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पंकज चौधरी का दांव, यूपी में BJP के सबसे कमजोर किले को मजबूत करने की कोशिश

  नई दिल्ली उत्तर प्रदेश बीजेपी की कमान संभालने के साथ पंकज चौधरी ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है. मिशन-2027 का आगाज पश्चिम यूपी से किया. बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी ने मथुरा में बांके बिहारी के दर्शन कर ब्रज क्षेत्र से यूपी यात्रा शुरू की और दूसरे दिन गाजियाबाद होते हुए मेरठ पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ. इस तरह पूरब से पश्चिम यूपी तक जोड़ने की कवायद में पंकज चौधरी जुट गए हैं. बीजेपी ने पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भले ही यूपी के सामाजिक समीकरण को साधने की कवायद काफी हद तक कर ली है, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दोनों ही गोरखपुर से हैं. इस तरह सत्ता और संगठन पर पूर्वांचल का पूरी तरह से दबदबा दिख रहा है. यूपी की सत्ता और संगठन दोनों की कमान पूर्वांचल के गोरखपुर मंडल के नेताओं के पास है. ऐसे में कहीं न कहीं पश्चिम यूपी के लोगों लगता था कि प्रदेश अध्यक्ष पूरब से हैं तो पश्चिम को कोई खास तवज्जे नहीं देंगे. माना जाता है कि यही वजह है कि पंकज चौधरी ने ब्रज क्षेत्र से अपने यूपी दौरे का आगाज कर पश्चिम यूपी के सियासी समीकरण को साधने में जुट गए हैं. पश्चिम यूपी से पंकज चौधरी का मिशन-2027 पंकज चौधरी ने मथुरा में बाके बिहारी का दर्शन कर मिशन 2027 का आगाज शनिवार को किया. इसके बाद आगरा के प्रतापपुरा स्थित एक मैरिज होम में ब्रज क्षेत्र की पहली बैठक को संबोधित करते हुए पंकज चौधरी कहा कि 2027 में हमें 2017 का रिकॉर्ड तोड़ना है. इसके लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा. ब्रज क्षेत्र की ताकत को वह जानते हैं, आपका सहयोग आवश्यक है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर जाता है. इसलिए हमें यहां यहां अपने संगठन को मजबूत रखना है. इसके बाद रविवार को मेरठ पहुंचे, जहां उन्होंने पश्चिम यूपी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. इस दौरान पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को समझाया कि विपक्ष में कार्य करने और सत्ता में रहकर काम करने का तरीका अलग है. हमें केंद्र की और प्रदेश सरकार की योजनाओं को हर जरूरतमंद तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचाना है. मेरठ में हुआ पंकज चौधरी का भव्य स्वागत बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी रविवार को पहली बार मेरठ पहुंचे, जहां पर उनके स्वागत अलग ही अंदाज किया गया. बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली के अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने क्रेन में 15 कुंतल वजनी विशाल माला से पंकज चौधरी को पहनाकर स्वागत किया. पंकज चौधरी कहा कि कार्यकर्ताओं का जोश बता रहा है कि 2027 में बीजेपी ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी. संगठनात्मक शक्ति और कार्यकर्ताओं का जोश यह दर्शाता है कि बीजेपी का हर कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. यही 2027 में भाजपा की ऐतिहासिक विजय का आधार बनेगा. पंकज चौधरी के स्वागत में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भी जुटे थे, क्योंकि कुंवर बासित का अपना गृह क्षेत्र मेरठ है. उन्होंने पंकज चौधरी के स्वागत में पूरी ताकत झोंक दी है.   पंकज चौधरी ने पश्चिमी यूपी के सियासी समीकरण को देखते हुए कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बिना किसी भेदभाव के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ कार्य किया जा रहा है. मुख्यमंत्री पद पर योगी आदित्यनाथ के आने के बाद प्रदेश की पहचान बदली है. इस तरह से पंकज चौधरी ने पश्चिम यूपी को साधने में जुट गए हैं.  सत्ता और संगठन पर पूर्वांचल का दबदबा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से आते हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने पंकज चौधरी भी गोरखपुर से हैं. इस तरह सीएम और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही गोरखपुर क्षेत्र से हो गए हैं. पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी पूर्वांचल में आता है तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी प्रयागराज क्षेत्र से हैं. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भले ही लखनऊ से सांसद हैं, लेकिन उनका गृह जनपद मिर्जापुर भी पूर्वांचल के इलाके में आता है. यूपी के दूसरे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक लखनऊ कैंट सीट से विधायक हैं. इस तरह से यूपी में बीजेपी की टॉप लीडरशिप पूर्वांचल क्षेत्र से है. योगी सरकार से लेकर बीजेपी संगठन तक में लखनऊ से लेकर गोरखपुर क्षेत्र तक का दबदबा दिख रहा है. योगी सरकार के मोर्चे पर पहले से ही भारी पूर्वांचल का पलड़ा अब संगठन में भी भारी हो चुका है. यही वजह है कि पंकज चौधरी ने मिशन-2027 का आगाज ब्रज इलाके से किया और वेस्ट यूपी को सियासी संदेश देने की कवायद की. पश्चिम यूपी में बिगड़े समीकरण को करेंगे दुरुस्त यूपी में बीजेपी संगठन की बागडोर अभी तक मुरादाबाद से आने वाले भूपेंद्र सिंह चौधरी के हाथों में थी, जिसके सहारे पश्चिम यूपी को साधे रखा था, लेकिन अब प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर पूर्वांचल से आने वाले पंकज चौधरी विराजमान हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी के सामने क्षेत्रीय संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सत्ता में वापसी और सियासी उभार में पश्चिम यूपी का अहम रोल था. लोकसभा चुनाव-2014, 2019 और विधानसभा चुनाव 2017, 2022 में बीजेपी का पश्चिम यूपी में सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा है. इस तरह बीजेपी की सियासी ताकत में पश्चिमी यूपी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है. 2024 के सियासी झटके से उभारने की कवायद 2024 में बीजेपी को पूर्वांचल के साथ पश्चिमी यूपी और ब्रज के क्षेत्र में सियासी तौर पर गहरा झटका लगा था. 2024 में बीजेपी ने पश्चिमी यूपी में मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर और अमरोहा सीटें जीती हैं, जबकि नगीना, कैराना, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसी सीट हार गई है. बागपत और बिजनौर सीट बीजेपी की सहयोगी आरएलडी ने भी जीती थीं. पश्चिम यूपी की मुरादाबाद, संभल, रामपुर, आंवला जैसी सीटें इस बार हार गई है. इसके अलावा ब्रज क्षेत्र में फिरोजाबाद, बदायूं और लखीमपुर, सीतापुर, कन्नौज, इटावा जैसी सीटें हार गई है. इसके अलावा बुंदेलखंड की पांच में से चार सीटें बीजेपी हार गई और सिर्फ एक सीट ही जीत सकी थी, … Read more

पंजाब कैबिनेट का बड़ा फैसला: होशियारपुर में नई सब तहसील और बनूड़ को मिलेगा अपग्रेड status

 चंडीगढ़  सीएम भगवंत मान कैबिनेट में आज होशियारपुर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। होशियारपुर में नई तहसील होशियारपुर बनाने का निर्णय लिया गया है।पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी निवास पर हुई। मीटिंग में फैसला लिया गया कि बनूड़ सब तहसील को अपग्रेड किया जाएगा। जबकि होशियारपुर में नई तहसील होशियारपुर बनाई गई। इसके अलावा मेरा घर मेरे नाम स्कीम को तेजी से लागू किया जाएगा। यह जानकारी मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि बनूड़ सब-तहसील मोहाली में आती है।बहुत लंबे समय से लोगों की मांग थी कि तहसील छोटी है और इसे अपग्रेड किया जाए। क्योंकि लोगों को अपने काम करवाने में दिक्कत आती थी। अब इसे अपग्रेड किया जाएगा। इसमें दो कानूनगो, 14 पटवार सर्किल और 40 गांव शामिल होंगे।इसके साथ ही होशियारपुर जिले में तहसील हरियाणा बनाने का फैसला लिया गया। इसमें 12 पटवार सर्किल, दो कानूनगो सर्किल और 50 गांव शामिल किए गए हैं। वहीं, भू-राजस्व एक्ट 1888 में संशोधन किया गया है। रिकॉर्ड कंप्यूटर में रखा जाएगा। मेरा घर, मेरा नाम को तेजी से लागू करने की मंजूरी दी गई है। इसमें संशोधन भी किया गया। कल मनरेगा स्कीम को लेकर होगा सेशन हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मनरेगा स्कीम का नाम बदलने और उसमें लगाई गई शर्तों के खिलाफ कल विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया गया है। केंद्र की बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री साहब की नीतियों से गरीब लोग उलझन में आ गए है। कल 30 तारीख को विधानसभा में केंद्र सरकार से मांग करेंगे कि जैसे स्कीम चलती थी, वैसे ही चलती रहे। बीजेपी सरकार पंजाब और राज्य के लोगों के साथ भेदभाव करती है। जो गरीब लोग मजदूरी कर अपना परिवार पाल रहे थे, उनका रोजगार छीनने की कोशिश की जा रही है। 20 दिसंबर की मीटिंग में हुए थे चार फैसले इससे 20 दिसंबर को पंजाब सरकार कैबिनेट मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में मुख्य फैसला लिया गया था कि केंद्र सरकार के VB-G RAM G Bill 2025 (जो MGNREGA को प्रभावित करने वाला प्रस्तावित बिल है) के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र 30 दिसंबर 2025 को बुलाया जाए, ताकि इसके विरोध में प्रस्ताव पारित किया जा सके। यह मीटिंग मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई थी। इसके अलावा कैबिनेट की मीटिंग में 4 अहम फैसले और भी लिए गए । इनमें रिकार्ड ऑफ राइट्स एक्ट, लोकल बॉडी विभाग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस शामिल है। अब लोगों को इन तीनों मामलों से जुड़ी शिकायतों का जल्द निस्तारण और लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा बठिंडा में थर्मल प्लांट की 30 एकड़ जमीन बस स्टैंड बनाने के लिए दी गई थी। वित्तमंत्री चीमा ने कहा कि अब यह बस स्टैंड 10 एकड़ में बनेगा।

दिल्ली, आगरा और एनसीआर से मजबूत कनेक्टिविटी ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

यमुना एक्सप्रेस-वे सिर्फ सड़क नहीं विकास कॉरिडोर के रूप में किया गया है विकसित लखनऊ, उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में यमुना एक्सप्रेस-वे मात्र एक सड़क नहीं बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी नीति और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक है। जिस मार्ग को कभी केवल दिल्ली और आगरा को जोड़ने वाले कॉरिडोर के रूप में देखा जाता था, वही आज प्रदेश के औद्योगिक पुनर्जागरण की रीढ़ बन गया है। योगी सरकार ने यमुना एक्सप्रेस-वे को ट्रैफिक सुविधा तक सीमित न रखते हुए इसे निवेश, रोजगार और नियोजित शहरीकरण के सबसे बड़े इंजन के रूप में विकसित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास का ऐसा मॉडल अपनाया है, जिसने प्रदेश की छवि बदली है। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक क्लस्टर, आधुनिक अर्बन सेंटर्स और लॉजिस्टिक्स हब का विकास इस बात का प्रमाण है कि सरकार की नीति अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं बल्कि जमीन पर परिणाम देने वाली साबित हो रही है। यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र आज उस नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन रहा है जहां निवेशकों को भरोसा, युवाओं को रोजगार और प्रदेश को आर्थिक मजबूती मिल रही है। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ़ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन दीपक मैनी का कहना है कि यमुना एक्सप्रेस-वे के आस-आस विकसित हो रहीं परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बुलंदी पर पहुँचाने का काम कर रही है। ये प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनामी की ओर ले जाएंगी। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के माध्यम से सरकार ने नियोजित विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है जो उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती के साथ स्थापित करेगा। 3000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह औद्योगिक विकास क्षेत्र दो चरणों में विकसित किया जा रहा है। इसमें औद्योगिक, आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित भूमि उपयोग की स्पष्ट योजना बनाई गई है, जिससे अनियोजित शहरीकरण पर नियंत्रण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्पष्ट रही है कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे बल्कि उसका लाभ आसपास के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचे। यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित हो रहा औद्योगिक क्लस्टर इसी सोच का परिणाम हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क, बिजली जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के साथ यह क्षेत्र निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। दिल्ली आगरा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से मजबूत कनेक्टिविटी ने यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र को लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग के लिए आदर्श बना दिया है। इसके साथ ही जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस पूरे क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने जा रहा है। योगी सरकार ने एयरपोर्ट को केंद्र में रखकर औद्योगिक शहरों, लॉजिस्टिक्स हब और रोजगार केंद्रों की एक पूरी श्रृंखला विकसित करने की योजना बनाई है। यमुना एक्सप्रेस-वे की प्रमुख परियोजनाएं – जेवर के पास एचसीएल फॉक्सकॉन की ओसैट यूनिट – ओसैट यूनिट को लेकर भूमि पूजन जनवरी, 2026 में संभावित – एक हजार एकड़ का सेमीकंडक्टर और ईएमसी पार्क – मेडिकल डिवाइस पार्क और डेटा सेंटर पार्क का विकास – विवो, एलजी और हावेल्स जैसी प्रमुख कंपनियों द्वारा फैक्ट्रियों की स्थापना – वाईईआईडीए को मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब को मंजूरी – एयरपोर्ट एक्सप्रेस-वे और आरआरटीएस से मजबूत कनेक्टिविटी – दो सौ से अधिक नई फैक्ट्रियां निर्माणाधीन – सेमीकंडक्टर पार्क से बड़े स्तर पर रोजगार की संभावना – लॉजिस्टिक्स और हाई टेक हब के रूप में विकसित हो रहा है – जेवर एयरपोर्ट और औद्योगिक जोन से रियल एस्टेट, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में नए अवसर

केंद्र का फैसला: अगले 5 सालों में लुधियाना, अमृतसर, चंडीगढ़ समेत 10 रेलवे स्टेशनों की क्षमता दोगुना की जाएगी

फिरोजपुर  फिरोजपुर रेलवे डिवीजन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि अगले 5 सालों में नई ट्रेनें शुरू करने के लिए बड़े शहरों की क्षमता को मौजूदा लैवल से दौगुना करने की जरूरत है। साल 2030 तक बेसिक क्षमता को दोगुना करने के कामों में ये काम शामिल होंगे। मौजूदा टर्मिनलों को एक्स्ट्रा प्लेटफॉर्म के साथ बढ़ाना, लाइनों, पिट लाइनों और सही शंटिंग सुविधाओं को ठीक करना, शहरी इलाकों में और उसके आसपास नए टर्मिनलों की पहचान और कंस्ट्रक्शन आदि। उत्तर रेलवे के 10 स्टेशनों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन की भी योजना बनाई गई है जिसमें दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, हरिद्वार और बरेली शामिल हैं। यह उम्मीद की जाती है कि अगले 5 वर्षों में क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा ताकि क्षमता वृद्धि के लाभों को तुरंत महसूस किया जा सके। इससे वर्षों में धीरे-धीरे यातायात की आवश्यकता को पूरा करने में मदद मिलेगी। उत्तर रेलवे ने जिन 10 रेलवे स्टेशनों का इंफ्रॉस्ट्रक्चर अपग्रेड करने के लिए चुना है। लुधियाना समेत तीनों रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड करने का काम चल रहा है। हर रेलवे स्टेशन पर अभी जितने प्लेटफार्म हैं, उन्हें बढ़ाकर डबल कर दिया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर मॉडर्न स्टेशन बिल्डिंग तैयार की जा ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। रेल मंत्रालय ने जारी की स्टेशनों की सूची रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने एक दिन पहले देश के रेलवे स्टेशनों की क्षमता को डबल करने की घोषणा करते हुए स्टेशनों की सूची जारी की है। उत्तर रेलवे के दस स्टेशनों को उसमें शामिल किया गया है। इस सूची में अमृतसर, लुधियाना व चंडीगढ़ के अलावा जम्मू, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, हरिद्वार और बरेली के नाम शामिल हैं। एयरपोर्ट टर्मिनल की तर्ज पर मिलेंगी सुविधाएं लुधियाना, अमृतसर व चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशनों का काम पूरा होते ही वहां पर यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनल की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे परिसर में मल्टी-लेवल पार्किंग, एलिवेटेड कॉनकोर्स, नए एंट्री-एग्जिट पॉइंट, फूड कोर्ट, एस्केलेटर और लिफ्ट शामिल हैं, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिले और ट्रैफिक सुगम हो सके, जिससे ये स्टेशन पंजाब में प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब बन सके। रेल गाड़ियों के संचालन का मैकेनिज्म भी होगा अपग्रेड उत्तर रेलवे के मुताबिक रेल गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। इसलिए रेलवे स्टेशनों पर संचालन का मैकेनिज्म भी अपग्रेड किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सिग्नल सिस्टम, मल्टीट्रैकिंग सिस्टम को भी 2030 तक डबल करने की योजना है। रेल मंत्री का अश्वनी वैष्णव का दावा है कि 2030 तक रेल नेटवर्क दुनिया के बेहतरीन नेटवर्क में से एक हो जाएगा। पंजाब को मिलेगा विशेष फायदा केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू का कहना है कि पंजाब में रेलवे स्टेशनों की क्षमता डबल होने से रेल गाड़ियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के लोगों को देश के अलग-अलग कोनों तक पहुंचने के लिए रेल की उपलब्धता बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि लुधियाना में मुख्य रेलवे स्टेशन के अलावा ढंडारी रेलवे स्टेशन को भी डेवलप किया जा रहा है। मुख्य विशेषताएं और कार्य:     आधुनिक इंफ्रॉस्ट्रक्चर: स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा लुक देने के लिए नया डिज़ाइन, AC कॉनकोर्स (प्रतीक्षालय) और फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं।     बेहतर पार्किंग: मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा, जिसमें 1,30,000 वर्ग फीट का पार्किंग क्षेत्र भी शामिल है।     ट्रैफिक मैनेजमेंट: एंट्री व एग्जिट के लिए अलग-अलग रास्ते, एक नया प्रवेश द्वार और एलिवेटेड रोड्स से सीधा जुड़ाव, जिससे यातायात सुगम हो सके।     यात्री सुविधाएं: लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड कोर्ट, वीआईपी लाउंज और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएँ जोड़ी जा रही हैं.     पर्यावरण अनुकूल: स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

₹79,000 करोड़ की मंजूरी से बदलेगी सेना की ताकत, DAC के फैसले से क्या होंगे बड़े बदलाव?

नई दिल्ली भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमताओं और युद्धक प्रभावशीलता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक निर्णय लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने सोमवार को लगभग ₹79,000 करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों के लिए 'आवश्यकता स्वीकृति' (AoN) प्रदान की। यह मंजूरी मुख्य रूप से भविष्य के युद्धक्षेत्र की जरूरतों, जैसे ड्रोन तकनीक, सटीक मारक क्षमता और उन्नत रडार प्रणालियों पर केंद्रित है। थल सेना के लिए स्वीकृत प्रस्तावों में आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया है, जो सामरिक युद्ध क्षेत्र में भारत की बढ़त सुनिश्चित करेंगे। लोइटर मुनिशन सिस्टम: सामरिक लक्ष्यों पर सटीक और घातक हमले करने के लिए इन प्रणालियों की खरीद को मंजूरी दी गई है-     लो लेवल लाइट वेट रडार: ये रडार छोटे आकार के और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAVs) का पता लगाने और उन पर नज़र रखने में सक्षम होंगे।     पिनाका एमआरएलएस (MLRS): पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम के लिए लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट गोला-बारूद को मंजूरी मिली है, जिससे उच्च मूल्य वाले लक्ष्यों को अधिक सटीकता से निशाना बनाया जा सकेगा।     ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम: एकीकृत ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम एमके-II (Mk-II) भारतीय सेना की महत्वपूर्ण संपत्तियों की रक्षा करेगा। भारतीय नौसेना: समुद्री जागरूकता और सुरक्षित संचार नौसेना की क्षमताओं को आधुनिक बनाने के लिए निम्नलिखित प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है-     बीपी टग्स (Bollard Pull Tugs): ये टग्स बंदरगाहों और संकरे जलक्षेत्र में जहाजों और पनडुब्बियों की पैंतरेबाजी और लंगर डालने में सहायक होंगे।     सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (HF SDR): हाई फ्रीक्वेंसी एसडीआर मैनपैक के शामिल होने से बोर्डिंग और लैंडिंग ऑपरेशंस के दौरान लंबी दूरी का सुरक्षित संचार सुनिश्चित होगा।     HALE RPAS (पट्टा): हिंद महासागर क्षेत्र में निरंतर निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग रेंज रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम को पट्टे (Lease) पर लिया जाएगा। वायुसेना: एयरोस्पेस सुरक्षा और लंबी दूरी की मारक क्षमता भारतीय वायु सेना (IAF) के बेड़े को और अधिक घातक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण हथियारों और प्रणालियों की घोषणा की गई है। ये हैं-     एस्ट्रा एमके-II मिसाइल: हवा से हवा में मार करने वाली इस उन्नत मिसाइल से लड़ाकू विमानों की दुश्मन को लंबी दूरी से नष्ट करने की क्षमता बढ़ेगी।     SPICE-1000 गाइडेंस किट: यह किट भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता (Precision Strike) को और मजबूत करेगी।     फुल मिशन सिमुलेटर: एलसीए (LCA) तेजस के लिए सिमुलेटर पायलटों के प्रशिक्षण को अधिक किफायती, सुरक्षित और प्रभावी बनाएंगे।     ऑटोमैटिक टेक-ऑफ लैंडिंग रिकॉर्डिंग सिस्टम: यह तकनीक एयरोस्पेस सुरक्षा में सुधार करेगी और हर मौसम में स्वचालित रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराएगी। आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव ये सभी प्रस्ताव 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं से भारतीय रक्षा उद्योगों, विशेषकर रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs) और निजी क्षेत्र के एमएसएमई (MSMEs) को बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिलेंगे, जिससे देश में रोजगार और तकनीकी नवाचार को गति मिलेगी। भविष्य की रणनीतिक तैयारी ₹79,000 करोड़ का यह निवेश न केवल सेनाओं की वर्तमान कमियों को दूर करेगा, बल्कि भारत को भविष्य के 'टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन' युद्धों के लिए भी तैयार करेगा। पिनाका और एस्ट्रा जैसी स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों पर भरोसा जताना वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती रक्षा निर्यात क्षमताओं और रक्षा विनिर्माण में स्वावलंबन का प्रमाण है।

जदयू में बड़ा कड़ा कदम, पार्टी से बाहर किए गए आठ नेता

पूर्णिया बिहार विधानसभा चुनाव में भीतरघात और गठबंधन विरोधी गतिविधियों को लेकर जदयू नेतृत्व ने पूर्णिया जिले में कड़ा अनुशासनात्मक हंटर चलाया है। पार्टी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पूर्व जिला अध्यक्षों सहित कुल आठ पदाधिकारियों को पदमुक्त कर छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला नाम दो कद्दावर नेताओं का है, जिन्होंने संगठन में लंबे समय तक जिला कमान संभाली थी। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के निर्देश पर पार्टी ने संगठन की मजबूती और अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए यह फैसला लिया है। इन नेताओं पर गिरी गाज प्रदेश अध्यक्ष ने राकेश कुमार (पूर्व जिला अध्यक्ष), सचिन मेहता (पूर्व जिला अध्यक्ष युवा जदयू, नीलू सिंह पटेल (प्रदेश सचिव) आजाद (प्रदेश महासचिव, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ), पूरन सिंह पटेल (जिला महासचिव) और इसके साथ ही रितेश आनंद (कसबा), मनोज कुमार दर्वे (डगरूआ) और मीडिया संयोजक प्रदीप कुमार मेहता पर भी निष्कासन की गाज गिरी है। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के दौरान इन नेताओं द्वारा गठबंधन के प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाने की गुप्त शिकायतें मिली थीं। मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल ने इन शिकायतों की जमीनी स्तर पर पड़ताल की। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद ही इन दिग्गज नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को जदयू की क्लीनअप ड्राइव के रूप में देखा जा रहा है। दो पूर्व जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई कर नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।

मंत्री कुशवाहा का बयान: समावेशी विकास के लिए सामाजिक न्याय से लेकर कृषि-उद्यानिकी तक मजबूत नींव रखी

विकास एवं सेवा के दो वर्ष सामाजिक न्याय से लेकर कृषि–उद्यानिकी तक, समावेशी विकास की रखी मजबूत नींव : मंत्री कुशवाहा म.प्र. उद्यानिकी के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य 2 वर्षों में उद्यानिकी रकबे में हुई सवा 3 लाख हैक्टेयर की वृद्धि भोपाल  सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण एवं उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन–2047 और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। सामाजिक न्याय से लेकर कृषि–उद्यानिकी तक, समावेशी विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने प्रदेश में गत 2 वर्षों में उद्यानिकी और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में हुए उपलब्धियों, नवाचारों और आगामी 3 वर्षों में विभाग की कार्य योजनाओं के संबंध में अवगत कराया। उद्यानिकी में रिकॉर्ड वृद्धि गत दो वर्षों में उद्यानिकी फसलों का रकबा 25.12 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 28.29 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसी अवधि में उत्पादन 389.10 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 425.68 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है। प्रदेश की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 15.08 मीट्रिक टन, राष्ट्रीय औसत से अधिक है। मध्यप्रदेश मसाला उत्पादन में प्रथम, पुष्प उत्पादन में द्वितीय, सब्जी उत्पादन में तृतीय और फल उत्पादन में चतुर्थ स्थान पर है। जीआई टैग और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रीवा का सुंदरजा आम और रतलाम का रियावन लहसुन जीआई टैग प्राप्त कर चुके हैं। प्रदेश की 15 फसलों का जीआई पंजीयन कराया गया है। इजराइल के तकनीकी सहयोग से मुरैना में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है, जबकि छिंदवाड़ा और हरदा में नए सीओई विकसित किए जा रहे हैं। खाद्य प्रसंस्करण और नवाचार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत 8,198 ऋण प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं और 3,113 उद्यमियों को 108.64 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है। सेंसर आधारित स्वचलित फर्टिगेशन, मखाना क्षेत्र विस्तार, एग्जोटिक सब्जी क्लस्टर, हाईटेक नर्सरी और इंक्यूबेशन सेंटर जैसे नवाचार लागू किए जा रहे हैं। आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना आगामी तीन वर्षों में उद्यानिकी फसलों का रकबा 33.39 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने, 15 हजार सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और 25 फसलों को जीआई टैग दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2026: कृषि वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया गया है। इसके अंतर्गत उद्यानिकी को बढ़ावा, खाद्य प्रसंस्करण से मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। सामाजिक न्याय और दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में अभिनव प्रयास मंत्री कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने गत दो वर्षों में सामाजिक और शारीरिक रूप से कमजोर वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई अभिनव और प्रभावी पहल की हैं। दिव्यांगजनों की क्षमताओं को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 6 लाख 97 हजार दिव्यांगजनों को प्रतिमाह 41.87 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की जा रही है। साथ ही 9 लाख 89 हजार से अधिक दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण और कृषि–उद्यानिकी के क्षेत्र में किए गए ये प्रयास प्रदेश को समावेशी, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। शिक्षा, तकनीक और रोजगार पर विशेष फोकस दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के 17 जिलों में शासकीय एवं अशासकीय विशेष विद्यालयों के तीन-तीन कक्षों को स्मार्ट क्लास के रूप में विकसित किया गया है। श्रवणबाधित दिव्यांगजनों की संवाद संबंधी कठिनाइयों को दूर करने के लिए क्यूआर कोड आधारित लाइव इंटरप्रेटर सुविधा प्रारंभ की गई है। अब तक 34 हजार 649 दिव्यांगजनों को 59 हजार से अधिक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। रोजगार सृजन के क्रम में 2,589 दिव्यांगजनों को शासकीय सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर केन्द्र सरकार से मान्यता प्राप्त संस्था एटिपिकल एडवांटेज के साथ 2 दिसंबर 2025 को एमओयू किया गया है। इसके माध्यम से दिव्यांगजनों को उनकी योग्यता के अनुसार निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक संस्था द्वारा 5 दिव्यांगजनों को रोजगार दिया जा चुका है। खेल, विवाह प्रोत्साहन और विशेष उपलब्धियां दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 958 दंपत्तियों को लाभ दिया गया है। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। तैराकी प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए सत्येन्द्र लोहिया, रामबरन पाल एवं सद्दाम खान को पाँच–पाँच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। वृद्धजनों का सम्मान: सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदेश में 81 वृद्ध आश्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें राज्य, केंद्र और जनसहयोग से संचालन हो रहा है। प्रति हितग्राही 2,200 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण सहायता सहित अन्य आवश्यक व्ययों का वहन किया जा रहा है। मंत्री कुशवाहा ने बताया कि राजधानी भोपाल में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पेड ओल्ड एज होम का संचालन सेवा भारती मध्य भारत प्रांत द्वारा किया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन: 100 प्रतिशत ई-केवाईसी प्रदेश की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 54 लाख से अधिक हितग्राहियों का 100 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण किया गया है। प्रतिमाह 325 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से सीधे खातों में अंतरित की जा रही है। नशामुक्त भारत अभियान: जनभागीदारी से जागरूकता “विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्र” अभियान के तहत प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके लिए 12 हजार मास्टर वॉलंटियर्स तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह सहायता योजना: बड़ा सामाजिक संबल विगत 2 वर्षों में इस योजना के अंतर्गत 1 लाख 52 हजार हितग्राहियों को 838.44 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। पात्रता और आयोजन प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने के लिए योजना में संशोधन किया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार लाभान्वित हो सकें।  

रक्षा मंत्रालय ने 79 हजार करोड़ की रक्षा खरीद को दी मंजूरी, MRSAM मिसाइलें और MQ-9B ड्रोन होंगे शामिल

 नई दिल्ली रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने करीब 80 हजार करोड़ रुपये की रक्षा खरीद और अपग्रेड प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. यह फैसला भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इसमें पुराने हथियारों का अपग्रेड, नए आधुनिक हथियारों की खरीद और स्वदेशी विकास शामिल हैं. मुख्य मंजूरियां क्या हैं? टी-90 भीष्म टैंकों का ओवरहॉल: करीब 200 टी-90 टैंकों का स्वदेशी तरीके से मिड-लाइफ अपग्रेड और ओवरहॉल किया जाएगा. यह काम डिफेंस पब्लिक सेक्टर यूनिट (DPSU) करेगी. इससे टैंकों की उम्र बढ़ेगी. लड़ाई में ताकत बढ़ेगी. एमआई-17 हेलीकॉप्टरों का अपग्रेड: मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर एमआई-17 का मिड-लाइफ अपग्रेड होगा. इससे हेलीकॉप्टरों की ऑपरेशनल तैयारी और भरोसेमंदी बढ़ेगी.  लोइटरिंग मुनिशन (कामिकाज़ ड्रोन): आधुनिक युद्ध के लिए लोइटरिंग मुनिशन (सुसाइड ड्रोन) खरीदने की मंजूरी. ये ड्रोन दुश्मन के ठिकाने पर घूमकर सटीक हमला करते हैं. एमआरएसएएम मिसाइलें: भारतीय नौसेना और वायुसेना के लिए मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) खरीदी जाएंगी. इससे हवाई और समुद्री रक्षा मजबूत होगी. Astra मार्क-2 और मीटियोर मिसाइलें: वायुसेना के लिए बहुत बड़ी संख्या में Astra मार्क-2 एयर-टू-एयर मिसाइलें (200 किमी से ज्यादा रेंज) विकसित और खरीदी जाएंगी. साथ ही कुछ मीटियोर मिसाइलें भी ली जाएंगी. स्पाइस-1000 बम: इजरायल से बड़ी संख्या में स्पाइस-1000 एयर-टू-ग्राउंड गाइडेड बम खरीदने पर चर्चा हुई. ये बहुत सटीक हमले करते हैं. पिनाका रॉकेट का विकास: 120 किलोमीटर रेंज वाली नई पिनाका रॉकेट का विकास मंजूर. खास बात यह है कि इन्हें मौजूदा 45 किमी और 80 किमी रेंज वाली पिनाका लॉन्चर से ही दागा जा सकेगा. एयर-टू-एयर रिफ्यूलर और AWACS: हवाई रिफ्यूलिंग टैंकर और एयरबॉर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) की खरीद के लिए RFP (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) में बदलाव मंजूर. ये लंबी दूरी के हवाई ऑपरेशन के लिए जरूरी हैं. सी गार्जियन ड्रोन का लीज: अमेरिका से दो MQ-9B हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (HALE) सी गार्जियन ड्रोन को 3 साल के लिए लीज पर लेने का फैसला जल्द. भारत पहले ही 31 ऐसे ड्रोन खरीदने का सौदा कर चुका है, जिनकी डिलीवरी 2028 से शुरू होगी. इन फैसलों का महत्व     आधुनिकीकरण: पुराने टैंक और हेलीकॉप्टरों को नया जीवन मिलेगा.     आधुनिक युद्ध क्षमता: ड्रोन, लोइटरिंग मुनिशन और लंबी रेंज मिसाइलें से सटीक और तेज हमले संभव.     स्वदेशी बढ़ावा: टी-90 ओवरहॉल, पिनाका और Astra जैसे प्रोजेक्ट से आत्मनिर्भर भारत को बल.     लंबी दूरी की ताकत: रिफ्यूलर, AWACS और लंबी रेंज हथियारों से वायुसेना की पहुंच बढ़ेगी. DAC की बैठक में रक्षा मंत्रालय के बड़े अधिकारी और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल थे. ये फैसले भारतीय सशस्त्र बलों की युद्ध तैयारी को नई ऊंचाई देंगे. सीमाओं पर मजबूत संदेश देंगे. आगे इन प्रस्तावों को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मंजूरी मिलने के बाद ठेके दिए जाएंगे.

पंजाब में सेहत विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले, सरकार ने लिया अहम कदम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले किए हैं। सरकार ने कुछ समय पहले सीनियर मेडिकल अधिकारियों को डिप्टी डायरेक्टर कम सिविल सर्जन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के रूप में पदोन्नत किया था। अब सरकार ने इन चारों अधिकारियों के नए स्थानों पर तबादले और तैनातियां की हैं। जानकारी के अनुसार, रूपनगर के सिविल सर्जन डॉ. सुखविंदरजीत सिंह को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन का डिप्टी डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. हरिपाल सिंह को बरनाला का सिविल सर्जन, डॉ. प्रभजोत रंधावा को रूपनगर का सिविल सर्जन और डॉ. राजीव पराशर को फिरोजपुर का सिविल सर्जन नियुक्त किया गया है।

अमृतसर एयरपोर्ट पर घना कोहरा: विजिबिलिटी जीरो होने के कारण कई फ्लाइट्स रद्द

अमृतसर  पंजाब में धुंध को लेकर आज भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अधिकतर इलाके धुंध की चपेट में हैं और विजिबिलिटी शून्य के करीब दर्ज की जा रही है। वहीं, तापमान में अधिक बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन सोमवार का न्यनूतम तापमान 2 डिग्री के करीब पहुंच गया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने राज्य में ठिठुरन को बढ़ा दिया है।  सोमवार सुबह राज्य में सबसे कम तापमान एसबीएस नगर के बल्लोवाल सोनखड़ी में देखने को मिला। यहां न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि अमृतसर में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री, लुधियाना में 5.6 डिग्री, पटियाला में 6.4 डिग्री, बठिंडा में 4.2 डिग्री, फरीदकोट में 4.9 डिग्री और गुरदासपुर में 4.3 डिग्री दर्ज किया गया है।  कोहरे के कारण चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। सुबह 7:15 बजे जयपुर, 7:30 बजे बेंगलुरु और 7:55 बजे दिल्ली से आने वाली उड़ानें रद्द कर दी गईं। वहीं कई फ्लाइटें लेट चल रही है, जिसके कारण यात्री घंटों परेशान हो रहे हैं। दिल्ली से आने वाली 5:45 बजे की फ्लाइट काफी देर से उड़ान भरी है, वह 7:31 बजे रवाना हुई। इसी तरफ लखनऊ से आने वाली 5:55 बजे की फ्लाइट 7:13 बजे रवाना हुई। वहीं, अमृतसर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की बर्मिंघम से आने वाली फ्लाइट अपने निर्धारित समय 11:55 बजे की बजाय 12:17 बजे लैंड करेगी। एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित कोहरे के कारण चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। सुबह 7:15 बजे जयपुर, 7:30 बजे बेंगलुरु और 7:55 बजे दिल्ली से आने वाली उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा कई फ्लाइटें देरी से संचालित हुईं। दिल्ली से आने वाली 5:45 बजे की फ्लाइट 7:31 बजे रवाना हुई, जबकि लखनऊ से आने वाली 5:55 बजे की फ्लाइट 7:13 बजे रवाना हुई।वहीं, अमृतसर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की बर्मिंघम से आने वाली फ्लाइट अपने निर्धारित समय 11:55 बजे की बजाय 12:17 बजे लैंड करेगी। आने वाले दिनों का मौसम मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 दिसंबर को गुरदासपुर, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) सहित कई जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार भी जताए गए हैं।  आने वाले दिनों को लेकर अलर्ट जारी आपको बता दे की आने वाले दिनों ठंड और भी पढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही कोहरा भी जारी रहेगा। पंजाब में मौसम विभाग कोहरे को लेकर फिर से एक अलर्ट जारी की है। जानकारी के अनुसार 30 और 31 दिसंबर को गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, मोहाली सहित कई जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। लोगों को घरों से निकलने के पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।साथ ही यह भी कहा गया है कि सड़क का सफर रात के बजाए दिन में किया जाना अधिक अच्छा होगा।