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कर्नाटक में सरकारी कार्रवाई से बढ़ा विवाद, बेंगलुरु में 400+ घरों को किया गया ध्वस्त

बेंगलुरु बेंगलुरु में 400 से ज़्यादा घरों को गिराने के बाद कर्नाटक सरकार विवादों में घिर गई है. जिससे सैकड़ों लोग, जिनमें ज़्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोग हैं, बेघर हो गए हैं. इस हफ़्ते की शुरुआत में हुई इस बड़े पैमाने पर बेदखली की कार्रवाई ने सत्ताधारी कांग्रेस और केरल लेफ्ट फ्रंट यूनिट के बीच ज़बरदस्त जुबानी जंग छेड़ दी है.  जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर को सुबह 4 बजे कोगिलु गांव में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में तोड़फोड़ की गई. जिससे करीब 400 परिवार बेघर हो गए. यह कार्रवाई ऐसे वक्त में की गई, जब शहर में साल की सबसे ज़्यादा ठंड पड़ रही है. बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) द्वारा चलाए गए इस अभियान में 4 JCB और 150 से ज़्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे.  कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में उतरे लोग  मामले में कर्नाटक सरकार ने कहा कि ये घर उर्दू गवर्नमेंट स्कूल के पास एक झील के किनारे सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से बनाए गए थे. हालांकि, निवासियों ने दावा किया कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं मिला था. पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती बेदखल कर दिया. इससे सैकड़ों लोगों को कड़ाके की ठंड में सड़कों पर और अस्थायी शेल्टरों के नीचे रातें बितानी पड़ रही हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ निवासियों के हवाले से बताया गया है कि  वे 25 सालों से इस इलाके में रह रहे हैं और उनके पास वैलिड आधार कार्ड व वोटर आईडी हैं. निकाले गए ज़्यादातर लोग प्रवासी हैं और मज़दूर के तौर पर काम करते हैं. यह मुद्दा अब कांग्रेस सरकार के लिए एक बड़ा विवाद बन गया है. इस एक्शन के खिलाफ लोग विरोध में उतर आए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं.  एक गुट ने राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के घर के पास भी विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही कार्रवाई के विरोध में दलित संघर्ष समिति जैसे कई संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया है. कार्रवाई की केरल के मुख्यमंत्री ने की निंदा इस कार्रवाई को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस की की निंदा की है. उन्होंने इसे कांग्रेस की "अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति" बताया है. एक्स पर किए गए एक पोस्ट में विजयन ने कहा कि दुख की बात है कि संघ परिवार की अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति अब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के तहत चलाई जा रही है. जब कोई सरकार डर और ज़बरदस्ती से शासन करती है, तो संवैधानिक मूल्य और मानवीय गरिमा सबसे पहले शिकार होते हैं. वहीं मामले में केरल के मंत्री वी शिवनकुट्टी ने कहा कि कांग्रेस सरकार की "अमानवीय कार्रवाई" इमरजेंसी के दौर की याद दिलाती है. जो लोग धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के नाम पर सत्ता में आए हैं, वे गरीब लोगों के घरों को तोड़कर एक बार फिर अपना पाखंड दिखा रहे हैं.  उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पिनाराई को दिया जवाब सीपीआई और केरल सीएम की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह इलाका कब्ज़ा की गई कचरा फेंकने की जगह थी. लेकिन लैंड माफिया इसे झुग्गी बस्ती में बदलने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कहा कि हमने लोगों को नई जगहों पर शिफ्ट होने का समय दिया था. हम बुलडोज़र चलाने में विश्वास नहीं करते. पिनाराई विजयन पर तंज कसते हुए शिवकुमार ने ज़ोर देकर कहा कि नेताओं को ज़मीनी हकीकत जाने बिना टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. कांग्रेस के सीनियर नेता ने यह भी कहा कि पिनारयी विजयन जैसे सीनियर नेताओं को बेंगलुरु की समस्याओं के बारे में पता होना चाहिए. हम अपने शहर को अच्छी तरह जानते हैं और हम ऐसी झुग्गियों को बढ़ावा नहीं देना चाहते जो लैंड माफिया की एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देती हैं.   

ताजमहल पर कुमार विश्वास का तीखा बयान: युवाओं के लिए अयोध्या हो प्राथमिकता

लखनऊ  मशहूर कवि कुमार विश्वास पिछले दिनों अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने ताजमहल, महात्मा गांधी, दिल्ली प्रदूषण समेत तमाम मामलों का जिक्र किया। कुमार विश्वास ने आगरा में स्थित दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल को कब्रिस्तान बताते हुए कहा कि अब युवा उसकी बजाए अयोध्या जा रहे हैं, जोकि एक बड़ा परिवर्तन हुआ है। कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने कहा, ''यहां नए साल पर पहली बार ऐसा हो रहा है कि जो आगरा में कब्रिस्तान है, उसे देखने के बजाए युवा ज्यादा संख्या में आगरा की बजाए अयोध्या, वृंदावन में जा रहे हैं। परिवर्तन हो रहा है। बदलने में देर लगेगी और तर्क का उत्तर दिया जा सकता है, कुतर्क का नहीं दिया जा सकता।'' हालांकि, विश्वास ने ताजमहल शब्द का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा ताजमहल ही था। उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें लगता है कि सेक्युलर देश है, इसमें इतना राम क्यों, रामनवमी क्यों, धर्मनिरपेक्ष देश है, इसीलिए तो सब चल रहा है। अटल जयंती की पूर्व संध्या पर यूपी की राजधानी लखनऊ में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ, ब्रजेश पाठक समेत तमाम नेता मौजूद थे। अयोध्या के राम मंदिर मामले पर बोलते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि यह देश अदभुत है। यहां राम हुए हैं, या नहीं हुए, इस बात पर सुप्रीम कोर्ट में केस 30 साल तक चला। न्याय के देवता को न्याय के मंदिर में ही पुष्टि करवानी पड़ी कि वे वहीं पैदा हुए जहां उनका मंदिर था। अद्भुत देश है। जब आखिरी चरण में मुकदमा था तब उसी दिनों रामनवमी की छुट्टी पड़ गई। सुप्रीम कोर्ट बंद हो गया। हमने मिलॉर्ड से फोन करके पूछा कि जब नहीं हुए थे तो छुट्टी क्यों हुई और अगर छुट्टी हुई है तो हुए ही होंगे।'' दिल्ली पलूशन, महात्मा गांधी पर क्या बोले विश्वास कुमार विश्वास ने कार्यक्रम में दिल्ली में जारी पलूशन पर भी तंज कसा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में तीनों सरकारें भाजपा की हैं, जिसके बाद भी अद्भुत हवा उपलब्ध करवाई जा रही। उन्होंने कहा, ''रक्षा मंत्री दिल्ली रहते हैं, हम भी दिल्ली रहते हैं। अब तो तीन तल की सरकार आ गई। नगर पालिका, राज्य और केंद्र में भी आप ही हो। डॉक्टर कह रहे कि एक आदमी बाहर बैठ जाए तो 100 सिगरेट पी लेता है। कितनी अद्भुत हवा उपलब्ध करवाई है।'' वहीं, महात्मा गांधी, सरदार पटेल पर कहा कि (तुम) कांग्रेस तो अपने नानाजी, पापा जी और मम्मी जी में लगे रहे। पटेल बाहर बैठे थे तो वे ले गए। मैं तो कहता हूं कि महात्मा गांधी को भी ले लो। वे आयुर्वेद भी कह रहे, खादी पहन रहे, स्वदेशी कह रहे और गीता भी पढ़ रहे। सारे वे काम कह रहे जो आप कहते हो। वहां कोई पूछ भी नहीं रहा गांधी जी को। उनके पास अपने ही तीन फर्जी गांधी बहुत हैं।''  

उड़ान भरता भारत: नवंबर में घरेलू हवाई यात्रियों ने छुआ डेढ़ करोड़ का आंकड़ा

नई दिल्ली  घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या इस साल नवंबर में सालाना आधार पर 6.92 प्रतिशत बढ़कर एक करोड़ 52 लाख 38 हजार पर पहुंच गई। यह पहली बार है जब किसी एक महीने में डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने हवाई यात्रा की है। इससे पहले अधिकतम आंकड़ा दिसंबर 2024 में दर्ज किया गया था जब एक करोड़ 49 लाख 28 हजार लोगों ने हवाई यात्रा की थी। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से नवंबर तक 11 महीने में कुल 15 करोड़ 26 लाख 35 हजार लोगों ने हवाई यात्रा की है। यह पिछले साल की समान अवधि से 4.26 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह है कि नवंबर में यह रिकॉर्ड तब बना है जब इस साल दीपावली और छठ के पर्व अक्टूबर में ही समाप्त हो चुके थे, जब अमूमन मांग काफी अधिक होती है। आंकड़ों के अनुसार, भरी सीटों का अनुपात (पीएलएफ) के मामले अकासा एयर 93.8 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रही। इंडिगो 88.7 प्रतिशत के साथ दूसरे और स्पाइसजेट 87.7 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही। एयर इंडिया समूह का पीएलएफ 87.5 प्रतिशत और इंडियावन एयर का 82.7 प्रतिशत रहा। यात्री संख्या के मामले में नवंबर में इंडिगो और अकासा की बाजार हिस्सेदारी घट गयी जबकि एयर इंडिया समूह (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) और स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि हुई। इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी अक्टूबर के 65.6 प्रतिशत के कम होकर 63.6 प्रतिशत रह गयी। एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी 26.7 प्रतिशत, अकासा की 4.7 प्रतिशत और स्पाइसजेट की 3.7 प्रतिशत रही। देश के छह मेट्रो शहरों दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में समय पर उड़ान भरने के मामले में अकासा एयर 72.2 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रही। एयर इंडिया समूह की 69.1 प्रतिशत उड़ानें, इंडिगो की 69 प्रतिशत, अलायंस एयर की 59 प्रतिशत और स्पाइसजेट की 48.4 प्रतिशत समय पर रवाना हुईं। समय पर उड़ानों को रवाना करने के मामले में 86.4 प्रतिशत के साथ चेन्नई एयरपोर्ट पहले स्थान पर रहा। इसके बाद क्रमशः बेंगलुरु एयरपोर्ट से 78.6 प्रतिशत, हैदराबाद से 75.5 प्रतिशत, कोलकाता से 74.4 प्रतिशत, दिल्ली से 62.2 प्रतिशत और मुंबई से 50.1 प्रतिशत उड़ानें समय पर रवाना हुईं।  

घर खरीदने का सुनहरा मौका: दिल्ली की प्रमुख लोकेशन पर DDA फ्लैट्स, जानिए रेट और लेआउट

नई दिल्ली अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजेक्ट के तहत DDA आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 'जनता आवास योजना' लेकर आया है। इसके अंतर्गत वह EWS श्रेणी के रेडी टू मूव इन फ्रीहोल्ड 144 फ्लैट्स बेचने जा रहा है। इनमें से 82 EWS फ्लैट्स दिल्ली की प्राइम लोकेशन द्वारका मोड़ पर उपलब्ध हैं और मेट्रो स्टेशन से केवल 100 मीटर की दूरी पर हैं। इन फ्लैट्स का साइज 29.246 SQM से 30.688 स्क्वेयर मीटर तक है, वहीं 62 अन्य फ्लैट्स गांव चंदनहौला छतरपुर मेन रोड पर स्थित हैं और इनका साइज 45.575 SQM से 48.249 स्क्वेयर मीटर के बीच है।   डीडीए की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार द्वारका मोड़ पर उपलब्ध फ्लैट्स की कीमत 12.63 लाख रुपए (टाइप ए) और 13.24 लाख रुपए (टाइप बी) है। वहीं गांव चंदनहौला, SSN मार्ग, छतरपुर मेन रोड पर उपलब्ध फ्लैट्स की कीमत 23.05 लाख रुपए से 24.37 लाख रुपए तक है। इन दोनों योजनाओं के तहत उपलब्ध फ्लैट्स के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए स्कीम ब्रॉशर (योजना पुस्तिका) 31 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे, वहीं इनके लिए रजिस्ट्रेशन 7 जनवरी 2026 से शुरू होगा। इन फ्लैट्स की बुकिंग 7 फरवरी 2026 तक की जा सकेगी। दिल्ली विकास प्राधिकरण का कहना है कि इन फ्लैट्स की बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और फ्लैट्स पाने वाले भाग्यशाली लोगों का ड्रॉ 13 फरवरी 2026 को निकाला जाएगा। फ्लैट्स खरीदने के इच्छुक लोगों के देखने के लिए सैम्पल फ्लैट्स भी उपलब्ध हैं। ये फ्लैट्स अस्पताल, स्कूल और बाजारों के निकट हैं। और यहां पर कवर्ड व अनकवर्ड दोनों ही तरह की पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इन फ्लैट्स के बारे में 1800-110332 पर कॉल करके या फिर डीडीए की वेबसाइट http://dda.gov.in पर विजिट करके भी ज्यादा जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आवेदन के लिए जरूरी आर्थिक शर्त इन EWS फ्लैट के लिए अप्लाई करने वाले आवेदक और संयुक्त/सह-आवेदक की पारिवारिक आय, अगर दोनों परिवारों को अलग-अलग माना जाए, तो 10 लाख रुपए सालाना से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। इस क्लॉज़ के लिए फैमिली इनकम में एप्लीकेंट और उसके पति/उसकी पत्नी(अगर शादीशुदा हैं) की इनकम शामिल है। जॉइंट एप्लीकेंट/को-एप्लीकेंट परिवार का ही होना चाहिए। फैमिली का मतलब है कोई व्यक्ति या उसकी पत्नी या उसका पति या उसके/उस पर निर्भर कोई भी रिश्तेदार, जिसमें अविवाहित बच्चे भी शामिल हैं। एप्लीकेंट (और/या को-एप्लीकेंट) को इस बारे में काबिल अथॉरिटी (संबंधित SDM/तहसीलदार/जारी करने वाली अथॉरिटी के ऑफिस से) से जारी किया गया सालाना फैमिली इनकम सर्टिफिकेट दिखाना होगा। इस बारे में जारी एक प्रेस नोट में डीडीए ने बताया, 'अपने घर का सपना अब होगा सच! डीडीए जनता आवास योजना 2025 के तहत द्वारका मोड़ और गांव चंदनहौला छतरपुर मेन रोड में मात्र 12.63 लाख रुपए से शुरू शानदार EWS रेडी-टू-मूव-इन फ्रीहोल्ड फ्लैट्स उपलब्ध। इस योजना के तहत उपलब्ध फ्लैट्स के स्कीम ब्रॉशर (योजना पुस्तिका) 31 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे, वहीं इनके लिए रजिस्ट्रेशन 7 जनवरी 2026 से शुरू होगा।'  

ड्यूटी निभाते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ पंजाब का जवान, CM मान ने शहादत को किया सलाम

फाजिल्का/चंडीगढ़ पंजाब के एक और सपूत ने देश की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी है। फाजिल्का के गांव झुग्गे गुलाब सिंह के आर्मी जवान राजिंदर सिंह मेघालय के शिलांग में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी बहादुर जवान की हिम्मत और लगन को सलाम किया है और इस घटना पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीद जवान राजिंदर सिंह के परिवार के साथ अपनी दिली हमदर्दी जताई और देश के प्रति बहादुर जवान की हिम्मत और लगन को भी सलाम किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुश्किल घड़ी में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। मान ने कहा कि परिवार को हर मुमकिन मदद दी जाएगी।   CM मान ने ट्वीट किया, "फाजिल्का जिले के गांव झुग्गे गुलाब सिंह के आर्मी जवान राजिंदर सिंह की मेघालय के शिलांग में ड्यूटी के दौरान शहादत की दुखद खबर मिली। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। बहादुर जवान की हिम्मत और देश के प्रति समर्पण को दिल से सलाम। सरकार इस मुश्किल समय में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। परिवार को हर मुमकिन मदद दी जाएगी।"

बिहार में जमीन बंटवारे की प्रक्रिया हुई सरल, एक ही आवेदन से परिवार की पूरी जमीन का दाखिल-खारिज

पटना अब एक ही आवेदन से पूरे परिवार की जमीन का दाखिल-खारिज हो जाएगा। पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल, आसान और विवाद मुक्त बनाने के लए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार भूमि पोर्टल पर यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसकी सुविधा राज्य के लोगों को रविवार यानी 27 दिसंबर मिलने लगेगी। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पहले पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल-खारिज कराना पड़ता था। इससे लोगों को अनावश्यक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे।   विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कम समय में नई व्यवस्था विकसित की है। इसे अब बिहार भूमि पेार्टल की दाखिल-खारिज सेवा के तहत लागू कर दिया गया है। इससे आम रैयतों को काफी सहूलियत होगी। अगर आवेदन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003456215 पर कॉल कर जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह नई सुविधा बिहार भूमि पोर्टल पर उपलब्ध दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत लागू की जा रही है। नागरिक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे और अपनी जमीन से जुड़ी जमाबंदी की स्थिति को आसानी से देख सकेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी।सरकार ने विशेष रूप से उन लोगों से अपील की है, जिन्होंने अब तक मौखिक बंटवारा करके अपनी जमीन पर कब्जा बना रखा है। ऐसे मामलों में अक्सर भविष्य में पारिवारिक विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। मौखिक बंटवारा कानूनी दस्तावेज़ों में दर्ज नहीं होने के कारण सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने में भी परेशानी आती है। नई व्यवस्था के तहत मौखिक बंटवारे को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर कागजी रूप दिया जा सकता है, जिससे विवादों की संभावना कम होगी। साथ ही नई ऑनलाइन व्यवस्था से दलालों की भूमिका पर भी रोक लगेगी। पहले जानकारी के अभाव में कई लोग बिचौलियों के चक्कर में फंस जाते थे, जिससे उन्हें अतिरिक्त पैसे देने पड़ते थे।  

Year Ender 2025: टेस्ट क्रिकेट में तेज़ गेंदबाज़ों का जलवा, स्टार्क-सिराज सबसे आगे, बुमराह ने भी बनाई टॉप-10 में जगह

नई दिल्ली  साल 2025 ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के लिए बेहद शानदार गुजरा। स्टार्क मौजूदा समय में शानदार फॉर्म से गुजर रहे हैं। एशेज सीरीज में वे ना सिर्फ गेंद से आग उगल रहे हैं, बल्कि बल्ले से उपयोगी पारियां भी खेल रहे हैं। मिचेल स्टार्क इस साल टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। स्टार्क ने 2025 में कुल 11 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 22 पारियों में 17.32 की शानदार औसत के साथ 55 विकेट हासिल किए हैं।   भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के लिए भी 2025 बेहतरीन बीता है। वे वनडे और टी-20 में भले ही भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की है। मोहम्मद सिराज मिचेल स्ट्रार्क के बाद साल 2025 में टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। सिराज ने इस साल 10 टेस्ट मैच खेले, जिसकी 19 पारियों में 27.20 की औसत से 43 विकेट हासिल किए हैं। जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी 15 पारियों में 42 विकेट के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। इंग्लैड के कप्तान बेन स्टोक्स के लिए भी साल 2025 गेंदबाजी के लिहाज से शानदार रहा है। उन्होंने 9 मैचों की 17 पारियों में 23.12 की औसत के साथ कुल 33 विकेट हासिल किए हैं। बांग्लादेश के तैजुब इस्लाम का नाम भी टॉप-5 में है। इंग्लैंड के जोश टंग, ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट बोलैंड, दक्षिण अफ्रीका के साइमन हारमर और पाकिस्तान के नोमान अली भी टॉप-10 में शामिल हैं। साल 2025 जसप्रीत बुमराह के लिए उनकी प्रतिभा के अनुरूप नहीं गुजरा है, लेकिन फिर भी वे टॉप-10 में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। जसप्रीत बुमराह साल 2025 में टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में 8वें स्थान पर हैं। बुमराह ने इस साल कुल 8 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 14 पारियों में 22.16 की शानदार औसत के साथ कुल 31 विकेट हासिल किए हैं। आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह 879 पॉइंट्स के साथ अभी भी टॉप पर बने हुए हैं। वे लंबे से टेस्ट क्रिकेट में दुनिया के नंबर वन गेंदबाज हैं। 2025 में टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले टॉप-10 गेंदबाज मिचेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया) 55 विकेट मोहम्मद सिराज (भारत) 43 विकेट ब्लेसिंग मुजरबानी( जिम्बाब्वे) 42 विकेट बेन स्टोक्स(इंग्लैंड)-33 विकेट तैजुल इस्लाम( बांग्लादेश)-33 विकेट जोश टंग (इंग्लैंड)-33 विकेट स्कॉट बोलैंड (ऑस्ट्रेलिया)-32 विकेट जसप्रीत बुमराह (भारत)-31 विकेट साइमन हारमर(साउथ अफ्रीका)-30 विकेट नोमान अली( पाकिस्तान)-30 विकेट  

पंजाब की सियासत में तेज़ हुई हलचल, फरवरी में अमित शाह के दौरे की तैयारी; क्या है BJP का गेम प्लान?

चंडीगढ़  पंजाब जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के नतीजों ने प्रदेश BJP समेत सेंट्रल लीडरशिप को पंजाब में पार्टी के हालातों के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर दिया है. चुनाव में BJP को ग्रामीण आंचल में ज्यादा रिस्पॉन्स नहीं मिला. इसी वजह से सेंट्रल लीडरशिप ने पंजाब पर फोकस करने के लिए पार्टी के पॉलिसी मेकर्स से सलाह करने की तैयारी के संकेत दे दिए है, वहीं कहा जा रहा है कि सेंट्रल लीडरशिप अब पंजाब के मुद्दों और समस्याओं पर पंजाब के नेताओं से राय लेगी. इस बारे में जल्द ही दिल्ली में एक मीटिंग हो सकती है. पार्टी पंजाब में सीनियर नेताओं को ऑब्जर्वर भी नियुक्त कर सकती है.  मालवा में रैली कर सकते हैं गृह मंत्री सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज चौहान का फरवरी 2026 में पंजाब आने का कार्यक्रम बन रहा है, जिसे कुछ ही दिन में अंतिम रूप दिया जाएगा. इस दौरे के दौरान एक संभावित रैली मालवा में की जाएगी और इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाने की योजना बनाई जा रही है. इस रैली में गृह मंत्री और कृषि मंत्री पंजाब के लिए कुछ घोषणाएं कर सकते हैं. खासकर रूरल बेल्ट को साधकर ग्रामीणों को खुश किया जा सकता है, क्योंकि BJP मान कर चल रही है कि ग्रामीणों में पार्टी के खिलाफ जितना गुस्सा था, उसको खत्म कर दिया गया है. अब उनको अपना बनाने की कवायद शुरू करनी है.   गठबंधन के लिए नेताओं से लेगे सलाह बेशक हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पंजाब में जगह-जगह जाकर लोगों की नब्ज टटोल रहे हैं. रिपोर्ट BJP हाईकमान तक पहुंचा रहे हैं, वही दूसरे नेता जहां पंजाब के नेताओं से राज्य के मुद्दों पर रिपोर्ट लेंगे, वहीं भविष्य में किसी दूसरी पार्टी के साथ गठबंधन करने पर भी वर्करों से सलाह लेंगे. बेशक कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे कद्दावर नेता BJP हाइकमान के सामने अपना दृष्टिकोण पहले ही रख चुके है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के टकसाली वर्करों ने सेंट्रल लीडरशिप को चिट्ठी लिखकर सलाह दी है कि अगर BJP को पंजाब में सत्ता हासिल करनी है तो पंजाब के ज्वलंत मुद्दों, अधिकारों और समस्याओं पर सोचना होगा.   ग्रामीण इलाकों के वोट जीतने के लिए अकेले चुनाव मैदान में उतरने की बजाय गठबंधन करना भी जरूरी है. पंजाब में BJP के शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन पर दिल्ली समेत पंजाब के कई नेताओं की अलग-अलग राय है, लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान को लेना है. बताया जा रहा है कि BJP की सेंट्रल लीडरशिप ने साफ कर दिया है कि पंजाब में किसी भी पार्टी के साथ समझौते के बारे में कोई भी फैसला पंजाब यूनिट से सलाह-मशविरा करने के बाद ही लिया जाएगा. इसलिए BJP साल 2026 में पंजाब संगठन को एक्टिव करने का प्लान बनाने में जुटी है. पंजाब में पार्टी के सोशल मीडिया विंग को मजबूत किया जाएगा. गौरतलब है अगर राज्य में किसी पार्टी का सबसे मजबूत सोशल मीडिया विंग है तो वह सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी का है, लेकिन अब BJP भी राज्य में पार्टी के सोशल मीडिया विंग को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए अपनी अलग से रणनीति बनाने में जुटी हुई है.  

प्राकृतिक आंनद के लिए नेचर वॉक ट्रेल और बांस की गोल हट का किया जा रहा है निर्माण

कुकरैल वन क्षेत्र में हो रहा ईको टूरिज्म सुविधाओं का विकास, मिलेगा प्रकृति का आनंद  प्राकृतिक आंनद के लिए नेचर वॉक ट्रेल और बांस की गोल हट का किया जा रहा है निर्माण बच्चों के मनोरंजन के लिए चिल्डेन पार्क, प्ले स्टेशन और ओपन जिम का हो रहा निर्माण  पर्यटकों की सुविधा के लिए वन क्षेत्र में कैफेटेरिया और पार्किंग का जल्द शुरू होगा संचालन    लखनऊ लखनऊ के इंदिरानगर में स्थित कुकरैल वन क्षेत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पर्यटन गतिविधियों का विकास किया जा रहा है। कुकरैल वन क्षेत्र में एक ओर वन और पर्यटन विभाग कुकरैल नाइट सफारी का विकास कर रहा है, साथ ही नाइट सफारी के आस-पास के क्षेत्र में यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड भी पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास कर रहा है। इस क्रम में यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क, प्ले स्टेशन के साथ बांस की गोल हट, नेचर वॉक ट्रेल, ओपिन जिम और कैफेटेरिया का विकास कर रहा है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग और शौचालय का भी निर्माण कर रहा है।  यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड करा रहा है पर्यटन सुविधाओं का विकास  सीएम योगी के विजन के अनुसार प्रदेश की राजधानी लखनऊ में टूरिज्म की गतिविधियों के विकास के लिए कुकरैल नाइट सफारी का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड, कुकरैल वन क्षेत्र में मगरमच्छ, घड़ियाल और कछुआ अभ्यारण्य की सैर करने आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास कर रहा है। यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड के एडिशनल डारेक्टर पुष्प कुमार ने बताया कि बोर्ड कुकरैल वन क्षेत्र में 2 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन सुविधाओं का विकास कर रहा है। जो कि कुकरैल वन क्षेत्र के अभ्यारण्यों और नाइट सफारी में आने वाले पर्यटकों को सुखद अनुभव प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि इस क्रम में बोर्ड कुकरैल वन क्षेत्र में बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क और प्ले स्टेशन का निर्माण कर रहा है। जहां बच्चों के लिए एडवेंचरस गेमस्, झूले और ओपेन जिम भी लगाया जाएगा।  बांस की गोल हट और नेचर वॉक ट्रेल का जल्द पूरा होगा निर्माण  बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर ने बताया कि प्राकृतिक संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों को प्रकृति की आनंद दिलाने के लिए बांस से गोल हट बनाई जा रही हैं। साथ ही नेचर वॉक ट्रेल को भी विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटक कुकरैल नदी के आस-पास के क्षेत्र में पेड़, पौधों, पक्षियों के समीप से प्राकृतिक गतिविधियों का आनंद ले सकेगें। इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए वन क्षेत्र में कैफेटेरिया, शौचालय और पार्किंग का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू हो चुके हैं, जो जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। नये साल के शुरूआती महीनों में कुकरैल वन क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। ये गतिविधियां जहां एक ओर ईको टूरिज्म का विकास करेंगी साथ ही राजस्व और स्थानीय लोगों के रोजगार में भी बढ़ोतरी करेगी।

दादी खालिदा जिया की विरासत आगे बढ़ाएंगी जायमा रहमान? पिता के साथ वापसी ने बदली सियासी तस्वीर

ढाका  बांग्लादेश की राजनीति में जिया परिवार की चौथी पीढ़ी के प्रवेश की चर्चा तेज हो गई है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की इकलौती बेटी बैरिस्टर जायमा रहमान अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने की तैयारी कर रही हैं। 17 साल लंदन में निर्वासन की जिंदगी बिताने के बाद 25 दिसंबर को पिता के साथ देश लौटीं जायमा ने फेसबुक पोस्ट और पार्टी मीटिंग्स में अपनी इच्छा जाहिर की है कि वे बांग्लादेश के पुनर्निर्माण में योगदान देना चाहती हैं और लोगों से सीधा जुड़कर देश को समझना चाहती हैं।   जायमा रहमान का जन्म 26 अक्टूबर 1995 को हुआ था। वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालेदा जिया की पोती हैं। बचपन ढाका में बीता, लेकिन 2008 में जब तारिक रहमान चिकित्सा और राजनीतिक कारणों से लंदन चले गए, तब 13 साल की जायमा भी मां डॉ. जुबाइदा रहमान के साथ वहां चली गईं। लंदन में क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली और लिंकन्स इन से बैरिस्टर बनीं। कानूनी प्रैक्टिस के दौरान उन्होंने लोगों के साथ काम करके सहानुभूति, ईमानदारी और न्याय की समझ विकसित की। 'मैं कभी अपनी जड़ों की देखभाल करना नहीं भूली', ये लाइन जायमा ने हाल ही में अपने एक फेसबुक पोस्ट में लिखीं। जायमा ने अपनी पोस्ट में अपनी दादी और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा को प्यार से 'डाडू' कहते हुए याद किया। बता दें कि जायमा ने अब तक न तो कोई औपचारिक पार्टी पद संभाला है और न ही कभी चुनाव लड़ा है। बीते 17 वर्षों में उनका जीवन मुख्यतः लंदन में उनके कानूनी पेशे के इर्द-गिर्द रहा। ढाका में भव्य स्वागत, जायमा की ‘शांत’ एंट्री तारिक रहमान की वापसी पर हजारों समर्थक ढाका की सड़कों पर उमड़ पड़े। यह एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी था। हालांकि, जायमा रहमान की एंट्री अपेक्षाकृत शांत रही। वह अपनी मां जुबैदा रहमान के साथ गुरुवार को गुलशन एवेन्यू के 196 नंबर आवास पर पहुंचीं। राजनीतिक मंच पर रोशनी भले तारिक रहमान पर रही, लेकिन लंदन से ढाका तक के सफर की तस्वीरें वायरल होने के साथ जायमा रहमान भी देश की राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गईं। पेशे से बैरिस्टर, राजनीति में नई उम्मीद? यूनाइटेड किंगडम में प्रशिक्षित बैरिस्टर जायमा को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के लिए ‘नवीनीकरण’ का चेहरा माना जा रहा है। बीएनपी लंबे समय से भ्रष्टाचार, घोटालों और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों से घिरी रही है। तारिक रहमान का ‘हावा भवन’ एक समय BNP-जमात गठबंधन सरकार के दौरान सत्ता का वैकल्पिक केंद्र माना जाता था। वह भी इन्हीं विवादों से जुड़ा रहा। ऐसे में, फरवरी 2026 में संभावित राष्ट्रीय चुनावों से पहले तारिक रहमान की नई छवि गढ़ने की कोशिशों में जायमा एक अहम भूमिका निभा सकती हैं, खासकर युवाओं को जोड़ने के लिहाज से। पार्टी पहले से ही युवा मतदाताओं को लुभाने की रणनीति पर काम कर रही है। यादें और राजनीति जायमा पहली बार 2001 के आम चुनावों में मीडिया की नजर में आई थीं, जब वह महज छह साल की उम्र में अपनी दादी खालिदा जिया के साथ मतदान केंद्र गई थीं। उस चुनाव में BNP को भारी जीत मिली थी और खालिदा दिया प्रधानमंत्री बनी थीं। हाल के फेसबुक पोस्ट में जायमा ने अपने बचपन की एक याद साझा की, जो पहले ढाका ट्रिब्यून में रिपोर्ट हुई थी। उन्होंने बताया कि कैसे 11 साल की उम्र में फुटबॉल टूर्नामेंट जीतने के बाद वह अपना मेडल सीधे डाडू को दिखाने उनके ऑफिस गई थीं। जायमा ने लिखा- जिस गर्व और ध्यान से वह मेरी बात सुन रही थीं, वही याद आज भी मेरे साथ है। 2021 का विवाद और राजनीतिक मुखरता 2021 में जायमा उस वक्त सुर्खियों में आईं जब आवामी लीग के मंत्री मुराद हसन ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इसके बाद हसन को इस्तीफा देना पड़ा और उनके खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज हुआ। हालांकि, जायमा की वास्तविक राजनीतिक सक्रियता जुलाई छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद शुरू हुई, जब वह अपने पिता के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देने लगीं और कई मंचों पर उनका प्रतिनिधित्व भी किया। उन्होंने वाशिंगटन डीसी में नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट में BNP प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के तौर पर हिस्सा लिया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता मिर्ज़ा फखरुल और आमिर खस्रू भी शामिल थे। 23 नवंबर 2025 को उन्होंने BNP की अपनी पहली औपचारिक बैठक में भाग लिया, जहां यूरोपीय प्रतिनिधियों का एक दल भी मौजूद था। तारिक रहमान की घरवापसी और जायमा की भूमिका तारिक रहमान 17 साल बाद पत्नी जुबैदा और बेटी जायमा के साथ ढाका लौटे। हवाई अड्डे पर हजारों समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। तारिक ने नंगे पांव जमीन को छुआ और कहा- 6314 दिन बाद बांग्लादेश के आकाश में वापस।' जायमा ने भी विमान से फोटो शेयर कर लिखा- मातृभूमि की ओर वापस। फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनाव से पहले बीएनपी मजबूत स्थिति में है। तारिक रहमान को अगला प्रधानमंत्री उम्मीदवार माना जा रहा है। ऐसे में जायमा का प्