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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत बोले- खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने बनेगा विशेष आयोग

रांची. श्झारखंड की मिट्टी शहादत की गाथाओं से भरी है। जितना समृद्ध इतिहास हमारे राज्य का हैए उतना किसी अन्य प्रदेश का नहीं।श् अनगिनत लोगों ने जलए जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी अस्मिता के लिए अपनी जानें न्योछावर कीं। श्हम लड़े हैंए तभी बचे हैं। हमारे वीर सपूतों ने कभी हार नहीं मानी। उक्त बातें खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर आज सरायकेला.खरसावां जिले के खरसावां स्थित शहीद पार्क में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहीं। मौके पर मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक ;शहीद बेदीद्ध तथा वीर शहीद केरसे मुंडा चौक स्थित शहीद स्मृति.चिह्न पर श्रद्धांजलि अर्पित कर अमर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मंत्री दीपक बिरुवा, सांसद जोबा मांझी, विधायक दशरथ गगराई, विधायक सुखराम उरांव, विधायक सविता महतो, विधायक जगत मांझी तथा पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर खरसावां के अमर वीरों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने हेतु विशेष आयोग का होगा गठन झारखंड की धरती शौर्य और बलिदान की प्रतीक रही है। इस मिट्टी की हर कण में आदिवासियों और मूलनिवासियों के संघर्ष की गाथा समाई हुई है। इसी गौरवशाली परंपरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है कि खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में निर्णायक कदम की घोषणा करते हुए कहा कि एक विशेष आयोग का गठन किया जाएगाए जिसमें रिटायर्ड जजए स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। यह आयोग सभी दस्तावेजोंए ऐतिहासिक अभिलेखों और स्थानीय परंपराओं के आधार पर शहीद परिवारों की पहचान करेगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन परिवारों को उचित सम्मानए मान्यता और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना हैए जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार की प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करते हुए कहाए श्हमारा यह नैतिक दायित्व है कि जिनकी कुर्बानी से झारखंड की अस्मिता और स्वतंत्र पहचान बचीए उनके वंशजों को गर्व और सम्मान के साथ जीने का अवसर मिले।श् उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष तक सभी शहीद परिवारों की शिनाख्त कर समारोहपूर्वक सम्मानित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह पहल केवल श्रद्धांजलि मात्र नहींए बल्कि एक इतिहास.संरक्षण अभियान है। इस अभियान से युवा पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान की जानकारी मिलेगी तथा उनमें राज्य के प्रति आत्मसम्मान की भावना प्रबल होगी। राज्य सरकार ने पहले भी स्वतंत्रता सेनानियोंए आंदोलनकारियों एवं शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। अब खरसावां के वीरों के प्रति यह संवेदनशील कदम झारखंड की पहचान को और सशक्त करेगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि श्हमारा संघर्ष जीवित रहेगाए जब तक हर शहीद के परिवार को उसका सम्मान नहीं मिल जाता। यही हमारे राज्य की असली दिशा और पहचान है।श् आदिवासियों की अस्मिता के रक्षक, हमारे पथप्रदर्शक बाबा शिबू सोरेन को विनम्र नमन मुख्यमंत्री ने कहा कृ श्आज हमारे बीच झारखंड आंदोलन के दिशा.निर्देशकए हमारे बाबाए हमारे पथप्रदर्शक गुरुजी शिबू सोरेन नहीं हैं। हमने एक ऐसा वृक्ष खो दिया जिसकी छांव में राज्य के आदिवासियों और मूलवासी समाज ने अपना मार्ग पाया। गुरुजी हमारे लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेंगे।श् मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि  झारखंड के हर आंदोलनकारीए हर आदिवासीए हर ग्रामीण के दिल में गुरुजी का स्थान अमिट है। उन्होंने झारखंड की राजनीति में मानवीयताए सरलता और संघर्षशीलता की मिसाल कायम की। श्गुरुजी केवल एक व्यक्ति नहींए एक विचारधारा हैं कृ जो न्यायए समानता और आत्मसम्मान की राह दिखाती है।श् उन्होंने आगे कहा कि गुरुजी के सान्निध्य में झारखंड के आदिवासी समाज ने अपनी पहचान को पहचाना और उसे संविधान के दायरे में दर्ज कराया। हमने उनका मार्गदर्शन हमेशा अपने लिए ऊर्जा की तरह महसूस किया। उनका संघर्ष ही हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। गुरुजी अब हमारे बीच भले नहीं हैंए लेकिन उनकी छांवए उनका आशीर्वाद और उनका मार्गदर्शन हमेशा रहेगा। पेसा कानून से सशक्त होगा ग्राम स्वराज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने झारखंड में पेसा कानून को लागू कर दिया हैए जिससे अब ग्रामसभा और ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि श्यह कानून हमारे जलए जंगल और जमीन की सुरक्षा का आधार है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने संसाधनों पर स्वयं निर्णय ले सकेंगे और स्वशासन की भावना सशक्त होगी।श् मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का प्रयास रहेगा कि पेसा अधिनियम से संबंधित जानकारी प्रत्येक गांव तक पहुंचे। इसके लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि हर ग्रामीण अपने अधिकारों को जान सके और उनका उपयोग कर सके। उन्होंने कहा कि पेसा कानून हमारे पूर्वजों के संघर्ष और अधिकार भावना का प्रतीक हैए जो ग्राम स्वराज के वास्तविक स्वरूप को साकार करेगा। झारखंड का 25वां वर्षए नए विकास और सशक्तिकरण का प्रतीक मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड राज्य को बने 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और अब यह युवा झारखंड विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहाए श्हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाए। श्मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैए क्योंकि श्एक शिक्षित पीढ़ी ही मजबूत राज्य की नींव होती है।श् उन्होंने बताया कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्र 15 लाख रुपये तक का ऋण 4ः ब्याज दर पर लेकर पढ़ाई कर सकते हैंए जिसकी वापसी नौकरी लगने के बाद ही करनी होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताते हुए कहा कि इससे राज्य की बेटियां शिक्षितए आत्मनिर्भर और समाज में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलकर झारखंड के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंत्री दीपक बिरुवाए सांसद जोबा मांझी, विधायक दशरथ गगराई, विधायक सुखराम उरांव, विधायक समीर मोहंती, विधायक सविता महतो, विधायक जगत मांझी एवं पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला के उपायुक्तए पुलिस अधीक्षकए सभी विभागों के पदाधिकारी तथा … Read more

बिहार के बड़े शहरों में बसाने नेपाल रूट से घुसाये जा रहे बांग्लादेशी

पटना/रक्सौल. भारत–नेपाल सीमा पर तीन बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर उस अदृश्य नेटवर्क की ओर इशारा किया है, जो वर्षों से नेपाल को ट्रांजिट रूट बनाकर विदेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से प्रवेश कराता रहा है। यह गिरफ्तारी महज संयोग नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय मानव तस्करी और घुसपैठ तंत्र का संकेत मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बांग्लादेशी नागरिकों के लिए नेपाल सबसे आसान प्रवेश द्वार बन चुका है। नेपाल की वीजा नीति अपेक्षाकृत सरल होने के कारण विदेशी नागरिक पहले वहां टूरिस्ट वीजा पर पहुंचते हैं। इसके बाद सीमावर्ती भारतीय जिलों में सक्रिय एजेंट उन्हें बिना भारतीय वीजा के सीमा पार कराते हैं। स्थानीय गाइड नेटवर्क की पहली कड़ी गिरफ्तार सरफराज अंसारी को इस नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस को संदेह है कि वह सिर्फ एक गाइड नहीं, बल्कि ऐसे कई लोग हैं, जो सीमावर्ती गांवों में रहकर विदेशी नागरिकों को सुरक्षित रास्तों से भारत में दाखिल कराते हैं। बदले में मोटी रकम वसूली जाती है। सूत्रों का दावा है कि अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने के बाद इन विदेशी नागरिकों को पटना, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था पहले से तय रहती है। वहां उनके ठहरने, काम और पहचान छिपाने तक की योजना बनाई जाती है। सीमा सुरक्षा पर गंभीर सवाल इस घटना ने सीमा सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि यदि एसएसबी द्वारा नए वर्ष को लेकर विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया होता, तो यह समूह भी आसानी से सीमा पार कर जाता। यह दर्शाता है कि सामान्य दिनों में नेटवर्क कितनी सहजता से सक्रिय रहता है। भारत–नेपाल सीमा से पहले भी घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज और मानव तस्करी से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद नेटवर्क का पूरी तरह भंडाफोड़ न होना प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर करता है। एसएसबी और पुलिस कर रही गहन जांच एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम मोबाइल डेटा, काल डिटेल, नेपाल में ठहरने के रिकार्ड और भारत में संपर्क सूत्रों की गहन जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि नेटवर्क से जुड़े कितने एजेंट अब भी सक्रिय हैं और किन-किन रास्तों का इस्तेमाल किया जाता है। यह मामला केवल चार लोगों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते इस नेटवर्क की जड़ तक नहीं पहुंचा गया, तो सीमावर्ती इलाकों के रास्ते अवैध गतिविधियों का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

दिल्ली-यूपी में गलन भरी ठंड, पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का असर

 नईदिल्ली  नए साल के आगाज के साथ देश में तापमान तेजी से नीचे गिरने लगा है। कई राज्यों में सर्दियों का सितम देखने को मिल रहा है। राजस्थान में पारा 0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, तो वहीं पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में गलन और ठिठुरन बढ़ने लगी है। भारतीय मौसम विभाग ने कई राज्यों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। IMD ने जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, बिहार, ओडिशा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शीतलहर के साथ घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जम्मू कश्मीर में पहाड़ों ने बर्फ की मोटी चादर ओढ़ ली है। मौसम विभाग ने केदारनाथ, बंद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब समेत कई जिलों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। इसका असर निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है, जहां ठंड अचानक से बढ़ने की संभावना है। यूपी में शीतलहर की चेतावनी उत्तर प्रदेश में 3 जनवरी को कई क्षेत्रों में सुबह और रात के समय कोहरा छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 6 से 9 जनवरी तक यूपी में शीतलहर देखने को मिल सकती है। प्रदेश में शनिवार को ठंड बढ़ने की संभावना है। यूपी से सटे बिहार में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है और रात व सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है। 4 और 5 जनवरी को बिहार में कोल्ड डे को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है। हिमाचल में माइनस में पहुंचा तापमान हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हुई, जिसके चलते कई स्थानों पर तापमान माइनस में पहुंच गया। ताबो में न्यूनतम तापमान -6.8°C दर्ज किया गया। कुल्लू-मनाली में मौसम साफ होने के बाद ऊपरी इलाकों में सड़कों पर ब्लैक आइस जमना शुरू हो गया है। प्रशासन ने रोहतांग दर्रा वाहनों के लिए बंद कर दिया है और फिसलन के कारण रोहतांग की ओर जाने वाले वाहनों को गुलाबा में रोक दिया गया। हिमाचल प्रदेश के अधिकांश इलाकों में 8 जनवरी तक मौसम साफ बना रहेगा। हालांकि 6 जनवरी को राज्य के ऊंचे पहाड़ों पर एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। दिल्ली में शीतलहर का अलर्ट राजधानी दिल्ली में भी कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने राजधानी समेत आसपास के जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं। राजस्थान में लुढ़का तापमान राजस्थान के बाड़मेर, बीकानेर, सीकर, हनुमानगढ़ समेत 10 जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी हुआ है। वहीं, मध्य प्रदेश में अगले 3 दिन तक घना कोहरा छाए रहने की उम्मीद है। इसके अलावा भोपाल और इंदौर में हल्की बौछार भी देखने को मिल सकती है। यूपी-बिहार में बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग ने यूपी और बिहार में भी 9 जनवरी तक के लिए शीतलहर और कोहरे की चेतावनी जारी की है। इस बीच धूप न निकलने और आसमान में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं क कारण दोनों राज्यों में गलन और ठिठुरन बढ़ सकती है।  

iPhone Fold: Apple का पहला फोल्डेबल फोन इस साल लॉन्च, जानें क्या होंगे इसके नए फीचर्स

मुंबई  ऐपल के फोल्डेबल iPhone का इंतजार ऐपल फैंस को काफी समय से है. हालांकि सैमसंग इस स्पेस में नंबर-1 है, लेकिन इस साल इक्वेशन बदल सकता है. वजह ये है कि इसी साल Apple iPhone Fold ला सकता है. कंपनी ने हालांकि फोल्ड को लेकर कोई हिंट नहीं दिया है, लेकिन टिप्सटर और एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इस साल कंपनी अपना पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन लेकर आएगी. 2026 ऐपल की हिस्ट्री का एक बड़ा साल हो सकता है. क्योंकि इस साल ना सिर्फ फोल्डेबल बल्कि कंपनी AI ग्लासेसज भी लॉन्च कर सकती है. Apple के AI ग्लासेज के प्रोटोटाइप पहले भी देखे गए हैं और कुछ लीक्स भी सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक iPhone Fold में 5.25 इंच की कवर स्क्रीन दी जाएगी, जबकि इंटर्नल डिस्प्ले 7.6 इंच की होगी. दोनों ही AMOLED पैनल होंगे. हालांकि ये भी बताया जा रहा है कि फोल्डेबल आईफोन में Face ID नहीं होगा. वजह ये है कि कंपनी इसे पतला बनाना चाहेगी. गौरतलब है कि सैमसंग ने अब तक सबसे पतला फोल्डेबल स्मार्टफोन Galaxy Fold 7 के रूप में लॉन्च किया है. ये फोन अनफोल्ड करने के बाद Apple के सबसे पतले iPhone Air से भी थिन है. इसलिए ऐपल पर एक दबाव ये भी है कि कंपनी पतला फोल्डेबल फोन लेकर आए. इसलिए कंपनी फोल्डेबल फोन को पतला करने के लिए Face ID हटा सकती है. ऑथेन्टिकेशन के लिए इस फोन में टच आईडी देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल अपने फोल्ड के लिए टाइटैनियम और स्टेनलेस स्टील का मिक्स यूज कर सकता है. इस फोन में क्वॉड कैमरा सेटअप देखने को मिल सकता है. प्राइमरी लेंस 48 मेगापिक्सल का हो सकता है और प्राइमरी डिस्प्ले पर अंडर डिस्प्ले कैमरा दिया जाएगा.   

मिथुन चक्रवर्ती का विवादित बयान, ममता सरकार पर साधा निशाना: ‘कश्मीरी पंडितों जैसा बंगाल में…’

कूच बिहार भाजपा नेता और प्रसिद्ध अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपनी फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी से बाहर निकाला गया था, उसी तरह की स्थिति पश्चिम बंगाल में पैदा करने की कोशिश की जा रही है। मिथुन चक्रवर्ती ने  आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को ‘पश्चिमी बांग्लादेश’ में बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ये प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। मिथुन ने कूच बिहार जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणियों की आलोचना की और कहा कि यह कोई अलग देश नहीं है जैसा कि वह सोच रही होंगी। उन्होंने कहा- बांकुड़ा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत के गृह मंत्री को धमकी दी और कहा कि उन्होंने ही उन्हें कोलकाता के उस होटल से बाहर आने दिया जहां वे ठहरे हुए थे। काश वे स्पष्ट रूप से कह देतीं कि गृह मंत्री को बंगाल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा… वह दिन विनाशकारी होगा। उन्होंने आगे कहा- यह कोई अलग देश नहीं है जैसा कि वह सोच रही होंगी। मिथुन चक्रवर्ती ने 1990 के दशक में कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित अपनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि बंगाल में भी इसी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया- पश्चिम बंगाल को पश्चिम बांग्लादेश में बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं। भाजपा नेता ने दावा किया कि गायिका लग्नाजिता चक्रवर्ती को देवी मां की प्रशंसा में एक गीत गाने के लिए परेशान किया गया है। मिथुन चक्रवर्ती ने कहा- वे भले ही यह सोचते हों कि यह बांग्लादेश बन गया है, लेकिन वह दिन कभी नहीं आएगा। जब तक मिथुन चक्रवर्ती जैसे लोगों के शरीर में खून का एक भी कतरा बचा है, यह राज्य कभी बांग्लादेश नहीं बनेगा। हम संविधान में विश्वास रखते हैं, और इसीलिए हमने खुद को नियंत्रण में रखा है। उन्होंने बांग्लादेश में हुई दीपू चंद्र दास की लिंचिंग की घटना का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। मिथुन ने कहा- बांग्लादेश में घटना हुई और पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हमला किया जा रहा है। दीपू दास घटना के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक हमला किया और 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हमें ऐसे घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन करने की भी इजाजत नहीं है। यह बयान बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के संदर्भ में आया है, जहां हाल ही में दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को आग लगा दिया गया। इस घटना के खिलाफ कोलकाता में प्रदर्शन हुए थे, जिनमें पुलिस कार्रवाई भी हुई। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का एकमात्र तरीका यह है कि सभी लोग एक साथ आएं। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल के ‘विवेकशील’ समर्थकों से आगामी चुनावों में सरकार बदलने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। मिथुन चक्रवर्ती ने दावा किया कि राज्य में कोई उद्यम, उद्योग, रोजगार या उचित स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया- भ्रष्टाचार के अलावा इस राज्य में और कुछ नहीं है। भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना को लागू नहीं किया, क्योंकि शायद उसे लगता है कि इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ेगी। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद हम सबसे पहले आयुष्मान भारत योजना शुरू करेंगे।

भोपाल में बनेगा निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज, 100 करोड़ की लागत से पुराने और नए शहर को जोड़ेगा, नवंबर तक होगा तैयार

भोपाल  भोपाल में निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) इस साल नवंबर तक बनकर कम्प्लीट हो जाएगा। करीब 100 करोड़ रुपए से बनने वाला आरओबी नए और पुराने शहर को जोड़ेगा। करीब 9 लाख लोगों को फायदा मिल सकेगा। शनिवार को मंत्री विश्वास सारंग ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। मंत्री सारंग ने कहा कि यह देश का पहला ऐसा आरओबी होगा, जो एकसाथ 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। यह आरओबी भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म-1 से छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक पहुंचेगा। निर्माण पूरा होने के बाद करीब 9 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। पीडब्ल्यूडी, रेलवे, एफसीआई सहित संबंधित विभागों में समन्वय के लिए एक कमेटी बनाई गई है। ताकि, निर्माण कार्य में कोई अड़चन न आए और यह जल्दी बन जाए। रेलवे स्टेशन पर आना होगा आसान मंत्री सारंग ने बताया कि आरओबी के बनने के बाद करोंद, बैरसिया, बैरागढ़, विदिशा से आने वाले लोग आसानी से भोपाल रेलवे स्टेशन आ-जा सकेंगे। पुराने शहर से किसी को भेल इलाके में जाना होगा तो यह आरओबी काफी फायदेमंद रहेगा। अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा समेत कई इलाकों से आना-जाना आसान हो जाएगा। भविष्य में यही आरओबी एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए भी उपयोग आ सकेगा। ब्रिज की डिजाइन देखी मंत्री सारंग ने शनिवार को निर्माण स्थल पर जाकर निरीक्षण किया और अफसरों से चर्चा की। साथ ही ब्रिज की डिजाइन भी देखी। महापौर मालती राय, वीरेंद्र पाठक समेत कई समर्थक भी मौजूद थे।

मुस्ताफिजुर रहमान को KKR ने किया रिलीज, अब आईपीएल 2026 में नहीं खेल पाएंगे बांग्लादेशी गेंदबाज

कोलकाता    कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज कर दिया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मुस्ताफिजुर को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद केकेआर की ओर से ये फैसला लिया गया. केकेआर ने पिछले महीने हुई मिनी नीलामी के दौरान मुस्ताफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था. इस दौरान चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के साथ उसकी कड़ी बोली लगी थी. 30 वर्षीय तेज गेंदबाज के लिए यह आईपीएल इतिहास का सबसे महंगा सौदा साबित हुआ था. कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया, 'केकेआर ये पुष्टि करती है कि आईपीएल की नियामक संस्था के तौर पर बीसीसीआई/आईपीएल ने आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सीजन से पहले फ्रेंचाइजी को मुस्ताफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया था.' बयान में आगे कहा गया, 'बीसीसीआई के निर्देशों के तहत सभी जरूरी प्रक्रियाओं और परामर्श के बाद रिलीज करने का फैसला किया गया. बीसीसीआई ने आईपीएल नियमों के अनुसार कोलकाता नाइट राइडर्स को एक रिप्लेसमेंट खिलाड़ी शामिल करने की अनुमति दी है. इस बारे में आगे की जानकारी समय पर साझा की जाएगी.' शाहरुख खान की भी हुई थी आलोचना बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के बाद वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भारत ने चिंता जताई थी. इसके बाद से ही मुस्ताफिजुर रहमान की आईपीएल 2026 में भागीदारी को लेकर बीसीसीआई पर दबाव बढ़ता जा रहा था. इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई थी और कुछ सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने मौजूदा हालात में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करने पर सवाल उठाए थे. इस आलोचना का दायरा केकेआर के सह-मालिक और बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान तक भी पहुंच गया था. मुस्ताफिजुर रहमान 2016 से अब तक आठ आईपीएल सीजन खेल चुके हैं. वह केवल 2019 और 2020 में टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं रहे. मुस्ताफिजुर सनराइजर्स हैदराबाद (SRH), मुंबई इंडियंस (MI), दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स (RR) जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. आईपीएल 2026 उन्हें पहली बार केकेआर की जर्सी पहनने का मौका देने वाला था, जो अब नहीं होगा. दोनों देशों के रिश्तों में भी पिछले कुछ समय से तल्खी देखने को मिल रही है. भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले साल प्रस्तावित व्हाइट-बॉल द्विपक्षीय सीरीज को टाल दिया गया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने शुक्रवार को कहा कि यह सीरीज सितंबर में बांग्लादेश में खेली जाएगी, हालांकि बीसीसीआई ने अब तक इस शेड्यूल पर कोई ठोस सहमति नहीं दी है और मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए इसके होने की संभावना कम है.

‘धुरंधर’ 800 करोड़ पार करने के करीब, 28 दिन बाद कलेक्शन में गिरावट फिर भी 29वें दिन रिकॉर्ड!

मुंबई  रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ को रिलीज हुए ऑलमोस्ट एक महीना होने जा रहा है. लेकिन नया साल जैसे इस फिल्म के लिए नई एनर्जी लेकर आया है. शुक्रवार से थिएटर्स में ‘धुरंधर’ का पांचवां हफ्ता शुरू हो गया. न्यू ईयर की छुट्टी के बाद, शुक्रवार साल का पहला वर्किंग डे था. इसका असर फिल्म के कलेक्शन पर दिखा जरूर, मगर ‘धुरंधर’ ने पांचवें शुक्रवार को भी सबसे ज्यादा कलेक्शन का रिकॉर्ड बनाया. ‘धुरंधर’ पहली बार 10 करोड़ से चूकी लगातार 28 दिन डबल डिजिट कलेक्शन करने के बाद, शुक्रवार को पहली बार ‘धुरंधर’ ने 10 करोड़ से कम कलेक्शन किया. ट्रेड रिपोर्ट्स बताती हैं कि 29वें दिन इसका कलेक्शन 9 करोड़ से थोड़ा ज्यादा रहा. गुरुवार के 17.60 करोड़ के मुकाबले शुक्रवार का कलेक्शन करीब 40% गिर गया. लेकिन ये याद रखना जरूरी है कि न्यू ईयर पर थिएटर्स में जनता खूब पहुंचती है. वर्किंग डे पर गिरावट आना नेचुरल है. शुक्रवार को भी ‘धुरंधर’ का कलेक्शन रिकॉर्डतोड़ रहा. 29वें दिन बॉक्स ऑफिस पर कोई फिल्म इतना कलेक्शन नहीं कर सकी है. ‘धुरंधर’ ने पांचवें शुक्रवार को सबसे ज्यादा कलेक्शन का रिकॉर्ड भी बनाया है. यानी 'धुरंधर' सिर्फ अपने स्टैन्डर्ड पर स्लो पड़ी है. बाकी फिल्मों की तुलना में ये अभी भी बहुत तगड़ी बनी हुई है. 'धुरंधर' बॉक्स ऑफिस पर लगातार दमदार एक महीना पूरा करने जा रही है. शनिवार को 800 करोड़ पार 29वें दिन की कमाई ने ‘धुरंधर’ का टोटल नेट कलेक्शन 794 करोड़ तक पहुंचा दिया है. शनिवार और रविवार से कलेक्शन में फिर बड़ा जंप आने की उम्मीद है. इतना लगभग तय दिख रहा है कि ‘धुरंधर’ शनिवार को फिर से डबल डिजिट में कलेक्शन करेगी. यानी 30वें दिन ‘धुरंधर’ का कलेक्शन 800 करोड़ पार पहुंच जाएगा. इस आंकड़े तक पहुंचने वाली ये बॉलीवुड की पहली फिल्म होगी. अभी तक केवल एक हिंदी फिल्म ने 800 करोड़ का लैंडमार्क पार किया है— तेलुगू इंडस्ट्री में बनी अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा 2’. इसे 800 करोड़ तक पहुंचने में 30 दिन लगे थे. ‘धुरंधर’ भी इतने ही दिनों में 800 करोड़ पर करेगी. ‘पुष्पा 2’ 830 करोड़ नेट कलेक्शन के साथ हिंदी में सबसे बड़ी फिल्म थी. अब ‘धुरंधर’ इसे पीछे छोड़ने के रास्ते पर है. जैसा ट्रेंड है, ‘धुरंधर’ अभी कम से कम दो हफ्ते और दर्शक जुटाती रहेगी. देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर की फिल्म 850 करोड़ से कितना आगे जाती है. क्या 900 करोड़ का भी चांस है? ये तो वक्त ही बताएगा!

हरियाणा में मंडी में कागजों में बिका 46.04 करोड़ रुपये का संदिग्ध धान

चंडीगढ़. धान सीजन खत्म होने के बाद अब असंध और कुंजपुरा की अनाज मंडी में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां 46.04 करोड़ रुपये के धान की कागजों में ही बिक्री कर गबन की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि दोनों मंडियों के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक और कुंजपुरा के हैफेड प्रबंधक ने मंडी में 743 फर्जी गेटपास काटकर फर्जीवाड़ा किया। दोनों मंडियों में 150 गाड़ियों के कटे इन फर्जी गेटपास ने 47 राइस मिलों में कुल 5,61,401 बैग धान पहुंचाया। हकीकत में ये गाड़ियां कहीं गई ही नहीं। क्योंकि ई-खरीद पोर्टल पर इन गाड़ियों के जीपीएस लोकेशन और तय की गई दूरी शून्य दर्ज की गई है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, उपायुक्त और एसपी के पास शिकायत पहुंची है। डीसी के निर्देश पर एडीसी और दोनों एजेंसियों के जिला अधिकारियों व एसपी के निर्देश पर असंध और इंद्री के डीएसपी ने जांच शुरू कर दी है। असंध के डीएसपी गौरखपाल राणा और इंद्री के डीएसपी सतीश गौतम का कहना है कि अभी हमारे पास शिकायत पहुंची है। गेटपास और गाड़ियों की लोकेशन व रिकाॅर्ड की जांच की जाएगी। इसी जांच के आधार पर ही पता चलेगा कि आरोप सही हैं या गलत। इधर, जिन निरीक्षकों व प्रबंधक पर आरोप लगा है, उन्होंने आरोपों को निराधार और जीपीएस लोकेशन न होने को तकनीकी खामी बताया है। असंध और कुंजपुरा मंडी में फर्जीवाड़े की शिकायत गांव खराजपुर निवासी विकास शर्मा ने की है। उनका आरोप है कि अक्तूबर और नवंबर माह में धान खरीद के दौरान दोनों मंडियों में विभागों के निरीक्षकों व अन्य अधिकारियों ने मिलीभगत करके कई गाड़ियों के फर्जी गेटपास तैयार किए। इसकी उच्च स्तरीय जांच होगी तो बड़ा घोटाला सामने आएगा। उनका कहना है कि अभी तो केवल दो मंडियों में फर्जीवाड़े की शिकायत उन्होंने की है, ऐसे ही हालात अन्य अनाज मंडियों में भी हैं, इनकी भी जांच होनी चाहिए। यदि सरकार की ओर से इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी तो निरीक्षक के अलावा कई अधिकारियों की मिलीभगत सामने आएगी। असंध मंडी में गड़बड़ी की 72 पेजों में है शिकायत असंध की अनाज मंडी में गड़बड़ी की तथ्यों के साथ 72 पेजों की शिकायत की गई है। शिकायत के अनुसार, मंडी से डीएफएससी द्वारा 32 मिलों को 17 लाख 15 हजार 555 कट्टे धान भेजा गया था। इसके लिए कुल 2217 एग्जिट गेट पास जारी हुए। धान ढुलाई के लिए कुल 175 गाड़ियों का विभाग की ओर से इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि ई-खरीद पोर्टल के रिकार्ड के अनुसार 112 गाड़ियों के 570 चक्कर लगे ही नहीं। अधिकारियों ने इनके फर्जी गेटपास जारी किए। क्योंकि पोर्टल के रिकार्ड में इन गाड़ियों की जीपीएस लोकेशन और तय की गई दूरी शून्य दिखाई गई है। दिखाए गए फर्जी 570 चक्करों में कुल 4,41,781 बैगों का गबन हुआ है यानी साढ़े 37 किलोग्राम प्रति बैग के हिसाब से 1,65,677 क्विंटल धान की गड़बड़ी हुई है। जिसकी एमएसपी 2370 रुपये के हिसाब से 39.24 करोड़ रुपये के बनती है। कुंजपुरा मंडी : डीएफएससी की 18 गाड़ियों के 119 फर्जी चक्कर शिकायत के अनुसार, कुंजपुरा की अनाज मंडी में डीएफएससी की ओर से कुल 18 गाड़ियों के 119 फर्जी गेटपास काटे गए। इन गेटपासों से 83,633 कट्टे धान को आठ राइस मिलों में पहुंचाया गया। भेजे गए इस धान की साढ़े 3,700 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से 3.43 करोड़ रुपये कीमत बनती है। इन 18 गाड़ियों में से किसी ने 17 तो तो किसी ने एक या चार चक्कर लगाए हैं। कुंजपुरा मंडी : 54 गेटपासों में हैफेड की गाड़ियां भी नहीं पहुंची मिल शिकायत के अनुसार, कुंजपुरा की अनाज मंडी में हैफेड द्वारा भी खरीद की गई। इस एजेंसी के प्रबंधक पर 3.37 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। हैफेड की ओर से काटे गए 54 गेट पासों में 20 गाड़ियों के फर्जी चक्कर दिखाए गए हैं। इन गाड़ियों ने कुल 35,982 बैग सात राइस मिलों तक पहुंचाए। जबकि यह पहुंचे ही नहीं। यहां एक गाड़ी के एक से लेकर 12 तक फर्जी गेटपास काटे गए।

हरियाणा में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में एक लाख नई महिलाओं को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे का विस्तार कर दिया है। इस विस्तार के साथ ही राज्य की एक लाख से अधिक नई महिलाओं को योजना का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम प्राप्त होगा। सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के मानदंड अनुसार एक लाख रुपये सालाना पारिवारिक आय वाली महिलाओं को पहले की तरह योजना का लाभ मिलता रहेगा। किसी भी पात्र महिला का मौजूदा लाभ न तो रोका गया है और न ही समाप्त किया गया है। 2100 रुपये की सहायता पहले की तरह मिलती रहेगी। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार करते हुए तीन नई श्रेणियों को जोड़ा है। इन श्रेणियों के लिए पारिवारिक आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम होनी चाहिए और यह लाभ केवल 3 बच्चों तक ही मिलेगा।  पहली श्रेणी जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे जो सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, वे 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर आते है, ऐसी माताओं को भी अब 2100 रुपये प्रति माह का लाभ मिलेगा।  दूसरी श्रेणी जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे भारत सरकार के निपुण मिशन के तहत कक्षा- 1 से 4 तक ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी प्राप्त करते हैं, तो ऐसी माताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।  तीसरी श्रेणी पोषण ट्रैकर में कोई बच्चा जो कुपोषित या एनीमिया से ग्रस्त था और माताओं के अथक प्रयास के बाद वह पोषित और स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है, तो ऐसी माताओं को भी 2100 रुपए का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस श्रेणी के लिए परिवारिक सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम होनी चाहिए। परिवार को वित्तीय सशक्त बनाने भी नई पहल हरियाणा सरकार ने महिला सशक्तिकरण को और अधिक मजबूत आधार देने के उद्देश्य से एक नई दूरदर्शी पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत महिलाओं और उनके परिवारों को न केवल तत्काल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि भविष्य के लिए सुरक्षित वित्तीय संबल भी सुनिश्चित होगा।  इस पहल के तहत, दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत वर्तमान में जो 2100 रुपए की राशि महिलाओं के खातों में जा रही है, अब इस राशि में से 1100 रुपये सीधे महिलाओं के खातों में जमा होंगे। जबकि शेष 1,000 रुपये राज्य सरकार रेकरिंग डिपॉजिट/फिक्स्ड डिपॉजिट करवाएगी। इस डिपॉजिट का पैसा ब्याज सहित लाभार्थी महिला को मिलेगा। इतना ही नहीं, लाभार्थी की असामयिक मृत्यु पर उसके नॉमिनी को यह राशि तुरंत प्रदान की जाएगी, यह भी प्रावधान किया गया है।