साल बंद किए गए सबसे अहम मॉडलों में शामिल रहा आईफोन SE। फरवरी में कंपनी ने तीसरी जेनरेशन के आईफोन एसई को बंद कर दिया। कौन से गैजेट्स पर चली कैंची, आइए जानते हैं। Iphone SE की जगह आया iphone 16e ऐपल ने Iphone SE काे बंद करने के बाद iphone 16e को पेश किया। यह ऐपल का सबसे कॉम्‍पैक्‍ट और सस्‍ता आईफोन है। बहरहाल, अब ऐपल ऑफ‍िशियली ऐसा कोई आईफोन नहीं बेचती जिसमें होम बटन, टच आईडी, एलसीडी स्‍क्रीन, 6 इंच से छोटा डिस्‍प्‍ले या लाइटनिंग पोर्ट हो। उनके जगह ऐपल की तमाम आईफोन लाइनअप में अब फेस आईडी, ओएलईडी डिस्‍प्‍ले और यूएसबी-सी टाइप चार्जिंग है। Iphone Plus मॉडल की विदाई इस साल आई आईफोन 17 सीरीज में कोई प्‍लस मॉडल शामिल नहीं था। इसके अलावा, कंपनी ने आधिकारिक तौर पर आईफोन 14 प्‍लस और आईफोन 15 प्‍लस को बंद कर दिया है। जल्‍द आईफोन 16 प्‍लस की विदाई भी हो सकती, जो यह संकेत है कि कंपनी प्‍लस मॉडल के बजाए अब स्‍ल‍िम स्‍मार्टफोन पर फोकस कर रही है। इस साल प्‍लस मॉडल की जगह आईफोन एयर को लाया गया है। यह फोन चर्चाओं में तो खूब रहा, लेकिन सेल में इसे मामूली परफॉर्म किया। ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले वक्‍त में आईफोन सीरीज के प्‍लस मॉडल नहीं लॉन्‍च होंगे। इस साल कितने आईफोन बंद हुए?     आईफोन 16 प्रो     आईफोन 16 प्रो मैक्स     आईफोन 15     आईफोन 15 प्लस     आईफोन 14     आईफोन 14 प्लस     आईफोन SE (थर्ड जेनरेशन)। 2025 में कितनी मैकबुक्‍स बंद     M2 मैक्स और M2 अल्ट्रा वाला मैक स्टूडियो     M4 चिप वाला 14-इंच मैकबुक प्रो     macbook air m3 13 इंच और 15 इंच     macbook air m2 13 इंच ऐपल वॉच के ऑप्‍शन भी हुए कम इस साल ऐपल ने कई वॉच मॉडल को आध‍िकारिक तौर पर अपने स्‍टोर से हटा दिया। इनमें ऐपल वॉच अल्ट्रा 2, ऐपल वॉच सीरीज 10 और ऐपल वॉच SE 2 शामिल है। M4 चिप वाले आईपैड प्रो, M2 चिप वाले आईपैड एयर और 10वीं जनरेशन के आईपैड को बंद कर दिया। ध्‍यान रहे कि इन गैजेट्स को ऐपल स्‍टोर से हटाया गया है। थर्ड पार्टी स्‍टोर जैसे- एमेजॉन, फ्लिपकार्ट से इन्‍हें खरीदा जा सकता है। अगर ये वहां आपको डिस्‍काउंटेड प्राइस में मिलते हैं तो आप इन्‍हें खरीद सकते हैं।

विजय नगर में 200 केवीए फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन, शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़ा कदम

इंदौर देश में लगातार आठ बार स्वच्छता में नंबर वन रहने के बाद इंदौर अब ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में विजय नगर क्षेत्र में 200 केवीए सार्वजनिक फास्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया गया है। इस चार्जिंग स्टेशन पर लगे सुपर चार्जर से इलेक्ट्रिक कारें 45 मिनट से एक घंटे के भीतर चार्ज हो सकेंगी, जिससे यात्रियों के समय की बचत होगी और लंबी दूरी की यात्रा भी आसान बनेगी। शहर में ईवी और चार्जिंग स्टेशन की स्थिति शहर में वर्तमान में 41 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं 47 नए चार्जिंग स्टेशन पीपीपी (सार्वजनिक–निजी भागीदारी) माडल पर तैयार किए जा रहे हैं लोक परिवहन में 120 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं इंदौर में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या कुल ईवी वाहन : 68,649 दोपहिया : 44,947 कार : 4,220 ई-रिक्शा (पैसेंजर व कार्गो): 14,639 थ्री व्हीलर : 4,345 ई-बस : 186 डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशन क्या है अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड और रोडग्रिड-विनफास्ट इंडिया द्वारा शुरू किया गया यह डीसी फास्ट चार्जिंग सिस्टम इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने का सबसे तेज तरीका है। इसमें वाहन के आंतरिक एसी-टू-डीसी कनवर्टर को बायपास कर बैटरी को सीधे डायरेक्ट करंट (डीसी) सप्लाई दी जाती है। यह तकनीक लंबी यात्राओं और बड़े वाहनों के लिए अधिक उपयोगी मानी जाती है, हालांकि यह सामान्य चार्जिंग की तुलना में महंगी होती है और बैटरी पर अधिक दबाव डालती है। चार्जर क्षमता और चार्जिंग समय 120 केवी सुपर चार्जर ई-बस और कार 45 मिनट से 1 घंटे में चार्ज शुल्क : 20 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी 60 केवी चार्जर कार 45 मिनट से 1 घंटे में चार्ज शुल्क : 18–20 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी 22 केवी चार्जर 2 से 3 घंटे में चार्ज शुल्क : 15 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी 7.4 केवी चार्जर करीब 6 घंटे में चार्ज शुल्क : 15 रुपए प्रति यूनिट + जीएसटी चार्जिंग स्टेशन पर न करें ये 5 गलतियां हर बार फास्ट चार्जिंग करना गलती : छोटी दूरी या रोजमर्रा के इस्तेमाल के बावजूद बार-बार फास्ट चार्जर लगाना। नुकसान : फास्ट चार्जिंग से बैटरी जल्दी गर्म होती है, जिससे उसकी लाइफ कम होती है। सही तरीका : रोजमर्रा में नार्मल चार्ज, फास्ट चार्जिंग सिर्फ जरूरी होने पर 100% चार्ज करके देर तक प्लग लगे रहने देना गलती : चार्ज पूरी होने के बाद भी गाड़ी को चार्जिंग स्टेशन पर लगाए रखना। नुकसान : ओवरचार्जिंग से बैटरी पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। सही तरीका : 80–90% चार्ज पर प्लग हटाएं। गर्म बैटरी को तुरंत चार्ज करना गलती : लंबी ड्राइव या धूप में खड़ी गाड़ी को तुरंत चार्ज पर लगा देना। नुकसान : गर्म बैटरी को चार्ज करने से उसकी क्षमता घटती है। सही तरीका : 10-15 मिनट बैटरी ठंडी होने दें, फिर चार्ज शुरू करें। गलत केबल या ढीला कनेक्शन गलती : अनअप्रूव्ड केबल या ठीक से लाक न हुआ चार्जर इस्तेमाल करना। नुकसान : वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से सेल डैमेज हो सकता है। सही तरीका : कंपनी-अप्रूव्ड केबल, चार्ज शुरू होने से पहले कनेक्शन जांचें। चार्जिंग स्टेशन पर बारिश या नमी गलती : गीले हाथों से प्लग लगाना या पानी भरे स्थान पर चार्जिंग। नुकसान : शार्ट सर्किट और इलेक्ट्रानिक्स फेल होने का खतरा। सही तरीका : सूखी जगह में चार्जिंग, बारिश में अतिरिक्त सावधानी।

रायपुर: सीएम विष्णुदेव साय की अगुवाई में जशपुर उभरा पावर हब के रूप में

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना पावर हब दो वर्षों में विद्युत ढांचे को मिली ऐतिहासिक मजबूती, प्रदेश का पांचवां 400/220 केवी उपकेंद्र हर्राडांड में स्वीकृत रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के दूरदर्शी और जनहितकारी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विद्युत अधोसंरचना क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की जा रही है। बीते दो वर्षों में जशपुर जिला बिजली ढांचे के सशक्तिकरण की दृष्टि से एक पावर हब के रूप में उभरकर सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णयों के परिणामस्वरूप जिले में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को नई मजबूती मिली है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। साय सरकार ने जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इस परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यह उपकेंद्र न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा और क्षेत्रीय विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ बनाएगा। इसके साथ ही फरसाबहार एवं झिक्की-बगीचा में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे बढ़ते विद्युत भार का संतुलन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। वहीं जिले के सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा में 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशनों के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। कुनकुरी को मिला मिनी डिपो स्टोर, विद्युत व्यवस्था में आई गति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार (मिनी डिपो स्टोर) की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसके संचालन में आने से अब जले या खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन के लिए विश्रामपुर और सूरजपुर जैसे दूरस्थ भंडारों पर निर्भरता समाप्त हो गई है। इससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है तथा विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल की जा रही है। प्रशासनिक ढांचे को भी मिली मजबूती जिले में विद्युत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम संभागीय कार्यालय, सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, तपकरा उप-संभागीय कार्यालय तथा वितरण केंद्र कुनकुरी की स्थापना की गई है। इन कार्यालयों के संचालन से निगरानी, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 117 नए ट्रांसफार्मर स्थापित, लो वोल्टेज की समस्या से राहत ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए 117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल रही है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी स्थिर विद्युत आपूर्ति का लाभ मिल रहा है। बिजली से विकास को मिली नई रफ्तार जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर को मिली विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति मिली है। निर्बाध बिजली आपूर्ति से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। निस्संदेह, साय सरकार की ये पहलें जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

क्रिकेट और विवाद: उज्जैन संतों ने IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर जताई आपत्ति

उज्जैन  बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और दो हिन्दुओं की हत्या पर भारत में भी बांग्लादेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई शहरों में हिंदूवादी संगठन लगातार बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन कर उसे सबक सिखाने।  इधर, IPL 2026 के लिए खरीदे गए एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान का के विरोध में उज्जैन के साधु-संत भी मैदान में उतर गए हैं। रहमान को KKR ने 9.2 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा है। सड़कों में विरोध की चेतावनी दरअसल, बांग्लादेश के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच उज्जैन में साधु-संत भी अब मुखर हो गए हैं। उन्होंने भी बांग्लादेश के खिलाफ मोर्चा खोलकर आगामी IPL टूर्नामेंट में किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी को नहीं खिलाने की चेतावनी दी है। संतों ने कहा की हमारे एक राज्य से भी छोटा देश हमें आंख दिखा रहा है। क्रिकेट के नाम पर हम उनकी झोली भरे ये नहीं चलेगा। जैसे पहले पाकिस्तान टीम का विरोध करते हुए बाला साहेब ठाकरे ने पिच खोदकर मैच रुकवाया था। वैसा ही इस बार नागा साधु संतो की टोली करेगी। संतो ने कहा की किसी भी बांग्लादेशी खिलाडी को खिलाया तो संत सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे। और मैच के दौरान हंगामा करेंगे। पिच उखाड़कर फेकेंगे ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के गादीपति महावीर नाथ ने कहा- बांग्लादेश के खिलाड़ी आईपीएल खेलने आए तो साधु समाज अब पिच उखाड़ने का काम करेगा। मैच के दौरान हंगामा करेंगे, हम अपनी भाषा में समझायेंगे। आईपीएल में करोड़ों रुपए देकर बांग्लादेश के खिलाडी को खरीदा जा रहा है। इनका बहिष्कार हो, उनको यहां से भगाया जाए। जिस तरह से पाकिस्तान के मैच के दौरान बाला साहेब ठाकरे ने पिच उखाड़ी थी उसी तरह हम नागा साधु भी एकत्रित होकर पिच उखाड़कर हंगामा करेंगे और खेलने नहीं देंगे। पीएम से एक्शन लेने की मांग रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास ने कहा बांग्लादेश हमारे एक राज्य से भी छोटा है, जहां हिन्दुओं को जलाया जा रहा है। पीएम को एक्शन लेना चाहिए। सरेआम उपद्रव कर रहे है। हिन्दुस्तान में क्रिकेटर की कमी है क्या, ऐसा करेंगे तो इनकी टीम खत्म करना चाहिए। महंत विशाल दास ने कहा कि देश के उद्योगपति भारत के खिलाड़ियों को प्रमोट करने की जगह बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खिला रहे है। ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। आईपीएल में बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खरीद रहे है। अखिल भारतीय संत समिति उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो इनको खिला रहे। बांग्लादेश के साथ कोई मैच नहीं खेला जाना चाहिए।  

सतना में बड़ी सौगातें: नवनिर्मित बस टर्मिनल का लोकार्पण और मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन

सतना   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 दिसंबर शनिवार को सतना आ रहे हैं. मुख्यमंत्री यहां 652 करोड़ 54 लाख रु के विकास कार्यो की सौगात देंगे, जिसमें मुख्य रूप से नया व आधुनिक बस स्टैंड, और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के साथ विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं. इसके साथ ही सीएम भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने बीजेपी कार्यालय जाएंगे और फिर विंध्य व्यापार मेले में भी शिरकत करेंगे. दोपहर 12 बजे सतना पहुंचेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतना जिले के एक दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं. मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इंदौर से प्लेन द्वारा रवाना होकर दोपहर 12 बजे सतना एयरपोर्ट पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4.50 बजे सतना एयरपोर्ट से भोपाल के लिए रवाना होंगे. सतना प्रवास पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना शहर को 652 करोड 54 लाख रु की लागत के विकास कार्यो की सौगात देंगे. सतना को मिलेंगी ये सौगातें सीएम डॉ. यादव शहर में 31 करोड़ 15 लाख रु की लागत से नवनिर्मित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल सतना और 8 करोड़ 39 लाख रु लागत के धवारी क्रिकेट स्टेडियम के नवनिर्माण कार्य का लोकार्पण करेंगे. साथ ही अंतरराज्यीय बस स्टैंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर के 168 लाख 33 हजार रु लागत के 6 विकास कार्यो का लोकार्पण और 484 करोड़ 21 लाख रु लागत के 6 अन्य विकास कार्यो का भूमिपूजन करेंगे. वहीं कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे. इसके साथ ही शासकीय मेडीकल कॉलेज सतना में आयोजित कार्यक्रम में करोड़ों रु की लागत से बनने वाले 650 बिस्तरीय नवीन चिकित्सालय भवन के निर्माण का भूमिपूजन करेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना में आयोजित विंध्य व्यापार मेला के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. सबसे पहले बस स्टैंड पहुंचेंगे सीएम मामले पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भगवती पांडेय ने बताया, '' सीएम डॉक्टर मोहन यादव जी सतना एयरपोर्ट से सबसे पहले नया बस स्टैंड का उद्घाटन करने पहुंचेंगे, उसके बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल का लोकार्पण होगा. वहां से भाजपा कार्यालय और फिर विभिन्न व्यापार मेला में जाएंगे. उसके बाद पुनः वापस भोपाल के लिए रवाना होंगे.'' सतना सीएसपी देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा, '' शनिवार को सीएम डॉ मोहन यादव जी के आगमन पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से जगह-जगह पर पुलिस बल लगाया गया है और बैरिकेडिंग के साथ-साथ पार्किंग व्यवस्था भी की गई है.''

टी20 इंटरनेशनल में दीप्ति शर्मा की शानदार प्रदर्शन, भारतीय टीम की जीत में अहम योगदान

तिरुवनंतपुरम भारतीय टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने विमेंस टी20 इंटरनेशनल में एक नया इतिहास रच दिया है. दीप्ति ने विमेंस टी20 इंटरनेशनल में अपने 150 विकेट पूरे कर लिए हैं. यह उपलब्धि दीप्ति शर्मा ने शुक्रवार (26 दिसंबर) को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरेशनल स्टेडियम में श्रीलंका महिला टीम के खिलाफ हुए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में हासिल की. दीप्ति शर्मा भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल (मेन्स और वूमेन्स दोनों शामिल) में 150 विकेट लेने वाली पहली गेंदबाज हैं. भारत की ओर से पुरुष इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अब तक कोई गेंदबाज 150 विकेट के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है. भारत की ओर से मेन्स टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट अर्शदीप सिंह (110) ने झटके हैं. इसके बाद जसप्रीत बुमराह (103 विकेट) और हार्दिक पंड्या (101 विकेट) का नंबर आता है. इतना ही नहीं, दीप्ति शर्मा अब विमेंस टी20 इंटरनेशनल में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज भी बन गई हैं. श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल में दीप्ति ने 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए. दीप्ति ने अपना 150वां विकेट कविशा दिलहारी को आउट करके पूरा किया. इसके बाद तीसरा विकेट लेकर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मेगन शूट के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. दीप्ति शर्मा ने अब तक 131 विमेंस टी20 इंटरनेशनल मैचों की 128 पारियों में 151 विकेट लिए हैं. उनका गेंदबाजी औसत 18.73 और इकोनॉमी रेट 6.40 रहा है. वहीं ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज़ मेगन शूट ने 123 विमेंस टी20 इंटरनेशनल मैचों में 151 विकेट 17.70 की औसत से हासिल किए हैं. महिला टी20 इंटरनेशनल में अब तक 150 से ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज सिर्फ यही दो खिलाड़ी हैं. दीप्ति शर्मा की यह उपलब्धि ना केवल उनके व्यक्तिगत करियर का बड़ा मुकाम है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती मजबूती को भी दर्शाती है. अपनी निरंतरता, अनुशासन और मैच जिताऊ प्रदर्शन के दम पर दीप्ति आज टीम इंडिया की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो चुकी हैं.