samacharsecretary.com

किम केओन-ही पर 1.79 करोड़ रुपये की घूस लेने का आरोप, भ्रष्टाचार के मामले में 15 साल की सजा की संभावना

सोल South Korea की पूर्व प्रथम महिला किम केओन ही मौजूदा समय गंभीर कानूनी संकट में फंसी हुई हैं. किम केओन ही महाभियोग का सामना कर चुके पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की पत्नी हैं. किम पर राज्य के अहम मामलों में कथित तौर पर दखल देने, प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने और महंगे उपहार व पैसों के बदले घूस लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या किम केओन ही ने अपने पद और पति की राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए किया? कि  पर आरोप है कि उन्होंने कारोबारी और प्रभावशाली लोगों से महंगे गिफ्ट्स स्वीकार किए और बदले में सरकारी फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की. एक विशेष अभियोजक ने सोमवार (29 दिसंबर) को बताया कि इस मामले की जांच रविवार को पूरी कर ली गई है. यह जांच पिछले एक साल से जारी थी. जांच के दायरे में पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल द्वारा मार्शल लॉ लगाए जाने का फैसला भी शामिल रहा. इसके अलावा, इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी से जुड़े कई गंभीर विवादों और आरोपों की भी पड़ताल की गई. यह मामला दक्षिण कोरिया की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ था और जांच पूरी होने के बाद अब आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं. अभियोजन पक्ष ने की कड़ी सजा की मांग अभियोजन पक्ष ने किम केओन-ही के खिलाफ गंभीर आरोपों के चलते कड़ी सजा की मांग की है. अभियोजन ने अदालत से अनुरोध किया है कि किम केओन-ही को 15 साल की जेल की सजा दी जाए. उन पर बिचौलिया बनकर विभिन्न सौदे कराने, घूस लेने और सरकारी नियुक्तियों में अवैध रूप से हस्तक्षेप करने जैसे आरोप लगाए गए हैं. फिलहाल किम केओन-ही हिरासत में हैं. उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है. हालांकि, इस महीने की शुरुआत में हुई एक अदालत की सुनवाई के दौरान किम ने मामले के कारण जनता को हुई असुविधा और परेशानी के लिए माफी जरूर मांगी थी. अदालत अब मामले में अगली सुनवाई और अंतिम फैसले की तैयारी कर रही है. यूनिफिकेशन चर्च पर भी रिश्वत के आरोप इस मामले में यूनिफिकेशन चर्च की प्रमुख हान हक-जा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. जांच एजेंसियों ने उन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. अभियोजन पक्ष का दावा है कि चर्च ने अपने प्रभाव का विस्तार करने और किम पर दबाव या प्रभाव बनाने के उद्देश्य से महंगे उपहार दिए थे. इनमें दो लग्ज़री Chanel बैग और एक कीमती हीरे का हार शामिल बताया जा रहा है. इसके अलावा, अभियोजन का आरोप है कि चर्च की ओर से कुल 2 लाख डॉलर (लगभग 200,000 डॉलर) की रिश्वत दी गई. आरोपों के मुताबिक, यह रकम और महंगे तोहफे किम को प्रभावित करने के लिए दिए गए थे, ताकि चर्च को अपने हितों में लाभ मिल सके. दक्षिण कोरिया में उठा सियासी तूफान इस मामले ने दक्षिण कोरिया की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है. विपक्षी दल इसे सत्ता के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बता रहे हैं, जबकि सरकार और यून सुक येओल के समर्थक आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला देश की न्याय व्यवस्था और राजनीतिक नैतिकता के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होगा. फिलहाल जांच जारी है और पूरे देश की नजरें इस हाई-प्रोफाइल केस पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर न सिर्फ पूर्व राष्ट्रपति के राजनीतिक भविष्य पर, बल्कि दक्षिण कोरिया की सियासत की दिशा पर भी पड़ सकता है. 

नौकरी-बिजनेस में सफलता का आसान टोटका, छोटी इलायची से चमकेगा करियर

करियर और व्यापार में सफलता केवल कड़ी मेहनत पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि हमारे आसपास की ऊर्जा पर भी टिकी होती है। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र में छोटी इलायची को केवल एक मसाला नहीं, बल्कि भाग्य बदलने वाला कारक माना गया है। इलायची का संबंध सीधे तौर पर बुध और शुक्र ग्रह से है। बुध बुद्धि, संवाद और व्यापार का कारक है, जबकि शुक्र धन, ऐश्वर्य और आकर्षण का। यदि आप लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, नौकरी नहीं मिल रही है या व्यापार में घाटा हो रहा है, तो इलायची के ये छोटे लेकिन अचूक उपाय आपके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। नौकरी में प्रमोशन और वेतन वृद्धि के लिए अगर आपकी काबिलियत के बावजूद आपको ऑफिस में वह सम्मान या पद नहीं मिल रहा है जिसके आप हकदार हैं, तो यह उपाय करें एक हरे कपड़े में 5 छोटी इलायची बांधकर अपने तकिए के नीचे रखकर सोएं। अगले दिन सुबह उठकर इन इलायचियों को किसी सुनसान जगह या किसी मंदिर के बाहर दान कर दें। यह आपकी सोई हुई किस्मत को जगाता है और कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाता है। इंटरव्यू में सफलता के लिए इंटरव्यू के समय घबराहट होना या ऐन मौके पर जवाब भूल जाना बुध के कमजोर होने की निशानी है। जिस दिन आपका इंटरव्यू हो, सुबह स्नान के बाद 3 इलायची को दाएं हाथ में रखकर ॐ श्रीं श्रीं ह्रीं ह्रीं श्रीं नमः मंत्र का 11 बार जाप करें। इसके बाद इसे खाकर घर से निकलें। इससे आपकी वाणी में आकर्षण आता है और आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे आप इंटरव्यू लेने वाले को प्रभावित कर पाते हैं। व्यापार में लाभ और क्लाइंट्स बढ़ाने के लिए यदि आपकी दुकान या ऑफिस में ग्राहक नहीं आ रहे हैं, तो वास्तु दोष एक कारण हो सकता है। अपने व्यापार स्थल के मुख्य द्वार पर या अपने कैश बॉक्स में 5 इलायची रखें। हर शुक्रवार को इन इलायचियों को बदलें और पुरानी इलायची को किसी बहते जल में प्रवाहित कर दें। कार्यस्थल पर मान-सम्मान पाने के लिए कभी-कभी सहकर्मी या बॉस आपके काम का श्रेय खुद ले लेते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए हर बुधवार को किसी गरीब या ब्राह्मण को इलायची का दान करें। इसके अलावा, पक्षियों को इलायची के साथ थोड़ा दाना डालें। बुध ग्रह मजबूत होने से आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स बेहतर होती हैं और लोग आपके काम को नोटिस करने लगते हैं। विदेश में नौकरी या नई शुरुआत के लिए यदि आप विदेश जाकर करियर बनाना चाहते हैं और रास्ते में रुकावटें आ रही हैं एक लोटा जल में 2-3 इलायची डालकर उसे उबाल लें। फिर उस पानी को अपने नहाने के पानी में मिला लें। स्नान करते समय मन में अपनी इच्छा दोहराएं। यह उपाय आपके आभा मंडल को शुद्ध करता है और बाहरी अवसरों के द्वार खोलता है।

Puthrada Ekadashi Tips: प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बिना उपवास पुण्य कमाने के खास तरीके

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत आत्मिक शुद्धि, पुण्य प्राप्ति और पारिवारिक कल्याण का मार्ग दिखा सकता है. पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है. इसे संतान सुख और वंश वृद्धि के लिए विशेष फलदायी व्रत माना गया है. पंचांग के अनुसार, साल 2025 में यह एकादशी 30 दिसंबर को है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं के लिए यह एकादशी पवित्र मानी जाती है. शास्त्रों में उनके लिए व्रत के विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है. गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत के नियम धर्मग्रंथों और विद्वानों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को निर्जल या कठोर उपवास नहीं करना चाहिए. शास्त्र स्पष्ट करते हैं कि गर्भ में पल रहे शिशु की सुरक्षा सर्वोपरि है. इस कारण गर्भवती महिलाएं अपनी शारीरिक क्षमता अनुसार फलाहार या सात्विक भोजन के साथ एकादशी का पालन कर सकती हैं. यदि स्वास्थ्य अनुकूल न हो, तो उपवास के बजाय मंत्र जप, कथा श्रवण और पूजा को व्रत का मुख्य अंग माना गया है. शास्त्र बताते हैं कि इसे भी पूर्ण व्रत का फल प्राप्त होता है. पूजा और आचरण के नियम गर्भवती महिलाओं को प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए. भगवान विष्णु या बाल गोपाल की पूजा करें, दीप जलाएं और तुलसी पत्र अर्पित करें. इस दिन क्रोध, तनाव और नकारात्मक विचारों से दूर रहना आवश्यक है. गर्भवती महिला का मानसिक भाव गर्भस्थ शिशु पर प्रभाव डाल सकता है. इसलिए इस दिन शांत मन, शुभ विचार और संयमित वाणी रखने की विशेष आवश्यकता है. क्या करें और क्या न करें?     अधिक थकान वाले काम न करें.     भारी या तामसिक भोजन से बचें.     झूठ, कटु वचन और विवाद से दूर रहें.     भगवान विष्णु का स्मरण, विष्णु सहस्रनाम का पाठ या संतान गोपाल मंत्र का जप शुभ माना गया है. आध्यात्मिक महत्व गर्भावस्था में किया गया पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत माता और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना गया है. इस दिन संयम, भक्ति और सात्विक आचरण को अपनाने से संतान के संस्कार शुभ बनते हैं. शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत कठोर तप से अधिक आध्यात्मिक प्रभावी है और माता-पिता के जीवन में संतुलन, शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है.

मध्यप्रदेश में शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में बड़ा बदलाव, 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और आयुष महाविद्यालयों की शुरुआत

प्रदेश में 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, शिक्षा में गुणात्मक सुधार का नया अध्याय मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए युग का सूत्रपात राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) का परिसर अब भोपाल के RGPV में संचालित आयुष क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम: 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्वीकृति और 800 आयुष आरोग्य मंदिरों का संचालन प्रारंभ उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उपलब्धियों की दी जानकारी भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में "दो वर्षों की विभागीय उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं" को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग के दो वर्षों की उपलब्धियां एवं आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना साझा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव आयुष डी पी आहूजा, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, आयुक्त आयुष श्रीमती उमा आर माहेश्वरी एवं आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारगण उपस्थित थे। उच्च शिक्षा की प्रमुख विभागीय उपलब्धियां और नवाचार उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग अपनी स्पष्ट नीतियों और नवाचारों के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) के अनुरूप उच्च शिक्षा को गुणात्मक, बहुविषयक, रोजगारोन्मुखी और समावेशी बनाने के लिए विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। शैक्षणिक सुधार और नवीन विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूर्ण रूप से लागू किया गया है । साथ ही, वर्तमान सत्र से एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और अंतःविषय (Interdisciplinary) विकल्प भी शुरू किए गए हैं । तीन नए विश्वविद्यालयों—गुना में क्रांतिवीर तात्या टोपे, खरगोन में क्रांति सूर्य टंट्या भील, और सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है । प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक, कुल 55 महाविद्यालयों को 'प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में उन्नत किया गया है । इसके लिए ₹336 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है और 1845 नवीन पद सृजित किए गए हैं। रोजगार और प्लेसमेंट, भारतीय ज्ञान परंपरा का संरक्षण मंत्री परमार ने बताया कि स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत 378 रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के जरिए 16,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है । अब तक 1,655 विद्यार्थियों का प्रत्यक्ष प्लेसमेंट सुनिश्चित हुआ है । इसके अलावा, IIT दिल्ली के सहयोग से 68 कॉलेजों में AI और FinTech जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। परमार ने बताया कि पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान परंपरा को समाहित करने के लिए विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं ताकि विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें । डिजिटल नवाचार, छात्र कल्याण मंत्री परमार ने बताया कि विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और मोबाइल-फ्रेंडली बनाया है, जिससे पोर्टल शुल्क समाप्त होने पर विद्यार्थियों को ₹5 करोड़ का सीधा लाभ हुआ है । प्रदेश में 1047 स्मार्ट क्लासरूम, 200 वर्चुअल लैब और 544 ई-लाइब्रेरी विकसित की गई हैं। वर्ष 2024-25 में 'गांव की बेटी योजना' से 1.34 लाख से अधिक और 'प्रतिभा किरण योजना' से 7,500 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुई हैं । अनुसूचित जाति/जनजाति के लगभग 3.91 लाख विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें और स्टेशनरी प्रदान की गई है । भर्ती प्रक्रिया एवं सकल नामांकन अनुपात मंत्री परमार ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए लोक सेवा आयोग के माध्यम से वर्ष 2022 में 2053 पदों पर भर्ती की गई और वर्तमान में 2197 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। परमार ने कहा कि आने वाले समय में सकल नामांकन अनुपात (GER) को वर्तमान 28.9% से बढ़ाकर 35% तक ले जाने का लक्ष्य है । मध्यप्रदेश अब शिक्षा के क्षेत्र में केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर अनुभव, अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान के पथ पर अग्रसर है। तकनीकी शिक्षा की प्रमुख विभागीय उपलब्धियां और नवाचार तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश का तकनीकी शिक्षा विभाग प्रदेश के युवाओं को 'आत्मनिर्भर' और 'वैश्विक प्रतिस्पर्धी' बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। "विकास और सेवा के 2 वर्ष" के अंतर्गत विभाग ने शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रमों में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। प्रवेश और नामांकन में बड़ी उछाल मंत्री परमार ने बताया कि सत्र 2025-26 में विभाग द्वारा चलाए गए विशेष जागरूकता अभियानों के कारण शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के सकल नामांकन में 21.38% की वृद्धि हुई है। वहीं, ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 25.99% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छात्र कल्याण और वित्तीय सहायता मंत्री परमार ने बताया कि प्रदेश के मेधावी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 78,218 लाभार्थियों को ₹750 करोड़ की राशि वितरित की गई। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के तहत 14,447 विद्यार्थियों को ₹14.55 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। शैक्षणिक नवाचार और राष्ट्रीय संस्थान मंत्री परमार ने बताया कि मध्यप्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर का परिसर अब भोपाल स्थित RGPV में स्थापित हो चुका है, जहाँ सत्र 2025-26 से प्रवेश भी प्रारंभ हो गए हैं। साथ ही, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के 50 मेधावी विद्यार्थियों को IIT इंदौर और 50 छात्राओं को MANIT भोपाल में अध्ययन की विशेष सुविधा प्रदान की गई है । भविष्य की कार्ययोजना और सुधार मंत्री परमार ने बताया कि आगामी वर्षों में विभाग AI, ड्रोन तकनीक जैसे नवीनतम पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करेगा। प्रदेश के सभी शासकीय तकनीकी संस्थानों में एक समर्पित 'डिजिटल सेल' का गठन किया जाएगा और विद्यार्थियों की उपस्थिति 'सार्थक ऐप' के माध्यम से रियल-टाइम सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, सिंगरौली में ₹76.56 करोड़ की लागत से खनन प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (College of Mining Technology) का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। परमार ने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में सुधार, वृद्धों के लिए मिली नई राहत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को मिली नई गति आठ माह में प्रदेश भर में जुड़े 9.83 लाख नए पेंशनर डिजिटल सत्यापन से पारदर्शी हुई व्यवस्था, लाभार्थियों की संख्या 67.50 लाख तक पहुंची आधार और डिजिटल मॉनिटरिंग से अपात्र नामों पर लगी रोक पात्र वृद्धजनों को प्राथमिकता, कोई भी लाभ से न रहे वंचित फैमिली आईडी से 60 वर्ष होते ही स्वतः मिलेगी पेंशन समाज कल्याण विभाग की योजनाओं से बढ़ा बुजुर्गों का भरोसा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना वर्ष 2025 में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। समाज कल्याण विभाग की इस योजना के अंतर्गत बीते आठ माह में प्रदेश भर में 9.83 लाख नए पात्र वृद्धजनों को जोड़ा गया है, जिससे कुल पेंशन लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 67.50 लाख तक पहुंच गई है। डिजिटल सत्यापन से पारदर्शी हुई व्यवस्था समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप वृद्धजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन देने की दिशा में यह योजना लगातार सशक्त हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर योजना में डिजिटल मॉनिटरिंग, आधार आधारित सत्यापन और सतत निगरानी की व्यवस्था लागू की गई है। इससे पेंशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनी है तथा यह सुनिश्चित हुआ है कि सरकारी सहायता सही पात्रों तक ही पहुंचे। 67.50 लाख तक पहुंचे लाभार्थी वर्ष 2024 में जहां राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से 61.00 लाख वृद्धजन लाभान्वित हो रहे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 67.50 लाख हो गई है। मंत्री ने कहा कि लाभार्थियों में यह वृद्धि योगी सरकार की सामाजिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक संबल दिया जा रहा है। नियमित सत्यापन से अपात्र नाम हटे योजना की शुचिता बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा नियमित सत्यापन और समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत वर्ष 2024 में 1.77 लाख, जबकि वर्ष 2025 में 3.32 लाख मृतक और अपात्र लाभार्थियों के नाम पेंशन सूची से हटाए गए। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया गया कि पेंशन राशि केवल वास्तविक और पात्र वृद्धजनों को ही प्राप्त हो। पात्र वृद्धजनों को मिले प्राथमिक लाभ समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक अमरजीत सिंह ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र वृद्धजन पेंशन योजना से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से वर्ष 2025 में 9.83 लाख नए पात्र वृद्धजनों को योजना से जोड़ा गया, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 7.08 लाख थी। 60 वर्ष होते ही खाते में पहुंचेगी पेंशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अब वृद्धावस्था पेंशन योजना को और अधिक सरल बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत पात्रों की पहचान और सत्यापन फैमिली आईडी ‘एक परिवार एक पहचान’ प्रणाली के माध्यम से स्वतः किया जाएगा। इससे कोई भी पात्र व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही पेंशन राशि सीधे उसके बैंक खाते में प्राप्त कर सकेगा।

राज्यपाल पटेल ने कहा, विजेता खिलाड़ी महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं

विजेता खिलाड़ी महिला सशक्तिकरण का प्रतीक : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने किया ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप-2025 की विजेता खिलाड़ियों का सम्मान राष्ट्रीय टीम की प्रदेश की खिलाड़ियों ने लोकभवन में की सौजन्य भेंट भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप – 2025 की विजेता टीम की बेटियां महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। कार्यक्रम में विजेता होना दिव्यांगजनों के हौसलें और दिव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण है। बेटियों की उपलब्धि प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग महिला खिलाड़ियों ने मध्यप्रदेश और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है। राज्यपाल पटेल सोमवार को राष्ट्रीय ब्लाइंड महिला टी-20 टीम की प्रदेश की खिलाड़ी सुसुषमा पटेल, सुसुनीता सराठे और सुदुर्गा येवले से लोकभवन में चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने तीनों खिलाड़ियों का शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने खिलाड़ियों और उनके कोच का भी उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल पटेल ने उन्हें बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। भारतीय महिला (ब्लाइंड) क्रिकेट टीम ने 23 नवम्बर 2025 को कोलंबो में आयोजित टी-20 वर्ल्डकप के फ़ाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस राष्ट्रीय टीम में मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले की सुसुनीता सराठे , दमोह ज़िले की सुसुषमा पटेल और बैतुल ज़िले की सुदुर्गा येवले प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल रहीं हैं।  

अमित शाह का बयान: बांग्लादेशी घुसपैठिए कांग्रेस के लिए वोट बैंक, असम को मुक्त करने के लिए पांच साल और दें

बोरदुवा  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानती है. चुनाव वाले राज्य असम के अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को विरोधी कांग्रेस पर कड़ा हमला किया. उन्होंने कांग्रेस को बांग्लादेशी घुसपैठियों का रक्षक बताया. शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी की बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने की पॉलिसी ने असम के मूल निवासियों, उनकी पहचान और उनकी पुरखों की जमीनों को खतरा पैदा कर दिया है. हां नागांव जिले के बोरदुवा (बटद्रवा) में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र न केवल असम से बल्कि पूरे भारत से भी पड़ोसी देश से आने वाले सभी अवैध अप्रवासियों की पहचान करेगा. शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल असम के लोगों की सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित की है, बल्कि राज्य के हर तरह के विकास पर भी ध्यान दिया है. बता दें कि, गृह मंत्री अमित शाह ने यहां नागांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान, बटद्रवा थान के 227 करोड़ रुपये के पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन किया. इस दौरान शाह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है कि श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को 'अतिक्रमण से मुक्त' कर दिया गया है. शाह ने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की नेतृत्व वाली असम सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन मुक्त करवाया है. असम में 2026 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए शाह ने लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील करने का मौका नहीं छोड़ा. उन्होंने रैली में लोगों से कहा, "असम को घुसपैठियों से मुक्त बनाने के लिए भाजपा को और पांच साल दीजिए." उन्होंने कहा, ''हम न सिर्फ असम से बल्कि पूरे भारत से भी सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे.'' शाह ने आगे कहा कि शंकरदेव ने 'एक भारत' का नारा दिया था, जिसे अब प्रधानमंत्री मोदी पालन कर रहे हैं. इस बात पर जोर देते हुए कि असम पूर्वोत्तर का ग्रोथ इंजन बन गया है और इस इलाके को विकास की ओर ले जा रहा है, शाह ने बताया कि इन 11 सालों में पीएम मोदी 80 बार पूर्वोत्तर इलाकों का दौरा किया, जिसमें से मोदी 36 बार वे असम आए हैं, जिससे पता चलता है कि भाजपा सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे रही है. रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने असम में शांति और विकास पक्का करने के लिए कदम उठाए हैं, जो सिर्फ कागज पर नहीं बल्कि हकीकत है. उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में भाजपा सरकार ने राज्य में अलग-अलग मिलिटेंट ग्रुप के साथ शांति समझौते किए हैं और इन समझौतों के 92 प्रतिशत क्लॉज पूरे किए गए हैं.

यूपी रोडवेज में मोबाइल ऐप से सीट बुकिंग और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग की सुविधा शुरू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश रोडवेज बस अड्डों पर बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को अब बार-बार जानकारी लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने मोबाइल ऐप के माध्यम से बसों की सीट बुकिंग और लाइव लोकेशन की सुविधा शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है। रेलवे की तर्ज पर अब यात्री यात्रा से पहले ही अपनी पसंद की सीट आरक्षित कर सकेंगे। इसके साथ ही बस की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी मोबाइल पर ही उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप्स से सीट बुकिंग, लाइव ट्रैकिंग यात्री यूपीएसआरटीसी, यूपी राही और मार्गदर्शी जैसे आधिकारिक मोबाइल ऐप्स के जरिए सीट बुकिंग के साथ-साथ बस की लाइव ट्रैकिंग कर सकेंगे। इसके लिए निगम की बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। जीपीएस के जरिए प्रत्येक बस की सटीक लोकेशन यात्रियों को उनके स्मार्टफोन पर दिखाई देगी। मोबाइल ऐप के माध्यम से यह भी पता चल सकेगा मोबाइल ऐप के माध्यम से यह भी पता चल सकेगा कि कौन-सी बस किस समय नजदीकी बस स्टैंड पर पहुंचेगी या पहुंच चुकी है। इससे यात्रियों को लंबे समय तक बस अड्डे पर खड़े रहकर इंतजार करने की परेशानी से राहत मिलेगी। यह सुविधा खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। सभी प्रमुख मार्गों पर सुविधा शुरू की जाएगी नई व्यवस्था लागू होने के बाद रोडवेज की सेवाएं और अधिक आधुनिक व सुविधाजनक हो जाएंगी। जल्द ही जिले के सभी प्रमुख मार्गों पर चलने वाली बसों को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्री इसका लाभ उठा सकें। रायबरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था से बस संचालन में पारदर्शिता आएगी और समय पालन में भी सुधार होगा। यात्री घर बैठे मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सीट बुक कर सकेंगे और यात्रा से पहले ही बस की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। उम्मीद है कि यह सुविधा फरवरी से शुरू हो जाएगी।  

चीन ने बनाई दुनिया की सबसे लंबी टनल, 4 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 20 मिनट में पूरी होगी

बीजिंग  चीन ने इंजीनियरिंग और तकनीक के क्षेत्र में एक बार फिर वैश्विक कीर्तिमान स्थापित करते हुए दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेस-वे टनल का निर्माण पूरा कर लिया है। शिनजियांग प्रांत में स्थित इस 'तियानशान शेंगली टनल' की कुल लंबाई 22.13 किलोमीटर है। इस सुरंग के शुरू होने से दुर्गम पर्वतीय रास्तों पर होने वाला 4 घंटे का सफर अब मात्र 20 मिनट में पूरा हो सकेगा। समय और दूरी में भारी कटौती यह विशाल टनल 324 किलोमीटर लंबे उरुमकी-युली एक्सप्रेस-वे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पूरे प्रोजेक्ट के तैयार होने से उरुमकी और कोरला के बीच लगने वाला समय भी 7 घंटे से घटकर केवल 3 घंटे रह गया है। करीब 60 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट चीन की ढांचागत शक्ति का प्रमाण है। अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा इस निर्माण के साथ चीन ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले दुनिया की सबसे लंबी एक्सप्रेस-वे टनल का खिताब चीन की ही 18.04 किलोमीटर लंबी सुरंग के नाम था। वर्ष 2020 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अपनी चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के कारण चर्चा में रहा, लेकिन पाँच साल के कड़े परिश्रम के बाद अब यह यातायात के लिए तैयार है।  

बिना आवंटी के खाली सरकारी बंगले पर जेडीयू का सवाल, सरकार से सख्त निगरानी की अपील

पटना अभी हाल ही में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना स्थित अपने आवास को खाली किया था। पटना स्थित 10 सर्कुलर स्थित सरकारी बंगले को खाली करने के बाद इसपर विवाद भी लगातार हो रहा है। अब जनता दल (यूनाइटेड) ने सवाल उठाया है कि आखिर रात के वक्त आवास को किसके आदेश से खाली किया गया? JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने भवन निर्माण विभाग को लिखे खत में अनुरोध किया है कि वहां पहले से लगे पंखे, कोड टोंटी समेत इत्यादि अन्य सामानों की निगरानी करवाई जाए। JDU प्र्वक्ता की तरफ से जो चिट्ठी भवन निर्माण विभाग को लिखी गई है उसमें कहा गया है कि मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, राबड़ी देवी के आवास को उनके परिवार की अनुपस्थिति में खाली किया गया था। रात के वक्त लालू-राबड़ी की गैरहाजिरी में पिकअप वैन के जरिए आवास से गमले और पौधे बाहर ले जाए जा रहे थे। खत में आगे लिखा गया है कि भवन निर्माण विभाग यह स्पष्ट करे कि आवास परिसर में लगे गमले और पौधे उद्यान विभाग की संपत्ति हैं अथना निजी। यह भी लिखा गया है की गई है कि विभाग यह बताए कि राबड़ी देवी और उनके परिवार की अनुपस्थिति में पिकअप वैन को परिसर के अंदर जाने की अनुमति किसने दी थी। जदयू प्रवक्ता ने राबड़ी आवास में रखे कई सामानों का जिक्र भी अपने खत में करते हुए कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पंखा, एसी, बाथरूम फिटिंग, टोंटी, गीजर, शौचालय में लगा कमोड, खिड़की-दरवाजे के पर्दे सहित अन्य सभी सरकारी सामान पूरी तरह से सुरक्षित हों। नीरज कुमार ने एक्स पर यह खत और अपना वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होने कहा है कि भवन निर्माण मंत्री को हमने पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है कि साल 2006 से पटना में बड़ा भू-भाग, मकान रहने के बावजूद राबड़ी देवी का परिवार 10 सर्कुलर रोड में रहता है। ऐसी स्थिति में उनको कैबिनेट मंत्री का दर्ज प्राप्त है। तो भवन निर्माण विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री की पूरी जानकारी है लिहाजा यह सभी सामान विभाग के सुपुर्द किए जाएं। पंखा, एसी, फर्नीजर, इत्यादि सामग्रियां पूर्णत: सुरक्षित तथा अपने पुराने स्थान पर उपलब्ध हों यह राबड़ी देवी की जिम्मेदारी बनती है। भवन निर्माण विभाग से आग्रह है कि सम्पूर्ण प्रक्रिया की विधिवत निगरानी कराई जाए। बता दें कि बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर 2025 को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करने का नोटिस दिया था। इसके बाद पटना के हार्डिंग रोड स्थित 39 नंबर का नया सरकारी बंगला राबड़ी देवी के नाम आवंटित किया गया है। यह आवास उन्हें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के आधार पर केंद्रीय पूल से दिया गया है।