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रायपुर में साल के आखिरी दिन 69 पुलिस अधिकारियों के तबादले

रायपुर. साल के अंतिम दिन रायपुर जिला पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एसएसपी रायपुर ने देर रात तबादला आदेश जारी करते हुए मैदानी इलाकों में तैनात 69 पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। इस सूची में 4 निरीक्षक (TI), 18 उप निरीक्षक (SI) और 37 सहायक उप निरीक्षक (ASI) सहित बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल हैं। तीन प्रमुख थानों के प्रभारी भी बदले गए तबादला आदेश के तहत तीन प्रमुख थानों के प्रभारी भी बदले गए हैं, जिससे जिले की कानून-व्यवस्था में नई जिम्मेदारियों के साथ नए सिरे से संचालन की उम्मीद जताई जा रही है। जारी आदेश के अनुसार सतीश सिंह गहरवार को कोतवाली थाना प्रभारी (TI) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं एस.एन. सिंह को कबीर नगर थाना प्रभारी बनाया गया है। सुनील दास को गंज थाना प्रभारी (TI) का नया प्रभार दिया गया है। तबादला प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा इसके अलावा भावेश गौतम को यातायात विभाग का निरीक्षक (ट्रैफिक TI) नियुक्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों का यह व्यापक तबादला प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल आगामी वर्ष में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और थानों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश एसएसपी रायपुर द्वारा जारी इस आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

कांकेर कलेक्टर ने स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने रवाना की मोबाइल मेडिकल यूनिट

उत्तर बस्तर कांकेर. कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत नरहरपुर विकासखण्ड में निवासरत विशेष पिछड़ी कमार जनजातियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई चलित चिकित्सा वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहन में चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, कम्पाउंडर सहित आवश्यक खून जांच एवं दवाईयों की व्यवस्था एवं अन्य स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा उपलब्ध है, यह वाहन कमार बस्तियों के बसाहटों में जाकर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। इससे विशेष जनजाति समूह के गांवो में मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं चिकित्सकीय टीम से आमजनों को इसका लाभ मिलेगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, नोडल अधिकारी डॉ. के.के. ध्रुव, डीपीएम रोहित वर्मा सहित अन्य चिकित्सा स्टाफ मौजूद थे।   उल्लेखनीय है कि ‘पीएम जनमन’ प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान है, जो विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए शुरू की गई एक सरकारी पहल है, जिसका लक्ष्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को पक्के घर, स्वच्छ पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और आजीविका के अवसर जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करना है, ताकि उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।  

सम्राट चौधरी के पास भारी संपत्ति, नीतीश से भी अधिक दौलतमंद: रिवॉल्वर और निवेश में करोड़ों

 पटना नीतीश सरकार के मंत्रियों ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा की। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने बुधवार की शाम इसे जारी किया। इसके अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई गुना ज्यादा संपत्ति मंत्रियों के पास है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार और श्रम संसाधन मंत्री संजय टाइगर को छोड़ अन्य सभी मंत्री करोड़पति हैं। ज्यादातर मंत्री हथियारों और गहनों के भी शौकीन हैं। सभी के पास अपने वाहन हैं। सबसे ज्यादा आभूषण पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास है। उनके पास दो किलो सोना और 6 किलो चांदी है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी की पत्नी के बैंक खातों में 22 करोड़ 54 लाख रुपये जमा हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास महज 1.65 करोड़ की संपत्ति है। चल 17,66,196 और अचल संपत्ति 1.48 करोड़ है। उनकी संपत्ति पिछले साल की तुलना में 70 हजार रुपए बढ़ी है। उनके पास 20552 नकद है। हालांकि, नगद राशि में 500 रुपए की कमी आई है। उनके पास दो अंगूठी है। 20 ग्राम के सोने की अंगूठी और एक मोती लगी चांदी की अंगूठी। मुख्यमंत्री के पास न तो कोई कृषि भूमि है न व्यावसायिक जमीन। नीतीश कुमार गोपालन के शौकीन मुख्यमंत्री गोपालन के भी शौकीन हैं। उनके पास दस गायें और 13 बछड़े हैं। इसके अलावा उनके पास इको स्पोर्ट्स व टाइटेनियम कार भी है। उनके पास घरेलू उपयोग की सामग्री एसी, एयरकूलर, कम्प्यूटर, वाशिंग मशीन, माइक्रो ओवेन, ओटीजी और एक्सरसाइज साइकिल है। दिल्ली के द्वारिका में एक हजार वर्गफीट का एक फ्लैट है। इसे उन्होंने वर्ष 2004 में 13.78 लाख में खरीदा था। उनके ऊपर बैक का ऋण नहीं है। न कोई सरकारी बकाया है। उनके ऊपर कोई कर देयता भी नहीं है। वर्ष 2024 में सीएम के पास 21052 रुपए नगद था जबकि 1697741 लाख रुपए की चल संपत्ति थी। सम्राट के पास रिवॉल्वर के साथ एक राइफल भी उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास 1.35 लाख रुपये नकद जबकि बैंक खातों में 17.45 लाख रुपये जमा है। उन्होंने बांड आदि में 31.83 लाख रुपये जबकि बचत योजनाओं में करीब 20 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। पत्नी के नाम पर 2021 में पटना के गोला रोड में 1450 स्क्वायर फुट के फ्लैट है। 4.91 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि है। इसका ब्योरा अलग एनेक्शचर में डाला गया है। उनके पास पिता से मिली एक रिवॉल्वर के अलावा एक एनपी बोर की राइफल है। वाहन के नाम पर 2023 मॉडल की बोलेरो कार है। ज्वेलरी के नाम पर 20 लाख रुपये मूल्य का 200 ग्राम सोना है। उन पर कोई ऋण नहीं है। संजय के खाते में 85 हजार 23.76 लाख की कार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह के पास 85 हजार नकद और विभिन्न बैंकों में 20.55 लाख रुपये है। राजीव नगर में 2.54 करोड़ का भवन है। 20.25 लाख के गहने हैं। पत्नी के पास 40.50 लाख के गहने और होंडा कार है, मंत्री के पास पिस्टल और राइफल भी है। अरुण शंकर 82 लाख की जमीन के मालिक पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के पास कुल 2.55 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति है। इसमें 78 लाख 12 हजार 314 रुपये की चल संपत्ति एवं अचल संपत्ति के रूप में 82 लाख रुपये की कीमत वाली कृषि योग्य भूमि एवं 95 लाख रुपये की कीमत वाली रिहायशी घर है। लखेन्द्र के पास 97 लाख 65 हजार की चल संपत्ति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन के पास 97 लाख 65 हजार 434 रुपये की चल संपत्ति है। वहीं, उनकी पत्नी के नाम पर 9,58,255 रुपये, पुत्र के नाम पर 1.68 लाख और पुत्री के नाम पर 1,79,225 रुपये की चल संपत्ति है। गाड़ी के शौकीन हैं पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता वाहनों के शौकीन हैं। उनके पास 57 लाख रुपए की फार्च्यूनर और 14 लाख की टाटा सफारी गाड़ी है। 40 हजार रुपए मूल्य की 5 ग्राम सोना है। मंत्री के पास 50 हजार रुपए कैश हैं, जबकि इनकी पत्नी के पास 20 हजार रुपए कैश हैं। अशोक चौधरी की पत्नी के खाते में 22.54 करोड़ ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी से कई गुना अधिक धनी उनकी पत्नी हैं। मंत्री के पास 50 हजार तो उनकी पत्नी के पास 10 हजार नकदी है। लेकिन विभिन्न बैंकों में मंत्री ने 53 लाख जमा किए हैं जबकि पत्नी के नाम पर 22 करोड़ 54 लाख जमा है। मंगल पांडेय 1.32 करोड़ चल संपत्ति के मालिक स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के पास 59 हजार नकद है। 18.83 लाख बैंक में और नन बैंकिंग कंपनी में एक करोड़ जमा है। पत्नी के पास बैंक में 24 लाख रुपये जमा हैं। मंत्री के पास 7.80 लाख,पत्नी के पास 25 लाख के गहने हैं। मंत्री के पास कुल 1.32 करोड़ की चल संपत्ति है। रामकृपाल के पास 315 बोर की एक राइफल कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के पास मात्र 12 हजार रुपये नकद जबकि 8.30 लाख बैंकों में जमा है। हथियार में 315 बोर की एक राइफल है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास 3 करोड़ 75 लाख 21 हजार 737 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनके पति के पास 2 करोड़ 30 लाख 22 हजार 528 की चल संपत्ति है।निषाद के पास 2 किलोग्राम और 6 किग्रा चांदी है। नारायण प्रसाद ज्वेलरी के शौकीन, तीन वाहन भी आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद के पास हथियार के नाम पर एक बंदूक और एक राइफल है। उनके नाम पर एक जीप, एक इनोवा कार और एक स्कॉर्पियो एन सहित तीन वाहन हैं। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान को ढाई लाख रुपये का पिस्टल भी मंत्री ने अपने पास रखा है। कैमूर में उनके पास खेती योग्य 30 लाख रुपये की जमीन और गैर कृषि योग्य 19 लाख रुपये की जमीन है। संजय टाइगर के पास 32 लाख की संपत्ति श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर के पास नकद 45 हजार तथा बैंकों वित्तीय संस्थानों में 24 लाख रुपये जमा है। इनकी चल संपत्ति 32 लाख की है। कोई अचल संपत्ति नहीं है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के पास … Read more

2026 के पहले दिन कांग्रेस का महत्वपूर्ण कदम, पूरे प्रदेश में पंचायत कांग्रेस कमेटी गठन की शुरुआत

 भोपाल  नए साल के पहले दिन कांग्रेस का बड़ा कदम सामने आया है। आज से ही पूरे प्रदेश में पंचायत कांग्रेस कमेटी के गठन की शुरुआत हो रही है। जिला, ब्लॉक, के बाद अब वार्ड और पंचायत तक कांग्रेस का विस्तार होगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पंचायत कमेटी गठन कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे। 3 महीने में हर गांव में कमेटी बनाने का लक्ष्य आज दोपहर 01:00 बजे भोपाल के कोड़िया देवका गांव से ग्राम पंचायत कमेटी गठन की शुरुआत होगी। दोपहर 02:00 बजे ग्राम टीला खेड़ी हुजूर, भोपाल में किसानों के साथ चर्चा करेंगे। साल के शुरुआती 3 महीने में हर गांव में कांग्रेस कमेटी बनाने का टारगेट तय है। हम बीजेपी की नफरत से लड़ेंगे मामले पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का बयान सामने आया है। कहा- हमने बहुत महत्वपूर्ण प्रोग्राम बनाया है। गांव स्तर तक, वार्ड स्तर तक कांग्रेस का संगठन गठित हो। उद्देश्य- हम बीजेपी की नफरत से लड़ेंगे। नए वर्ष में हम शुरू कर रहे हैं। 5 जनवरी से पूरे प्रदेश में यह एक साथ चालू होगा। कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी को निर्देश दिया है। सबको एक साथ 5 तारीख से ग्राम पंचायत स्तर पर गठन शुरू करें। हम 20 फरवरी से पहले इसे पूरा करेंगे।

2026 में खेलों का इतिहास रचेगा! क्रिकेट वर्ल्ड कप से लेकर फीफा तक, हर इवेंट होगा धमाकेदार

नई दिल्ली नया साल सिर्फ कैलेंडर बदलने का नाम नहीं होता, यह उम्मीदों का रीसेट बटन होता है. 2026 भी कुछ ऐसा ही साल है- जहां क्रिकेट का ट्रिपल वर्ल्ड कप होगा, फुटबॉल का महाकुंभ सजेगा और एशिया से कॉमनवेल्थ तक खेलों की सबसे बड़ी भिड़ंत देखने को मिलेगी. फैन्स के लिए यह साल इंतजार का नहीं, लगातार धड़कनों का होगा. – 2026: क्रिकेट का ट्रिपल वर्ल्ड कप जहां भविष्य भी खेलेगा, वर्तमान भी Under-19 Men’s Cricket World Cup (15 जनवरी–6 फरवरी)- जिम्बाब्वे और नामीबिया की धरती पर  साल की शुरुआत ही क्रिकेट के भविष्य से होगी. 50-50 ओवरों के इस वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे जैसे उभरते हुए युवा सितारों पर करीब से नजर रखी जाएगी. यही वह मंच है, जहां आज के अनजान चेहरे कल के विराट, बुमराह या केन विलियमसन बनते हैं. भारत समेत कई देशों की निगाहें यहां से अगले दशक के सितारे तलाशने पर होंगी. … दबाव, रोमांच और पहचान Men’s T20 World Cup (7 फरवरी-8 मार्च) – भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में. फरवरी आते-आते क्रिकेट का सबसे तेज और सबसे बेरहम फॉर्मेट सुर्खियों में होगा.घरेलू परिस्थितियां, उम्मीदों का बोझ और करोड़ों फैन्स की निगाहें- यह टूर्नामेंट सिर्फ ट्रॉफी का नहीं, नर्व्स टेस्ट होगा. सूर्या ब्रिगेड टी20 विश्व कप में खिताब के बचाव के लिए उतरेगी. इसके बाद जून में बारी आएगी उस मंच की, जिसने महिला क्रिकेट की परिभाषा बदल दी है. Women’s T20 World Cup (12 जून–5 जुलाई) –  इंग्लैंड (England & Wales) में. यहां मुकाबला सिर्फ खिताब का नहीं, पहचान और बराबरी की आवाज का भी होगा. भारत समेत कई टीमें इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी. हरमनप्रीत कौर की टीम 2025-वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद यहां भी अपनी सफलता दोहराने के लिए उतरेगी. – फीफा महासंग्राम: जब दुनिया कुछ देर के लिए थम जाती है साल का सबसे बड़ा महाकुंभ होगा- FIFA World Cup (11 जून–19 जुलाई). अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप फुटबॉल का आयोजन होगा. यह सिर्फ फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि ऐसा महीना होता है जब टाइम जोन, ऑफिस टाइम और नींद… सब कुछ फुटबॉल के हिसाब से चलता है. नए हीरो जन्म लेंगे, पुराने टूटेंगे और इतिहास एक बार फिर लिखा जाएगा. – एशियाड और कॉमनवेल्थ: मेडल की असली परीक्षा सितंबर में एशिया की ताकत एक मंच पर सिमटेगी. Asian Games (19 सितंबर–4 अक्टूबर)- जापान के आइची प्रिफेक्चर और नागोया में. एथलेटिक्स, शूटिंग, बैडमिंटन, हॉकी- भारत के लिए यह मेडल टैली और दबदबा दोनों बढ़ाने का मौका होगा.  यहां हॉकी में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट मिलेगा, जबकि निशानेबाजी में भी ओलंपिक कोटा स्थान दांव पर होंगे. ,,, और जुलाई में होगा परंपरा और प्रतिस्पर्धा का संगम-  Commonwealth Games (23 जुलाई–2 अगस्त)- ग्लासगो, स्कॉटलैंड. यहां हर मेडल सिर्फ धातु नहीं, इतिहास का हिस्सा बनता है. निशानेबाजी, कुश्ती और हॉकी जैसे खेलों को बजट में कटौती के लिए रोस्टर से हटा दिया गया है. –  क्यों खास है 2026? क्योंकि यह साल सिर्फ ट्रॉफियों का नहीं –  नई पीढ़ी के उभार का साल है, महिला क्रिकेट की मजबूत आवाज का साल है, और फैन्स के जुनून की सबसे लंबी परीक्षा भी. 2026 में खेल कैलेंडर नहीं, भावनाओं की कतार है. हर महीना, हर टूर्नामेंट- एक नई कहानी लिखने को तैयार. नया साल मुबारक- तैयार रहिए- क्योंकि 2026 खेलने वाला है, पूरे दम से. – अन्य खेल और टूर्नामेंट पर भी नजर डाल लीजिए जाहिर है भारतीय खेलप्रेमियों के लिए आने वाले महीने बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाले हैं. फुटबॉल से लेकर शतरंज, मुक्केबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स तक- भारत की मौजूदगी लगभग हर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगी. ऑस्ट्रेलियाई ओपन 12 जनवरी से एक फरवरी के बीच आयोजित होगा, लेकिन भारत की चुनौती असरदार नहीं है. बैडमिंटन की ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप तीन मार्च से शुरू होगी, जिसमें पीवी सिंधु और बाकी भारतीय खिलाड़ी 2025 की नाकामी से उबरना चाहेंगे. भारतीय फुटबॉलप्रेमियों के लिए सबसे अच्छी खबर यह है कि एक मार्च से ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो रहे एएफसी महिला एशियाई कप में लंबे अंतराल के बाद भारतीय महिला टीम फिर से एक्शन में नजर आएगी. मार्च के आखिर से अप्रैल तक साइप्रस में कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट खेला जाएगा, जहां से अगले विश्व चैम्पियनशिप चैलेंजर का फैसला होगा. फिलहाल डी. गुकेश विश्व चैम्पियन हैं, ऐसे में भारतीय शतरंज की नजरें इस टूर्नामेंट पर टिकी रहेंगी.  इसी दौरान मंगोलिया में एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप का आयोजन होगा. 28 मार्च से शुरू होने वाले कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट में ओपन वर्ग में आर. प्रज्ञानानंद, जबकि महिला वर्ग में आर. वैशाली, कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. शतरंज टूर्नामेंट 16 अप्रैल तक चलेगा, जबकि मुक्केबाजी चैम्पियनशिप 11 अप्रैल को समाप्त होगी. अप्रैल की शुरुआत में ही भारत की मेजबानी में एशियाई भारोत्तोलन चैम्पियनशिप का आयोजन होगा, जो एक से दस अप्रैल तक अहमदाबाद में खेली जाएगी. इसके बाद 24 अप्रैल से तीन मई तक प्रतिष्ठित थॉमस और उबेर कप बैडमिंटन टूर्नामेंट होगा. इसके कुछ ही दिनों बाद आईटीटीएफ विश्व टीम टेबल टेनिस चैम्पियनशिप फाइनल्स का आयोजन 28 अप्रैल से 10 मई तक लंदन में होगा, जिसके लिए भारतीय पुरुष और महिला- दोनों टीमें क्वालिफाई कर चुकी हैं. मई से एथलेटिक्स सत्र की शुरुआत डायमंड लीग से होगी, जहां एक बार फिर भालाफेंक सुपरस्टार नीरज चोपड़ा पर सबकी निगाहें होंगी. इसी महीने फ्रेंच ओपन और जून में विम्बलडन खेला जाएगा. इसके बाद अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप फुटबॉल का आयोजन होगा. भारतीय खेल कैलेंडर का एक बड़ा आकर्षण 17 अगस्त से दिल्ली में होने वाली विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप होगी. इसके ठीक पहले 14 अगस्त से नीदरलैंड और बेल्जियम में हॉकी विश्व कप खेला जाएगा. भारतीय पुरुष टीम एशिया कप जीतकर पहले ही क्वालिफाई कर चुकी है, जबकि महिला टीम मार्च में हैदराबाद में क्वालीफायर खेलेगी. इसी दौरान 22 अगस्त से भुवनेश्वर में विश्व एथलेटिक्स उपमहाद्वीपीय टूर (रजत स्तर) का आयोजन होगा. इसके बाद 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के नागोया में एशियाई खेल खेले जाएंगे. एथलेटिक्स में डायमंड लीग फाइनल चार और पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होगा. वहीं, 46वां शतरंज ओलंपियाड सितंबर में ताशकंद में … Read more

नए साल पर मध्य प्रदेश में करीब 200 अधिकारियों को प्रमोशन, मोहन यादव सरकार का तोहफा

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 200 से ज्यादा आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को नए साल का गिफ्ट दिया है. इन सभी अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है. देर रात राज्य सरकार ने प्रमोशन आदेश जारी कर दिए. प्रमोशन किए गए आईएएस अधिकारियों में उप सचिव, अपर सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हैं. इसी तरह 18 आईपीएस अफसरों का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों को एडीजी से स्पेशल डीजी पद पर पदोन्नति दी गई है. इन IAS अधिकारियों का हुआ प्रमोशन सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक में सचिव पद पर पदस्थ एम सेलवेन्द्रन को प्रमोशन देकर उन्हें प्रमुख सचिव बनाया गया है. हालांकि उनका विभाग नहीं बदला गया है. उधर मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (पे मेट्रिक-14) में प्रमोशन देकर उन्हें सचिव बनाया गया है. प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर में प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी, भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा और कोष एवं लेखा विभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षकार हैं. उज्जैन संभाग के कमिश्नर आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभितीज अग्रवाल, पंचायत संचालक छोटे सिंह, स्वास्थ्य एवं नियंत्रण खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव, राजस्व मंडल ग्वालियर सचिव सपना निगम का भी प्रमोशन किया गया है. 2010 बैच के अधिकारी और आयुक्त जनसंपर्क दीपक कुमार सक्सेना, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरएस जादोन का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों का बदला विभाग उधर राज्य सरकार ने पदोन्नति के बाद राजस्व विभाग में अपर सचिव संजय कुमार को सचिव मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल एवं कल्याण आयुक्त बनाया है. श्रम विभाग में अपर सचिव बसंत कुर्रे को सह संचालक कौशल विकास बनाया गया है. सुरेश कुमार को संभाग आयुक्त चंबल संभाग मुरैना बनाया गया. चंद्रशेखर वालिबे को सचिव मुख्यमंत्री, शीलेंद्र सिंह को सचिव नगरीय विकास एवं अवास विभाग बनाए गए हैं. आईपीएस अधिकारियों का भी हुआ प्रमोशन उधर आईपीएस अधिकारियों का भी प्रमोशन किया गया है. 1994 बैच के अधिकारी एडीजी अजाक आशुतोष राय को प्रमोशन देकर विशेष पुलिस महानिदेशक (अजाक) बनाया गया. 2001 बैच के आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा को प्रमोशन देकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन बनाया गया. 1999 और 2008 बैच के अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक (वेतन मैट्रिक्स-14) के पद पर प्रमोशन किया गया है, जिसमें आईजी साइबर निरंजन बी. वायंगणकर, पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर, पुलिस मुख्यालय सियाज ए, पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत एवं मानव अधिकार ललित शाक्यवार को प्रमोट किया गया है. एसपी राकेश सगर, राघवेन्द्र सिंह बेलवंशी, किरणलता केरकेट्टा, रियाज इकबाल, असित यादव, कुमार प्रतीक, शिवदयाल को प्रमोशन देकर आईजी बनाया गया है. डीआईजी के पद पर पदोन्नति एसपी खंडवा मनोज कुमार राय, रेल एसपी भोपाल राहुल कुमार लोढ़ा, रेल एसपी जबलपुर सिमाला प्रसाद, धार एसपी मयंक अवस्थी और भोपाल डीसीपी विवेक सिंह को डीआईजी बनाया गया. इसी तरह प्रवर श्रेणी 2012 और 2013 बैच के 11 अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स-13 में स्वीकृत किया गया है. इसमें एसपी बड़वानी जगदीश डाबर और टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मण्डलोई शामिल हैं.

घर में नकारात्मकता दूर करनी है? वास्तु के इन तरीकों से आएगी खुशहाली

घर में छोटे-छोटे वास्तु टिप्स अपनाने से आपको बड़े-बड़े फायदे देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको वास्तु के कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं, जो घर में पॉजिटिविट एनर्जी को बनाए रखने और नेगेटिविटी को दूर रखने में आपकी मदद कर सकते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में। इन तरीकों से दूर होगी नकारात्मकता घर में यदि नेगेटिव एनर्जी बढ़ गई है, तो ऐसे में आप घर में नमक का पोछा जरूर लगाएं। इसके लिए पानी लेकर उसमें थोड़ा-सा नमक डालें और पूरे घर में इसका पौधा लगाएं। ऐसा करने से आपको काफी हद तक नेगेटिव एनर्जी से छुटकारा मिल सकता है। इसके साथ ही सुबह के समय घर की खिड़कियां व दरवाजे खुले रखने चाहिए और शौचालय का दरवाजा हमेशा बंद रखें। फिटकरी से जुड़े उपाय नेगेटिव एनर्जी से छुटकारा पाने के लिए फिटकरी का टुकड़ा एक कांच की कटोरी में फिटकरी रखें और इसे बाथरूम के किसी कोने में रख दें। ऐसा करने से आपको नकारात्कता से राहत मिल सकती है, क्योंकि फिटकरी नेगेटिव एनर्जी को सोख लेती है, जिससे वातावरण शुद्ध बना रहता है। हर 10-15 दिनों के अंदर इस फिटकरी को बदलते रहें और पुरानी फिटकरी को नमक के पानी में डाल दें। रखें इन बातों का खास ख्याल वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको घर के मुख्य द्वार पर विशेष रूप से साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यही से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसके साथ ही घर में अव्यवस्था को दूर रखें और ऐसे सामान को घर में न रखें जिसकी जरूरत न हो। इन बातों का ध्यान रखने से घर में पॉजिटिविटी बनी रहती है। इसके अलावा आप घर में धूप और कपूर जलाकर भी नेटेटिविटी से छुटकारा पा सकते हैं।  

Punjab News: सरकार ने 10 हजार पुलिस जवान भर्ती के प्रस्ताव को दी मंजूरी

चंडीगढ़. पंजाब में बढ़ती सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के मद्देनजर 10 हजारों नए जवानों की भर्ती की जाएगी। बाॅर्डर स्टेट होने के नाते सूबे में निगरानी व्यवस्था और कड़ी जाएगी। इसके चलते नए पद स्वीकृत किए हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस संदर्भ में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हाल ही में 1600 पदों पर भी जवानों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो गई है। उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। डीजीपी ने बुधवार को पंजाब पुलिस के साल 2026 के विजन पर चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस इस साल नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ और सख्ती से निपटेगी। डायल-112 इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसे 7 से 8 मिनट पर लाया जाएगा। इसके तहत मोहाली में 52 करोड़ रुपये की लागत से डायल 112 सेंट्रल कंट्रोल रूम भवन स्थापित किया जाएगा व 50 करोड़ रुपये की लागत से नए वाहन खरीदे जाएंगे। पंजाब के जिला नियंत्रण कक्षों को 25 करोड़ रुपये के निवेश से अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि निर्बाध समन्वय और किसी भी घटना का त्वरित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। डीजीपी के साथ आईजीपी मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल भी मौजूद थे। डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि फील्ड में सभी एसपी रैंक के अधिकारियों को नए वाहन दिए गए हैं, साथ ही सभी पुलिस थानों और पुलिस चौकियों को भी नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। आधुनिक उपकरणों से लैस होगी पुलिस डीजीपी ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में 426 करोड़ रुपये की लागत वाले मेगा पुलिस भवन परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसमें मोहाली के फेज-4 में साइबर क्राइम डिवीजन के लिए नया मुख्यालय, नवांशहर और मलेरकोटला जिलों में नई पुलिस लाइनें व 11 नई पुलिस स्टेशन इमारतों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा लुधियाना, फिरोजपुर और जालंधर में नए एएनटीएफ रेंज कार्यालय खोले जाएंगे तथा मौजूदा कार्यालयों को आधुनिक उपकरणों और फोरेंसिक टूल्स से अपग्रेड किया जाएगा। नए आपराधिक कानूनों के अनुसार पंजाब सरकार द्वारा गवाह संरक्षण योजना पहले ही अधिसूचित की जा चुकी है, जो सजा की दर में सुधार लाने में सहायक होगी। तकनीकी क्षमताओं को उन्नत किया गौरव यादव ने बताया कि एजीटीएफ ने पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस 2.0) के माध्यम से अपनी तकनीकी क्षमताओं को और उन्नत किया है, जो अन्य अत्याधुनिक विशेषताओं के साथ-साथ अब वॉयस एनालिसिस में भी सक्षम है। इसके साथ ही संगठित अपराध सूचना प्रणाली (ओसीआईएस) को अपराध रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए और अपग्रेड किया जा रहा है। पंजाब पुलिस संगठित अपराधियों को फर्जी विवरणों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त कराने या उसमें सहायता देने में शामिल ट्रैवल एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जांच पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। सड़क सुरक्षा थाने स्थापित होंगे शहरी क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए समर्पित ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों को शहरों के सीसीटीवी फीड और अनुकूली ट्रैफिक सिग्नलों के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसी3) से जोड़ा जाएगा। 

CG News: रायपुर प्रेस क्लब चुनाव को लेकर घमासान तेज

रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में चुनावी रणभेरी बज चुकी है। लंबे समय से अगर–मगर और कागजी जंग में उलझा सदस्यता विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। प्रेस क्लब द्वारा 17 फरवरी 2025 तक बनाए गए सदस्यों की सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने के बाद, रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त वास्तविक सदस्यता सूची के आधार पर मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन, दावा–आपत्ति और निराकरण की तारीखें घोषित कर दी गई हैं। इसके साथ ही प्रेस क्लब परिसर एक बार फिर चुनावी अखाड़े में तब्दील हो गया है। पैनल सक्रिय, प्रत्याशियों की जमावट तेज चुनावी मैदान में उतरने के लिए प्रेस क्लब में सक्रिय सभी पैनलों ने रणनीति और प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। सत्ताधारी संकल्प–प्रफुल्ल पैनल के सामने इस बार मुकाबला आसान नहीं दिख रहा। परंपरागत रूप से प्रभावी रहे संगवारी पैनल, सुकांत पैनल, दामू पैनल और अनिल पैनल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। चुनावी हलचल के संकेतों के अनुसार, कई पैनलों के बीच गठजोड़ की संभावनाएं भी बनती नजर आ रही हैं, जिससे मुकाबला और अधिक रोचक व कांटे का होने की उम्मीद है। इस चुनाव का सबसे अहम और निर्णायक पहलू लाल झंडे की एकजुटता मानी जा रही है। सारे पैनल एक तरफ और लाल पैनल एक तरफ,ऐसी तस्वीर उभरती दिख रही है। वैचारिक रूप से मजबूत यह पैनल पिछले कई कार्यकालों से प्रेस क्लब की सत्ता की धुरी रहा है। मीडिया जगत के ‘सागर’ के बड़े जहाज़ माने जाने वाले चेहरे इसकी परोक्ष अगुवाई करते रहे हैं। हालांकि, इस बार लाल विचार का लाल किला कहे जाने वाले प्रेस क्लब पर पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है। इनकम्बेंसी और अन्य पैनलों की बढ़ती सक्रियता ने वैचारिक लीडरों को भी सतर्क कर दिया है। इसी वजह से समान विचारधारा वाले पत्रकारों को एक मंच पर लाने की कवायद तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक अलग-अलग पैनलों में अपनी ताकत दिखाने वाले PT, AT और GT ग्रुप को एकजुट कर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई जा रही है। इसके लिए तीनों लीडर के गुरु ने सभी एक करने का बीड़ा उठा कर लगातार बैठक कर रहे है,, इतना ही नहीं, परंपरागत प्रतिद्वंद्वी गुट के एक धड़े PD को भी साथ जोड़ लिए जाने की अंदरखाने से खबर है। इससे लाल पैनल की ताकत और बढ़ती नजर आ रही है। हालांकि, अध्यक्ष पद के चेहरे पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है, जो आने वाले दिनों में पूरे चुनावी समीकरण को पलट सकती है। विपक्षी खेमे में बिखराव, एक राय की चुनौती :- दूसरी ओर, लाल पैनल की इस संगठित ताकत के मुकाबले शेष पैनल फिलहाल बिखरे हुए नजर आ रहे हैं। विशेषकर संगवारी, सुकांत,अनिल और दामू ग्रुप के बीच आपसी सहमति अब तक नहीं बनी है,, बनती नहीं दिख रही है, जिससे विपक्षी खेमा रणनीति को आकार देने में पीछे है। हालांकि, प्रेस क्लब में विरोध का झंडा बुलंद पिछले कार्यकाल की नाकामियों और कथित नियमविरुद्ध फैसलों को मुद्दा बनाकर कुछ पत्रकार पहले दिन से सक्रिय है । इस मुद्दा-आधारित लड़ाई का लाभ मोहन तिवारी को मिलता नजर आ रहा है, लेकिन ब्राह्मण बड़े पत्रकारों को एका और एक राय हो कर नहीं लड़ पाना सबसे बड़ी चुनौती है उनका पैनल कितना एकजुट होकर मैदान में उतरेगा इस पर सब की निगाहें है। वैचारिक एक जुटता बनाम बिखराव की लड़ाई एक ओर जहां पदाधिकारियो का वैचारिक पैनल खुद को संगठित करने में सफल होते दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रेस क्लब का विपक्षी खेमा हर बार की तरह अलग-अलग लड़ने की तैयारी से है जिसे चुनावी मुकाबला बहुकोणीय होता दिख रहा है। 

CG News: साय सरकार में खेती के साथ मधुमक्खी पालन बनीं उदय राम की रोजगार की कुंजी

बलरामपुर। किसानों की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा किसानों को खेती के साथ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ देने वाला वैकल्पिक व्यवसाय बनकर उभरी है। मधुमक्खी पालन एक कृषि आधारित लाभकारी व्यवसाय है, जिसमें शहद, मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे बहुमूल्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर के द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन अपनाने हेतु किसानों को निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं जागरूकता प्रदान की जा रही है। मधुमक्खी पालन गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बना बलरामपुर जिला के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम मंगरहारा निवासी कृषक उदय राम ने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर खेती के साथ मधुमक्खी पालन को अपनाया। प्रारंभ में उन्होंने मात्र 2 मधुमक्खी बक्सों से इस व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो आज 20 बक्सों तक पहुँच चुका है। उदय राम की सफलता से प्रेरित होकर ग्राम मंगरहारा के 10 से अधिक परिवारों ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय प्रारंभ किया है और अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इस प्रकार मधुमक्खी पालन गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उदय राम शहद बेचकर सालाना 2 से 2.5 लाख रुपये कर रहे हैं आय अर्जित उदय राम वर्तमान में प्रतिवर्ष 400 से 500 किलोग्राम से अधिक गुणवत्तायुक्त शहद का उत्पादन कर रहे हैं। बाजार में उनके शहद की कीमत 500 प्रति किलोग्राम तक मिल रही है। शहद के साथ-साथ मोम, रॉयल जेली एवं प्रोपोलिस जैसे उत्पाद भी उन्हें प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। उदय राम शहद बेचकर सालाना 2 से 2.5 लाख रुपये अर्जित कर रहे हैं। मधुमक्खी पालन बक्से पर दी जा रही सब्सिडी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार बलरामपुर- रामानुजगंज जिले की जलवायु एवं पर्यावरण मधुमक्खी पालन के लिए अत्यंत अनुकूल है। लघु, सीमांत एवं भूमिहीन किसान भी इस व्यवसाय को बिना अतिरिक्त भूमि के प्रारंभ कर सकते हैं। 5 से 10 मधुमक्खी बक्सों से भी यह कार्य सफलतापूर्वक किया जा सकता है। कम श्रम और सरल प्रक्रिया के कारण महिला और बेरोजगार युवा भी मधुमक्खी पालन को आसानी से अपना सकते हैं। शासन द्वारा मधुमक्खी बक्से पर दी जा रही सब्सिडी इस व्यवसाय को और सुलभ बना रही है।