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जो रूट का टेस्ट क्रिकेट में 41वां शतक, सिडनी में किया रिकी पोंटिंग का रिकॉर्ड तोड़ने का दावा

 सिडनी इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज 2025-26 के पांचवें एवं आखिरी मुकाबले में जबरदस्त प्रदर्शन किया है. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे इस टेस्ट मैच दूसरे दिन (5 जनवरी) रूट ने शतकीय पारी खेली. रूट ने इंग्लैंड की पहली पारी में 15 चौकों की मदद से 242 गेंदों पर 160 रन बनाए. रूट ने इस दौरान 146 गेंदों पर शतक पूरा किया. रूट के टेस्ट करियर का ये 41वां शतक रहा. जो रूट अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. रूट ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली. पोंटिंग ने भी टेस्ट क्रिकेट में 41 शतक जड़े थे. जैक्स कैलिस और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ही इन दोनों से ज्यादा टेस्ट लगा पाए थे. इस फॉर्मेट में कैलिस ने 45 और सचिन ने 51 शतक लगाए. रूट ने बता दिया है कि मौजूदा दौर के वो बेस्ट टेस्ट बल्लेबाज हैं. एक्टिव बल्लेबाजों में स्टीव स्मिथ (36) और केन विलियमसन (33) तो रूट से काफी पीछे हैं. पहले दिन का खेल जल्दी समाप्त होने के बाद जो रूट 72 रन बनाकर नाबाद लौटे थे. दूसरे दिन उन्होंने बेहतर गेंदबाजी और असमान उछाल वाली पिच के बावजूद बिना किसी परेशानी के अपनी पारी को आगे बढ़ाया. दूसरे छोर पर हैरी ब्रूक (84), बेन स्टोक्स (0) और जेमी स्मिथ (46) के विकेट गिरे, लेकिन रूट ने संयम बनाए रखा और यादगार पारी खेलने में कामयाब रहे. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक शतक 51- सचिन तेंदुलकर (भारत) 45- जैक्स कैलिस (साउथ अफ्रीका) 41- रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) 41- जो रूट (इंग्लैंड) 38- कुमार संगकारा (श्रीलंका) यह ऑस्ट्रेलियाई धरती पर जो रूट का दूसरा टेस्ट शतक रहा. ये दोनों शतक उन्होंने मौजूदा सीरीज में बनाए हैं. हैरानी की बात यह है कि इससे पहले तक ऑस्ट्रेलिया में खेले गए 14 टेस्ट मैचों में वह एक भी शतक नहीं लगा पाए थे.  2021 से लेकर अब तक रूट टेस्ट क्रिकेट में 24 शतक जड़ चुके हैं. पांच मैचों की एशेज सीरीज में इंग्लैंड फिलहाल 3-1 से पीछे है, लेकिन सिडनी टेस्ट में जीत से टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 में 12 अहम अंक मिल सकते हैं. इंग्लैंड इस समय नौ टीमों की तालिका में सातवें स्थान पर है. 2021 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक शतक 24- जो रूट (इंग्लैंड) 10- स्टीव स्मिथ (ऑस्ट्रेलिया) 10- केन विलियमसन (न्यूजीलैंड) 10- हैरी ब्रूक (इंग्लैंड) 10- शुभमन गिल (भारत) इंग्लैंड के लिए विदेशी एशेज सीरीज में सर्वाधिक शतक (1994-95 से) 3- माइकल वॉन (2002/03) 3- एलिस्टेयर कुक (2010/11) 2- जोनाथन ट्रॉट (2010/11) 2- जो रूट (2025/26)  

चोरी और अपराध पर नियंत्रण की कोशिश, झांसी के सर्राफा व्यापारियों ने लिया फेस-रिवीलिंग नियम लागू करने का निर्णय

 झांसी  झांसी के सीपरी बाजार के सर्राफा व्यापारियों ने सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच बढ़ रही चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए नया नियम लागू किया है. सर्राफा व्यापार मंडल ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि अब किसी भी नकाबपोश ग्राहक को आभूषण नहीं बेचे जाएंगे.  पुलिस की सहमति से दुकानों के अंदर और बाहर पोस्टर लगाकर ग्राहकों से चेहरा खोलकर प्रवेश करने का आग्रह किया गया है. यह फैसला सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है क्योंकि नकाब की आड़ में होने वाली वारदातों में आरोपियों की पहचान करना मुश्किल होता है. अब दुकानदारों ने स्पष्ट कर दिया है कि चेहरा ढका होने पर बिक्री नहीं की जाएगी. चाहे बुर्का हो या घूंघट, चेहरा दिखाना अनिवार्य व्यापार मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी के मुताबिक, सोने-चांदी के भाव बढ़ने के साथ ही आपराधिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं. इसी कारण व्यापारियों ने तय किया है कि कोई भी ग्राहक चाहे वह बुर्के में हो या घूंघट में, उसे चेहरा खोलकर ही खरीदारी करनी होगी. यदि कोई ग्राहक सम्मानपूर्वक आग्रह करने के बाद भी चेहरा नहीं खोलता है, तो उसे जेवर नहीं दिखाए जाएंगे. व्यापारियों का मानना है कि सुरक्षा बिक्री से ज्यादा महत्वपूर्ण है. सुरक्षा के लिए उठाया कड़ा कदम महिला ज्वेलर ममता ने बताया कि दुकानों पर पोस्टर लगाकर ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा है. नकाब की आड़ में होने वाली घटनाओं से बचने के लिए यह कड़ा रुख अपनाना जरूरी हो गया था. व्यापारियों का कहना है कि अक्सर नकाबपोश लोग वारदातों को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं और सीसीटीवी कैमरों में भी उनकी पहचान नहीं हो पाती. अब बिना पहचान सुनिश्चित किए कोई भी लेनदेन नहीं किया जाएगा.  

SDM पर गिरी गाज, सरकारी आदेश में ‘घंटा’ शब्द लिखने पर सस्पेंड किया गया

 देवास  मध्य प्रदेश कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के चर्चित 'घंटा' वाले बयान का उल्लेख सरकारी आदेश में लिखना देवास के एसडीएम आनंद मालवीय को भारी पड़ गया. लेटर वायरल होते ही उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. इस कार्रवाई का आदेश उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने जारी किया वहीं, एसडीएम कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने निलंबित कर दिया है. प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है. दरअसल, इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी और उससे हुई मौतों को लेकर प्रदेश की राजनीति पहले से ही गर्म थी. इसी बीच कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकारों के सवाल पर ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने से विवाद और गहरा गया. कांग्रेस ने इस बयान को असंवेदनशील बताते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए. इसी राजनीतिक माहौल के बीच देवास में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम आनंद मालवीय द्वारा एक सरकारी आदेश जारी किया गया. आदेश का उद्देश्य कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था सुनिश्चित करना था, लेकिन आदेश की भाषा और उसमें शामिल सामग्री ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया. सरकारी आदेश में क्या था आपत्तिजनक वायरल हुए आदेश में प्रशासनिक निर्देशों के साथ-साथ कांग्रेस के ज्ञापन में लगाए गए सरकार विरोधी आरोपों, मृतकों की संख्या और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की घंटा टिप्पणी का सीधा उल्लेख किया गया था. सामान्य तौर पर ऐसे आदेशों में केवल कानून-व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और प्रशासनिक दिशा-निर्देश होते हैं, लेकिन इस आदेश में राजनीतिक भाषा और आरोप शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक, आदेश का एक हिस्सा कांग्रेस के ज्ञापन से लगभग शब्दशः लिया गया था. यही बात शासन स्तर पर सबसे अधिक आपत्तिजनक मानी गई.  जैसे ही यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, विपक्ष ने इसे प्रशासन के राजनीतिकरण का उदाहरण बताया, वहीं सत्तारूढ़ खेमे में भी असहजता साफ नजर आई. कुछ ही देर में यह मामला भोपाल तक पहुंच गया और उच्च स्तर पर रिपोर्ट तलब की गई. प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि एक जिम्मेदार अधिकारी से इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई. देखते ही देखते उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम आनंद मालवीय को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया. सहायक ग्रेड-3 पर भी गिरी गाज मामले की आंतरिक जांच में यह बात भी सामने आई कि आदेश के ड्राफ्ट और टाइपिंग से जुड़े कार्यों में एसडीएम कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान की भूमिका रही. इसके बाद देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी निलंबित कर दिया. प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकारी दस्तावेजों में किसी भी तरह की लापरवाही या राजनीतिक सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नया एसडीएम नियुक्त, स्थिति सामान्य करने की कोशिश निलंबन के तुरंत बाद शासन ने अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त कर दिया. नए एसडीएम ने कार्यभार संभालते ही अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि सभी आदेश और निर्देश पूरी तरह प्रशासनिक भाषा और नियमों के अनुरूप जारी किए जाएंगे. वहीं एसडीएम के सस्पेंड किए जाने के बाद लोगों का कहना है कि घंटा कहने वाले कैलाश विजयवर्गीय पर तो कोई एक्शन नहीं हुआ. लेकिन उनके बयान को सरकारी आदेश में लिखने पर कार्रवाई हो गई. ये कैसा न्याय है?   

Shattila Ekadashi 2026 Date: षटतिला एकादशी 13 या 14 जनवरी को मनेगी?

नई दिल्ली. हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन तिल का दान करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2026) व्रत करने से साधक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। षटतिला एकादशी 2026 डेट और टाइम वैदिक पंचांग के अनुसार, षटतिला एकादशी व्रत 14 जनवरी को किया जाएगा और अगले दिन यानी 15 जनवरी को व्रत का पारण किया जाएगा। माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 13 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट पर माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का समापन – 14 जनवरी को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर षटतिला एकादशी 2026 व्रत पारण का टाइम एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर किया जाता है। 15 जनवरी को व्रत का पारण करने का समय सुबह 07 बजकर 15 मिनट से 09 बजकर 21 मिनट तक है। द्वादशी तिथि पर मंदिर या गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान जरूर करना चाहिए। षटतिला एकादशी पूजा विधि सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़ें धारण करें। मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति को स्थापित करें। श्रीहरि को चंदन, पीले फूल, माला अर्पित करें। दीपक जलाकर आरती करें। मंत्रों का जप करें। पंजीरी और पंचामृत आदि का भोग लगाएं। जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए प्रभु से कामना करें। इन बातों का रखें ध्यान एकादशी के दिन चावल और तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी न करें।  इसके अलावा काले रंग के कपड़े धारण न करें। किसी से वाद-विवाद न करें। तुलसी के पत्ते न तोड़े। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करें। ऐसा माना जाता है कि व्रत कथा का पाठ न करने से साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। 

ठंड में राहत की पहल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क के रैन बसेरे का लिया जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण जरूरतमंदों और महिलाओं को पिलाई गर्मागर्म चाय, ठंड से बचने के लिए दिये कंबल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की रात भोपाल के तलैया स्थित यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क रैन बसेरे का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरे में गरीबों, जरूरतमंद, बेसहारा और यहां रात्रि विश्राम करने आए राहगीरों से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सबके हालचाल और दु:ख-दर्द जाने एवं सभी को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाकर सर्दी से बचाव के लिए गर्म कंबल भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैन बसेरा जाते समय सबसे पहले पुलिस मुख्यालय के सामने लाल परेड ग्राउंड के गेट नम्बर 4 शौर्य द्वार में उपस्थित महिलाओं और बुर्जुगों से बात की, उनकी कुशलक्षेम जानी और सभी को कंबल वितरित किए। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलैया स्थित काली मंदिर पहुंचे और वहां बड़ी संख्या में उपस्थित सभी गरीबों और जरूरतमंदों को भी कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री द्वारा पूछने पर एक जरूरतमंद ने बताया कि वह सब्जी बेचने भोपाल आए थे, सर्दी भी तेज है और रात भी हो गई है, तो अब वे इसी मंदिर परिसर में रात बिताएंगे। कुछ ने बताया कि वे किसी जरूरी काम से आए थे, सिर्फ रात बिताने के लिए उन्होंने काली मंदिर परिसर में शरण ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरा पहुंचे। उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद सभी विश्रामकर्ताओं से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा यहां कोई परेशानी तो नहीं है।विश्रामकर्ताओं ने कहा कि उन्हें यहां कोई भी परेशानी नहीं है। खाने और सोने की पूरी व्यवस्था है, ठंड से बचने के लिए यहां हीटर भी है। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके यहां आकर रूकने की वजह पूछी। बताया गया कि ज्यादातर राहगीर आगे के सफर के लिए यहां रात बिताने रूके हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव रैन बसेरे में विश्राम के लिए आए सुबोध जोसेफ के पास पहुंचे। उससे बात की, तो सुबोध ने बताया कि उसकी कमर में भारी दर्द है। इलाज की जरूरत है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और निगमायुक्त भोपाल को सुबोध का समुचित इलाज कराने और उसकी हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रैन बसेरे में उपस्थित सभी राहगीरों को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाई और सभी को कंबल भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने शहर के सभी रैन बसेरों और आश्रय गृहों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं करने के निर्देश कलेक्टर और निगमायुक्त को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्रामकर्ताओं से कहा कि सरकार गरीबों, जरूरतमंदों और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। तेज सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली। मुख्यमंत्री ने स्वयं राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। सरकार किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देगी। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरुरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना अधिक हो सके, बचने की अपील की। गरीबों, जरूरतमंदों, बेसहारा और राहगीरों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस आत्मीयता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त कर आशीष भी दिया। इस दौरान भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती संस्कृति जैन, क्षेत्रीय पार्षद सहित जनप्रतिनिधि एवं जिलाधिकारी भी उपस्थित थे।  

सत्ता के नशे में ट्रंप? कभी युद्ध की चेतावनी, कभी भारत से ट्रेड डील पर बड़े-बड़े दावे

वाशिंगटन वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को अपनी बड़ी जीत बताने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब और ज्यादा आक्रामक होते दिख रहे हैं. ताजा बयान में उन्होंने दो देशों को धमकी दी है, जिनमें से एक अमेरिका का पुराना दोस्त है. ट्रंप ने खुले तौर पर कहा है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है और यह ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का मामला है. यह बयान इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि ग्रीनलैंड, अमेरिका का नहीं बल्कि डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है और डेनमार्क, अमेरिका का पुराना NATO सहयोगी है. डेनमार्क और ब्रिटेन के बीच में समुद्र है. इस लिहाज से यह ब्रिटेन का पड़ोसी ही हुआ. एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड इस वक्त ‘बेहद रणनीतिक’ है और वहां रूसी व चीनी जहाज मौजूद हैं. ट्रंप के शब्दों में, ‘हमें ग्रीनलैंड चाहिए, डेनमार्क इसे संभाल नहीं सकता.’ उन्होंने यह तक दावा कर दिया कि यूरोपीय संघ भी चाहता है कि अमेरिका ग्रीनलैंड अपने नियंत्रण में ले. क्या ग्रीनलैंड पर हमला करेंगे ट्रंप? ट्रंप की इस टिप्पणी ने यूरोप में खतरे की घंटी बजा दी है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका को अपने ‘ऐतिहासिक सहयोगी’ को धमकाना बंद करना चाहिए. ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने भी इसे अपमानजनक करार देते हुए साफ कहा कि ‘हमारा देश बिक्री के लिए नहीं है.’ एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी बवाल बढ़ाया है. शनिवार देर रात, ट्रंप के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने अपने फेसबुक पेज पर अमेरिकी झंडे के रंगों में रंगे डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र की विवादास्पद तस्वीर पोस्ट की. इसके साथ उन्होंने कैप्शन लिखा, ‘जल्द ही.’ कभी भारत से ट्रेड डील पर बड़ा दावा… कभी टैरिफ बढ़ाने की धमकी बीते पूरे साल 2025 में ट्रंप के टैरिफ से दुनिया के शेयर बाजारों में हलचल जारी रही, तो वहीं तमाम देशों के बीच ट्रेड वॉर के हालात तक बने. US-China Trade Tension ने तो इसे और भी बढ़ाने का काम किया. भारत को लेकर हालांकि ट्रंप बीते कुछ समय से लगातार ये दावा करते नजर आ रहे थे कि India-US Trade Deal को लेकर जल्द ही बहुत सकारात्मक हल निकलने वाला है और दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर जारी है. लेकिन अचानक ही फिर से उन्होंने कुछ वैसा ही कदम उठाने की धमकी दे डाली है, जिसे लेकर भारत-यूएस में डील अटक गई थी.  ट्रंप ने दी Tariff बढ़ाने की वार्निंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद का मुद्दा उठाया और कहा कि अगर नई दिल्ली 'रूसी तेल' पर मदद नहीं करता है, तो फिर अमेरिका भारतीय इंपोर्ट पर मौजूदा टैरिफ बढ़ा सकता है. यानी पहले से ही भारत पर 50% US Tariff और भी बढ़ाया जा सकता है.  गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में जब Donald Trump ने दुनिया के तमाम देशों पर अपना रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) थोपना शुरू किया था, तो भारत पर पहले 25% का टैरिफ लगाया गया था, लेकिन अगस्त 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने Russian Oil की खरीद को लेकर भारत पर तगड़े आरोप लगाए थे और ये कहते हुए टैरिफ दोगुना यानी 50% कर दिया था कि इस खरीद के जरिए भारत यूक्रेन युद्ध में व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की आर्थिक मदद कर रहा है.  PM Modi की तारीफ, लेकिन… ट्रंप ने नए बयान में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है और कहा है कि, 'वे (भारत) असल में मुझे खुश करना चाहते थे. PM Modi बहुत अच्छे इंसान हैं और उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था. मुझे खुश करना जरूरी था. लेकिन अगर वे रूस से व्यापार करते हैं, तो हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं.' बता दें कि अमेरिका की ओर से भारत की रूसी तेल की खरीद का लंबे समय से विरोध किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव डालने के एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है.  न सिर्फ डोनाल्ड ट्रंप, बल्कि उनके प्रशासन के कई अधिकारी और वित्त मंत्री भी रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर निशाना साधते रहे हैं. बता दें कि Russia-Ukraine War के बाद से भारत का रूसी तेल आयात तेजी से बढ़ा था और रूस, भारत को तेल सप्लाई करने वाला बड़ा देश बन गया. यही बात ट्रंप को खटकने लगी.  अब Trade Deal का क्या होगा?  Donald Trump की इन नई टैरिफ धमकी ने एक बार फिर से भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर असमंजस पैदा कर दिया है. क्योंकि इससे पहले भी जब भारत पर टैरिफ दोगुना किया गया था, तो दोनों देशों के बीच बात अटक गई थी. तब तक दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर पांच दौर की बातचीत हो गई थी और छठे दौर की बात अगस्त महीने में प्रस्तावित थी, लेकिन टैरिफ बढ़ाने के बाद ये रुक गई थी.  हालांकि, इसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर 2025 के आखिर में फिर से शुरू हुआ और उम्मीद जताई जा रही थी नवंबर तक इसे लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. India-US Trade Deal को लेकर सिर्फ ट्रंप की ओर से ही इसके जल्द फाइनल होने के दावे किए जा रहे थे, बल्कि भारत के केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने भी इसकी अच्छी प्रगति की बात कही थी. इसके अलावा मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा था कि अगर वित्तीय वर्ष के अंत तक समझौता नहीं हो पाता है, तो मुझे आश्चर्य होगा. हालांकि, अब Trump New Warning से मामला फिर अटकता हुआ नजर आ रहा है.  क्या एक्टिव होगा NATO का आर्टिकल 5? सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर ट्रंप वाकई ग्रीनलैंड पर कब्जे की कोशिश करते हैं, तो क्या नाटो का आर्टिकल 5 लागू होगा? NATO का आर्टिकल 5 कहता है कि किसी एक सदस्य देश पर हमला पूरे गठबंधन पर हमला माना जाएगा. चूंकि डेनमार्क NATO का सदस्य है, इसलिए उस पर किसी भी तरह की सैन्य … Read more

सुबह घना कोहरा, रात में कंपकंपाती ठंड—झारखंड के 15 जिलों के लिए IMD का येलो अलर्ट

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड के 15 जिलों में अगले दो दिनों तक घने कोहरे के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। आईएमडी बुलेटिन के अनुसार, आज गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ के लिए घने कोहरे का 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है। 15 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना बुलेटिन में बताया गया है कि राज्य में सबसे ठंडा स्थान गुमला रहा, जहां तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस था, इसके बाद डाल्टनगंज और पाकुर में 8.3 डिग्री सेल्सियस और खूंटी में 9.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। झारखंड की राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को रांची समेत 15 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता 50 मीटर से 200 मीटर के बीच रहेगी। चार जनवरी से छह जनवरी तक तापमान में गिरावट आने की संभावना रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले तीन दिनों में इसमें तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा, "चार जनवरी से छह जनवरी तक तापमान में गिरावट आने की संभावना है।"  

भारत में T20 विश्व कप खेलने से बांग्लादेश का इनकार, ICC से बदला वेन्यू चाहा

ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने फैसला किया है कि वह टी20 विश्व कप के लिए अपनी टीम भारत नहीं भेजेगा। भारत और बांग्लादेश के बीच विवाद उस वक्त से गरमा गया है जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर करने कहा था। अब बांग्लादेश के एक समाचार वेबसाइट द डेली स्टार के अनुसार, बीसीबी ने टी20 विश्व कप के लिए भारत की यात्रा करने से इनकार कर दिया है। खेल मंत्रालय ने बीसीबी को दिए थे निर्देश इससे पहले, बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के खेल मंत्री ने बीसीबी को निर्देश दिया था कि वह आईसीसी से बांग्लादेश के मुकाबले श्रीलंका में आयोजित करने की मांग उठाने कहा था। बांग्लादेश के खेल मंत्रालय का मानना है कि मुस्तफिजुर को बाहर करने के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बीसीबी के अध्यक्ष और बांग्लादेश के पूर्व कप्तान अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने मुस्तफिजुर को आईपीएल से बाहर करने के बाद बोर्ड की आपातकालीन बैठक बुलाई थी। चार लीग मैच बांग्लादेश को भारत में खेलने हैं बांग्लादेश को अपने चार लीग मैच में से तीन कोलकाता और एक मुंबई में खेलना है। बांग्लादेश के लीग मैच वेस्टइंडीज (सात फरवरी), इटली (नौ फरवरी) और इंग्लैंड (14 फरवरी) के खिलाफ कोलकाता में और नेपाल (17 फरवरी) के खिलाफ मुंबई में है। बांग्लादेश को ग्रुप सी में इटली, नेपाल, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के साथ रखा गया है। आईपीएल का विवाद आईसीसी तक पहुंचा दरअसल, पूरे विवाद की शुरुआत मुस्तफिजुर को आईपीएल से बाहर करने से शुरू हुई।  केकेआर ने पिछले महीने मिनी नीलामी में मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। लेकिन बीसीसीआई के निर्देश पर केकेआर ने इस बांग्लादेशी गेंदबाज को टीम से बाहर कर दिया। मुस्तफिजुर को लेने पर भारत में विरोध हो रहा था और कई राजनेताओं तथा कथावाचक ने इसे लेकर केकेआर के मालिका शाहरुख खान को घेरा था। मुस्तफिजुर को बाहर करने के बाद बीसीबी बौखला गया है और यही कारण है कि उसने भारत में अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया है। हालांकि, इस पर आखिरी फैसला क्रिकेट की वैश्विक संस्था आईसीसी को लेना है जिसके अध्यक्ष जय शाह हैं। बीसीसीआई की भी आई थी प्रतिक्रिया बांग्लादेश के खेल मंत्रालय ने जब बीसीबी को टी20 विश्व कप मैच भारत के बजाए श्रीलंका में कराने की बात कही थी तो इस पर बीसीसीआई की भी प्रतिक्रिया आई थी। बीसीसीआई सूत्र ने कहा था कि सूत्र ने कहा था, आप किसी की मनमर्जी पर खेल का प्रारूप नहीं बदल सकते। यह एक बहुत बड़ी समस्या है। विपक्षी टीमों के बारे में सोचिए। उनके हवाई टिकट, होटल सब बुक होते हैं। साथ ही हर दिन तीन-तीन मैच होने हैं, यानी एक मैच श्रीलंका में होना है। प्रसारण दल भी मौजूद है। इसलिए यह कहना आसान है, करना मुश्किल। कार्यक्रम में अब बदलाव असंभव है क्योंकि टूर्नामेंट शुरू होने में एक महीने का समय बचा है।

OpenAI उतरेगा हार्डवेयर की दुनिया में, ‘Gumdrop’ बन सकता है iPhone का विकल्प

OpenAI अपना पहला हार्डवेयर डिवाइस "Gumdrop" लॉन्च करने की तैयारी में है, जो iPhone का विकल्प बन सकता है। पेन के आकार का यह स्क्रीन-रहित गैजेट Apple के पूर्व डिजाइन चीफ जोनी आइव द्वारा डिजाइन किया जा रहा है। Foxconn द्वारा निर्मित यह डिवाइस 2026-27 में लॉन्च हो सकता है। कैमरा और माइक्रोफोन से लैस Gumdrop हस्तलिखित नोट्स को डिजिटल टेक्स्ट में बदल सकेगा और OpenAI के AI मॉडल्स को चला सकेगा। जेब या गले में पहनने योग्य यह iPod Shuffle साइज का गैजेट AI-आधारित प्रोडक्टिविटी के जरिए स्मार्टफोन्स को रिप्लेस करने का लक्ष्य रखता है। अब वो दिन दूर नहीं जब आपके फोन की जगह कोई दूसरा डिवाइस ले लेगा। दरअसल रिपोर्ट्स के मुताबिक, (REF.) OpenAI अपना पहला डिवाइस लॉन्च कर सकता है। इसे आप अपनी जेब में रख पाएंगे और गले में भी पहन सकेंगे। आकार में यह डिवाइस पेन की तरह का होगा। इस डिवाइस पर Apple के पूर्व चीफ डिजाइन ऑफिसर जोनी आइव काम कर रहे हैं, जिनका मकसद OpenAI को आपके iPhone की जगह लेने के लिए तैयार करना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डिवाइस एक छोटा गैजेट होगा, जो कि शक्तिशाली एआई से लैस होगा। यह डिवाइस बिना किसी स्क्रीन के आएगा और बावजूद इसके हर जरूरत को पूरा कर सकेगा। चलिए OpenAI के इस अपकमिंग डिवाइस के बारे में जानते हैं। कहां तैयार हो रहा और कब आएगा? ताइवान की इकोनॉमिक डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI पहले इस डिवाइस को चीन की Luxshare कंपनी से बनवाने की सोच रही थी लेकिन अमेरिका में चीन की सप्लाई चेन को लेकर चिंताओं के कारण अब OpenAI ने इसके लिए Foxconn को चुना है। यह डिवाइस या तो वियतनाम में बनेगा या अमेरिका में, और 2026-27 के दौरान लॉन्च हो सकता है। गौर करने वाली बात है कि Foxconn पहले से ही OpenAI का मुख्य मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर है और AI डेटा सेंटर्स को डिजाइन करने से लेकर उन्हें तैयार करने तक का काम संभालता है। ऐसे में नए कंज्यूमर डिवाइस के लिए भी Foxconn को चुनना समझदारी भरा फैसला लगता है। Gumdrop नाम का यह पेन क्या-क्या कर सकेगा? इस डिवाइस का इंटरनल कोडनेम "Gumdrop" है और यह एक स्मार्ट पेन की तरह काम करेगा। इसका साइज iPod Shuffle जितना होगा लेकिन इसमें कोई डेडिकेटेड स्क्रीन नहीं होगी। यह डिवाइस कैमरा और माइक्रोफोन जैसे सेंसर्स की मदद से अपने आसपास की चीजों को समझ सकेगा। सबसे खास बात यह है कि यह OpenAI के AI मॉडल्स को खुद अपने अंदर चला सकेगा, और जब ज्यादा पावर चाहिए होगी तो क्लाउड से मदद ले लेगा। यह आपके हाथ से लिखे नोट्स को टेक्स्ट में बदलकर तुरंत ChatGPT में अपलोड कर देगा। यानी आप जो पेन से लिखेंगे, वे डिजिटल हो जाएगा। बिना स्क्रीन लेगा iPhone की जगह? यह डिवाइस दूसरे डिवाइसेस से बात कर सकेगा, बिल्कुल वैसे जैसे आज हम अपने स्मार्टफोन से करते हैं। इसे वियरेबल की तरह नहीं बनाया जाएगा, लेकिन आप इसे जेब में रख या गले में पहन पाएंगे। यह डिवाइस AI-आधारित प्रोडक्टिविटी का इस्तेमाल करके iPhone को रिप्लेस करने की कोशिश करेगा। OpenAI का मानना है कि भविष्य में लोगों को बड़ी स्क्रीन की जरूरत नहीं होगी, बल्कि एक छोटा, स्मार्ट और तेज डिवाइस काफी होगा जो AI की ताकत से सब कुछ कर दे। यह पेन जैसा गैजेट उस सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

लाइफ में कामयाबी का फॉर्मूला: पर्सनैलिटी में शामिल करें ये खास बातें

सक्सेज होना तो सभी चाहते हैं लेकिन इसके लिए जरूरी है सही दिशा में कदम बढ़ाना। लगातार मेहनत और बार-बार प्रयास। लेकिन कड़ी मेहनत और बार-बार प्रयास कहां किए जाएं ये भी पता होना जरूरी है। कुछ लोग इसलिए सफल नहीं हो पाते क्योंकि उनके व्यक्तित्व में कमी होती है। अगर आप के अंदर ये कमियां हैं तो इन्हें दूर कर अपनी पर्सनैलिटी को और भी ज्यादा निखारा जा सकता है। साथ ही लाइफ में सफलता हासिल करने में भी मदद मिलेगी। अच्छा श्रोता बनना है जरूरी हमेशा अपनी बात रखने के साथ दूसरों की बातें सुनना भी जरूरी होता है। कई बार हम लोगों को ध्यान से ना सुनकर लाइफ के जरूरी लेसन मिस कर देते हैं। इसलिए हमेशा धैर्य से सुनने की कोशिश करें। किताबें पढ़ें और इंटरेस्ट बढ़ाएं किताबें पढ़ने से केवल नया ज्ञान ही नही मिलता बल्कि ये आपको नई चीजों को जानने समझने और उसमे इंटरेस्ट बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे आपका नॉलेज बढ़ेगा और आपकी पर्सनैलिटी में चार चांद लगेंगे। नए लोगों से मिलें हमेशा नयी जगह जाने और नये लोगों से मिलने को लेकर खुद को रोकना नहीं चाहिए। जितना नये लोगों से मिलेंगे आपको अपने बारे में और भी ज्यादा समझ आएगी। नये लोगों से मिलते वक्त आपकी बॉडी लैंग्वेज, सुनने की क्षमता, समझने की क्षमता और आपकी नॉलेज का भी टेस्ट होता है। जो कि पर्सनैलिटी को निखारने में मदद करता है। दूसरों की इज्जत है जरूरी आपको भले ही लगे कि आपको बहुत सारी नॉलेज है लेकिन इसका मतलब नहीं कि आप दूसरों का सम्मान ना करें। या उनके ज्ञान को कम समझें। खुद बातों, विचारों पर टिके रहना और दूसरों को सम्मान देना आपकी पर्सनैलिटी को और भी निखारेगा। दूसरों को सपोर्ट करें जब भी आप लो फील करते हैं तो किसी ना किसी की मदद चाहते हैं। उसी तरह से हमेशा दूसरों को सपोर्ट करने और इनकरेज करने का काम करें।