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स्पिन पर भरोसा: भारत-श्रीलंका की परिस्थितियों को देखते हुए न्यूज़ीलैंड का स्क्वाड तय

वेलिंग्टन न्यूज़ीलैंड ने भारत और श्रीलंका में होने वाले आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. लेकिन इस टीम की खास बात ये है कि कीवियों ने परिस्थितियों को प्राथमिकता दी है. स्पिन गेंदबाजों को तरजीह दी गई है. वहीं जैकब डफी को शानदार साल के बाद पहली बार सीनियर वर्ल्ड कप टीम में जगह मिली है. डफी का चयन 2025 के असाधारण प्रदर्शन के बाद हुआ है, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे प्रभावी गेंदबाज़ों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया. 31 वर्षीय डफी ने कैलेंडर ईयर में 36 मैचों में सभी फॉर्मेट मिलाकर 81 विकेट लिए, जिसमें उनका औसत सिर्फ 17 रन प्रति विकेट रहा. इस दौरान उन्होंने सर रिचर्ड हैडली का 40 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड (एक साल में 79 विकेट) भी तोड़ा और आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज़ी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए. अनुभव से भरी टीम का हिस्सा बनने के बावजूद, डफी इस स्क्वाड में इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अब तक कोई टी20 वर्ल्ड कप नहीं खेला है. डफी आरसीबी का भी हिस्सा उनकी शानदार फॉर्म पर फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट की भी नज़र पड़ी और आईपीएल 2026 ऑक्शन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 2 करोड़ रुपये में खरीदा. वर्ल्ड कप में डफी एक मजबूत पेस अटैक का हिस्सा होंगे, जिसमें लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी और एडम मिल्ने शामिल हैं, जबकि जेम्स नीशम सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर संतुलन प्रदान करेंगे. काइल जैमीसन को ट्रैवलिंग पेस रिज़र्व के रूप में चुना गया है. ऑलराउंडर मिचेल सैंटनर टीम की कप्तानी करेंगे और यह उनका नौवां सीनियर आईसीसी टूर्नामेंट होगा. टीम का संयोजन भारतीय और श्रीलंकाई पिचों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें स्पिन विकल्पों की गहराई को खास महत्व दिया गया है. ईश सोढ़ी टीम के मुख्य स्पिनर हैं, जिन्हें माइकल ब्रेसवेल, ग्लेन फिलिप्स और रचिन रवींद्र जैसे बहुआयामी खिलाड़ियों का साथ मिलेगा. सैंटनर और सोढ़ी के लिए भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलना खास होगा, क्योंकि उन्होंने इसी देश में 2016 के टी20 वर्ल्ड कप में अपनी पहचान बनाई थी. बल्लेबाज़ी विभाग काफी हद तक स्थिर है, जिसमें फिन एलन, डेवोन कॉनवे, डेरिल मिचेल, मार्क चैपमैन और विकेटकीपर टिम सीफर्ट टीम को आक्रामकता और लचीलापन देते हैं. सीफर्ट बिग बैश लीग की प्रतिबद्धताओं के बाद टीम से जुड़ेंगे, जहां उन्होंने मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए सीज़न की शुरुआत एक शानदार शतक के साथ की थी. ब्लैककैप्स वर्ल्ड कप से पहले भारत में एक व्हाइट-बॉल सीरीज़ के ज़रिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देंगे. वर्ल्ड कप में उन्हें ग्रुप डी में अफगानिस्तान, साउथ अफ्रीका, यूएई और कनाडा के साथ रखा गया है, जहां टीम एक बार फिर अनुभव, अनुकूलन क्षमता और गहराई के दम पर मजबूत अभियान चलाने की कोशिश करेगी. न्यूज़ीलैंड की टी20 वर्ल्ड कप टीम न्यूज़ीलैंड स्क्वाड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, डेरिल मिचेल, एडम मिल्ने, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम सीफर्ट, ईश सोढ़ी    

आज फिलीपींस में आया 6.7 मैग्नीट्यूड का भूकंप, समुद्र के भीतर था केंद्र

मनीला फिलीपींस के पूर्वी हिस्से में बुधवार को 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र बकुलिन शहर से 68 किलोमीटर पूर्व में था. इसकी गहराई सिर्फ 10 किलोमीटर थी. यह भूकंप समुद्र में हुआ था, जिसे ऑफशोर टेम्बलर कहा जा रहा है. फिलीपींस की भूकंप निगरानी एजेंसी फिवॉल्क्स (Phivolcs) ने चेतावनी दी है कि इस भूकंप से नुकसान हो सकता है. आफ्टरशॉक्स (झटके) आने की संभावना है. अभी तक किसी बड़े नुकसान या घायलों की कोई खबर नहीं आई है. लोगों में दहशत, लेकिन बड़ा नुकसान नहीं सुरिगाओ डेल सुर प्रांत के हिनातुआन शहर के स्थानीय पुलिस प्रमुख जोई मोनाटो ने बताया कि भूकंप इतना तेज नहीं था, लेकिन लोग डरकर बाहर भाग आए. उन्होंने कहा कि इलाके में लोग सुरक्षित हैं और अभी कोई गंभीर क्षति की सूचना नहीं है. भूकंप का केंद्र मिंदानाओ द्वीप के दावाओ ओरिएंटल क्षेत्र के पास था. यह इलाका रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं. उथली गहराई की वजह से झटके ज्यादा महसूस होते हैं. क्या है आगे की स्थिति? अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. आफ्टरशॉक्स आने पर सुरक्षित जगह पर रहें. अभी तक सुनामी की कोई चेतावनी नहीं जारी की गई है. स्थानीय सरकार और राहत टीमें अलर्ट पर हैं. अगर कोई नुकसान होता है, तो उसकी जांच की जा रही है. फिलीपींस में हर साल हजारों भूकंप आते हैं, लेकिन ज्यादातर छोटे होते हैं. यह भूकंप हाल के दिनों में आए मध्यम स्तर के झटकों में से एक है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे भूकंप प्राकृतिक हैं. 

अमेरिकी कब्जे की आशंका के बीच रूस ने वेनेजुएला भेजी सबमरीन, रिश्तों में खटास

 नई दिल्ली रूस ने वेनेजुएला के तट से दूर एक तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए एक 'पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक संपत्ति' भेजी हैं, जो 'अमेरिका-रूस संबंधों में एक नया फ्लैशपॉइंट बन गया है.' वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. रूस ने वेनेजुएला के पास फंसे अपने एक पुराने तेल टैंकर को सुरक्षा देने के लिए सबमरीन और नौसैनिक संपत्तियां भेजी हैं. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह टैंकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव का नया केंद्र बन गया है. अमेरिकी कोस्ट गार्ड पिछले दो हफ्तों से अटलांटिक महासागर में इस जहाज का पीछा कर रही है.  रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, रूस ने एक खाली, जंग लगे तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए एक पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक संपत्ति भेजी है, जो अमेरिका-रूस संबंधों में एक नया फ्लैशपॉइंट बन गया है. बेला 1 (Bella 1) नाम का यह टैंकर वेनेजुएला में तेल लोड करने में विफल रहा और अब रूस की ओर बढ़ रहा है. अमेरिका इस 'डार्क फ्लीट' के जरिए होने वाले अवैध तेल व्यापार को रोकना चाहता है. टैंकर का बदला नाम और रूसी झंडा दिसंबर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इस जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन चालक दल ने इसे नाकाम कर दिया. पीछा किए जाने के दौरान चालक दल ने जहाज पर रूसी झंडा बना दिया और इसका नाम बदलकर 'मैरिनेरा' कर दिया. एक्सपर्ट्स का कहना है कि रूस ने बिना किसी जांच के इस जहाज को अपना रजिस्ट्रेशन दे दिया है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सुरक्षा मिल सके. रूस ने अमेरिका से इस टैंकर का पीछा तुरंत बंद करने की मांग की है. व्हाइट हाउस और रूस की चेतावनी रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह टैंकर की स्थिति पर नजर रख रहा है. वहीं, अमेरिकी सेना के साउदर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे इस इलाके से गुजरने वाले प्रतिबंधित जहाजों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार हैं.  मौजूदा वक्त में यह टैंकर आइसलैंड से 300 मील दक्षिण में उत्तर सागर की ओर बढ़ रहा है.  रूस के सरकारी मीडिया आरटी ने वीडियो साझा कर दावा किया है कि अमेरिका एक नागरिक जहाज को रोकने की कोशिश कर रहा है. यूक्रेन युद्ध और तेल प्रतिबंधों का साया यह विवाद ऐसे वक्त में बढ़ा है, जब यूक्रेन मुद्दे पर वॉशिंगटन और मॉस्को के बीच कूटनीतिक बातचीत चल रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूसी राष्ट्रपति पुतिन की आलोचना करते हुए कहा कि वह बहुत से लोगों की जान ले रहे हैं. रूस पर लगे प्रतिबंधों के बाद 1,000 से ज्यादा पुराने टैंकरों का एक 'डार्क फ्लीट' तैयार हो गया है, जो बिना बीमा के अवैध तेल की सप्लाई करता है. अमेरिका पहले ही इस बेड़े के दो बड़े जहाजों, स्किपर और सेंचुरीज को जब्त कर चुका है.

बांग्लादेश की मांग खारिज, ICC ने कहा– भारत की गैरमौजूदगी पर होगी अंक कटौती

 नई दिल्ली      टी20 वर्ल्ड कप में वेन्यू बदलने की बांग्लादेश की मांग को आईसीसी ने ठुकरा दिया है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने साफतौर पर कहा कि बांग्लादेश को वर्ल्ड कप खेलने के लिए भारत आना ही होगा. अगर उसने ऐसा नहीं किया तो फिर उसके अंक कटेंगे. सूत्रों के अनुसार, आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को एक वर्चुअल बैठक के दौरान बताया कि सुरक्षा कारणों से भारत से बाहर मैच खेलने का अनुरोध अस्वीकार किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि आईसीसी ने बीसीबी को कहा है कि बांग्लादेश को टी20 विश्व कप खेलने के लिए भारत आना होगा, अन्यथा उसे अंक गंवाने पड़ सकते हैं. दूसरी ओर, बीसीबी के सूत्रों का कहना है कि आईसीसी द्वारा अनुरोध अस्वीकार किए जाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है. 8 अंक का झटका और वर्ल्ड कप का खेल खत्म अगर बांग्लादेश ने भारत का दौरा नहीं किया तो बांग्लादेश को अंक गंवाने पड़ सकते हैं और भारत में होने वाले अपने सभी मैचों में उन्हें वॉकओवर देना पड़ सकता है, जिसके चलते बाकी टीमों को पूरे दो अंक मिल जाएंगे. ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश के 4 मैच निर्धारित हैं. हालांकि श्रीलंका टूर्नामेंट का सह-मेज़बान है, लेकिन बांग्लादेश को अपने सभी ग्रुप स्टेज मुकाबले भारत में खेलने हैं. उनके चार में से तीन मैच कोलकाता में खेले जाएंगे, जबकि एक मुकाबला मुंबई में निर्धारित है. यानी उसे 8 अंक का नुकसान झेलना पड़ेगा. पहले भी हो चुका है ऐसा ऐसा पहले भी हो चुका है, जब 1996 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज़ ने मेज़बान श्रीलंका के खिलाफ खेलने के लिए वहां यात्रा नहीं की थी. इसी तरह 2003 वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड ने क्रमशः केन्या और ज़िम्बाब्वे का दौरा नहीं किया था, जिसके चलते दोनों टीमों को वॉकओवर देना पड़ा था. अब ऐसी ही संभावना टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भी बनती दिख रही है. वहीं, अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार करती है तो उसकी जगह किसी अन्य टीम को शामिल किया जा सकता है. ऐसा पहले भी हो चुका है, जब 2016 अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश जाने से इनकार कर दिया था और उनकी जगह आयरलैंड को शामिल किया गया था. हालांकि, अगर इस तरह की स्थिति बनती है तो बांग्लादेश की जगह कौन सी टीम खेलेगी, इस पर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है. बांग्लादेश के ग्रुप स्टेज मुकाबले (ग्रुप C) 7 फरवरी 2026: वेस्टइंडीज़ के खिलाफ, ईडन गार्डन्स, कोलकाता (3:00 बजे IST) 9 फरवरी 2026: इटली के खिलाफ, ईडन गार्डन्स, कोलकाता (11:00 बजे IST) 14 फरवरी 2026: इंग्लैंड के खिलाफ, ईडन गार्डन्स, कोलकाता (3:00 बजे IST) 17 फरवरी 2026: नेपाल के खिलाफ, वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई (7:00 बजे IST) अब जानिए विवाद की पूरी कहानी दरअसल, आईपीएल की टीम केकेआर ने हाल ही में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बीसीसीआई के कहने पर रिलीज कर दिया था. जब बीसीसीआई ने रहमान को रिलीज किया तो इस विवाद में बांग्लादेशी सरकार भी कूद पड़ी. उसने भारत में 7 फरवरी से शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार की ही धमकी दे डाली. आईसीसी को लिखे अपने पत्र में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि वह भारत में अपने मैच नहीं खेलेगा और उन मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट कराने की मांग की. बांग्लादेश की ओर से तर्क दिया गया कि उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है. वहीं, बांग्लादेश ने खुन्नस में आकर आईपीएल के बांग्लादेश में प्रसारण पर भी रोक लगा दी थी. लेकिन अब आईसीसी ने साफ कह दिया है कि बांग्लादेश को वर्ल्ड कप मैच खेलने के लिए भारत आना ही होगा. जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, आईपीएल की टीम केकेआर ने हाल ही में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बीसीसीआई के कहने पर रिलीज कर दिया था. बीसीसीआई ने ये फैसला घरेलू विरोध के चलते लिया. क्योंकि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर भारत के लोगों में गुस्सा है. ऐसे में कई लोगों ने रहमान को आईपीएल में 9 करोड़ से ज्यादा की रकम में खरीदने का विरोध किया था.  जब बीसीसीआई ने रहमान को रिलीज किया तो इस विवाद में बांग्लादेशी सरकार भी कूद पड़ी. उसने भारत में 7 फरवरी से शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार की ही धमकी दे डाली. आईसीसी को लिखे अपने पत्र में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि वह भारत में अपने मैच नहीं खेलेगा और उन मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट कराने की मांग की. बांग्लादेश की ओर से तर्क दिया गया कि उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है. वहीं, बांग्लादेश ने खुन्नस में आकर आईपीएल के बांग्लादेश में प्रसारण पर भी रोक लगा दी थी. लेकिन अब आईसीसी ने साफ कह दिया है कि बांग्लादेश को वर्ल्ड कप मैच खेलने के लिए भारत आना ही होगा.  

फतेहाबाद में अनोखी खुशी: 19 साल में 11 बच्चों की मां बनी सुनीता, अब हुआ बेटा

 फतेहाबाद  हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना ब्लॉक स्थित ढाणी भोजराज गांव में इन दिनों एक अनोखी खुशी की कहानी हर जुबान पर है. गांव के एक साधारण से परिवार में 19 साल के लंबे इंतजार के बाद बेटे का जन्म हुआ है. इस दंपती की इससे पहले 10 बेटियां हैं और 11वीं संतान के रूप में बेटे ने जन्म लिया है.  ढाणी भोजराज के रहने वाले संजय और उनकी पत्नी सुनीता की शादी को पूरे 19 साल हो चुके हैं.शादी के शुरुआती सालों से ही उन्हें बेटे की चाह थी, लेकिन समय के साथ उनके घर एक-एक कर 10 बेटियों ने जन्म लिया. संजय का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटियों को बेटे के समान ही माना. लोग ताने देते थे, तरह-तरह की बातें कहते थे, लेकिन हमने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा. संजय बताते हैं. उनकी सबसे बड़ी बेटी 18 साल की है और 12वीं कक्षा में पढ़ रही है. बाकी बेटियां भी पढ़ाई कर रही हैं. संजय और सुनीता की कोशिश रही कि आर्थिक तंगी के बावजूद बेटियों की शिक्षा और परवरिश में कोई कमी न रहे. गांव के लोग बताते हैं कि संजय का परिवार हमेशा सादगी से रहा है. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटियों को संस्कार, शिक्षा और आत्मसम्मान दिया. यही वजह है कि आज यह परिवार इलाके में एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है. 11वीं संतान, और इस बार बेटे की सौगात हाल ही में सुनीता ने 11वीं संतान को जन्म दिया. इस बार परिवार को बेटे की सौगात मिली. खास बात यह रही कि सुनीता की यह 11वीं डिलीवरी भी पूरी तरह नॉर्मल हुई. संजय ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी की डिलीवरी घर से करीब 50 किलोमीटर दूर एक प्राइवेट अस्पताल में करवाई, ताकि बेहतर इलाज मिल सके. जन्म के समय नवजात में खून की कमी पाई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत खून चढ़ाया. समय पर इलाज मिलने से बच्चे की हालत में सुधार हुआ. फिलहाल मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं. डॉक्टरों की देखरेख में कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद परिवार अब राहत की सांस ले रहा है. दादी की मन्नत हुई पूरी बेटे के जन्म से परिवार में उत्सव जैसा माहौल है. घर में मिठाइयां बांटी जा रही हैं और दूर-दराज के रिश्तेदार भी बधाई देने पहुंच रहे हैं. संजय की मां माया देवी पोते के जन्म से बेहद खुश हैं. उनकी आंखों में खुशी के आंसू हैं. वह कहती हैं, भगवान ने मेरी वर्षों की मन्नत पूरी कर दी. इतने सालों से मन में एक ही इच्छा थी कि घर में एक पोता हो. संजय के पिता कपूर सिंह का पहले ही निधन हो चुका है. वह लोक निर्माण विभाग (PWD) में बेलदार के पद पर कार्यरत थे. पिता के जाने के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारियां संजय के कंधों पर आ गईं. इसके बावजूद उन्होंने कभी हालात से समझौता नहीं किया. आर्थिक तंगी, लेकिन हौसले बुलंद संजय की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है. उन्होंने बताया कि वह भी कभी लोक निर्माण विभाग में डेली वेज पर काम करते थे, लेकिन वर्ष 2018 में उन्हें काम से हटा दिया गया. इसके बाद उन्होंने मनरेगा के तहत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण किया. पिछले एक साल से काम भी बंद है, जिससे वह फिलहाल बेरोजगार हैं. इसके बावजूद संजय के चेहरे पर शिकन कम ही दिखाई देती है. वह कहते हैं मेहनत से कभी भागा नहीं. बच्चों की खातिर जो भी काम मिला, किया. हालात जैसे भी हों, बच्चों की पढ़ाई और जरूरतें पूरी करने की कोशिश करता रहा. एक बेटी गोद दी, बाकी नौ की जिम्मेदारी खुद संजय बताते हैं कि उनकी एक बेटी रिश्तेदारी में गोद दी गई है, जबकि बाकी 9 बेटियों की पूरी जिम्मेदारी वह और उनकी पत्नी खुद निभा रहे हैं. उनका साफ कहना है कि बेटियां किसी से कम नहीं होतीं. अगर बेटियां आगे बढ़ेंगी, पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ी होंगी, तो वही हमारी सबसे बड़ी पूंजी होंगी.  गांव में चर्चा, सम्मान की तैयारी 19 साल बाद बेटे के जन्म की यह कहानी अब ढाणी भोजराज और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बनी हुई है. गांव की सरपंच ज्योति देवी ने इस परिवार को सम्मानित करने का निर्णय लिया है. 19 साल के लंबे इंतजार के बाद बेटे का जन्म इस परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आया है. हालांकि संजय और सुनीता यह भी कहते हैं कि उनकी खुशियां सिर्फ बेटे तक सीमित नहीं हैं. उनके लिए बेटियां भी उतनी ही अहम हैं.

अब मुंदड़ा कुंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक सड़क के दोनों तरफ़ 7 मीटर की सर्विस लेन से मेडिकल कॉलेज, पेंड्री जाना होगा सुरक्षित

राजनांदगांव को एक्सीडेंट मुक्त करने डॉ रमन की पहल से जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य अब मुंदड़ा कुंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक सड़क के दोनों तरफ़ 7 मीटर की सर्विस लेन से मेडिकल कॉलेज, पेंड्री जाना होगा सुरक्षित सोमनी से इरा मोड़ और सोमनी से खुटेरी मोड़ तक भी सर्विस लेन का निर्माण होगा प्रारंभ   सुंदरा से पार्रीनाला तक सर्विस लेन का निर्माण भी शीघ्र होगा शुरू पेंड्री में जल्द बनेगा सड़क अंडरपास – 5.5 मीटर ऊँचा और 12 मीटर चौड़ा महाराजपुर के लिए अंडरपास एवं मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ सर्विस रोड का जल्द शुरू होगा निर्माण   चिचोला, LB नगर, डोंगरगढ़ रोड चौराहे पर वाहन अंडरपास एवं मुख्य सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड का होगा निर्माण  राम दरबार चौराहे को भी एक्सीडेंट मुक्त करने एनएच के अधिकारियों को सर्वे कर, समाधान निकालने डॉ रमन ने दिए निर्देश राजनांदगांव  डॉ रमन सिंह के प्रयास से NH 53 पर सोमनी से चिचोला तक सुरक्षित यातायात हेतु दुर्घटना जनित क्षेत्र पर सर्विस रोड व वाहन अंडर पास का निर्माण कार्य प्रारंभ हो रहा है। राजनांदगांव में यातायात व्यस्वथा को ध्यान में रखकर परिवहन की सुविधाओं के विस्तारीकरण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 पर सोमनी से लेकर चिचोला तक वाहन सुरक्षा के लिए सड़क सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।  जिसमें कुल 3 वाहन अंडरपास और सर्विस मार्ग निर्माण  की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सोमनी से चिचोला तक हादसा मुक्त आवागमन की दिशा में जल्द कार्य प्रारंभ होगा।  108 करोड़ की लागत से सोमनी से लेकर चिचोला तक सड़क पर विकास कार्यों होंगे पूरे इस दिशा में मूंदड़ा कुंज से ट्रांसपोर्ट नगर बाईपास तक दोनों तरफ सर्विस रोड और पेंड्री में वाहन अंडरपास के लिए कुल 47 करोड़ लागत , सुंदरा डेंटल कॉलेज से पार्री नाला तक एक तरफ के सर्विस रोड निर्माण के लिए 7.8 करोड़ लागत , सोमनी गांव के दोनों छोर ईरा मोड तथा खुटेरी मोड तक सर्विस रोड के निर्माण के लिए लगभग 4.78 करोड़ की लागत, महाराजपुर के लिए वाहन अंडरपास एवं मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ सर्विस रोड के लिए कुल  22 करोड़ की लागत  और चिचोला, LB नगर, डोंगरगढ़ रोड के पास वाहन अंडरपास एवं मुख्य सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड के लिए कुल 27 करोड़ की लागत  की टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह और राजनांदगाँव सांसद श्री संतोष पांडेय जी के प्रयास से इन विकास कार्यों को स्वीकृति मिली है, जिसके पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को इस सर्विस लेन से लाभ होगा और यह मार्ग हादसों से मुक्त होगा और ग्रामवासियों एवं हाईवे पर आवागमन करने वाले वाहनों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सड़क एवं परिवहन मंत्रालय नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह ने कहा कि "माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और श्री गडकरी जी के नेतृत्व में केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में सड़कों का जाल बिछाने का काम हुआ है और राजनांदगांव भी इस कड़ी में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है।"

रातभर चली बुलडोजर कार्रवाई के बाद दिल्ली की मस्जिद के आसपास क्या बदला? देखें तस्वीरें

 नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बीती रात बुलडोजर एक्शन किया गया. पुलिस प्रशासन का दावा है कि मस्जिद के आस-पास मौजूद अवैध निर्माण को ढहाने के लिए यह कार्रवाई की गई, जिसके लिए मौके पर 30 से ज्यादा बुलडोजर पहुंचे.  पुलिस ने बताया कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पत्थरबाजी और पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोले दागे जाने की जानकारी भी सामने आई है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों ने बताया कि बुलडोजर कार्रवाई रात 1 बजे शुरू हुई. पुलिस ने बताया कि चार से पांच पुलिस अधिकारियों को मामूली चोटें आई हैं. अभी मौके पर क्या हालात? तुर्कमान गेट के पास फैज़-ए-इलाही मस्जिद के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है. कोर्ट के नोटिस के बावजूद चले बुलडोजर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद सैयद इलाही की मैनेजिंग कमेटी की तरफ से दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें दिल्ली नगर निगम (MCD) के रामलीला मैदान में मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी ज़मीन से कथित अतिक्रमण हटाने के फैसले को चुनौती दी गई थी. नोटिस जारी किए जाने के बावजूद तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही है. अतिक्रमण में सड़क का कुछ हिस्सा, एक फुटपाथ, एक कम्युनिटी हॉल, एक पार्किंग एरिया और एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल थे. सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि कुछ लोगों ने पत्थर फेंककर ड्राइव को रोकने की कोशिश की. उन्होंने कहा, "हालात को तुरंत काबू में कर लिया गया और सही मात्रा में बल का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह तय हुआ कि बिना किसी तनाव के हालात सामान्य हो जाएं." पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि ऑपरेशन से पहले शांति बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ कई कोऑर्डिनेशन मीटिंग की गईं. उन्होंने कहा कि पहले से ही बचाव और भरोसा दिलाने वाले कदम उठाए गए थे. मामला कोर्ट में जाने के बाद क्या हुआ? MCD का फैसला हाई कोर्ट की एक डिवीज़न बेंच के 12 नवंबर, 2025 के आदेश के तहत लिया गया था, जिसने सिविक बॉडी और PWD को तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान में 38,940 वर्ग फुट के अतिक्रमण को हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया था. हाई कोर्ट ने यह आदेश सेव इंडिया फाउंडेशन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया था, जिसका प्रतिनिधित्व कोर्ट में वकील उमेश चंद्र शर्मा ने किया था. अक्टूबर 2025 में, अधिकारियों द्वारा एक संयुक्त सर्वे किया गया था, जिसमें यह दर्ज किया गया था कि ज़मीन पर अतिक्रमण था, जिसका कुछ हिस्सा MCD, PWD और L&DO सहित अधिकारियों का था. नोटिस के बाद, MCD के अधिकारी 4 जनवरी को अतिक्रमण वाले इलाके को चिह्नित करने के लिए साइट पर गए, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके कारण पुलिस की तैनाती बढ़ानी पड़ी. MCD के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए, मस्जिद सैयद इलाही मैनेजमेंट कमेटी ने कहा कि संबंधित संपत्ति का उपयोग उसके द्वारा किया जा रहा है और वह वक्फ बोर्ड को लीज का किराया दे रही है. याचिका में कहा गया है कि यह ज़मीन वक्फ अधिनियम द्वारा शासित एक अधिसूचित वक्फ संपत्ति है और इसलिए, इससे संबंधित सभी विवादों पर वक्फ ट्रिब्यूनल का विशेष अधिकार क्षेत्र है.

Simple One Gen 2 लॉन्च, 400KM रेंज और लाइफटाइम वारंटी के साथ मिले एडवांस फीचर्स

 नई दिल्ली Simple One Gen 2 Electric Scooter: देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी सिंपल एनर्जी ने आज अपने व्हीकल पोर्टफोलियो को बड़ा अपडेट दिया है. नए साल के शुरुआत के साथ कंपनी ने अपने पॉपुलर इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple One का Gen 2 वर्जन लॉन्च किया है. यह नया मॉडल Gen 1.5 पर बेस्ड एक ज्यादा बेहतर और परफॉर्मेंस फोकस्ड स्कूटर है. इसके अलावा कंपनी ने नया फ्लैगशिप मॉडल सिंपल अल्ट्रा को भी पेश किया है.  कंपनी ने Simple One Gen 2 के डिजाइन, राइड क्वालिटी, बैटरी, परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर में कई जरूरी सुधार किए हैं, ताकि यूजर्स को ज्यादा भरोसेमंद और एडवांस अनुभव मिल सके. इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती कीमत 1.40 लाख रुपये में पेश किया है. जो इंट्रोडक्ट्री प्राइस है, ऑफर खत्म होने के बाद इसकी कीमत 1.50 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो जाएगी. डिजाइन और हार्डवेयर में सुधार सिंपल एनर्जी का कहना है कि, Simple One Gen 2 का डिजाइन पहले से ज्यादा स्लीक और स्ट्रीमलाइन किया गया है. स्ट्रक्चरल जॉइंट्स को मजबूत बनाया गया है, जिससे स्कूटर की राइड ज्यादा शार्प और कंट्रोल्ड हो जाती है. बैटरी के चारों तरफ क्रैश जोन को मजबूत किया गया है, जिससे सेफ्टी बढ़ती है. नए टायर कंपाउंड से हाई स्पीड पर स्टेबिलिटी बेहतर होती है. सस्पेंशन को दोबारा ट्यून किया गया है और सीट की ऊंचाई 16 मिमी तक कम की गई है. सीट फोम अब ज्यादा स्पोर्टी और सख्त है, जिससे लंबी राइड में बेहतर सपोर्ट मिलता है. नई बैटरी और दमदार परफॉर्मेंस Simple One Gen 2 का टॉप वेरिएंट नई 5kWh बैटरी के साथ आता है, जो पहले से हल्की, ज्यादा एनर्जी डेंस और ज्यादा एफिशिएंट है. बैटरी का वजन 34 किग्रा से घटकर 30 किग्रा हो गया है. इसमें लगा इलेक्ट्रिक मोटर 8.8kW की पीक पावर और 72Nm का पीक टॉर्क देता है. कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर सिंगल चार्ज में 265 किमी की IDC रेंज देता है.  इसके अलावा 4.5kWh बैटरी वाला वर्जन भी मिलेगा, जो सिंगल चार्ज में 236 किमी की रेंज देगा. दोनों वेरिएंट 0 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार सिर्फ 2.55 सेकंड में पकड़ लेते हैं और इस स्कूटर की टॉप स्पीड अब 115 किमी प्रतिघंटा हो गई है. Simple OneS का बेस वर्जन Simple OneS वेरिएंट में 3.7kWh की छोटी बैटरी दी गई है, जो 190 किमी की IDC रेंज देती है. इसमें कम पावरफुल मोटर है, जो 6.4kW की पावर और 52Nm का टॉर्क जनरेट करता है. यह वर्जन उन ग्राहकों के लिए है, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं.  स्कूटर के वेरिएंट और कीमत वेरिएंट     कीमत (एक्स-शोरूम) Simple OneS     1.40 लाख रुपये Simple One 4.5kWh     1.70 लाख रुपये Simple One 5kWh     1.78 लाख रुपये   Simple One Ultra में क्या है ख़ास कंपनी ने Simple One Ultra वेरिएंट भी शोकेस किया है. इसमें 6.5kWh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो सिंगल चार्ज में 400 किमी की IDC रेंज देने का दावा करती है. यह वेरिएंट महज 2.77 सेकंड में 0 से 40 किमी प्रतिघंटा की स्पीड पकड़ता है. फिलहाल इसकी कीमत का ऐलान नहीं किया गया है. आने वाले समय में इसकी कीमत से पर्दा उठेगा. SimpleOS और नए स्मार्ट फीचर्स Gen 2 के साथ SimpleOS में कई नए सॉफ्टवेयर अपडेट दिए गए हैं. इसमें दो नए राइडिंग मोड जोड़े गए हैं, EcoX और SonicX. ये दोनों राइडिंग मोड्स स्कूटर की राइड को और भी बेहतर बनाने में मदद करेंगे. EcoX राइडर के थ्रॉटल इनपुट, स्पीड पैटर्न और आसपास के माहौल को समझकर रेंज बढ़ाने पर फोकस करता है. वहीं SonicX मोड स्कूटर की पूरी 115 किमी प्रतिघंटा के टॉप स्पीड को अनलॉक करता है.  स्कूटर में चार ट्रैक्शन मोड और 4 लेवल की रीजनरेटिव ब्रेकिंग दी गई है. इसके अलावा 2 लेवल का क्रूज कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, व्हीकल फॉल कटऑफ और हार्ड ब्रेकिंग पर एक्टिव होने वाली इमरजेंसी ब्रेक लाइट्स भी मिलती हैं. 5kWh बैटरी वाले वेरिएंट में 7 इंच की टचस्क्रीन TFT डिस्प्ले दी गई है. वहीं Simple OneS में 7 इंच की नॉन टच TFT स्क्रीन मिलती है. डिस्प्ले में डार्क मोड और लाइट मोड दोनों ऑप्शन दिए गए हैं. सभी वेरिएंट में 35 लीटर का बूट स्पेस, फ्रंट ग्लव बॉक्स और USB चार्जिंग पोर्ट मौजूद है. लाइफटाइम वारंटी यह स्कूटर सोनिक रेड, एरो एक्स और एस्फाल्ट एक्स सहित कुल 3 रंगों में बिक्री के लिए उपलब्ध होगी. खास बात यह है कि कंपनी सभी Gen 2 स्कूटर के साथ लाइफटाइम वारंटी भी दे रही है, जिससे इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी लाइफ को लेकर ग्राहकों की एक बड़ी चिंता दूर होगी.

आल्हामाड़ा केवल तीर्थ नहीं, आदिवासी अस्मिता का केंद्र हैः रामविचार नेताम

एमसीबी : जनजातीय आस्था का तीर्थ आल्हामाड़ा: सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक बना छेरता तिहार आल्हामाड़ा केवल तीर्थ नहीं, आदिवासी अस्मिता का केंद्र हैः रामविचार नेताम आल्हामाड़ा तीर्थ स्थल को मिलेगी नई पहचानः प्रभारी मंत्री ने किया मंच व सामुदायिक भवन के लिए 40 लाख की घोषणा छेरता पर्व केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है – श्याम बिहारी जायसवाल एमसीबी  छत्तीसगढ़ की महान, गौरवशाली एवं प्राचीन लोकसंस्कृति को संजोए रखने वाला लोकपर्व छेरता तिहार इस वर्ष आल्हामाड़ा धाम, ग्राम पंचायत बंजी में अपार श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के साथ ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। यह भव्य आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ी लोकपरंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत करता रहा, बल्कि सामाजिक एकता, जनविश्वास, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक सहभागिता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। तीन दिवसीय इस महापर्व का आयोजन 03 जनवरी 2026 से 05 जनवरी 2026 तक बंजी ग्राम पंचायत स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के केंद्र आल्हामाड़ा धाम में किया गया। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु, जनजातीय समाज के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी वर्ग, जनप्रतिनिधि और सांस्कृतिक प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर छेरता पर्व की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते नजर आए। छेरता तिहार के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति से ओत-प्रोत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां हुईं। सुवा नृत्य, सैला, कर्मा, लोकड़ी जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया, वहीं कबड्डी प्रतियोगिता जैसे खेल आयोजनों ने युवाओं में विशेष उत्साह भर दिया। पूरे परिसर में पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों और ढोल-मांदर की गूंज ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला अध्यक्ष चंपादेवी पावले, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा, श्रीमती अनीता सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और समाजसेवी मंचासीन रहे। सभी ने लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संदेश दिया। इस अवसर पर डीएम ने हसदेव क्षेत्र की ओर से समस्त क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आल्हामाड़ा की पावन धरती पर छेरछेरा पर्व का यह भव्य आयोजन अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि छेरछेरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गांवों की मूल और जीवंत संस्कृति की पहचान है, जिसे हम पीढ़ी दर पीढ़ी सहेजते आ रहे हैं। उन्होंने बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर दिए गए संदेश की सराहना करते हुए कहा कि यह हमारी आने वाली पीढ़ी की जागरूकता का प्रतीक है। उन्होंने संस्कृति और प्रकृति को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए आयोजन समिति की सराहना की और 11 हजार रुपये के सहयोग की घोषणा की। वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आल्हामाड़ा और जोगी डोंगरी की जयघोष के साथ अपने संबोधन में कहा कि छेरता पर्व और इससे जुड़ा मेला इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह स्थान न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण ऐसा स्थल है, जहां दूर-दूर से लोग आते हैं। उन्होंने जिले में स्वीकृत और निर्माणाधीन सड़कों, किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना और श्रमिक परिवारों के कल्याणकारी कार्यों की जानकारी देते हुए सरकार की जनकल्याणकारी सोच को रेखांकित किया। भारी मंत्री रामविचार नेताम ने धरती माता, गहिवार बाबा, जोगी डोंगरी और बूढ़ादेव की जयकारा के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि छेरछेरा पूरे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने आल्हामाड़ा को आदिवासी समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से आल्हामाड़ा की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित की जानी चाहिए। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं, प्रयास आवासीय विद्यालयों, पीएम जनमन और पीवीजीटी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए राजधानी में निर्मित ट्राइबल म्यूजियम की जानकारी दी। अंत में उन्होंने आल्हामाड़ा में मंच एवं सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 40 लाख रुपये की घोषणा की, जिस पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ स्वागत किया। बड़ादेव धाम समिति आल्हामाड़ा बंजी एवं ग्राम पंचायत बंजी की सक्रिय भूमिका से यह आयोजन सुव्यवस्थित, सफल और स्मरणीय बन सका। श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की चारों ओर सराहना हुई। लोकपर्व छेरता ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि यह केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने वाला महोत्सव है, जो छत्तीसगढ़ की आत्मा को एक सूत्र में बांधता है। अंत में प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयोजन स्थल पर चल रही कबड्डी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की। मंत्रियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके खेल कौशल की सराहना की और ग्रामीण अंचलों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए शासन की प्रतिबद्धता दोहराई। खिलाड़ियों एवं उपस्थित दर्शकों ने अतिथियों का करतल ध्वनि से स्वागत किया। इस अवसर पर मनोज विश्नोई महाप्रबंधक हसदेव क्षेत्र, चन्द्रकान्त पटेल, शरण सिंह मरपच्ची, श्रीमती सीता देवी, सुरेन्द्र सिंह, देव कुमार, रमेश सिंह, दलप्रताप सिंह, हीरा सिंह, लखनलाल श्रीवास्तव, रामलखन पैकरा, ममता सिंह, उजित नारायण सिंह सहित सभी जनप्रतिनिधि एवं जनपद सीईओ सुवैशाली सिंह, तहसीलदार सुश्रुति धुर्वे सहित अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

एमसीबी: सरगुजा ओलंपिक 2025-26 में जनजातीय अंचल की खेल प्रतिभा को मिलेगा नया मंच

एमसीबी : सरगुजा ओलंपिक 2025-26: जनजातीय अंचल की खेल प्रतिभा को मिलेगा नया मंच एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग, रायपुर के निर्देशानुसार विकासखण्ड स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सरगुजा संभाग अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहाँ युवाओं में खेलों के प्रति अपार नैसर्गिक प्रतिभा विद्यमान है। इसी प्रतिभा को पहचानने, निखारने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के उद्देश्य से सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के मध्य मजबूत एवं प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करना, युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनकी खेल एवं रचनात्मक प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सशक्त खिलाड़ी के रूप में विकसित करना है। इसी क्रम में प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों से पंजीयन हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पंजीयन प्रक्रिया खिलाड़ियों के लिए पंजीयन की अवधि 28 दिसंबर 2025 से 12 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इच्छुक खिलाड़ी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीयन करा सकते हैं। ऑनलाइन पंजीयन के लिए पोर्टल https://rymc.cg.gov.in/ rgujaOlympic2025/  उपलब्ध कराया गया है, साथ ही बारकोड सुविधा भी दी गई है। ऑफलाइन पंजीयन फार्म संबंधित विकासखण्ड के जनपद पंचायत कार्यालय, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नगर पंचायत/नगर पालिका निगम कार्यालय अथवा जिला खेल अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर वहीं जमा किए जा सकते हैं। प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का पंजीयन अनिवार्य होगा। एक खिलाड़ी केवल एक ही पंजीयन फार्म जमा कर सकेगा। दलीय खेलों के लिए सभी खिलाड़ियों के फार्म एक साथ जमा कराना अनिवार्य रहेगा। प्रतियोगिताएँ एवं आयु वर्ग सरगुजा ओलंपिक 2025-26 में एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद, शॉटपुट, हैमर थ्रो, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो तथा 4×100 मीटर रिले रेस आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी (जिला स्तर), कुश्ती (जिला स्तर), कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल तथा रस्साकस्सी (प्रदर्शनात्मक केवल महिला सीनियर वर्ग) प्रतियोगिताएँ भी शामिल हैं। प्रतियोगिताएँ दो आयु वर्गों में आयोजित की जाएगी जूनियर वर्ग: 14 से 17 वर्ष (बालक एवं बालिका) सीनियर वर्ग: आयु बंधन नहीं (महिला एवं पुरुष) पंजीयन फार्म के आधार पर ही खिलाड़ियों की भागीदारी विकासखण्ड एवं जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में सुनिश्चित की जाएगी। सभी स्तरों पर खिलाड़ियों को आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र अथवा बैंक पासबुक की छायाप्रति जैसे मान्य पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सरगुजा ओलंपिक 2025-26 निश्चित रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं के लिए अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने, आगे बढ़ने और खेल के माध्यम से नई पहचान बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर सिद्ध होगा।