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सागर का ऐतिहासिक नगर बदलने को तैयार, देवरी 200 साल बाद बनेगा देवपुरी

सागर  मध्य प्रदेश के सागर की सबसे पुरानी नगरपालिका में शुमार देवरी नगरपालिका का जल्द ही नाम बदलने जा रहा है. देवरी नगर का नाम वहां के लोगों की इच्छा के चलते देवपुरी किया जा रहा है. मध्य प्रदेश की सबसे पुरानी नगरपालिका में देवरी का नाम शामिल है. यहां पर मध्य प्रदेश का इकलौता खंडेराव (खंडोबा) मंदिर है, जो महाराष्ट्र के जैजुरी की तर्ज पर मराठाओं द्वारा स्थापित कराया गया था. अब इस ऐतिहासिक नगर का नाम इसी वजह से देवपुरी किया जा रहा है. 1813 तक देवपुरी देवरी के नाम से पहचाना जाता था. दूसरा बड़ा कारण ये भी है कि यहां के लोग और जनप्रतिनिधि देवरी का नाम बदलना चाहते हैं. क्योंकि स्थानीय बातचीत में महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी इसी नाम के साथ किया जाता है. फिलहाल की स्थिति में स्थानीय स्तर और प्रदेश स्तर पर नाम बदलने की होने वाली तमाम औपचारिकताएं हो चुकी हैं और प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा गया है. जिस पर केंद्र की मुहर का इंतजार किया जा रहा है. स्थानीय बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटैरिया इस सिलसिले में मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं. क्यों आया देवरी को देवपुरी करने का विचार स्थानीय विधायक बृजबिहारी पटैरिया का कहना है कि, ''देवरी का ऐतिहासिक नाम देवपुरी है. यहां करीब 400 साल पुराना ऐतिहासिक खंडेराव मंदिर है. जो महाराष्ट्र के जैजुरी के बाद सिर्फ देवरी में स्थित है. खंडेराव भगवान शिव के अवतार है, जहां सिर्फ देवरी या बुंदेलखंड नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के कई जिलों और महाराष्ट्र तक के श्रृद्धालु आते हैं. यहां विशाल अग्निकुंड मेला भरता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं. दूसरा कारण ये है कि देवपुरी का नाम धीरे-धीरे देवरी हो गया और बुंदेली भाषा में इस शब्द का उपयोग लोग महिलाओं को छेड़ने और उनके साथ अभद्र बाषा में बातचीत के लिए करने लगे. देवरी की पुरानी पहचान और यहां के प्रसिद्ध मंदिर से नाम को जोड़ने के लिए स्थानीय लोगों के बीच में विचार आया, तो हमने इसकी पहल की. इसके लिए मैंने विधानसभा में अशासकीय संकल्प भी पेश किया और नाम बदलने के लिए होने वाली तमाम औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गयी हैं. राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार की एनओसी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है.'' अब तक ये औपचारिकताएं हो चुकी हैं पूरी स्थानीय विधायक बृजबिहारी पटैरिया बताते हैं कि, ''देवरी का नाम देवपुरी किए जाने की स्थानीय स्तर की औपचारिकताएं सिलसिलेवार पूरी कर ली गयी हैं. 14 फरवरी को देवरी नगरपालिका में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कराया गया था. इसके बाद सागर जिला कलेक्टर ने प्रस्ताव के आधार पर नाम बदलने के लिए 28 जुलाई 2025 को राज्य शासन को पत्र लिखा था. राज्य शासन के राजस्व विभाग ने एक हफ्ते के भीतर ही 4 अगस्त 2025 को केंद्र सरकार को पत्र लिखा था. इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मेरे द्वारा 5 दिसंबर 2025 को विधानसभा सत्र में अशासकीय संकल्प पारित किया गया.'' केंद्र की एनओसी का इंतजार राज्य सरकार की तरफ 4 अगस्त 2025 में केंद्र सरकार को एनओसी के लिए लिखे गए पत्र का अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. इस मामले में विधायक बृजबिहारी पटैरिया कहते हैं कि, ''इस मामले में मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने मुझे व्यक्तिगत रूप से और सदन में केंद्र को फिर से पत्र लिखकर एनओसी की बात कही है. जैसे ही केंद्र की एनओसी मिलेगी, देवरी को अपनी पुरानी पहचान मिलेगी.'' क्या कहते हैं स्थानीय लोग और विपक्ष देवरी के पूर्व विधायक भानु राणा कहते हैं कि, ''ये एक अच्छी पहल है और देवपुरी नाम होने से हमारे नगर की ऐतिहासिक पहचान फिर वापिस लौटेगी.'' वहीं पूर्व विधायक और कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे हर्ष यादव कहते हैं कि, ''स्थानीय लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं, सरकार ने इसकी पहल की है, ये स्वागत योग्य है. लेकिन देवरी के विकास पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए. नेशनल हाइवे 44 पर बसे नगर में उद्योग और रोजगार पर भी ध्यान देना चाहिए. क्योंकि नाम बदलने के साथ-साथ विकास भी जरूरी है.''

एशेज का नया इतिहास, मेलबर्न में इंग्लैंड ने 15 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को मात दी

 मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच चौथा एशेज टेस्ट मेलबर्न में खेला जा रहा है. मैच के पहले ही दिन 20 विकेट गिर गए और पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में बिना विकेट खोए 4 रन बना लिए हैं. इस मुकाबले के पहले ही दिन नया इतिहास लिख दिया गया है, क्योंकि एशेज के इतिहास में पिछले 123 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मेलबर्न में किसी टेस्ट मैच के पहले ही दिन 20 या उससे ज्यादा विकेट गिर गए हों. पहले दिन गिर गए 20 विकेट चौथे एशेज टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी. मेलबर्न की पिच बल्लेबाजी के लिए इतनी खराब रही कि देखते ही देखते ऑस्ट्रेलिया ने 51 के स्कोर तक 4 विकेट गंवा दिए थे. जैसे तैसे टीम 100 रनों के पार पहुंची. अंत में कंगारू टीम की पारी 152 रनों पर सिमट गई थी. इंग्लैंड की टीम जब बल्लेबाजी करने आई, तो उसका हाल ऑस्ट्रेलिया से भी बुरा रहा. इंग्लैंड ने 16 रन के भीतर 4 विकेट खो दिए थे. हैरी ब्रूक के 41 रन और गस एटकिंसन के 28 रनों की बदौलत इंग्लैंड टीम जैसे-तैसे 110 के स्कोर पर पहुंचकर सिमट गई. बताते चलें कि ये सभी 20 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए. मैच का फैसला शनिवार को तब हुआ, जब इंग्लैंड ने 175 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 6 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में महज 132 रन पर सिमट गया था। पहली पारी में भी कंगारू टीम 152 रन ही बना सकी थी, जबकि इंग्लैंड की पहली पारी 110 रन पर खत्म हुई थी। पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया को 42 रन की बढ़त मिली थी, लेकिन दूसरी पारी में इंग्लैंड ने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड की जीत के नायक तेज गेंदबाज जोश टंग रहे। उन्होंने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 2 विकेट लेकर कुल 7 विकेट झटके और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनके अलावा ब्रायडन कार्स ने दूसरी पारी में 4 विकेट लिए, जबकि कप्तान बेन स्टोक्स ने 3 अहम सफलताएं दिलाईं। मैच का लेखा-जोखा  इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 152 रन पर समाप्त हो गई। जोश टंग ने 5 विकेट चटकाए।     जवाब में इंग्लैंड की टीम सिर्फ 110 रन ही बना पाई।     कंगारू टीम की दूसरी पारी भी कुछ खास नहीं रही और वो 132 रन पर ऑलआउट हो गए।     इंग्लैंड ने दूसरे दिन ही 175 रन का लक्ष्य 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। जैकब बेथेल ने सबसे ज्यादा 40 रन बनाए।      टंग ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लिया पहली बार 5 विकेट हॉल  टंग ने पहली पारी में 11.2 ओवर गेंदबाजी की और 2 मेडन के साथ 45 रन देकर 5 विकेट चटकाए। उनकी इकॉनमी रेट 4 की रही।     ये उनके टेस्ट करियर का तीसरा 5 विकेट हॉल रहा।     एशेज सीरीज में इस खिलाड़ी ने पहली बार ये कारनामा किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टंग ने अब तक 3 टेस्ट मैच खेले हैं और इसकी 6 पारियों में 22 की शानदार औसत के साथ 17 विकेट लेने में सफल रहे हैं।      उस्मान ख्वाजा ने पूरे किए 8,000 अंतरराष्ट्रीय रन  उस्मान ख्वाजा ने अपने शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।     चौथे टेस्ट के पहले दिन उन्होंने अपने 8,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए।     ख्वाजा ने पहली पारी में 52 गेंदों पर 29 रन बनाए, जिसमें 2 चौके शामिल रहे।     वह फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के सर्वकालिक 19वें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।     उस्मान ने टेस्ट में 6,206 रन और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 241 रन बनाए हैं। वनडे में इस खिलाड़ी के बल्ले से 1,554 रन निकले हैं।      हैरी ब्रूक ने पूरे किए 3,000 टेस्ट रन  हैरी ब्रूक ने पहली पारी में 41 रन की पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 3,000 रन पूरे किए।     वह संयुक्त रूप से दूसरे सबसे तेज 3,000 टेस्ट रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने हैं।     उनके 34 टेस्ट में 54.17 की औसत से 3,034 रन हो गए हैं। उनके बल्ले से 10 शतक और 14 अर्धशतक निकले हैं।     उनकी स्ट्राइक रेट इस प्रारूप में 86.85 की रही है। उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच 2022 में खेला था।      इंग्लैंड की पहली पारी में ऐसी रही ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी  इंग्लैंड की पहली पारी में नेसेर ने 10 ओवर गेंदबाजी की और 1 मेडन के साथ 45 रन खर्च कर 4 विकेट चटकाए।     ये उनके टेस्ट करियर का पहला 4 विकेट हॉल रहा।     उन्होंने अब तक 4 टेस्ट खेले हैं और इसकी 7 पारियों में 14.52 की औसत से 17 विकेट लेने में सफल रहे हैं।     उनके अलावा स्कॉट बोलैंड ने 3 सफलताएं हासिल की। मिचेल स्टार्क ने 2 और कैमरून ग्रीन ने 1 विकेट लिया।      दूसरी ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने किया कमाल  ब्रायडन कार्स ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में घातक गेंदबाजी की। उन्होंने 11 ओवर फेंके और 3 मेडन के साथ 34 रन देकर 4 विकेट चटकाए। उनकी इकॉनमी रेट 3.10 की रही।     ये उनके टेस्ट करियर का चौथा 4 विकेट हॉल रहा।     अब तक इस खिलाड़ी ने 13 मुकाबले खेले हैं और इसकी 25 पारियों में 55 विकेट लिए हैं।     कप्तान बेन स्टोक्स ने 3 और टंग ने 2 सफलता हासिल की। गस एटकिंसन ने 1 विकेट अपने नाम किया।      सलामी बल्लेबाज बेन डकेट ने पूरे किए 3,000 टेस्ट रन  इंग्लैंड की दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज बेन डकेट 26 गेंद में 34 रन बनाकर आउट हुए।     उनके बल्ले से 4 चौके और 1 छक्का निकला। उनकी स्ट्राइक रेट 130.77 की रही।     इस दौरान डकेट ने अपने टेस्ट करियर में 3,000 रन भी पूरे कर लिए।     अब तक इस खिलाड़ी ने 42 मुकाबले खेले हैं और इसकी 78 … Read more

कोयलांचल से भोपाल का सफर होगा आसान, धनबाद–भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन को मिली मंजूरी

रांची झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र, खासकर धनबाद के यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने भोपाल और धनबाद के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन को हरी झंडी दे दी है। जारी आदेश के अनुसार 11631/11632 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन जल्द शुरू किया जाएगा। इस फैसले से झारखंड और मध्य प्रदेश के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। अब तक धनबाद से भोपाल की यात्रा करने वाले यात्रियों को कई ट्रेनों में बदलाव करना पड़ता था या फिर लंबा समय लगता था। नई एक्सप्रेस ट्रेन के शुरू होने से यह यात्रा सीधी, आरामदायक और समय की बचत वाली हो जाएगी। खासकर कोयला उद्योग से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी, व्यापारी और छात्र इस ट्रेन से सीधे लाभान्वित होंगे। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस भोपाल से रात 8:55 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 8:30 बजे धनबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार को चलेगी। वहीं, 11632 धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस धनबाद से सुबह 7:20 बजे रवाना होकर शाम 7:00 बजे भोपाल पहुंचेगी। इसका संचालन रविवार, बुधवार और शनिवार को किया जाएगा। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा यह ट्रेन अपने मार्ग में सिंगरौली, चोपन, रेनुकूट, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, बरकाकाना, रांची रोड, बोकारो थर्मल, चंद्रपुरा और कतरासगढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। इससे झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों का आपसी संपर्क और मजबूत होगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस आधुनिक आईसीएफ कोचों के साथ चलाई जाएगी, जिसमें स्लीपर और जनरल कोच शामिल होंगे। ट्रेन का रखरखाव भोपाल में किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि इस ट्रेन को जल्द से जल्द सुविधाजनक तिथि से शुरू किया जाए। जरूरत पड़ने पर पहली यात्रा को विशेष ट्रेन के रूप में चलाकर बाद में इसे नियमित सेवा में बदला जा सकता है।  

भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में तनाव, प्रधानमंत्री ने FTA वादे पर जताई नाराजगी

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने शनिवार को भारत के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का स्वागत करते हुए इसे अपनी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि बताया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने इस समझौते को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई थीं और इसका विरोध किया था। प्रधानमंत्री लक्सन ने कहा, “हमने अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ FTA करने का वादा किया था और हमने उसे पूरा कर दिया है।” उन्होंने इस समझौते को आर्थिक विकास के लिए अहम बताते हुए कहा कि इससे रोजगार के नए अवसर, आय में वृद्धि और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। लक्सन के अनुसार, यह समझौता 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं के विशाल बाजार के दरवाजे न्यूजीलैंड के लिए खोलेगा। लक्सन ने इसे अपनी सरकार के व्यापक एजेंडे से जोड़ते हुए कहा कि यह समझौता बुनियादी सुधार और भविष्य के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। सत्तारूढ़ गठबंधन में मतभेद हालांकि, इस समझौते ने न्यूजीलैंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के भीतर मतभेद भी उजागर कर दिए हैं। विदेश मंत्री और न्यूजीलैंड फर्स्ट (NZF) पार्टी के नेता विंस्टन पीटर्स ने इस समझौते को न तो मुक्त और न ही निष्पक्ष करार दिया। पीटर्स ने कहा कि उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को अपनी पार्टी की चिंताओं से अवगत कराया है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह जयशंकर का पूरा सम्मान करते हैं। पीटर्स ने आरोप लगाया कि समझौते में गुणवत्ता से अधिक रफ्तार को प्राथमिकता दी गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “न्यूजीलैंड फर्स्ट ने अपने गठबंधन सहयोगी को चेतावनी दी थी कि भारत के साथ कमजोर और जल्दबाजी में किया गया समझौता न किया जाए।” उनका कहना था कि सरकार को पूरे संसदीय कार्यकाल का उपयोग कर एक बेहतर और संतुलित समझौता करना चाहिए था, जो दोनों देशों के नागरिकों के हित में होता। डेयरी सेक्टर सबसे बड़ा विवाद इस समझौते को लेकर सबसे बड़ा विवाद डेयरी उद्योग को लेकर है। पीटर्स ने आरोप लगाया कि न्यूजीलैंड ने भारत के लिए अपना बाज़ार खोल दिया, लेकिन बदले में भारतीय बाजार में न्यूजीलैंड के डेयरी उत्पादों जैसे दूध, पनीर और मक्खन पर टैरिफ में कोई ठोस रियायत नहीं मिली। उन्होंने कहा, “यह समझौता न्यूजीलैंड के किसानों के लिए अच्छा नहीं है और ग्रामीण समुदायों के सामने इसका बचाव करना असंभव है।” यह FTA इस सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई बातचीत के बाद घोषित किया गया था। दोनों नेताओं ने कहा कि यह समझौता अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर सकता है और अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर तक का निवेश ला सकता है। वर्ष 2024 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच कुल व्यापार 2.07 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 1.1 अरब डॉलर था। भारत से प्रमुख निर्यातों में दवाइयां शामिल हैं, जबकि न्यूजीलैंड से कृषि और वानिकी उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। भारत सरकार के अनुसार, न्यूजीलैंड ओशिनिया क्षेत्र में भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। पीटर्स ने यह भी आरोप लगाया कि यह समझौता व्यापार से ज्यादा भारतीय श्रमिकों की आवाजाही और भारत में निवेश बढ़ाने पर केंद्रित है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय नागरिकों के लिए एक नया रोजगार वीजा श्रेणी बनाई गई है, जो ऑस्ट्रेलिया या ब्रिटेन जैसे साझेदारों को नहीं दी गई। उन्होंने कहा, “न्यूजीलैंड फर्स्ट हर प्रवासन नीति को इस कसौटी पर परखता है कि क्या वह स्थानीय लोगों के रोजगार और आव्रजन प्रणाली की अखंडता की रक्षा करती है।” पीटर्स के मुताबिक, भारत के साथ किया गया यह समझौता उस कसौटी पर खरा नहीं उतरता, खासकर ऐसे समय में जब न्यूजीलैंड का श्रम बाज़ार पहले से ही दबाव में है।

डायबिटीज मरीज हो जाएं अलर्ट! एक्सपर्ट ने बताया हार्ट अटैक का बड़ा रिस्क

देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह केवल ब्लड शुगर की समस्या तक सीमित नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज धीरे-धीरे शरीर के कई अहम अंगों को प्रभावित करती है, खासकर हार्ट को। World Heart Federation की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में डायबिटीज से पीड़ित लोगों में हार्ट अटैक और अन्य हार्ट संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर शुरुआती संकेतों को मरीज समझ नहीं पाते, जिससे समस्या गंभीर हो सकती है। आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, लंबे समय तक उच्च ब्लड शुगर नसों को नुकसान पहुंचाता है। इससे हार्ट तक खून पहुंचाने वाली नसें कमजोर और संकरी हो सकती हैं, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं भी आमतौर पर डायबिटीज मरीजों में जुड़ी रहती हैं, जो जोखिम और बढ़ा देती हैं। डॉ. गिरि बताते हैं कि डायबिटीज के कारण शरीर में सूजन और फैट जमा होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप नसें सख्त हो सकती हैं। इसके अलावा, कई बार हार्ट अटैक के सामान्य लक्षण डायबिटीज मरीजों में साफ नजर नहीं आते, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता। लक्षणों में अक्सर सीने में तेज दर्द की जगह हल्का दबाव, जलन या असहजता महसूस होना, सांस फूलना, अचानक थकान, चक्कर आना या पसीना आना शामिल हैं। कुछ मरीजों को जबड़े, गर्दन, कंधे या बाएं हाथ में दर्द भी महसूस हो सकता है। डायबिटीज के कारण नसों की संवेदनशीलता कम हो जाने से ये संकेत अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज मरीजों को हार्ट अटैक से बचाव के लिए अपनी लाइफस्टाइल पर खास ध्यान देना जरूरी है। ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल स्तर पर नजर रखना, तनाव कम करना और पर्याप्त नींद लेना इसके लिए अहम कदम हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी असामान्य लक्षण या बदलाव को अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि समय पर इलाज ही डायबिटीज मरीजों के लिए हार्ट अटैक के खतरे को कम करने का सबसे कारगर तरीका है।  

आदि योगी थीम पर कार्निवाल परेड, पचमढ़ी 26-29 दिसंबर तक जश्न में डूबी रहेगी

नर्मदापुरम   मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में कार्निवाल के साथ पचमढ़ी महोत्सव की शुरुआत हो गई है. शुक्रवार को आदि योगी थीम पर कार्निवाल परेड शहर में निकाली गई, जिसमें भगवान शिव की बारात, उनके गण और कार्निवाल जुलूस में शामिल कैरेक्टर आकर्षण का केंद्र रहे. इसके साथ ही आदिवासी समूह ने अपने मनमोहक नृत्य से समा बांधा. देश विदेश से आए हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग कार्निवाल परेड के साथ पचमढ़ी महोत्सव के शुभारंभ में शामिल हुए. हिल स्टेशन पचमढ़ी में 29 दिसंबर तक पचमढ़ी महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें देशभर से आए कई कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे. पचमढ़ी कार्निवाल में हुईं जोरदार प्रस्तुतियां पचमढ़ी महोत्सव के शुभारंभ पर दोपहर 3 बजे से कार्निवाल परेड सीएमराइस स्कूल ग्राउंड से प्रारंभ हुई, जिसमें शिव बारात, क्रिसमस, आदिवासी नृत्य व अन्य कार्यक्रम शामिल थे. महाराष्ट्र से आए विशेष धमाल बैंड न जमकर समा बांधा, जिसकी ताल पर आदिवासी व स्थानीय कलाकारों ने अपने नृत्य प्रस्तुत किए. कार्निवाल परेड का पचमढ़ी महोत्सव ग्राउंड पर महा आरती के बाद समापन हुआ. उम्मीद की जा रही है कि पचमढ़ी उत्सव के दौरान यहां एक लाख से अधिक पर्यटक पहुंच सकते हैं. आगे फिल्म और टीवी कलाकार देंगे प्रस्तुति पचमढ़ी महोत्सव 2025 में मनोरंजन के कई कार्यक्रम होंगे. अलग-अलग दिन फिल्म और टीवी जगत से जुड़े कलाकार स्टेज परफॉर्मेंस देंगे. कार्यक्रम में बॉलीवुड सिंगर, टीवी एक्टर्स, सारेगामा, इंडियन आइडियल के कलाकार, हास्य/मिमिक्री कलाकार, मैजिशियन, डांस ग्रुप के कलाकार प्रस्तुति देंगे. इसके अलावा जोश से भरा आर्मी बैंड भी पचमढ़ी में आकर्षक प्रस्तुति देगा. पचमढ़ी महोत्सव में होंगे ये कार्यक्रम     27 दिसंबर : समकालीन शास्त्रीय नृत्यांगना हृतंभरा कुशवाहा, राजा रेंचो स्टैंड अप कॉमेडियन, मैजिशियन एंड माइंड रीडर, गायक कलाकार जतिन श्रॉफ, लक्ष्मी सिंह द्वारा प्रस्तुति. प्रसिद्ध गायक अतुल पंडित द्वारा सह-गायकों के साथ प्रस्तुति और बॉलीवुड डांस परफॉर्मेंस     28 दिसंबर : आर्मी बैंड की शानदार प्रस्तुति, वीवा डांस ग्रुप का प्रदर्शन, वर्सेटाइल सिंगर अनिल नगरूरकर, विनती सिंह और दिव्यांश वर्मा द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी.     29 दिसंबर : बॉलीवुड डांस प्रस्तुति, सारेगामा की फाइनलिस्ट इशिता विश्वकर्मा सदाबहार गानों की प्रस्तुतियां देंगी, वॉइस ऑफ़ इंडिया फेम दीपांशी सुमधुर गानों की प्रस्तुति देंगी. 26 से 29 दिसंबर तक होगा भव्य आयोजन जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन बताया, '' पचमढ़ी महोत्सव के कार्यक्रम को एक भव्य रूप देने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है. इस आयोजन में बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल होते हैं और पचमढ़ी की एक सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करते हैं. हमारा आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड, जिला प्रशासन, जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद ओर साडा द्वारा आयोजित किया जा रहा है. यह आयोजन 26 से 29 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है.

शिक्षा सुधार पर मंथन: मंत्री मदन दिलावर ने NCERT की राज्य स्तरीय बैठक का किया शुभारंभ

जयपुर  शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विद्यालयों मे तनाव मुक्त शिक्षा पर जोर देते हुए स्कूलों को सीखने के आनंद का केंद्र बनने का आह्वान किया है! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी, सीकर मे आयोजित मानसिक स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम संबंधित राज्य स्तरीय विमर्श बैठक के उद्घाटन सत्र को मुख्यअथिति के रूप मे संबोधित कर रहे थे! शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने वीडिओ कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपना सम्बोधन देते हुए कहा कि शिक्षा को तनाव मुक्त बनाने के लिए हमें ग्रेड्स और अंको की दौड़ से बाहर निकलकर "सीखने के आनंद" पर ध्यान देना होगा! मनोदर्पण पहल भारत सरकार की इसी दिशा मे एक बड़ा कदम है, जो छात्रों को उनके कठिन समय मे संबल प्रदान करती है! शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला माध्यम नहीं, बल्कि वह छात्र के मानसिक स्वास्थ्य का प्रथम सजग प्रहरी है! मंत्री दिलावर ने कहा कि शिक्षकों को छात्रों के व्यवहार मे आने वाले शुक्ष्म बदलावो को पहचानना होगा! यदि कोई छात्र अचानक चुप रहने लगे या उसके व्यवहार मे चिड़चिड़ापन आये, तो उसे डांटने के बजाय सहानुभूति के साथ सुनने की अवश्यकता है! एक मानसिक रूप से स्वस्थ शिक्षक ही एक स्वस्थ कक्षा का निर्माण कर सकता है! इसलिए शिक्षकों को भी अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा! हम सब मिलकर ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करें जहाँ हमारे बच्चे न केवल अच्छे डॉक्टर या इंजीनियर बने, बल्कि एक स्वस्थ और संस्कारवान व्यक्तित्व वाले इंसान भी बने! शिक्षा मंत्री कहा कि एक समृद्धि राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब उसके नागरिक मानसिक रूप से सशक्त और खुशहाल हो!  उन्होंने आशा व्यक्त कि की प्रदेश मे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की दिशा मे यह बैठक महत्वपूर्ण साबित होंगी! बैठक मे एन सी ई आर टी, दिल्ली के निदेशक प्रोफ़ेसर दिनेश प्रसाद सकलानी, मनोदर्पण प्रकोष्ठ, एन सी ई आर टी दिल्ली के प्रोफ़ेसर विनोद कुमार सानवाल, शिक्षा विभाग राजस्थान के निदेशक सीताराम जाट, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय बीकानेर के समन्वयक डी पी सिंह उपस्थित थे! सीकर मे आयोजित हो रही इस दो दिवसीय बैठक मे कुल 210 प्रतिभागी भाग ले रहे है! जिनमे से 50% शिक्षक माध्यमिक /उच्च माध्यमिक के! 25% स्कूल कॉउंसलर /विशेष शिक्षक तथा 25% शैक्षिक प्रशासकीय अधिकारी शामिल है! कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों वह हित धारकों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना! प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान वह अंत: क्षेप हेतु आवश्यक कौशलों से परिचित कराना! प्रतिभागियों को मनोदर्पण टेली- हेल्पलाइन व टेली – मानस जैसी राष्ट्रीय पहलो से परिचित करना तथा श्रेष्ठ प्रार्थओ का आदान-प्रदान बढ़ाना व मास्टर ट्रेन तैयार करना है!  

बर्थडे पार्टी के बाद आफ्टर पार्टी का झांसा: उदयपुर मामले में महिला मैनेजर के साथ गंभीर अपराध का आरोप

 उदयपुर  पहले होटल में सीईओ का जन्मदिन मनाया गया. केक कटा, जश्न हुआ और देर रात तक पार्टी चली. इसी जश्न के बीच ‘आफ्टर पार्टी’ का न्योता भी दिया गया, जिसे सामान्य औपचारिकता माना गया. किसी को अंदाजा नहीं था कि यही आफ्टर पार्टी एक महिला मैनेजर की जिंदगी का सबसे भयावह कहानी बन जाएगी. पार्टी खत्म होने के बाद जब महिला मैनेजर को घर छोड़ने की बात आई, तो उसे कार में बैठाया गया. उस कार में पहले से कंपनी का सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति मौजूद थे. भरोसे और पद की आड़ में यह सफर आगे बढ़ा. आफ्टर पार्टी के नाम पर रास्ते में स्मोक खरीदा गया, कार में सभी ने स्मोक किया और इसके बाद ऐसी घटनाएं हुईं, उसे जिसने भी सुना वह दंग रह गया. अब इसी मामले में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हो चुका है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है. उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला ‘आफ्टर पार्टी’ जैसे शब्दों के पीछे छिपे खतरनाक सच को उजागर करता है. FIR में क्या-क्या दर्ज? एफआईआर के मुताबिक, पीड़िता एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है. 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी का आयोजन शोभागपुरा स्थित एक होटल में किया गया था. पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची. पार्टी देर रात तक चली और करीब 1:30 बजे कार्यक्रम औपचारिक रूप से समाप्त हुआ. पार्टी में कंपनी के सीईओ के साथ महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसका पति भी मौजूद थे. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पार्टी के दौरान देर रात उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेहोशी जैसी हालत में आ गई. इसी बीच कुछ लोग उसे घर छोड़ने की बात करने लगे, लेकिन तभी महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने ‘आफ्टर पार्टी’ का प्रस्ताव रखा और उसे उसमें शामिल होने के लिए कहा. ‘आफ्टर पार्टी’ का न्योता और आगे की कहानी एफआईआर के अनुसार, रात करीब 1:45 बजे पीड़िता को कार में बिठाया गया. कार में पहले से ही सीईओ और महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति मौजूद था. तीनों ने उसे घर छोड़ने का भरोसा दिलाया. रास्ते में एक दुकान से स्मोकिंग सामग्री खरीदी गई और पीड़िता को भी स्मोक करने के लिए कहा गया. स्मोकिंग के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई और वह पूरी तरह बेसुध हो गई. कुछ देर बाद जब पीड़िता को होश आया तो उसने आरोप लगाया कि सीईओ उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था. इसके बाद सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता के मुताबिक, वह लगातार खुद को बचाने और घर छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी. सुबह तक चला सिलसिला पीड़िता ने पुलिस को बताया कि तड़के करीब 5 बजे उसे घर छोड़ा गया. घर पहुंचने पर भी वह पूरी तरह सामान्य नहीं थी. जब उसे पूरी तरह होश आया तो उसने पाया कि उसका एक इयरिंग, मोजे और अंडर गारमेंट्स गायब थे. उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई. मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने बाद में हिम्मत जुटाकर पुलिस का रुख किया. कार के डैशकैम ने खोले राज इस मामले में एक अहम मोड़ तब आया, जब पीड़िता और जांच एजेंसियों ने कार के डैशकैम के ऑडियो-वीडियो फुटेज की जांच की. एफआईआर के अनुसार, जांच में सामने आया कि कार में हुई पूरी घटना डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई थी. फुटेज में सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति की गतिविधियां कैद होने का दावा किया गया है. यही फुटेज जांच के लिए अहम सबूत माने जा रहे हैं. पुलिस की कार्रवाई सुखेर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद त्वरित कार्रवाई की. पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया. अदालत ने आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना के हर पहलू की गहन जांच कर रही है, जिसमें होटल पार्टी, आफ्टर पार्टी, कार की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्य शामिल हैं. आफ्टर पार्टी क्या होती है? इस पूरे मामले के बाद ‘आफ्टर पार्टी’ शब्द चर्चा के केंद्र में आ गया है. आम तौर पर आफ्टर पार्टी का मतलब किसी मुख्य कार्यक्रम या इवेंट के खत्म होने के बाद होने वाली दूसरी, अनौपचारिक पार्टी से होता है. आसान भाषा में समझें तो जन्मदिन, कॉन्सर्ट या किसी बड़े शो  के बाद जब कुछ करीबी लोग आपस में आराम से मिलते हैं. यहां भी खाना-पीना, संगीत, बातचीत या हल्की-फुल्की मस्ती होती है. लेकिन इस मामले में आरोप है कि इसी आफ्टर पार्टी के बहाने पीड़िता को एक ऐसी स्थिति में ले जाया गया, जहां उसके साथ गंभीर अपराध किया गया.

पचमढ़ी से भी ठंडा भोपाल, राजगढ़ में बर्फीली ठंड, ट्रेनों की रफ्तार थमी

भोपाल   मध्यप्रदेश में काड़के की ठंड का सितम जारी है. प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार की रात तापमान में गिरावट दर्ज की गई. 29 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया. राजधानी भोपाल, नौगांव और उमरिया हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ज्यादा ठंडे रहे. वहीं घने कोहरे ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है. विजिबिलिटी कम होने के कारण कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चल रही है.  शुक्रवार और शनिवार की रात में राजधानी भोपाल का तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया, जबकि उमरिया में पारा 4.7 डिग्री तक गिर गया. पचमढ़ी हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री रहा. वहीं प्रदेश का सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां का तापमान 3.8 डिग्री तक पहुंच गया. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड बढ़ने और कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है. मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के कई जिलों में पारे में खासी गिरावट देखने को मिली। भोपाल, नौगांव और उमरिया हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडे रहे। भोपाल-नौगांव में 4.6 डिग्री और उमरिया में तापमान 4.7 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री रहा। दूसरी ओर, राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां पारा रिकॉर्ड 3.8 डिग्री पर पहुंच गया। बड़े शहरों में इंदौर में 6.2 डिग्री, ग्वालियर में 6.7 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में 7.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, खजुराहो, रीवा, रायसेन, शिवपुरी, दमोह, मंडला, दतिया, सतना, गुना, श्योपुर, धार, रतलाम समेत करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। कोहरे की वजह से ट्रेनें आ रही लेट शुक्रवार सुबह भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, सीहोर समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर-उज्जैन की तरफ आने वाली ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी लेट हो गईं। ऐसा ही असर शनिवार सुबह भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरा छाया हुआ है। कोहरे और ठंड की वजह से आम जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। सुबह लोग अलाव जलाते हुए नजर आ रहे हैं। ये ट्रेनें चल रही घंटों लेट ट्रेन  ट्रेनें कितनी देरी से चल रही  पंजाब मेल 2 घंटा 20 मिनट शताब्दी एक्सप्रेस 20 मिनट यशवंतपुर कनार्टका एक्सप्रेस 40 मिनट झेलम एक्सप्रेस 7 घंटे 10 मिनट सचखंड एक्सप्रेस 10 घंटे

‘धुरंधर’ की सफलता पर विवाद: अक्षय खन्ना के बयान से भड़के ‘दृश्यम 3’ मेकर्स

मुंबई अक्षय खन्ना इस वक्त अपनी फिल्म 'धुरंधर' को लेकर चर्चा में हैं, जिसके लिए उन्हें भर भरकर तारीफें मिल रही हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से एक्टर 'दृश्यम 3' को लेकर लगातार खबरों में हैं। अब खुद 'दृश्यम 3' के प्रोड्यूसर ने अक्षय खन्ना पर अपनी भड़ास निकाली है और इतना ही नहीं, उनपर लीगल एक्शन लेने की भी बात कही है। अब 'दृश्यम 3' के प्रोड्यूसर ने अक्षय खन्ना पर भड़ास निकालते हुए काफी सारी बातें की हैं। इस फिल्म के प्रोड्यूसर कुमार मंगत पाठक ने बॉलीवुड हंगामा से हुई बातचीत में अक्षय खन्ना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अक्षय के रवैये को गैर-पेशेवर बताते हुए कहा कि वो उन पर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। 'हमने अक्षय खन्ना के साथ अग्रीमेंट साइन किया था' कुमार मंगत ने इस बातचीत में कहा, 'हमने अक्षय खन्ना के साथ अग्रीमेंट साइन किया था। उनकी फीस भी उनकी कई बार की गई रिक्वेस्ट के बाद तय हुई थी। उन्होंने शर्त रखी थी कि वे फिल्म में विग पहनना चाहते हैं लेकिन डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने उन्हें समझाया कि दृश्यम 3 एक सीक्वल है, ऐसे में विग पहनने से कंटिन्यूटी में दिक्कत आएगी। अक्षय यह बात समझ गए और मान भी गए।' कहा- अक्षय को उनके चमचों ने भड़काया मंगत ने आगे कहा, 'उनके चमचों ने उन्हें भड़काया कि विग पहनने से वे ज्यादा स्मार्ट दिखेंगे। इसके बाद अक्षय ने दोबारा यही मांग रखी। अभिषेक इस मुद्दे पर बातचीत के लिए भी तैयार थे, लेकिन तभी अक्षय ने अचानक कह दिया कि वे अब इस फिल्म का हिस्सा ही नहीं बनना चाहते।' कुछ ने उनके साथ काम न करने की सलाह दी थी एक्टर को लेकर कुमार मंगत का गुस्सा यहीं नहीं रुका। उन्होंने कहा, 'एक समय था जब अक्षय खन्ना के पास कोई काम नहीं था। उसी वक्त मैंने उनके साथ सेक्शन 375 (2019) बनाई थी। तब भी कई लोगों ने मुझे उनके अनप्रोफेशनल व्यवहार की वजह से उनके साथ काम न करने की सलाह दी थी। सेट पर उनकी एनर्जी बेहद नेगेटिव होती है। सेक्शन 375 से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद मैंने उन्हें दृश्यम 2 (2022) में साइन किया। दृश्यम 2 के बाद ही उन्हें बड़े ऑफर मिलने शुरू हुए। उससे पहले वे 3-4 साल तक घर पर बैठे थे।' अक्षय अकेले फिल्म करें तो 50 करोड़ भी नहीं कमा पाएगी उन्होंने ये भी कहा कि ये तमाम पिछली फिल्में उनके नाम से नहीं चलीं। उन्होंने कहा, 'यह भी समझना जरूरी है कि दृश्यम फ्रेंचाइजी अजय देवगन के नाम पर चलती है। छावा विक्की कौशल की फिल्म है, जिसमें अक्षय भी हैं। धुरंधर रणवीर सिंह की फिल्म है। अगर अक्षय अकेले किसी फिल्म को लीड करें, तो वह भारत में 50 करोड़ भी नहीं कमा पाएगी। अगर उन्हें लगता है कि वे सुपरस्टार बन गए हैं, तो किसी बड़े स्टूडियो के साथ सुपरस्टार बजट की फिल्म बनाकर दिखाएं, देखें कौन अप्रूवल देता है।' 'उन्हें लगता है कि धुरंधर उनकी वजह से चल रही है' 'बॉलीवुड हंगामा से बातचीत करते हुए उन्होंने यहां तक कहा कि कुछ एक्टर मल्टी-स्टारर फिल्मों में काम करते हैं और जब वो फिल्में हिट हो जाती हैं तो वे खुद को स्टार समझने लगते हैं। अक्षय के साथ भी यही हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि धुरंधर उनकी वजह से चल रही है लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि किसी फिल्म की सफलता के पीछे कई फैक्टर होते हैं, सिर्फ एक इंसान नहीं।